राज्य की जीएसडीपी को आगामी पांच वर्षों में करेंगें दोगुनाः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुम्बई में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट हेतु आयोजित रोड शो में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने देश के प्रमुख उद्योग समूहों के साथ बैठक कर उत्तराखंड में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। मुख्यमंत्री धामी ने सभी निवेशकों को आगामी 8-9 दिसम्बर को आयोजित होने वाले ग्लोबल इन्वेस्ट समिट हेतु आमंत्रित भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुंबई देश की आर्थिक राजधानी ही नहीं बल्कि यह भारत के विकास की अनूठी कहानी का एक प्रमुख भाग है। जहां मुंबई देश की आर्थिक राजधानी है, वहीं उत्तराखंड देश की आध्यात्मिक राजधानी है, इसलिए इन दोनों के बीच परस्पर समन्वय एवं साझेदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र, विशेषकर मुंबई और उत्तराखंड एक दूसरे के पूरक हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राष्ट्र के विकास के लिए जहां आधुनिक तकनीक तथा प्रबंधकीय कौशल आवश्यक है, वहीं आध्यात्मिक शक्ति एवं शांति भी अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड ने भी अपनी जीएसडीपी को आगामी 5 वर्षों में दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया है, इस क्रम में सशक्त उत्तराखंड मिशन प्रारंभ किया है। 8-9 दिसंबर को आयोजित होने वाले उत्तराखंड ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट-2023 भी इसी मिशन का एक विशिष्ट भाग है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में औद्योगिक क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा तो रोजगार के अवसरों में वृद्धि हो सकेगी। उन्होंने कहा कि अब तक के रोड शो से लगभग एक लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, उससे यह सिद्ध होता है कि देश ही नहीं बल्कि विदेशों के उद्यमी भी उत्तराखंड में निवेश करने के लिए उत्साहित हैं।उन्होंने कहा के प्रदेश सरकार ने सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि के मूल सिद्धांत को अपनाकर राज्य में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है, साथ ही आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने 2015 में प्रभावी प्रशासन के लिए प्रो-एक्टिव गवर्नेस एंड टाइमली इम्प्लीमेंटेशन का जो सूत्र दिया था, सरकार उसी को आत्मसात करने का प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में लाइसेंस आदि के अनुमोदनों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम की व्यवस्था में सुधार किया गया हैं तथा व्यवसाय की स्थापना और संचालन के लिये आवश्यक सभी स्वीकृतियों के लिए वन स्टॉप शॉप व्यवस्था भी शुरु की है। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि सरकार उत्तराखंड में उद्योग समूहों को अपने उद्योग स्थापित करने में किसी भी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा मजबूत नीतिगत ढांचे में निवेशक हितैषी नीतियां बनाने के लिए कई नई नीतियां बनाई गई हैं, कई नीतियों को सरल बनाया गया है।

इस अवसर पर मुख्य सचिव डॉ0 एस.एस सन्धु, सचिव डॉ0 आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव उद्योग विनय शंकर पांडेय, महानिदेशक उद्योग रोहित मीणा, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी समेत विभिन्न उद्योग समूहों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

मुंबई में एनएसई पहुंचे सीएम, किया स्टॉक एक्सचेंज में संचालित गतिविधियों का अवलोकन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुंबई स्थित नेशनल स्टॉक एक्सचेंज, एनएसई पहुंच कर स्टॉक एक्सचेंज में संचालित गतिविधियों का अवलोकन किया। इस अवसर पर एनएसई, एनएसई की सांकेतिक बेल बजाकर अपनी उपस्थिति दर्ज की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 08 और 09 दिसंबर 2023 को देहरादून में होने वाले उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के अधिकारियों को आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा उद्योगों के अनुकूल नीतियां बनाई गई है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने की अनेक संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने के साथ ही रोजगार के क्षेत्र युवाओं को अधिक से अधिक अवसर मिले, इस दिशा में कार्य किए जा रहे हैं।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के एमडी एवं सीईओ आशीष कुमार चौहान ने कहा कि उत्तराखंड में एंटरप्रेन्योरशिप अपॉर्चुनिटी को बढ़ाने के एनएसई राज्य के युवाओं को प्रशिक्षण देने के लिए तैयार है। राज्य के दूर दराज के क्षेत्रों में भी राज्य सरकार के सहयोग से निशुल्क प्रशिक्षण दिया जायेगा।

इस अवसर पर सचिव विनय शंकर पांडेय, महानिदेशक उद्योग रोहित मीणा एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

