उत्तराखंड का फिर बढ़ा मान, मानसी ने जीता कांस्य पदक

गोल्डन गर्ल के नाम से मशहूर उत्तराखंड की बेटी मानसी नेगी ने देश का मान बढ़ाया है। चीन में चल रहे वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स में भारतीय टीम ने 20 किमी दौड़ स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। टीम का हिस्सा रहीं मानसी नेगी ने शानदार प्रदर्शन किया। मानसी के कोच और प्रभारी खेल अधिकारी पौड़ी अनूप बिष्ट ने कहा कि मानसी ने अपने बेहतर प्रदर्शन से पूरे देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने पूरी भारतीय टीम को पदक जीतने पर बधाई दी।
बताया कि यह प्रतियोगिता आठ अगस्त तक होगी। मूलरूप से चमोली जनपद की रहने वाली मानसी नेगी लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी से स्नातक की पढ़ाई कर रही हैं।
गोल्डन गर्ल मानसी नेगी ने पिछले साल गुवाहाटी में 11 से 15 नवंबर तक आयोजित 37वीं नेशनल जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में अंडर-20 महिला वर्ग की 10 हजार मीटर वॉक रेस में स्वर्ण पदक जीता था। मानसी इन दिनों चीन में ही हैं और वह इस चैंपियनशिप में देश का प्रतिनिधित्व करेंगी।

पीएम श्री स्कूल योजना के द्वितीय चरण में अधिक से अधिक स्कूल हों शामिल

भारत सरकार द्वारा संचालित पीएम-श्री योजना के अंतर्गत द्वितीय चरण के लिये विद्यालयों के चिन्हीकरण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जिसमें सूबे के अधिक से अधिक स्कूलों को शामिल करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों दे दिये गये हैं। इस संबंध में सभी जनपदों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों एवं खंड शिक्षा अधिकारियों को पीएम-श्री पोर्टल पर आवेदन कर विद्यालयों की सम्पूर्ण जानकारी अपलोड करने को कहा गया है साथ ही चिन्हित विद्यालयों के भौतिक निरीक्षण की रिपोर्ट निदेशालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये हैं

विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि भारत सरकार की महत्वकांक्षी पीएम-श्री योजना के अंतर्गत द्वितीय चरण में विद्यालयों के चयन की ऑनलाइन प्रक्रिया एक अगस्त से शुरू हो चुकी है। जिसके तहत 21 अगस्त तक विद्यालयों द्वारा चयन हेतु आवेदन किया जाना है। जिनका 31 अगस्त तक जनपद स्तर सत्यापन तथा 5 सितम्बर तक राज्य स्तर सत्यापन एवं चयन का कार्य पूरा किया जायेगा। इसके उपरांत 15 सितम्बर तक भारत सरकार द्वारा चयनित विद्यालयों की सूची जारी कर दी जायेगी। डॉ. रावत ने बताया कि इस योजना के प्रथम चरण के अंतर्गत राज्य से 232 स्कूलों का चिन्हिकरण कर भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा गया था, जिनमें से भारत सरकार ने 142 विद्यालयों को अपनी स्वीकृत प्रदान की। उन्होंने बताया कि योजना के द्वितीय चरण में प्रदेश के अधिक से अधिक विद्यालयों को शामिल करने के लिये विभागीय अधिकारियों को निर्देश दे दिये गये हैं। जिसके तहत अपने अपने जनपदों में चिन्हित विद्यालयों की सम्पूर्ण सूचनाएं विद्यालय स्तर से नियत समय में पीएम-श्री पोर्टल पर अपलोड कराना होगा। साथ ही विकासखंड एवं जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा चिन्हित विद्यालयों का भौतिक निरीक्षण कर प्रामणीकरण रिपोर्ट राज्य स्तरीय अधिकारी को उपलब्ध कराने के निर्देश दे दिये गये हैं।

