आठवें राष्ट्रीय विज्ञान फिल्म महोत्सव में दिखेगी स्मृति की फिल्म

नैनीताल की स्मृति पांडे द्वारा निर्मित लघु फिल्म को आठवें राष्ट्रीय विज्ञान फिल्म महोत्सव के लिये चुना गया है। स्मृति पांडे को पिछले वर्ष जल संरक्षण में शोध करने पर पूना में राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में उत्तराखंड की सबसे कम उम्र की बाल वैज्ञानिक के रूप में सम्मानित भी किया जा चुका है।

गोहाटी में अगले माह आठवें राष्ट्रीय विज्ञान फिल्म महोत्सव के लिए सेंट मैरी कांवेंट नैनीताल की कक्षा आठ की छात्रा स्मृति पांडे की लघु फिल्म चयनित हुई है। रचनात्मक शिक्षक मंडल के नवेंदु मठपाल ने बताया कि छात्रा ने पिछले साल ढेला में सुदर्शन जुयाल के निर्देशन में फिल्म मेकिंग की कार्यशाला में भाग लिया था। मठपाल ने बताया कि इन दिनों भी स्मृति ढेला रामनगर में आयोजित जश्न ए बचपन कार्यक्रम में अभिनय की बारीकियां सीख रही है।

भारत सरकार छात्रों व समाज के बीच वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के लिए विज्ञान प्रसार नेटवर्क द्वारा राष्ट्रीय विज्ञान फिल्म महोत्सव का आयोजन किया जाता है। महोत्सव के लिए छात्रा द्वारा बनाई गई प्यासे विश्व की पुकार लघु फिल्म चयनित की गई है। फिल्म का प्रदर्शन फरवरी माह में गोहाटी में राष्ट्रीय विज्ञान फिल्म महोत्सव में किया जाएगा

यहां दिन की शुरूआत होगी राष्ट्रगीत से

एक तरफ जहां पूरे देश में वंदे मातरम और राष्ट्रगान को लेकर बहस चल रही है। दूसरी ओर हरियाणा के एक गांव ने ऐसा फैसला किया है, जिससे पूरे गांव की दिन की शुरुआत राष्ट्रगान की आवाज से ही होगी। हरियाणा के फरीदाबाद जिले के जाट बहुल भनकपुर गांव में अब रोज सुबह 8 बजे राष्ट्रगान बजेगा, इसके लिए गांव वालों ने 3 लाख रुपये खर्च कर करीब 20 लाउडस्पीकर लगाए जाएंगे।

गांव में करीब 5000 की आबादी है। ऐसा करने वाला भनकपुर हरियाणा का पहला गांव होगा। गुरुवार को गांव के सरपंच सचिन मदोतिया ने इस बात का ऐलान किया। उनके साथ स्थानीय विधायक और अन्य नेता भी मौजूद रहे।

ऐसा बताया जा रहा है कि गांव का सरपंच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े हैं। उन्होंने बताया कि इसके लिए उनके ही घर में एक कंट्रोल रूम बनाया गया है। उनका कहना है कि उन्हें ये आइडिया जब आया, जिस दौरान उन्होंने तेलंगाना के जम्मीकुंटा के बारे में सुना। वहां पर भी लोग अपने दिन की शुरुआत राष्ट्रगान से ही करते हैं।

भनकपुर गांव इससे पहले भी चर्चा का विषय बना रहा है। इस गांव में कुल 22 सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, इसके अलावा गांव को स्वच्छता के अवॉर्ड से नवाजा जा चुका है।

गौरतलब है कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत को लेकर पिछले कुछ समय से बवाल जारी रहा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ही सिनेमा हॉल में भी फिल्म से पहले राष्ट्रगान बजाना अनिवार्य हो गया है।

यहां ऐसे मना बाल दिवस, अधिक पढ़े…..

14 नवंबर यानी बाल दिवस, और बाल दिवस के ध्यान आते ही हमारे जेहन में पंडित जवाहर लाल नेहरू का जन्मदिवस याद आता है। पंडित नेहरू को सभी बच्चे चाचा नेहरू कह कर संबोधित करते थे। कहा जाता है कि नेहरू को बच्चे बहुत ही प्रिय थे। यही वजह है कि आज भी हम सभी नेहरू के जन्मदिवस के दिन अपना समय बच्चों के बीच बिताया करते है।
नेहरू के जन्मदिवस के अवसर पर तीर्थनगरी ऋषिकेश में भी बाल दिवस देखने को मिला। जब लियो क्लब ऋषिकेश डिवाइन के सदस्यों ने यहां स्थित श्रीभरत मंदिर इंटर कॉलेज में पढ़ने वाले जरूरतमंद व गरीब वर्ग से आने वाले छात्रों को उपहार भेंट किया।

