जावड़ेकर ने राज्य सरकार को दी बड़ी राहत

केंद्र सरकार ने उत्तराखंड सरकार को बड़ी राहत प्रदान की है। केन्द्र सरकार ने पौड़ी गढ़वाल स्थित श्रीनगर एनआइटी मामले में राज्य के रुख पर अपनी मुहर लगा दी है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शुक्रवार को नई दिल्ली में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि एनआइटी श्रीनगर का कैंपस नहीं बदला जाएगा। श्रीनगर में आइटीआइ और रेशम बोर्ड की भूमि पर अस्थायी रूप से नया कैंपस बनाया जाएगा। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने विशिष्ट बीटीसी शिक्षकों के बाद अब बचे हुए शिक्षकों को भी राहत देने का भरोसा दिलाया है। शिक्षा के अधिकार के तहत राज्य को मिलने वाली राशि का बकाया जल्द देने की सहमति भी केंद्र सरकार ने जताई है।
एनआइटी श्रीनगर पर गठित हाईपावर कमेटी ने केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की मौजूदगी में ही हाईपावर कमेटी की रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा की। यह सहमति बनी कि एनआइटी श्रीनगर कैंपस नहीं बदलेगा। समिति की रिपोर्ट में यह स्पष्ट हो गया कि सुमाड़ी की भूमि संस्थान के निर्माण के लिए किसी भी तरह अनुपयुक्त नहीं रही है। इस अवसर पर उच्च शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ धन सिंह रावत मौजूद थे।

शिक्षा मंत्री ने दिए संकेत, नये वर्ष में लागू हो सकता है प्रदेश के स्कूलों में फीस एक्ट

वर्ष 2019 में राज्य सरकार प्रदेश में फीस एक्ट लागू करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए निजी स्कूलों को नोटिफिकेशन जारी किया गया है। यह एक्ट के लागू होते हुए प्रदेश के स्कूलों में एक समान फीस अभिभावकों से वसूल की जाएगी।

शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के स्तर को उठाने की दिशा में पहल करने जा रही है। राज्य में बहुत जल्द फीस एक्ट लागू होने जा रहा है। हमने इसका संकेत प्राइवेट स्कूलों को दे दिया है। पब्लिक स्कूलों को साफ तौर पर कहा गया है कि आप जितनी सुविधा बच्चों को देते हैं, उतनी ही फीस अभिभावकों से वसूल की जाए। ऐसे स्कूल जिनमें सुविधाओं का अभाव है और वे ज्यादा फीस वसूल रहे हैं, ऐसे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कई विद्यालय हैं जहां व्यवस्थित खेल के मैदान और पढ़ाई के उच्च संसाधन नहीं हैं, वे अंग्रेजी मीडियम के नाम पर अभिभावकों से मोटी रकम वसूल करते हैं। अब ये रवैया नहीं चलेगा। हमारी पूरी कोशिश है कि हम राज्य में अगले सत्र से ही फीस एक्ट लागू करें।

स्पर्श गंगा ने स्थापना दिवस पर गंगा में उतारा कूड़ा नियंत्रक उपकरण

स्पर्श गंगा अभियान के 10वें स्थापना दिवस पर ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट पर ट्रैश बूम नामक उपकरण लगाया गया है। इस उपकरण की सहायता से गंगा में बहकर आने वाली गंदगी को दूर किया जा सकेगा।

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद रमेश पोखरियाल निशंक ने स्पर्श गंगा अभियान की शुरुआत की थी। इस अभियान के स्थापना दिवस पर सोमवार को त्रिवेणी घाट पर एक समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर स्पर्श गंगा टीम की ओर से त्रिवेणी घाट पर यह सयंत्र स्थापित किया गया। सयंत्र का शुभारंभ ऋषिकेश की महापौर अनीता ममगाईं ने किया।

स्पर्श गंगा अभियान के गढ़वाल संयोजक एसएस भंडारी ने बताया कि सोमवार को स्पर्श गंगा अभियान का स्थापना दिवस है। इस अवसर पर गंगा की निर्मलता और स्वच्छता को बनाए रखने के लिए योजना तैयार की गई है। इसके तहत ट्रेश बूम सयंत्र स्थापित किया गया है। सयंत्र का निर्माण पश्चिम बंगाल की एक कंपनी ने किया है। उन्होंने कहा कि गंगा में बह कर आने वाला कचरा इसमें एकत्र हो जाएगा।