मुख्यमंत्री ने आरएसएस के पूर्व सह कार्यवाह मदन दास देवी को दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भीमगोडा स्थित कृष्ण कृपा आश्रम में आयोजित श्रद्धाजंलि सभा मे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सह कार्यवाह मदन दास देवी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मदन दास देवी के निधन से समाज की अपूरणीय क्षति हुई है। उन्होंने कहा कि उनका पूरा जीवन राष्ट्र को समर्पित रहा तथा वे निरन्तर राष्ट्र के निर्माण में सन्नद्ध रहे, जो हमारे लिये प्रेरणा का स्रोत है।
श्रद्धांजलि सभा में महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद महाराज, भाजपा राजधानी कार्यालय प्रमुख महेंद्र पांडेय, प्रफुल आकांत, डॉ. शैलेन्द्र आदि ने भी मदन दास देवी को श्रद्धांजलि दी ।

मदन दास देवी को श्रद्धाजंलि देने वालों में महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव महंत रविन्द्र पुरी, महंत रूपेंद्र प्रकाश, महंत राम मुनि, महंत जसविंद्र शास्त्री, महंत विष्णुदास, अनिल गुप्ता, सुनील, दयानन्द, आशीष चौहान, अधिवक्ता परिषद से हरि बोरिकर, उमेश दत्त शर्मा, श्री अमोल, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, डॉ. धन सिंह रावत व प्रेमचन्द्र अग्रवाल, रूड़की विधायक प्रदीप बत्रा, हरिद्वार नगर विधायक मदन कौशिक, पदम सिंह, दिनेश सेमवाल, डॉ. शैलेन्द्र, अजय कुमार, सुरेश जोशी, रमेश गाड़िया, विक्रम, डॉ ममता सिंह, रितांशु कंडारी, नवीन पन्त, पूर्व मेयर हरिद्वार मनोज गर्ग, रोहन सहगल, डॉ. यतींद्र नागयन, विकास तिवारी आदि प्रमुख थे।
श्रद्धांजलि सभा का संचालन कुँवर रोहिताश्व ने किया।
श्रद्धांजलि सभा के बाद पूर्व सह कार्यवाह स्वर्गीय मदन दास देवी जी की अस्थियों को पूर्ण विधि विधान से हर की पौड़ी ब्रह्मकुंड से विसर्जित किया गया।
श्रीगंगा सभा की ओर से अध्यक्ष नितिन गौतम, महामंत्री तन्मय वशिष्ठ, सिद्धार्थ चक्रपाणि, उज्ज्वल पण्डित, अनमोल आदि तीर्थ पुरोहित मौजूद थे।

