उत्तराखंडः ग्रीन चारधाम यात्रा को बढ़ावा देने के लिए सरकार की पहल

चारधाम यात्रा को पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए, प्रदेश सरकार ने इस यात्रा सीजन से 25 स्थानों पर ई व्हीकल चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध करा दी है। इससे यात्रा में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस बार चारधाम यात्रा को ग्रीन यात्रा की थीम पर आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में परिवहन विभाग (28) और टीएचडीसी (10) के सहयोग से चारधाम यात्रा मार्ग पर 38 ई व्हीकल चार्जिंग स्टेशन विकसित किए जा रहे हैं। इसमें से यात्रा शुरू होने तक 25 स्टेशन शुरू किए जा चुके हैं, जहां यात्री आसानी से अपने ई व्हीकल को चार्ज करवा रहे हैं। ज्यादातर चार्जिंग स्टेशन जीएमवीएन की प्रापर्टी में स्थापित किए गए हैं। प्रत्येक स्टेशन पर 60 किलोवाट क्षमता के यूनिवर्सल चार्जर लगाए गए हैं, जिनमें 30-30 किलोवाट की दो चार्जिंग गन शामिल हैं। जीएमवीएन के एमडी विशाल मिश्रा ने बताया कि ग्रीन चारधाम यात्रा को बढ़ावा देने के लिए मुख्य पड़ावों पर ई-चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना की गई है, ताकि यात्री इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित हो सकें। अकेले जनपद रुद्रप्रयाग में पर्यटन विभाग द्वारा संचालित चार जीएमवीएन गेस्ट हाउसों पर चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना की गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना के अनुरूप इस वर्ष चारधाम यात्रा को हरित यात्रा के रूप में आयोजित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी क्रम में यात्रा मार्ग पर ईवी चार्जिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं। यह पहल न केवल श्रद्धालुओं की यात्रा को सुविधाजनक बनाएगी, बल्कि उत्तराखंड को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में भी एक सार्थक कदम साबित होगी। सरकार का उद्देश्य है कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देकर पर्यावरण संरक्षण, रेस्पॉन्सिबल टूरिज्म और हरित पर्यटन को नई दिशा दी जा सके।
– पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री उत्तराखंड
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यहां हैं ई चार्जिंग स्टेशन
उत्तरकाशी, हरिद्वार, ऋषिकेश, मंगलौर, रुड़की, बड़कोट, स्यानाचट्टी, फूलचट्टी, जानकीचट्टी, कौडियाला, श्रीनगर, श्रीकोट, गौचर, कर्णप्रयाग, गैरसैंण, कालेश्वर, नंदप्रयाग, पीपलकोटी, औली, पांडुकेश्वर बद्रीनाथ, स्यालसौड़, गुप्तकाशी, सोनप्रयाग, घनसाली आदि।

बड़ी खबरः उत्तराखंड में तीन महिलाओं को हज कमेटी में मिला प्रतिनिधित्व

उत्तराखंड सरकार ने नामित हज कमेटी में मुस्लिम महिलाओं को जगह दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर राज्य की तीन महिलाओं को पहली बार हज समिति में प्रतिनिधित्व दिया गया है।

शासन की ओर से जारी की गई कमेटी सूची में कोटद्वार निगम पार्षद की रिजवाना परवीन, हल्द्वानी की तरन्नुम खान और अल्मोड़ा की शाहिदा सिराज को स्थान दिया गया है।

समिति में विधायक लक्सर के विधायक शहजाद को भी प्रतिनिधित्व दिया गया है। इसके अलावा जिशान अहमद, हसीब अहमद, इस्लामुद्दीन अंसारी, समीर जाफरी, खतीब अहमद, मन्नान राजा, हाजी अबरार हुसैन, हाजी फईम खान को भी समिति में नामित किया गया है।

