उत्तराखंड राज्य के तेजी से विकास और जनता की बेहतरी के लिए राज्य सरकार ने शुरू की हैं अनेक गेम चेंजर योजनाएः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी जिले में संचालित विकास योजनाओं एवं जन कल्याणकारी कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को देवभूमि उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार के द्वारा शुरू की गई महत्वपूर्ण योजनाओं को पूरी तत्परता व प्रतिबद्धता से क्रियान्वित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं का पूरा लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने एवं विभागीय सेवाओं की जन-सामान्य तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने पर पर विशेष ध्यान दिया जाय।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी के एक दिवसीय भ्रमण पर जिला मुख्यालय में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में संचालित विकास योजनाओं एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखंड राज्य को तेजी से विकास के रास्ते पर आगे बढाने और जनता की बेहतरी के लिए राज्य सरकार ने अनेक गेम चेंजर योजनाएं शुरू की है। इसके साथ ही राज्य के आर्थिक संसाधनों को बढ़ाने की भी उल्लेखनीय पहल हुई है। केवल खनन क्षेत्र से रू. 1200 करोड़ का राजस्व मिलने की उम्मीद है। जबकि पहले खनन से मात्र 200 करोड़ का राजस्व मिलता था। यह संसाधन राज्य के विकास को गति देने में महत्वपूर्ण सिद्ध होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली देने और राज्य में सौर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने हेतु मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना शुरू की गई है। इस तरह की योजनाओं से राज्यवासियों को काफी लाभ मिलेगा। इन योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिकाधिक लोगों को लाभान्वित करने के लिए मुख्यमंत्री ने जिला, ब्लॉक व न्याय पंचायत स्तर तक शिविर आयोजित करने के निर्देश देते हुए कहा कि इन योजना की जन-प्रतिनिधियों को भी पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाय। उन्होंने कहा कि तेजी से विकास और जनकल्याण की राज्य सरकार की प्रतिबद्धताओं और प्रयासों का पूरा लाभ राज्यवासियों तक पहुंचाने के लिए अधिकारियों को दिन-रात ईमानदारी से जुटे रहना होगा।

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि मनोरम नैसर्गिक सौंदर्य और बेहतर आबो-हवा वाले सीमांत जनपद उत्तरकाशी में सड़कों का सुधार और सुविधाओं का विस्तार होने के कारण पर्यटन के क्षेत्र में काफी वृद्धि होने की संभावना है। इन संभावनाओं को साकार करने के लिए सभी लोगों को समन्वित प्रयास करना होगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सड़क परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए उत्तरकाशी से भैरोघाटी तक सड़क के चौड़ीकरण के प्रस्तावित कार्य को लेकर सीमा सड़क संगठन से पूरा ब्यौरा उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए कहा गंगोत्री धाम व सीमांत क्षेत्रों को जोड़ने वाली इस सड़क के चौड़ीकरण को लेकर केन्द्र सरकार के स्तर पर वार्ता कर इस काम को यथाशीघ्र प्रारंभ कराने का प्रयास किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यमुनोत्री हाईवे के चौड़ीकरण की प्रगति की भी जानकारी लेते हुए इस मार्ग पर चौड़ीकरण और भूस्खलन उपचार के प्रस्तावित कार्यों को शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने सड़कों को गड्ढामुक्त करने की प्रगति की जानकारी लेते हुए सड़क सुरक्षा के उपायों पर विशेष ध्यान दिए जाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि दो सालों के दौरान सरकार ने सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए क्रैश बैरियर लगाने के लिए सर्वाधिक धनराशि दी है। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग से निरीक्षण कराते हुए सड़कों में सभी जरूरी जगहों पर क्रैश बैरियर की स्थापना सुनिश्चित की जाय। मुख्यमंत्री ने जिले में गोविन्द वन्य जीव विहार के अंतर्गत पड़ने वाले क्षेत्र में पीएमजीएसवाई द्वारा प्रस्तावित सड़कों के लिए वन विभाग की अनुमति से संबंधित कार्यवाही शीघ्र निस्तारित करने के निर्देश देते हुए कहा कि इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट की रोक हटने के बाद अब कतई देरी न की जाय।

मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी जल संयोजनों में पानी की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाय और समस्याग्रस्त क्षेत्रों में जल स्रोतों के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाय। बैठक में बताया गया कि जिले में जल जीवन मिशन के तहत स्वीकृत 536 योजनाओं में से 430 पर कार्य पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री ने शेष 106 योजनाओं का कार्य भी समय से पूरा करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं की समीक्षा करने के साथ ही सरलीकरण-समाधान-संतुष्टि के सरकार के ध्येय के अनुरूप अधिकारियों को काम करने के निर्देश देते हुए कहा कि जन समस्याओं के समाधान के लिए तहसील दिवसों का नियमित रूप से आयोजन किया जाए और क्षेत्र पंचायतों की बैठकों में अधिकारी अनिवार्यतः प्रतिभाग करें।

बैठक में जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने जिले में विकास योजना की प्रगति की जानकारी देने के साथ ही जिले के विकास के लिए प्रस्तावित योजनाओं की जानकारी दी। बैठक में विधायक गंगोत्री सुरेश चौहान, पुलिस अधीक्षक अमित श्रीवास्तव, मुख्य विकास अधिकारी एसएल सेमवाल, अपर जिलाधिकारी रजा अब्बास, बीआरओ के कमांडर विवेक श्रीवास्तव, भाजपा के जिलाध्यक्ष सत्येन्द्र सिंह राणा,ब्लॉक प्रमुख भटवाड़ी विनीता रावत, ब्लॉक प्रमुख डुंडा शैलेंद्र कोहली, ब्लॉक प्रमुख मोरी बचन सिंह पंवार सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

केदारघाटी में लोक निर्माण विभाग की 29, सिंचाई विभाग की 12 कार्ययोजनाएं स्वीकृत

केदारघाटी में 31 जुलाई को हुई अतिवृष्टि के चलते श्री केदारनाथ धाम पैदल यात्रा मार्ग, सड़क मार्ग एवं अन्य स्थानों पर हुई क्षति को दुरुस्त करने एवं पुनर्निर्माण कार्यों के लिए 4836.63 लाख रुपए की धनराशि जारी हो गई है। लोक निर्माण विभाग की 29 एवं सिंचाई विभाग की 12 कार्ययोजनाएं स्वीकृत हुई हैं।