मोदी की उम्मीद पर खरे उतर रहे धामी, यूसीसी पर धामी का है अहम रोल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से शिष्टाचार भेंट कर उत्तराखंड के विकास में उनके मार्गदर्शन और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को स्थानीय भांग के रेशे की शॉल बेडू के उत्पाद तथा नंदा देवी राजजात की परम्परागत वाद्य यंत्रों ढोल, दमाऊं, रंणसिंघा युक्त प्रतिकृति भी भेंट की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून में सड़कों पर परिवहन के दबाव को एक अत्याधुनिक एवं ग्रीन मास रैपिड ट्रांजिट प्रणाली द्वारा कम करने और जनमानस को सुरक्षित यातायात की सुविधा उपलब्ध कराये जाने के दृष्टिगत देहरादून मेट्रो नियो परियोजना प्रस्तावित की गई है। विस्तृत तकनीकी अध्ययन के उपरांत इस परियोजना की डीपीआर, जिसमें दो कॉरिडोर्स (कुल लम्बाई 22.424 किमी) तथा कुल लागत रू0 1852.74 करोड़ है, के प्रस्ताव पर भारत सरकार से अनुमोदन प्राप्त किये जाने के लिए आवासन एवं शहरी विकास कार्य मंत्रालय, भारत सरकार को प्रेषित किया गया है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से परियोजना के प्रस्ताव पर अनुमोदन प्रदान किए जाने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने ऑलवेदर रोड चारधाम सड़क परियोजना के लिया आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2023 के लिए केन्द्रीय सड़क अवसंरचना निधि (सीआरआईएफ) के कार्यों हेतु प्रदेश के जनप्रतिनिधियों से प्राप्त कुल 155 कार्यों के रू0 2550.15 करोड़ के प्रस्तावों पर स्वीकृति प्रदान किये जाने का अनुरोध किया गया था। मंत्रालय द्वारा रू० 250 करोड़ के कार्यों में सहमति प्रदान की गयी है। मुख्यमंत्री ने अवशेष कार्यों की स्वीकृति दिलाए जाने का प्रधानमंत्री से अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत वर्षों से राज्य में पर्यटकों की संख्या में अत्यधिक वृद्धि होने से राज्य मार्गों में यातायात दवाब में बढ़ोत्तरी हुयी है। राज्य मार्गों को उच्चीकृत किया जाना नितांत आवश्यक है। इस सम्बन्ध में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वर्ष 2016 में ही 6 मार्गों को राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में उच्चीकत किये जाने की सैद्धांतिक सहमति दी गयी है। इसके अतिरिक्त 189 किमी के काठगोदाम-भीमताल ध्यानाचुली-मोरनोला-खेतीखान लोहाघाट-पंचेश्वर मोटर मार्ग को पर्यटन/सैन्य आवागमन एवं आम जनमानस के लिए नितान्त उपयोगी होने के दृष्टिगत राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में अधिसूचित किया जाना निवेदित है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत-नेपाल सीमा पर टनकपुर से पिथौरागढ़ तक दो लेन मार्ग का निर्माण चारधाम परियोजना के अन्तर्गत निर्मित है। पिथौरागढ़ से लिपुलेख तक की सीमा मार्ग को बीआरओ द्वारा विकसित कर दिया गया है। पिथौरागढ़-लिपुलेख मार्ग में स्थित गुंजी गांव से जौलिंगकांग तक के भाग को भी बी०आर०ओ० द्वारा निर्मित कर लिया गया है। ऋषिकेश से कर्णप्रयाग, जोशीमठ, लप्थल-बारहहोटी तक 2-लेन राष्ट्रीय राजमार्ग का काम भी लगभग पूर्ण हो चुका है। भारत-चीन सीमा में वर्तमान में कोई ऐसा मार्ग नहीं है जो जनपद पिथौरागढ़ के जौलिंगकांग आईटीबीपी पोस्ट को जनपद चमोली के लप्थल से आईटीबीपी पोस्ट को सीधे संयोजित करता है। अतः सामरिक रूप से अतिमहत्वपूर्ण टनल मार्गों के निर्माण से उक्त दोनों सीमा पोस्ट की दूरी 404 किमी कम होने के साथ-साथ पर्यटन एवं सीमा प्रबंधन की दृष्टि से भी उपयोगी होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसखण्ड में स्थित पौराणिक मंदिरों में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को दृष्टिगत रखते हुये प्रथम चरण में 16 मंदिरों के समग्र विकास का कार्य किया जा रहा है। इस सम्बन्ध में पूर्व से निर्मित 1 लेन सड़क मार्गों को 2 लेन में परिवर्तित किये जाने की कार्यवाही गतिमान है। भूमि अधिग्रहण, वनभूमि हस्तांतरण आदि की कार्यवाही राज्य सरकार द्वारा अपने संसाधनों से की जा रही है। प्रथम चरण में निर्माण कार्य हेतु लगभग रू0 1000 करोड़ की आवश्यकता होगी। उक्त धनराशि भारत सरकार के किसी भी मंत्रालय (सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार, पर्यटन मंत्रालय एवं संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार) से राज्य सरकार को उपलब्ध कराये जाने का अनुरोध है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से प्रदेश की विभिन्न विकास योजनाओं के साथ सड़कों एवं परिवहन के संबंध में भी चर्चा की तथा अवगत कराया कि सी.आर.आई.एफ से 250 करोड़ रूपये के कार्यों की सहमति सड़क परिवहन मंत्रालय द्वारा दी गई है। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को आपदा की स्थिति की भी जानकारी दी तथा प्रदेश में सड़कों एवं पुलो के निर्माण एवं मरम्मत के लिए 2000 करोड़ की स्वीकृति तथा राज्य में पर्यटकों के आवागमन के दृष्टिगत 6 राजमार्गों को राष्ट्रीय राज्य मार्ग के रूप में अधिसूचित किये जाने का अनुरोध किया। प्रधानमंत्री को मानसून की स्थिति एवं आपदा की स्थिति से भी अवगत कराया।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से सौंग बांध के निर्माण की भी स्वीकृति का अनुरोध करते हुए बताया कि इससे देहरादून शहर की 2050 तक की पेयजल समस्या का समाधान होगा। प्रधानमंत्री ने सौंग बांध के लिए आवश्यक धनराशि स्वीकृत किए जाने के प्रति आश्वस्त किया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से इस वर्ष दिसंबर में प्रदेश में प्रस्तावित वैश्विक निवेश सम्मेलन में प्रतिभाग हेतु भी अनुरोध किया।