आपको बता दें कि लियो क्लब ऋषिकेश डिवाइन तीर्थनगरी में सामाजिक कार्यों में अपना योगदान देने के लिये जाना जाता है। लियो क्लब असहाय व जरूरतमंद लोगों की मदद करने में अग्रणी भूमिका निभाता रहा है। इसी कड़ी में लियो क्लब द्वारा इंटर कॉलेज में पिछले वर्ग के बच्चों को स्कूली जूते वितरित किये गये। क्लब के अध्यक्ष रजत भोला ने इस अवसर पर बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के बच्चे कल का भविष्य है। उनका आज अच्छा होगा तभी वह आगे अच्छा प्रदर्शन कर पाएंगे। क्लब के सचिव विशाल लूथरा ने बताया कि चाचा नेहरू का बच्चों के प्रति लगाव को देखते हुए उनके जन्मदिवस को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है।
क्लब के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर विवेक तिवारी ने कहा कि चाचा नेहरू की भांति उन्हें भी बच्चों से अधिक लगाव है। स्कूली बच्चों के पैरों में जूते न देखकर उन्होंने बाल दिवस के अवसर पर क्लब के सदस्यों से इस पर विचार विमर्श किया। उन्होंने कहा कि क्लब द्वारा आगे भी इसी तरह के सामाजिक कार्य किये जाते रहेंगे।

नई शिक्षा नीति का मसौदा दिसंबर तक

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति का पहला मसौदा दिसंबर के अंत तक आ जाएगा।
इस नीति को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (आईएसआरओ) के पूर्व अध्यक्ष के. कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता वाली नौ सदस्यीय समिति द्वारा तैयार किया जा रहा है।

जावड़ेकर ने कहा, उन्होंने कहा है कि हमें दिसंबर के अंत तक नीति का पहला मसौदा मिल जाएगा। इस पर (संसद में) चर्चा के बाद इसे जल्द से जल्द लागू कर दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह तय है कि नई शिक्षा नीति देश के लिए अगले 20 साल तक मुफीद रहेगी और यह पहले से ज्यादा आधुनिक और शोध केंद्रित होगी और बेहतर नागरिक बनाएगी।

मंत्री ने कहा कि समिति के गठन से पहले विधायकों, छात्रों, माता-पिता और अन्य हितधारकों से करीब ढाई साल तक सुझाव मांगे गए।

केंद्रीय पर्यटन मंत्री केजी अल्फोंस और फील्ड्स मेडल विजेता गणितज्ञ मंजुल भार्गव इस समिति के सदस्य हैं। समिति का गठन इस साल जून में किया गया था।

योगी सरकार ने श्रीकृष्ण की जन्मभूमि को किया तीर्थस्थल घोषित

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मथुरा के वृंदावन और बरसाना को पवित्र तीर्थस्थल बनाने का ऐलान किया है।
योगी आदित्यनाथ की यह सारी कवायद उत्तर प्रदेश में पर्यटन को और खासकर हिंदू धर्मस्थलों को बढ़ावा देने की दिशा में उठाए गए कदम के तौर पर भी देखा जा रहा है।

मांस-मदिरा का क्रय-विक्रय, सेवन प्रतिबंधित
वृंदावन और बरसाना को धार्मिक नगरी का दर्जा देने का मतलब होगा कि अब कृष्ण भक्तों की इस नगरी में मांस-मदिरा का न तो क्रय विक्रय हो सकेगा और न ही इनका सेवन किया जा सकेगा, बल्कि इसे अपराध माना जाएगा। कृष्ण लीला की इस नगरी को धार्मिक नगरी घोषित करने से कृष्ण भक्तों की बड़ी तादाद खुश है, क्योंकि यहां के लगभग सभी वैष्णव संगठन इसकी मांग करते रहे थे।
तीन दिन पहले ही योगी आदित्यनाथ ने चंदौली में कहा था कि उत्तर प्रदेश में सामान्य पर्यटन के साथ-साथ स्पिरिचुअल टूरिज्म की भी अपार संभावनाएं हैं और सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले दिनों में यूपी में पर्यटकों की संख्या में दस गुना बढ़ोत्तरी हो।

अधिसूचना जारी

मथुरा और वृंदावन को पवित्र तीर्थस्थल घोषित कर योगी ने यूपी को स्पिरिचुअल टूरिज्म स्टेट बनाने की दिशा में पहलकदमी शुरू भी कर दी है। इसके लिए सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है। साथ ही धर्मार्थ कार्य विभाग को भी अवगत करा दिया है।