अतिवृष्टि के बाद से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार मामले पर अपडेट ले रहे हैं एवं गढ़वाल कमिश्नर सहित आपदा सचिव को भी मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी दी है। जिलाधिकारी सौरभ गहरवार के नेतृत्व में लोक निर्माण विभाग एवं सिंचाई विभाग विपरीत परिस्थितियों के बीच लगातार आपदा सुरक्षा एवं पुनर्स्थापना कार्य कर रहे हैं।बता दें कि केदारघाटी में 31 जुलाई को हुई अतिवृष्टि के चलते केदरनाथ सड़क एवं पैदल मार्ग कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गया था। पैदल यात्रा मार्ग 29 स्थानों पर क्षतिग्रस्त, जबकि सड़क मार्ग भी वाश आउट हुआ था। मंदाकिनी एवं सोन नदी के वेग से कई स्थानों पर सुरक्षा दीवारें भी क्षतिग्रस्त हुई थी। जनपद स्तर से विभिन्न स्थानों पर सुरक्षा कार्यों एवं पुनर्स्थापना कार्यों के लिए 41 प्रस्ताव भेजे गए थे। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के अनुमोदन के बाद लोक निर्माण विभाग की 1934.86 लाख की लागत की 29 जबकि सिंचाई विभाग की 2901.77 लाख लागत की 12 कार्य योजनाओं को स्वीकृति मिली है। लोक निर्माण विभाग के लिए 1472.21 लाख जबकि सिंचाई विभाग के लिए 1197.51 लाख रुपए सोमवार को दोनों विभागों ने अवमुक्त भी कर दिए हैं।

जब तक केदारनाथ को विधायक नहीं मिलता मैं स्वयं विधायक बनकर करूँगा कार्यः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने वादे के अनुरूप केदारनाथ विधानसभा की स्थानीय के लिये एक के बाद एक बड़ी सौग़ात दी है। मुख्यमंत्री धामी ने बीते रविवार को रुद्रप्रयाग दौरे से लौटने के बाद स्थानीय जनता की माँग के अनुरूप 14 अन्य महत्वपूर्ण विषय घोषणा में शामिल किए हैं। बीते रविवार को मुख्यमंत्री ने केदारघाटी समेत पूरे जनपद के लिये 25 घोषणाएं की इन 14 घोषणाओं समेत अब कुल 39 घोषणाओं को मुख्यमंत्री घोषणा में शामिल किया गया है।

गौरतलब है कि केदारनाथ की विधायक शैलारानी रावत के निधन के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदारनाथ विधानसभा क्षेत्र की जनता से वादा करते हुए कहा कि जब तक आपका विधायक नहीं बनता तब तक मैं ख़ुद वहाँ का विधायक बनकर काम करूँगा। मुख्यमंत्री ने अपने वादे के अनुरूप केदारघाटी समेत, तल्ला नागपुर, कालीमठ घाटी, मध्यमहेश्वर घाटी के लिए भी विभिन्न विकास योजनाओं की घोषणा की है।

सचिव मुख्यमंत्री डॉ. विनय शंकर पांडेय ने बताया कि मा. मुख्यमंत्री जी द्वारा बीते रविवार को रुद्रप्रयाग जनपद के लिए की गई 25 घोषणाओं के अतिरिक्त 14 अन्य 14 अन्य घोषणाओं को मुख्यमंत्री घोषणा में शामिल किया गया है।

इन 14 घोषणाओं को किया गया शामिल
1. मणिगुहा में नन्दाबाड़ी से सरकारी अस्पताल को जोड़ते हु धौनिक तक 02 किमी0 सडक का निर्माण किया जाएगा।
2. मचकण्डी से सौर भूतनार्थ (अगस्तमुनि) मन्दिर तक 03 किमी० मोटर मार्ग निर्माण ।
3. बासवाडा जलई किरधू गौर कण्डारा (अगस्तमुनि) द्वितीय चरण मोटर मार्ग निर्माण कार्य
4. केदारनाथ विधान सभा के अन्तर्गत अंधेरगढ़ी से धार तोलियों मोटर मार्ग के सुधारीकरण एवं डामरीकरण।
5. ऊखीमठ आन्तरिक मोटर मार्ग से किमाडा तक मोटर मार्ग (1.300 किमी0) का सुधारीकरण एवं डामरीकरण का कार्य।
6. त्यूंग बैण्ड से नहरा-कुण्डलिया मोटर मार्ग (1.78 किमी0) का सुधारीकरण एवं डामरीकरण का कार्य।
7. उनियाणा से किरमोडी पौल्दी द्वणी होते हुए कालीशिला 06 किमी० मोटर मार्ग निर्माण।
8. गोण्डार बंडतोती मोरखण्डा नदी पर पुल का निर्माण कार्य किया जाए।
9. चौमासी से खाम रेकाधार से केदारनाथ पैदल ट्रैकिंग मार्ग का अवशेष किया जाय।
10. वासवाड़ा मोहनखाल मोटर मार्ग का चौडीकरण व डामरीकरण का कार्य।
11. आपदा ग्रस्त ग्राम सभा किणझाणी का विस्थापन किया जायेगा।
12. सांणेश्वर मन्दिर सिल्ला बमड़ गांव (अगस्तमुनि) का सौन्दर्गीकरण का कार्य किया जाए।
13. पठालीधार (अगस्तमुनि) में खेल मैदान का निर्माण कार्य किया जाए।
14. अगस्तमुनि रा०स्नात्कोत्तर महाविद्यालय में ऑडिटोरियम का निर्माण कार्य किया जाए।