मोटा अनाज पौष्टिकता के साथ लाभप्रद भीः अग्रवाल

भाजपा महिला मोर्चा की ओर से श्री अन्न (मोटा अनाज) के प्रोत्साहन हेतु टिफिन बैठक का आयोजन किया गया। इसमें क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और मोटे अनाज को बढ़ावा देने का आवाहन किया। इस मौके पर महिलाओं द्वारा टिफिन में मोटे अनाज से बने व्यंजन का लुत्फ भी उठाया गया।

सोमवार को छिद्दरवाला में आयोजित कार्यक्रम में डॉ अग्रवाल ने कहा कि मोटे अनाज को लेकर समाज में विभिन्न भ्रांतियां रहती थी, कि यह अमीर वर्ग का भोजन नहीं निर्धन और जिनके पास अनाज पर्याप्त मात्रा में नहीं है, ऐसे लोग इस मोटे अनाज यानी मिलेट को खाते हैं। डॉ अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार प्रकट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के अथक प्रयासों से संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2023 को अंतरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष घोषित किया है और जब प्रधानमंत्री ने इसका प्रस्ताव रखा था तो विश्व के 72 देशों ने इसका समर्थन किया।

डॉ अग्रवाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का भी आभार प्रकट किया। कहा कि मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में मोटे अनाजों यानी मिलेट के उत्पादन और विपणन के लिए इस वित्तीय वर्ष में 73 करोड़ रूपये की व्यवस्था की है। कहा कि हमारी सरकार उत्तराखंड में मोटे अनाजों के प्रोत्साहन और उसके उत्पादन के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

डॉ अग्रवाल ने कहा कि इस कार्यक्रम के जरिए मोटे अनाजों को और करीब से उसके महत्व, उसकी गुणवत्ता से रूबरू होने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि वास्तव में स्वास्थ्य की दृष्टि से मोटा अनाज विशेष लाभकारी है। हमारी सरकार का भी यही उद्देश्य है कि मोटे अनाज यानी मिलेट्स का किसान अधिक से अधिक उत्पादन करें। जिससे निश्चित ही किसानों की आय दोगुनी करने में मदद मिलेगी। मुझे विश्वास है कि उत्तराखंड जैसा छोटा राज्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की किसानों की आय को दोगुना करने की परिकल्पना को साकार करेगा।

जिलाध्यक्ष रविन्द्र राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी का भी संकल्प है जब राज्य 2025 का होगा तो उत्तराखंड देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होने में अपनी अग्रणी भूमिका निभाने के साथ राज्य में मोटे अनाज यानी मिलेट्स के उत्पादन को भी दोगुना करेगा।

इस मौके पर जिलाध्यक्ष भाजपा रविन्द्र राणा, ब्लाक प्रमुख भगवान सिंह पोखरियाल, पूर्व जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र सिंह नेगी, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष कविता शाह, पूर्व जिला पंचायत सदस्य विमला नैथानी, जिला महामंत्री महिला मोर्चा अनिता प्रधान, प्रदेश महिला मोर्चा आईटी सह संयोजक अंजली रावत, मंडल अध्यक्ष महिला मोर्चा समा पंवार, सोनी प्रधान, ग्राम प्रधान सोबन सिंह कैंतुरा, भगवान महर, चंद्र मोहन पोखरियाल, सरदार बलविंदर सिंह, रोशन कुड़ियाल आदि उपस्थित रहीं।

