भारी बारिश के दृष्टिगत राज्य सरकार ने जारी किए आपदा राहत दूरभाष नम्बर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रदेश में बीते दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण राज्य के विभिन्न स्थानों एवं हिमाचल प्रदेश में फंसे उत्तराखण्ड के नागरिकों की सहायता के लिए राज्य सरकार द्वारा आपदा राहत नम्बर जारी किए गए हैं।
प्रदेश के विभिन्न जिलों में रविवार से हो रही भारी बारिश के चलते कई जिलों में नुकसान हुआ है और जगह-जगह पर लोग फंसे हुए हैं। सीमावर्ती हिमाचल प्रदेश में भी बारिश से जन जीवन अस्त व्यस्त हुआ है। हिमाचल में भी उत्तराखंड के तमाम लोग फंसे हुए हैं। इन परिस्थितियों को मद्देनजर रखते हुए उत्तराखंड सरकार की ओर से आपदा राहत नंबर जारी किए गए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आमजन से अपील और अनुरोध किया है कि प्रदेश के सभी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के दृष्टिगत समस्त प्रदेशवासियों एवं तीर्थयात्री अनावश्यक यात्रा करने से बचें। उन्होंने कहा कि वे स्वयं राज्य आपदा कंट्रोल रूम तथा जिलाधिकारियों से सभी जनपदों से सड़क मार्ग एवं बारिश की स्थिति के बारे में जानकारी ले रहे हैं। इसके अलावा, समस्त जनपदों में ज़िला प्रशासन एवं एसडीआरएफ को हाई-अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।
सहायता हेतु निम्न नंबरों पर लोग कर सकते हैं संपर्क
9411112985, 01352717380, 01352712685, इसके अतिरिक्त व्हाट्सएप नंबर- 9411112780 पर भी लोग मैसेज कर सकते हैं।

मौन सत्याग्रह पर कांग्रेस स्थिति करे स्पष्ट, राहुल का गुणगान या यूसीसी विरोध?

भाजपा ने कांग्रेस के प्रस्तावित गांधी स्मारक पर मौन सत्याग्रह पर निशाना साधते हुए कहा कि उसे स्पष्ट करना चाहिए कि वह अपने पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का गुणगान के लिए मौन सत्याग्रह कर रही है अथवा यूसीसी का विरोध कर रही है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि कांग्रेस दुविधा की स्थिति मे है और विकास कार्यों के जरिये खुद को साबित कर रही भाजपा की उपलब्धियां पच नही रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी भाजपा के निशाने पर नही, बल्कि जनता ने उन्हे माफ नही किया है। उन्होंने कहा कि विदेशों मे भारत की छवि को धक्का पहुंचाने की उनकी नाकाम कोशिश को पूरे देश और दुनिया ने देखा। देश मे लोकतंत्र को लेकर जब लोगों ने तवज्जो नही दी तो वह विदेश यात्रा पर निकल गए। कांग्रेस कभी सर्जिकल स्ट्राइक के जरिये सैनिकों के मनोबल पर प्रहार करती रही तो कभी संविधान को लेकर अनाप शनाप कथन अथवा हर उस कार्य की अगुवाई करती रही है जो देश के खिलाफ हो। वहीं कांग्रेस नेताओं के बेतुके बोल जो कि देश कि अस्मिता पर चोट करती है। भट्ट ने कहा कि राहुल गांधी को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता भी सविधान से ही मिली और उन्हे सजा भी संविधान के दायरे मे मिली है। उन्हें जो भी सजा मिली वह उनके और अदालत के बीच का विषय है, लेकिन सार्वजनिक जीवन मे संसदीय भाषा और आचरण जरूरी होता है और उनसे यह चूक बार बार होती रही है। कांग्रेस उनके प्रति सहानुभूति बटोरने की फिराक मे है, लेकिन इससे उसे कुछ हासिल नही होने वाला है। सनातनी आवरण और आडंबर से कुछ हासिल नही होने वाला, क्योंकि जनता सब जानती और समझती है।

