धामी ने फिर दिये अधिकारियों को निर्देश, रेस्क्यू ऑपरेशन की जुटाई जानकारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सिलक्यारा में चल रहे हैं रेस्क्यू ऑपरेशन पर निरंतर निगरानी बनाए हुए हैं। मुख्यमंत्री धामी कमिश्नर गढ़वाल, आईजी गढ़वाल व राहत और बचाव में लगी एजेंसियों से सिलक्यारा में चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन तथा टनल में फंसे श्रमिकों की कुशलक्षेम की हर पल की अपडेट ले रहे हैं।
इसी संदर्भ में मुख्यमंत्री ने सचिवालय में आज बैठक लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि रेस्क्यू कार्य में लगी सभी टेक्निकल एजेंसियों को हर संभव सहयोग दिया जाय। गढ़वाल कमिश्नर को मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि रेस्क्यू कार्य में किसी भी प्रकार से विलंब न हो, मौके पर कार्य कर रही एजेंसियों को राज्य की तरफ़ से सभी आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाये। मुख्यमंत्री बचाव कार्यों में लगी एजेंसियों और जिलाधिकारी उत्तरकाशी से भी समय-समय पर अपडेट ले रहे हैं।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव आर.मीनाक्षी सुंदरम, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय एवं सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी मौजूद रहे।

इंदौर में सीएम ने किया प्रवासी उत्तराखंडियों को सम्बोधित

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इंदौर, मध्य प्रदेश में प्रवासी उत्तराखंडी समाज द्वारा आयोजित जनसभा में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सांस्कृतिक संस्था की और से आयोजित इस एकत्रीकरण कार्यक्रम में आकर वे अभिभूत हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सांस्कृतिक संस्था द्वारा समाज सेवा के क्षेत्र में अनेक कार्य किए जा रहे हैं, यह सराहनीय प्रयास है। चाहे बालिकाओं के विवाह के लिए किए जा रहे प्रयास हो या फिर वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान हो, मेरिट लाने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित करना हो, सभी क्षेत्रों में उत्तराखंड सांस्कृतिक संस्था द्वारा कार्य किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भारत के अलग-अलग प्रांतों के लोग मिलते हैं तो एक भारत श्रेष्ठ भारत का अहसास होता है और जब उत्तराखंड के लोग मिलते हैं तो “श्रेष्ठ उत्तराखंड“ का अहसास होता है। उन्होंने कहा कि हमारे सभी प्रवासी उत्तराखंडी देवभूमि के ब्रांड एम्बेसडर हैं। सभी देवभूमि की संस्कृति और परंपराओं का प्रचार और प्रसार में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज का नया भारत सम्पूर्ण विश्व को एक नई दिशा देने का काम कर रहा है, हाल ही में नई दिल्ली में संपन्न हुआ जी-20 सम्मेलन के भव्य आयोजन के हम सब साक्षी हैं। भारत में हो रही प्रगति का सबसे बड़ा कारण भारतवासियों का स्वयं पर विश्वास है और इस विश्वास को पुनः जागृत करने का काम यदि किसी ने किया है तो वे हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हैं। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और केन्द्र सरकार के सहयोग से उत्तराखंड में ऐसे बहुत से काम हुए हैं, जो पहले नामुमकिन से लगते थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराखण्ड के प्रति विशेष लगाव और केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखण्ड तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में केन्द्र सरकार द्वारा राज्य में 1 लाख 50 हजार करोड़ से अधिक की परियोजनाएं स्वीकृत की जा चुकी हैं। श्री केदारपुरी का पुनर्निर्माण व श्री बद्रीनाथ के सौन्दर्यीकरण के कार्य, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन, नेतृत्व एवं संकल्प का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण हैं। जौलीग्रांट एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जा रहा है तथा ऊधमसिंह नगर में ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट को भी विकसित किया जा रहा है। ऊधमसिंह नगर में एम्स का सेटेलाइट सेंटर स्थापित होने के बाद राज्य में दो-दो एम्स संचालित होने का रास्ता साफ हो जाएगा। केन्द्र सरकार के रीजनल कनेक्टिविटी योजना के अंतर्गत 13 स्थानों पर हेलीपोर्ट का निर्माण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में हमनें प्रभावी कदम उठाये हैं, हम समान नागरिक संहिता को प्रदेश में जल्द ही लागू करने की तैयारी कर रहे हैं। हमने उत्तराखंड में सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण के विरूद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए लगभग 35 सौ एकड़ सरकारी जमीन मुक्त करवाई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां हर गांव को हाईवे से जोड़ने की राज्य सरकार की योजना है, वहीं पहाड़ों में रेल पहुंचने का स्वप्न ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के माध्यम से शीघ्र ही साकार होने वाला है। प्रदेश में रोपवे निर्माण के क्षेत्र में भी अभूतपूर्व प्रगति की है। गौरीकुण्ड-केदारनाथ और गोविंदघाट-हेमकुण्ट साहिब रोपवे का निर्माण कार्य गतिमान है। राज्य में पूर्ण पारदर्शिता के साथ भर्ती परीक्षाएं हो, इसके लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद सभी सभी परीक्षाएं पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई हैं। इक्कीसवीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक बनाने के लिए सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किया जा रहे हैं।
इस अवसर पर यशवंत सिंह बिष्ट, देवेन्द्र सिंह रावत, देवी दत्त त्रिपाठी, सीमा डंगवाल, गीता नेगी, रघुवीर सिंह रावत व अन्य प्रवासी उत्तराखण्डी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी को दूरभाष पर दी उत्तरकाशी टनल में फंसे लोगों के लिए राहत और बचाव कार्यों की जानकारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन के माध्यम से उत्तरकाशी के सिल्क्यारा के पास टनल में फँसे श्रमिकों के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने राहत और बचाव कार्यों की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि विभिन्न राज्य और केंद्रीय एजेंसियां परस्पर समन्वय और तत्परता के साथ राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने स्वयं मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण किया और बचाव कार्यों पर लगातार नजर रखें हैं। बचाव कार्य के लिए बड़े व्यास के ह्यूम पाइप हरिद्वार और देहरादून से भेजे जाने की व्यवस्था कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरंग के अंदर फंसे सभी मजदूर सुरक्षित हैं और उन्हें जल्द बाहर निकलने की पूरी कोशिश की जा रही है।

