एसबीएम इंटर कॉलेज में एनएसएस का स्थापना दिवस मनाया

श्री भरत मंदिर इंटर कॉलेज ऋषिकेश में राष्ट्रीय सेवा योजना की इकाई के द्वारा राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस धूमधाम के साथ मनाया गया। इसमें स्वयंसेवकों द्वारा पोस्टर बनाए गए, जिनमें स्वयंसेवियों ने समाज सेवा और देश प्रेम की भावना का संदेश दिया। इसके साथ ही स्थापना दिवस के उपलक्ष में सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति भी दी गई। विद्यालय में स्वच्छता अभियान चलाते हुए वृक्षारोपण कार्यक्रम भी चलाया।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य मेजर गोविंद सिंह रावत ने कहा कि एक स्वयंसेवी को अपने जीवन में सदैव निस्वार्थ सेवा भाव से कार्य करना चाहिए। कार्यक्रम अधिकारी जयकृत सिंह रावत ने कहा कि प्रत्येक समाजसेवी को पर्यावरण संरक्षण स्वच्छता और नशा उन्मूलन तथा रक्तदान आदि विषयों पर भी पूरी तरह से जिम्मेदार रहना चाहिए। कार्यक्रम में एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट लखविंदर सिंह, शिव प्रसाद बहुगुणा, नीलम जोशी, सुशीला बड़थ्वाल, रंजन अंथवाल, सुनीता सहित स्वयंसेवी उपस्थित रहे।

शिक्षक संघ प्रदेश में शिक्षा का अनुकूल वातावरण बनाने में बनें सहयोगी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिक्षकों की समस्याओं के समाधान एवं शिक्षा व्यवस्था में किये जाने वाले सुधारात्मक कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन में शिक्षक संगठनों का भी सहयोग लिये जाने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने राजकीय शिक्षक संघ की समस्याओं के त्वरित समाधान पर बल देते हुए शिक्षक संगठनों का भी सहयोग लिये जाने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने राजकीय शिक्षक संघ की समस्याओं के त्वरित समाधान पर बल देते हुए शिक्षक संगठनों से शिक्षा के गुणात्मक विकास में सहयोग की अपेक्षा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे छात्रों को बेहतर शिक्षा मिले इस पर सभी को अपना सहयोग देना होगा। उन्होंने विद्यालयों में संस्कृत एवं योग के शिक्षकों की संविदा पर नियुक्ति सम्बंधी कार्यवाही किये जाने की बात कही। प्रदेश को सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक राजधानी बनाने में इससे मदद मिलेगी।
गुरुवार को सचिवालय में राजकीय शिक्षक संघ की लंबित मांगों के संबंध में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिक्षक संघ की मांगों पर आवश्यक कार्यवाही के निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिये। शिक्षकों के पारम्परिक व अंतर मण्डलीय स्थानान्तरण सहित अन्य प्रकरणों को महानिदेशक शिक्षा के अधीन गठित प्रकोष्ठ द्वारा इस संबंध में शीघ्र निर्णय लेने, गम्भीर रूप से बीमार शिक्षकों की शिक्षक संघ की अनुशंसा पर स्थानान्तरण किये जाने, प्रधानाचार्यों की नियुक्ति संबंधी प्रक्रिया में तेजी लाये जाने, यात्रा अवकाश की बहाली, शिक्षकों को सत्रांत का लाभ दिये जाने, वरिष्ठ व कनिष्ठ वेतन विसंगति का शासनादेश शीघ्र जारी करने, आयोग से चयनित प्रवक्ताओं की वरिष्ठता का निर्धारण करने के सम्बन्ध में शीघ्र कार्यवाही के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिये कि स्कूलों में संस्कृत एवं योगा के अध्यापकों की संविदा पर नियुक्ति सम्बन्धी प्रस्ताव भी तैयार किये जाए। उन्होंने शिक्षक संघ द्वारा वेतन विसंगति आदि से सम्बन्धित प्रकरणों को इस सम्बन्ध में गठित वेतन विसंगति समिति को संदर्भित करने के भी निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने अशासकीय विद्यालयों में नियुक्ति प्रक्रिया आरम्भ करने की संघ की मांग पर भी आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिये हैं। न्यायालयों में जो प्रकरण लम्बित चल रहे हैं उनकी पैरवी के लिये विभाग में लीगल सेल को प्रभावी बनाये जाने के भी निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्कृत भाषा एवं योगा को बढ़ावा देकर प्रदेश को सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक राजधानी बनाये जाने में भी मदद मिल सकेगी।
सचिव शिक्षा राधिका झा ने शिक्षक संघ की मांगों पर की जा रही कार्यवाही की जानकारी दी। राजकीय शिक्षक संघ के प्रान्तीय महामंत्री डॉ. सोहन सिंह माजिला ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए प्रदेश में शैक्षिक वातावरण की मजबूती की लिये सहयोग का आश्वासन दिया।
बैठक में महानिदेशक शिक्षा वंशीधर तिवारी, निदेशक शिक्षा सीमा जौनसारी के साथ संघ के पदाधिकारी एवं अधिकारी उपस्थित थे।

