किसानों की आय बढ़ाने के लिये स्थानीय उत्पादों को दे बढ़ावा

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने विकासखण्ड कर्णप्रयाग के कालेश्वर में हिमालयन एक्शन रिसर्च सेन्टर (हार्क) एवं यू-कॉस्ट के संयुक्त तत्वावधान में हिमालय जंगली उत्पादों के मूल्य सवंर्धन से बने उच्च उत्पाद के ब्रॉन्ड ‘‘माउन्टेन बीम‘‘ का शुभांरभ किया। इस दौरान उन्होंने हार्क संस्थान के कोल्ड स्टोर, नये उत्पादों के रिसर्च यूनिट एवं खाद्य प्रसंस्करण यूनिट का अवलोकन भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हार्क संस्था ने तीन उत्पादों से कार्य शुरू किया था और आज संस्था द्वारा 30 से अधिक उत्पाद तैयार किये जा रहे है। उन्होंने कहा कि परम्परागत कार्यो के साथ प्राकृतिक उत्पादों को उपयोगी बनाकर उनका मूल्य संवर्धन करना जरूरी है। किसानों की आय में वृद्वि करने के लिए स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ ही उसकी ब्रान्डिंग और प्रोसेसिंग पर ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों में व्यावसायिक सोच विकसित करना जरूरी है। राज्य सरकार द्वारा न्याय पंचायतों को ग्रोथ सेन्टर के रूप में विकसित करने की योजना बनायी जा रही है। इन ग्रोथ सेन्टरों में स्थानीय उत्पादों को बढावा दिया जायेगा तथा अधिक से अधिक महिला स्वयं सहायता समूहों को इससे जोडा जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के समग्र विकास के लिए महिला सशक्तिकरण जरूरी है। उन्होंने हार्क संस्था में कार्य करने वाली सभी महिलाओं को उत्तम प्रोसेसिंग एवं ब्रान्डिंग हेतु आवश्यक प्रशिक्षण देनेे को कहा, जिससे उच्च गुणवत्ता के उत्पाद तैयार कर राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा मूल्य मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विकास के लिए हमें अपने अधिकार एवं कर्मो के प्रति सजग रहना होगा।

त्रिवेन्द्र ने कहा कि जैविक उत्पादों की मांग तेजी से बढ रही है। जैविक उत्पादों को तैयार कर हम अच्छी आजीविका अर्जित कर सकते है। उन्होंने कहा कि बाजार की डिमांड को देखते हुए किनवा एवं शहद की अच्छी तरह से प्रोसेसिंग और ब्रान्डिंग कर आजीविका में वृद्वि की जा सकती है। शहद के उत्पादन को बढाने के लिए पर्वतीय क्षेत्रों में सहकारी संस्थाऐं बनायी जायेंगी। उन्होंने हार्क संस्था द्वारा तैयार किये गये उत्पादों की सराहना करते हुए कहा कि जंगली फलों की सही ढंग से प्रोसेसिंग कर उत्तम उत्पाद तैयार किये जा रहे है, जिससे स्थानीय महिला स्वयं सहायता समूहों को स्वरोजगार के अवसर भी मिल रहे है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया तथा हार्क संस्था द्वारा तैयार किये 14 उत्पादों की मॉउन्टेन वैन को हरी झण्डी दिखाकर देहरादून में मार्केटिंग के लिए रवाना किया।

हार्क संस्था विगत 30 वर्षो से हिमालय क्षेत्र के सीमांत किसानों के साथ आजीविका से संबधित गतिविधियों में कार्य कर रही है, जिसमें बागवानी, कृषि एवं सहकारिता उत्पादों को तैयार किया जा रहा है। महिला सहकारिता का गठन हार्क ने 10 वर्ष पूर्व कालेश्वर में किया था, जिसमें वर्तमान में दो हजार महिलाएं जुडी है। हार्क संस्था द्वारा दो ब्रान्डों में 30 से अधिक उत्पाद तैयार किये जा रहे है।