कंपनी के साइट इंजीनियर शुभम नेगी ने बताया कि ट्रेश बूम उपकरण पांच मीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से आने वाले जल के दबाव को सहन कर सकता है। नदी में बहने वाली गंदगी जैसे कपड़े, फूल, पत्थर, पूजन सामग्री कीचड़, लकड़ी इस संयंत्र में फंस जाएगी। उसके बाद इस सामग्री को आसानी से हटाया जा सकेगा।

सरकारी टेंडर दिलाने के नाम पर की दो लाख की ठगी, पुलिस ने धर दबोचा

देहरादून के एक व्यक्ति को सरकारी टेंडर के जरिए ठेका दिलाने की बात कहने वाले फर्जी पीसीएस अधिकारी को दून पुलिस ने धर दबोचा है। फर्जी अधिकारी के पास कई सरकारी विभागों की मोहरे भी मिली है। पुलिस ने जानकारी के अनुसार पकड़ा गया युवक पीसीएस के इंटरव्यू में फेल हो जाने के बाद से फर्जी पीसीएस अधिकारी बनकर घूम रहा था।

एसपी सिटी पीके राय ने बताया कि मंगलवार को दून में प्रापर्टी डीलिंग और रेस्टोरेंट चलाने वाले ओमवीर सिंह ढाका निवासी ग्राम भवानीपुर, पोस्ट चंदोक, बिजनौर ने बताया कि कुछ दिन पहले उनसे एक शख्स मिला। उसने अपना नाम सुधांशु पांडेय बताया और कहा कि वह सचिवालय में पीसीएस अधिकारी है और इन दिनों श्रम विभाग में कार्यरत है। कहा कि वह उसे श्रम विभाग में ठेकेदारी का लाइसेंस दिला देगा। इसके लिए उसने रुपये की मांग की।

ओमवीर ने बताया कि यह बात जब उसने अपने दोस्तों को बताई तो वह भी लाइसेंस लेने के लिए तैयार हो गए और सुधांशु को लगभग सवा दो लाख रुपये दे दिए। इसके बाद उसने सरकारी मोहर लगे कुछ दस्तावेज उन्हें दिखाए, लेकिन जब उसकी पड़ताल की गई तो वह फर्जी पाए गए।

एसपी सिटी ने बताया कि दस्तावेजों में सरकारी भाषा की नकल गई थी, लेकिन कई ऐसी बातें सामने आई, जिससे सुधांशु के फर्जी अधिकारी होने का शक पुख्ता हो गया। बुधवार को उसे आइटी पार्क के पास बुलाया गया, जहां उसे गिरफ्तार कर लिया गया। सुधांशु के पास से कई सरकारी मोहरें और फर्जी दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। उसके खिलाफ राजपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।

अंग्रेजी बोलने में है अव्वल
सुधांशु पांडेय (32) पुत्र मुन्नू प्रसाद निवासी 126 किदवईनगर, थाना महराजगंज, कानपुर नगर दून में ग्राम चालंग थाना राजपुर में पिछले कई साल से रह रहा है। एसओ राजपुर अरविंद सिंह ने बताया कि सुधांशु फर्राटेदार अंग्रेजी बोलता है। यही वजह थी कि जिससे भी वह बात करता, वह उसके झांसे में आ जाता। सुधांशु ने छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर से एमएससी की परीक्षा 87 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण की है। उसने 2006 में एसएससी मेन की परीक्षा पास की थी, लेकिन साक्षात्कार में फेल हो गया। वर्ष 2014 में उसने पीसीएस मेन क्वालीफाई किया, लेकिन यहां भी साक्षात्कार में उसकी किस्मत ने साथ नहीं दिया।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सुभारती मेडिकल कॉलेज हुआ सील

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब उत्तराखंड सरकार सुभारती मेडिकल कॉलेज को चलायेगी। गुरूवार को प्रशासन और पुलिस ने कॉलेज को सील कर दिया।

विदित हो कि दो साल पूर्व मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया (एमसीआई) ने सुभारती मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण कर तमाम खामियां पाई थी। इस पर एमसीआई ने कॉलेज की मान्यता का आवेदन स्वीकार नहीं किया था। 30 अगस्त 2017 को कॉलेज प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में एमबीबीएस में दाखिले कराने की अर्जी दायर की। इस पर कोर्ट ने एक सितंबर 2017 में दाखिले के आदेश जारी किये थे।