एनआरसी बिल को लेकर भी कांग्रेस खलनायक की भूमिका मे रही है और अब समान नागरिक कानून को लेकर वह विरोध का वातावरण बना रही है।

उन्होंने कहा कि भाजपा मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए यूसीसी को लेकर नही लायी, बल्कि यह भाजपा के चुनाव घोषणा पत्र का हिस्सा भी है। वैश्विक महंगाई और कोरोना की चुनौतियों के बावजूद देश की अर्थ व्यवस्था पर असर न पड़ना और 80 करोड़ जनता को मुफ्त राशन देना बड़ी उपलब्धि है। आज देश मे तरक्की और रोजगार के अवसर खुल रहे है तो विदेशों मे भारत की साख पहले की तुलना मे बढ़ी है। कांग्रेस को अपने नेता के गुणगान के बजाय बेहतर कार्याे को प्रोत्साहन और अपनी नाकामयाबियों से बचने के लिए दुसरो पर दोष मढ़ने से बचना चाहिए। खुद को पीड़ित दिखाना आज कांग्रेस मे एक दौर शुरू हो गया है।

जीएसटी परिषद की 50वीं बैठक में शामिल हुए मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल


जीएसटी परिषद की 50वीं बैठक केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आयोजित की गयी। बैठक में उत्तराखण्ड राज्य का प्रतिनिधित्व वित्त मंत्री डॉ प्रेम चंद अग्रवाल द्वारा किया गया। बैठक में विभिन्न विषयों यथा विधि समिति द्वारा संस्तुत विषयों तथा फिटमेंट समिति द्वारा संस्तुत विषयों पर विस्तृत चर्चा की गयी।

बैठक में राज्य द्वारा वर्ष 2022-23 के लिए रु0 2 करोड़ तक के वार्षिक टर्नओवर वाले व्यापारियों के लिए वार्षिक रिटर्न दाखिल करने में छूट दिए जाने, जीएसटीआर 3 बी तथा जीएसटीआर 2 ए में अंतर होने पर आईटीसी दिए जाने की सुविधा वर्ष 2017-18 तथा वर्ष 2018-19 की भांति एक निश्चित सीमा के अधीन दिनांक 01 अप्रैल, 2019 से दिनांक 31 दिसम्बर, 2021 तक के लिए जारी रखने तथा जीएसटी ट्रिब्यूनल के गठन से सम्बंधित कार्यवाही प्रारम्भ किये जाने के परिप्रेक्ष्य में ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष तथा सदस्यों की नियुक्ति तथा सेवा की शर्तों से सम्बंधित नियमों पर सहमति व्यक्त की गयी।

बैठक में फिटमेंट समिति द्वारा की गई संस्तुतियों के अंतर्गत कर दरों के संबंध में स्पष्टीकरण जारी किए जाने तथा कतिपय विसंगतियों को दूर किये जाने पर विचार विमर्श किया गया, जिसका राज्य द्वारा समर्थन किया गया।

वित्त मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल द्वारा जीएसटी सम्बन्धी विवादों के निपटारे के लिए जीएसटी ट्रिब्यूनल के गठन का मार्ग प्रशस्त करने के लिए माननीय वित्त मंत्री महोदया, भारत सरकार का हार्दिक आभार व्यक्त किया गया तथा जीएसटी परिषद को यह अवगत कराया गया कि राज्य में जीएसटी ट्रिब्यूनल की राज्य पीठ का गठन देहरादून में प्रस्तावित किया गया है।

केन्द्रीय उत्पाद शुल्क में छूट प्राप्त करने वाली इकाइयों को राज्य सरकार द्वारा प्रतिपूर्ति करने सम्बन्धी मामले में माननीय वित्त मंत्री महोदय द्वारा यह अवगत कराया गया कि अवशेष 42 प्रतिशत की प्रतिपूर्ति राज्य सरकार द्वारा किये जाने की दशा में राज्य पर रू० 2376 करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा तथा राज्य द्वारा ऐसी धनराशि की प्रतिपूर्ति करनी होगी, जो राज्य के राजकोष में प्राप्त ही नही हुई है। इस परिप्रेक्ष्य में उनके द्वारा उक्त प्रतिपूर्ति राज्य स्तर से सम्भव नहीं हो पाने के विषय में अवगत कराया गया।