महिला सशक्तिकरण है मुख्य उद्देश्य
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि मुस्लिम महिलाएं भी हज करने जाती हैं। उनकी हज कमेटी में मजबूत पैरवी हो, हज संबंधी फैसलों में वे भी अपने सुझाव दे सकें, इसको देखते हुए उनकी सरकार ने राज्य बनने के बाद पहली बार उन्हें हज कमेटी में प्रतिनिधित्व दिया है। मुस्लिम महिलाओं के सशक्तिकरण के उद्देश्य से पूर्व में भी महिला आयोग के उपाध्यक्ष पद पर सायरा बानो को नियुक्ति दी गई है।

सीएम के निर्देशों के क्रम में कैंची धाम के लिए बाईपास निर्माण का काम शीघ्र शुरू होगा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा कैंची धाम के आस पास एन० एच० 109 ई० में वाहनों के अत्यधिक दवाव व जाम के दृष्टिगत सुगम व सुरक्षित यातायात हेतु वर्ष 2023 में कैंची बाईपास मोटर मार्ग निर्माण की घोषणा की गयी थी। 19 की.मी. लम्बे कैंची धाम बाईपास मोटर मार्ग में शिप्रा नदी पर एक सेतु का भी निर्माण किया जाना है, जिसके प्रथम 8 किमी के निर्माण/चौड़ीकरण डामरीकरण हेतु रु 1214.71 लाख की धनराशि भी लोक निर्माण विभाग को उपलब्ध करायी गयी है। मोटर मार्ग का निर्माण कार्य प्रगति पर है। अवशेष 11.00 किमी0 मोटर मार्ग में वन भूमि आने के कारण वन भूमि प्रस्ताव ऑनलाइन गठित कर पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भारत सरकार को वन भूमि हस्तान्तरण हेतु प्रेषित किया गया।

मुख्यमंत्री द्वारा किये गये विशेष प्रयासों से हुई आरईसी की बैठक मे पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भारत सरकार द्वारा वन भूमि हस्तान्तरण की सहमति प्रदान कर दी गयी है। शीघ्र ही मार्ग निर्माण हेतु कार्यवाही प्रारम्भ कर दी जायेगी। कैंची धाम में प्रतिवर्ष श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के दृष्टिगत यातायात की सुगमता के लिये मुख्यमंत्री द्वारा यहां बाईपास निर्माण की घोषणा की गई थी साथ ही वन भूमि हस्तान्तरण की स्वीकृति के लिये पिछले सप्ताह केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री से भेट कर इनकी स्वीकृति का अनुरोध किया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कैंची धाम बाईपास के लिए वन भूमि प्रस्ताव को सैद्धांतिक स्वीकृति मिलने के बाद उक्त सड़क का तेजी से निर्माण किया जा सकेगा, जिससे क्षेत्रीय लोगों एवं पर्यटकों को आवाजाही में सुविधा मिलेगी साथ ही कैंची धाम और भवाली के पास लगने वाले जाम से भी मुक्ति मिलेगी।

देहरादून में एक लाख की रिश्वत के साथ आईएसबीटी चौकी प्रभारी गिरफ्तार

उत्तराखण्ड में भ्रष्टाचार के खिलाफ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा चलाए जा रहे सख्त अभियान के अंतर्गत एक और बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने आज देहरादून स्थित पटेलनगर थाना क्षेत्र के आईएसबीटी चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक देवेन्द्र खुगशाल को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

शिकायतकर्ता द्वारा यह जानकारी दी गई थी कि एक भूमि विवाद की जांच चौकी प्रभारी के पास लंबित है, जिसमें उन्होंने गैंगस्टर एक्ट लगाने की धमकी देकर पाँच लाख रुपये की रिश्वत की मांग की। सतर्कता अधिष्ठान ने गुप्त जांच के बाद तत्परता से जाल बिछाकर आरोपी को गिरफ्तार किया।

पिछले तीन सालों में अब तक 150 से ज्यादा आरोपियों को धामी सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में जेल भेज चुकी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखण्ड के संकल्प पर दृढ़ है। जो भी अधिकारी या कर्मचारी जनता का शोषण करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। जनता को न्याय दिलाना हमारी प्राथमिकता है।

