वन खेलकूद प्रतियोगिता में 42 टीमों के 3390 खिलाड़ी, 700 महिला प्रतिभागियों को सीएम धामी ने दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, रायपुर (देहरादून) में आयोजित अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता 2025 में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल एवं कल्पना सैनी, तथा विधायक उमेश शर्मा ‘काउ’, खजान दास, सविता कपूर, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक उत्तराखंड सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

देवभूमि में खिलाड़ियों और वन अधिकारियों का स्वागत
मुख्यमंत्री ने मंच से देश के विभिन्न राज्यों से पधारे वन अधिकारियों, खिलाड़ियों एवं खेल प्रेमियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि 28वीं अखिल भारतीय वन खेलकूद एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता की मेजबानी का सौभाग्य उत्तराखंड को प्राप्त हुआ है।
उन्होंने इस आयोजन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव का आभार व्यक्त किया तथा वन विभाग और आयोजकों को इस भव्य आयोजन के लिए बधाई दी।

3390 खिलाड़ी, 42 टीमें, 700 से अधिक महिला प्रतिभागी
मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त की कि इस वर्ष प्रतियोगिता में देशभर के 42 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से 3390 खिलाड़ी, जिनमें 700 से अधिक महिला खिलाड़ी, भाग ले रही हैं।
उन्होंने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि “खेल केवल शारीरिक तंदुरुस्ती का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास और राष्ट्र निर्माण का भी आधार हैं।”

खेल संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण के दोहरे संकल्प पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल व्यक्ति में अनुशासन, टीमवर्क और संघर्ष की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने कहा कि वन कर्मियों का फिट रहना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि वही वन और पर्यावरण की रक्षा के असली प्रहरी हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ वन संपदा के संरक्षण और संवर्धन के लिए भी सतत प्रयासरत है।

स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान और खिलाड़ियों को सम्मान
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि प्रदेश में 8 शहरों में 23 खेल अकादमियां, एक राज्य खेल विश्वविद्यालय, और महिलाओं के लिए महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा कि “राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक लाने वाले खिलाड़ियों को हमारी सरकार ‘आउट ऑफ टर्न’ नियुक्ति दे रही है और उत्कृष्ट खिलाड़ियों को 50 लाख रुपये की सम्मान राशि भी प्रदान कर रही है।”

मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि हाल ही में वर्ल्ड कप विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सदस्य एवं उत्तराखंड की बेटी स्नेहा राणा को 50 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की घोषणा की गई है।

ग्रीन गेम्स और खेल वन की सराहना
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में संपन्न 38वें राष्ट्रीय खेलों को उत्तराखंड ने ‘ग्रीन गेम्स’ की थीम पर आयोजित किया, जहाँ सभी सामग्री ई-वेस्ट और रिसाइकल्ड मटेरियल से तैयार की गई।
उन्होंने बताया कि 2.77 हेक्टेयर भूमि पर ‘खेल वन’ विकसित किया गया है, जहाँ पदक विजेताओं के नाम पर 1600 से अधिक रुद्राक्ष वृक्ष लगाए गए हैं। “यह स्थल खेल उत्कृष्टता के साथ हरित चेतना का प्रतीक बनेगा।”

वन्यजीव संरक्षण में आधुनिक तकनीक का प्रयोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का लगभग 71 प्रतिशत क्षेत्र वनाच्छादित है, जो इसे देश का ‘ऑक्सीजन बैंक’ और ‘वाटर टॉवर’ बनाता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 6 राष्ट्रीय उद्यान, 7 वन्यजीव विहार और 4 संरक्षण आरक्षित क्षेत्र हैं- जो पूरे देश के औसत से कहीं अधिक है।
उन्होंने बताया कि वन्यजीव संरक्षण के लिए राज्य सरकार ने जीपीएस ट्रैकिंग, ड्रोन सर्विलांस, डॉग स्क्वॉड जैसी आधुनिक तकनीकें लागू की हैं।

साथ ही, मानव-वन्यजीव संघर्ष में मुआवजा राशि को 6 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया गया है।

सीएम यंग ईको-प्रिन्योर योजना और इको-टूरिज्म
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में “सीएम यंग ईको-प्रिन्योर योजना” के तहत युवाओं को नेचर गाइड, ड्रोन पायलट, वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर, ट्रेकिंग गाइड और इको-टूरिज्म उद्यमी के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है। साथ ही, “कैन्टर राइड” जैसी पहलों से स्थानीय समुदायों को वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन से जोड़कर उनकी आजीविका सशक्त की जा रही है। उन्होंने कहा कि कॉर्बेट में ‘वन्यजीवों का एम्स’ कहे जाने योग्य आधुनिक रेस्क्यू सेंटर स्थापित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से से हल्द्वानी जू सफारी परियोजना और उत्तरकाशी में प्रस्तावित स्नो लेपर्ड कंज़र्वेशन सेंटर की स्वीकृति हेतु सहयोग का अनुरोध किया। उन्होंने कहा “ये दोनों परियोजनाएं राज्य के पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।”