सीएम धामी ने रुद्रप्रयाग में लखपति दीदी अभियान शक्ति को सम्मान में किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुद्रप्रयाग के अगस्त्यमुनि क्रीड़ा मैदान में लखपति दीदी अभियान- शक्ति को सम्मान कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि केदारघाटी के स्थानीय उत्पादों को देश- विदेश में केदार ब्रांड बनाकर तैयार कर विपणन किया जाएगा। मातृशक्ति की आजीविका सुधार की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम होगा वहीं घाटी के होम स्टे से लेकर अन्य सुविधाओं को भी इसके अंतर्गत पहचान दी जाएगी। केदारघाटी की धार्मिक पहचान के साथ राज्य सरकार घाटी को नई पहचान दिलाने के लिए इसके अंतर्गत कार्य करेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदारनाथ विधानसभा की दिवंगत विधायक शैला रानी रावत को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके निधन पर मैंने इस विधानसभा की जिम्मेदारी बतौर उनका प्रतिनिधि लेने का आश्वासन दिया था। इसी क्रम में लगातार क्षेत्र के विकास के लिए शासन- प्रशासन सहित वरिष्ठ मंत्री इसमें लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि बीते दिनों 31 जुलाई को अतिवृष्टि के चलते भारी नुकसान हुआ, सड़कें और पैदल मार्ग बंद हो गए थे। यात्रा मार्ग पर फंसे विभिन्न स्थानों से करीब 15 हजार लोगों को रिकॉर्ड समय में मैनुअल एवं हैली से रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला गया। इसके अलावा 15 दिनों में पैदल मार्ग को सुचारू कर एक महीने के भीतर ही यात्रा को पूर्व जैसे भव्य स्वरूप में वापस लाया गया। उन्होंने स्थानीय जनता एवं केदार घाटी के लोगों को इस पूरे रेस्क्यू अभियान से लेकर यात्रा को दोबारा समय पर शुरू करवाने के लिए धन्यवाद दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को नई पहचान दिलाने के लिए मातृशक्ति बड़ी अहम भूमिका निभा रही है। पूरे प्रदेश के अंदर सैकड़ों की संख्या में महिला स्वयं सहायता समूहों में जुड़ी हजारों महिलाएं वर्ड क्लास उत्पाद तैयार कर अपने समूह और राज्य को नई पहचान दिला रही हैं। लगातार उनकी आजीविका में सुधार हो रहा है। वहीं प्रदेश सरकार ने हाउस ऑफ हिमालयाज कम्पनी का गठन कर प्रदेश के उत्पादों की नई सिरे से ब्रांडिंग कर मातृशक्ति को मजबूत करने का काम किया जा रहा है। इन्हीं महिला समूहों द्वारा 110 आउटलेट चारधाम यात्रा मार्गों पर खोले गए हैं जिनसे उनकी आजीविका सुदृढ़ हो रही है। रुद्रप्रयाग जनपद में 4000 से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बनने में सफल रही हैं और यह संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश और प्रदेशवासियों के हित में जल्द सख्त भू- कानून लागू होने जा रहा है। जिन लोगों ने अवैध रूप से जमीनों की खरीद फरोख्त की है उनसे जमीन वापस लेकर सरकारी भूमि में निहित की जाएगी। वहीं देश में सर्वप्रथम समान नागरिकता संहिता लागू करने वाला पहला प्रदेश भी उत्तराखण्ड बनने जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि केदारनाथ धाम एक था, एक है और एक ही रहेगा, देश में किसी भी स्थान पर उत्तराखंड के चार धामों के प्रयोग कर कोई मंदिर नही बनने दिया जाएगा।

इस अवसर पर राज्यसभा सदस्य महेंद्र भट्ट, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा, जिला पंचायत अध्यक्ष अमरदेई शाह, विधायक रुद्रप्रयाग भरत सिंह चौधरी, राज्यमंत्री चंडी प्रसाद भट्ट, विधायक शक्ति लाल शाह, प्रदेश अध्यक्ष भाजपा महिला मोर्चा आशा नौटियाल, भाजपा जिलाध्यक्ष महावीर पंवार, प्रदेश महामंत्री भाजपा आदित्य कोठरी, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय, आईजी करन नगन्याल, जिलाधिकारी सौरभ गहरवार, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कोंडे, मुख्य विकास अधिकारी डॉ जीएस खाती सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी एवं भारी संख्या में मातृशक्ति एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाएं
1. त्रियुगीनारायण-तोषी गरुड़चट्टी मार्ग स्वीकृति
2. विजयनगर झूला पुल से रामलीला मैदान के पीछे एप्रोच रोड एवं पार्किंग का निर्माण किया जाएगा।
3. स्व० शहीद फते सिंह रा०उ०मा०वि० बाडव का उच्चीकरण कर इण्टरमीडिएट किया जाएगा।
4. श्री वासुदेव मंदिर पुजारगांव के सौन्दर्गीकरण हेतु रुपए 01 करोड़ की स्वीकृति।
5. ग्राम मैठाणा के पणसिल्ला नामी तोक में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वीकृति।
6. राजकीय इंटर कॉलेज नागजगई, रांसी, पौठी, बावई, कमसाल, ग्वेफड़, खाखंरा, बीना में कला वर्ग के पदों की स्वीकृति दी जाएगी।
7. ग्राम सभा नाला में त्रिपुरा सुंदरी खेल मैदान, ग्राम सभा बडेथ (ताल जामण) के बुगला तोक, शिवानंदी, रणधार बांगर एवं कोठगी में मिनी स्टेडियम के निर्माण की स्वीकृति।
8. पर्यटक स्थल बधाणीताल का सौंदर्यीकरण किया जायेगा।
9. सुमाड़ी को नगर पंचायत बनाया जायेगा।
10. थाती बड़मा में वैटनरी मेडिकल की स्वीकृति (पूर्व में प्रस्तावित स्वीकृति सैनिक स्कूल की भूमि पर)
11. चिरबटिया आईटीआई का भवन निर्माण किया जायेगा।
12. रुद्रप्रयाग में सर्किट हाउस का निर्माण किया जायेगा।
13. गंगाधर मैठाणी राजकीय महाविद्यालय विद्यापीठ में बीएससी, एमएससी एवं एमए के साथ स्नातकोत्तर की स्वीकृति दी जाती है।
14. नाला से जाखधार- बणसू- त्यूडी तक मोटर मार्ग का डामरीकरण किया जायेगा।
15. चोपता में पॉलिटेक्निक कॉलेज भवन के अवशेष निर्माण कार्य को पूर्ण करने हेतु वन पत्रावली का निस्तारण किया जायेगा।
16. ऊखीमठ- पिंगला पानी पेयजल योजना की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की जाती है।
17. गुप्तकाशी- मस्ता- कालीमठ मोटर मार्ग की स्वीकृति दी जाती है
18. सिल्ला- बामण गाँव में साणेश्वर मन्दिर, सिद्धपीठ आशुतोष महादेव, तुगेश्रवर महादेव मन्दिर, फलासी एवं महड़ महादेव मंदिर महड़ गांव के सौंदर्गीकरण के लिए 25-25 लाख रुपए की स्वीकृति दी जाती है।
19. बसुकेदार में तहसील भवन के निर्माण की स्वीकृति दी जाती है।
20. पूर्व घोषणा के अंतर्गत शहीद राम सिंह राणा रा०उ०मा०वि० कालीमठ के उच्चीकरण की सैद्धान्तिक स्वीकृति ।
21. उरोली से कुंड सौड़ तक 2 किलोमीटर मोटर मार्ग की स्वीकृति दी जाती है।
22. जनता इंटर कॉलेज देवीधार (मोलखाचौरी) में भूगोल, ग्रह विज्ञान, मनोविज्ञान, एवं विज्ञान वर्ग की इंटर स्तर पर वित्त संहिता मान्यता स्वीकृति दी जाती है।
23. बदरी-केदार मंदिर समिति में अस्थाई कर्मियों का वन टाइम सेटलमेन्ट विनियमितीकरण किया जायेगा।
24. नगर पालिका परिषद रूद्रप्रयाग, अगस्त्यमुनि एवं नगर पंचायत तिलवाड़ा तथा ऊखीमठ के बाल्मिकी बस्ती के निवासियों हेतु आवासीय सुविधा की व्यवस्था की जायेगी।
25. फाटा में नई पार्किंग व्यवस्था विकसित की जाएगी।