अब तक प्रधानमंत्री दो बार मुख्यमंत्री से स्थिति की जानकारी ले चुके हैं। केंद्रीय गृह मंत्री और रेल मंत्री भी सीएम धामी से बात कर चुके हैं। केंद्रीय एजेंसियां और एक्सपर्ट मौके पर मौजूद हैं।

शाह ने जवानों के लिए आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए ड्रोन का किया ई-लोकार्पण

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज उत्तराखंड के देहरादून में भारत तिब्बत सीमा पुलिस(ITBP) के 62वें स्थापना दिवस समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया। अमित शाह ने जवानों के लिए सेल्फ सस्टेनेबल एनर्जी बिल्डिंग (SSEB) और दुर्गम क्षेत्रों में स्थित BOP (बॉर्डर ऑब्जरवेशन पोस्ट) पर सब्जियों, दवाओं और अन्य ज़रूरी वस्तुओं की आपूर्ति के लिए ड्रोन का ई-लोकार्पण किया। गृह मंत्री ने ITBP के 147 शहीदों पर बनी फ्लिप बुक को भी लांच किया।
अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि देशवासी जब दीपावली के अवसर पर अपने घर में दिया जलाते हैं, तब वे एक दिया सीमा पर तैनात हमारे वीर जवानों के लिए भी जलाते हैं। उन्होंने कहा कि देश की 130 करोड़ जनता पूरे दिल से वीर जवानों के त्याग, बलिदान, साहस और शौर्य का सम्मान करती है। गृह मंत्री ने कहा कि देश की जनता चैन की नींद सोती है क्योंकि हमारे वीर जवान अपने जीवन के स्वर्णिम वर्ष सरहद पर देश की सुरक्षा के लिए समर्पित करते हैं। शाह ने कहा कि हिमवीरों का त्याग, सेवा और बलिदान अनमोल है और पूरा देश इसे नमन करता है।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आज ITBP का स्थापना दिवस है और हमारे हिमवीरों ने पिछले 62 वर्षों से शौर्य, दृढ़ता और कर्मनिष्ठा के ध्येय वाक्य के साथ भारत की दुर्गम सीमाओं को सुरक्षित रखने का काम किया है। उन्होंने कहा कि माइनस 45 डिग्री तापमान में देश की अग्रिम सीमा पर चौकन्ना रहकर उसकी सुरक्षा करना और ज़रूरत पड़ने पर सर्वोच्च बलिदान देने से भी पीछे ना हटना, ITBP की परंपरा रही है। शाह ने कहा कि 62 साल पहले 7 वाहिनियों के साथ शुरू हुआ ITBP, आज एक लाख हिमवीरों, 60 वाहिनियों, 17 प्रशिक्षण केन्द्रों,16 सेक्टर, 5 फ्रंटियर और 2 कमांड मुख्यालयों के साथ एक मज़बूत बल के रूप में उभर कर आया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हिमवीरों की मांग को ध्यान में रखते हुए केन्द्र सरकार ने वायुयान और रेल में सेना की तर्ज पर देश के केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs)का भी कोटा तय कर दिया है।
अमित शाह ने कहा कि आज यहां हुई कई नई शुरूआतों में से सेल्फ सस्टेनेबल एनर्जी बिल्डिंग (SSEB)बेहद खास है क्योंकि 17,000 फ़ीट की ऊंचाई पर बनी ये बिल्डिंग ठंडे मरूस्थल में आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक बनेगी। उन्होंने कहा कि ये बिल्डिंग देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारत सरकार के गृह मंत्रालय की ओर से हिमवीरों को दीपावली की एक अनूठी भेंट है। शाह ने कहा कि जब यहां बाहर का तापमान शून्य से 40-45 नीचे चला जाता है और पेट्रोल या डीज़ल का उपयोग नहीं हो पाता है, ऐसे में ये बिल्डिंग 18-19 डिग्री तापमान में जवानों को सुरक्षित रखेगी। उन्होंने कहा कि इस बिल्डिंग को मात्र 2 महीनों में ही तैयार कर लिया गया।