राजस्व के लंबित प्रकरणों को अभियान चलाते हुए तेजी से निस्तारण करने के निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने शुक्रवार को सचिवालय में राजस्व वादों की समीक्षा बैठक के दौरान राजस्व वादों के तेजी से निस्तारण के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने राजस्व के लंबित प्रकरणों को अभियान चलाते हुए तेजी से निस्तारण करने के निर्देश दिए। कहा कि डाटा लेक के माध्यम से इसकी डायनामिक रैंकिंग की जाए। सबसे खराब प्रदर्शन करने वालों की लगातार समीक्षा की जाए, ताकि पैंडेंसी को समाप्त किया जा सके।
मुख्य सचिव ने राजस्व वादों के तेजी से निस्तारण हेतु 1 दिसंबर से सभी नए वादों को राजस्व न्यायालय प्रबंधन प्रणाली (आरसीएमएस) पर ऑनलाईन किए जाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने आरसीएमएस को प्रदेश में 100 प्रतिशत लागू करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी प्रकार के राजस्व न्यायालयों के ऑनलाईन किए जाने हेतु टाइम फ्रेम निर्धारित किया जाए। नए मामलों को पूर्णतः ऑनलाईन करते हुए लीगेसी डाटा को भी अभियान के तौर पर अपलोड किया जाए।
मुख्य सचिव ने कमिश्नर कोर्ट में लंबित प्रकरणों के निस्तारण के लिए प्रत्येक माह बैठक कर मॉनिटरिंग किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने तहसीलदार कोर्ट में अधिक पैंडेंसी पर मामले तेजी से निस्तारित करने के निर्देश दिए। कहा कि तहसीलदार, नायब तहसीलदार आदि के पदों को शीघ्र भरने हेतु कार्य किया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि वीआईपी कार्यक्रमों के लिए एसडीएम आदि को लगाए जाने से राजस्व का काफी कार्य बाधित होता है, जिसके कारण पैंडेंसी बढ़ती है। उन्होंने अधिकारियों को इसके लिए प्रोटोकॉल ऑफिसर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इससे जिलाधिकारी एवं उपजिलाधिकारी अपने कार्य में अधिक समय दे पाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को 25, 30 एसडीएम के और पद सृजन कर शीघ्र भर्ती किए जाने के भी निर्देश दिए।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव एवं अध्यक्ष राजस्व परिषद राधा रतूड़ी, सचिव राजस्व सचिन कुर्वे और आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद चन्द्रेश कुमार यादव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को ध्यान में रख बने योजनाएं-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, मसूरी में सशक्त उत्तराखण्ड @ 2025 चितंन शिविर के समापन सत्र में संबोधित करते हुए कहा कि 2025 तक उत्तराखण्ड को हर क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए पिछले 3 दिनों से जो मंथन हुआ, इसके आने वाले समय में सुखद परिणाम मिलेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास के लिए अधिकारियों द्वारा जो रोडमैप बनाया जा रहा, इसका प्रस्तुतीकरण देखकर अच्छा प्रतीत हो रहा है। अधिकारियों ने राज्य हित से जुड़ विषयों पर काफी मेहनत की है। उन्होंने कहा कि इस चिंतन शिविर में जो भी सुझाव आये हैं, इनको कार्ययोजना में लाया जायेगा। महत्वपूर्ण सुझावों को कैबिनेट में भी लाया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें सरलीकरण, समाधान और निस्तारण के मंत्र के साथ आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के समग्र विकास के लिए गांवों का विकास जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों में जन प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को चौपाल लगाकर जन समस्याएं सुननी होंगी, ताकि उन समस्याओं का शीघ्रता से समाधान हो।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य में अनेक कार्य हो रहे हैं। प्रधानमंत्री उत्तराखण्ड के विकास के प्रति हमेशा चिंतित रहते हैं। चारधाम आल वेदर रोड, पर्वतमाला, हवाई सेवाओं के विस्तार, ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन, केदारनाथ पुनर्निर्माण, बद्रीनाथ मास्टर प्लान पर तेजी से काम हो रहा है। केदारनाथ व हेमकुंड के रोपवे की सौगात हमें मिली है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का मुख्य सेवक होने के नाते कुछ बिंदु नीति आयोग उपाध्यक्ष के समक्ष उन्होंने रखें है। उम्मीद है हमारी अपेक्षाओं को नीति आयोग अपना सहयोग प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केन्द्र सरकार द्वारा संचालित फ्लैगशिप कार्यक्रमों के संबंध में सभी जिलाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि इनका तेजी से क्रियान्वयन हो।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सचिव को निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित कराया जाए कि जन समस्याओं का समाधान शीघ्रता से हो। जिन समस्याओं का समाधान तहसील या जिला स्तर पर हो सकता है, वह अनावश्यक रूप से शासन, मंत्रियों और मुख्यमंत्री तक न पहुंचे। इसके लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। स्वच्छ भारत अभियान के साथ ‘टीम उत्तराखंड’ की थीम लेकर हम आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा कि जो अच्छा काम करने वाले अधिकारी हैं, उनका प्रोत्साहन होना चाहिए। इसके लिए उत्कृष्टता पुरस्कार दिये जाने की व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह का आयोजन अगले छह माह में फिर से करने का प्रयास किया जायेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि एक सामान्य व्यक्ति जैसे सोचता है, वैसे ही सरल तरीके से लोगों की समस्याओं का समाधान करने पर ध्यान केंद्रित करें। यह भी अच्छी पहल है कि कि जूनियर अधिकारी प्रस्तुतिकरण दे रहे थे और सीनियर सवाल कर रहे थे।
कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि इस तीन दिवसीय चिंतन शिविर में विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञों एवं कर्मवीरों द्वारा जो मंथन किया गया, इसके भविष्य में सुखद परिणाम मिलेंगे। उन्होंने कहा कि राजस्व व्यय को कम करने की दिशा में प्रयास करने होंगे। राज्य में आय के स्रोतों को बढ़ाना होगा। राज्य के समग्र विकास के लिए शहरी क्षेत्रों के साथ पर्वतीय क्षेत्रों का सुनियोजित विकास हो, इस दिशा में राज्य सरकार द्वारा विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र पोषित योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाय। विभिन्न कार्यों एवं योजना के लिए केंद्र से प्राप्त होने वाली धनराशि का सुनियोजित तरीके से समय पर व्यय किया जाय। राजस्व वृद्धि की दिशा में हमें और प्रयास करने होंगे।
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि इस प्रकार के चिंतन शिविर समय समय पर होते रहें। जिससे राज्य हित में आगे की योजनाएं बन सके। उन्होंने कहा कि जन सुविधा के दृष्टिगत प्रक्रियाओं के सरलीकरण की दिशा में प्रयास किए जाय। चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं को हर संभव सुविधा मिले, इस दिशा में और प्रयास किए जाय। राज्य में शीतकालीन यात्रा को भी बढ़ावा देना होगा। राज्य में एडवेंचर टूरिज्म के क्षेत्र में भी अपार संभावनाएं हैं। पर्यटन को बढ़ावा देने से राज्य की आर्थिकी में तेजी से वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की संस्कृति के संरक्षण के लिए भी और प्रयासों की जरूरत है। पंचायतों को सशक्त बनाने की दिशा में हमें और प्रयास करने होंगे।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि 2025 में जब राज्य स्थापना की रजत जयंती मनाएगा तब तक अपने विभागों के माध्यम से राज्य के विकास में हम क्या महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं, इसके लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने होंगे। उन्होंने कहा कि वे सौभाग्यशाली हैं कि राज्य में जय जवान, जय किसान को सशक्त बनाने की जिम्मेदारी उन्हें दी गई है। उन्होंने कहा की उत्पादों में आंकड़ों के बजाय गुणवत्ता पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है। अधिकारी सुनिश्चित करें कि योजनाओं का लाभार्थियों तक लाभ समय पर पहुंचे।
कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि 2025 को लेकर जो ये चिंतन शिविर हुआ है, राज्य को हर क्षेत्र में अग्रणी बनाने में सहायक सिद्ध होगा। इस तरह का चिंतन शिविर विभागवार भी होना चाहिए। जिलाधिकारियों को और अधिक अधिकार मिले, हमें इस दिशा में सोचना होगा। अच्छे कार्य करने वाले अधिकारियों को सराहना होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 2025 तक हमें 5 संकल्प पर कार्य करना होगा। सम्पूर्ण शिक्षा, भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड, क्षय रोग मुक्त उत्तराखंड, गरीबी एवं नशा मुक्त उत्तराखंड के संकल्प को पूरा करना होगा।
कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि राज्य के समग्र विकास के लिए कार्यपालिका एवं विधायिका के बीच सही समन्वय जरूरी है। जंगलों को बचाने के लिए एवं लोगों की आजीविका को बढ़ाने के लिए सामुदायिक सहभागिता पर विशेष ध्यान देना होगा। वन पंचायतों के माध्यम से लोगों की आजीविका बढ़ाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। इको टूरिज्म की संभावनाओं को और बढ़ाना होगा। एरोमेटिक फार्मिंग की दिशा में राज्य में प्रबल संभावनाएं हैं। इसके लिए स्थानीय लोगों को एरोमेटिक फार्मिंग के लिए प्रोत्साहित किया जाय। साइंटिफिक तरीके से नदियों, नालों के पुनर्जीवीकरण की दिशा में प्रयास करने होंगे। हर्बल सेक्टर में भी लोगों को जागरूक किया जाय।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि 2025 तक उत्तराखण्ड को अग्रणी राज्य बनाने के लिए महिला सशक्तिकरण एवं युवाओं के सशक्तिकरण की दिशा में विशेष ध्यान देना होगा। महिला सशक्तिकरण की दिशा में राज्य सरकार द्वारा अनेक प्रयास किये जा रहे हैं। युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं।
कैबिनेट मंत्री चंदन राम दास ने कहा कि आज हम बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। 03 साल में राज्य में परिवहन विभाग ने 35 प्रतिशत राजस्व वृद्धि की है। एमएसएमई के तहत राज्य में तेजी से कार्य हो रहे हैं। हमें पर्वतीय क्षेत्रों में लघु उद्योगों को तेजी से बढ़ावा देना होगा।
कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि मत्स्य पालन के क्षेत्र में लोगों की आजीविका बढ़ाने के राज्य में विशेषकर पर्वतीय जनपदों में विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों की आय बढ़ाने के लिए यह एक अच्छा सैक्टर है। मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में हमें इनोवेटिव मार्केटिंग की जरूरत है। उत्तरा फिश प्रोजेक्ट को प्रारम्भ किया गया है। राज्य में वेटनरी एम्बुलेंस को लांच किया गया है। डेरी उत्पादों को राज्य में प्रमोट किया गया है। राज्य में गोट वैली कांसेप्ट पर काम किया जा रहा है।
इस अवसर पर नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस.संधु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनन्द बर्द्धन एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