तीन दिन की लंबी धार्मिक यात्रा को माना जा रहा है प्रचार से राहुल गांधी का पलायन

पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव का प्रचार चरम पर है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी तीन दिन की धार्मिक यात्रा पर केदारनाथ धाम पहुंच गए हैं। उनकी इस यात्रा को भाजपा चुनाव प्रचार से उनके पलायन के रूप में देखा रही है। प्रचार युद्ध में भाजपा के सामने लगभग घुटने टेक चुकी कांग्रेस अब ‘सॉफ्ट हिन्दुत्व’ का कार्ड खेलने की फिराक में है। लेकिन राहुल गांधी को केदारनाथ में देखकर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने जमकर मोदी, जय श्री राम के नारे लगाए। इससे साफ है कि चुनाव से ऐन पूर्व राहुल गांधी के सॉफ्ट हिन्दुत्व के प्रपंच को जनता सिरे से खारिज कर रही है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भगवान शिव के अनन्य भक्त हैं। केदारनाथ धाम से उनकी गहरी आस्था जुड़ी हुई है। भगवान शिव के प्रति उनकी अगाध श्रृद्धा का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि प्रधानमंत्री बनने के बाद वह अभी तक छह बार (3 मई 2017, 20 अक्तूबर 2017, 7 नवंबर 2018, 18 मई 2019, 5 नवंबर 2021 और 21 अक्टूबर 2022) केदारनाथ धाम की यात्रा पर आ चुके हैं। वह हर साल केदारनाथ धाम की शरण में आते हैं सिर्फ 2020 में कोरोना प्रकोप के चलते वह केदारनाथ धाम की यात्रा पर नहीं आ सके थे। इसके अलावा मोदी देश और विदेश में हिन्दुओं के धार्मिक स्थलों में पूजा अर्चना करते रहे हैं। अब तक भाजपा के हिन्दुत्व प्रेम पर कटाक्ष करने वाले राहुल अब प्रधानमंत्री मोदी की राह पर चलने का प्रयास कर रहे हैं। वह अपनी तीन दिवसीय यात्रा पर रविवार को केदारनाथ धाम पहुंचे लेकिन उनकी कोशिशों पर उस वक्त पलीता लग गया जब केदारनाथ में पहुंचते ही राहुल गांधी को देखकर लोग मोदी-मोदी के नारे लगाने लगे। सवाल यह है कि जब पांच राज्यों में चुनाव का प्रचार चरम पर है तो ठीक उसी वक्त राहुल ने केदारनाथ धाम की तीन दिन की यात्रा का लम्बा कार्यक्रम क्यों बनाया। क्या हर बार ही तरह राहुल ने इस बार भी चुनावी प्रचार में ताकत झोंकने के बजाए पलायन किया है।
दरअसल, हर बार राहुल गांधी चुनाव प्रचार के वक्त कभी विदेश तो कभी अन्य स्थानों की यात्रा पर चले जाते हैं। वो स्टार प्रचारक के रूप में जिम्मेदारी उठाने से भागते रहे हैं। उनका फण्डा यह है कि कांग्रेस जीत गई तो वह जीत का श्रेय खुद ले लेंगे और हार गई तो उनकी जवाबदेही तय नहीं होगी। इससे पहले कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश के चुनाव में भी राहुल प्रचार से नदारद थे। जबकि प्रियंका मोर्चे पर डटी रही।