बैठक में श्री दिलीप जावलकर सचिव वित्त तथा डा0 अहमद इकबाल आयुक्त राज्य कर सहित अन्य विभागीय अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

महिलाओं और बच्चों के विरूद्ध मामलों की जांच के आंकड़ों को तरीके से करें तैयारः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में महिलाओं एवं बच्चों के विरूद्ध होने वाले अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिये है। उन्होंने इस संबंध में सही तथ्यों से आम जनता को अवगत कराने तथा इन मामलों की जांच एवं सजा आदि के आंकड़ों को भी सही ढंग से तैयार किये जाने के निर्देश दिये है।
बैठक में मुख्य सचिव डॉ.एस.एस.संधु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, सचिव मुख्यमंत्री विनय शंकर पाण्डे, अपर सचिव न्याय सुधीर कुमार सिंह, सहित पुलिस एवं गृह विभाग के उच्च अधिकारी उपस्थित थे।
मंगलवार को सचिवालय में प्रदेश में महिलाओं एवं बाल अपराध की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि महिलाओं एवं बच्चों के विरूद्ध होने वाले अपराधों में अपराधी को समय पर सजा मिले इसके लिये ऐसे प्रकरणों को फास्ट ट्रैक कोर्ट के अधीन लाये जाने की व्यवस्था पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने अभियोजन विभाग की मजबूती के लिये अन्य राज्यों की व्यवस्थाओं का भी अध्ययन करने के निर्देश दिये हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं से संबंधित अपराधों में पुलिस जांच त्वरित और समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित की जाए। ऐसे मामलों की विवेचना में किसी प्रकार की कमी न रहने पाए। साथ ही न्यायालयों में भी प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए। ताकि अपराधी किसी दशा में बचने न पाएं। प्रदेश में ऐसा माहौल बने कि कोई भी अपराध करने की सोच भी न पाएं। शिकायतकर्ता महिलाओं से भी समय-समय पर फीडबैक लिया जाए। महिला अपराधों से संबंधित मामलों की जनपदों में जिलाधिकारी स्तर पर लगातार समीक्षा की जाए। विवेचना और पैरवी में कमी पाए जाने पर तत्काल उन कमियों को दूर करने के प्रयास किये जाये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं एवं बच्चों के प्रति अपराधों को रोकने के लिए जन सहभागिता भी जरूरी है। इस संबंध में महिलाओं एवं बच्चों से जुड़े संगठनों से भी नियमित सम्पर्क रखा जाए। सिस्टम इस प्रकार का हो कि महिलाओं का इसके प्रति विश्वास बढ़े और वे अपनी शिकायतें बिना संकोच के दर्ज करा सकें।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में गौरा शक्ति योजना के तहत थाना स्तर पर महिला हेल्प डेस्क स्थापित की गई है। जनपद व राज्य स्तर पर महिला काउंसिल सेल गठित किया गया है। प्रत्येक थाने में एक महिला उपनिरीक्षक तथा चार महिला कांस्टेबल की तैनाती की गई है। साथ ही महिला अपराधों की विवेचना महिला अधिकारी द्वारा किये जाने की व्यवस्था है।
प्रदेश में बाल अपराधों पर नियंत्रण हेतु प्रत्येक जनपद में विशेष किशोर पुलिस इकाई, बाल कल्याण पुलिस अधिकारी प्रत्येक जनपद में बाल मित्र थाने की स्थापना तथा पॉक्सो के पर्यवेक्षण हेतु स्पेशल टास्क फोर्स गठित की गई है। ऑपरेशन मुक्ति के तहत 2017 से अब तक प्रदेश में 7670 बच्चों का सत्यापन तथा 3603 बच्चों का विद्यालयों में दाखिला किया गया है। जबकि ऑपरेशन स्माइल के तहत 2015 से 2021 के मध्य 2221 बच्चे तथा 604 महिलायें बरामद की गई।

