सतपाल और पांडेय ने क्यों की योगी सरकार की तारीफ, मानेंगे यूपी सरकार का फैसला!

उत्तर प्रदेश में लंबे समय से मंत्रियों का आयकर सरकार ही भर रही थी। इस पर अब योगी सरकार ने रोक लगाई है। उत्तराखंड चूंकि पहले उत्तर प्रदेश का ही अंग था इस कारण अविभाजित उत्तर प्रदेश से चली आ रही व्यवस्था यहां भी बदस्तूर जारी है। यानी मुख्यमंत्रियों व मंत्रियों का आयकर सरकार ही भर रही है। उत्तराखंड में मंत्रियों को वेतन भत्ते मिलाकर प्रतिमाह 4.40 लाख रुपये दिए जाते हैं। इनमें से 90 हजार रुपये केवल वेतन है। शेष अन्य भत्ते हैं। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री और मंत्रियों के आयकर स्वयं भरने के निर्णय के बाद अब उत्तराखंड में भी इस दिशा में सकारात्मक पहल होती नजर आ रही है। त्रिवेंद्र सरकार के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज और अरविंद पांडेय ने इसकी पैरवी की है।
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि मंत्रियों को सरकारी खजाने से नहीं, बल्कि अपना आयकर स्वयं भरना चाहिए। वह अपना आयकर स्वयं भरते हैं। वह इसका परीक्षण भी करेंगे। वहीं, कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडेय ने कहा कि वह तो विधायक निधि के पक्ष में भी नहीं रहे हैं। इस कारण उनकी भावना को समझा जा सकता है। वहीं, उत्तर प्रदेश के मंत्रियों को 1.64 लाख रुपये प्रतिमाह वेतन भत्तों के रूप में दिए जाते हैं और उनका मूल वेतन 40 हजार रुपये हैं। इस लिहाज से उत्तराखंड के मंत्रियों का वेतन कहीं अधिक है। इसे देखते हुए प्रदेश में भी मुख्यमंत्रियों व मंत्रियों द्वारा आयकर भरने की मांग उठने लगी है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी इसका परीक्षण करने की बात कर चुके हैं। अब दो मंत्रियों ने मंत्रियों के स्वयं आयकर भरने को लेकर उठ रही मांग के समर्थन में कदम आगे बढ़ाए हैं। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि वह अपना टैक्स स्वयं भरते हैं। मंत्रियों को सरकारी खजाने से नहीं बल्कि स्वयं टैक्स भरना चाहिए। बाकि वह मामले का अध्ययन करेंगे।

जरुरत मंद को उचित समय में न्याय दिलाना प्राथमिकताः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में सीएम डेशबोर्ड पर केपीआई के आधार पर सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सेवा के अधिकार में अधिसूचित सेवाएं ऑनलाईन भी उपलब्ध होनी चाहिए। ई-डिस्ट्रिक्ट में वर्तमान की सेवाओं के साथ ही अन्य सेवाओं को भी शामिल किया जाए। जो जिला इसमें बेहतर प्रदर्शन करेगा, उसे पुरस्कृत किया जाएगा। विभागों को डिजी-लॉकर से जोड़ने के लिए सचिव समिति द्वारा विचार किया जाए। एक ही एप्प के अंतर्गत सभी सुविधाएं उपलब्ध हों।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा के अधिकार में सेवाएं निर्धारित समय में दी जा रही है या नहीं, इसके लिए सतत मॉनिटरिंग की जाए। सीएम हेल्पलाईन पर वर्तमान में प्रातः 8 बजे से रात्रि 10 बजे तक संचालित की जा रही है। रात्रि 10 बजे से सुबह 8 बजे तक जो भी कॉल आती हैं, उनकी रिकार्डिंग की व्यवस्था की जाए और उन्हें संबंधित अधिकारियों को अग्रसारित किया जाए। सीएम हेल्पलाईन में सभी स्तरों के अधिकारियों की परफोरमेंस वेल्युशन किया जाए। लापरवाह अधिकारियों पर कार्यवाही की जाए। प्रत्येक ब्लॉक में एक-एक डिजीटल विलेज के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। ड्रोन एप्लीकेशन सेंटर का व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए। ताकि अधिक से अधिक छात्र इसका लाभ उठा सकें।
बैठक में बताया गया कि स्टेट डाटा सेंटर के अंतर्गत वर्तमान में 12 विभाग जुड़े हैं। स्वान से 1474 कार्यालय जुड़ चुके हैं, मार्च 2020 तक 164 कार्यालय और जोड़ दिए जाएंगे। इन्वेस्टर्स समिट के बाद आईटी में 2286 करोड़ रूपए की ग्राउंडिंग हो चुकी है। सीएम डेशबोर्ड से 33 विभाग जुड़े हैं। पीएमजी-दिशा में युवाओं को डिजीटल साक्षरता की ट्रेनिंग दी जा रही है। बैठक में मुख्यमंत्री के तकनीकी सलाहकार नरेंद्र सिंह, सचिव आरके सुधांशु, राधिका झा, निदेशक आईटीडीए अमित सिन्हा, अपर सचिव चंद्रेश यादव, सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