मौका मिलने पर खंडूरी से मिलने घर पहुंचते है सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी को जन्मदिवस की बधाई देते हुए उनके स्वस्थ जीवन और दीर्घायु की कामना की।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को खंडूरी के जन्मदिन के अवसर पर उनके वसंत विहार स्थित आवास पर जाकर उन्हें जन्मदिवस की बधाई दी।
कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल और राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने भी पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी से भेंट कर उनको जन्मदिवस की बधाई दी।

धामी सरकार के बेहतर यात्रा प्रबंधन ने जीता यात्रियों का विश्वास

प्रदेश सरकार के बेहतर यात्रा प्रबंधन और सुरक्षा इंतजामों के चलते चार धाम यात्रा को लेकर यात्रियों में भारी उत्साह है। मानसून थमते ही यात्रा ने फिर रफ्तार पकड़ ली है। बीते दिवस 30 सितंबर को 20497 श्रद्धालु चार धाम दर्शन को पहुंचे। इनमें केदारनाथ धाम में सर्वाधिक 7350 तीर्थयात्री पहुंचे। अभी तक के पूरे यात्राकाल की संख्या पर नजर दौडाएं तो करीब 38 लाख श्रद्धालु चारधाम दर्शन को आ चुके हैं। केदारघाटी आपदा से निपटने में सरकार ने पूरी ताकत झोंककर जिस तेजी से स्थिति को सामान्य बनाया है, उससे यात्रियों का सरकार के प्रति विश्वास गहराया है। यात्री पूरे उत्साह और आस्था के साथ बाबा केदार के दर्शन को उमड़ पड़े हैं।
चारधाम यात्रियों की सुरक्षा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सर्वाेच्च प्राथमिकता रही है। मुख्यमंत्री के इस ध्येय वाक्य के अनुसार राज्य सरकार के यात्रा इंतजामों और व्यवस्थाओं का असर यात्रा पर दिखाई दिया है। केदारघाटी में 31 जुलाई को आई बड़ी आपदा का जिस प्रकार सरकार ने सामना किया, उसकी आम यात्रियों ने खुले दिल से तारीफ की है। पैदल मार्ग और पड़ावों पर फंसे यात्रियों और स्थानीय निवासियों को सुरक्षित निकालने में जरा भी देरी नहीं की गई। करीब 18 हजार लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर उन्हें उनके गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचा दिया गया। यही नहीं केदारघाटी में आम जनजीवन को बहाल करते हुए पैदल यात्रा मार्ग को सुधार कर यात्रा भी शुरू कर दी गई।
अब दूसरे चरण की यात्रा जोर पकड़ गई है। अक्टूबर और नवंबर माह में भी यात्रा के लिए बड़ी संख्या में यात्रियों ने पंजीकरण कराया है। 30 सितंबर को हेमकुंड और गोमुख समेत 22 हजार 244 श्रद्धालु चारधाम यात्रा पर पहुंचे। इनमें केदारनाथ के अलावा बदरीनाथ में 6811, गंगोत्री 3619, यमुनोत्री 2717, हेमकुंट 1632 और 115 श्रद्धालु गोमुख पहुंचे।

रिकॉर्ड बनाएगी चारधाम यात्रा
इस यात्राकाल में बीते दिवस 30 सितंबर तक कुल 37 लाख 91 हजार 205 यात्री चारधाम दर्शन को आ चुके हैं जबकि बीते वर्ष पूरे यात्राकाल में 56.13 लाख यात्री पहुंचे थे। इसी प्रकार वर्ष 2022 में 46.29 लाख और वर्ष 2019 में 34.77 लाख यात्री चारधाम दर्शन को पहुंचे। वर्ष 2020 और 2021 में कोरोना संक्रमण के चलते यात्रा प्रभावित रही। इन दो वर्षों में यात्री संख्या क्रमशः 3.30 लाख और 5.29 लाख रही।

इस वर्ष 17 दिन की देरी से शुरू हुई चारधाम यात्रा
इस वर्ष चारधाम यात्रा 10 मई से शुरू हुई है जबकि पिछले वर्ष 23 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही यात्रा का श्रीगणेश हो गया था। तब केदारनाथ के कपाट 25 अप्रैल और बदरीनाथ धाम के कपाट 27 अप्रैल को खुले थे। इस वर्ष गंगोत्री, यमुनोत्री और केदारनाथ धाम के कपाट 17 दिन बाद यानी 10 मई को खुले हैं, जबकि बदरीनाथ धाम की यात्रा 12 मई से शुरू हुई है। यात्रा अभी अगले माह नवंबर तक चलेगी।

केदारघाटी आपदा से भी प्रभावित रही यात्रा
केदारघाटी में 31 जुलाई की रात आई भीषण आपदा का असर भी यात्रा पर पड़ा है। हालांकि धामी सरकार ने तेजी से राहत और बचाव कार्य करते हुए कुछ दिनों के अंतराल में ही आम जनजीवन को बहाल कर दिया लेकिन सुरक्षा कारणों से यात्रा को कई दिनों के लिए रोक दिया गया था।