त्रिवेन्द्र सरकार के बजट में आम नागरिकों को राहत

वित्तीय वर्ष 2018-19 का बजट पेश हो गया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इस बजट को करमुक्त रख जहां आम नागरिको को राहत दी है तो वहीं सरकारी कामकाज में पारदर्शिता लाने, बुनियादी सेवाओं के विस्तार एवं गुणवत्ता, किसानों से लेकर युवाओं और शहरों से लेकर गांवों तक आम नागरिक से जोड़ने के लिये भाजपा और केंद्र सरकार के एजेंडे को आगे किया है।

विधानसभा सत्र के तीसरे दिन गुरुवार शाम वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने दूसरा बजट सदन में पेश किया। पिछले बजट की तुलना में नए वित्तीय वर्ष 2018-19 में 14.08 फीसद ज्यादा बजट प्रावधान किया गया है।

त्रिवेंद्र सरकार के दूसरे बजट में भी मोदी फेक्ट नजर आ रहा है। बजट में प्रधानमंत्री के मूल मंत्र रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म का उल्लेख करते हुए राज्य सरकार की ओर से अपने एक साल के कार्यकाल में सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली, सरकारी खरीद में पारदर्शिता, जन सेवाओं की गुणवत्ता, केंद्रपोषित योजनाओं का अधिक लाभ लेने की रणनीति को नए वित्तीय वर्ष में आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया है।

सड़कों-पुलों को दी वरियता

शहरों में निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग हों, रेलवे ओवरब्रिज, टनल या पुल, इन सभी को समय पर पूरा करने पर जोर है तो गांवों में अवस्थापना विकास को सरकार ने अपने एजेंडे की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल किया है।

बजट के तहत राज्य में एक लाख युवाओं को रोजगार व कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जायेगा। राज्य के प्रत्येक जिले में ट्रॉमा सेंटर, इंटेसिव केयर यूनिट और ब्लड बैंक, राज्य के बेस चिकित्सालयों के लिए पहली बार पूंजीगत मद में 20 करोड़ रूपये, किसानों की आमदनी दोगुनी करने की मुहिम के तहत माइक्रो प्लानिंग शुरू, कृषि व औद्यानिक समेत विभिन्न महकमों के कार्यों को संयोजित कर किसानों को राहत, आर्गेनिक हर्बल स्टेट बनाने को 1500 करोड़ की योजना को मंजूरी, 300 अतिरिक्त फार्म मशीनरी बैंकों की होगी स्थापना, राज्य में 9.12 लाख जोतों के लिए मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी करने का लक्ष्य, 2019 तक चयनित 1374 ग्राम पंचायतों को गरीबी मुक्त करेंगे घोषित, जन शिकायतों के लिए हेल्पलाइन नंबर 1905 शुरू, 14947 आंगनबाड़ी केंद्रों व 5120 मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों में प्री स्कूल किट व मेडिसिन किट और कार्यकर्ताओं को ड्रेस, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में 75000 परिवारों की गर्भवती व धात्री महिलाओं को प्रति महिला 5000 रुपये, गंगा गाय महिला डेरी योजना में 2000 महिला दुग्ध उत्पादकों को मिलेगा लाभ, 2020 तक सड़क दुर्घटनाओं में 50 फीसद कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है।

बजट में हरिद्वार, देहरादून व ऊधमसिंहनगर के परिवहन निगम डिपो की सभी बसों को दो साल में सीएनजी से करेंगे संचालित, 2020 तक केंद्र की उज्ज्वला योजना के दायरे से बाहर सभी परिवारों को निश्शुल्क गैस सुविधा, राज्य के सभी जिलों की रिसोर्स एटलस बनाने की प्रक्रिया होगी तेज, 2020 तक सभी सरकारी योजनाओं को डीबीटी से करेंगे संचालित, उद्यमिता विकास को 600 करोड़ की बाह्य सहायतित योजना को मंजूरी, आगे बढ़ेंगे कदम, डाट काली मंदिर के समीप डबल लेन टनल का निर्माण नए वित्तीय वर्ष में होगा पूर्ण, देश का सबसे लंबा 440 मीटर मोटर झूला पुल डोबरा-चांटी अगले वित्तीय वर्ष में होगा पूरा, 2020 तक सभी महिला मंगल दल व युवक मंगल दल लेंगे आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण, 250 से अधिक आबादी के गांव सड़क से जुड़ेंगे, मेट्रो रेल निर्माण के तहत 86 करोड़ का प्रावधान, आशा कार्यकर्ताओं व एएनएम के लिए दुर्घटना बीमा योजना होगी शुरू, प्रत्येक जिले में बंधुआ पुनर्वास निधि की स्थापना, आम आदमी बीमा योजना में 11.37 करोड़ का प्रावधान, किसानों को सस्ता ऋण देने की दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना को 30 करोड़, नैनीताल झील के पुनर्जीवीकरण को पांच करोड़ की व्यवस्था की है।