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान का उल्लेख करते हुए खिलाड़ियों से आग्रह किया कि “यदि आप इस स्टेडियम परिसर में अपनी माता के नाम एक पौधा लगाएंगे, तो यह माँ के प्रति प्रेम और सम्मान का प्रतीक होगा और इस आयोजन को यादगार बनाएगा।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि देशभर से आए वन अधिकारी और खिलाड़ी अपनी अनुशासन, परिश्रम और खेल भावना से न केवल खेलों में उत्कृष्टता प्राप्त करेंगे, बल्कि वन संपदा के संरक्षण और हरित उत्तराखंड निर्माण के संकल्प को भी साकार करेंगे। “आप सभी अपने परिश्रम से न केवल राज्य का गौरव बढ़ा रहे हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरित, स्वस्थ और सशक्त उत्तराखंड का निर्माण कर रहे हैं।”

सीएम धामी से चौखुटिया में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने को आंदोलनरत प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आज मुख्यमंत्री आवास में चौखुटिया में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने हेतु आंदोलन कर रहे प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री धामी का आभार व्यक्त किया कि चौखुटिया क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने तत्काल प्रभाव से अस्पताल के उन्नयन हेतु शासनादेश जारी कर दिया है। इसके अंतर्गत चौखुटिया अस्पताल की क्षमता 30 बेड से बढ़ाकर 50 बेड कर दी गई है, साथ ही विभिन्न आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं को चरणबद्ध रूप से सुदृढ़ करने का निर्णय लिया गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि जनहित की प्रत्येक मांग पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार संवेदनशील है और जन आकांक्षाओं के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस विषय में वह स्वयं स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक करेंगे तथा प्रगति की सीधे मॉनिटरिंग करेंगे। उन्होंने कहा कि चौखुटिया एवं आसपास के क्षेत्रवासियों की स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत एक्स-रे मशीन के संचालन की जिम्मेदारी उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन परिषद को दी गई है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आमजन को बेहतर चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने के लिए एम्स ऋषिकेश में उत्तराखंड वासियों के लिए विशेष काउंटर स्थापित करने हेतु तत्काल बात की जाएगी, ताकि प्रदेशवासियों को त्वरित एवं सरल चिकित्सा सेवा मिल सके।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश की संपूर्ण स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत और आधुनिक बनाने के लिए सरकार ठोस स्वास्थ्य नीति पर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री स्वयं भी जल्द ही चौखुटिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण करेंगे और व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अल्मोड़ा जनपद के चौखुटिया में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की क्षमता को बढ़ाते हुए इसे 30 बेड से विस्तारित कर 50 बेड का अस्पताल बनाया जाएगा। इसके साथ ही अस्पताल में अत्याधुनिक डिजिटल एक्स-रे मशीन भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे स्थानीय नागरिकों को बेहतर और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि पहाड़ के लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लिए बड़े शहरों पर निर्भर न रहना पड़े। इसी उद्देश्य से चौखुटिया में उप जिला चिकित्सालय के निर्माण से संबंधित कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन परिषद को कार्यदायी संस्था नियुक्त किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है और प्रदेश में चिकित्सा सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में लगातार व्यापक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस अस्पताल के विस्तार से चौखुटिया और आसपास के क्षेत्रों के हजारों लोगों को लाभ मिलेगा तथा स्वास्थ्य उपचार में होने वाली देरी को रोका जा सकेगा।

इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी अल्मोड़ा, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, चौखुटिया के जनप्रतिनिधि तथा आंदोलनकारी प्रतिनिधिमंडल के सदस्य उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने किया आपदा प्रभावित क्षेत्र भौंर का स्थलीय निरीक्षण, आर्थिक सहायता कर की प्रमुख घोषणाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लोकपर्व इगास के अवसर पर आज जनपद रुद्रप्रयाग के तहसील बसुकेदार क्षेत्रान्तर्गत ग्राम भौंर पहुंचे, जहां उन्होंने हाल ही में आई आपदा से प्रभावित परिवारों से भेंटवार्ता की तथा राहत एवं पुनर्निर्माण कार्यों की स्थलीय समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने आपदा के दौरान जान-माल की क्षति उठाने वाले परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए मृतक कुलदीप सिंह नेगी वन श्रमिक एवं सते सिंह के परिवार को आर्थिक सहायता के रूप में पांच-पांच लाख रुपये के चेक प्रदान किए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के पुनर्वास एवं राहत कार्यों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा किसी भी पीड़ित को अकेला महसूस नहीं होने दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने ग्राम भौंर में आपदा प्रभावितों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनके अनुभवों और समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रभावित परिवारों को समयबद्ध राहत सहायता प्रदान की जाए और पुनर्निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाए।

उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्र में सड़क, पेयजल, बिजली, आवास, तथा संचार व्यवस्था से जुड़ी सभी क्षतिग्रस्त संरचनाओं का त्वरित पुनर्निर्माण किया गया है ताकि लोगों को जल्द से जल्द सामान्य जीवन उपलब्ध हो सके।