बेहतर यात्रा प्रबंधन पर नजर
केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग पर बनाए गए बीस पार्किंग स्थल।
पार्किंग प्रबंधन के लिए एक क्यूआर कोड-आधारित प्रणाली।
यातायात प्रबंधन के लिए सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती।
यात्रा पर निगरानी के लिए 850 सीसीटीवी कैमरे और 8 ड्रोन।
यात्रियों की सुविधा के लिए 56 पर्यटन सहायता केंद्रों की स्थापना।
ट्रैक रूट को साफ करने के लिए कुल 657 पर्यावरण मित्रों की तैनाती।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से यात्रा मार्ग पर 50 स्क्रीनिंग कियोस्क की स्थापना। स्वास्थ्य मित्र हैं तैनात।
यात्रा मार्ग पर 156 एम्बुलेंस तैनात। 8 ब्लड बैंक और 2 भंडारण इकाइयां स्थापित
49 स्थायी स्वास्थ्य सुविधाएं और 26 चिकित्सा राहत पोस्ट। 22 विशेषज्ञ, 179 चिकित्सा अधिकारी और 299 पैरामेडिकल स्टाफ तैनात।

सुगम, सुरक्षित, सुलभ और सुव्यवस्थित चारधाम यात्रा सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। देश-विदेश से हर वर्ष लाखों श्रद्धालु चारधाम यात्रा पर आते हैं। यात्रियों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध हैं। चारधाम यात्रा राज्य की आर्थिकी से भी जुड़ी है। राज्य में आज जिस तेजी के साथ श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है, उसे देखते हुए हमें यात्रा व्यवस्थाओं को और विस्तार देना होगा। इसकी कवायद भी शुरू कर दी गई है। इस बार केदारघाटी आपदा के चलते व्यवस्थाएं प्रभावित हुई, लेकिन सरकार ने इस कठिन चुनौती का भी दृढ़तापूर्वक सामना कर केदार यात्रा को बहाल किया।
-पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड

वरूणावत पर्वत पहुंचे प्रभारी मंत्री अग्रवाल, लैंड स्लाइड क्षेत्रों का किया निरीक्षण

प्रभारी व कैबिनेट मंत्री डा. प्रेम चन्द अग्रवाल ने वरूणावत पर्वत से लगे गुफियारा-जल संस्थान कॉलोनी के ऊपर पहाड़ी पर हो रहे भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर कहा है कि भूस्खलन के उपचार एवं आबादी वाले क्षेत्र की सुरक्षा के लिए सरकार विशेषज्ञों के परामर्श के अनुसार हर संभव कदम उठाएगी।

जिले के एक दिवसीय भ्रमण पर यहां पहॅुचे वित्त, शहरी विकास, आवास, विधायी एवं संसदीय कार्य, पुनर्गठन, जनगणना एवं जिले के प्रभारी मंत्री डा. प्रेम चंद अग्रवाल ने जिला मुख्यालय उत्तरकाशी में वरूणावत पर्वत से लगे गुफियारा-जल संस्थान कॉलोनी क्षेत्र में जाकर भूस्खलन का जायजा लेने के साथ ही इस भूस्खलन की रोकथाम एवं आबादी वाले क्षेत्र की सुरक्षा के लिए अधिकारियों से विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि भूस्खलन का मलवा व पहाड़ी से गिरने वाले पत्थर आबादी वाले क्षेत्र के तरफ न बढें, इसके लिए विशेषज्ञ संगठनों की राय से तात्कालिक महत्व के कार्य करने के साथ ही इस क्षेत्र में पहले से स्थापित लोहे की रेलिंग को विस्तारित व सुदृढ करने के साथ ही सुरक्षा दीवार बनाए जाने पर भी विचार किया जाय।

डा. अग्रवाल ने भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में विस्तृत सर्वेक्षण में जुटे टीएचडीसी, जीएसआई एवं यूएलएमएमसी के सर्वेक्षण दल के सदस्यों से भी मौके पर वार्ता कर सर्वेक्षण की प्रगति एवं वस्तुस्थिति की जानकारी ली। उन्होंने टीम के सदस्यों से यथाशीघ्र अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने की अपेक्षा करते हुए कहा कि सर्वेक्षण रिपोर्ट में दी जाने वाली संस्तुतियों के अनुसार भूस्खलन के उपचार एवं सुरक्षा कार्यों को लेकर कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। उन्होंने प्रभावित क्षेत्र में जन-जीवन की सुरक्षा के के लिए सभी एहतियाती कदम उठाए जाने के भी निर्देश दिए।

इस अवसर पर जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने बताया कि गत गत 27 अगस्त को सक्रिय हुए इस भूस्खलन में विस्तार की प्रवृत्ति देखने में नहीं आई है और मलवा-पत्थर अभी पहाड़ी क्षेत्र में ही रूका पड़ा है और स्थिति अभी सामान्य बनी हुई है। लेकिन प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर प्रशासन के द्वारा सभी एहतियाती कदम उठाए गए हैं। प्रशासन के द्वारा खतरे की आशंका वाले क्षेत्र में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की व्यवस्था भी की गई है। जिलाधिकारी ने कहा कि भूस्खलन के कारणों की विस्तृत जांच एवं उसके निदान के लिए तात्कालिक एवं दीर्घकालीन उपाय सुझाने हेतु में टीएचडीसी, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के साथ ही उत्तराखंड भूस्खलन शमन एवं प्रबंधन केन्द्र तथ जिला टास्क फोर्स के भूवैज्ञानिक एवं विशेषज्ञों की टीम द्वारा गत दिन से प्रभावित क्षेत्र का सर्वेक्षण किया जा रहा है। इस टीम को जल्द सर्वेक्षण पूरा कर अपनी रिपोर्ट देने को कहा गया है। रिपोर्ट में दी जाने वाली संस्तुतियों के अनुसार प्रभावित क्षेत्र में आवश्यक सुरक्षा एवं उपचार कार्य करने के लिए प्रस्ताव तैयार कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