समसामयिक फिल्म बनाने पर कैबिनेट मंत्री अग्रवाल ने दी बधाई

उत्तराखंड भू कानून विषय पर आधारित फिल्म ’भूमि’ का शुभ मुहूर्त शॉट कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल द्वारा किया गया। इस मौके पर मंत्री डॉ अग्रवाल ने सेट पर सभी कलाकारों का परिचय जाना और समसामयिक विषय पर फिल्म बनाने को लेकर टीम यूनिट को बधाई दी।
गुरुवार को देहरादून में फिल्म का मुहूर्त कर मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार पर देश हित में भू कानून बनाने पर काम कर रही है। इस संदर्भ में पूर्व मुख्य सचिव सुभाष कुमार की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय समिति ने प्रदेश हित में निवेश की संभावनाओं और भूमि के अनियंत्रित क्रय-विक्रय के बीच संतुलन स्थापित करते हुए भू-कानून में संशोधन के लिए 23 संस्तुतियां की हैं।
मंत्री डॉ अग्रवाल ने बताया कि समिति ने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सौपी है। जिस पर अध्ययन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में फ़िल्मांकन की अपार संभावनाएं हैं, प्रकृति ने अपना आशीर्वाद राज्य को दिया है, इस कारण यहा फ़िल्म डेस्टिनेशन की झलक देखने को मिलती है। मंत्री डॉ अग्रवाल ने कहा कि भूमि फ़िल्म में 165 कलाकारों होने से राज्य के प्रतिभावान युवाओं को रोजगार मिलेगा।
फ़िल्म निर्देशक किशन बगोट ने बताया कि भूमाफियाओं द्वारा उत्तराखण्ड के किसानों की जमीन को हथियाकर उसे महंगे दाम पर बेचने की स्टोरी इस फ़िल्म में दिखाई गई है। बताया कि कहानी में गांव के युवक द्वारा एक बड़ा आन्दोलन करके शासन प्रशासन को एक भू कानून बनाने पर मजबूर किया जाता है और अन्त में सभी किसानो को उनकी जमीने वापिस मिल जाती है। निर्देशक ने बताया कि राज्य के गढ़वाल, कुमायूँ, जौनसार क्षेत्र सहित 53 जगहों में फ़िल्म की शूटिंग होगी। बताया कि गढ़वाल के अलावा फिल्म हिंदी भाषा में भी फिल्माई जाएगी।
इस मौके पर फ़िल्म निर्देशक किशन बगोट, अनुज जोशी, गंभीर सिंह जायरा, चंद्रवीर गायत्री, प्रेम रावत, राजू भाई, हर्ष हसीन, आशीष कुकरेती, मेहरबान मिया, प्रकाश द्विवेदी, घनानंद, मनीष भट्ट, संजय अग्रवाल, महक बिष्ट, रचना भंडारी आदि फ़िल्म यूनिट के सदस्य उपस्थित रहे।

