गृह मंत्रालय ने बढ़ाई एसडीआरएफ की रिकवरी व पुनर्निर्माण की दरें

केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा एसडीआरएफ की रिकवरी और पुनर्निर्माण की निर्धारित दरों को संशोधित कर बढ़ा दिया गया है। इस बढ़ोतरी से आपदा प्रभावित उत्तराखंड को सबसे ज्यादा लाभ होगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से इस बढ़ोतरी के लिए लंबे समय से पैरवी की जा रही थी। केंद्रीय गृह मंत्रालय को इस संबंध में लगातार पत्र लिखने के साथ ही मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी व्यक्तिगत तौर पर मुलाकात कर रिकवरी और पुनर्निर्माण की इन दरों को बढ़ाने का अनुरोध किया था।
बता दें कि इससे पूर्व एसडीआरएफ की मदों में रिकवरी और पुनर्निर्माण के मानक तय नहीं थे। साथ ही दरें भी काफी कम थी। इस प्रकार धनराशि कम होने से क्षतिग्रस्त परिसम्पत्तियों के मरम्मत कार्य में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से कई बार गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर एसडीआरएफ के मानक की धनराशि बढ़ाए जाने का अनुरोध किया गया था। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए इस मामले में विचार करने का अनुरोध किया था।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए 14 अगस्त को एसडीआरएफ की रिकवरी और पुनर्निर्माण की दरों के संबंध में विस्तृत दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। इससे आपदा प्रभावित उत्तराखंड को सबसे अधिक लाभ होगा। आपदा में क्षतिग्रस्त परिसम्पत्तियों के मरम्मत कार्य में सुविधा होगी और जनसामान्य को होने वाली कठिनाइयों को दूर किया जा सकेगा।

’धामी कैबिनेट ने प्रधानमंत्री व गृहमंत्री का जताया आभार’
उत्तराखंड कैबिनेट ने एसडीआरएफ की रिकवरी और पुनर्निर्माण की दरें बढ़ाए जाने का स्वागत करते हुए इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया है। शनिवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इस मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से की गई प्रभावी पैरवी के लिए उनका भी धन्यवाद व्यक्त किया गया। कहा गया कि मानकों में संशोधन का सबसे ज्यादा लाभ उत्तराखंड को मिलेगा।

’पहाड़ में घर की पूर्ण क्षति पर मिलेंगे ₹2 लाख’
पूर्व में मैदानी इलाकों में पक्के घरों के लिए निर्धारित मानक ₹01.20 लाख प्रति घर के स्थान पर अब 30 से 70 प्रतिशत क्षति होने की दशा में ₹90 हजार प्रति घर तथा 70 प्रतिशत से अधिक क्षति होने पर ₹1.80 लाख कर दिया गया है तथा पहाड़ी क्षेत्रों में पूर्व में निर्धारित मानक ₹01.30 लाख प्रति घर के स्थान पर अब 30 से 70 प्रतिशत क्षति होने की दशा में ₹01 लाख प्रति घर तथा 70 प्रतिशत से अधिक क्षति होने पर ₹02 लाख प्रति घर कर दिया गया है।

’प्राइमरी स्कूल भवन के लिए मिलेंगे ₹15 लाख’
प्राथमिक स्कूलों के लिए पूर्व में निर्धारित मानक प्रति विद्यालय ₹02 लाख की सीमा के अध्यधीन रहते हुए वास्तविक व्यय के अनुसार परिवर्तित करते हुए अब प्राथमिक स्कूलों के लिए 30 से 70 फीसदी की क्षति होने पर ₹07.50 लाख तथा 70 प्रतिशत से अधिक की क्षति पर ₹15 लाख अनुमन्य किया गया है।
माध्यमिक/वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के नाम से पूर्व में मानक निर्धारित नहीं थे, किन्तु अब माध्यमिक/वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के 30 से 70 प्रतिशत क्षतिग्रस्त होने की दशा में ₹12.50 लाख तथा 70 प्रतिशत से अधिक की क्षति पर ₹25 लाख अनुमन्य किया गया है।

’सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की भी धनराशि बढ़ी’
प्राथमिक/सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के लिये पूर्व में ₹02.50 लाख प्रति यूनिट की अधिकतम सीमा के अध्यधीन वास्तविक व्यय के अनुसार अनुमन्य था, जिसको अब बढ़ाकर उपकेन्द्र मैदानी क्षेत्र के लिये 30 से 70 प्रतिशत की क्षति तक ₹ 09.20 लाख तथा 70 प्रतिशत से अधिक की क्षति पर ₹18.40 लाख अनुमन्य किया गया है। पर्वतीय क्षेत्र के लिए यह राशि कमशः ₹07.91 लाख तथा ₹15.81 लाख अनुमन्य किया गया है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के लिए मैदानी क्षेत्रों में 70 प्रतिशत की क्षति तक ₹20.99 लाख तथा 70 प्रतिशत से अधिक की क्षति पर ₹41.97 लाख अनुमन्य है। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर्वतीय क्षेत्रों के लिए 70 प्रतिशत की क्षति तक ₹24. 72 लाख तथा 70 प्रतिशत से अधिक ₹49.45 लाख अनुमन्य है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मैदानी क्षेत्र के लिये 70 प्रतिशत की क्षति तक ₹79.06 लाख तथा 70 प्रतिशत से अधिक की क्षति पर ₹158.12 लाख। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर्वतीय क्षेत्र के लिये 70 प्रतिशत की क्षति तक ₹92.86 लाख तथा 70 प्रतिशत से अधिक की क्षति पर रू0 185.72 लाख।

’पुल की क्षति पर मिलेंगे 35 करोड़’
पुल प्रति संख्या में 70 प्रतिशत की क्षति तक ₹1750 लाख तथा 70 प्रतिशत से अधिक की क्षति पर ₹3500 लाख अनुमन्य किया गया है।

’अन्य क्षतिग्रस्त परिसम्पत्तियों के लिए निर्धारित दरें एक नजर में’
-तटबन्ध प्रति किमी- 70 प्रतिशत की क्षति तक ₹50.00 लाख और 70 प्रतिशत से अधिक की क्षति पर ₹ 01 करोड़ प्रति किमी।
-प्रमुख सड़कों के लिए मैदानी क्षेत्र में 70 प्रतिशत की सीमा तक ₹32 लाख प्रति किमी और 70 प्रतिशत से अधिक होने पर ₹64 लाख प्रति किमी। इसी प्रकार पहाड़ी क्षेत्रों में 70 प्रतिशत की सीमा तक ₹93.75 लाख और 70 प्रतिशत से अधिक होने पर ₹187.75 लाख प्रति किमी।
-अन्य जिला सड़कों के लिए भी मैदानी क्षेत्रों में 70 प्रतिशत की सीमा तक ₹26.75 लाख प्रति किमी तथा 70 प्रतिशत से अधिक होने पर ₹54.50 लाख। इसी प्रकार पहाड़ी क्षेत्रों के लिए 70 प्रतिशत की सीमा तक ₹80 लाख तथा 70 फीसदी से अधिक होने पर ₹159.88 लाख।