बजट में राज्य की नदियों व झीलों के पुनर्जीवीकरण कार्यों के लिए धन, पर्वतीय क्षेत्रेां में उद्यमिता प्रोत्साहन व पलायन रोकने को ग्रोथ सेंटर स्थापना को 15 करोड़, एमएसएमई के तहत बाह्य सहायितत परियोजनाओं के लिए 30 करोड़, क्षेत्रीय संपर्क योजना के लिए 10 करोड़, ऋषिकेश में यात्रियों के रजिस्ट्रेशन ऑफिस कम ट्रांजिस्ट कैंप के निर्माण को सात करोड़, पर्यटन विभाग की होम स्टे योजना को 15 करोड़, अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज को जल्द शुरू करने का लक्ष्य रखा है।

इस कानून के तहत गैर जमानती अपराध होगा जबरन धर्म परिवर्तन

हिमाचल, उड़ीसा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु की तर्ज पर अब उत्तराखंड में भी धर्म स्वतंत्रता अधिनियम लाया गया है। इस सिलसिले में हाल में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में निर्णय लिया गया था।

विधानसभा के बजट सत्र में इससे संबंधित विधेयक सदन में पेश कर दिया गया। इसके पारित होने पर उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता अधिनियम-2018 अस्तित्व में आ जाएगा। इसके तहत राज्य में जबरन धर्म परिवर्तन गैर जमानती अपराध होगा।

इस विधेयक के अधिनियम बनने पर कोई भी व्यक्ति मिथ्या निरुपण, बल, असर, प्रपीड़न, प्रलोभन के प्रयोग या कपटपूर्ण माध्यम अथवा विवाह द्वारा किसी अन्य व्यक्ति को एक से दूसरे धर्म में परिवर्तित या परिवर्तन का प्रयास नहीं करेगा। न किसी व्यक्ति को ऐसे धर्म परिवर्तन के लिए उकसाएगा या षड़यंत्र करेगा। यदि कोई व्यक्ति अपने पूर्व धर्म में वापस आता है तो ऐसा इस अधिनियम के अधीन एक धर्म से दूसरे धर्म का परिवर्तन नहीं कहा जाएगा।

धर्म परिवर्तन के प्रति परिवाद दायर किया जा सकेगा। जो भी अधिनियम के उपबंधों का उल्लंघन करेगा उसमें दंड का प्रावधान है। इसमें कारावास व जुर्माना दोनों का प्रावधान किया जाएगा। यही नहीं, धर्म परिवर्तन के एकमात्र उद्देश्य से किया गया विवाह अकृत और शून्य माना जाएगा। विधेयक के मुताबिक यदि कोई व्यक्ति धर्म परिवर्तन का इच्छुक है तो वह कम से कम एक माह पहले जिला मजिस्ट्रेट अथवा जिला मजिस्ट्रेट द्वारा प्राधिकृत कार्यपालक मजिस्टेट के समक्ष उद्घोषणा करेगा। शुद्धता संस्कार के संबंध में पूर्व में रिपोर्ट देनी अनिवार्य होगी। जिला मजिस्ट्रेट इस सूचना के बाद प्रस्तावित धर्म परिवर्तन के वास्तविक आशय, प्रयोजन व कारण के संबंध में पुलिस के माध्यम से जांच करेगा।

मोदी सरकार पूरे देश में एक ही राशन कार्ड करने करने जा रही

मोदी सरकार एक ऐसी व्यवस्था करने शुरू करने जा रही है, जिसके बूते आप देशभर में एक ही राशन कार्ड का इस्तेमाल कर सकेंगे। साथ ही इससे गलत तरीके से राशन कार्ड बनने पर रोक लग सकेगी।