उत्तराखंड फ़िल्म पवेलियन में पहुंच रहे फिल्मी कलाकार और निर्माता

गुरूवार को गोवा में उत्तराखंड फ़िल्म पवेलियन में विशेष प्रमुख सचिव सूचना अभिनव कुमार ने अन्तर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में शामिल की गई उत्तराखंड में निर्मित शार्ट हिंदी फिल्म पाताल-ती की टीम से भेंट कर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी। अभिनव कुमार ने पूरी टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा भी अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की गई है। मुख्यमंत्री धामी का कहना है कि राज्य के लिए यह गर्व की बात है कि रुद्रप्रयाग जिले के युवाओं का यह प्रयास राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना पाया है। अभिनव कुमार ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ऐसे प्रयासों को हर संभव सहयोग एवं प्रोत्साहन देगी। पाताल ती कल 25 नवम्बर को फ़िल्म महोत्सव में दिखायी जाएगी। नई फ़िल्म नीति में अंतर्राष्ट्रीय समारोहों हेतु चयनित फ़िल्मों को प्रोत्साहन देने हेतु विशेष प्रावधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य के युवा फ़िल्म निर्माताओं को हर संभव सहयोग देना प्राथमिकता है जिससे उत्तराखंड में स्वस्थ और समृद्ध फ़िल्म संस्कृति का विकास हो।
इस अवसर पर फिल्म के निर्माता-निर्देशक रुद्रप्रयाग जिले के संतोष रावत एव उनकी टीम ने बताया कि अपने सीमित संसाधनों के बल पर इस शार्ट फ़िल्म का निर्माण किया गया है। इस फ़िल्म को दक्षिण कोरिया के बुसान शहर में 39वें इंटरनेशनल शार्ट फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित किया जा चुका है। इसके साथ ही मास्को में भी प्रदर्शित हो चुकी है। रावत ने बताया कि यह फ़िल्म उत्तराखंड की भोटिया जनजाति पर केंद्रित फिल्म है, जो एक दादा-पोते के बीच भावनात्मक रिश्ते के ऊपर है। यह फ़िल्म 26 मिनट की है, जो पहाड़ में प्रकृति व मानव के बीच के संघर्ष को सामने लाती है। रावत ने विशेष प्रमुख सचिव सूचना का धन्यवाद ज्ञापित किया। साथ ही राज्य सरकार से युवाओं को सहयोग प्रदान करने का अनुरोध किया।
वहीं, उत्तराखंड पवेलियन में प्रसिद्ध अभिनेता पंकज त्रिपाठी और संजय सूरी ने भ्रमण किया। इस अवसर पर उत्तराखंड फ़िल्म विकास परिषद के नोडल अधिकारी डॉ. नितिन उपाध्याय भी उपस्थित थे।
बॉलीवुड में अपनी कला और सरल व्यक्तित्व के दम पर अलग पहचान बना चुके प्रसिद्ध अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने उत्तराखंड पवेलियन में आकर फ़िल्म नीति और शूटिंग लोकेशन की जानकारी ली। पंकज त्रिपाठी को इस अवसर पर उत्तराखंड की पहाड़ी टोपी और अंगवस्त्र भेंट किया गया। त्रिपाठी ने कहा कि उत्तराखंड बेहद खूबसूरत जगह है। इसके साथ ही प्रसिद्ध फ़िल्म अभिनेता संजय सूरी भी उत्तराखण्ड पवेलियन में आए। सूरी ने फ़िल्म नीति में शॉर्ट फ़िल्म और वीडियो ब्लॉगिंग को स्थान देने का सुझाव दिया। संजय सूरी ने कोविड काल में उत्तराखंड में दो फ़िल्में शूट की हैं ।53वे अन्तर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा प्रतिभाग किया गया है। मध्यप्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, पंजाब, दिल्ली, झारखंड के साथ ही अन्य फ़िल्म निर्माता और निर्देशकों द्वारा प्रतिभाग किया जा रहा है। इन सबके बीच उत्तराखंड पवेलियन सभी फ़िल्म निर्माता और निर्देशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

वन, उद्योग और कौशल विकास में करने होंगे कई बेहतरीन कार्य

सशक्त उत्तराखंड @25 चिंतन शिविर के अंतिम दिन आज वन विभाग एवं कौशल विकास के की लघु एवं दीर्घकालिक योजनाओं पर प्रस्तुतिकरण दिया।

वन विभाग
वन विभाग के प्रमुख वन संरक्षक अनूप मालिक द्वारा दिए गए प्रस्तुतिकरण में बताया गया कि किस तरह से विभाग दीर्घ एवं लघु योजनाओं पर काम कर रहा है। प्रकृति आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पांच नए डेस्टिनेशन को अगले पांच वर्षों में चयनित एवं विकसित किए जाएंगे। इसी तरह अंतरराष्ट्रीय मार्केटिंग लिंकेज बनाकर 10 नए डेस्टिनेशन को अगले दस वर्ष में विकसित किए जाएंगे। मानव-वन्य जीव संघर्ष को रोकने हेतु स्टेट एक्शन प्लान बनाया जाएगा। साथ ही संवेदनशील इलाकों में रैपिड रेस्पॉन्स टीमों का गठन किया जाएगा, स्टेक होल्डर्स यानि स्थानीय निवासियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। पर्वतीय क्षेत्रों में बंदरों के आतंक को कम करने के लिए बताया गया कि बंदरों को पकड़कर इनकी नसबंदी की जा रही है। वहीं, हाथी एवं बाघ के पारंपरिक गलियारों को रिस्टोर करने के प्रयास किये जा रहे हैं।