बारिश की स्थिति जानने को प्रधानमंत्री ने किया सीएम धामी को फोन

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर उत्तराखंड में भारी बारिश के दृष्टिगत प्रदेश की स्थिति के बारे में जानकारी ली। प्रधानमंत्री ने जान-माल की क्षति, सड़कों की स्थिति सहित चार धाम यात्रा, कृषि, किसान और फसलों की स्थिति तथा कांवड़ यात्रा के संचालन के बारे में जानकारी प्राप्त की।
मुख्यमंत्री ने भारी बारिश से विभिन्न स्थानों पर हुए जन धन की हानि और बाधित सड़कों के साथ ही चार धाम यात्रा और कांवड़ यात्रा के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने किसानों और फसलों की स्थिति के बारे में भी बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन, एसडीआरएफ, पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर काम कर रहे है। जगह जगह जेसीबी मशीनें तैनात की गई है ताकि बाधित सड़कों को तुरंत खोला जा सके। उच्च स्तर से लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
प्रधानमंत्री ने केंद्र से पूरे सहयोग के प्रति मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया।

मुख्यमंत्री ने किया कलाकारों का सम्मान, प्रसून जोशी रहे शामिल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के अध्यक्ष एवं प्रसिद्ध गीतकार प्रसून जोशी ने भेंट की। इस अवसर पर कला एवं साहित्य क्षेत्र से जुड़े सुधीर पाण्डे, शालिनी शाह, प्रवीन काला, अमित जोशी, राजेश शाह, वरूण ढ़ौढ़ियाल एवं गौरव ने भी भेंट की। मुख्यमंत्री ने सभी कलाकारों को सम्मानित भी किया।
केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के अध्यक्ष एवं प्रसिद्ध गीतकार प्रसून जोशी ने देहरादून में सांस्कृतिक केंद्र शुरू करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में फिल्मांकन की ओर फिल्मकारों का रूझान तेजी से बढ़ा है। उन्होंने यहां पर सांस्कृतिक केंद्र के साथ ही रिसर्च सेंटर बनाने का सुझाव भी दिया। इस सांस्कृतिक केंद्र में लिटरेचर फेस्टिवल एवं वर्कशॉप का आयोजन भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड पर आधारित विभिन्न कहानियों एवं यहां की कला व संस्कृति को अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की दिशा में भी हमें प्रयास करने होंगे। कलाकारों ने राज्य में वेब सीरीज के लिए सब्सिडी देने का सुझाव भी दिया, जिससे यहां फिल्म जगत से जुड़े लोगों का और आकर्षण बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड का नैसर्गिक सौन्दर्य फिल्मकारों को देवभूमि उत्तराखण्ड आने के लिए आकर्षित कर रहा है। राज्य में फिल्मांकन के लिए राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहयोग दिया जायेगा। फिल्म जगत से जुड़े लोगों के जो भी सुझाव प्राप्त होते हैं, उन सुझावों को पूरी गम्भीरता से लिया जाता है।