कैबिनेट में प्रस्ताव लाकर, हरिद्वार, यूएसनगर और देहरादून में बांग्लादेशियों की पहचान करवाएंगे सीएम

राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) को उत्तराखंड में लागू करने के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने संकेत दिए है। सीएम ने हरिद्वार, यूएसनगर और देहरादून को इस मामले में ज्यादा संवेदनशील माना है। उन्होंने कहा कि चूंकि उत्तराखंड सीमांत प्रदेश है, इसकी सीमा पर शुरू से ही घुसपैठ का अंदेशा रहा है। इसके अलावा मैदानी जिलों में गैर उत्तराखंडी आबादी का फैलाव हुआ है।

यह सवाल तब और भी अधिक ध्वनित हुआ जब हरिद्वार जिले के पिरान कलियर में नासिर नामक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा गया। इस व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि वो बांग्लादेश के ढाका का नागरिक है। इस खुलासे के बाद से हरिद्वार में रोहिंग्या मुसलमानों और बांग्लादेशियों की घुसपैठ एक बड़ी पहेली है। जिसे हल करने के लिए भाजपा विधायक संजय गुप्ता मुख्यमंत्री से लेकर जिलाधिकारी तक से बार-बार मांग उठा चुके हैं।

शैक्षणिक भ्रमण से बच्चों को देश की संस्कृति, रहन सहन की मिलती है जानकारीः टीएसआर

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण पर जा रहे देवप्रयाग विधानसभा के हाईस्कूल के टॉपर छात्र-छात्राओं से भेंट की। मुख्यमंत्री ने भ्रमण पर जाने से पूर्व इन बच्चों को डेंगू से सुरक्षा हेतु डेंगू डोज भी पिलाई। देवप्रयाग विधानसभा के 55 मेधावी छात्र-छात्राएं 15 सितम्बर से 19 सितम्बर तक पांच दिन के शैक्षणिक भ्रमण पर रहेंगे। यह भ्रमण रविवार को श्रीनगर से शुरू हुआ। इस भ्रमण के दौरान ये मेधावी बच्चे आईएमए, विज्ञान धाम, एफआरआई, पतंजलि योगपीठ, मंशा देवी, आईआईटी रूड़की व दिल्ली में विभिन्न स्थानों का भ्रमण करेंगे। भ्रमण के दौरान ये बच्चे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, राज्यपाल बेबी रानी मौर्य, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, गृह मंत्री अमित शाह, मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक से भी भेंट करेंगे।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि इस तरह के शैक्षणिक भ्रमण से बच्चों को देश की संस्कृति, रहन-सहन व विभिन्न गतिविधियों की जानकारी मिलेगी। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न स्थानों पर भ्रमण से बच्चों में सीखने की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ेगी। जब बच्चे देशाटन के लिए जाते हैं, तो उनकी रूचि का भी पता चलता है, एक-दूसरे से भी बच्चों को काफी सीखने को मिलता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट के टॉप 25 वें स्थान तक आने वाले बच्चों के लिए राज्य सरकार ने ‘‘देश को जानो योजना’’ की शुरूआत की है। इस भ्रमण के दौरान एक दिन की हवाई यात्रा भी करवाई जायेगी। इस यात्रा के दौरान बच्चों को देश की विभिन्न गतिविधियों से अवगत कराने के साथ ही प्रसिद्ध स्थलों का भ्रमण भी कराया जायेगा।