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि दुर्गम क्षेत्रों और ऊँचाई पर स्थित BOP (बॉर्डर ऑब्जरवेशन पोस्ट) पर सब्जियों, दवाओं और अन्य ज़रूरी वस्तुओं की आपूर्ति के लिए ड्रोन के इस्तेमाल की कल्पना प्रधानमंत्री मोदी जी ने हम सबके सामने रखी थी। उन्होंने कहा कि इसी कल्पना के साकार होने की दिशा में आज पहला ड्रोन 15 किलोग्राम दवाएं और सब्ज़ियां लेकर दुर्गम इलाके में पहुंचा है, ये एक बहुत बड़ी शुरूआत है। उन्होंने कहा कि आज यहां शुरू हुई ड्रोन सेवा ना सिर्फ हमारे हिमवीरों बल्कि सीमावर्ती गावों की जनता के लिए भी लाभदायी सिद्ध होगी। शाह ने कहा कि दुर्गम क्षेत्र में सुरक्षा को चाक-चौबंद रखने के लिए gaps को भरना बहुत जरूरी होता है और इसके कारणबहुत सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केन्द्रीय गृह मंत्रालय की पहल पर ITBP की 7 बटालियन को स्वीकृति दी है और ITBP की स्थापना के बाद ये पहला मौका है जब 7 बटालियन एकसाथ स्वीकृत की गई हैं, इनमें से 4 बटालियन जल्द ही तैनात हो जायेंगी। शाह ने कहा कि ये 7 बटालियन और 1 सेक्टर मुख्यालय लगभग 3000 करोड़ रूपए की लागत से बनेंगे।
अमित शाह ने कहा कि ITBP को शौर्य, दृढ़ता और कर्तव्यनिष्ठा के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि भारत की 7516 किलोमीटर लंबी तटीय और 15000 किलोमीटर से अधिक भूमि सीमा है। उन्होंने कहा कि भारत अपनी भूमि सीमा 7 देशों के साथ साझा करता है और हिमालयी क्षेत्र में सीमाओं की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी ITBP को दी गई है। उन्होंने कहा कि हमारे बहादुर हिमवीरों ने सबसे कठिन क्षेत्रों में सीमाओं की सुरक्षा सबसे अच्छे तरीके से की है। शाह ने कहा कि ITBP ने 6 दशकों की अपनी अनवरत सेवा में 7 पदम श्री, 2 कीर्ति चक्र, 6 शौर्य चक्र, 19 राष्ट्रपति पुलिस पदक, 14 तेनजिंग नोर्गे एडवेंचर पदक और कई अन्य पदक आईटीबीपी ने प्राप्त किए हैं, जो इस बल के शौर्य और बलिदान के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि जब तक हमारे आईटीबीपी और सेना के जवान सीमा पर तैनात हैं तब तक भारत की 1 इंच भूमि पर भी कोई कब्जा नहीं कर सकता।उन्होंने कहा कि अब हिम वीरांगनाएं भी देश की सीमा की सुरक्षा में कंधे से कंधा मिलाकर शामिल हो रही हैं। गृह मंत्री ने इतने दुर्गम क्षेत्र में देश की सीमाओं की सुरक्षा में तैनात हिम वीरांगनाओं को विशेष बधाई और शुभकामनाएं दीं।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि खेलों के क्षेत्र में भी आईटीबीपी की भागीदारी बहुत बढ़ गई है, जो बहुत अच्छी बात है। इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी 36 लाख से ज्यादा वृक्ष इतने दुर्गम क्षेत्र में ITBP ने लगाए हैं। उन्होंने सभी जवानों से वृक्षों को अपने साथ जोड़ने को कहा जिससे ना सिर्फ उनके मन में बहुत बड़ा बदलाव और संवेदनशीलता आएंगे बल्कि वृक्ष के पालन पोषण के साथ होने वाला जुड़ाव जवानों के मन में भी बहुत बड़ा परिवर्तन करेगा। शाह ने कहा कि ये 36 लाख पौधे 5 साल में बड़े वृक्ष बनेंगे और देश के साथ-साथ पूरे विश्व के पर्यावरण को भी शुद्ध करेंगे। शाह ने कहा कि हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने वाइब्रेंट विलेज प्रोजेक्ट के माध्यम से एक नए कांसेप्ट को देश के सामने रखा है। पहले सीमा पर स्थित गांव को देश का अंतिम गांव कहा जाता था, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने वहां जाकर कहा कि यह अंतिम नहीं बल्कि देश का पहला गांव है। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सीमा पर बसे गांवों की आबादी को न केवल सस्टेन करने है बल्कि उसमें वृद्धि करने और वहां देश के अन्य हिस्सों जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की अप्रोच के साथ वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम बनाया है। शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने इस कार्यक्रम के पहले चरण में 19 जिलों में 46 ब्लॉक के 662 गांवों के लिए 4800 करोड़ रुपए के बजट से बिजली, सड़कें,रोजगार, स्किल डेवलपमेंट, शिक्षा और स्वास्थ्य की व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने का काम किया है।
अमित शाह ने कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा हिमवीरों की जिम्मेदारी है, लेकिन अगर ये सीमावर्ती गांव खाली हो जाएंगे तो इस काम में बहुत दिक्कतें आएंगी। उन्होंने कहा कि हमारे CAPFs जहां भी तैनात हैं, इन्हें विकास कार्यों की नोडल एजेंसी के रूप में स्वीकार कर सारी सुविधाएं गांव में पहुंचे, इसके लिए काम करना चाहिए। श्री शाह ने कहा कि आने वाले 1 साल में 168 अनकनेक्टेड गांव सड़क, बिजली, दूरसंचार और स्वास्थ्य सेवाओं से भी जुड़ जाएंगे। गृह मंत्री ने कहा कि सीमाओं पर सुविधाओं के विकास के बिना देश सुरक्षित नहीं रह सकता। उन्होंने कहा कि भारत-चीन सीमा सुविधाओं के विकास पर 2014 से पहले औसतन प्रतिवर्ष 4000 करोड़ रुपए खर्च होता था, जिसे प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पिछले 9 सालों में बढ़ाकर औसतन 12340 करोड़ रुपए प्रतिवर्ष कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने सीमा पर रोड,बीओपी बनाने,जवानों को सुविधाएं देने और गांवों को सुविधायुक्त बनाने के लिए तीन गुना खर्च बढ़ाया है। शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने इस दुर्गम क्षेत्र में 350 से ज्यादा पुल और पुलिया बनाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि जवानों के कल्याण के लिए सरकार ने विगत 9 सालों में कई योजनाएं बनाई हैं।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में विगत 9 साल में देश की आंतरिक सुरक्षा की स्थिति में बहुत बदलाव आया है। कश्मीर से धारा 370 हटाने के बाद आज वहां आतंकवाद पर पूर्ण नियंत्रण पाने में हमें सफलता मिली है। वहां सभी प्रकार के आंकड़ों और मृत्यु में 72% की गिरावट आई है और वामपंथी उग्रवाद में भी 80% की कमी दर्ज की गई है। शाह ने कहा कि मोदी जी के नेतृत्व में देश की आंतरिक सुरक्षा बहुत मजबूत हो रही है और सीमाओं की सुरक्षा को हमारे हिमवीर संभाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी-अभी आजादी का अमृत वर्ष समाप्त हुआ है और आजादी के अमृतकाल के दौरान, 15 अगस्त, 2047 तक हम सबको तय करना है कि भारत विश्व में हर क्षेत्र में सर्वप्रथम हो। शाह ने कहा कि 2047 तक हमें भारत को ऐसा देश बनाना है कि हर क्षेत्र में हम विश्व का नेतृत्व करें।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के आईटीबीपी के 62वें स्थापना दिवस समारोह में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, गणेश जोशी, डॉ. धन सिंह रावत, सुबोध उनियाल, सौरभ बहुगुणा, मेयर सुनील उनियाल गामा और विधायकगण, आईटीबीपी के महानिदेशक उपस्थित थे।