आस्था एवं विकास से सनातन संस्कृति के संरक्षण का कार्य किया जा रहा हैः मुख्यमंत्री धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ओम पुल, निकट डामकोठी, हरिद्वार स्थित गंगा घाट में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए विभिन्न प्रदेशों से देवभूमि उत्तराखण्ड आये शिवभक्त कावड़ियों के चरण धोकर एवं उन्हें सम्मान स्वरूप गंगाजल भेंट कर उनका स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने डामकोठी में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छ कावड़ यात्रा का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देश के विभिन्न राज्यों से उत्तराखंड आए कावड़ियों का स्वागत करते हुए कहा कि हरिद्वार पूरे देश की श्रद्धा का केंद्र है। इस पवित्र जगह मां गंगा एवं भगवन भोलेनाथ का विशेष आशीर्वाद है। श्रावण मास में कावड़ यात्रा का विशेष महत्व है। राज्य सरकार को कावड़ियों का स्वागत करने का सौभाग्य मिला है। कावड़ यात्रा को सुगम सुरक्षित बनाकर सरकार इस यात्रा में कावड़ियों का सहयोगी बनकर कार्य कर रही है। कावड़ियों की सेवा करना सभी के लिए पुण्य का काम है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने कावड़ यात्रा के लिए विभिन्न स्थानों पर स्वास्थ्य कैंप, शौचालय, पार्किंग, टीन शेड, विश्राम स्थल की पर्याप्त व्यवस्था की है। पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष व्यवस्थाओं को और अधिक सुधारा गया है। उन्होंने कहा पिछले वर्ष कावड़ यात्रा में करीब चार करोड़ कावड़िए उत्तराखंड आए। भगवान भोलेनाथ की कृपा से पिछले वर्ष की यात्रा सकुशल संपन्न हुई। उन्होंने कहा इस वर्ष भी बड़ी संख्या में कांवड़ियों के उत्तराखंड आने का अनुमान है। जिसके लिए शासन प्रशासन पूरी तरह तैयार है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से विशेष लगाव है। उनके नेतृत्व में भव्य एवं दिव्य केदारनाथ का निर्माण हुआ है। बद्रीनाथ में मास्टर प्लान पर कार्य चल रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में काशी विश्वनाथ, महाकाल जैसे विभिन्न मंदिरों का पुनर्निर्माण कार्य भव्यता के साथ चल रहा है। उन्होंने कहा आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए कार्यों का उल्लेख विश्व स्तर पर हो रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज राज्य में चौतरफा सड़कों का जाल बिछ रहा है। सरकार आस्था एवं विकास से सनातन संस्कृति के संरक्षण का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा सभी कांवड़ श्रद्धालु गंगा जल लेकर भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। कांवड़ मेले के सुचारू प्रबंधन के लिए मुख्यमंत्री ने सामाजिक संस्थाओं, स्वयं सेवी संस्थाओं, के कार्यों की भी सराहना की।
इस दौरान कार्यक्रम में सांसद रमेश पोखरियाल निशंक, विधायक मदन कौशिक, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, विधायक आदेश चौहान, पूर्व विधायक संजय गुप्ता एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सीएम ने की साइकिलिस्ट आशा मालवीय के यात्रा उद्देश्य की सराहना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में साइकिलिस्ट आशा मालवीय ने भेंट की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महिला सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से आशा मालवीय द्वारा साइकिल यात्रा के माध्यम से जागरूकता फैलाये जाने के प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि मनुष्य किसी लक्ष्य की प्राप्ति के लिए दृढ़ संकल्प होकर कार्य करता है, तो उसमें सफलता अवश्य मिलती है। उन्होंने आशा मालवीय के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की आशा मालवीय महिला सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से देशभर में साइकिल यात्रा के माध्यम से जागरूकता का कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा यात्रा की शुरूवात 01 नवम्बर 2022 से मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से की गई और यह यात्रा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में सम्पन्न जायेगी। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के दौरान भारत के 28 राज्यों में कुल 25 हजार कि.मी. की यात्रा तय की जायेगी। इस यात्रा के दौरान उनके द्वारा अभी तक 23 राज्यों में 19700 कि.मी. की दूरी तय की जा चुकी है। उनकी यात्रा का उत्तराखण्ड 24 वां राज्य है।