जमीन संबंधी धोखाधड़ी को रोकने के लिए रजिस्ट्री के समय ध्यान देने की आवश्यकताः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने राज्य की आय के संसाधनों को बढ़ाने के लिए दीर्घकालीन योजना बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि रेवेन्यू प्राप्ति की सम्भावना वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर, उन पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाए। कर चोरी को रोकने के लिए एनफोर्समेंट को मजबूत किया जाए। समस्त फाईनेंसियल सिस्टम को ऑनलाईन किया जाए। कर्मचारियों व अधिकारियों को प्रशिक्षित करने के लिए वित्त व कार्मिक विभाग द्वारा संयुक्त रूप से एक प्रकोष्ठ बनाया जाए। मुख्यमंत्री, सचिवालय में वित्त व नियोजन विभाग की सीएम डेशबोर्ड ‘उत्कर्ष’ में केपीआई के आधार पर समीक्षा कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं की समीक्षा, आउटकम आधारित हो। फंड की पार्किंग न हो। मार्च माह में खर्च करने की प्रवृत्ति को रोका जाए। टाईम ओवर रन व कोस्ट ओवर रन को रोकने के लिए योजनाओं को समय पर पूरा किया जाए। टैक्स व जीडीपी के अनुपात को बढ़ाए जाने की आवश्यकता है। इसके लिए इस तरह की योजना बनाई जाए कि आम जनता पर बिना बोझ डाले राज्य की आय को बढ़ाया जा सके। टैक्स सिस्टम में व्याप्त छिद्रों को बंद करने पर फोकस किया जाए। पिछले कुछ समय में इसमें अच्छा काम किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जमीन संबंधी धोखाधड़ी को रोकने के लिए रजिस्ट्री के समय ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। हाई वैल्यु स्पॉट का निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए। संबंधित अधिकारियों की जिम्मेवारी तय की जाए। फर्मों व सोसायटियों के रजिस्ट्रीकरण या नवीनीकरण के समय आपत्तियां एक बार में ही बता दी जाएं। राज्य सरकार की सभी योजनाओं को यथासम्भव डीबीटी पर लाया जाए।

हरिद्वार और यूएस नगर में बिजली चोरी को रोकने को प्राधिकृत होंगे दो थानें

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने विद्युत लाईनों को ठीक करते हुए होने वाली दुर्घटनाओं को राकने के लिए पुख्ता व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। इन दुर्घटनाओं के प्रभावितों को तुरंत मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। बिजली चोरी को रोकने के लिए उच्च अधिकारी भी फील्ड में जाएं। सौर ऊर्जा व पिरूल आधारित ऊर्जा परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए सिंगल विंडो सिस्टम को और प्रभावी बनाया जाए। सरकारी भवनों को सोलर रूफ टॉप अंतर्गत लाया जाए। एलईडी उपकरणों की बाजार में मांग का विश्लेषण कर उसी अनुरूप इनके प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाए। हरिद्वार व ऊधमसिंहनगर में बिजली चोरी को रोकने के लिए दो थानों को प्राधिकृत कर दिया जाए। मुख्यमंत्री सचिवालय में ऊर्जा विभाग की सीएम डेशबोर्ड ‘उत्कर्ष’ में केपीआई के आधार पर समीक्षा कर रहे थे।

बैठक में सचिव राधिका झा ने बताया कि जल विद्युत परियोजनाओं से इस वर्ष 13.5 मेगावाट क्षमता की वृद्धि हो जाएगी। अगले छः माह में सरकारी कार्यालयों में 25 किलोवाट तक के प्री-पैड मीटर लगा दिए जाएंगे। जिन क्षेत्रों में विद्युत हानि अधिक है वहां ओपेक्स मॉडल पर स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। ऊर्जा विभाग में 10 केपीआई लिए गए हैं। इसमें 13 हाइड्रो पो्रजेक्ट से 4700 मिलियन यूनिट उत्पादन के सापेक्ष 4663 मिलियन यूनिट उत्पादन किया जा रहा है। 2.25 लाख घरों की मीटरिंग के लक्ष्य के सापेक्ष 2.32 लाख घरों की मीटरिंग की जा चुकी है। एटी एंड सी हानियों को 16.53 प्रतिशत तक लाया जा चुका है। इसे 14 प्रतिशत तक लाया जाना है। 7.76 लाख एलईडी बल्ब का वितरण किया जा चुका है। औसत बिजली उपलब्धता ग्रामीण क्षेत्रों में 23.20 घंटे प्रतिदिन व शहरी क्षेत्रों में 23.35 घंटे है। बिलिंग एफिशिएंसी 85.78 प्रतिशत की जा चुकी है। सौर ऊर्जा की 148.85 मेगावाट की परियोजनाएं आवंटित की जा चुकी हैं। पिरूल नीति के अंतर्गत 675 कि0वा0 की परियोजना आवंटित की जा चुकी हैं।