सीएम धामी के विजन पर देशवासियों की मुहर, देशभर में टॉप ट्रेंड पर रहा डेस्टिनेशन उत्तराखण्ड

उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के दिन देश भर में सोशल मीडिया पर *“डेस्टिनेशन उत्तराखंड”* *#Destination Uttarakhand* टॉप ट्रेंड पर रहा। यह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की राष्ट्रीय फलक पर तेजी से बढ़ती लोकप्रियता का स्पष्ट परिणाम है। खास बात यह है कि आज 9 नवंबर के हुए इस टॉप ट्रेंड में देश भर के सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर्स से लेकर बड़े-बड़े राजनेता और दिग्गज हस्तियां शामिल रही।
*“डेस्टिनेशन उत्तराखंड”* शब्द के पीछे मुख्यमंत्री धामी का स्पष्ट मंतव्य है कि देश दुनिया में उत्तराखंड को निवेश हेतु नई डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाए।
मुख्यमंत्री धामी के *डेस्टिनेशन उत्तराखंड* मिशन के तहत अब तक सवा लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव पर करार हो चुका है। जबकि आगामी 8 और 9 दिसंबर को देहरादून में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में 3 लाख करोड़ के पास पहुंचने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री धामी की दूरदर्शिता का ही परिणाम है कि उत्तराखंड की देश दुनिया में एक नई छवि बनकर उभर रही है। सोशल मीडिया की सबसे प्रचलित साइट एक्स यानी ट्विटर पर देश भर में टॉप ट्रेंड में रहना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। इन्वेस्टर समिट से पहले सोशल मीडिया पर *डेस्टिनेशन उत्तराखंड* का यह ट्रेंड प्रदेश में निवेश की अन्य संभावनाओं को भी बल देगा।

राजधानी में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की नितांत आवश्यकता-मुख्य सचिव

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने बुधवार को सचिवालय में प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी को बढ़ाये जाने के साथ ही हैलीपैड्स और हेलीपोर्ट्स के निर्माण की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को पूरे प्रदेश में अधिक से अधिक हेलीपैड बनाए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि इनसे प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों को आपातकालीन परिस्थितियों में बहुत मदद मिलेगी।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय निवेश को बढ़ाने के लिए राजधानी में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की नितांत आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जौलीग्रांट एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय बनाए जाने हेतु तेज़ी से प्रयास किए जाएं। एयरपोर्ट अथॉरिटी द्वारा यदि दिलचस्पी नहीं दिखाई जाती है तो राज्य सरकार को अपने स्तर से भी जौलीग्रांट एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय बनाया जाएगा।
मुख्य सचिव ने कहा कि इन सभी हेलीपैड्स और हेलीपोर्ट्स को बनाये जाने हेतु डेडिकेटेड टीम लगाई जाए ताकि इन प्रोजैक्ट्स पर प्रतिदिन कार्य हो साथ ही मॉनिटरिंग भी हो सके। उन्होंने कहा कि मसूरी, ऋषिकेश, हरिद्वार और पर्यटन स्थलों पर तेजी से कार्य किया जाए। उन्होंने आईडीपीएल भूमि पर भी एक हैलीपैड तैयार किए जाने के निर्देश दिये।
इस अवसर पर सचिव ी सचिन कुर्वे एवं अपर सचिव सी. रविशंकर सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