इस बात की जानकारी देते हुए राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि मथुरा जिले का वृंदावन क्षेत्र भगवान कृष्ण की जन्मस्थली एवं भगवान कृष्ण तथा उनके बड़े भाई बलराम की क्रीड़ा स्थली के रूप में विश्वविख्यात है। साथ ही बरसाना राधा रानी की जन्मस्थली एवं क्रीड़ास्थली भी है। इन पवित्र स्थानों पर देश विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने एवं पुण्यलाभ के लिए आते हैं. इन तीर्थस्थलों के पौराणिक एवं पर्यटन की दृष्टि से इनके अत्यधिक महत्व को देखते हुए तीर्थस्थल घोषित किया गया है।
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400 साल तक चल सकता है मानव शरीर

योगगुरू बाबा रामदेव अपने बयानों को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहते है। इस बार भी उन्होंने मानव जीवन को लेकर एक बड़ा बयान तक दे डाला है। बाबा के अनुसार मानव का जीवन कुछ इस तरह बना हुआ है कि वह 400 साल तक जीवित रह सकता है, परंतु वर्तमान में मनुष्य की जीवनशैली ठीक प्रकार से न होने के कारण वह रोगग्रस्त हो जाता है। जिस कारण वह अपना जीवन छोटा कर बैठता है और ऊपर से नशीली चीजों के सेवन आदि से भी वह अपनी आयु कम कर लेता है।
योगगुरु रामदेव ने मानव जीवन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि मानव शरीर इस तरह बना है कि 400 साल तक चल सकता है, लेकिन खराब जीवनशैली के चलते यह बीमारी का शिकार हो जाता है और इसका समय से पहले ही अंत हो जाता है। उन्होंने लोगों से कहा कि वे स्वस्थ भोजन और व्यायाम अपनाकर खुद को बीमारियों और दवाओं से मुक्त रखें।
रामदेव ने 12वें नेशनल क्वालिटी कान्क्लेव में कहा, ‘मानव शरीर ऐसे बना है कि वह 400 वर्ष चले, लेकिन हम अधिक भोजन और बदतर जीवनशैली से अपने ही शरीर पर अत्याचार करते हैं। हम उच्च रक्तचाप, दिल की बीमारी समेत अन्य बीमारियों को निमंत्रण देते हैं। ये हमारी जिंदगी को कम कर देते हैं और चिकित्सकों व दवाओं पर निर्भर बना देता है।’
योगगुरु रामदेव ने यह भी बताया कि एक व्यक्ति स्वस्थ रहने के लिए किस तरह से अपनी दिनचर्या और खाने की आदतों पर नियंत्रण रख सकता है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने ऐसा करके अपना वजन 38 किलोग्राम कम किया। उन्होंने कहा कि पौष्टिक आहार और योग करके 400 साल तक जीवित रहा जा सकता है।

उत्तराखंड की नमिता बनी आर्मी अफसर

उत्तराखंड प्रदेश के वित्तमंत्री प्रकाश पंत की बिटिया नमिता पंत ने सेना की जेएजी ब्रांच (जज एडवोकेट जनरल) में आर्मी अफसर बनी है। इससे प्रदेश में खुशी का माहौल बना हुआ है। अक्सर देखा जाता है कि एक नेता की संतान फिर चाहे वह बेटा हो या बेटी। वह अपना कैरियर राजनीति में ही बनाना चाहता है, लेकिन देश की रक्षा करने का संकल्प लेकर नमिता पंत ने सभी ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। नमिता के इस हौसले को काफी सराहा जा रहा है।
उत्तराखंड के खड़कोट पिथौरागढ़ निवासी नमिता पंत ने 2012 में एलएलबी के बाद 2016 में एलएलएम किया। इसके बाद इंदौर में एसएसबी क्वालिफाई किया। पूरे देश से सिर्फ चार लड़कियों ने एसएसबी क्वालिफाई किया था। इसमें उत्तराखंड से सिर्फ नमिता का चयन हुआ। इसके बाद एक साल तक नमिता चेन्नई के ऑफिसर ट्रेनिंग एकेडमी में बीएमटी (बेसिक मिलिट्री ट्रेनिंग) में प्रशिक्षण लिया। प्रशिक्षण के उपरांत नमिता को सेना के जेएजी ब्रांच में आर्मी अफसर की उपाधि दी गई है।