पदोन्नति में आरक्षण पर कर्मचारी संगठन मुखर

जिला पंचायत सभागार में फेडरेशन की अन्य कर्मचारी संघों की प्रांतीय कार्यकारिणी के पदाधिकारियों के साथ बैठक हुई। बैठक में रोस्टर के पुर्ननिर्धारण में एक पक्ष का समर्थन करने पर परिवहन मंत्री यशपाल आर्य की कड़ी निंदा की गई। वक्ताओं ने कहा कि रोस्टर पुर्ननिर्धारण की समस्त कार्रवाई परिवहन मंत्री आर्य की देखरेख में हुई। अब आर्य का जीओ का विरोध करना गलत है। गुस्साए कर्मियों ने सर्वसम्मति से फैसला लिया कि 17 सितंबर को सभी जिलों में आर्य का पुतला फूंका जाएगा। वहीं रोस्टर के पुर्ननिर्धारण के जीओ में छेड़छाड़ हुई तो बिना पूर्व नोटिस के ही कर्मी हड़ताल पर चले जाएंगे। फेडरेशन के प्रांतीय अध्यक्ष दीपक जोशी और महामंत्री वीरेंद्र गुसाईं ने कहा कि पदोन्नति में आरक्षण किसी भी दशा में स्वीकार नहीं है।
पूर्ववर्ती राज्य उप्र की भांति लोकसेवा आयोग की परिधि में आने वाले और आयोग की परिधि के बाहर के पदों की सेवा नियमावली में नियम 5 (क) को तत्काल निरस्त किया जाए। पदोन्नति में रोक लगाकर सभी विभागों में डीपीसी शुरू कराई जाए। वहीं, दूसरे सत्र में फेडरेशन ने जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारियों के साथ वार्ता की। इसके बाद तय हुआ कि 16 सितंबर को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह से मुलाकात की जाएगी। बैठक में पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष प्रताप सिंह पंवार और महामंत्री पंचम सिंह बिष्ट, उत्तराखंड मिनिस्ट्रीयल फेडरेशन के महामंत्री पूर्णानंद नौटियाल, कर्मचारी महासंघ अध्यक्ष सूर्य शंकर राणाकोटी, राजकीय वाहन चालक संघ के महामंत्री संदीप मौर्या, मिनिस्ट्रीयल बाल विकास विभाग के मोतीराम खंडूरी, उद्यान तकनीकी कर्मचारी संघ के महामंत्री दीपक पुरोहित, सुपरवाइजर यूनियन बाल विकास की प्रांतीय अध्यक्ष अंजू बडोला एवं महामंत्री रेनू लांबा, डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के अनिल सिंह, वैयक्तिक कर्मचारी संगठन अध्यक्ष मंजू पुंडीर, अखिल भारतीय समानता मंच के डिप्टी सेकेट्री अजीत कुमार, राष्ट्रीय महासचिव विनोद प्रकाश नौटियाल, केंद्रीय सचिव एलपी रतूड़ी, प्रांतीय अध्यक्ष एसएल शर्मा, जेपी कुकरेती, कल्पना बिष्ट, सुभाष देवलियाल आदि मौजूद थे।