शिक्षा के विकास और छात्रों के व्यापक हित में मुख्यमंत्री ने की कई घोषणायें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में विद्यालयी शिक्षा विभाग की समीक्षा की। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिये जाने के निर्देश देने के साथ ही शिक्षा के विकास तथा छात्रों के व्यापक हित में प्रदेश में कक्षा 9 से 12 तक के सभी वर्गों के छात्रों को भी अगले वर्ष से निशुल्क पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराये जाने की घोषणा की। उन्होंने अध्यापकों के स्थानान्तरण सम्बन्धी प्रकरणों के निस्तारण हेतु महानिदेशक शिक्षा के अधीन सेल का गठन कर प्रकरणों का निस्तारण करने, छात्रों को अंग्रेजी एवं कम्प्यूटर शिक्षा प्रदान करने के लिए विद्यालयों में अंग्रेजी एवं कम्प्यूटर के गेस्ट टीचरों की व्यवस्था किये जाने, तथा राजकीय विद्यालयों के कक्षा 12 के 100 टॉपर्स को 5 साल तक उच्च शिक्षा की तैयारी के लिये छात्रवृत्ति प्रदान किये जाने की व्यवस्था की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों तथा शिक्षण व्यवस्था के व्यापक हित में सभी अधिकारी माह में एक दिन किसी स्कूल में स्वेच्छा से बच्चों को पढ़ाने का कार्यक्रम बनायें इससे विद्यालयों की अवस्थापना सुविधाओं की स्थिति की भी जानकारी प्राप्त हो सकेगी। मुख्यमंत्री ने विद्यालयों में प्रधानाचार्यों के रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाये जाने के भी निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक ही परिसर में संचालित विद्यालयों के एकीकरण के प्रस्तावों के निस्तारण के लिये महानिदेशक शिक्षा की अध्यक्षता में टास्क फोर्स गठित करने के भी निर्देश दिये। मैदानी क्षेत्र की कक्षा 9 की छात्राओं को साइकिल तथा पर्वतीय क्षेत्र की छात्राओं को 2850 रुपये की धनराशि के वितरण का प्रस्ताव भी शीघ्र तैयार करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा महत्वपूर्ण विभाग है, प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार के लिये शिक्षकों तथा शिक्षा से जुड़े अधिकारियों से नई कार्य संस्कृति के साथ कार्य करने की अपेक्षा करते हुए कार्यों में तेजी लाने के लिये नियमों के सरलीकरण, समस्याओं का समाधान के साथ निस्तारण तथा सबकी संतुष्टि के मंत्र के साथ दायित्वों के निर्वहन के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा हमारे विद्यालयों में अधिक से अधिक बच्चे शिक्षा ग्रहण करें, हमें इसके लिये गंभीरता एवं सक्रियता से प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि हमारे देश के महानुभाव जिन्होंने अपनी प्रतिभा के बल पर साधारण से असाधारण की यात्रा करने के साथ जमीन से आसमान छूने का कार्य किया है वह सभी सरकारी प्राइमरी स्कूलों से पढ़कर निकले हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अध्यापकों को अच्छा वेतन व सुविधाएं मिलने के बावजूद शिक्षा में गुणात्मक सुधार की कमी रहने का यह प्रश्न हम सबके सामने है। इस दिशा में हम सबको चिंतन करना होगा। यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि हमें पूरे मनोयोग से शिक्षा की बेहतरी के लिये प्रयास करने होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को माता-पिता संस्कारवान बनाते हैं तो उन्हें शिक्षित बनाने तथा उनके व्यक्तित्व निर्माण का कार्य शिक्षकों का होता है। शिक्षकों की देश का योग्य भावी नागरिक तैयार करने की भी जिम्मेदारी है। दूसरों को ज्ञान बांटना बड़ा पुण्य का कार्य है। हमारे द्वारा किये जाने वाले अच्छे कार्यों को ईश्वर भी देखते हैं।
बैठक में सचिव शिक्षा राधिका झा ने व्यापक प्रस्तुतीकरण के माध्यम से प्रदेश में विद्यालयी शिक्षा के प्रशासनिक व शैक्षिक ढांचे, भावी कार्य योजनाओं, वित्तीय स्थिति आदि की जानकारी दी।
इस अवसर पर विद्यालयी शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डेय, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. सन्धु, अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, महानिदेशक शिक्षा बंशीधर तिवारी, निदेशक शिक्षा सीमा जौनसारी, निदेशक अकादमिक शिक्षा राकेश कुंवर सहित अन्य अधिकारी तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जनपदों के मुख्य शिक्षा अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी आदि उपस्थित थे।