भारत और नेपाल का रहन-सहन, रीति रिवाज लगभग एक जैसाः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आज मुख्यमंत्री आवास में नेपाल के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमण्डल ने भेंट की। उन्होंने भारत-नेपाल से जुड़े विभिन्न सम सामयिक विषयों पर मुख्यमंत्री से चर्चा की। प्रतिनिधिमण्डल में पम्पा भूसाल, रामेश्वर राय यादव, सत्या पहाड़ी, सुरेश कुमार राय, चक्रपाणि खनल ‘बलदेव’ शामिल थे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारत और नेपाल के लोगों में रहन-सहन, धार्मिक रीति-रिवाजों में काफी समानताएं हैं। उत्तराखण्ड का बड़ा क्षेत्र नेपाल की सीमा से लगा हुआ। भारत और नेपाल की चुनौतियां भी लगभग एक जैसी हैं। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमण्डल के सदस्यों से कहा कि नेपाल के विकास के लिए जो भी सहयोग की आवश्यकता होगी, हर संभव मदद की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखण्ड में मानसखण्ड मंदिरमाला मिशन के तहत कार्य किये जा रहे हैं, इसके तहत पहले चरण में 16 मंदिरों को इससे जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि नेपाल का भी काफी क्षेत्र मानसखण्ड में आता है। नेपाल में भी मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत कार्य हों, तो पर्यटन एवं तीर्थाटन के लिए उत्तराखण्ड आने वाले लोगों का रूझान नेपाल की ओर भी बढ़ेगा। जिससे लोगों को आजीविका बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में जन सुविधाओं के दृष्टिगत अनेक योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री घस्यारी कल्याण योजना के तहत पर्वतीय जनपदों में बहुत कम रेट पर साइलेज उपलब्ध कराया जा रहा है। राज्य के गढ़वाल एवं कुमायूं मण्डल में एक-एक इंक्यूबेटर सेंटर बनाया गया है। जिनके माध्यम से लोगों की आजीविका बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण एवं अन्य व्यवस्थाएं की गई हैं। इस तरह के मॉडल पर नेपाल में कार्य किये जा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में महिला स्वयं सहायता समूहों को 05 लाख रूपये तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जा रहा है, इसके माध्यम से महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से आगे बढ़ी हैं। अपणि सरकार पोर्टल के माध्यम से अधिकांश जन सुविधायें ऑनलाइन की गई हैं। इस तरह की योजनाओं को नेपाल में आगे बढ़ाने के लिए राज्य से उनको जो भी सहयोग की अपेक्षा होगी, वह सहयोग दिया जायेगा।
पम्पा भूसाल ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश को एक युवा और उर्जावान नेतृत्व मिला है। उन्होंने कहा कि मानसखण्ड के तहत जिस योजना से उत्तराखण्ड सरकार कार्य कर रही है, नेपाल के पर्यटन मंत्री को वे इसकी जानकारी देंगी। उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं का क्रियान्वयन उत्तराखण्ड में बेहतर तरीके से हो रहा है और वे नेपाल के हित में भी होंगी, इन योजनाओं के अध्ययन के लिए समय-समय पर नेपाल से डेलिगेशन भेजने के लिए भी नेपाल सरकार से वार्ता की जायेगी।
इस अवसर पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, मेयर सुनील उनियाल गामा, भाजपा के प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