मगर, इसके बाद मनीष वर्मा नाम के व्यक्ति ने खुद को सपंत्ति का मालिक बताकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली। वहीं, कॉलेज के छात्रों ने भी कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। यह सभी छात्र कॉलेज की मान्यता को लेकर आशंकित थे। छात्रों ने स्वयं को अन्य कॉलेज में भेजने की याचिका दाखिल की। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार और मेडिकल कांउसिल आफ इंडिया का पक्ष जाना।

सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि उक्त संपत्ति श्रीदेव सुमन सुभारती मेडिकल कॉलेज की है ही नहीं। कॉलेज संचालकों ने कोर्ट में गलत तथ्यों को पेश किया। इसके बाद न्यायधीश रोहिंटन फली नरीमन व एमआर साह की पीठ ने पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड को आदेश दिए कि कॉलेज को तत्काल सील किया जाये। साथ ही एमसीआई के नियमों के अनुरूप एचएनबी उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय से संबद्ध किया जाए। फैकल्टी व अन्य आवश्यक संसाधन की पूर्ति भी राज्य सरकार के स्तर पर की जाएगी।

आरोपों की पुष्टि होने पर विजिलेंस ने किया आयुर्वेद विवि के पूर्व कुलपति को गिरफ्तार

विजिलेंस की टीम ने आयुर्वेद विश्वविद्यालय के पूर्व कुलसचिव डा. मृत्युंजय मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है। विजिलेंस की टीम ने यह कार्यवाही डा. मिश्रा पर भ्रष्टाचार और जालजासी की पुष्टि होने के बाद की है। गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस की तीन टीमें मिश्रा के अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।

आयुर्वेद विश्वविद्यालय में वर्ष 2013 से 2017 तक तैनाती के दौरान से ही डा.मृत्युंजय मिश्रा का विवादों से नाता रहा है। कुल सचिव रहते हुए मिश्रा पर नियम विरुद्ध नियुक्तियां और लाखों रुपये की खरीदारी करने के गंभीर आरोप लगे। मिश्रा पर लगे इन आरोपों की शासन ने विजिलेंस से खुली जांच कराने के आदेश दिए। विजिलेंस निदेशक एडीजी राम सिंह मीना ने बताया कि जांच में विवि के धन का दुरुपयोग की पुष्टि हुई। मिश्रा ने विवि के 32 लाख 15 हजार अपने बैंक खातों में ट्रांसफर किए। इसके अलावा विवि को सामान की आपूर्तिकर्ता फर्म के साथ साठ-गांठ कर स्वयं और अपने परिजनों के खातों में नकद व बैंक ट्रांजेक्शन के जरिये 68 लाख दो हजार ट्रांसफर कराने की पुष्टि हुई है।

विजिलेंस ने इसी आधार पर 17 नवंबर को मिश्रा एवं अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार और जालसाजी के आरोप में मुकदमा दर्ज किया। उन्होंने बताया कि विजिलेंस की टीम लगातार मिश्रा पर नजर बनाए हुई थी। सोमवार को मौका पाते ही ईसी रोड से मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। मिश्रा से पूछताछ जारी है। विजिलेंस की तीन टीमों ने देर रात तक मिश्रा के घर, आयुर्वेद विवि और अमेजन ऑटोमेशन फर्म के दफ्तर में छापेमारी करती रही।

इनके खिलाफ भी मुकदमा होना तय
एसपी विजिलेंस प्रमोद कुमार ने बताया कि खुली जांच में जो गड़बड़ी मिली है, उसमें कई लोगों की संलिप्तता है। मुख्य आरोपित मृत्युंजय मिश्रा के अलावा उनकी पत्नी श्वेता मिश्रा, अमेजन ऑटोमेशन फर्म की संचालिका शिल्पा त्यागी, क्रिएटिव इलेट्रॉनिक्स फर्म की नूतन रावत और ड्राइवर अवतार सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। विजिलेंस इनकी भूमिका की जांच कर रही है।