21 सितंबर से खुलेंगे प्राइमरी स्कूल

Primary school will open from September 21

उत्तराखंड प्राइमरी के बच्चे अब स्कूल जा सकेंगे। शिक्षा विभाग 21 सितंबर से प्राइमरी स्तर तक (primary school to open from 21 September) स्कूलों को खोलने जा रहा है।शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से चर्चा करने के बाद शिक्षा सचिव को ये आदेश दिए हैं।

आज शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने सीएम धामी से मुलाकात की तथा प्राइमरी स्कूलों को खोलने को लेकर चर्चा की। सीएम की सहमति के बाद शिक्षा मंत्री ने सचिव राधिका झा को 21 सितंबर से प्राइमरी स्कूल खोलने के निर्देश दिए। अब 21 सितंबर से पांचवीं तक के सरकारी और प्राइवेट स्कूल खुल जाएंगे। इसके लिए विभाग जल्द ही गाइडलाइन जारी करेगा।

स्कूल खोलने को लेकर सभी तरह की सावधानियां बरती जाएंगी। प्राइमरी के बच्चों के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए कोई लापरवाही नहीं बरती जाएगी। इसके लिए विभाग उचित गाइडलाइन बना रहा है।

बच्चों में प्रतिभा का भंडार, उन्हें निखारने की जरुरत-प्रेमचन्द अग्रवाल

ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत हरिचंद्र गुप्ता आदर्श कन्या इंटर कॉलेज के प्रवेशोत्सव समारोह के दौरान उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल ने परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली मेधावी छात्राओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि हमारे बच्चों में अपार शक्तियों का भंडार है, दृढ़ संकल्प और मेहनत से दुनिया में छा सकते है। बच्चों में ढेर सारी प्रतिभाएं छिपी होती हैं, उनकी प्रतिभा को सामने लाने के अवसर मिलने चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली छात्राओं को प्रशस्ति पत्र देकर एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। समारोह पर विद्यालय प्रबंधन सहित सभी छात्र-छात्राओं एवं अध्यापक गणों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए हिंदी दिवस की भी शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर इंटरमीडिएट में सर्वाेच्च अंक प्राप्त करने वाली गुनगुन दिवाकर, रवीना टंडन, काजल शर्मा एवं हाई स्कूल में सर्वाेच्च अंक प्राप्त करने वाली प्रिया प्रजापति, वैभवी दिवाकर, तनीषा अरोड़ा को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर छात्रों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। विधानसभा अध्यक्ष ने 37 छात्राओं को अध्यक्ष विवेकाधीन कोष से सुंदर सांस्कृतिक प्रस्तुति देने के लिए प्रत्येक को दो- दो हज़ार रुपए देने की घोषणा की।