आयुष
सचिव आयुष डॉ. पंकज कुमार पांडेय द्वारा आयुष को लेकर विभाग का रोडमैप बताया गया। उन्होंने कहा कि आयुष को दोबारा स्थापित करना है। उत्तराखण्ड को आयुष और योग का हब बनाना बनाना है। इस क्षेत्र में प्राइवेट इन्वेस्टमेंट को प्रमोट किया जा रहा है। आयुष ढांचे को अपग्रेड करने के प्रयास किये जा रहे हैं। अभी 300 वेलनेस सेन्टर राज्य में संचालित हो रहे हैं। योगा एवं नेचुरोपैथी का सेल बनाया जा रहा है। उन्होंने दवाओं के प्रमाणीकरण करने की जानकारी भी दी। इसके लिए राष्ट्रीय स्तर का सिस्टम बनाने की बात कही। जड़ी-बूटियों के प्रोडक्शन को बढ़ाने पर बल दिया। उन्होंने विभाग में प्रशिक्षित डॉक्टर एवं पैरामेडिकल स्टाफ की कमी को इंगित किया। राज्य में आदर्श आयुष ग्राम विकसित करने के प्रयास किये जा रहे हैं। बताया कि डेंगू में होम्योपैथी काफी कारगर साबित हो रही है।

उद्योग
डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय द्वारा उद्योग के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों पर भी प्रस्तुतिकरण दिया गया जिसमें बताया गया कि हरिद्वार एवं पंतनगर सिडकुल में अच्छा काम हो रहा है। इकॉनमिक डेवलपमेन्ट के लिए स्वरोजगार पर जोर दिया गया। उन्होंने बताया कि जीआई टैगिंग के बाद हमारी मार्केटिंग ऊपर आ जाती है। इसे बढ़ाने के प्रयास किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में अच्छा कार्य हो रहा है। टूरिज्म एवं सर्विस सेक्टर पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वन डिस्ट्रिक्ट टू प्रोडक्ट पर कार्य किए जा रहे है। उद्योग जगत के लोगों को राज्य में अधिकतम इन्वेस्ट के लिए प्रेरित किया जा रहा है। प्रोडक्ट की जी.आई. टैगिंग पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इन्वेस्टमेंट के लिए लैंड बैंक पर भी कार्य किए जा रहे हैं। गति शक्ति में तेजी से कार्य किए जा रहे हैं।

कौशल विकास
सचिव कौशल विकास विजय कुमार यादव ने कौशल विकास पर कहा कि उद्योगों की डिमांड के हिसाब से कौशल विकास विभाग द्वारा लोगों को विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है। लॉन्ग टर्म एवं शॉर्ट टर्म स्किल डेवलपमेंट की व्यवस्थाएं की गई हैं। फैकल्टी को भी अप स्किलिंग करने की व्यवस्था की जा रही है। अपडेटेट ट्रेनिंग मटेरियल एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ लोगों को प्रशिक्षण मिले इस दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। आईटीआई में स्पेशल ट्रैनिंग प्रोग्राम भी आयोजित किए जा रहे हैं। ये प्रशिक्षण देश के अच्छे संस्थानों से सहयोग लेकर किए जा रहे हैं। आईटीआई सहसपुर में स्किल हब भी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण देने वाले विभागों में आपसी समन्वय का होना भी जरूरी है।
कौशल विकास विभाग के प्रस्तुतिकरण के दौरान नैनीताल के जिलाधिकारी धीराज गबर्याल द्वारा पहाड़ी भवन निर्माण शैली को संरक्षित करने और रोजगार देने के उद्देश्य से हुनरशाला पहाड़ों में खोलने का सुझाव दिया गया। उनके द्वारा बताया गया कि वर्तमान में कौशल विकास का पूरा ध्यान उद्योग की जरूरत पर आधारित है जबकि हम अपनी पारंपरिक हुनर को खो रहे हैं जिनके संरक्षित कर इसे पर्वतीय इलाकों में रोजगार सृजन का बड़ा माध्यम बनाया जा सकता है। सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार द्वारा कौशल विकास विभाग को नोडल विभाग बनाने का सुझाव दिया गया।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनंद बर्धन, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, एल फैनई, सचिवगण एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