इस दौरान विधायक गंगोत्री सुरेश चौहान, मुख्यमंत्री के जन संपर्क अधिकारी किशोर भट्ट, उप जिलाधिकारी बृजेश कुमार तिवारी, उत्तराखंड भूस्खलन शमन एवं प्रबंधन केन्द्र की वरिष्ठ भूवैज्ञानिक रूचिका टंडन, डिजायन इंजीनियर पंकज उनियाल, जीएसआई की वरिष्ठ भूवैज्ञानिक नेहा कुमारी, टीएचडीसी के वरिष्ठ प्रबंधक जेआर कोठारी, स्ट्रक्चरल इंजीनियर टीएचडीसी विनय पुरोहित, जिला टास्क फोर्स के भूवैज्ञानिक प्रदीप कुमार, अधिशासी अभियंता लोनिवि रजनीश सैनी, तहसीलदार सुरेश सेमवाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेन्द्र पटवाल भी उपस्थित रहे।

हिमान्या ब्रांड के मल्टीग्रेन आटे की प्रभारी मंत्री अग्रवाल ने की लांचिंग

प्रभारी व कैबिनेट मंत्री डा. प्रेम चन्द अग्रवाल ने डुंडा ब्लॉक के महिला समूहों द्वारा उत्पादित मल्टीग्रेन ऑर्गेनिक आटा को विपणन के लिए लॉंच किया है। घराट (पनचक्की) पर पिसे गए इस आटे को ‘हिमान्या‘ ब्रांड के तहत ऑनलाईन प्लेटफार्म्स पर भी बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।

ब्लॉक सभागार डुंडा में आयोजित एक समारोह में ‘हिमान्या‘ ब्रांड के मल्टीग्रेन आटे की लांचिंग करते हुए राज्य के वित्त, शहरी विकास, आवास, विधायी एवं संसदीय कार्य, पुनर्गठन, जनगणना एवं जिले के प्रभारी मंत्री डा. प्रेम चंद अग्रवाल ने महिला समूहों एवं ग्राम्य विकास विभाग के इस अभिनव प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस उत्पाद को लोकप्रिय बनाने के लिए शुरूआत में इसका लाभांश कम रखने के साथ ही इसे किफायती पैकिंग में स्थानीय स्तर पर भी विपणन करने की व्यवस्था की जाय। श्री अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तीकरण एवं आजीविका संवर्द्धन के अवसरों में वृद्धि के लिए प्रतिबद्धता से प्रयास कर रही है। जिसके परिणामस्वरूप हर क्षेत्र में महिलाएं तेजी से आगे बढ रही हैं।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने कहा कि जिले में महिला समूहों की आजीविका संवर्द्धन की गतिविधियों को प्रोत्साहित करने तथा उनके उत्पादों के विपणन के लिए उपयुक्त व्यवस्था करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिले के प्रमुख यात्रा पड़ावों पर महिला समूहों के उत्पादों के विपणन के लिए आउटलेट्स तैयार करवाए जा रहे हैं। हीना में आठ आउटलेट्स बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि डुंडा ब्लॉक को ऑर्गेनिक ब्लॉक घोषित किया गया है और घराट के माध्यम से तैयार मल्टीग्रेन ऑर्गेनिक आटा जैसे उत्पाद तैयार कर महिला समूहों के लिए संभावनाओं के नए व बेहतर अवसर तैयार किए गए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि इन संभावनाओं को मूर्त रूप देने में मुख्य विकास अधिकारी जय किशन तथा महिला समूहों के सराहनीय प्रयास अन्य लोगों को भी प्रेरित करेंगे।

इस अवसर पर विधायक सुरेश चौहान ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण और उन पर काम का बोझ कम करने के लिए सरकार ने अनेक महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की हैं। जिनका महिलाओं को उल्लेखनीय लाभ मिल रहा है। उन्होंने महिला समूहों द्वारा ‘हिमान्या‘ ब्रांड के तहत अर्गेनिंगक मल्टग्रेन आटा के उत्पादन व विपणन की सराहनीय करते हुए कहा कि ऐसे प्रयासो को हर स्तर पर समर्थन दिया जाएगा।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी जय किशन ने कहा कि लखपति दीदी योजना के तहत महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और स्वावलंबी बनाने के लिए ग्राम्य विकास विभाग की मुहिम के तहत विकास खंड डुंडा के उन्नति कलस्टर लेवल फेडरेशन से जुड़ी महिलाओं द्वारा तैयार मल्टीग्रेन आटा को हिमान्या ब्रांड के तहत बाजार में उतारा गया है। आठ प्रकार के स्थानीय अनाजों से मिलकर तैयार किए गए इस ऑर्गेनिक उत्पाद के विपणन समर्थन हेतु भी ठोस प्रयास किए गए हैं। इसके लिए ऑनलाईन विपणन के लिए भी प्रतिष्ठित ई-कॉमर्स कंपनियों से तालमेल किया गया है। उन्होंने कहा कि जिले में अनेक महिला समूहों के द्वारा उल्लेखनीय काम किए जा रहे हैं। इस बार महिला समूहों द्वारा 24 आटलेट्स के माध्यम से 70 लाख रूपये की बिक्री की गई है। जिले में 25 महिला समूहों को ड्रोन दीदी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। राज्य में इस तरह का प्रशिक्षण देने वाला उत्तरकाशी पहला जिला है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के जन संपर्क अधिकारी किशोर भट्ट, ब्लॉक प्रमुख डुंडा शैलेन्द्र कोहली, ब्लॉक प्रमुख मोरी बचन सिंह पंवार, उप जिलाधिकारी नवाजिश खलीक, जिला विकास अधिकारी रमेश चन्द्र, तहसीलदार रीनू सैनी, जिला परियोजना प्रबंधक रीप कपिल उपाध्याय के साथ ही विभिन्न महिला समूहों की सदस्य भी उपस्थित रहीं।

टिहरी में कांगूड़ा नागराजा के मंदिर परिसर पर सीएम ने रोपा मां के नाम पौधा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद टिहरी स्थित कांगुड़ा नागराज मंदिर परिसर पहुंचकर श्री कांगुड़ा नागराज मंदिर पुनर्स्थापना जागरण समारोह में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने मंदिर की परिक्रमा कर भगवान कांगुड़ा नागराज मंदिर में पूजा अर्चना कर आशीर्वाद लिया और प्रदेश की सुख समृद्धि की कामना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में एक पेड मां के नाम अभियान के तहत पौधा रोपण भी किया।

मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित मंदिर में भगवान कांगुड़ा नागराज के प्राण प्रतिष्ठा की बधाई देते हुए समस्त प्रदेशवासियों की मनोकामना पूर्ण होने की कामना की। उन्होंने कहा कि इस पूज्य धरती पर दूसरी बार आने का उन्हें सौभाग्य मिला है। कांगुड़ा को पर्यटन एवं धार्मिक रूप में विकसित करने हेतु की गई घोषणा जल्द ही पूरी होगी। इस हेतु जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराएगी लगभग 2 करोड़ की डीपीआर को जल्द स्वीकृति दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र का विकास मास्टर प्लान बनाकर किया जाएगा। मंदिर परिसर में आधुनिक गेस्ट हाउस, 30 हजार लीटर क्षमता का पेयजल स्टोरेज टैंक, मंदिर परिसर पहुंच मार्ग में टीन शेड, हाई मास्क आदि अन्य कार्य किए जायेंगे। राज्य सरकार देवभूमि के धार्मिक और सांस्कृतिक विकास को नई ऊंचाईयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा जन हित में कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। उज्ज्वला योजना, किसान सम्मान निधि योजना, जनधन योजना, लखपति दीदी जैसी योजनाएं अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुंच रही हैं। राज्य में एक लाख से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी बनाया जा चुका है। 2025 तक डेढ़ लाख बहनों को लखपति बनाने का लक्ष्य है। राज्य सरकार प्रदेश को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने हेतु विकल्प रहित संकल्प के साथ कार्य कर रही है। डबल इंजन की सरकार द्वारा धनोल्टी क्षेत्र के विकास हेतु विभिन्न योजनाओं में वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।

इस मौके पर क्षेत्र के लोगों द्वारा मुख्यमंत्री को क्षेत्र के विकास से संबंधित मांग पत्र सौंपा गया, जिस पर मुख्यमंत्री ने परीक्षण कर सकारात्मक कार्यवाही किए जाने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि छाम-बल्डोगी झूला पुल की मांग सहित कई प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। छाम-बल्डोगी झूला पुल हेतु रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है।

धनौल्टी विधायक प्रीतम सिंह पंवार ने कहा कि प्रदेश के समग्र विकास के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में हर क्षेत्र में तेजी से कार्य हो रहे हैं। राज्य आन्दोलन कारियों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता लाने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लाया गया है। राज्य सरकार द्वारा सांकरी-बरनोली मोटरमार्ग की स्वीकृति दी, जिसमें कार्य भी शुरू हो चुका है साथ ही ज्वारना-बंगियाल मोटरमार्ग पर चौड़ीकरण की स्वीकृति दी और अन्य सड़कों को लेकर कार्य करने की बात कही। उन्होंने मुख्यमंत्री से गंगाड़ी व फिग्वाल समुदाय को ओ.बी.सी. केन्द्रीय आरक्षण सूचि में शामिल करने की मांग प्रस्ताव रखा।

इस अवसर पर विधायक राजपुर खजान दास, प्रदेश महामंत्री भाजपा आदित्य कोठारी, जिला अध्यक्ष भाजपा राजेश नौटियाल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष युवा मोर्चा नेहा जोशी, ब्लॉक प्रमुख थौलधार प्रभा बिष्ट, पूर्व प्रमुख थौलधार जोत सिंह बिष्ट, खेम सिंह चौहान, ओबीसी अध्यक्ष संजय नेगी एवं उपाध्यक्ष राजेश नौटियाल, मंडल अध्यक्ष रामचंद्र खंडूरी, मंदिर समिति अध्यक्ष दिलबर सिंह रावत, जिलाधिकारी टिहरी मयूर दिक्षित एस.एस.पी. नवनीत सिंह भुल्लर उपस्थित थे।

क्षेत्रीय विधायक व मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने गोर्खाली समाज की ओर से आयोजित हरितालिका तीज महोत्सव में प्रतिभाग किया। उन्होंने सभी गोर्खाली समाज की व्रती महिलाओं को शुभकामनाएं दी।

बापूग्राम माहेश्वरी गार्डन में आयोजित गोर्खाली महिला हरितालिका तीज महोत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ मंत्री डॉ अग्रवाल ने दीप प्रज्जवलित कर किया। डा. अग्रवाल जी ने कहा कि हरितालिका तीज का विशेष महत्व है। गोर्खाली समाज की महिलाओं को इस दिन का बेसब्री से इंतजार रहता है। कहा कि इस व्रत से महिलाओं को सुहागिनी होने का गौरव प्राप्त होता है।

डा. अग्रवाल जी ने कहा कि हरितालिका तीज भगवान शिव और पार्वती जी को समर्पित है। ऐसी मान्यता है कि मां पार्वती जी ने भगवान शिव को अपने पति के रूप में पाने के लिए 107 बार तप व व्रत लिया था, 108वीं बार तप और व्रत में उन्हें भगवान शिव पति के रूप में प्राप्त हुए थे।

डा. अग्रवाल जी ने कहा कि गोर्खाली समाज की महिलाओं सहित अन्य समुदाय के लोगों में भी अपने पति की लंबी उम्र की कामना के लिए इस व्रत को लिया जाता हैं। इस मौके पर उन्होंने महिलाओं को हरितालिका तीज की बधाई दी।

इस मौके पर मण्डल अध्यक्ष वीरभद्र सुरेंद्र कुमार, कार्यक्रम अध्यक्ष अनिता प्रधान, छिद्दरवाला शाखा अध्यक्ष आशा पुन, जिलाध्यक्ष महिला मोर्चा कविता शाह, धीरज थापा, दिल बहादुर खत्री, शालीग्राम पंडित, पूजा खत्री, विजेता क्षेत्री, रोशनी अग्रवाल, संजना भंडारी, लक्ष्मी गुरुंग, पूनम डोभाल, रिंकी राणा, सुमन रावत, पिंकी धस्माना, ममता नेगी, प्रमिला त्रिवेदी आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन अलका क्षेत्री, निर्मला उनियाल द्वारा किया गया।