पीएम को भाए काफल, कहा-रसीला और दिव्य मौसमी फल है काफल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट किये गए उत्तराखंड के प्रसिद्ध फल काफल के प्रत्युत्तर में प्रधानमंत्री ने पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री धामी का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को संबोधित अपने पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि देवभूमि उत्तराखण्ड से भेजे गए रसीले और दिव्य मौसमी फल ’काफल’ प्राप्त हुए। हमारी प्रकृति ने हमें एक से बढ़कर एक उपहार दिए हैं और उत्तराखण्ड तो इस मामले में बहुत धनी है, जहां औषधीय गुणों से युक्त कंद-मूल और फल-फूल प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। काफल ऐसा ही एक फल है जिसके औषधीय गुणों का उल्लेख प्राचीन आयुर्वेदिक ग्रंथों में भी मिलता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि काफल उत्तराखण्ड की संस्कृति में भी रचा बसा है। इसका उल्लेख विभिन्न रूपों में यहां के लोकगीतों में भी पाया जाता है। उत्तराखण्ड जाएं और वहां मिलने वाले विभिन्न प्रकार के पहाड़ी फलों का स्वाद ना लें, तो यात्रा अधूरी लगती है। गर्मियों के मौसम में पक कर तैयार होने वाले काफल राज्य में आने वाले पर्यटकों में भी खासे लोकप्रिय हैं। अपनी बढ़ी हुई मांग के कारण मध्य हिमालयी क्षेत्रों में पाए जाने वाला यह फल स्थानीय लोगों को आर्थिक मजबूती भी प्रदान कर रहा है। मुझे खुशी है कि काफल के लिए उपयुक्त बाजार सुनिश्चित कर गुणों से भरपूर इस फल को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। बाबा केदार और भगवान बद्री विशाल से उत्तराखंड के लोगों के कल्याण और राज्य की समृद्धि की कामना करता हूँ।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री के पत्र हेतु हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री के इन स्नेहपूर्ण शब्दों से हमारा तथा समस्त राज्यवासियों का उत्साहवर्धन हुआ है।

मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली में की केंद्रीय पशुपालन मंत्री से मुलाकात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला से भेंट कर उत्तराखंड में पशुपालन और डेयरी से संबंधित विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से नेशनल लाईव स्टॉक मिशन योजना के अन्तर्गत पशुधन बीमा की अवशेष धनराशि अवमुक्त करने और राज्य में संचालित सचल पशु चिकित्सा वाहन की सेवाएं शेष 35 विकासखण्डों में भी उपलब्ध कराए जाने का भी आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के विकास में सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड राज्य में संचालित विभिन्न रोजगार योजनाओं में पशुपालन से सम्बन्धित योजनाओं का महत्वपूर्ण स्थान है। भारत सरकार द्वारा उत्तराखण्ड राज्य के सीमान्त पर्वतीय व मैदानी क्षेत्रों के पशुपालकों हेतु नेशनल लाईव स्टॉक मिशन योजना के अन्तर्गत पशुधन बीमा का संचालन किया जा रहा है। योजना के अन्तर्गत स्वीकृत 40 करोड़ रूपए के सापेक्ष वित्तीय वर्ष 2022-23 में 14 करोड़ 26 लाख 25 हजार रूपए की धनराशि प्राप्त हुई थी जिसमें केन्द्रांश रू0 8 करोड़ 67 लाख 66 हजार रूपए और राज्यांश 5 करोड़ 58 लाख 59 हजार रूपए था। योजना के अन्तर्गत राज्य में पशुधन बीमा के लक्ष्य के सापेक्ष कुल 1,45,451 पशुओं में बीमा किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से स्वीकृत योजना के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिये स्वीकृत बजट की शेष धनराशि उपलब्ध करवाने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार द्वारा उत्तराखण्ड राज्य में पशुपालक के द्वार पर आधुनिक तकनीकी की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 60 सचल पशुचिकित्सा वाहन संचालित किये जा रहे हैं। इनके माध्यम से 58392 पशुओं की चिकित्सा पशुपालको के द्वार की पर की गयी है। मुख्यमंत्री ने राज्य के शेष 35 विकासखण्डों में भी इसी प्रकार की सेवाओं के लिये 786.94 लाख रूपए धनराशि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें 764.246 लाख रूपए का केन्द्रांश और 22.694 लाख रूपए का राज्यांश रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के भेड़ बकरियों के स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के लिये भारत सरकार के सहयोग से पीपीआर उन्मुलन योजना संचालित की जा रही है। वर्ष 2030 तक पीपीआर मुक्त करने के महत्वाकांक्षी टीकाकरण योजना के लिये उत्तराखण्ड में 14 लाख डोज टीकों की आवश्यकता है।
केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को हर सम्भव सहयोग के प्रति आश्वस्त किया।