मुख्यमंत्री धामी ने आपदा प्रभावित परिवारों के साथ मध्यान्ह भोजन भी किया और उनके साथ समय व्यतीत करते हुए उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड एक आपदा-संवेदनशील राज्य है, और इसी कारण सरकार ने आपदा प्रबंधन को सशक्त और प्रभावी बनाने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राहत कार्यों में पारदर्शिता, तत्परता एवं संवेदनशीलता बरती जाए।

मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित इस क्षेत्र में आपातकालीन परिस्थितियों पर त्वरित कार्रवाई करने हेतु इस क्षेत्र में स्थाई हेलीपैड निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही ग्रामीणों की मांग पर ग्राम भौंर में आंगनवाड़ी केंद्र के निर्माण की घोषणा की। उन्होंने शीघ्र ही इस ग्राम तक मोटर सड़क निर्माण करने, जिससे क्षेत्र में दोपहिया वाहन की आवाजाही हो सके इस हेतु एक करोड़ रुपए की धनराशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने छेनागाड़ में आपदा के दौरान जिन लोगों ने अपने आवास खोए है उनके विस्थापन करने की योजना बनाने हेतु निर्देश दिए तथा जिन लोगों के वाहन आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त हुए है उनको भी मुआवजा देने की बात की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास हेतु मुख्यमंत्री राहत कोष के अंतर्गत विशेष प्रावधान किए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि कठिन समय में धैर्य बनाए रखें और सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

मुख्यमंत्री के आगमन पर ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे त्वरित राहत प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर विधायक रुद्रप्रयाग भरत चौधरी, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग प्रतीक जैन, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, पुलिस उपाधीक्षक प्रबोध घिल्डियाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार, तहसील प्रशासन, लोक निर्माण विभाग, पेयजल निगम सहित अन्य विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

सीएम धामी के प्रयासों से उत्तराखंडवासियों को मिली बड़ी रेल सौगात, तीन दिन चलेगी दून टनकपुर एक्सप्रेस

उत्तराखंड के रेल यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है- रेल मंत्रालय, भारत सरकार ने देहरादून-टनकपुर एक्सप्रेस (15019/15020) की सेवा आवृत्ति को साप्ताहिक से बढ़ाकर त्रि-साप्ताहिक (तीन दिन) करने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस संबंध में रेल मंत्रालय ने आदेश जारी कर दिया है।

मुख्यमंत्री धामी के प्रयासों का नतीजा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की 08 अक्टूबर 2025 को नई दिल्ली में माननीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से हुई मुलाकात के दौरान इस विषय पर विस्तृत चर्चा हुई थी। मुख्यमंत्री के आग्रह पर रेल मंत्रालय ने शीघ्र कार्रवाई करते हुए टनकपुर-देहरादून रेल सेवा को सप्ताह में तीन बार चलाने की स्वीकृति प्रदान की है।

नई समय सारिणी के अनुसार 15019 देहरादून-टनकपुर एक्सप्रेस अब बुधवार, शुक्रवार और रविवार को चलेगी।

(पूर्व में केवल रविवार को चलती थी) 15020 टनकपुर-देहरादून एक्सप्रेस अब मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को चलेगी। (पूर्व में केवल शनिवार को चलती थी)

प्रदेशवासियों को मिलेगी बड़ी सुविधा
यह सेवा वृद्धि यात्रियों की बढ़ती मांग और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को ध्यान में रखते हुए की गई है। रेल मंत्रालय ने उत्तराखंड के यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए इस निर्णय को शीघ्र प्रभाव से लागू करने का निर्देश दिया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस निर्णय के लिए रेल मंत्री एवं रेलवे बोर्ड का आभार व्यक्त करते हुए कहा “देहरादून-टनकपुर रेल सेवा के विस्तार से कुमाऊँ और गढ़वाल के बीच आवागमन और अधिक सुगम होगा। यह न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि व्यापार, पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को भी नई गति देगा।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड में रेल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने की दिशा में ऐतिहासिक कार्य हो रहे हैं। राज्य के कई हिस्सों में रेल परियोजनाओं पर तेजी से काम जारी है, जिससे आने वाले समय में पर्वतीय और सीमांत क्षेत्रों तक रेल संपर्क सुनिश्चित होगा।

रेल मंत्रालय के संयुक्त निदेशक (कोचिंग) विवेक कुमार सिन्हा द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि इस निर्णय को शीघ्र लागू करने तथा व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

मकानों पर नंबर प्लेट लगाने संबंधी वायरल पत्र का सीएम धामी ने लिया संज्ञान, दिए जांच के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मकानों पर नंबर प्लेट लगाने के संबंध में जिला पंचायतराज अधिकारी, टिहरी गढ़वाल एवं उत्तरकाशी द्वारा जारी आदेशों को तत्काल प्रभाव से रद्द करने के साथ ही मामले की पूरी जांच कराने और दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