फिल्म पहाड़ी रत्न श्रीदेव सुमन का प्रोमो हुआ लांच, सीएम ने दी बधाई

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में उत्तराखण्डी फीचर फिल्म पहाड़ी रत्न श्रीदेव सुमन का प्रोमो तथा पोस्टर का विमोचन किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महान क्रांतिकारी श्री देव सुमन की पुण्य तिथि पर उनका स्मरण करते हुए कहा कि लोग श्रीदेव सुमन के जीवन एवं कार्यों पर आधारित इस फिल्म के माध्यम से श्रीदेव सुमन को अनुभव करेंगे। इस फिल्म के निर्माण के लिए कार्य कर रहे सभी कलाकारों की इसमें भूमिका अहम होगी। श्रीदेव सुमन द्वारा समाज के लिए दिया गया योगदान हम सभी को प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने हमेशा अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाई और तानाशाही के खिलाफ जन-आंदोलन चलाए। अनेक अमानवीय यातनाओं को झेला लेकिन सच्चाई के मार्ग से विचलित नहीं हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीदेव सुमन केवल एक जननायक ही नहीं थे, बल्कि उनके भीतर एक अटल देशभक्ति थी। वे एक क्रांतिकारी, बुद्धिजीवी, रचनाकार, पत्रकार एवं दूरदृष्टि की सोच रखने वाले महापुरुष थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भारत में अंग्रेजों के विरुद्ध आंदोलन चल रहा था तभी एक आंदोलन टिहरी प्रजामण्डल के द्वारा चलाया जा रहा था, जिसका नेतृत्व श्रीदेव सुमन कर रहे थे। इस लड़ाई को लड़ते-लड़ते उन्होंने कई बार शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन किए, बहुत प्रताड़ना सहनी पड़ी, कई बार आमरण अनशन भी किया। उन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन में बढ़-चढ़ कर भाग लिया और वर्षों तक जेल में रहे, जेल में उनके ऊपर अनेक अमानवीय अत्याचार हुए। इसके बावजूद भी सुमन जी का संघर्ष जारी रहा उन्होंने 3 मई 1944 को अपना ऐतिहासिक अनशन शुरू किया और 25 जुलाई 1944 के शाम को उन्होंने प्राणोत्सर्ग कर दिया। सुमन जी की शहादत स्वाधीनता सेनानियों के लिए प्रेरणा स्रोत बन गई। मातृभूमि के लिए स्वयं को आहूत कर श्रीदेव सुमन जी ने पूरे राष्ट्र में क्रांति की अलख जगा दी। सुमन जी के विचार जितने उस वक्त प्रासांगिक थे, उतने ही आज भी हैं। वे सदैव एक प्रेरणापुंज की तरह हमारे हृदय में जीवित रहेंगे।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रवासी उत्तराखण्ड वासियों को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड का नैसर्गिक सौंदर्य फिल्मकारों को देवभूमि उत्तराखण्ड के लिए आकर्षण का केन्द्र बना है। राज्य में फिल्मांकन के लिए क्षेत्रीय फिल्मों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में केदारपुरी का भव्य पुनर्निर्माण का कार्य हो रहा है। बद्रीनाथ में भी मास्टर प्लान के तहत तेजी से कार्य हो रहे हैं। चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या में हर साल वृद्धि हो रही है। कांवड़ यात्रा में भी इस वर्ष चार करोड़ से अधिक शिवभक्त देवभूमि उत्तराखण्ड आये और सकुशल कांवड़ यात्रा सम्पन्न हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय निवेशकों को राज्य में आकर्षित करने के उद्देश्य से दिसम्बर 2023 में देहरादून में “वैश्विक निवेशक सम्मेलन-2023“ आयोजित किया जाना प्रस्तावित है। इसमें प्रधानमंत्री को उत्तराखण्ड निवेशक सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित किया गया है। राज्य में निवेशकों के लिए निवेश के लिए राज्य सरकार द्वारा हर संभव मदद दी जा रही है। कृषि और उद्यान के क्षेत्र में भी राज्य में तेजी से कार्य हो रहे हैं। एप्पल, कीवी, तेजपत्ता और तिमुर मिशन पर तेजी से कार्य हो रहे हैं। औषधीय पौधों की खेती पर भी तेजी से कार्य किये जा रहे हैं, ये पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन को रोकने में भी मददगार होंगे। उत्तराखण्ड देश का पहला ऐसा राज्य है, जिसने समान नागरिक संहिता को लागू करने की दिशा में पहल की है। राज्य में भर्ती परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता के साथ हों, इसके लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है।