गैस वितरण परियोजना से दूनवासियों को नई सौगात मिलेगीः त्रिवेन्द्र

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरूवार को विज्ञान भवन नई दिल्ली से 9वें नगर गैस वितरण बोली चक्र के अन्तर्गत देश के 19 राज्यों के 129 जिलो में स्थित 65 भौगोलिक क्षेत्रों में गैस वितरण की परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इसमें जनपद देहरादून भी शामिल है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने 14 राज्यों में फैले 124 जिलो के 50 भौगोलिक क्षेत्रों के लिये 10वें गैस वितरण बोली चक्र का भी शुभारंभ किया। जबकि मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने देहरादून जनपद की गैस वितरण परियोजना का शुभारंभ किया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि कोयले और अन्य तरल ईंधनों की तुलना में प्राकृतिक गैस पर्यावरण अनुकूल, सुरक्षित, सस्ता, उत्कृष्ट ईंधन है। प्रधानमंत्री ने कहा कि विश्व के 23.4 प्रतिशत प्राकृतिक गैस उपयोग की तुलना में भारत का ऊर्जा क्षेत्र में प्राकृतिक गैस का प्रतिशत 6.2 है। इसे 15 प्रतिशत तक किये जाने की दिशा में हम अग्रसर है। प्रधानमंत्री ने कहा कि 10वें नगर गैस वितरण बोली चक्र के पश्चात् देश के 27 राज्यों के 52 प्रतिशत क्षेत्रफल के 402 जनपदो की 70 प्रतिशत आबादी को यह सुविधा उपलब्ध हो जायेगी। इससे आम आदमी का जीवन आसान होगा। 2014 तक सीएनजी स्टेशनों की संख्या 947 थी, वह आज 1470 हो गयी है। इस दशक के अन्त तक इसकी संख्या 10 हजार के पार किये जाने की व्यवस्था की जा रही है। सिटी गैस वितरण का कार्य तेजी से बढ़ रहा है। इसमें वितरण की परेशानियों का भी समाधान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह रिफार्म, ट्रांसफार्म व परफार्म का अच्छा उदाहरण है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पहले गैस कनेक्शन के लिये लाईन में लगना होता था, जिससे अब निजात मिल गई है। एलपीजी कनेक्शन व्यवस्था जहां 1955 में आरम्भ हुई थी तथा 2014 तक 13 करोड़ कनेक्शन वितरित हुए, जबकि पिछले चार वर्षों में ही 12 करोड़ गैस कनेक्शन वितरित किये गये है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास देश की 40 प्रतिशत ऊर्जा की जरूरत गैस व अन्य पारम्परिक ऊर्जा स्रोतों से पूरा करने का है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने देहरादून जनपद को नगर गैस वितरण परियोजना से जोडने के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपेक्षा की कि गेल इस परियोजना को एक से डेढ़ वर्ष में पूर्ण कर लेगा। उन्होंने इसे देहरादूनवासियों के लिये नई सौगात बताते हुए इसे दून वैली के पर्यावरण को भी मजबूती प्रदान करने वाला बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गैस पाइप लाईन से जहां लोगों को तमाम तरह की कठिनाईयों से निजात मिलेगी वहीं सीएनजी स्टेशनों की स्थापना से सीएनजी वाहनों की संख्या भी बढ़ेगी तथा इससे वाहनों से होने वाले प्रदूषण से भी दूनवासियों का छुटकारा मिल सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देहरादून में वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। राज्य के मैदानी क्षेत्रों में आबादी का दबाव निरन्तर बढ़ रहा है। उसी क्रम में आगे भी वाहनों का दबाव बना रहेगा, इसका बेहतर रास्ता सीएनजी ही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने आईआईपी, देहरादून में स्थापित बायोगैस संयत्र का अवलोकन कर संयत्र के संबंध में भी वैज्ञानिकों से जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर तथा देहरादून के बाद नैनीताल के साथ ही अन्य स्थानों में भी गैस पाइप लाइन का कार्य आरम्भ होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश को गैस ईंधन के रूप में इस्तेमाल करने पर जोर दिया है। बिजली के संकट से जूझ रहे अनेक कारखानों को गैस ईंधन नई ऊर्जा मिल रही है। उन्होंने कहा कि गैस ईंधन कम खर्चीला तथा इको फ्रेन्डली है। इससे दूनवासियों के जीवन में निश्चित रूप में बदलाव आयेगा तथा आम जिंदगी खुशहाल होगी।