रंगे हाथ घूस लेने प्रकरण पर सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता निलंबित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रदेश में भ्रष्टाचार के विरूद्ध कार्यवाही निरन्तर गतिमान है, इसी कड़ी में मंगलवार को तहसील धनोल्टी, जनपद टिहरी में नाजिर के पद पर नियुक्त वीरेन्द्र सिंह कैन्तुरा को 15,000 रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है।

इस संबंध में शिकायतकर्ता द्वारा सतर्कता अधिष्ठान सैक्टर देहरादून, में एक शिकायती पत्र दिया था कि, उसकी पत्नी द्वारा 31 जनवरी 2025 को ग्राम छनाड़, थत्यूड जौनपुर जिला टिहरी गढवाल में लगभग 1500 वर्ग मी0, भूमि क्रय की गयी है, जिसकी दाखिल खारिज पत्रावली में तहसील नाजिर बीरेन्द्र सिंह कैन्तुरा, द्वारा जानबूझकर गलत आपत्ति रिपोर्ट लगायी जा रही है, एवं सही रिपोर्ट एवं दाखिल खारिज में नाम चढाने के एवज में रिश्वत की माँग की जा रही हैं।

उक्त शिकायत पर सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर देहरादून की ट्रैप टीम द्वारा नियमानुसार कार्यवाही करते हुए दिनांक 13/05/2025 को अभियुक्त बीरेन्द्र सिंह कैन्तुरा, हाल नाजिर तहसील धनोल्टी, जनपद टिहरी गढ़वाल को शिकायतकर्ता से 15,000/- रुपये (पन्द्रह हजार रुपये) की रिश्वत लेते हुये, तहसील धनोल्टी स्थित अभियुक्त के कार्यालय से गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी उपरान्त सतर्कता अधिष्ठान देहरादून की टीम द्वारा अभियुक्त के आवास की तलाशी व अन्य स्थानों पर चल-अचल सम्पत्ति के सम्बन्ध में पूछताछ जारी है।

यदि कोई राज्य के सरकारी विभागों में नियुक्त अधिकारी/कर्मचारी, अपने पदीय कार्य के सम्पादन में किसी प्रकार का दबाव बनाकर रिश्वत की मांग करता है तथा उसके द्वारा आय से अधिक अवैध सम्पत्ति अर्जित की गयी हो, तो इस सम्बन्ध में सतर्कता अधिष्ठान के टोल फ्री हेल्पलाइन नम्बर-1064 एवं वाटसप हेल्पलाइन नम्बर 9456592300 पर सम्पर्क कर भ्रष्टाचार के विरूद्ध अभियान में निर्भीक होकर सूचना दी जा सकती है।

दूसरी ओर, सिंचाई विभाग के तत्कालीन अधीक्षण अभियंता, श्री आर०के० तिवारी को पंतदीप पार्किंग, हरिद्वार की नीलामी में हुए भ्रष्टाचार के आरोपों के आधार पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। सी०बी०आई० द्वारा की गई जांच और शासन को सौंपी गई अन्वेषण रिपोर्ट में उपलब्ध तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया। निलंबन के साथ ही उन्हें कार्यालय मुख्य अभियंता स्तर-2, अल्मोड़ा में सम्बद्ध किया गया है।

साइबर सुरक्षा में उत्तराखंड बना देश का मॉडल, 17 राज्यों में एक साथ कार्रवाई

उत्तराखंड की शांत वादियों से एक तेज़ संदेश पूरे देश में गूंजा है, अपराधी चाहे देश के किसी कोने में छिपा हो, उत्तराखंड पुलिस उसे ढूंढ निकालेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में उत्तराखंड पुलिस ने एक ऐतिहासिक अभियान चलाकर यह सन्देश न केवल प्रदेश, बल्कि पूरे राष्ट्र को दिया है। ‘ऑपरेशन प्रहार’, साइबर अपराधियों पर करारा प्रहार करने वाला यह अभियान अपने आप में एक मिसाल बन गया है। देश के इतिहास में पहली बार उत्तराखंड पुलिस के निर्देशन में एक साथ 17 राज्यों दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, केरल, गोवा आदि में बड़ी छापेमारी की गई। इस सघन और रणनीतिक कार्रवाई में 290 से अधिक साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई।