धामी की योगा क्लास में अधिकारियों की हाजिरी

लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी के अंतिम दिन की शुरुआत योगा शिविर से हुई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में मुख्य सचिव एसएस संधू और तमाम वरिष्ठ अधिकारी गणों ने योग किया। अकादमी के कालिंदी ग्राउंड में योग शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर योग प्रशिक्षकों के द्वारा सभी को योग के विभिन्न आसन कराए गए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित अधिकारियों ने योग के आसनों का अभ्यास किया।
वहीं, लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी में चल रहे चिंतन शिविर से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अकादमी परिसर के अंदर ही मॉर्निंग वॉक की। इस दौरान वह अकादमी के गेट तक गए और यहां सुरक्षा में तैनात आईटीबीपी के जवानों से मुलाकात कर उनकी कुशलक्षेम पूछी। इस दौरान रास्ते में मिले लोगों का वह अभिवादन स्वीकार करते रहे। इसके बाद मुख्यमंत्री ने अकादमी परिसर में भी राउंड लगाया और यहां स्थापित पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा के पास पहुँचकर नमन किया।

अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में आयोजित उत्तराखण्ड दिवस में मुख्यमंत्री ने की शिरकत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली के प्रगति मैदान मे चल रहे 41वें भारत अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मेले के तहत उत्तराखण्ड पवेलियन में उत्तराखण्ड दिवस समारोह एवं इस अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। इस अवसर पर नाट्यशाला थियेटर में उत्तराखण्ड के लोक कलाकारों द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये। इस वर्ष व्यापार मेले की थीम “वोकल फार लोकल, लोकल टू ग्लोबल” रखी गयी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के विकास में उत्तराखण्ड के साथ प्रवासी उत्तराखण्ड वासियों का बड़ा योगदान है। राज्य के विकास की यह हम सबकी सामूहिक विकास यात्रा है। उन्होंने कहा कि हमारे प्रवासी उत्तराखण्डवासी हमारे राज्य के ब्रांण्ड एम्बेसडर हैं। उन्होंने कहा कि अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मेला जैसे आयोजन विभिन्न राज्यों की प्रगति से परिचित का अवसर प्रदान करते हैं। यह व्यापार मेला उत्तराखण्ड के लोगों की जीवन्त सहभागिता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। उत्तराखण्ड पवेलियन में “वोकल फार लोकल, लोकल टू ग्लोबल” थीम के अनुसार उत्तराखण्ड में हो रहे सतत विकास का प्रस्तुतीकरण, राज्य सरकार की नीतियों एवं कार्यक्रमों की जानकारी के साथ-साथ प्रदेश के हथकरघा एवं हस्तशिल्प, राज्य के कृषि एवं उद्यान क्षेत्र के उत्पादों को प्रदर्शित किया गया है, जिससे राज्य को पहचान मिलेगी।

उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश के लिए अच्छी कानून व्यवस्था, स्वच्छ पर्यावरण, रेल, सड़क तथा वायु परिवहन की सुविधाए सस्ती एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति तथा अप्रदूषित जल संसाधन उपलब्ध हैं। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश को निवेश के लिए एक सर्वाधिक उपयुक्त डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की दिशा में लगातार सक्रियता के साथ प्रयास किया जा रहा है। विगत वर्षाे में हमारे द्वारा निवेश के अनेक अवसरों के अधिकाधिक उपयोग का प्रयास किया जा रहा है। वर्तमान में उत्तराखण्ड राज्य निवेशकों के लिए न केवल एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में प्रतिस्थापित हुआ है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की दिशा में राज्य सरकार सतत प्रयत्नशील है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद देश और देशवासियों में आशा, विश्वास और नई ऊर्जा का संचार हुआ है। उनके नेतृत्व में देश हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। वैश्विक स्तर पर भारत का मान, सम्मान एवं स्वाभिमान बढ़ा है। देश में नई कार्य संस्कृति की शुरुआत हुई है। समरस, समर्थ एवं शक्तिशाली भारत की पहचान देश व दुनिया में हुई है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन का कार्य कर ही है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन एवं केन्द्र सरकार के सहायोग से प्रदेश में रेल लाइन के निर्माण कार्य तेजी से हो रहा है। रोड़ नेटवर्क, चारधाम, ऑलवेदर रोड, भारत माला श्रृंखला की सड़कें एक कोने से दूसरे कोने को जोड़ने का कार्य कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने 5 नवम्बर, 2021 को बाबा केदार की भूमि से कहा कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा, इसी का प्रतिफल है कि इस बार चारधाम यात्रा में लगभग 46 लाख से अधिक रिकार्ड संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, जबकि 4 करोड़ से अधिक श्रद्धालु कांवड यात्रा में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने का हमारा प्रयास निरंतर जारी है। उन्होंने कहा कि हेमकुण्ड साहिब व केदारनाथ धाम के लिए रोपवे का शिलान्यास हो चुका है। जो यात्रा तीन से चार दिन में होती थी वह अब कुछ ही घंटों में हो सकेगी, यात्रा अब सुगम, सरल होगी।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड अनेक प्रकार की प्राकृतिक संपदाओं से युक्त है। प्रदेश का लगभग 70 प्रतिशत भूभाग प्राकृतिक सुंदरता व वनों से घिरा हुआ है जो पर्यटन, उद्यानिकी के लिये अनुकूल है। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में जो बेस्ट प्रैक्टिसेज हुई हैं उनको अपना कर हम विकास के मॉडल को खड़ा कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड पूरे देश व दुनिया को शुद्ध जल व पर्यावरण देने का कार्य करता है, प्रदेश के विकास का मॉडल इकोलाजी व इकोनॉमी दोनों को संतुलित करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रोजगार के अवसर को बढ़ाने के लिये हमने नीतियों में संशोधन कर आवश्यक सुझावों को भी जोड़ा है। प्रदेश में फिल्म सिटी, होटेल्स के लिए स्थान चयनित कर निवेशकों को आकर्षित करने का कार्य किया जा रहा है, इसके लिये लैंड बैंक की व्यवस्था की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी अल्मोड़ा में आजीविका महोत्सव आयोजित किया गया था, आजीविका महोत्सव में रूरल बिजनेस इक्यूबेटर (आर0बी0आई0) की संख्या में एक साल के अन्दर 03 गुना वृद्धि हुई है। राज्य के परम्परागत उत्पाद तथा हस्त निर्मित उत्पादों को देश-विदेश में पहचान मिलने से राज्य के लोगों की आजीविका एवं आर्थिकी में वृद्धि होगी तथा रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के प्रवासियों तथा देश व विदेश से आने वाले निवेशकों को हर सम्भव सुविधा एवं सहायता उपलब्ध कराने के लिए कृत संकल्पित है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य आपके साथ मिलकर एक समृद्ध उत्तराखण्ड का निर्माण करना है। प्रदेश सरकार सदैव आपके सहयोगी की भूमिका में आपके साथ है और हम सब मिलकर ही एक आदर्श उत्तराखण्ड राज्य के निर्माण की परिकल्पना को पूर्ण कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रवासी उत्तराखण्ड वासियों से पर्व व त्योहारों पर अपने पैतृक स्थान में आने तथा उत्कृष्ट उत्तराखण्ड बनाने में अपना योगदान देने की भी अपील की।

इस अवसर पर सांसद अजय टम्टा, सचिव उद्योग डॉ पंकज कुमार पाण्डेय, सचिव संस्कृति हरि चंद्र सेमवाल, स्थानिक आयुक्त उत्तराखण्ड अजय मिश्रा, उद्योग निदेशक सुधीर चन्द्र नौटियाल, संस्कृति निदेशक बीना भट्ट, पैवेलियन निदेशक के0 सी0 चमोली आदि उपस्थित थे।

हिमाचल के बाद दिल्ली में बतौर स्टार प्रचारक पार्टी के समर्थन में प्रचारकर रहे धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की धमक हिमाचल चुनाव के बाद अब दिल्ली में भी देखने को मिल रही है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बतौर स्टार प्रचारक भाजपा के लिए प्रचार में उतर गए हैं। रविवार को मुख्यमंत्री धामी ने एक ज़बरदस्त रोड शो से इसकी शुरुआत कर दी है। इससे पूर्व हिमाचल विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शिमला, सिरमौर, पौंटा साहिब, नाहन समेत एक दर्जन से ज्यादा सीटों पर जनसभा एवं चुनावी रैलियां कर चुके हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रविवार को दिनभर अल्मोड़ा ज़िले के दौरे पर तमाम बैठक और कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के बाद दिल्ली पहुँचे। उन्होंने नगर निगम चुनाव में भाजपा प्रत्याशी विनोद नगर सीट से रवि नेगी और मंडावली सीट से शशी चांदना के पक्ष में शांति मार्ग से श्रीराम चौक तक रोड शो किया। इस दौरान उनके साथ दिल्ली सांसद गौतम गंभीर भी मौजूद रहे मुख्यमंत्री धामी के रोड शो में उमड़े हजारों की भीड़ ने साबित कर दिया कि सीएम धामी का चेहरा उत्तराखंड ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी लोगों को खूब भा रहा है।
यह पहला मौका है जब उत्तराखंड के किसी भी मुख्यमंत्री को अन्य राज्यों में भी आम जनता का इतनी भारी तदात में प्यार मिल रहा है।