मुंबई में उत्तराखंडियों द्वारा स्वागत कार्यक्रम से अभिभूत हुए सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्वागत में विष्णु दास भावे ऑडिटोरियम वासी, नवी मुंबई में प्रवासी उत्तराखण्डियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। गढ़वाली, कुमाऊनी और जौनसारी बोली में अनेक प्रस्तुतियां प्रवासी उत्तराखण्डियों द्वारा दी गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा लागू किए गए नकल विरोधी कानून की प्रवासियों द्वारा सराहना की गई। उन्होंने कहा कि धामी के नेतृत्व में प्रदेश का हर क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह से प्रवासी उत्तराखण्डियों द्वारा मुंबई में उनका स्वागत किया गया उससे वे अभिभूत हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें देवभूमि उत्तराखंड के मुख्य सेवक के रूप में आप सभी के बीच आने का सुअवसर प्राप्त हो रहा है। उत्तराखंड की संस्कृति में जो मधुरता है, विनम्रता है और एक अपनापन है, वो अपने आप में विशिष्ट है। हमारे खान-पान में, हमारे रहन-सहन में, हमारी बोल-चाल में, एक भावनात्मक लगाव है। उन्होंने मुंबई में रह रहे उत्तराखंड के लोगों से आग्रह किया कि साल में एक बार परिवार सहित अपनी मातृभूमि जरूर आने का प्रयास करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज का नया भारत सम्पूर्ण विश्व को एक नई दिशा देने का काम कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और केन्द्र सरकार के सहयोग से उत्तराखंड में ऐसे बहुत से काम हुए हैं, जो पहले नामुमकिन से लगते थे।
पिछले पांच वर्षों में केन्द्र सरकार से प्रदेश में 1 लाख 50 हजार करोड़ से अधिक की परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं। श्री केदारपुरी का पुनर्निर्माण व बद्रीनाथ के सौन्दर्यीकरण के कार्य प्रधानमंत्री जी के विजन, नेतृत्व एवं संकल्प का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण हैं। आज जौलीग्रांट एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जा रहा है तथा ऊधमसिंह नगर में ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट को भी विकसित किया जा रहा है।

इस अवसर पूर्व मंत्री महाराष्ट्र गणेश नायक और काफी संख्या में प्रवासी उत्तराखंडी मौजूद थे।

टिहरी झील में आगामी 24 नवंबर से शुरू होने जा रहा टिहरी अंतरराष्ट्रीय एक्रो फेस्टिवल

उत्तराखंड के पर्यटन मानचित्र में टिहरी झील सबसे तेजी से उभरता हुआ नया स्थल है। एडवेंचर टूरिज्म के शौकीनों के लिए यह स्थान हॉट फेवरेट साबित हो रहा है। यही वजह है कि डेस्टिनेशन उत्तराखंड के अंतर्गत राज्य की धामी सरकार द्वारा यहां नियमित रूप से विभिन्न आयोजन किये जा रहे हैं। इसी कड़ी में अब टिहरी झील में 24 से 28 नवंबर तक अंतरराष्ट्रीय टिहरी एक्रो फेस्टिवल 2023 का आयोजन होने जा रहा है।
उत्तराखंड में साहसिक खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि डेस्टिनेशन उत्तराखंड को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए राज्य सरकार पूरी तन्मयता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को साहसिक पर्यटन के खेलों के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा नित नए आयोजन किये जा रहे हैं। टिहरी झील में आयोजित होने वाला अंतरराष्ट्रीय एक्रो फेस्टिवल इस दिशा में नए आयाम स्थापित करेगा।

देश-विदेश के 135 पायलट करेंगे भागीदारी
नवंबर में, राज्य टिहरी झील में पहली बार अंतरराष्ट्रीय एक्रो फेस्टिवल 2023 की मेजबानी करने जा रहा है। टिहरी एक्रो फेस्टिवल 2023, 24 नवंबर को शुरू होगा और 28 नवंबर को समाप्त होगा। इस रोमांचकारी इवेंट में प्रतिस्पर्धा करने के लिए 35 अंतर्राष्ट्रीय पायलट और 100 भारतीय पायलट भाग लेंगे। इस आयोजन में एक्रो फ्लाइंग, सिंक्रो फ्लाइंग, विंग सूट फ्लाइंग, डी-बैगिंग जैसे कई साहसिक कार्य देखने को मिलेंगे।
टिहरी के जिला पर्यटन अधिकारी अतुल भंडारी ने बताया कि टिहरी झील में पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें देश-विदेश से खिलाड़ी प्रतिभाग करेंगे। उन्होंने बताया कि आयोजन के दौरान यूफोरिया, पांडवास जैसे नामी बैंड भी शाम के समय अपनी प्रस्तुति देंगे।

इंस्टाग्राम पर उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद ने वीडियो शेयर करते हुए ये लिखा…
लुभावने टिहरी एक्रो फेस्टिवल का अनुभव करें, जिसमें 150 से अधिक विस्मयकारी हवाई कलाबाज़ों का जमावड़ा है, जो 24-28 नवंबर, 2023 तक होने वाला है। मंत्रमुग्ध होने के लिए तैयार रहें क्योंकि ये प्रतिभाशाली कलाकार अपने उल्लेखनीय कौशल, ताकत और कलात्मक चालाकी का प्रदर्शन करेंगे। यह असाधारण घटना एक अविस्मरणीय माहौल का वादा करती है जो आपको पूरी तरह मंत्रमुग्ध कर देगी। इस सनसनीखेज अवसर को हाथ से न जाने दें-अपने कैलेंडर पर निशान लगाएं और इस अविस्मरणीय उत्सव का हिस्सा बनें।