यह कोई सामान्य पुलिसिया कार्रवाई नहीं थी। यह उस दूरदर्शिता और साहसिक निर्णय का परिणाम है, जिसकी नींव मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साइबर हमले की एक बड़ी घटना के बाद रखी थी। कुछ माह पूर्व उत्तराखंड साइबर हमलों का शिकार बना था, तब मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट संदेश दिया था साइबर अपराधी अब सुरक्षित नहीं रहेंगे। उन्होंने पुलिस महकमे को टेक्नोलॉजिकल रूप से सशक्त करने के आदेश दिए, साइबर थानों की पुनर्रचना की और इंटेलिजेंस नेटवर्क को विस्तार दिया।

इसका प्रत्यक्ष परिणाम ‘ऑपरेशन प्रहार’ के रूप में सामने आया, जिसमें न केवल उत्तराखंड बल्कि अन्य राज्यों की पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से यह दिखाया गया कि उत्तराखंड अब केवल पर्यटन और तीर्थाटन का केन्द्र ही नहीं, बल्कि साइबर क्राइम से लड़ने में भी एक मॉडल स्टेट बन चुका है। मुख्यमंत्री धामी का गुड गवर्नेंस मॉडल सिर्फ योजनाओं या घोषणाओं तक सीमित नहीं है, यह उनके हर एक्शन में भी साफ नजर आता है। उनके नेतृत्व में शासन की सक्रियता, पारदर्शिता और जिम्मेदारी तीनों ही स्तरों पर परिलक्षित होती है। इस सफल कार्रवाई ने जहां उत्तराखंड पुलिस की कार्यकुशलता को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया है, वहीं मुख्यमंत्री धामी के मजबूत नेतृत्व और त्वरित निर्णय क्षमता को भी फिर से प्रमाणित किया है।
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शाबास उत्तराखंडः छोटे राज्यों में वित्तीय प्रदर्शन में गोवा के बाद दूसरा स्थान

उत्तराखंड ने वित्तीय प्रबंधन और सुशासन के क्षेत्र में एक और शानदार उपलब्धि हासिल की है। देश की प्रतिष्ठित बिजनेस समाचार वेबसाइट फाइनेंशियल एक्सप्रेस की ताजा रैंकिंग के अनुसार, छोटे राज्यों की वित्तीय स्थिति के मामले में उत्तराखंड ने गोवा के बाद दूसरा स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि राज्य के मजबूत वित्तीय अनुशासन, पारदर्शी प्रशासन और विकासोन्मुख नीतियों का परिणाम है। रिपोर्ट में बताया गया है कि उत्तराखंड ने राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करने, स्वयं के कर राजस्व में वृद्धि, बकाया ऋण को संतुलित करने और सरकारी गारंटियों के प्रबंधन में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। इसके अलावा, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे सामाजिक क्षेत्रों में बेहतर निवेश ने भी राज्य की रैंकिंग को और मजबूती प्रदान की है।

सुशासन में भी उत्तराखंड अव्वल

वित्तीय प्रबंधन के साथ-साथ उत्तराखंड ने सुशासन के क्षेत्र में भी अपनी धाक जमाई है। राज्य में व्यावसायिक माहौल को बेहतर बनाने, न्यायिक प्रक्रियाओं को तेज करने और डिजिटल ई-सेवाओं को सशक्त करने के प्रयासों ने उत्तराखंड को प्रशासनिक दक्षता में अग्रणी बनाया है।

उत्तराखंड की यह सफलता नीति-निर्माण और कार्यान्वयन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार की दृढ़ता का उदाहरण पेश करती है। राज्य सरकार ने भविष्य में विकास की गति को और तेज करने का संकल्प लिया है, ताकि उत्तराखंड न केवल वित्तीय, बल्कि समग्र विकास के मामले में भी देश में शीर्ष पर पहुंचे।

उत्तराखंड सरकार अब डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत करने, पर्यटन को बढ़ावा देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने पर विशेष ध्यान दे रही है।