गौरतलब है कि उत्तराखंड के 22 सालों के सफर में पुष्कर सिंह धामी सबसे युवा चेहरे के तौर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में काम कर रहे हैं। पार्टी हाईकमान भी युवा चेहरे के तौर पर सीएम धामी को राष्ट्रीय परिदृश्य में विभिन्न राज्यों में चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी सौंप रही है। इससे पूर्व हिमाचल चुनाव में मुख्यमंत्री धामी ने पौंटा, शिमला, सिरमौर समेत एक दर्जन विधानसभा सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में चुनावी रैलियां कर चुके हैं। अब दिल्ली नगर निगम चुनाव में सीएम धामी के जबरदस्त रोड शो से यह साबित हो गया है कि युवा मुख्यमंत्री धामी की राष्ट्रीय फलक पर एक मंझे हुए राजनीतिज्ञ के तौर पर पहचान बन गई है। भाजपा राष्ट्रीय नेतृत्व इसी वजह से सीएम धामी को विभिन्न प्रदेशों के चुनाव में जिम्मेदारी सौंप रहा है।

मोदी कर रहे भारत की संस्कृति और सभ्यता को बचाने का कार्य-धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मल्ला महल, अल्मोड़ा में आयोजित आजीविका महोत्सव सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने दृष्टिबाधित बालिका नेहा के लोकगीत गाने पर प्रोत्साहन धनराशि भी प्रदान की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य की सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा में लोक संस्कृति की विभिन्न झलक देखने से ही बनती है। अल्मोड़ा जिले में हमेशा से ही लोक संस्कृति को बचाने का कार्य हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की संस्कृति एवं सभ्यता को बचाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा केन्द्र सरकार के नेतृत्व में राज्य सरकार मानसखण्ड कारिडोर मिशन पर कार्य कर रही है जिसके अन्तर्गत पौराणिक मन्दिरों एवं धार्मिक स्थलों का संरक्षण कर इन्हें आपस में जोड़ने पर कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार लोक संस्कृति के संरक्षण एवं लोक विधाओं को आगे बढ़ाने हेतु प्रतिबद्व है। उन्होंने कहा कि हमें संकल्प के तौर पर पलायन को रोकना होगा। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों एवं विभिन्न संस्थानों द्वारा बनाये जा रहे सभी स्थानीय उत्पादों को राज्य सरकार एक मंच उपलब्ध करायेगी जिससे इन उत्पादों को देश के साथ ही विदेशों में पहचान मिल सके। इस कार्यक्रम में राजस्थानी लोक कलाकारों, श्रीनगर से आयी पाण्डावास टीम द्वारा रंगारंग सुन्दर प्रस्तुत दी गयी।
इस दौरान कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री डा0 धन सिंह रावत, केबिनेट मंत्री रेखा आर्या, सांसद अजय टम्टा, भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश बहुगुणा, विधायक अल्मोड़ा मनोज तिवारी, विधायक कपकोट सुरेश गड़िया, जिलाधिकारी वन्दना, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार राय, मुख्य विकास अधिकारी अंशुल सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

महिला संगठनो और स्वयं सहायता समूहों के साथ सीएम का संवाद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को हवालबाग, अल्मोड़ा में ’मुख्य सेवक आपके द्वार’ कार्यक्रम के अंतर्गत महिला संगठनो एवं स्वयं सहायता समूहों के साथ संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने समाज कल्याण विभाग के सहयोग से दिव्यांगजनों को 3 व्हील चेयर वितरित की तथा वन विभाग द्वारा लीस रॉयल्टी के 8 करोड़ के डमी चेक भी वितरित किए।
मुख्यमंत्री ने महिला कृषक समूह के सदस्यों, खेल से जुड़े युवाओं, नव उद्यमियों, कृषकों एवं विभिन्न समाज सेवियों से भी संवाद किया। इस संवाद के दौरान कुल 29 आवेदन पत्र/सुझाव प्राप्त हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास की हम सबकी यह सामूहिक यात्रा है। हम सभी के सुझावों एवं विचारों का संज्ञान लेकर आगे बढ़ रह हैं। जनता की समस्याओं का त्वरित निस्तारण हो इसके लिये शासन एवं जिला स्तरीय अधिकारियों को तत्परता के साथ कार्यवाही के निर्देश दिये गये हैं।
मुख्यमंत्री ने महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा किये जा रहे उत्पादन कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वोकल फॉर लोकल का जिक्र करते हुए देशवासियों से आग्रह किया कि जहां भी जाएं एक संकल्प करें कि यात्रा पर जितना भी खर्च करते हैं उसका कम से कम 5 प्रतिशत वहां के स्थानीय उत्पाद खरीदने पर खर्च करें। इससे राज्य के उत्पादों को बढ़ावा मिलने के साथ देश व दुनिया में उनकी पहचान भी बनेगी। मुख्यमंत्री ने जनपद की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से कहा कि वे जनपद की अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार से जुड़ने के लिए प्रेरित करें।
इस दौरान कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री डा0 धन सिंह रावत, केबिनेट मंत्री रेखा आर्या, सांसद अजय टम्टा, भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश बहुगुणा, जिलाधिकारी वन्दना, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार राय एवं अन्य लोग मौजूद रहे।