रुद्रप्रयाग को करोड़ों रुपये की योजनाओं की सौगात

मौसम खराब होने के चलते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अगस्त्यमुनि रुद्रप्रयाग में आयोजित रक्षाबंधन एवं जनमिलन कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्मय से कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सभी बहनों को रक्षा बन्धन की शुभकामनायें दी तथा शीघ्र रुद्रप्रयाग पहुंचने का वादा कार्यक्रम में शामिल मातृशक्ति से किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनपद को आठ घोषणाओं की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने अगस्त्यमुनि नगर पंचायत को नगर पालिका बनाने, जनपद में तकनीकि शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए भणज में आईटीआई खोलने, तुंगनाथ महोत्सव मक्कू को जिला स्तरीय मेला घोषित किये जाने, मयाली बसुकेदार गुप्तकाशी मोटर मार्ग का चौड़ीकरण-हॉटमिक्स किये जाने, गुप्तकाशी पीएचसी को उच्चीकृत कर सीएचसी बनाये जाने, महर्षि अगस्त्यमुनि मंदिर का सौंदर्यीकरण किये जाने, यात्रा मार्ग पर घोड़े एवं खच्चरों की अचानक मृत्यु होने पर दाह किए जाने एवं दफनाने की व्यवस्था बनाये जाने के साथ ही विजयनगर- पठालीधार मार्ग के हिस्से का पुननिर्माण किये जान हेतु 5 करोड़ की स्वीकृति प्रदान किये जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार महिला सशक्तिकरण के प्रति पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। विभिन्न जनकल्याणकारी एवं महिला सशक्तिकरण आधारित योजनाओं से हमारा प्रयास महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। आज हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित हो रही है। स्वयं सहायता समूह के माध्यम से महिलाएं, स्वयं को, परिवार एवं राज्य को आत्मनिर्भर बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। राज्य सरकार ने महिलाओं को सरकारी नौकरी में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तराखंड के प्रत्येक जनपद में मातृशक्ति सबसे आगे हैं। स्वयं सहायता समूह के उत्पाद, मल्टीनेशनल कंपनी के उत्पादों को भी पीछे छोड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के अंतर्गत महिलाओं के द्वारा निर्मित उत्पादों को बेचने के लिए उचित बाजार उपलब्ध करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में ’हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड’ का शुभारंभ किया गया है। इस ब्रांड के उत्पादों की तेजी से मांग हो रही है। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने हेतु लखपति दीदी योजना के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख तक का ऋण बिना ब्याज के दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारनाथ धाम में दूसरी चरण की यात्रा को लेकर पूरी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद की जा रही है। यात्रा को और सुगम एवं सुव्यस्थित बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। केदारघाटी आपदा के बाद फिर से पुराने स्वरूप में आये और केदारनाथ की यात्रा फिर से अच्छी तरह से संचालित हो तथा इसमें कोई व्यवधान न हो इसके लिये प्रभावी प्रयास किये जा रहे है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सितम्बर माह के प्रथम सप्ताह से कपाट बन्द होने तक चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाईन की व्यवस्था पूर्व की भांति चलती रहेगी एवं जो तीर्थ यात्री उत्तराखण्ड में चारों धामों के दर्शन के लिए ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन नहीं करा पायेंगे, उन्हें मौके पर ही रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था उपलब्ध करायी जायेगी। इसमें किसी भी प्रकार की संख्या की बाध्यता नहीं रहेगी। इसके लिए ऑफलाईन स्पॉट रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की जायेगी। यह व्यवस्था हरिद्वार, ऋषिकेश एवं इसके अतिरिक्त गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ एवं बदरीनाथ के मुख्य पड़ावों पर भी की जायेगी। चारधाम यात्रा के दौरान बैरिकेडिंग एवं चौकिंग की व्यवस्था की समीक्षा कर उसे न्यूनतम किया जायेगा। इस वर्ष की यात्रा पूर्ण होते ही अगले वर्ष की यात्रा के लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी जाएंगी। जल्द यात्रा प्राधिकरण के माध्यम से यात्रा संचालन के प्रयास किये जायेंगे, इसके लिए तेजी से कार्य चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारनाथ या किसी दूसरे धाम के नाम पर कहीं भी देश में दूसरा मंदिर नहीं बनेगा। कैबिनेट में प्रस्ताव लाकर यह निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारखण्ड के सभी मंदिरों का विकास किया जा रहा है। पर्यटन को बढावा देने के लिये 05 करोड तक की पर्यटन विकास से संबंधित योजनाओं पर 1.50 करोड की सब्सिडी दिये जाने का निर्णय भी राज्य मंत्रिमण्डल द्वारा लिया गया है इससे पर्वतीय क्षेत्रों में होटल, होमस्टे सहित अन्य पर्यटन योजनाओं के विकास में मदद मिलेगी तथा युवाओं के लिये स्वरोजगार के अवसर बढेंगे।
मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के रूप में अगस्त्यमुनि एवं रिजेंटा रिसोर्ट ऊखीमठ में मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव में मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि रुद्रप्रयाग विधायक भरत सिंह चौधरी ने रक्षाबंधन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर स्थानीय ग्रामीण महिलाओं ने विधायक के हाथों में रक्षा सूत्र बांधकर मुख्यमंत्री को राखिया प्रेषित की।
विधायक भरत सिंह चौधरी ने भी उपस्थित सभी महिलाओं को रक्षाबंधन पर्व की बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश के मुख्यमंत्री जी को कार्यक्रम में प्रतिभाग करना था, लेकिन पल- पल बदल रहे खराब मौसम के कारण उनका पहुंचना संभव नहीं हो पाया। उन्होंने सभी महिलाओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि सभी बहनों की राखियाँ मुख्यमंत्री जी तक सुरक्षित पहुंचा दी जाएंगी। इस अवसर पर उन्होंने केदारनाथ की दिवंगत विधायक शैला रानी रावत के निधन को अपूरणीय क्षति बताया। साथ ही कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री स्वयं केदारनाथ क्षेत्र के विकास को लेकर संकल्पित हैं। उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में प्रदेश के मुख्यमंत्री केदारनाथ क्षेत्र में आकर स्थानीय महिलाओं एवं ग्रामीणों से रूबरू होंगे।
इस अवसर पर दायित्वधारी चंडी प्रसाद भट्ट, जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुमंत तिवाड़ी, भाजपा प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी, जिलाध्यक्ष महावीर सिंह पंवार, जिला पंचायत अध्यक्ष अमरदेई शाह, महिला मोर्चा अध्यक्ष आशा नौटियाल ने भी महिलाओं को रक्षा बंधन की शुभकामनाएं दी एवं सरकार द्वारा महिलाओं के हित चलाई जा रही योजनाओं तथा सरकार की उपलब्धियों की जानकारी दी। कार्यक्रम में जिलाधिकारी सौरभ गहरवार, एसएसपी लोकेंद्र सिंह, मुख्य विकास अधिकारी डॉ जीएस खाती सहित बडी संख्या में महिलायें एवं क्षेत्रीय जनता उपस्थित थी।