एसआरएचयू ने चिकित्सा के क्षेत्र में नया मुकाम हासिल कियाः डा. मनमोहन सिंह

हिमालयन इंस्टीट्यूट हॉस्पिटल ट्रस्ट के संस्थापक ब्रह्मलीन डॉ. स्वामी राम का 22वां महासमाधि दिवस पर उज्जैन के सेवाधाम आश्रम को स्वामी राम मानवता पुरस्कार दिया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह ने किया।

पूर्व प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह ने संस्था के निदेशक सुनील गोयल को स्वामी गोल्ड मेडल, प्रशस्ति पत्र व पांच लाख रुपये का नगद पुरस्कार प्रदान किया। डा. सिंह ने कहा कि स्वामी राम का सपना हिमालयन हॉस्पिटल ट्रस्ट (एचआइएचटी) और स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय वर्तमान में अध्यात्म, स्वास्थ्य व तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में विश्वस्तर पर अपनी पहचान बन चुका है। स्वामी राम हिमालयन विवि परिसर में आयोजित समारोह का पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और एसआरएचयू के कुलपति डॉ. विजय धस्माना ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

डॉ. मनमोहन सिंह ने कहा कि मानवता की सेवा के लिए डा. स्वामी राम ने 1989 में इस संस्थान की नींव रखी थी। उनका संकल्प आज विश्व के उन चुनिंदा संस्थानों में से एक बन गया है, जहां एक ही छत के नीचे डाक्टर, इंजीनियर, नर्सेज, मैनेजमेंट व योग के छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। संस्थान के विकास क्रम में तमाम चुनौतियां भी जुड़ी रही, जिन्हें भुलाया नहीं जा सकता।

विश्वविद्यालय के कुलपति डा. विजय धस्माना ने कहा कि यह संस्थान एक परिवार के रूप में स्वामी राम के सपनों को साकार करने का प्रयास कर रहा है। 300 बेड से शुरू हुआ हिमालयन हास्पिटल 1200 बेड का बन गया है। जल्द ही तीन सौ वेड की नई विंग के साथ यह 1500 बेड का मल्टीस्पेशिलिटी हास्पिटल बनने जा रहा है। कार्यक्रम में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की पत्नी गुरुशरण कौर मौजूद थीं।

अल्प समय में एम्स ऋषिकेश ने किये नये कीर्तिमान हासिलः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने एम्स में एनाटॉमिकल सोसाइटी आफ इंडिया की ओर से आयोजित 66वें राष्ट्रीय अधिवेशन का उद्धाटन किया। इस दौरान उन्होंने एम्स द्वारा दी जा रही बेहतर स्वास्थ्य सेवा की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस अधिवेशन से यहां अध्ययनरत भावी चिकित्सकों को लाभ मिलेगा। इस दौरान नेटकॉम-66 की पुस्तिका का विमोचन भी किया।

सोमवार को आयोजित नॉटकाम के 66वें अधिवेशन में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि एम्स में आयोजित इस सम्मेलन में देश के विभिन्न हिस्सों व विदेश से आए एनाटॉमी के विशेषज्ञ अपने अनुभवों को एक-दूसरे के साथ साझा करेंगे। जो आने वाले समय में चिकित्सा सेवाओं की बेहतरी के लिए मजबूत आयाम बनेगा। जो छात्र मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं, उनको इन विशेषज्ञों से बहुत कुछ सीखने को मिलेगा।

उन्होंने आशा व्यक्त करते हुये कहा इस सम्मेलन से भावी चिकित्सकों को लाभ मिलेगा। एनॉटोमी विभाग एम्स ऋषिकेश में चिकित्सा से सम्बन्धित विभिन्न विषयों पर व्याख्यान दिये जा रहे हैं। यह प्रसन्नता का विषय है कि इस सम्मेलन में चिकित्सा से सम्बन्धित विभिन्न विषयों पर 400 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किये जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि एम्स ऋषिकेश में बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के साथ चिकित्सा से सम्बंधित अनेक कोर्स संचालित किये जा रहे हैं। एम्स ऋषिकेश तेजी से प्रगति कर रहा है। जिसके परिणामस्वरूप एम्स दिल्ली पर 30 प्रतिशत का दबाव कम हुआ है। वर्तमान में एम्स में मरीजों के लिए 900 बेड की उपलब्धता है। उन्होंने आशा व्यक्त कि एम्स से प्रशिक्षण लेकर यहां के छात्र देश भर में जाकर एम्स का नाम रोशन करेंगे। इस अवसर पर विधायक खजान दास, एम्स निदेशक प्रो. रविकान्त, प्रो. सुरेखा किशोर, प्रो. विजेन्द्र सिंह, प्रो. सुरजीत घटक, प्रो. जीएस लोंगिया आदि उपस्थित थे।