बदरीनाथ धाम आगमन पर राष्ट्रपति का जोरदार स्वागत

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बुधवार को उत्तराखंड स्थित भू-बैकुंठ धाम पहुंचकर भगवान बदरी विशाल के दर्शन किए। मंदिर में करीब 25 मिनट तक पूजा करते हुए राष्ट्रपति ने देश की सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की। बदरीनाथ धाम आगमन पर उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रपति की अगवानी की।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की बीच भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर से बुधवार को सुबह 10ः20 बजे बद्रीनाथ आर्मी हेलीपैड पहुंची हेलीपैड पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, बद्री केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेन्द्र अजय, अन्य जनप्रतिनिधियों सहित जिलाधिकारी हिमांशु खुराना एवं पुलिस अधीक्षक रेखा यादव ने राष्ट्रपति का स्वागत किया। यहां से राष्ट्रपति काफिले के साथ मंदिर पहुंची और मंदिर में बद्री विशाल की वेद पाठ एवं विशेष पूजा की। बद्रीनाथ के मुख्य पुजारी रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी एवं तीर्थ पुरोहितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत पूजा संपन्न की। मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेन्द्र अजय, उपाध्यक्ष किशोर पंवार एवं अन्य पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति को बद्री विशाल का प्रसाद एवं अंग वस्त्र भेंट किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंदिर परिसर में राष्ट्रपति को भोजपत्र पर बनी बद्रीनाथ मंदिर की प्रतिकृति, आरती और स्थानीय उत्पादों की टोकरी भेंट की। भू-बैकुंठ धाम की अलौकिक सुंदरता देख राष्ट्रपति अभिभूत दिखीं। मंदिर में पूजा दर्शन के बाद राष्ट्रपति बद्रीनाथ से श्रीनगर के लिए प्रस्थान किया।

फिल्म निर्माताओं ने उत्तराखण्ड में फ़िल्म शूटिंग के लिए दिखाया उत्साह

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुंबई में आयोजित रोड शो के दूसरे दिन फिल्म उद्योग से जुड़े निर्माता, निदेशक एवं कलाकारों से बैठक कर उत्तराखंड में फिल्म उद्योग की सम्भावनाओं पर चर्चा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सिनेमा जगत से जुड़े लोगों को आगामी 8-9 दिसंबर को देहरादून में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के लिए भी आमंत्रित भी किया। इस अवसर पर फिल्म उद्योग से जुडे निवेशकों द्वारा कई सुझाव भी दिए गए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने फिल्म जगत से जुड़े कई वरिष्ठ कलाकारों को सम्मानित भी किया गया। रोड शो के दौरान फ़िल्म निर्माताओं ने उत्तराखण्ड सरकार द्वारा फ़िल्म शूटिंग के दौरान मिलने वाले सहयोग के लिए आभार जताया और उत्तराखण्ड में फ़िल्म शूटिंग के लिए उत्साह भी दिखाया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी फिल्मी हस्तियों का स्वागत करते हुए कहा कि उत्तराखंड में देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश के अलावा बदरी केदार और गंगा-यमुना जैसी सदाबहार नदियां हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शूटिंग के लिए देश दुनिया की सबसे सुंदर और बेस्ट डेस्टिनेशन हैं। नैनीताल मसूरी, औली, चकराता, पिथौरागढ़, मुनस्यारी चोपता -हर्षिल, वैली ऑफ़ फ्लावर्स जैसे मनोहारी स्थान भी उत्तराखंड में उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि बीते कुछ वर्षों में प्रदेश में कई नए शूटिंग डेस्टिनेशन भी विकसित हुए हैं। अब प्रदेश में अच्छी कनेक्टिविटी तथा आवास की बेहतर व्यवस्थायें उपलब्ध है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदि कैलाश यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की यात्रा के बाद उत्तराखंड में ज्यौलीकांग, आदि कैलाश जैसे उच्च हिमालयी स्थानों पर भी पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ रही है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार फिल्म निर्माताओं,वेब सीरीज बनाने वाले निर्माता निर्देशकों के लिए कई योजनाएं प्रदेश में संचालित कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में फ़िल्म शूटिंग के बेहतर वातावरण बन सके, इसके लिए प्रदेश सरकार निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने बताया कि फ़िल्म नीति और नयी सेवा क्षेत्र नीति (ैमतअपबम ैमबजवत च्वसपबल) के अंतर्गत फिल्म एवं मीडिया प्रोत्साहन के लिए फ़िल्म सिटी, फ़िल्म संस्थानों, नये शूटिंग स्टूडियोज़, नये प्रोडक्शन हाउस, नये पोस्ट प्रोडक्शन हाउस, नये सिनेमाघरों की स्थापना को सम्मिलित किया गया है।