पेरिस ओलिंपिक में प्रतिभाग कर लौटे खिलाड़ियों का सीएम ने बढ़ाया उत्साह

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में पेरिस ओलिंपिक में प्रतिभाग कर लौटे खिलाड़ियों अंकिता ध्यानी, परमजीत सिंह एवं सूरज पंवार ने भेंट की।
मुख्यमंत्री ने पेरिस ओलंपिक में प्रतिभाग पर तीनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उन्हें सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सूरज पंवार ने 42 किमी रेस वॉक मिक्स्ड रिले, परमजीत सिंह ने 20 किमी रेस वॉक एवं अंकिता ध्यानी ने 5000 मीटर में प्रतिभाग किया।
मुख्यमंत्री ने तीनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे आगे आने वाली प्रतियोगिताओं में पूरे समर्पण से अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और प्रदेश की जनता उनके साथ है।

रक्षा सूत्र बांधकर सीएम की दीर्घायु की कामना की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को रक्षाबंधन के पावन पर्व पर पर संत महात्माओं ने रक्षा सूत्र बांधकर उनके दीर्घायु की कामना की है। मुख्यमंत्री ने संत महात्माओें का स्वागत कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। रक्षाबंधन के अवसर पर सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में अखिल भारतीय अखाडा परिषद के अध्यक्ष स्वामी रवीन्द्र पुरी महाराज, महामण्डलेश्वर स्वामी हरिचेतना नन्द महाराज तथा महामण्डलेश्वर स्वामी यतीन्द्रानंद गिरी महाराज ने मुख्यमंत्री से भेंट की। उन्होंने मुख्यमंत्री को रक्षा सूत्र बांधकर उनके दीर्घायु तथा मंगलमय भविष्य की कामना की। इस अवसर पर संत समाज का मुख्यमंत्री ने आभार भी व्यक्त किया।

सरकार की योजनाओं से महिला समूहों को आगे बढ़ने में मिल रही मददः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना एवं मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना के अन्तर्गत महिला समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने इन स्टॉलो का अवलोकन करते हुए स्थानीय उत्पादों (घी एवं अन्य) की खरीदारी भी की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रदेश में महिला स्वयं सहायता समूह को आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है। राज्य की महिलाएं समूहों के माध्यम से बहुत बेहतर उत्पाद बना रही है। समूहों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को नई पहचान मिल रही है एवं रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षा बंधन से पूर्व स्वयं सहायता समूह द्वारा राखियां बनाई जा रही हैं। सरकार द्वारा महिलाओं को अपने उत्पाद बेचने के लिए उन्हें सुविधा अनुसार मंच उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने समस्त प्रदेशवासियों से आगामी रक्षा बंधन के लिए स्थानीय स्तर पर बनी राखियों एवं अन्य उत्पाद खरीदने का आग्रह किया।

सचिवालय में बड़ोवाला से देवभूमि स्वयं सहायता समूह, डाकपत्थर से वैभव लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह, रायपुर से मिलन स्वयं सहायता समूह, सहसपुर से आस्था क्लस्टर लेवल फेडरेशन, हवालबाग अल्मोड़ा से विकास क्लस्टर लेवल फेडरेशन, आस्था क्लस्टर लेवल फेडरेशन, विरांगना क्लस्टर लेवल फेडरेशन, एवं अन्य स्वयं सहायता समूहों द्वारा अपने उत्पाद बेचें जा रहे हैं।