धामी सरकार की मेहनत का फल, 50 दिन में 94 हजार करोड़ के एमओयू करार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड निवेशकों की पसंद बनता जा रहा है। प्रदेश में अबतक धामी सरकार देश और दुनिया के प्रतिष्ठित उद्योग समूहों के साथ 50 दिन की मेंहनत के बाद ₹94 हजार करोड़ से अधिक के निवेश करार कर चुकी है। धामी सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में आगामी दिसम्बर माह से पहले अधिकत एमओयू को धरातल पर उतारने का कार्य शुरु कर दिया जाए। इसके लिए प्रदेश सरकार में उच्चस्तरीय अधिकारीयों की तैनाती की गई है। प्रदेश में अनुकूल परिस्थितियों को मध्यनजर रखते हुए धामी सरकार का इनवेस्ट उत्तराखंड का जो संकल्प लिया है वह सिद्ध होता नजर आ रहा है।
प्रदेश में धामी सरकार द्वारा जिन निवेशकों से इन्वेंस्टमेंट एमओयू साइन किए गए हैं उनमें प्रमुखतः टूरिज्म हास्पिटैलिटी सेक्टर, आयुष वेलनेस सेक्टर, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर, फार्मा सेक्टर, फूड प्रोसेसिंग, रियल एस्टेट-इंफ्रा, पंप्ड स्टोरेज सेक्टर, ग्रीन एंड रिन्यूएबल एनर्जी एवं ऑटोमोबिल सेक्टर शामिल हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में अबतक देश से बाहर लंदन,बर्मिघम, अबुधाबी, दुबई में 4 इंटरनेशनल रोड शो हो चुके हैं जबकि देशभर में प्रदेश सरकार दिल्ली, चेन्नई, बेंगलुरु, अहमदाबाद में रोड शो कर चुकी है। बीते 14 सितंबर और 4 अक्टूबर को धामी सरकार दिल्ली में ₹26575 करोड़, 26 और 27 सितंबर को ब्रिटेन में ₹12500 करोड़, 17 और 18 अक्टूबर को यूएई में ₹15475 करोड़ के निवेश का करार कर चुकी है। इसके अलावा 26 अक्टूबर को चेन्नई में ₹10150 करोड़, 28 अक्टूबर को बेंगलुरु में ₹4600 करोड़ और 1 नवंबर को अहमदाबाद में ₹24000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव का करार हुआ है।

’ग्रीन इकोनॉमी पर धामी सरकार का फोकस’

मुख्यमंत्री धामी का प्रदेश में ग्रीन इकोनॉमी पर फोकस है। मुख्यमंत्री धामी अपनी नीति को पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं। धामी सरकार ईकोलॉजी और इकोनॉमी के साथ प्रदेश में निवेश की ओर आगे बढ रही है। मुख्यमंत्री धामी ने अपने कई टीवी इन्टरव्यू में स्पष्ट कहा है कि प्रदेश सरकार ईकोलॉजी के संतुलन को ध्यान में रखते हुए इकोनॉमी मजबूत करने का प्रयास कर रही है। प्रदेश में धामी सरकार ने इसे ग्रीन इकोनॉमी का नाम दिया है।

’युवाओं को मिलेगा रोजगार’

बीते दो माह में धामी सरकार ने कई नामी उद्योग समूहों से साथ निवेश करार किए हैं। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में नामी समूह अपने उद्योग धन्धे स्थापित करें जिसके जरिए प्रदेश में युवाओं को बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त होने के साथ ही प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

’क्रियान्वयन अधिकारियों की तैनाती’

प्रदेश में धामी सरकार ने निवेशकों से एमओयू साइन किए जाने के बाद अधिकारियों को एमओयू को धरातल पर उतारने के लिए सचिव स्तर से उपर की कमेटी बनाई है। इसके तहत 300 करोड़ से अधिक के एमओयू जिन कंपनियों के साथ किए गए हैं उनके क्रियान्वयन हेतु अधिकारियों की तैनाती की गई है।