इस अवसर पर उत्तराखण्डी फीचर फिल्म के निर्माता बिक्रम नेगी, फिल्म निर्देशक, ब्रिज रावत, इस फिल्म में संगीत देने वाले श्रवण भारद्वाज व सुमित गुसाईं, गीत देने वाले पदम गुसाई व बृज मोहन शर्मा वेदवाल, पटकथा व संवाद लिखने वाले देवी प्रसाद सेमवाल, छायांकन देने वाले राजेन्द्र सिंह, नृत्य निर्देशक अरविन्द नेगी, शोध संकलन-कथा सार देने वाले डा.एम आर सकलानी, एसोसिएट डायरेक्टर, राजेन्द्र नेगी, कार्यकारी निर्माता, राजेश मालगुड़ी, प्रेमा नेगी पहाड़ी एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

ऑनलाईन लाटरी के जरिये पीएम आवास योजना के लाभार्थियों को मिले प्रपत्र

शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने विधानसभा स्थित सभागार कक्ष में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत ऑनलाईन लॉटरी के माध्यम से लाभाथियों को आवास आवंटन के प्रपत्र वितरित किये।

मंत्री ने कहा कि विभाग द्वारा केन्द्र एवं राज्य सरकार की अत्यन्त महत्त्वपूर्ण प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत संचालित दो परियोजनाओं में मटकोटा, उधमसिंह नगर तथा झब्बरपुर, हरिद्वार के लाभार्थियों को ऑनलाइन लॉटरी पद्यति से आवास आवंटन किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व में विभाग द्वारा 07 परियोजनाओं के माध्यम लाभार्थियों को आवास आवंटन किये जा चुके हैं।

शहरी विकास मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत आवास विकास परिषद द्वारा संचालित कुल 16 परियोजनाओं में लगभग 14200 आवास आवंटन किये जाने हैं। उन्होंने कहा कि उक्त योजनाएं वर्ष 2017-18 के उपरान्त समय-समय पर भारत सरकार द्वारा स्वीकृत की गयी थी किन्तु विधिक समस्याओं के कारण परियोजनाओं का कार्य मार्च 2022 के उपरान्त मौके पर विधिवत रूप से प्रारम्भ किया गया है।

मंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत लाभार्थियों को आवास आवंटन के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केन्द्र तथा राज्य सरकार समाज के अन्तिम व्यक्ति को छत तथा अन्य मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण को ध्यान रखते हुए आवास आवंटन हेतु प्राथमिकता महिला को दी जा रही है अन्यथा की स्थिति में महिला एवं पुरूष को संयुक्त रूप से आवास आवंटन किया जा रहा है।

मंत्री ने आवास विकास परिषद के अधिकारियों, कर्मचारियों तथा बिल्डर्स के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि विभाग द्वारा पारदर्शिता को ध्यान में रखकर लाभार्थियों को आवास आवंटन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने लाभार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि सितम्बर 2024 तक 16 परियोजनाओं के आवासों को लाभार्थियों तक हस्तान्तरित कर दिया जायेगा।

इस अवसर पर अपर आवास आयुक्त प्रकाश चन्द्र दुम्का, अधिशासी अभियन्ता आनन्द राम, सहायक अभियन्ता विनोद चौहान एवं टीएस पंवार तथा विकासक अजय मंगल, घनश्याम तिवारी भी मौजूद रहे।

मंत्री डा. अग्रवाल ने भारत गौरव ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

देशभर के 11 ज्योतिर्लिंग की रामकथा यात्रा का शुभारंभ आज योगनगरी रेलवे स्टेशन से हुआ। 1008 श्रद्धालु कैलास और चित्रकूट ट्रेनों में सवार होकर तीर्थस्थलों के दर्शन के लिए रवाना हुए। इन ट्रेनों को कथा मर्मज्ञ मोरारी बापू और मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल नेभगवान श्रीराम के जयकारों के बीच हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