इस दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद् विश्वास डाबर, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव राधिका झा, अपर सचिव मनुज गोयल, सीडीओ देहरादून झरना कामठान एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सैनिक कल्याण को सीएम की घोषणाओं के प्रति पूर्व सैनिकों द्वारा जताया गया आभार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड पूर्व सैनिक संगठन द्वारा रविवार को दून सैनिक इंस्टीट्यूट गढ़ीकैंट देहरादून में आयोजित आभार एवं संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। पूर्व सैनिक संगठन के अधिकारियों एवं सैनिकों के साथ वीरांगनाओं ने मुख्यमंत्री द्वारा कारगिल विजय दिवस के अवसर पर राज्य में शहीद सैनिकों को मिलने वाली अनुग्रह अनुदान राशि 10 लाख रूपये से बढ़ाकर 50 लाख रूपये किये जाने, शहीद सैनिक के परिवारजनों को सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने की अवधि को 02 साल से बढ़ाकर 05 वर्ष किये जाने, शहीदों के आश्रितों को जिलाधिकारी कार्यालयों में समूह ‘ग’ और समूह ‘घ’ के अलावा अन्य विभागों में भी इन पदों पर भी नियुक्ति प्रदान करने के साथ ही सैनिक कल्याण विभाग में कार्यरत संविदा कर्मियों को उपनल कर्मियों की भांति अवकाश प्रदान किये जाने की घोषणा के प्रति उनका आभार व्यक्त कर मुख्यमंत्री को सम्मानित भी किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे सैनिक हिमालय के प्रहरी तथा पर्यावरण के संरक्षक भी है। उन्होंने पूर्व सैनिकों से ‘हर घर तिरंगा’ तथा ‘एक पेड मां के नाम’ अभियान की सफलता में सहयोगी बनने की अपेक्षा करते हुए मसूरी में सैनिक विश्राम बनाये जाने की घोषणा की। कार्यक्रम में वीरांगनाओं ने मुख्यमंत्री का तथा मुख्यमंत्री ने वीरांगनाओं को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा युद्ध में वीरगति को प्राप्त होने वाले सेना एवं अर्द्धसैन्य बलों के जवानों के एक आश्रित को उनकी शैक्षिक योग्यता के अनुसार राज्याधीन सेवाओं में नौकरी दी जा रही है। अभी तक 17 सैनिक आश्रितों को राज्याधीन सेवाओं में नौकरी दी गई है। उत्तराखण्ड एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां वीरता पुरस्कार से अलंकृत सैनिकों को एकमुश्त वार्षिक राशि का जीवन पर्यन्त भुगतान किया जाता है। विशिष्ट सेवा पदक पुरस्कार से अलंकृत सैनिकों की एकमुश्त राशि बढ़ाई गई है। द्वितीय विश्व युद्ध के पूर्व सैनिक एवं युद्ध विधवाओं को प्रतिमाह दिये जाने वाले अनुदान को 08 हजार से बढ़ाकर 10 हजार किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सेना ने हमेशा अदम्य साहस एवं वीरता का परिचय दिया है। हमारी सेना के शौर्य एवं पराक्रम का इतिहास है। उत्तराखण्ड देवभूमि के साथ वीरभूमि भी है। उत्तराखण्ड से प्रत्येक परिवार सैनिक पृष्ठभूमि से जुड़े हैं। उत्तराखण्ड के सैनिकों एवं सैन्य परिवारों द्वारा दिये गये योगदान को शब्दों से बयां करना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही भव्य सैन्य धाम का भी लोकार्पण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हमेशा सेना का मनोबल बढ़ाने का कार्य किया है। होली, दीपावली और कोई विशिष्ट दिन हो तो सेना के बीच में जाकर उनके साथ मनाते हैं। उनके नेतृत्व में सेना के मनोबल बढ़ाने का कार्य हो रहा है। वन रैंक वन पेंशन से सैनिकों का मनोगल बढा है। हमें अपनी भारतीय सेना पर गर्व है, जिनकी वजह से देश सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखण्ड का दशक बताया है। हम राज्य को देश के अग्रणी राज्यों में सामिल करने के लिये प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्यों में उत्तराखण्ड को देश में प्रथम स्थान मिला है। इसे बनाये रखना हमारे लिए चुनौती भी है, जिन इन्डीकेटर पर राज्य को और सुधार की आवश्यकता है, उनको भी बेहतर बनाने के प्रयास किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य के समग्र विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने बांगलादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों की घटना को दुःखद बताते हुए कहा कि ऐसे समय पर हमारे देश के कई लोग जाति पति के बंधन में उलझे हैं। जबकि यह समय हमारे लिये सामुहिक रूप से इस विषय पर चिन्तन करने का है। उन्होंने कहा कि विश्व के कई देशों में होने वाली घटनाओं पर कैंडल मार्च निकालने वाले भी इस घटना के प्रति अनजान बने है। उन्होंने कहा कि यह समय आपसी एकता का है। उन्होंने पूर्व सैनिकों से राष्ट्र जागरण के कार्य में भी सहयोगी बनने को कहा।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए प्रदेश सरकार द्वारा अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की गई है। द्वितीय विश्व युद्ध की अनुदान राशि, विशिष्ट सेना मेडल अवार्ड राशि में बढ़ोतरी तथा वीरता पदक पुरस्कार की एक मुश्त अनुदान राशि में भी कई गुना बढ़ोतरी की गई है।