टनकपुर-बागेश्वर रेललाइन निर्माण को लेकर रेल मंत्री से मिले सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में रेल भवन पहुंचकर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से भेंट कर प्रदेश में सुदृढ़ रेल कनेक्टिविटी के सम्बन्ध में विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने रेल मंत्री से लखनऊ से देहरादून के मध्य “वंदे भारत एक्सप्रेस“ के संचालन एवं पर्वतीय क्षेत्रों में रेल सेवा के विस्तार के दृष्टिगत बहुप्रतीक्षित टनकपुर-बागेश्वर रेललाइन निर्माण की यथाशीघ्र स्वीकृति प्रदान करने हेतु अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने अहमदाबाद से काठगोदाम, हरिद्वार और देहरादून को जोड़ने हेतु सीधी रेल सेवा शुरू करने, दून एक्सप्रेस में कोटद्वार के कोच का व जनता एक्सप्रेस में रामनगर के कोच का पुनः परिचालन करने एवं टनकपुर से राजस्थान के मेहंदीपुर बालाजी तक नई रेल सेवा प्रारम्भ करने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रेल सेवाओं के विस्तार से प्रदेशवासियों एवं पर्यटकों के लिए आने वाले समय में यातायात सुगम होगा साथ ही पर्यटन प्रमुख राज्य होने के कारण प्रदेश की आर्थिकी भी सशक्त होगी। केंद्रीय रेल मंत्री ने हर सम्भव सहयोग के प्रति मुख्यमंत्री धामी को आश्वस्त किया।

प्रवासी उत्तराखंडी देश व विदेश में मेहनत के बल पर प्रदेश को दे रहे अलग पहचानः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से अहमदाबाद में उत्तराखंड सेवा समिति अहमदाबाद के प्रतिनिधियों ने भेंट की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रवासी उत्तराखंड वासी देश व विदेश में अपनी मेहनत एवं प्रतिभा के बल पर स्वयं के साथ प्रदेश को भी पहचान देने का कार्य कर रहे है। उन्होंने अहमदाबाद सहित गुजरात के अन्य शहरों में रह रहे प्रवासी उत्तराखंड वासियों से अपने राज्य के विकास में सहयोगी बनने की अपेक्षा की। मुख्यमंत्री ने प्रवासी उत्तराखंड वासियों द्वारा उन्हें दिये गये ज्ञापन में उठाये गये विषयों के समाधान के संबंध में आवश्यक कार्यवाही एवं सहयोग का भी आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने प्रवासी उत्तराखंड वासियों से अपने बच्चों को अपनी बोली भाषा सिखाने पर भी ध्यान देने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि अपनी संस्कृति एवं परम्पराओं से यदि हम जुड़े रहेंगे तो हमारी भावी पीढ़ी भी इससे जुडी रह सकेगी।
उत्तराखण्ड सेवा समिति के सदस्यों ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि उत्तराखंड से हमारे जो भी गणमान्य व्यक्ति यहां आते हैं और जो यहां पर प्रवासी उत्तराखंडी हैं उन्हें भवन बनाने के लिए गुजरात सरकार से जमीन संपादन हेतु आपके सहयोग की अपेक्षा रखते हैं। यह भवन बन जाने से गुजरात के प्रवासी उत्तराखण्डीयों को अपने समाज-संस्कृति से जुड़े रहने के लिए एक अच्छा माध्यम मिल जायेगा और उत्तराखण्ड से जो भी लोग यहां प्रवास के लिए आते हैं उन्हें भी बड़ी सुविधा रहेगी।
उनके द्वारा यह भी अनुरोध किया गया कि गुजरात से हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु एवं पर्यटक उत्तराखण्ड राज्य में आते हैं। और हम उत्तराखण्डी अपने पैतृक गांव आते-जाते रहते हैं। अहमदाबाद से काठगोदाम एवं रामनगर के लिए कोई ट्रेन न होने के कारण पर्यटक एवं प्रवासी उत्तराखण्डीयों को काफी असुविधा होती है। इसके लिये मुंबई से लालकुवाँ की भांति अहमदाबाद से काठगोदाम के लिए एक ट्रेन शुरू कर दी जाय तो इससे उत्तराखंड को आने वाले पर्यटक और प्रवासीयों को बड़ी सुविधा होगी।
इस अवसर पर उत्तराखण्ड सेवा समिति के प्रवीन पाण्डेय, एल.पी. गैरोला आदि उपस्थित थे।

अहमदाबाद में सीएम ने उद्योग समूहों को दिया ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में आने का निमंत्रण