मोदी सरकार चाहती है कि आधार कार्ड की तर्ज पर हर एक राशन कार्ड को एक विशिष्ट (यूनिक) पहचान नंबर दिया जाए। इससे फर्जी राशन कार्ड बनाना काफी मुश्किल हो जाएगा। इसके साथ ही सरकार ऐसी व्यवस्था करेगी, जिसमें एक ऑनलाइन एकीकृत (इंटेग्रेटेड) सिस्टम बनाया जाएगा। इस सिस्टम में राशन कार्ड का डेटा स्टोर होगा।

इसके बन जाने के बाद अगर देश में कहीं भी कोई अगर फर्जी राशन कार्ड बनवाने की कोशिश करेगा, तो इस सिस्टम के जरिये से पता चल जाएगा। इसके बाद अगर कोई नया राशन कार्ड बनवाने जाता है, तो वह ऐसा कर नहीं पाएगा।

अगले महीने से शुरू होगा काम

इस ऑनलाइन सिस्टम का एक बड़ा फायदा यह भी होगा कि कोई भी लाभार्थी देश के किसी हिस्से में और किसी भी राशन की दुकान पर सब्सिडी वाला अनाज ले सकेंगे। इस व्यवस्था पर अगले महीने से काम शुरू होगा।

इसका सीधा फायदा उन लोगों को मिलेगा, जो अपने राज्य से दूसरे राज्य में नौकरी की खातिर पलायन कर चुके हैं। मौजूदा समय में लाभार्थी अपने गांव या आसपास की राशन की दुकान से सब्सिडी वाला अनाज खरीदते हैं। मगर, एक बार यह ऑनलाइन नेटवर्क तैयार हो गया, तो दूसरे राज्यों में नौकरी के सिलसिले में गए लोगों को कहीं से भी राशन लेने की सुविधा मिल जाएगी. इससे काफी बड़े स्तर पर लोगों को फायदा मिल सकेगा।

मौजूदा समय में देश के सिर्फ चार राज्यों में ही यह सुविधा है, जहां कि एक राज्य के लाभार्थी दूसरे राज्य के राशन की दुकान से अनाज खरीद सकते हैं। यह राज्य हैं, राजस्थान, हरियाणा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना।

क्या वाकई विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना है आयुष्मान भारत

नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम यानी आयुष्मान भारत को केंद्रीय कैबिनेट ने मंजूदी दे दी है। इस योजना को मोदी केयर भी कहा जाता है। विदित हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस महत्वाकांक्षी योजना की घोषण इस साल के बजट में वित्त मंत्री अरूण जेटली ने की थी।

कैबिनेट ने नेशनल हेल्थ मिशन को जारी रखने पर भी सहमति दी है। यह योजना 31 मार्च 2020 तक चलेगी और केंद्र सरकार इसके लिए 85,217 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
इस योजना के तहत हर परिवार को पांच लाख रुपये तक का हेल्थ इंश्योरेंस मिलेगा। इसमें परिवार के सदस्यों की संख्या पर कोई रोक नहीं है। इस योजना के तहत कौन से परिवार आएंगे, इसका फैसला आर्थिक आधार पर होगा। इस योजना के दायरे में आने वाले परिवारों को सरकारी और चुने हुए प्राइवेट अस्पतालों में इलाज की सुविधा मिलेगी। जो परिवार इस योजना के तहत आएंगे उन्हें इलाज की सुविधा देश भर में कहीं भी मिल सकेगी।

क्या है आयुष्मान भारत योजना

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस साल पेश किए गए बजट में दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना आयुष्मान भारत का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि इसके तहत करीब 10 करोड़ परिवारों को सालाना पांच लाख रुपये का मेडिकल कवर भी दिया जाएगा। साथ ही इस योजना का लाभ देश की 40 फीसदी आबादी यानी 50 करोड़ लोगों को मिलेगा। इसमें निजी क्षेत्र की कंपनियां भी भाग ले सकेंगी।

जेटली ने कहा था कि भारत को स्वस्थ भारत बनाया जाएगा, इसके लिए देशभर में 1.5 लाख स्वास्थ्य केंद्र खोले जाएंगे। इन स्वास्थ्य केंद्रों के खोले जाने का फायदा आम लोगों को फौरी तौर पर होगा, क्योंकि उन्हें आम बीमारियों के इलाज के लिए दूर नहीं जाना होगा और पास के इन केंद्रों से इलाज करा सकेंगे। साथ ही आरोग्य से जुड़ी सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएंगी।