इस अवसर पर जे. ओ. सी. एब एरिया मे.ज. प्रेम राज, निदेशक सैनिक कल्याण ब्रिगेडियर अमृत लाल, अध्यक्ष उपनल ब्रिगेडियर जे. एस. बिष्ट सहित बड़ी संख्या में सेना एवं पूर्व सैन्य अधिकारियों के साथ पूर्व सैनिक तथा वीरांगनायें उपस्थित थी।

ब्रह्मकुमारीज बहनों ने मंत्री अग्रवाल की कलाई पर बांधा रक्षासूत्र

कैबिनेट मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल की कलाई पर ब्रह्मकुमारीज बहनों ने रक्षासूत्र बांधकर भाई-बहन का पवित्र त्यौहार रक्षा बंधन का पर्व मनाया। इस मौके पर मंत्री डा. अग्रवाल जी ने ब्रह्मकुमारीज बहनों को बड़े भाई के रूप में आशीर्वाद दिया।

शासकीय आवास पर पहुंची ब्रह्मकुमारीज बहनों से मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि रक्षा बंधन सिर्फ एक धागे को कलाई पर बांधने की रस्म नहीं है, बल्कि भाई और बहन के बीच की पवित्र डोर है। जो कभी टूट नहीं सकती है।

डा. अग्रवाल ने कहा कि हर घर या परिवार में बहन का होना आवश्यक है, इससे भाई-बहन के रिश्ते को बारिकी से समझने में मदद मिलती है। एक भाई की तकलीफ उसकी मां के अलावा बहन ही जानती है। इसका उदाहरण हिंदू पौराणिक कथाओं में देखने को मिलता है।

डा. अग्रवाल ने बताया कि महाभारत में जब भूलवश सुदर्शन चक्र से भगवान कृष्ण की उंगली कट गई थी, यह देख द्रौपदी ने उंगली से बहते खून को रोकने के लिए कपड़े का एक टुकड़ा बांध दिया। भगवान कृष्ण द्रौपदी की भावनाओं से बहुत प्रभावित हुए और बदले में, दुनिया की सभी बुराइयों से उसकी रक्षा करने का वादा किया था। जिसे श्रीकृष्ण ने बखूबी निभाया भी।

डा. अग्रवाल ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने द्रौपदी के चीरहरण के दौरान, जब कौरवों ने उसे शर्मसार करने और नीचा दिखाने की कोशिश की, तो उन्हें अपमान से बचाकर अपना वादा निभाया था।

दून लाइब्रेरी एण्ड रिसर्च सेन्टर की सुविधाओं का निःशुल्क लाभ सरकारी स्कूलों के छात्रों को मिलेगा

सरकारी स्कूलों के छात्र-छात्राएं दून लाइब्रेरी एण्ड रिसर्च सेन्टर की सुविधाओं का निःशुल्क लाभ उठा सकते हैं। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने दून लाइब्रेरी एण्ड रिसर्च सेन्टर (डीएलआरसी) में सभी सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क सदस्यता की व्यवस्था के निर्देश देते हुए जिलाधिकारी देहरादून को तत्काल इस सम्बन्ध में सभी सरकारी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को पत्र लिखने के निर्देश दिए हैं।