गृह मंत्रालय ने बढ़ाई एसडीआरएफ की रिकवरी व पुनर्निर्माण की दरें

केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा एसडीआरएफ की रिकवरी और पुनर्निर्माण की निर्धारित दरों को संशोधित कर बढ़ा दिया गया है। इस बढ़ोतरी से आपदा प्रभावित उत्तराखंड को सबसे ज्यादा लाभ होगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से इस बढ़ोतरी के लिए लंबे समय से पैरवी की जा रही थी। केंद्रीय गृह मंत्रालय को इस संबंध में लगातार पत्र लिखने के साथ ही मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी व्यक्तिगत तौर पर मुलाकात कर रिकवरी और पुनर्निर्माण की इन दरों को बढ़ाने का अनुरोध किया था।
बता दें कि इससे पूर्व एसडीआरएफ की मदों में रिकवरी और पुनर्निर्माण के मानक तय नहीं थे। साथ ही दरें भी काफी कम थी। इस प्रकार धनराशि कम होने से क्षतिग्रस्त परिसम्पत्तियों के मरम्मत कार्य में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से कई बार गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर एसडीआरएफ के मानक की धनराशि बढ़ाए जाने का अनुरोध किया गया था। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए इस मामले में विचार करने का अनुरोध किया था।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए 14 अगस्त को एसडीआरएफ की रिकवरी और पुनर्निर्माण की दरों के संबंध में विस्तृत दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। इससे आपदा प्रभावित उत्तराखंड को सबसे अधिक लाभ होगा। आपदा में क्षतिग्रस्त परिसम्पत्तियों के मरम्मत कार्य में सुविधा होगी और जनसामान्य को होने वाली कठिनाइयों को दूर किया जा सकेगा।

’धामी कैबिनेट ने प्रधानमंत्री व गृहमंत्री का जताया आभार’
उत्तराखंड कैबिनेट ने एसडीआरएफ की रिकवरी और पुनर्निर्माण की दरें बढ़ाए जाने का स्वागत करते हुए इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया है। शनिवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इस मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से की गई प्रभावी पैरवी के लिए उनका भी धन्यवाद व्यक्त किया गया। कहा गया कि मानकों में संशोधन का सबसे ज्यादा लाभ उत्तराखंड को मिलेगा।

’पहाड़ में घर की पूर्ण क्षति पर मिलेंगे ₹2 लाख’
पूर्व में मैदानी इलाकों में पक्के घरों के लिए निर्धारित मानक ₹01.20 लाख प्रति घर के स्थान पर अब 30 से 70 प्रतिशत क्षति होने की दशा में ₹90 हजार प्रति घर तथा 70 प्रतिशत से अधिक क्षति होने पर ₹1.80 लाख कर दिया गया है तथा पहाड़ी क्षेत्रों में पूर्व में निर्धारित मानक ₹01.30 लाख प्रति घर के स्थान पर अब 30 से 70 प्रतिशत क्षति होने की दशा में ₹01 लाख प्रति घर तथा 70 प्रतिशत से अधिक क्षति होने पर ₹02 लाख प्रति घर कर दिया गया है।

’प्राइमरी स्कूल भवन के लिए मिलेंगे ₹15 लाख’
प्राथमिक स्कूलों के लिए पूर्व में निर्धारित मानक प्रति विद्यालय ₹02 लाख की सीमा के अध्यधीन रहते हुए वास्तविक व्यय के अनुसार परिवर्तित करते हुए अब प्राथमिक स्कूलों के लिए 30 से 70 फीसदी की क्षति होने पर ₹07.50 लाख तथा 70 प्रतिशत से अधिक की क्षति पर ₹15 लाख अनुमन्य किया गया है।
माध्यमिक/वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के नाम से पूर्व में मानक निर्धारित नहीं थे, किन्तु अब माध्यमिक/वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के 30 से 70 प्रतिशत क्षतिग्रस्त होने की दशा में ₹12.50 लाख तथा 70 प्रतिशत से अधिक की क्षति पर ₹25 लाख अनुमन्य किया गया है।

’सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की भी धनराशि बढ़ी’
प्राथमिक/सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के लिये पूर्व में ₹02.50 लाख प्रति यूनिट की अधिकतम सीमा के अध्यधीन वास्तविक व्यय के अनुसार अनुमन्य था, जिसको अब बढ़ाकर उपकेन्द्र मैदानी क्षेत्र के लिये 30 से 70 प्रतिशत की क्षति तक ₹ 09.20 लाख तथा 70 प्रतिशत से अधिक की क्षति पर ₹18.40 लाख अनुमन्य किया गया है। पर्वतीय क्षेत्र के लिए यह राशि कमशः ₹07.91 लाख तथा ₹15.81 लाख अनुमन्य किया गया है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के लिए मैदानी क्षेत्रों में 70 प्रतिशत की क्षति तक ₹20.99 लाख तथा 70 प्रतिशत से अधिक की क्षति पर ₹41.97 लाख अनुमन्य है। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर्वतीय क्षेत्रों के लिए 70 प्रतिशत की क्षति तक ₹24. 72 लाख तथा 70 प्रतिशत से अधिक ₹49.45 लाख अनुमन्य है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मैदानी क्षेत्र के लिये 70 प्रतिशत की क्षति तक ₹79.06 लाख तथा 70 प्रतिशत से अधिक की क्षति पर ₹158.12 लाख। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर्वतीय क्षेत्र के लिये 70 प्रतिशत की क्षति तक ₹92.86 लाख तथा 70 प्रतिशत से अधिक की क्षति पर रू0 185.72 लाख।

’पुल की क्षति पर मिलेंगे 35 करोड़’
पुल प्रति संख्या में 70 प्रतिशत की क्षति तक ₹1750 लाख तथा 70 प्रतिशत से अधिक की क्षति पर ₹3500 लाख अनुमन्य किया गया है।

’अन्य क्षतिग्रस्त परिसम्पत्तियों के लिए निर्धारित दरें एक नजर में’
-तटबन्ध प्रति किमी- 70 प्रतिशत की क्षति तक ₹50.00 लाख और 70 प्रतिशत से अधिक की क्षति पर ₹ 01 करोड़ प्रति किमी।
-प्रमुख सड़कों के लिए मैदानी क्षेत्र में 70 प्रतिशत की सीमा तक ₹32 लाख प्रति किमी और 70 प्रतिशत से अधिक होने पर ₹64 लाख प्रति किमी। इसी प्रकार पहाड़ी क्षेत्रों में 70 प्रतिशत की सीमा तक ₹93.75 लाख और 70 प्रतिशत से अधिक होने पर ₹187.75 लाख प्रति किमी।
-अन्य जिला सड़कों के लिए भी मैदानी क्षेत्रों में 70 प्रतिशत की सीमा तक ₹26.75 लाख प्रति किमी तथा 70 प्रतिशत से अधिक होने पर ₹54.50 लाख। इसी प्रकार पहाड़ी क्षेत्रों के लिए 70 प्रतिशत की सीमा तक ₹80 लाख तथा 70 फीसदी से अधिक होने पर ₹159.88 लाख।