उल्लेखनीय है कि टिहरी गढ़वाल एवं उत्तरकाशी जिले के जिला पंचायतराज अधिकारियों के द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ भारत मिशन आदि कार्यक्रमों के प्रचार-प्रसार करने हेतु मकानों पर नम्बर प्लेट लगाने का कार्य एक बाहरी व्यक्ति को देने से संबंधित पत्र सोशल मीडिया में वायरल हुए थे।

मुख्यमंत्री ने उक्त प्रकरणों का संज्ञान लेते हुए इस संबंध में अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए कहा कि सरकार के संकल्प के अनुरूप सभी योजनाएँ और कार्यक्रम जनहित, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ लागू होने आवश्यक हैं। सभी कार्यों में स्थानीय लोगों के रोजगार और हितों का पूरा ध्यान रखने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने दोहराया कि रू. 10 करोड़ तक के सरकारी अधिप्राप्तियों में स्थानीय लोगों को सर्वाेच्च प्राथमिकता दिए जाने हेतु सरकार के द्वारा जारी आदेशों का हर स्तर पर सख्ती से अनुपालन किया जाए।

सहकारिता से समृद्धि की राह पर अग्रसर उत्तराखंड, सहकारिता आंदोलन बनेगा ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण का प्रेरक सूत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आवास विकास मैदान श्रीनगर में आयोजित नौ दिवसीय सहकारिता मेले में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों/समूहों/संस्थाओं द्वारा लगाए गए स्थानीय उत्पादों के स्टॉलों का निरीक्षण कर स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देने तथा उन्हें बाजार से जोड़ने के प्रयासों के लिए काश्तकारों एवं स्वयं सहायता समूहों की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य में सहकारिता आंदोलन ग्रामीण विकास एवं महिला सशक्तिकरण का प्रेरक सूत्र बनने के साथ सामाजिकता तथा आंशिक स्वावलंबन का आधार भी है। सहकारिता समाज को जोड़ने और आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि यह मेला सहकारिता की भावना को और प्रगाढ़ करेगा तथा महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को उनके उत्पादों को एक व्यापक मंच उपलब्ध कराएगा। उन्होंने कहा कि सहकारिता भारत की संस्कृति और जीवन पद्धति का प्रतीक है, जिसकी झलक “वसुधैव कुटुम्बकम” की भावना में भी दिखाई देती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 को विश्व सहकारिता वर्ष घोषित किया गया है और सहकारी से समृद्धि के लक्ष्य को साकार करने हेतु केंद्र सरकार ने एक अलग सहकारी मंत्रालय का गठन किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सहकारिता क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठाने के तहत अब तक 671 सहकारी समितियों का कंप्यूटरीकरण पूरा हो चुका है। साथ ही 13 जनपदों की 5511 समितियों में से 3838 समितियों के अभिलेख राष्ट्रीय सहकारी पोर्टल पर अपलोड कर ऑनलाइन किए जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि गत वर्ष की तुलना में मंडुवा की खरीद में 5.50 रुपये प्रति किलो की वृद्धि कर 48.86 प्रति किलो के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर क्रय किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि कार्यों हेतु किसानों को पं दीनदयाल उपाध्याय किसान कल्याण योजना से तीन तथा महिला स्वयं सहायता समूहों को पांच लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण प्रदान किया जा रहा है। कहा कि आज प्रदेश के सहकारी बैंकों में 16 हजार करोड़ रुपये की सहकारी पूंजी जमा होना जनता के विश्वास का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिला उद्यमिता को नई दिशा मिल रही है और “लखपति दीदी” अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के “इक्कीसवीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का होगा” कथन को राज्य की महिलाएँ अपने गुणवत्तापूर्ण उत्पादों के माध्यम से साकार कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने जनपदों में चल रहे विकास कार्यों को प्राथमिकता दी है। राज्य में समान नागरिक संहिता लागू कर उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना है। नकल माफियाओं पर अंकुश लगाने हेतु देश का सबसे सख़्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है और सौ से अधिक नकल माफियाओं को जेल भेजा गया है। हाल ही में हरिद्वार में उजागर नकल प्रकरण पर त्वरित संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्यवाही की और युवाओं की अपेक्षा के अनुरूप सीबीआई जांच की संस्तुति की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य में एक सख्त भू-कानून लागू कर भूमाफियाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया गया है, जिससे उत्तराखंड के मूल अस्तित्व और भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीनगर में सीवर लाइन एवं पेयजल आपूर्ति की डीपीआर प्राप्त होते ही तत्काल स्वीकृति दी जाएगी, जिससे नगर में पंद्रह घंटे तक निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य में वर्तमान में 31 लाख लोग सहकारिता से जुड़े हैं, जिसे 50 लाख तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। सहकारिता द्वारा प्रदेशभर के 16 लाख किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण वितरित किया गया है। उन्होंने बताया कि श्रीनगर में आयोजित सहकारिता मेले में महिला स्वयं सहायता समूहों ने लगभग 35 लाख का व्यापार किया है तथा इस मेले से श्रीनगर में लगभग 1 करोड़ का व्यापार हुआ है।
मंत्री ने बताया कि कॉपरेटिव इस समय 30 करोड़ रुपये के लाभ में है। लखपति दीदी योजना के तहत महिलाओं को आर्थिक स्वावलंबन से जोड़ा जा रहा है। सहकारिता मंत्री ने बताया कि सरकार के प्रयासों से रोजगार के अवसरों में निरंतर वृद्धि हो रही है। कल 1500 एलटी शिक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे, जिससे राज्य में रोजगार का आंकड़ा 26,500 के पार पहुंच जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री व सहकारिता मंत्री ने शक्ति स्वयं सहायता समूह पाबौ को बागवानी के लिए, उड़ान स्वयं सहायता समूह पाबौ को मुर्गीपालन, सवेरा स्वयं सहायता समूह पलिगांव पाबौ को दोना-पत्तल, महादेव स्वयं सहायता समूह पैठाणी को मुर्गीपालन, जयहरीखाल के मालन स्वयं सहायता समूह को बद्री गाय पालन के लिए 5-5 लाख के चेक वितरित किये। इसके अलावा वसुंधरा स्वायत्त सहकारिता पसीणा तथा जय भोलेनाथ स्वायत्त सहकारिता कंडेरी को कृषि विभाग की एसएमएएम योजना के अंतर्गत कृषि यंत्रों के लिए 4-4 लाख के चेक जबकि गुच्छी उत्पादन तकनीक के लिए नवीन पटवाल को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने विद्यालय के बच्चों की उत्कृष्ट सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की प्रशंसा करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।