महानिदेशक सूचना तथा उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद के मुख्य कार्याधिकारी बंशीधर तिवारी ने बताया कि उत्तराखंड में फिल्मों की 75 प्रतिशत शूटिंग होने पर हिंदी फिल्मों के लिए ₹1.5 करोड़ तक की सब्सिडी, क्षेत्रीय फिल्मों के लिए ₹25 लाख तक की सब्सिडी और अन्य राज्य की भाषाओं हेतु फिल्मों को ₹15 लाख तक की सब्सिडी दी जा रही है। प्रदेश सरकार क्षेत्रीय, हिन्दी व अन्य भाषाओं की फ़िल्मों के लिए अनुदान राशि को बढ़ाने पर भी विचार करन रही है। इसके साथ ही व्ज्ज्/ॅमइ ैमतपमे,ज्ट-ैमतपंसे, क्वबनउमदजंतपमे, ैीवतज थ्पसउे को भी अनुदान के लिये सम्मिलित किए जाने पर विचार किया जा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान फ़िल्म निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उत्तराखण्ड में फ़िल्म शूटिंग के दौरान सरकार, पुलिस और प्रशासन का बेहतर सहयोग मिलता है। उन्होंने कहा कि “द कश्मीर फ़ाइल्स” फ़िल्म की शूटिंग के दौरान कोविड काल में उत्तराखण्ड सरकार का द्वारा अभूतपूर्व सहयोग उन्हें मिला, अग्निहोत्री ने मुख्यमंत्री का इसके लिए आभार भी प्रकट किया है। इस दौरान कई फ़िल्म / वेब सीरिज़ निर्माताओं ने उत्तराखण्ड में शूटिंग लिए उत्सुकता दिखाई।

इस दौरान फिल्म अभिनेता जितेन्द्र, निदेशक विवेक अग्निहोत्री, अर्चना पूरण सिंह, हिमानी शिवपुरी, रमेश तौरानी, राज शांडिल्य, राहुल रवैल, दीपक डोबरियाल समेत फिल्म उद्योग जगत से जुड़े अनेक कलाकार, निर्माता, निदेशक मौजूद रहे।

कमाल के धामी, मुंबई में रोड शो कर बनाया एक नया कीर्तिमान

देहरादून। ग्लोबल इन्वेस्टर समिट को लेकर सीएम धामी लगातार फ्रंट फुट पर बैटिंग करते दिख रहे हैं। देश की आर्थिक राजधानी में आज धामी का जबरदस्त धमाल देखने को मिला। उत्तराखंड में होने वाली इन्वेस्टर समिट के लिहाज से आज मुंबई में रिकॉर्ड बना है। दरअसल, मुम्बई में आज कुल 30 हजार करोड़ से ज्यादा के एमओयू हुए। अब तक जितने भी रोड शो देश विदेश में हुए उनमें मुम्बई में हुए एमओयू सर्वाधिक हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में लंदन, बर्मिघम, आबूधाबी समेत दुबई में 4 इंटरनेशनल रोड शो हो चुके हैं। जबकि भारत मे दिल्ली, चेन्नई, बेंगलुरु, अहमदाबाद और मुंबई में राज्य सरकार रोड शो कर चुकी है। बीते 14 सितंबर और 4 अक्टूबर को धामी सरकार दिल्ली में ₹26575 करोड़, 26 और 27 सितंबर को ब्रिटेन में ₹12500 करोड़, 17 और 18 अक्टूबर को यूएई में ₹15475 करोड़ के निवेश का करार कर चुकी है। इसके अलावा 26 अक्टूबर को चेन्नई में ₹10150 करोड़, 28 अक्टूबर को बेंगलुरु में ₹4600 करोड़ और 1 नवंबर को अहमदाबाद में ₹24000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव का करार कर चुकी है। अब मुंबई रोड शो में 30200 करोड़ रुपए के एमओयू किए गए हैं।