योगनगरी रेलवेस्टेशन पर भारतीय रेलवे कैटरिंग एंडएं टूरिज्म कॉरपोरेशन नेट्रेनों को हरी झंडी दिखाने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान मोरारी बापू ने कहा कि भगवान श्रीराम ने सेतु बनाकर सभी को जोड़ा। जगद्गुरू शंकराचार्य ने पूरे भारत को जोड़ा। ऐसेही यह उत्तर, पूर्व और पश्चिम तथा दक्षिण को आध्यात्म द्वारा जोड़नेका पवित्र प्रयास है। कहा कि उत्तराखंड मेंगंगा का उद्गम स्थल हैऔर गंगा ऊपर से नीचे की ओर बहती है, इसके चलते रामकथा यात्रा को यहां से शुरू करने का फैसला लिया गया। यह यात्रा सनातन धर्म के प्रति लोगों को बड़ा संदेश देगी।

मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल नेकहा कि इस यात्रा के कार्यक्रम का हिस्सा बनकर उन्हे ंबेहद खुशी महसूस हुई। भारतीय संस्कृतिकी समृद्ध विरासत के संवर्द्धन में रेल यात्रा बेहतर कदम है। मौके पर रेलवेके मुरादाबाद मंडल के डीआरएम राजकुमार सिंह, एडीआरएम निर्भय नारायण सिंह, कविता शाह, सुमित पंवार, इंद्रकुमार गोदवानी, दिनेश सती, पवन शर्मा आदि मौजूद रहे।

देश में निर्यात तैयारी सूचकांक में समग्र रूप से उत्तराखंड को मिली 9वीं रैंक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड को निर्यात तैयारी सूचकांक 2022 में देश में नवां तथा हिमालयी राज्यों में प्रथम स्थान प्राप्त होना राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि बताया है। उन्होंने इसे राज्य सरकार के प्रयासोें का भी प्रतिफल बताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्यात अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए राज्य सरकार द्वारा पिछले कुछ वर्षों में काफी प्रगति की है।ं

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में विश्व स्तरीय एकीकृत औद्योगिक एस्टेट विकसित किया गया है। राज्य में पंतनगर और काशीपुर में 2 आईसीडीएस और पंतनगर में 1 मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क है। राज्य के देहरादून और पंतनगर हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय स्तर का हवाई अड्डा बनाने के लिये प्रयास किये जा रहे हैं। हवाई यात्रा को बढ़ावा देने के लिये टर्बाे फ्यूल में 18 प्रतिशत की कमी की गई है। पड़ोसी राज्यों और राज्य के भीतर सड़क कनेक्टीवीटी में हाल के दिनों में काफी सुधार हुआ है। राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा, अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक गलियारा और दिल्ली मुंबई औद्योगिक गलियारा से व्यापार और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि राज्य में अरोमा पार्क, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्लस्टर, फार्मा सिटी 2, प्लास्टिक पार्क विकसित किये जा रहे है। राज्य से निर्यात को बढ़ावा देने के लिए, “उत्तराखंड निर्यात नीति“ का मसौदा भी तैयार किया गया है। राज्य ने निर्यात के लिए एक जिला दो उत्पाद (ओडीटीपी) चिन्हित फोकस क्षेत्रों की भी पहचान की है। राज्य ने निर्यात को बढ़ावा देने के लिए प्रमुख क्षेत्रों की पहचान की गई है उनमें कृषि और बागवानी, स्वास्थ्य और आयुष, फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोबाइल, पर्यटन और आतिथ्य, हथकरघा और हस्तशिल्प एवं शैक्षिक सेवाएं प्रमुख है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना है। प्रधान मंत्री ने बुनियादी ढांचा कनेक्टिविटी परियोजनाओं की योजना और कार्यान्वयन में सुधार के लिए पीएम गति शक्ति का उद्घाटन किया था। गति शक्ति योजना एक मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी योजना थी जिसका लक्ष्य लॉजिस्टिक्स लागत और समय को कम करने के लिए बुनियादी ढांचा परियोजना योजना और निष्पादन का समन्वय करना था। इसे लेकर उत्तराखंड एक जीआईएस राज्य मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य उद्योग के लिए निवेश का माहौल तैयार करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार और राज्य सरकार द्वारा दिल्ली एनसीआर और उत्तराखंड राज्य के बीच यात्रा के समय को कम करने के लिए सक्रिय पहल की है, जिससे राज्य से निर्यात में प्रभावी वृद्धि होगी।