सचिवालय में दून लाइब्रेरी एण्ड रिसर्च सेन्टर की 45वीं गवर्निंग बॉडी की बैठक की अध्यक्षता के दौरान मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने दून लाइब्रेरी एण्ड रिसर्च सेन्टर में प्रतियोगी परीक्षाओं के ऑरियेण्टेशन प्रोग्राम के साथ सरकार द्वारा युवाओं के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं, स्वरोजगार योजनाओं, स्टार्ट अप पॉलिसी की जानकारी का प्रचार-प्रसार करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। आज की बैठक में मुख्य सचिव ने दून लाइब्रेरी एण्ड रिसर्च सेन्टर के कॉर्पस फण्ड के लिए 2.12 करोड़ रूपये के धनराशि की मांग पर अनुमोदन दिया।

बैठक में जिलाधिकारी देहरादून, दून लाइब्रेरी एण्ड रिसर्च सेन्टर के निदेशक एन रविशंकर, नपच्याल, बी के जोशी व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्य सचिव ने कृषि व उद्यान विभाग को सभी पॉलिसी के अन्तिम प्रस्ताव भेजने की डेडलाइन दी

उत्तराखण्ड में मिलेट पॉलिसी, हाई टेक एप्पल नर्सरी पॉलिसी, पोस्ट हार्वेस्ट इन्फ्रा पॉलिसी, कीवी फार्मिंग पॉलिसी, हनी पॉलिसी, महक रेव्ल्यूशन पॉलिसी, झंगौरा के लिए एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) के निर्धारण पर तेजी कार्य चल रहा है। इसके साथ ही राज्य में सेब उत्पादन को बढ़ावा देने तथा किसानों की सुविधा व हित को ध्यान में रखते हुए मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने सचिवालय में सेतु आयोग व कृषि एवं उद्यान विभाग की बैठक में हाई डेनस्टि एप्पल पॉलिसी में संशोधन के प्रस्ताव को अन्तिम रूप देने के लिए उद्यान विभाग को 15 दिन की डेडलाइन दी है। इस सम्बन्ध में सब्सिडी वितरण को तीन किस्तों में 80 प्रतिशत, 10 प्रतिशत व 10 प्रतिशत किये जाने पर चर्चा की गई। वर्तमान पॉलिसी के तहत 171 एकड़ क्षेत्र में सेब उत्पादन के प्रस्ताव के सम्बन्ध में अभी तक 436 किसानों के आवेदन प्राप्त हुए हैं।

हाईटेक एप्पल नर्सरी पॉलिसी के सम्बन्ध में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी सभी स्टेकहॉल्डर्स के साथ चर्चा करने के बाद पॉलिसी को अन्तिम रूप में जल्द से जल्द प्रस्तावित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पोस्ट हार्वेस्ट इन्फ्रा पॉलिसी में वांछित संशोधन के बाद इस राज्य से फंडिग करवाने के साथ अन्तिम रूप में प्रस्तावित करने के निर्देश दिए हैं।

कीवी क्लटीवेशन पॉलिसी को एक सप्ताह से पहले अन्तिम रूप में प्रस्तावित करने का निर्देश देते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने इस सम्बन्ध में कीवी उत्पादकों को 80 प्रतिशत, 10 प्रतिशत व 10 प्रतिशत की तीन किस्तों में सब्सिडी वितरण पर चर्चा की है।

राज्य में एकीकृत मधुमक्खी उत्पादों के उत्पादन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से लाई जा रही हनी पॉलिसी को अन्तिम रूप से प्रस्तावित करने के लिए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने उद्यान विभाग को 4 सप्ताह की डेडलाइन दी है। उन्होंने मिलेट पॉलिसी में वाछिंत संशोधन कर इसे भी जल्द से जल्द अन्तिम रूप में प्रस्तावित करने के निर्देश दिए हैं। मिलेट पॉलिसी के तहत मिलेट्स की उत्पादकता बढ़ाने तथा क्षेत्र विस्तार पर फोकस किया जाएगा। सीएस ने निर्देश दिए हैं कि राज्य में गेहूँ व चावल की खेती से मिलेट्स की खेती में शिफट करने के विजन के साथ पॉलिसी पर कार्य किया जाए। उन्होंने मिलेट्स की खेती से राज्य के किसानों को मिलने वाले कार्बन क्रेडिट पर भी जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। सीएस ने झंगौरा के न्यूनतम समर्थन मूल्य को निर्धारित करने के प्रस्ताव को भी जल्द प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने राज्य में मिलेट्स उत्पादन की सटीक आंकड़े जुटाने के निर्देश दिए हैं।