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की पहचान उसकी संस्कृति से भी सुनिश्चित होती है, इसलिए अपने सांस्कृतिक मूल्यों को संजोए रखने के लिए हमें हर संभव प्रयास करने चाहिए। अग्रवाल ने छात्राओं से कहा कि हमें अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर आगे बढ़ते रहना चाहिए, ताकि देश और प्रदेश की प्रगति के लिए कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ सके।उन्होंने कहा कि सभी बच्चे हमारे कल के कर्णधार हैं, अच्छा पढ़-लिखकर भारत के सहयोगी नागरिक बनें। उन्होंने अध्यापिकाओं से भी आह्वान किया कि पूर्ण निष्ठा और ईमानदारी से अपने कर्त्तव्य का निर्वहन करें।
इस अवसर पर पूर्व प्रधानाचार्य डीबीपीएस रावत, हरिचंद इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य पूनम शर्मा, भरत मंदिर इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य गोविंद सिंह रावत, पंजाब सिंध क्षेत्र के प्रधानाचार्य ललित मोहन शर्मा, रूबी सैनी, शशि प्रजापति, मंजू गिरी, नेहा शर्मा, पूनम बिष्ट, विनीता, संध्या गुप्ता, मोनिका चौहान, ऋषिकेश के मंडल अध्यक्ष दिनेश सती सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

ज्ञान करतार स्कूल के सफलतम तीन वर्ष

निर्धन बच्चों को शिक्षा देने में नई इबारत लिख रहा ज्ञान करतार स्कूल ने हिंदी दिवस के अवसर पर अपने सफलतम तीन वर्ष पूरे किए।

संस्थान के संथापक गुरविंदर सलूजा ने बताया कि 14 सितंबर 2018 को इस संस्थान की स्थापना की गई। जिसका मुख्य उद्देश्य ऐसे निर्धन परिवारों के बच्चों को शिक्षा देना था जो अपने बच्चों को शिक्षा दिला पाने में असमर्थ हैं। इसी लक्ष्य के साथ स्थापना हुई और इसमें हम सफल भी रहे है। बताया कि 37 बच्चों के साथ इसकी स्थापना हुई। जिसमें बच्चों को निशुल्क शिक्षा के साथ, किताब, ड्रेस और मील फ्री दिया जाता है। वर्तमान में यहाँ 123 बच्चे शिक्षा ले रहे हैं। वर्तमान में चार कक्षाएं यहाँ संचालित हो रही है। बताया कि यह संस्था हर साल 50 स्टूडेंट्स को एडमिशन देती है।

मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय शिक्षा मंत्री से दो और केन्द्रीय विद्यालय की मंजूरी मांगी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान से शिष्टाचार भेंट की। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री से उत्तराखण्ड राज्य के जनपद टिहरी गढ़वाल के अन्तर्गत नरेन्द्रनगर तथा जनपद पौड़ी गढ़वाल के अन्तर्गत कोटद्वार में केन्द्रीय विद्यालय खोले जाने के प्रस्ताव को मंजूरी देने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में केन्द्रीय विद्यालय संगठन, देहरादून संभाग, क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा प्रस्ताव संयुक्त आयुक्त (कार्मिक) केन्द्रीय विद्यालय संगठन (मुख्यालय) नई दिल्ली को प्रेषित किया गया है। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड राज्य की क्षेत्रीय जनता के हितों के दृष्टिगत उक्त स्थानों पर केन्द्रीय विद्यालय खोले जाने की स्वीकृति देने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केन्द्रीय मंत्री से उधमसिंह नगर जिले के खटीमा तहसील के ग्राम महालिया में केन्द्रीय विद्यालय भवन के निर्माण में तेजी लाने के लिए कार्यदायी संस्था को निर्देशित करने का भी अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में पिछले चार वर्षों में स्कूली शिक्षा की क्वालिटी में सुधार के लिये महत्वपूर्ण पहल की गई है। समग्र शिक्षा में भारत सरकार द्वारा पर्याप्त सहायता दी जा रही है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में भारत सरकार क्वालिटी एजुकेशन पर विशेष तौर पर फोकस कर रही है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से ’एक्सीलरेटिंग स्टेट एजुकेशन प्रोग्राम टू इम्प्रूव रिजल्ट्स’ योजना में उत्तराखण्ड को भी शामिल किये जाने का अनुरोध किया।

विद्यालयी शिक्षा में सीएम घोषणाओं की समीक्षा की

विद्यालयी शिक्षा विभाग में 77 प्रतिशत से अधिक घोषणाएं पूर्ण की जा चुकी हैं। जबकि शेष पर कार्यवाही गतिमान है। अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने शिक्षा विभाग के अंतर्गत सीएम घोषणाओं की समीक्षा करते हुए शेष घोषणाओं को नियत टाईम फ्रेम में पूरा करने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर विभिन्न विभागों के अन्तर्गत सीएम घोषणाओं की समीक्षा अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन द्वारा की जा रही है।
इसी क्रम में अपर मुख्य सचिव ने मंगलवार को विद्यालयी शिक्षा विभाग से सम्बन्धित सीएम घोषणाओं की समीक्षा की। उन्होंने निर्धारित समय सीमा के अन्दर घोषणाओं को पूर्ण करने के निर्देश दिये हैं।
विद्यालयी शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि विभाग के अन्तर्गत कुल 155 घोषणाओं में 120 घोषणायें पूर्ण हो चुकी है तथा 35 घोषणायें अवशेष है जिनमें 31 घोषणाओं की कार्यवाही गतिमान है तथा 4 निरस्त होने वाली घोषणायें है।
समीक्षा के दौरान अपर मुख्य सचिव ने घोषणाओं के क्रियान्वयन हेतु टाईमलाइन निर्धारित करते हुये अवशेष घोषणाओं को जल्द पूरा करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि कि विभाग द्वारा जिन घोषणाओं के क्रियान्वयन के लिए शासनादेश निर्गत कर दिया गया है, विभाग द्वारा निरन्तर प्रभावी अनुश्रवण सुनिश्चित किया जाय। निर्धारित प्रारूप के अनुसार विभागीय स्तर पर भी समय-समय पर समीक्षा की जाय।
अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने निर्देश दिये कि राजीव गांधी नवोदय विद्यालय के भवन निर्माण का प्रस्ताव मंत्रिमण्डल के विचारार्थ प्रस्तुत किया जाये। ज्वालापुर धीरवाली में राजकीय कन्या इण्टर कालेज के भवन का निर्माण करने के सम्बन्ध में 1 सप्ताह के भीतर शासनादेश निर्गत किये जाए।
स्व0 राजेन्द्र शाह इण्टर कालेज का पुनर्निर्माण के सम्बन्ध में वित्तीय एवं प्रशासकीय स्वीकृति निर्गत की जा चुकी है। अतः उक्त निर्माण कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाये। विधानसभा क्षेत्र खटीमा के अन्तर्गत राइका बण्डिया में चाहरदीवारी गेट व गाडी पार्किंग के निर्माण के लिए एक सप्ताह में शासनादेश निर्गत कर दिया जाये।
अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिये कि अन्य घोषणाओं के सम्बन्ध में भी समयबद्ध रूप से शासनादेश निर्गत करा दिये जाये।