कार्यक्रम में विधायक पौड़ी राजकुमार पोरी, जिला पंचायत अध्यक्षा रचना बुटोला, जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह सहित सहकारिता से जुड़े लोग एवं अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित रहे।

धामी सरकार के सख्त निर्देश पर प्रतिबंधित कफ सिरप पर बड़ी कार्रवाई, दून में सात मेडिकल स्टोर्स का लाइसेंस निरस्त

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार ने बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्यभर में अवैध, असुरक्षित और निम्न गुणवत्ता वाली कफ सिरप दवाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की टीमें प्रदेश के हर जिले में सक्रिय हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के मार्गदर्शन में शुरू यह अभियान अब तक की सबसे व्यापक कार्रवाई के रूप में सामने आया है। स्वास्थ्य सचिव व आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार और अपर आयुक्त व ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी की देखरेख में पूरे प्रदेश में दवा विक्रेताओं, थोक आपूर्तिकर्ताओं और मेडिकल स्टोरों पर औचक निरीक्षण चल रहा है।

देहरादून में सबसे बड़ी छापेमारी

आज एफडीए की टीम ने देहरादून में बड़े पैमाने पर छापेमारी की। आयुक्त, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन के निर्देश पर औषधि निरीक्षक मानेंद्र सिंह राणा के नेतृत्व में टीम ने चकराता रोड, किशन नगर चौक, बल्लूपुर चौक, कांवली रोड, बल्लीपुर चौक और प्रेमनगर क्षेत्रों में मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में बच्चों को दी जाने वाली खांसी और सर्दी-जुकाम की दवाओं के क्रय-विक्रय पर तत्काल रोक लगाई गई। जिन दुकानों में यह दवाएं भंडारित थीं, उन्हें मौके पर सील कर दिया गया। विक्रेताओं को निर्देशित किया गया कि इन औषधियों का विक्रय अगली सूचना तक न करें। निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि कई विक्रेताओं ने स्वयं संज्ञान लेकर इन दवाओं को पहले ही दुकान से हटा दिया था। टीम ने मौके पर 11 सिरप के नमूने जांच के लिए लिए। जांच में Coldrif, Respifresh-TR और Relife जैसे सिरप किसी भी मेडिकल स्टोर में उपलब्ध नहीं पाए गए।

उधम सिंह नगर में 40 नमूनों की जांच हेतु भेजे

प्रदेश में बच्चों के लिए बनाए गए खांसी के सिरप पर कार्रवाई के तहत उधम सिंह नगर जनपद में औषधि विभाग की टीम ने अभियान तेज कर दिया है। वरिष्ठ औषधि निरीक्षक नीरज कुमार और औषधि निरीक्षक निधि शर्मा के नेतृत्व में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से कुल 10 पेडियाट्रिक कफ सिरप के नमूने जांच हेतु लिए गए हैं। इन सिरप में Dextromethorphan Hydrobromide, Chlorpheniramine Maleate और Phenylepherine Hydrochloride जैसे तत्व पाए गए हैं। अब तक जिले से कुल 40 कफ सिरप नमूने फॉर्म-17 में लेकर विश्लेषण के लिए प्रयोगशाला भेजे जा चुके हैं।

हरिद्वार व रुड़की में भी सख्त कार्रवाई, 15 नमूने जांच हेतु भेजे

इसी क्रम में हरिद्वार जनपद में भी औषधि विभाग ने अभियान को और तेज किया है। अपर आयुक्त के निर्देशों पर रुड़की के एयरन हॉस्पिटल, विनय विशाल हॉस्पिटल तथा हरिद्वार के मेट्रो हॉस्पिटल से कुल 15 कफ सिरप के नमूने परीक्षण हेतु लिए गए हैं। औषधि निरीक्षक अनीता भारती के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के दौरान संबंधित प्रतिष्ठानों से लिए गए नमूनों को विश्लेषण के लिए भेज दिया गया है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, हरिद्वार जिले से अब तक कुल 39 नमूने जांच हेतु लिए जा चुके हैं।