राज्य में फलोरीकल्चर की अपार संभावनाओं को देखते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने हल्द्वानी व ऋषिकेश में फूलों की मंडी स्थापित करने की कार्ययोजना पर कार्य करने के साथ ही मंडियों तथा विभागों के मध्य समन्वय के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस सम्बन्ध में सप्लाई चेन को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने एग्रीकल्चर मास्टर प्लान के तहत सॉयल प्रोफाइलिंग के कार्य को तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में टीडीसी का नाम परिवर्तित कर उत्तराखण्ड सीड कॉरपोरेशन करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई ।

इस अवसर पर सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, सेतु आयोग वाइस चेयरमैन राजशेखर जोशी, सहित कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

ऋषिकेशः मंत्री अग्रवाल ने किया राजकीय उप जिला चिकित्सालय में सिटी स्कैन मशीन का उद्घाटन

राजकीय उप जिला चिकित्सालय ऋषिकेश में सीटी स्कैन मशीन का उद्धाटन क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने संयुक्त रूप से किया। उन्होंने कहा कि यह मशीन स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में यह बहुत मददगार साबित होगी। कहा कि मशीन का लाभ मिलने से अब निजी अस्पतालों का रूख नहीं करना पड़ेगा। साथ ही जेब पर अतिरिक्त मार नहीं झेलनी पड़ेगी।

मशीन का उद्धाटन कर मंत्री डा. अग्रवाल ने कहा कि लंबे समय से सीटी स्कैन मशीन की मांग उठ रही थी। उसकी आवश्यकता को देखते हुए यहां मशीन को स्थापित किया गया है। बताया कि इसकी कीमत 07 करोड 19 लाख 44 हजार 250 रूपये है। बताया कि इस मशीन में समस्त प्रकार के कार्डिक एन्जीयोग्राफी स्कैन की सुविधा है। बताया कि मशीन में एक ही बार में पूरे शरीर (होलबाडी) के स्कैन की सुविधा है। उन्होंने कहा कि मशीन के यहां स्थापित होने से क्षेत्रीय जनता के साथ ही चारधाम यात्रियों, कावंड यात्रा में आने वाले श्रद्वालुओं को सुविधा का लाभ मिलेगा।

डॉ अग्रवाल ने बताया कि मशीन में एक रेडियोलॉजिस्ट तथा दो टेक्नीशियन का स्टाफ रहेगा। उन्होंने बताया कि निजी अस्पतालों से बहुत ही कम दर पर यहां सीटी स्कैन की सुविधा मिलेगी। कहा कि वह स्वयं भी अपना उपचार सरकारी अस्पताल में ही कराते है। कहा कि बहुत जल्द यहाँ चिकित्सकों की कमी दूर होगी। बताया कि चार सर्जन के पद यहाँ के लिए स्वीकृत किये गए हैं

डॉ अग्रवाल ने कहा कि उनकी ओर से हमेशा राजकीय उपजिला अस्पताल के लिए कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र को मजबूत कर रही है।

इस मौके पर महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ तारा आर्य, मुख्य चिकित्साधिकारी देहरादून डॉ संजय जैन, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ प्रदीप चंदोला, अध्यक्ष महिला आयोग कुसुम कंडवाल, जिलाध्यक्ष रविन्द्र राणा, मण्डल अध्यक्ष सुमित पंवार, सुरेंद्र कुमार, संजय शास्त्री, शिव कुमार गौतम, नितिन सकसेना, देवदत्त शर्मा, विकास तेवतिया, सोनू पांडेय, अखिलेश मित्तल, हर्ष व्यास, रेडियोलोजिस्ट डॉ उत्तम सिंह खरोला, वरिष्ठ पैथोलोजिस्ट डॉ मुकेश पांडेय, डॉ आनंद सिंह राणा, डॉ रोहित उपाध्याय, डॉ अजय नैथानी, डॉ निधि, वशुदेव कुमार, जयंत शर्मा, रूपेश गुप्ता, जितेंद्र पाल, विवेक शर्मा, रंजन अंथवाल, प्रवीण रावत, दीपक बिष्ट, राजू नरसिम्हा, रीता गुप्ता आदि अस्पताल के कर्मचारी उपस्थित रहे।