सीएम ने राजकीय महाविद्यालय रायपुर में किया विज्ञान संकाय भवन का शिलान्यास

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मालदेवता (रायपुर) देहरादून में विज्ञान संकाय भवन का शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि राज्य में 08 नये महाविद्यालयों की स्थापना की जायेगी। जिन नये महाविद्यालयों की स्थापना की जायेगी उनमें देहरादून शहर, हरिद्वार शहर (भूपतवाला), हल्द्वानी शहर में, गदरपुर ऊधमसिंह नगर, दन्या अल्मोड़ा, कल्जीखाल पौड़ी, खिर्सु पौड़ी, देवाल चमोली, शामिल हैं। राज्य के 07 महाविद्यालयों का स्नातक से स्नातकोत्तर में उच्चीकरण किया जायेगा। इनमें राजकीय महाविद्यालय, मुनस्यारी (पिथौरागढ़), राजकीय महाविद्यालय, गैरसैंण (चमोली), राजकीय महाविद्यालय, कपकोट (बागेश्वर), राजकीय महाविद्यालय सोमेश्वर, राजकीय महाविद्यालय, हल्दूचौड़ (नैनीताल), राजकीय महाविद्यालय, लक्सर (हरिद्वार), राजकीय महाविद्यालय, थलीसैंण (पौड़ी) शामिल हैं।

राजकीय महाविद्यालयों में आवश्यकतानुसार अतिरिक्त शैक्षणिक पद सृजित होंगे

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की कि पूर्व से संचालित राजकीय महाविद्यालयों में वहां की आवश्यकतानुसार स्नातक स्तर पर 50 एवं स्नातकोत्तर स्तर पर 10 अतिरिक्त शैक्षणिक पदों का सृजन किया जायेगा। राज्य के समस्त शासकीय महाविद्यालयों में कम से कम एक वीडियो कांफ्रेसिंग एवं अन्य आवश्यक आधुनिक तकनीकी सुविधायुक्त लैक्चर हाल स्थापित किया जायेगा।

पाठ्यक्रमों को नई शिक्षा नीति के अनुरूप करने के लिए उच्च स्तरीय समिति होगी गठित

नई शिक्षा नीति के क्रम में शासकीय विश्वविद्यालयों में इण्टर-डिसिप्लिनरी कोर्स प्रारंभ करने एवं वर्तमान पाठ्यक्रमों में बदलाव हेतु राष्ट्रीय अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के सुविख्यात शिक्षाविद की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति गठित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मालदेवता (रायपुर) में स्नातकोत्तर स्तर पर विज्ञान संकाय एवं गृह विज्ञान की कक्षाएं भी प्रारम्भ की जायेंगी।