13 जिलों से पहुंचे प्रतिनिधि
टिहरी के जिलाध्यक्ष डीपी चमोली, देहरादून जिला संयोजक मुकेश बहुगुणा, नैनीताल जिलाध्यक्ष मनोज तिवारी, कुमाऊं संयोजक पीसी तिवारी, उत्तरकाशी जिलाध्यक्ष नत्थी सिंह रावत, अल्मोड़ा जिलाध्यक्ष धीरेंद्र पाठक, रुद्रप्रयाग जिलाध्यक्ष विक्रम सिंह ङिांक्वाण, ऊधमसिंह नगर संयोजक मोहन सिंह राठौर, चमोली संयोजक महेश सिंह, सचिवालय के जीतराम पैन्यूली, मंडलीय अध्यक्ष राजेंद्र सिंह चैहान, सीएल असवाल, वीके धस्माना आदि मौजूद थे।

आकर्षण केन्द्र बन रहा डोबरा-चांटी पुल का डिजाईन

टिहरी झील में बन रहे देश के सबसे लंबे सस्पेंशन डोबरा-चांटी पुल के दोनों सिरे जुड़ चुके हैं और अब आसानी से डोबरा और चांटी के बीच जाया जा सकता है। इसी आकर्षण की वजह से डोबरा पुल पर इन दिनों स्थानीय और बाहर से आने वाले लोगों का जमावडा लगा है। ऐसे में लोनिवि को भी काम के दौरान परेशानी हो रही है। शनिवार को डीएम डॉ. वी षणमुगम ने पुल का दौरा किया और सुरक्षा प्रबंध के निर्देश दिए। डीएम ने चीफ प्रोजेक्टर मैनेजर एसके राय को निर्देश दिये कि जनपद के विभिन्न विभागों में तैनात इंजीनियरों की क्षमता विकसित करने के लिए उन्हें डोबरा-चांटी पुल का स्थलीय निरीक्षण करवाते हुए पुल निर्माण में आयी तकनीकि दिक्कतों एवं तकनीकि कमियों को दूर करने के लिए हुए प्रयासों से अवगत कराया जाए। साथ ही आइआइटी रूड़की व अन्य इंजीनियरिग कॉलेज के छात्र-छात्राओं व प्रोफेसरों को भी क्षमता विकसित करने के मकसद से डोबरा-चांठी पुल निर्माण की तकनीकि का अवलोकन कराया जाय। निर्माणाधीन डोबरा-चांटी पुल की कुल लंबाई 725 मीटर है। जिसमें 440 मीटर सस्पेंशन ब्रिज हैं तथा 260 मीटर आरसीसी डोबरा साइड एवं 25 मीटर स्टील गार्डर चांटी साइड है। पुल की कुल चैड़ाई सात मीटर है, जिसमें मोटर मार्ग की चैड़ाई 5.50 (साढ़े पांच) मीटर है, जबकि फुटपाथ की चैड़ाई 0.75 मीटर है। फुटपाथ पुल के दोनों ओर बनाया जा रहा है।

वायरल वीडियों में अवैध वसूली करते दिख रहे पुलिसकर्मी

रायवाला क्षेत्र में हरिपुरकलां स्थित बैरियर का इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियों वायरल हो रखा है। इसमें पुलिसकर्मी बैरियर की आड़ में अवैध वसूली करते दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियों पर संज्ञान लेते हुए कप्तान ने सीओ ऋषिकेश को जांच की कमान सौंप दी है।

बुधवार को सीओ ने रायवाला जाकर मामले की जांच की। रायवाला थाना अंतर्गत हरिपुर कलां क्षेत्र में तैनात पुलिसकर्मियों का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में पुलिसकर्मी बैरियर पर चेकिंग के दौरान वाहनों से अवैध वसूली करते दिख रहे है। वीडियो बनाने वाले व्यक्ति ने पुलिस के उच्चाधिकारियों को पुलिसवालों की वीडियो भेजकर शिकायत की है। जिस पर अधिकारियों ने उक्त प्रकरण की जांच पुलिस क्षेत्राधिकारी वीरेंद्र सिंह रावत को सौंपी है।

उक्त वीडियों को बीते शनिवार 7 सितंबर रात का बताया जा रहा है। बुधवार को पुलिस क्षेत्राधिकारी वीरेंद्र सिंह रावत ने रायवाला पहुंचकर आरोपी पुलिसवालों से पूछताछ की। सीओ वीरेंद्र सिंह रावत ने बताया की मामले की अवैध वसूली की शिकायत की जांच उनके पास आयी है। फिलहाल मामले में जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने पर पुलिसकमियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।