हल्द्वानी में सरकारी अस्पताल से लिए गए नमूने

नैनीताल जनपद के हल्द्वानी में भी एफडीए की कार्रवाई जारी रही। Soban Singh Jeena Base Hospital की ड्रग स्टोर से तीन कफ सिरप के नमूने जांच के लिए लिए गए। सभी नमूनों को गुणवत्ता परीक्षण हेतु औषधि विश्लेषणशाला, देहरादून भेजा गया है।

कोटद्वार में ‘Respifresh TR’ सिरप का स्टॉक सीज

पौड़ी जिले के कोटद्वार में एफडीए टीम ने कल रात से छापेमारी अभियान चलाया, जो आज भी जारी रहा। कार्रवाई के दौरान जानलेवा घोषित Respifresh TR कफ सिरप का स्टॉक कई मेडिकल स्टोरों से सीज किया गया। आज भी टीम ने विभिन्न प्रतिष्ठानों से तीन नए नमूने परीक्षण के लिए लिए हैं।

चौखुटिया-चांदीखेत में भी सख्त कार्रवाई

अल्मोड़ा जिले के चौखुटिया और चांदीखेत में आज एफडीए की टीम ने छह मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी की। निरीक्षण के दौरान Respifresh TR सिरप (Batch No. R01GL2523) की 12 बोतलें जब्त की गईं। यह सिरप पहले ही एनएसक्यू (Non-Suitable Quality) घोषित किया जा चुका है। टीम ने चार कफ सिरप के नमूने जांच हेतु एकत्र किए।

रुद्रप्रयाग में 4 नमूने लिए गए, सैंपल भेजे जांच को

रुद्रप्रयाग जनपद के तिलवाड़ा क्षेत्र में औषधि निरीक्षकों की टीम ने रिटेल और थोक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर चार नमूने कफ सिरप के लिए संकलित किए। दवाओं की गुणवत्ता जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

उत्तरकाशी में चार सिरपों पर प्रतिबंध

जनपद उत्तरकाशी में औषधि निरीक्षक मोहम्मद ताजिम के नेतृत्व में छापेमारी की गई। टीम ने बच्चों में प्रयुक्त चार प्रकार के कफ सिरपों के नमूने लिए और देहरादून की प्रयोगशाला को भेजे। औषधि निरीक्षक ने सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को चेतावनी दी कि निम्नलिखित सिरप किसी भी हालत में न रखें और न बेचें — Dextromethorphan Hydrobromide Syrup (KL-25/148), Coldrif (SR-13), Respifresh TR (R01GL2523) और Relife (LSL25160)। साथ ही निर्देश दिए गए कि 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को कफ सिरप बिल्कुल न दिया जाए और वयस्कों को भी केवल डॉक्टर की सलाह पर ही दवाएं दी जाएं।

अब तक 148 नमूने जांच के लिए भेजे गए

प्रदेशभर में जारी छापेमारी के दौरान अब तक 148 नमूने जांच के लिए भेजे गये। इसके साथ ही आज देहरादून में 11, कोटद्वार में 3, हल्द्वानी में 3, अल्मोड़ा में 4, रुद्रप्रयाग में 4 और उत्तरकाशी में 4 नमूने लिए गए हैं। अभियान के दौरान दर्जनों प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किया गया है और कई स्थानों पर संदिग्ध स्टॉक जब्त कर सीलिंग की कार्रवाई की गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बयान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा बच्चों के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। हमारी सरकार हर उस तत्व के खिलाफ सख्त है जो बच्चों की जान से खिलवाड़ करने की कोशिश करेगा। दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा पर किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। यह कार्रवाई बच्चों के जीवन की सुरक्षा के लिए सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत का बयान

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा एफडीए की कार्रवाई यह संदेश दे रही है कि उत्तराखंड में बच्चों की सेहत सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनता से अपील है कि बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी सिरप या दवा बच्चों को न दें। राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि केवल प्रमाणित और सुरक्षित औषधियां ही जनता तक पहुंचें।

स्वास्थ्य सचिव व आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार का बयान

स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा राज्यभर में एफडीए की टीमें सक्रिय हैं। जिन सिरपों को जांच के लिए भेजा गया है, उनकी रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सभी जिलों में मेडिकल स्टोरों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि संदिग्ध बैच नंबर की औषधियां तुरंत हटाई जाएं।

ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी का बयान

अपर आयुक्त और ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी ने कहा एफडीए का अभियान निरंतर जारी रहेगा। पिछले चार दिनों में 27 नमूने जांच हेतु लिए जा चुके हैं और कई प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गए हैं। विभाग की टीमें दिन-रात फील्ड में सक्रिय हैं। हमारा लक्ष्य है कि किसी भी असुरक्षित औषधि को बाजार से पूरी तरह समाप्त किया जाए।