रायपुर विधानसभा क्षेत्र के लिए मुख्यमंत्री ने की घोषणाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रायपुर विधानसभा क्षेत्र के लिए भी विभिन्न घोषणाएं की जिसमें मालदेवता खेरी ग्रामीण क्षेत्र में 33 के.वी. विद्युत घर का निर्माण तथा आई.टी पार्क के समीप डांडा लखोंड में 33 के.वी विद्युत केन्द्र का निर्माण किया जायेगा। मालदेवता के अंतर्गत पंजाब नेशनल बैंक वाले खाले में आर.सी.सी. पाइप लाइन द्वारा जल निकासी का कार्य स्वीकृत किया जायेगा। विकासखण्ड रायपुर में सोंग नदी पर मालदेवता फार्म से मालदेवता बाजार तक बाढ़ सुरक्षा का कार्य किया जायेगा। रायपुर विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत नगर निगम क्षेत्र में नदी/नाले/खाले में आपदा से क्षतिग्रस्त पुस्तों का निर्माण किया जायेगा, बाल्टी नदी में दिनांक 24 एवं 25 अगस्त को आयी आपदा से नदी व सडक की बाढ़ सुरक्षा का कार्य किया जायेगा। रायपुर विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत आपदा से क्षतिग्रस्त सहस्त्रधारा-खैरी- मालदेवता मार्ग का मरम्मत कार्य किया जायेगा। वार्ड संख्या 58 डिफेंस कॉलोनी के मुख्य करिय्पा मार्ग का चौड़ीकरण, नवीनीकरण व सौंदर्यीकरण का कार्य किया जायेगा। रायपुर-तुनवाला-मियावाला मार्ग का चौड़ीकरण किया जायेगा। रायपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत क्षतिग्रस्त मुख्य व आंतरिक मार्गों का निर्माण किया जायेगा। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मालदेवता (रायपुर) के विस्तारीकरण के लिए भूमि उपलब्ध करने एवं ग्राम सभा खेरी मानसिंह, मालदेवता, सौडा द्वारा एवं केशर वाला में जंगली हाथियों से फसलों के बचाव हेतु सोलर फेंसिंग का कार्य एवं आबादी क्षेत्रों के समीप आरक्षित वन भूमियों में कूड़े-करकट से बचाव हेतु जाल लगवाये जायेंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 02 माह पूर्व राज्य के मुख्य सेवक रूप में कार्य करने का मौका मिला। शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार के लिए राज्य सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। जन समस्याओं के त्वरित निदान के लिए प्रत्येक स्तर पर अधिकारियों की जिम्मेदारी फिक्स की गई। जो कार्य विकासखण्ड एवं तहसील स्तर के हों उनका समाधान वहीं पर हो और जो कार्य जिला स्तर पर हो सकते हैं, उनका निदान जिलास्तरीय अधिकारियों द्वारा ही किया जायेगा। सभी अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं कि जो कार्य जनपद स्तर पर पूर्ण हो सकते हैं, उन्हें शासन स्तर पर न भेजा जाय। उनका वहीं निदान किया जाय। कार्यों के सरलीकरण, समाधान एवं निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। नो पेंडेंसी के आधार पर कार्य करने के अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं कि प्रत्येक कार्यदिवस को प्रातः 10 से 12 बजे तक अपने कार्यालयों में जन समस्याओं को सुनेंगे और उनका समाधान करेंगे। तहसील दिवसों का नियमित आयोजन किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को रोजगार से जोड़ने पर सरकार का विशेष ध्यान है। विभिन्न पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी है। ये सभी प्रक्रियाएं जल्द पूर्ण कर ली जायेगी। समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखकर जन कल्याणकारी योजनाएं शुरू की है। सरकार का प्रयास है कि समाज के अन्तिम पंक्ति पर खड़े लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचे।

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य में एक लाख सात हजार छात्र-छात्राएं वर्तमान में उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। सभी महाविद्यालयों में 4जी वाईफाई की सुविधा दी गई है। एक-एक टेबलेट की व्यवस्था की जा रही है। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में राज्य में अनेक कार्य किये जा रहे हैं। रोजगारपरक शिक्षा एवं शिक्षा के गुणात्मक विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ, दिलीप सिंह रावत, मुकेश कोली, प्राचार्य राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मालदेवता (रायपुर) के प्राचार्य प्रो. सतपाल सिंह सहानी आदि उपस्थित थे।

सीएम ने की राज्य मेधावी छात्रवृत्ति धनराशि में बढ़ोतरी की घोषणा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के 200 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न विद्यालयों के छात्र छात्राओं, अभिभावकों व अध्यापकों से वर्चुअल संवाद भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी विद्यालयों में छात्राओं के लिए अलग से शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने शिवानंद नौटियाल छात्रवृत्ति की राशि को 250 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये करने और साथ ही इसके लाभान्वितों की संख्या को 11 से बढ़ाकर 100 करने की घोषणा की। उन्होंने श्रीदेव सुमन राज्य मेधावी छात्रवृत्ति की राशि को 150 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये करने की भी घोषणा की।