शुरुआती इलाज में मिलेगा फायदा

आम लोगों को पांच लाख रुपये की बीमा का फायदा तब मिलेगा जब बीमारी बड़ी या फिर गंभीर होने की स्थिति में वह हॉस्पिटल में भर्ती होगा, लेकिन स्वास्थ्य केंद्रों का फायदा छोटे और बड़े हर तरह के बीमार लोगों को तुरंत मिलेगा।

नई योजना के तहत हर तीन संसदीय क्षेत्र या फिर एक राज्य में कम से कम एक मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे। फिलहाल देश में निजी और सरकारी दोनों मेडिकल कॉलेजों से हर साल 67 हजार एमबीबीएस और 31 हजार पोस्ट ग्रेजुएट डॉक्टर पास होकर निकलते हैं। ऐसे में कई नए मेडिकल कॉलेज खुलने से डॉक्टरों की कमी दूर होगी और लोगों के इलाज के लिए पर्याप्त डॉक्टर सुलभ हो सकेंगे।

स्वरोजगार के लिये जागरूकता जरूरीः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को उत्तराखंड तकनीकि विश्वविद्यालय के नवीन परिसर का लोकापर्ण किया। उन्होंने विश्वविद्यालय में शौर्य दीवार का अनावरण एवं यूनिवर्सिटी ,केडिमिया इंडस्ट्री फोरम का भी शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड तकनीकि विश्विद्यालय का नाम वीर माधो सिंह भंण्डारी के नाम पर रखने की घोषण भी की।

मुख्यमंत्री ने कहा तकनीकि विश्वविद्यालय के छात्रों का औद्योगिक संस्थानों के साथ संवाद स्थापित कराना जरूरी है। उद्योंगों की डिमांड को समझना जरूरी है। आधुनिक तकनीक जिस तेजी से बदल रही है, उस दिशा में प्रयास करने की जरूरत है। परिवर्तन के दौर में तकनीक के विकास के साथ आगे बढ़ना जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कौशल विकास पर अधिक बल दिया है। कौशल विकास को बढ़ावा देने एवं स्वरोजगार के लिये लोगों को प्रेरित करना जरूरी है। उन्होंने विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को कौशल विकास के लिए लोगों को प्रेरित करने के लिये कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2020 तक प्रदेश में एक लाख युवाओं को स्किल्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिये राज्य में कौशल विकास मंत्रालय का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि आस-पास के गांवों और स्कूलों में जाकर छात्र-छात्रायें लोगों को कौशल विकास के लिये कुछ समय दे सकते हैं। इससे लोगों को लाभ मिलेगा और छात्र-छात्राओं को समाज में घुलने-मिलने का समय भी मिलेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मेधावियों को सम्मानित भी किया।

अब दसवीं पास करना हुआ आसान, सीबीएसई ने दी राहत

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने दसवीं कक्षा में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के उत्तीर्ण होने का रास्ता आसान कर दिया है। बोर्ड ने दसवीं कक्षा में पास होने का मानदंड ही बदल दिया है। इस मानदंड के अनुसार विद्यार्थी अब आंतरिक व बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन को मिलाकर 33 फीसद अंक प्राप्त करने पर ही पास हो जाएंगे।

इससे पहले विद्यार्थियों को पास होने के लिए आंतरिक व बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन में अलग-अलग 33 फीसद अंक प्राप्त करने होते थे। शैक्षणिक सत्र 2017-18 की दसवीं की बोर्ड परीक्षा में विभिन्न मूल्यांकन पृष्ठभूमि से आए परीक्षार्थियों की परिस्थतियों को देखते हुए सीबीएसई की परीक्षा समिति ने 16 फरवरी को हुई बैठक में यह फैसला लिया है। हालांकि, पास होने का यह मानदंड सिर्फ इसी सत्र की बोर्ड परीक्षा के लिए लागू रहेगा।