उत्तराखंड के लिए यह गर्व का क्षण है। छोटे राज्यों में वित्तीय प्रदर्शन में दूसरा स्थान हासिल करना हमारी सरकार की नीतियों, कड़ी मेहनत और जनता के विश्वास का परिणाम है। हमने वित्तीय अनुशासन को प्राथमिकता दी और शिक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल सेवाओं व न्याय व्यवस्था को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया। डबल इंजन सरकार के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में हम उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारा लक्ष्य उत्तराखंड को ऐसा राज्य बनाना है, जहां हर नागरिक को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं और अवसर उपलब्ध हों। यह उपलब्धि उत्तराखंड के उज्ज्वल भविष्य की ओर एक और कदम है, जो विकास और समृद्धि के नए कीर्तिमान स्थापित करने की दिशा में अग्रसर है।
– पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री उत्तराखंड।

पीएम का राष्ट्र को संबोधन भारतीयों के मन में गर्व और आत्मविश्वास का संचार करता हैः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आज राष्ट्र के नाम दिए गए संदेश को आतंकवाद के विरुद्ध देश के दृढ़ संकल्प का प्रतीक बताया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का आज का राष्ट्र के नाम संबोधन प्रत्येक भारतीय के मन में गर्व और आत्मविश्वास का संचार करता है। ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जिस प्रकार से पाकिस्तान द्वारा दी जाने वाली परमाणु धमकियों को दृढ़ता से खारिज किया और आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस के संकल्प को दोहराया है, वह नए भारत की वैश्विक स्थिति को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कदम उठाए हैं। ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियानों से यह सिद्ध होता है कि भारत अब किसी भी प्रकार की आक्रामकता का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है। पूरा देश आतंकवाद के खिलाफ एकजुट है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड की वीर भूमि के लोग राष्ट्र की रक्षा और समृद्धि के लिए सदैव तत्पर रहेंगे। प्रधानमंत्री का यह संबोधन न केवल हमारी सुरक्षा नीति को स्पष्ट करता है, बल्कि प्रत्येक नागरिक को एकजुट होकर देश की रक्षा में योगदान देने के लिए प्रेरित करता है।

डोल आश्रम में श्री कल्याणिका हिमालय देवस्थानम न्यास के श्री पीठम स्थापना महोत्सव में पहुंचे सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लमगड़ा, अल्मोड़ा स्थित डोल आश्रम में श्री कल्याणिका हिमालय देवस्थानम न्यास के श्री पीठम स्थापना महोत्सव कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने 1100 कन्याओं का पूजन किया, माँ राजेश्वरी का अभिषेक तथा पूजा-अर्चना कर देश व प्रदेश की सुख समृद्वि की कामना की।