इनसे हुए एमओयू

मुंबई रोड शो में कुल 30200 करोड़ के MoU हुए। जिन बड़ी कंपनियों से एमओयू किए गए उनमें से कुछ प्रमुख है, इमेजिका ( थीम पार्क) आत्मन्तन:(रिजॉर्ट), एसीएमई (सौर सेल विनिर्माण), CTRLs (डेटा सेंटर) पर्फ़ेटी(नवीकरणीय ऊर्जा), लॉसंग अमेरिका (आईटी), क्रोमा एटोर, क्लीन मैक्स एनवाइरो (नवीकरणीय ऊर्जा) , साइनस (हेल्थ केयर) शामिल हैं।

उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर समिटः मुंबई में हुए 30200 करोड़ रुपए के एमओयू

उत्तराखंड सरकार तथा राज्य में निवेश हेतु उत्साहित विभिन्न क्षेत्रों के उद्योग समूहों के मध्य मुंबई रोड शो में 30200 करोड़ के एमओयू किए गए हैं। जिन बड़ी कंपनियों से एमओयू किए गए उनमें से कुछ प्रमुख है, इमेजिका (थीम पार्क) आत्मन्तनः(रिजॉर्ट), एसीएमई (सौर सेल विनिर्माण), (डेटा सेंटर) पर्फ़ेटी (नवीकरणीय ऊर्जा), लॉसंग अमेरिका (आईटी), क्रोमा एटोर, क्लीन मैक्स एनवाइरो (नवीकरणीय ऊर्जा), साइनस (हेल्थ केयर)

इसके साथ ही कुछ अन्य महत्वपूर्ण फर्मों से बातचीत हुई जिनमें जेएसडब्ल्यू स्पोर्ट्स, गोदरेज केमिकल्स, एस्टार भोजन, वी अर्जुन लॉजिस्टिक्स पार्क प्रमुख हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में अब तक देश से बाहर लंदन, बर्मिघम, अबुधाबी, दुबई में 4 इंटरनेशनल रोड शो हो चुके हैं जबकि देशभर में प्रदेश सरकार दिल्ली, चेन्नई, बेंगलुरु, अहमदाबाद और मुंबई में रोड शो कर चुकी है। बीते 14 सितंबर और 4 अक्टूबर को धामी सरकार दिल्ली में ₹26575 करोड़, 26 और 27 सितंबर को ब्रिटेन में 12500 करोड़, 17 और 18 अक्टूबर को यूएई में 15475 करोड़ के निवेश का करार कर चुकी है। इसके अलावा 26 अक्टूबर को चेन्नई में 10150 करोड़, 28 अक्टूबर को बेंगलुरु में 4600 करोड़ और 1 नवंबर को अहमदाबाद में 24000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव का करार हुआ है। अब मुंबई रोड शो में 30200 करोड़ रुपए के एमओयू किए गए हैं।

अब तक प्रदेश सरकार द्वारा जिन निवेशकों से इन्वेस्टमेंट एमओयू साइन किए गए हैं उनमें प्रमुखतः टूरिज्म हॉस्पिटैलिटी सेक्टर, आयुष वेलनेस सेक्टर, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर, फार्मा सेक्टर, फूड प्रोसेसिंग, रियल एस्टेट-इंफ्रा, पंप्ड स्टोरेज सेक्टर, ग्रीन एंड रिन्यूएबल एनर्जी एवं ऑटोमोबाइल सेक्टर शामिल हैं।

इस अवसर पर मुख्य सचिव डॉ0 एस.एस सन्धु, सचिव डॉ0 आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव उद्योग विनय शंकर पांडेय, महानिदेशक उद्योग रोहित मीणा, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी समेत विभिन्न उद्योग समूहों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।