सीबीएसई अध्यक्ष अनिता करवल द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार वर्ष 2018 में परीक्षा दे रहे दसवीं के विद्यार्थियों के लिए यह बदलाव किया गया है। इसके तहत 20 अंक वाली आंतरिक परीक्षा व 80 अंक वाली विषय परीक्षा के अंकों को मिलाकर 33 फीसद अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी पास माने जाएंगे।

यह नियम पांचों मुख्य विषयों के लिए लागू होगा। अगर किसी विद्यार्थी ने अतिरिक्त विषय के तौर पर छठा या सातवां विषय भी लिया है, तो उन विषयों के पास होने का मानदंड भी अन्य पांचों विषयों की तरह ही रहेगा।

इस ऐप के जरिये मेडिकल के क्षेत्र में मिल सकेगी मदद

भारत का पहला ईमेडिकोज मोबाइल ऐप लांच हो गया है। जिसके जरिए मेडिकल हेल्थ प्रोफेशनल, मेडिकल छात्र और अनुभवी डॉक्टर एक साथ कई मेडिकल विषयों पर विचार विमर्श कर सकेंगे। इसे रेडियोलाजिस्ट डॉक्टर सुमेर सेठी ने लांच किया है।

एन्ड्रायड व आई स्टोर में उपलब्ध इस एप के जरिए एक ही प्लेटफार्म पर छात्र, अनुभवी डॉक्टर व हेल्थकेयर प्रोफेशन से जुड़कर समस्या का समाधान निकाल सकेगें तो वही दूसरी तरफ मेडिकल के छात्र-छात्राऐं औषधीय ज्ञान ले सकते हैैंं।

इस ऐप के इस्तेमाल से मेडिकल एजुकेशन और मेडिकल ज्ञान में गुणवत्ता बढ़ेगी, विश्व के किसी भी कोने में बैठा छात्र डॉक्टर किसी भी मेडिकल संबधित विषय पर प्रश्न पूछ सकता है, चर्चा कर सकता है और अपने ज्ञान में वृद्धि कर सकता है। भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में हेल्थ केयर पेशवरों के लिए यह ऐप वरदान साबित हो होगा।

डॉक्टर सुमेर सेठी नें कहा कि यह उन लोगों के लिए खास तौर से उपयोगी साबित होगा जो एनईईटीपीजी, एनईईटी सुपर स्पेशलिटी, यूएसएमएलई, पीएलएपी, एमआरसीपी, ऑस्ट्रेलियाई और कैनेडियन परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। उन्हे डिजीटल रुप से ईबुक्स, स्टेडी मेटिरियल, विडियोज उपलब्ध होगें। उन्होंने कहा की ईमेडिकोज एप भारत का पहला मेडिकल व हेल्थकेयर ऐप है जिस पर मेडिकल क्षेत्र के अनुभवी लोग आपस में विचार विमर्श कर सकेगें। इसके अलावा मेडिकल स्टूडेन्टस किसी भी टॉपिक पर विशेषज्ञों से सवाल जबाव कर सकेगें।

ईमेडिकोज ऐप को लॉच करने पर टीम ने बताया कि वर्तमान में डिजिटल वर्ड का दायरा बढ़ता जा रहा हैं और एक ऐसे प्लेटफॉर्म की जरुरत हैं जिस पर मेडिकल से संबधित क्षेत्रों के विशेषज्ञ छात्रों से सीधे संवाद करें। ईमेडिकोज एप इन जरुरतों के हिसाब से डिजाइन किया गया हैं जिसके द्वारा छात्र परीक्षा पेपर, मेडिकल रिसर्च और हेल्थकेयर सेक्टर से जुड़ी हर जानकारी को साझा कर सकेगें। इसके साथ संबधित विषय से जूड़ें रिसर्च पेपर, विडियो और ईलर्निगं प्रोग्राम भी उपलब्ध होगें।

पद्मश्री अवॉर्ड से सम्मानित हुये दस आसियान देश

इस साल के पद्म अवॉर्ड बेहद खास हैं। भारत-आसियान मैत्री के 25 साल पूरे होने पर सरकार ने सभी 10 आसियान देशों की एक-एक हस्ती को पद्मश्री अवॉर्ड से नवाजा है। यह भारत और आसियान की 25 साल की साझेदारी का सम्मान है।