1 से 14 सितम्बर तक प्रवेश पखवाड़ा और 15 सितम्बर को नवप्रवेशित बच्चों के लिए स्वागोत्सव
मुख्यमंत्री ने अटल उत्कृष्ट विद्यालयों सहित सभी शासकीय विद्यालयों में 1 से 14 सितम्बर 2021 तक प्रवेश पखवाड़ा एवं 15 सितंबर 2021 को नवप्रवेशित बच्चों के लिए स्वागोत्सव मनाये जाने की भी घोषणा की।

व्यावसायिक शिक्षा में 8 ट्रेड प्रारंभ
मुख्यमंत्री ने सभी को शुभकामनायें देते हुए कहा कि माध्यमिक विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम में 8 ट्रेड प्रारंभ किये गये हैं। इससे हमारे बच्चों का स्किल डेवलपमेंट होगा जो कि उनके कैरियर में सहायक होगा। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में प्रारंभ नई शिक्षा नीति में भी स्किल डेवलपमेंट पर बल दिया गया है।

आम बच्चों तक क्वालिटी एजुकेशन की पहुंच
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के लिये अच्छे से अच्छा जो भी हो सकता है, सरकार कर रही है। कोशिश है कि आम बच्चों तक क्वालिटी एजुकेशन की पहुंच बने। कोविड काल में आनलाईन एजुकेशन की महत्ता बढी है। सरकार राज्य के राजकीय विद्यालयों के 10 वीं और 12 वीं के छात्र छात्राओं को प्री लोडेड कंटेंट के साथ मोबाईल टैबलेट जल्द उपलब्ध कराएगी। 500 विद्यालयों में वर्चुअल क्लास की स्थापना की गई है जबकि 600 और विद्यालयों में वर्चुअल क्लास प्रस्तावित हैं। सभी विद्यालयों में एनसीईआरटी की पुस्तकें अनिवार्य की गई हैं। 189 विद्यालय सीबीएसई मान्यता के साथ इंग्लिश मीडियम में प्रारंभ किये गये हैं।

पूर्ण मनोयोग से करें परिश्रम तो सफलता मिलेगी
मुख्यमंत्री ने वर्चुअल संवाद करते हुए कहा कि अपनी रूचि के अनुसार कैरियर का चयन करें और फिर पूरे मनोयोग से परिश्रम करें। सामान्य परिस्थितियों से उठे लोगों ने अपने संघर्ष से आसमान को छूआ है। स्वर्गीय डॉ एपीजे अब्दुल कलाम ने रामेश्वरम से राष्ट्रपति पद तक का सफर तय किया। प्रधानमंत्री का जीवन भी हम सभी के लिए अनुकरणीय है। परिश्रम, संकल्प और दृढ इच्छाशक्ति हो तो कोई काम असम्भव नहीं है। विकल्प रहित संकल्प होना चाहिए। भगवान भी उसी का साथ देते हैं जो खुद का साथ देते हैं। कहा भी गया है कि मन के जीते जीत है, मन के हारे हार। स्वामी विवेकानन्द जी ने कहा है कि मनुष्य की सीमाएं अनंत हैं।

शिक्षा मंत्री अरविंद पाण्डेय ने कहा कि वर्ष 2017 से उत्तराखण्ड में स्कूल एजुकेशन मे काफी काम किया गया है। विषयवार अध्यापकों की नियुक्ति की गई है। अतिथि शिक्षकों का वेतन 15 हजार रूपये से बढाकर 25 हजार रूपए करने का निर्णय लिया गया है। नई शिक्षा नीति के अनुरूप कौशल विकास पर बल दिया जा रहा है। नीति आयोग द्वारा शैक्षिक गुणवत्ता मे उत्तराखण्ड को चौथे स्थान पर रखा गया है।

कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के छात्र छात्राओं, अभिभावकों व अध्यापकों ने भी अपनी बात रखी। इस अवसर पर सचिव राधिका झा, महानिदेशक माध्यमिक शिक्षा बंशीधर तिवारी, निदेशक सीमा जौनसारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।