एफडीए की जनता से अपील

एफडीए ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि यदि किसी मेडिकल स्टोर या वितरक के पास उपरोक्त प्रतिबंधित सिरप पाया जाए तो तुरंत स्थानीय औषधि निरीक्षक या एफडीए कार्यालय को सूचित करें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ लाइसेंस निरस्तीकरण, जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार ने बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर जो निर्णायक कदम उठाया है, वह प्रदेश में स्वास्थ्य सुरक्षा की नई मिसाल है। औषधि विभाग की यह मुहिम न सिर्फ संदिग्ध औषधियों पर रोक लगाने में अहम भूमिका निभा रही है, बल्कि यह संदेश भी दे रही है कि धामी सरकार बच्चों की सुरक्षा और जनस्वास्थ्य के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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सीएम ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 14.62 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री ने राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद नैनीताल के विधानसभा क्षेत्र नैनीताल के विकासखण्ड बेतालघाट में दूनीखाल से रातीधाट (पाडली) तक मोटर मार्ग के निर्माण किये जाने हेतु ₹ 9.81 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने एसडीआरएफ में विभिन्न आपदा प्रबन्धन सम्बन्धी सूचनाओं के आदान-प्रदान हेतु एसडीआरएफ वाहिनी कन्ट्रोल रूम को कमाण्ड एंड कंट्रोल सेंटर के रूप में स्थापित किये जाने तथा आधुनिक तकनीकों के साथ उच्चीकृत किये जाने हेतु ₹ 25 लाख राज्य आपदा मोचन निधि के क्षमता विकास से स्वीकृत किये जाने हेतु अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने जनपद पिथौरागढ़ के अन्तर्गत तहसील थल के कार्यालय भवन निर्माण हेतु ₹4.56 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री ने किया राज्य आन्दोलनकारी आश्रित पेंशन अनुमन्य किये जाने का अनुमोदन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य आन्दोलनकारी स्व० धर्मानन्द बमराडा की आश्रित पत्नी सीता देवी, निवासी ओम विहार, अजबपुर कला देहरादून को उनके पति की मृत्यु की तिथि दिनांक 10.07.2023 के उपरान्त अनुमन्य की गयी ₹ 4500.00 प्रतिमाह पेंशन को समायोजित करते हुए उन्हें ₹ 6000.00 प्रतिमाह राज्य आन्दोलनकारी आश्रित पेंशन प्रदान किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

सप्ताह में तीन बार चलेगी देहरादून से टनकपुर जाने वाली वीकली ट्रेन, केंद्रीय रेल मंत्री ने दी सहमति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से भेंट कर उत्तराखण्ड में रेल अवसंरचना के विकास पर चर्चा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने देहरादून एवं हरिद्वार रेलवे स्टेशनों को आदर्श रेलवे स्टेशन के रूप में विकसित किए जाने के लिए दोनों रेलवे स्टेशनों के विस्तार/सुदृढ़ीकरण के साथ ही हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन दोहरीकरण का कार्य केन्द्र सरकार द्वारा पूर्ण व्ययभार वहन करते हुए पूर्ण कराने का अनुरोध किया। केंद्रीय मंत्री ने हरिद्वार व देहरादून रेलवे स्टेशनों को आदर्श रेलवे स्टेशन के रूप में विकसित किये जाने पर सहमति देते हुए कहा कि हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन दोहरीकरण के कार्य का पूर्ण व्ययभार केन्द्र सरकार द्वारा किये जाने के संबंध में परीक्षण कर उचित निर्णय लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने टनकपुर-बागेश्वर रेल परियोजना में संरेखण में अल्मोड़ा और सोमेश्वर क्षेत्रों को भी जोड़ने की संभावनाओं पर विचार करने और टनल के साथ-साथ सड़क का प्रावधान करने का अनुरोध केन्द्रीय रेल मंत्री से किया। रेल मंत्री ने कहा कि इस पर विचार किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश के पुराने रेलवे स्टेशन को पूर्णतः बंद करते हुए इस भूमि के सभी अधिकार राज्य सरकार को हस्तांतरित किए जाने के लिए भी केन्द्रीय रेल मंत्री से अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुराने रेलवे स्टेशन के बंद होने के कारण यदि योग नगरी रेलवे स्टेशन पर सुव्यवस्थित संचालन के लिए अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता होगी तो राज्य सरकार इस पर सकारात्मक विचार एवं सहयोग करेगी। रेल मंत्री ने इस पर अपनी सैद्धांतिक सहमति दी।

केन्द्रीय रेल मंत्री ने मुख्यमंत्री के अनुरोध पर देहरादून-टनकपुर वीकली ट्रेन को सप्ताह में तीन बार किये जाने पर भी सहमति दी।