ब्रूनेई दारुस्सलाम के मलाजी हाजी अब्दुल्ला मलाजी हाजी ओथमान को चिकित्सा वर्ग में पद्मश्री दिया गया है। वह सोसाइटी फॉर मैनेजमेंट ऑफ ऑटिज्म रिलेटेड इश्यूज इन ट्रेनिंग, एजुकेशन ऐंड रिसोर्सेज के संस्थापक हैं।

कम्बोडिया के पूर्व प्रधानमंत्री हुन सेन के बेटे हुन मैनी को जनता के बीच काम के लिए पद्मश्री अवॉर्ड दिया गया है। वह कम्बोडिया के सबसे युवा सांसद हैं और यूनियन ऑफ यूथ फेडरेशन, कम्बोडिया के प्रेसिडेंट हैं।

बाली में विष्णु की मूर्ति बनाने वाले मूर्तिकार को सम्मान

इंडोनेशिया के मूर्तिकार और नव कला आंदोलन के अगुआ न्योमान नुआर्ता को भी पद्मश्री अवॉर्ड दिया गया है। उन्होंने बाली में विष्णु को समर्पित गरुड़ विष्णु केनकाना स्टैच्यू निर्माण में अहम भूमिका निभाई है।

लाओस के बोउनलप केओकंगाना भी पद्मश्री अवॉर्ड से नवाजा गया है। वह वैट फो वर्ल्ड हैरिटेज साइट के डिप्टी डायरेक्टर रहे हैं। उन्होंने एएसआई के साथ भद्रेश्वर के शिव मंदिर के पुनरुद्धार में अहम भूमिका निभाई है, जिसे कि वैट फो के नाम से जाना जाता है।

ओडिशी डांसर को अवॉर्ड

मलेशिया के दातुक रामली बिनप इब्राहिम को भी पद्मश्री अवॉर्ड से नवाजा गया है। वह ओडिशी के क्लासिकल डांसर हैं और करीब 40 साल से मलेशिया में डांस टीचर हैं। उन्हें इसके पहले संगीत नाटक अकादमी अवॉर्ड से भी नवाजा जा चुका है। वह मलेशिया में सूत्र डांस थिएटर चलाते हैं।

पद्मश्री अवॉर्ड पाने वाली आसियान की अन्य हस्तियों में म्यांमार इतिहासकार एवं लेखक डॉ. थांट मिंट यू, फिलीपींस के आरएफएम ग्रुप के सीईओ एवं प्रेसिडेंट जोस मा जोए, सिंगापुर के विदेश मंत्रालय में राजदूत टॉमी कोह, 10 साल की उम्र में भिक्षु बन जाने वाले थाइलैंड के सुप्रीम पैट्रिआर्क सोमदेत फ्रा अरिया वोंगसा खोट्टायन और वियतनाम के नेशनल वियतनाम बौद्ध संघ के महासचिव न्गुयेन थिएन थिएन शामिल हैं।

अब महापुरूषों की जयंती पर छुट्टी नहीं होगी

अब अगले सत्र से राज्य के समस्त विद्यालयों में महापुरूषों की जयंती पर अवकाश नहीं होगा। यह बात राज्य के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा के अनावरण के दौरान कही।
राज्य के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने दून के राजकीय इंटर कॉलेज डोभालवाला में नेताजी सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा का अनावरण कर कहा कि अगले सत्र से विद्यालयों में महापुरुषों की जयंती पर अवकाश के बदले विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि महापुरुषों की जयंती पर स्कूलों में विशेष कार्यक्रम आयोजित कर बच्चों को उनकी जीवन से अवगत कराया जाए। इस दिन अवकाश रखने के बजाए राज्य के सभी स्कूल खुलेंगे और साथ ही शिक्षक सभी महापुरुषों के बलिदान का महत्व बच्चों को समझाएं।

उन्होंने बताया कि अगले सत्र में प्राथमिकता के तौर पर 220 दिन पढ़ाई का अकादमिक कैलेंडर लागू किया जाएगा। इस दौरान राजकीय इंटर कॉलेज डोभालवाला के प्रधानाचार्य सुरेंद्र सिंह बिष्ट ने शिक्षा मंत्री से स्कूल में एक संगीत शिक्षक तैनात करने की मांग की। जिससे संगीत में रुचि रखने वाले छात्र इसमें भविष्य बना सकें।