उत्तराखंड में आगामी 8-9 दिसंबर को होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट हेतु मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अहमदाबाद में आयोजित रोड शो में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री विभिन्न उद्योग समूहों के साथ बैठक करते हुए सभी निवेशकों को समिट के लिए आमंत्रित भी किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के तहत अहमदाबाद में यह छटवां रोड शो आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने 08 और 09 दिसम्बर 2023 को देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में निवेशकों को आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात भगवान श्रीकृष्ण की धरा है। महात्मा गांधी और सरदार पटेल जैसे महापुरुषों की यह भूमि है। इस भूमि ने भारत को नरेंद्र मोदी जैसे प्रधानमंत्री दिये हैं। उनके नेतृत्व में भारत ने वैश्विक पटल पर एक अलग पहचान बनाई है। आज दुनिया में भारत का मान-सम्मान और स्वाभिमान बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में उद्योगों के विकास के लिए सरकार द्वारा लगातार कार्य किये जा रहे हैं। उद्योग जगत से जुड़े लोगों के सुझावों को ध्यान में रखते हुए 30 नई नीतियां बनाई गई हैं। कई नीतियों को और सरल बनाया गया है। उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान भी जो सुझाव प्राप्त हो रहे हैं, उन सभी पर अमल किया जा रहा है। राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम बनाया गया है। इसको और प्रभावी बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य को बने 23 साल हो गये हैं, उत्तराखण्ड राज्य स्थापना के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा उत्त्राखण्ड को विशेष औद्योगिक पैकेज दिया गया। इसके बाद उत्तराखण्ड में औद्योगिक निवेश तेजी से बढ़ा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में निवेश के लिए अपार संभावनाएं हैं। राज्य में 06 हजार एकड़ का लैण्ड बैंक बनाया गया है। राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में निवेश करने वालों के लिए और प्रोत्साहन दिया जायेगा। उत्तराखण्ड का प्राकृतिक सौन्दर्य और बेहतर मानव संसाधन निवेशकों को उत्तराखंड आने के लिए आकर्षित कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में ईकोलॉजी और इकोनॉमी में संतुलन बनाते हुए कार्य किये जा रहे हैं। उत्तराखंड कर्मभूमि बनाने के लिए अच्छा डेस्टिनेशन है। राज्य में हवाई, रेल, रोड और रोपवे कनेक्टिविटी के साथ तेजी से विस्तार हो रहा है। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा में इस वर्ष अभी तक 52 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। कुमांऊ मण्डल में मानसखण्ड मन्दिर माला मिशन के तहत तेजी से कार्य किये जा रहे हैं।
कैबिनेट मंत्री प्रेमचन्द अग्रवाल ने कहा कि उद्योगों की स्थापना के लिये उत्तराखण्ड में शांतिपूर्ण वातावरण है। राज्य में तेजी से निवेश बढ़े इसके लिए मुख्यमंत्री के नेतृत्व में नीतियों के सरलीकरण एवं नई नीतियों के क्रियान्वयन के लिए लगातार कार्य किये जा रहे हैं। उद्योगों की स्थापना के लिए ट्रांसपोर्टेशन, विद्युत आपूर्ति और बेहतर मानव संसाधन की आवश्यकता होती है, जो सब उत्तराखण्ड के पास हैं। उत्तराखण्ड सबसे सस्ती बिजली देने वाला राज्य है। कनेक्टिविटी का राज्य में तेजी से विस्तार हुआ है।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, सचिव विनय शंकर पाण्डेय, महानिदेशक उद्योग रोहित मीणा और औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े निवेशक मौजूद थे।

सीएम धामी ने मॉर्निंग वॉक के दौरान गुजराती लोगों से की मुलाकात

दो दिवसीय अहमदाबाद दौरे पर आज प्रातः काल मॉर्निंग वॉक पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साबरमती रिवर फ्रंट क्षेत्र का भ्रमण किया। सुनियोजित रूप से विकसित किया गया यह रिवर फ्रंट गुजरात के विभिन्न पर्यटन स्थलों में अपना महत्वपूर्ण स्थान रखता है। देश-विदेश से इस रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट को लगभग 20 से अधिक पुरस्कार मिले हैं।

इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्थानीय लोगों से बातचीत कर गुजरात के विकास पर उनके विचार एवं अनुभव को सुना और उन्हें देवभूमि उत्तराखंड आने के लिए आमंत्रित भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि साबरमती रिवर फ्रंट को बहुआयामी रूप से विकसित कर पर्यटन केंद्र बनाने का अभूतपूर्व कार्य गुजरात प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री एवं वर्तमान में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व व मार्गदर्शन में हुआ है। यह फ्रंट इकोलॉजी और इकॉनमी के अद्भुत समन्वय का प्रतीक है।