मुख्यमंत्री ने पहलगाम हमले पर दुख प्रकट करते हुए कहा कि भारत आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रहा है। हमारे सुरक्षाबलों ने इस हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया है। उन्होंने कहा डोल आश्रम में आकर उन्हें हमेशा दिव्य ऊर्जा का अहसास होता है। बाबा कल्याणदास जी महाराज ने आश्रम में जिस प्रकार से श्रीयंत्र स्थापित किए हैं, वो आने वाले समय में भारतवर्ष के साथ सम्पूर्ण विश्व के लिए श्रद्धा का केंद्र बनेगा एवं इस आश्रम में शांति, आध्यात्म और संस्कृति को जानने के लिए विश्वभर से लोग आयेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मानसखंड मंदिर माला मिशन के माध्यम से समस्त मंदिरों को अवस्थापना सुविधाओं से जोड़ रही है, ताकि आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सके। उन्होंने कहा डोल आश्रम, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ युवाओं को भारतीय संस्कृति के बारे में शिक्षित करने का महान कार्य कर रहा है। हमारे जैसे सांस्कृतिक प्रदेश जहां पर इतने देवस्थान हैं इस भूमि में जन्म लेना अपने आप में बहुत बड़ा सौभाग्य है, यह आश्रम हमारी पुरानी सभ्यता, संस्कृति का जीती-जागती उदाहरण और मिशाल है। यह साधना और आध्यात्म का भव्य और दिव्य केन्द्र है। उन्होंने कहा राज्य सरकार, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड को विकल्प रहित संकल्प के ध्येय के साथ आगे बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सनातन संस्कृति की पताका सम्पूर्ण विश्व में लहरा रहा है। उन्होंने कहा प्रदेश में संस्कृति संरक्षण हेतु राज्य सरकार प्रतिबद्व है, इसके लिए सरकार कठोर धमार्न्तरण का कानून लेकर आयी है। उन्होंने कहा हमने लैंड जिहाद, लव जिहाद जैसी अनेक साज़िशों पर कार्रवाई करते हुए अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा है। साथ ही समान नागरिक संहिता को लागू करने वाला देश पहला प्रदेश बनने का गौरव उत्तराखंड ने हासिल किया है। सख्त नक़ल विरोधी क़ानून ने प्रदेश के युवाओं को एक निष्पक्ष अवसर प्रदान किया है और प्रत्येक जिले के अभ्यर्थी अब चयन सूची में जगह बना रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डोल आश्रम को पूज्य महाराज कल्याणदास जी ने स्थापित किया। उनकी सोच के अनुरूप यह आश्रम धर्म, आध्यात्म, संस्कृति और शिक्षा क बड़े केन्द्र के रूप में आगे बढ़ रहा है एवं विकसित हो रहा है। उन्होंने महाराज जी का अभिनन्दन करते हुए कहा कि उन्होंने सम्पूर्ण जीवन यहां के लोगों की सेवा एवं परमार्थ के कार्यों में लगाया। मुख्यमंत्री ने सभी को बुद्ध पूर्णिमा की बधाई देते हुए महात्मा बुद्ध के धर्म, शांति एवं अहिंसा के मार्ग पर चलने का भी आग्रह किया।

इस अवसर पर पूज्य महाराज कल्याणदास ने सभी उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमें अपनी जन्मभूमि के लिए बेहतर कार्य करने होंगे। उन्होंने कहा कि हमें बुरे व्यसनों को त्याग कर आध्यात्म को अपनाना होगा तभी हमारा जीवन एवं समाज सुख समृद्वि प्राप्त कर पायेगा। उन्होंने संस्कृत भाषा को अपनाने पर ज़ोर देते हुए कहा कि जब तक संस्कृत हमारे हृदय में जीवित है, तब तक भारतीयता को कोई खतरा नहीं हो सकता।

इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री सड़क परिवहन एवं राजमार्ग अजय टम्टा, विधायक जागेश्वर मोहन सिंह मेहरा, अल्मोड़ा विधायक मनोज तिवारी, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविन्द सिंह कुंजवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष महेश नयाल, जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पिंचा, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

निर्माणाधीन मां पूर्णागिरी मंदिर का स्थलीय निरीक्षण को पहुंचे सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नगला तराई, खटीमा में 254 लाख की धनराशि से निर्माणाधीन मां पूर्णागिरी मंदिर का स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने कार्यदायी संस्था को मंदिर कार्य को शीघ्र पूर्ण करने तथा मंदिर में पानी व शौचालय व्यवस्था करने के निर्देश दिए। साथ ही कार्यों में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने कहा प्रदेश में विकास कार्यों की गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने समयबद्धता पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि जो कार्यदायी संस्था अथवा ठेकेदार अच्छा कार्य नहीं करेंगे उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने लोहिया हेड कैम्प कार्यालय में जनता से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने सम्बंधित अधिकारियों को समस्याओं के निस्तारण के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए।

इस अवसर पर विधायक शिव अरोड़ा, मेयर काशीपुर दीपक बाली, अनिल कपूर डब्बू, अध्यक्ष नगर पालिका खटीमा रमेश चंद्र जोशी, जिलाध्यक्ष बीजेपी कमल जिंदल, पूर्व विधायक डॉ प्रेम सिंह राणा उपस्थित थे।