बाबा रामदेव ने राम रहीम को लेकर क्या कहा? इधर पढ़े

न्यायालय द्वारा डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के फैसले के बाद जब पत्रकारों ने जब बाबा रामदेव से इस बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि, बाबाओं ने राम का नाम बदनाम कर दिया है। इससे हमारी धर्म और संस्कृति की भी बदनामी होती है। कहा कि, जहां देखों हर दो तीन साल में देश में बाबा कांड हो रहा है। इसलिए ऐसे में जरूरत है कि आज जो बाबा शिखर पर हैं, उन्हें अपने आचरण का ध्यान रखना चाहिए। बाबा रामदेव ने अपने लिए कहा कि मैं भी एक संन्यासी हूं। संतों के लिए गेरुआ वस्त्र महज एक कपड़ा नहीं है। इससे लोगों की आस्था जुड़ी होती है। इसलिए देश में जो भी बाबा खुद को सच में बाबा मानते हैं वे अपने आचरण से दुनिया को शिखर पर लाने का प्रयास करें। राम रहीम के लिए बाबा ने कहा कि उन्होंने जो भी किया वह उनको शोभा नहीं देता था। लोगों ने उन पर विश्ववास किया ऐसे में देश की जनता को धोखा देना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। वहीं लोगों ने जो पंचकुला में किया वह भी सही नहीं था।

बच्चों को बेहतर खेल सुविधा मिले, इसके लिये हो रहा है कामः त्रिवेन्द्र

29 अगस्त यानी राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर प्रदेश के मुखिया त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने गाँधी पार्क में आयोजित ‘रन फॉर उत्तराखण्ड‘ का हरी झण्डी दिखाकर शुभारम्भ किया। इस अवसर पर सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री बोले राष्ट्रीय खेल दिवस एक ऐसे खिलाड़ी, मेजर ध्यान चंद कीे याद में मनाया जाता है जिसने देश की आन बान और शान के लिये जी-तोड़ मेहनत की। भारत को हॉकी का सरताज बना दिया। कभी हार न मानना, मुश्किलों में बहाना नहीं बनाना, जुझारूपन, लीडरशिप क्वालिटी जैसी बातें हम मेजर ध्यान चंद के जीवन से सीख सकते हैं। ‘रन फॉर उत्तराखण्ड‘ में नौजवानों एवं बड़ी उम्र के लोगों को भाग लेते हुए देख कर बहुत खुशी हो रही है। हम राज्य के विकास के लिये दौड़ें, हम जो भी करें राज्य के लिये करें। हमारे लिये राज्य का विकास ही सर्वोच्च होना चाहिए। आप लोगों के मजबूत इरादे, जोश और खेल भावना को देखकर ही इस रैली को ‘रन फॉर उत्तराखण्ड‘ नाम दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2018 में उत्तराखण्ड में राष्ट्रीय खेल होने हैं। उसकी तैयारियों के लिये एक महत्वपूर्ण शुरूवात हुयी है। इसके लिये हम आयोजन स्थलों को भी तैयार कर रहे हैं। बच्चों को बेहतर खेल सुविधाएं मिलें, इस पर सरकार गम्भीरता से काम कर रही है। समय-समय पर ऐसे आयोजन होते रहेंगे, ताकि राज्य राष्ट्रीय खेलों में सर्वोच्च स्थान प्राप्त कर सके। इस वर्ष यह दौड़ उत्तराखण्ड के लिये हो रही है, अगले वर्ष यह दौड़ देश के लिये होगी। इस अवसर पर खेल मंत्री अरविन्द पाण्डे, कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, गणेश जोशी, हरबंस कपूर, खजानदास, शूटिंग टेªनर जसपाल राणा सहित बड़ी संख्या में स्कूलकॉलेजों के छाघ्त्रछात्राएं और एनसीसी कैडेट्स उपस्थित थे।

कैसे होगी पढ़ाई जब प्रदेश में शिक्षकों के 7 हजार पद रिक्त है!

शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने कहा कि प्रदेश में 7 हजार शिक्षकों के पद रिक्त पड़े हैं। सरकार भी इन पदो को भरे जाने के लिए गंभीर है, लेकिन शिक्षकों की नियुक्ति का मामला हाईकोर्ट की शरण में है जिस कारण सरकार कोई फैसला नही कर पा रही है। शिक्षामंत्री का कहना है कि जैसे ही हाईकोर्ट की तरफ से आदेश आएगा। सरकार द्धारा शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर चयन आयोग को निर्देश दे दिए जाएंगे।
वहीं, शिक्षा मंत्री ने कहा कि बेहतर पठन पाठन व शैक्षणिक माहौल के लिए प्रदेश में बोर्ड बदलने की जरूरत नहीं है। जरूरत है तो पाठ्यक्रम बदने की जिसके लिए सरकार ने सैलेबस बदलने की पहल की है। जिसे केबिनेट में भी पास करा लिया गया है। जिसके बाद अब विद्यार्थी एनसीईआरटी की पुस्तकें पढ़ सकेंगे। कक्षा एक से लेकर इंटरमीडिएट तक के सभी विद्यालयों के लिए इसे अनिवार्य कर दिया गया है। एनसीईआरटी पुस्तकों के माध्यम से ही मेडिकल, इंजीनियरिंग तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्न पत्र तैयार किए जाते हैं। इस व्यवस्था के बाद हमारे विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर करेंगे।