यौवन अवस्था में पहुंचा उत्तराखंड, राज्यपाल सीएम ने दी शुभकामना

राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने राज्य स्थापना दिवस की 18वीं वर्षगांठ पर पुलिस लाइन में आयोजित रैतिक परेड का निरीक्षण कर सलामी ली। इस दौरान उन्होंने विशिष्ट सेवाओं के लिए ‘‘राष्ट्रपति पुलिस पदक’’ प्राप्त 03 पुलिस अधिकारियों और ‘‘पुलिस पदक’’ प्राप्त 18 अधिकारियों तथा जवानों को सम्मानित भी किया। वहीं, उन्होंने विशिष्ट विवेचना हेतु मनोज कुमार ठाकुर, पुलिस उपाधीक्षक, उत्तरकाशी तथा सर्वोत्तम थाने के लिये संजय कुमार निरीक्षक थाना सितारगंज को भी पुरस्कृत किया।

राज्य स्थापना दिवस के मौके पर राज्यपाल ने राज्य की जनता को शुभकामनाएं देकर राज्य आन्दोलनकारियों को नमन किया। राज्यपाल ने अनुशासित और भव्य पुलिस परेड के लिए पुलिस परिवार को बधाई दी।

राज्यपाल ने कहा कि 18 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर हमें ईमानदारी से मूल्यांकन करना होगा तथा आगे बढ़ने का लक्ष्य निर्धारित करना होगा। अपनी स्थापना के 18 वर्षों में उत्तराखण्ड ने विकास के कई मापदण्डों पर अच्छा प्रदर्शन किया है, परन्तु फिर भी कई चुनौतियां अभी भी है जिनका समाधान किया जाना जरूरी है।

राज्यपाल बेबीरानी मौर्य ने कहा कि राज्य के मैदानी और पर्वतीय क्षेत्रों के मध्य आर्थिक-सामाजिक विकास के गैप को मिटाना होगा। पर्वतीय क्षेत्रों में महिलाओं और युवाओं के हाथों में रोजगार देकर ही इस कार्य को किया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से प्रदेश व देश के विकास में योगदान करने का आह्वान किया। राज्यपाल ने राज्य निर्माण में मातृशक्ति के योगदान का उल्लेख करते हुए ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान को शत प्रतिशत सफल बनाने का भी आह्वान किया।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड आज 18 वर्ष पूर्ण कर रहा है और किशोरावस्था से यौवन की ओर आगे बढ़ रहा है। राज्य निरंतर प्रगति करता रहेगा, ऐसा विश्वास है। इस अवसर पर हम उन नौजवानों को भी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं जिन्होंने राज्य के लिए अपना बलिदान दिया। हम सभी राज्य आंदोलनकारियों को जिन्होंने राज्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया, शुभकामनाएं देते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस ने नित नये आयाम स्थापित किए हैं। चाहे साइबर क्राइम हो या अन्य अपराध। उत्तराखंड पुलिस ने पूरे समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया है। इसके लिये उत्तराखंड पुलिस बधाई की पात्र है। उन्होंने कहा कि हमारे राज्य के दो थानों को देश के टॉप 10 सर्वोत्तम थानों में स्थान मिला है।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर दो पुलिस पत्रिकाओं का विमोचन भी किया।

रैतिक परेड की प्रथम कमाण्डर देहरादून एसएसपी निवेदिता कुकरेती, द्वितीय कमाण्डर लोकेश्वर सिंह तथा परेड एडजुटेण्ट शेखर चन्द्र सुयाल थे। रैतिक परेड के उपरांत उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा महिला पाइप बैण्ड, डॉग शो, एण्टीटेररिस्ट स्क्वाड डेमो, एसडीआरएफ डेमो, मोटर साइकिलिंग और घुड़सवारी के हैरतअंगेज प्रदर्शन दिखाये गए। इस दौरान कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, धन सिंह रावत, सांसद डा. रमेश पोखरियाल निशंक सहित आला अधिकारी मौजूद रहे।