राइजिंग टिहरी का सीएम धामी ने किया शुभारंभ, अब गांवों में होगी जेईई-नीट की तैयारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश में आयोजित ’’सरस आजीविका मेले’’ में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के सी.एल.एफ. हेतु 1.20 करोड़ रुपये की 12 आर्थिक गतिविधियों का लोकार्पण किया, इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने 10 अन्य सी.एल.एफ. के लिए 1 करोड़ रुपये की प्रस्तावित आर्थिक गतिविधियों का शिलान्यास भी किया। उन्होंने आज Rising Tehri – Physics Wala Online Coaching Class का भी लोकार्पण किया गया है। इस कोचिंग क्लास में अब युवा जेईई और नीट आदि की प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी अपने गाँव-घर में रहते हुए भी कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मेले में ग्राम्य विकास विभाग और जिला प्रशासन द्वारा ’ग्रामोत्थान परियोजना’ के अंतर्गत की गई पहल की सराहना की।

मेले में बड़ी संख्या में उपस्थित स्वयं सहायता समूह के लोगों एवं ग्रामीण उद्यमियों को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह मेला हमारे ग्रामीण क्षेत्रों की समृद्ध सांस्कृतिक परम्परा, कौशल और उद्यमिता को प्रदर्शित करने का एक अनूठा प्रयास है। आजीविका मेलों के माध्यम से, जहाँ एक ओर स्थानीय उत्पादों को प्रदर्शित करने का एक उत्कृष्ट मंच मिलता है, वहीं ये मेले आदरणीय प्रधानमंत्री जी के ’’आत्मनिर्भर भारत’’ और ‘’वोकल फॉर लोकल’’ के मंत्र को भी साकार करने में सहायक सिद्ध होते हैं। ऐसे मेलों के माध्यम से हम ग्रामीण कारीगरों, महिला स्वयं सहायता समूहों, हस्तशिल्पियों, ग्रामीण उद्यमियों के साथ साथ कृषि उत्पादों और ग्रामीण कौशल को भी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। इस मेले में स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉल ’’स्वदेशी अपनाओ’’ के उस संदेश को आगे बढ़ा रहे हैं, जिसमें हमें अपने गाँव, अपने प्रदेश और अपने देश में बने उत्पादों को प्राथमिकता देने का संकल्प लेना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम स्वदेशी उत्पाद खरीदते हैं तो वो सिर्फ एक सामान की खरीद नहीं होती, बल्कि वो हमारे ग्रामीण कारीगरों, मातृशक्ति और उद्यमियों के सपनों में निवेश होता है। इसलिए स्वदेशी अपनाना न केवल हमारी संस्कृति और परंपरा को जीवित रखता है, बल्कि यह हमारे किसानों, हस्तशिल्पियों और स्थानीय उद्यमियों की आजीविका को भी सुरक्षित करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा है कि आत्मनिर्भर भारत की नींव स्वदेशी पर टिकी है। यह मेला उसी दिशा में एक सशक्त कदम है, जो हमारे स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का माध्यम बनेगा। प्रधानमंत्री जी के इस आव्हान को हमारी मातृशक्ति ने सबसे पहले आत्मसात किया और आज हमारे स्वयं सहायता समूहों की दीदियाँ अपने श्रम और कौशल से स्वदेशी उत्पादों को नए आयाम दे रही हैं। आप सभी से अपील करता हूँ कि इस मेले में लगे स्टॉल से स्वदेशी उत्पादों को खरीद कर ’’स्वदेशी अपनाओ’’ के अभियान को और मजबूती प्रदान करने के साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब एक महिला आर्थिक रूप से सशक्त होती है तो वो न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज को सशक्त बनाने का कार्य करती है। इसी को देखते हुए हमने ’‘लखपति दीदी योजना’’, ‘’मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना’’ और ‘’मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना’’ के माध्यम से महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष फोकस किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लखपति दीदी योजना के तहत अब तक हमारे राज्य की 1.65 लाख रुपए से अधिक महिलाओं ने लखपति बनने का गौरव प्राप्त किया है।साथ ही, ’’मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना’’ के अर्तंगत महिलाओं द्वारा लगभग 2000 स्टाल लगाकर लगभग 5.5 करोड़ रुपये के विपणन ने उद्यमशीलता की एक नई मिसाल कायम की है। इतना ही नहीं, हमारी सरकार द्वारा लॉन्च किए गए ’‘हाउस ऑफ हिमालयाज’’ ब्रांड के माध्यम से भी हमारी बहनों द्वारा बनाए जा रहे विभिन्न स्थानीय उत्पाद अब विश्व के कोने-कोने तक पहुंच रहे हैं। राज्य में ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 68 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों में 5 लाख से अधिक सदस्य जुड़े हैं, साथ ही, साढ़े सात हजार से अधिक ग्राम संगठन और 534 क्लस्टर स्तर के संगठन भी बनाए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार महिला किसानों को भी सशक्त बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। हमने फार्म लाइवलीहुड और महिला किसान सशक्तिकरण योजना के तहत राज्य की लगभग 3 लाख से अधिक महिला किसानों की क्षमता एवं कौशल का विकास करने का काम किया है। इसके अलावा हमने 2.5 लाख एग्रीन्यूट्री गार्डन और किचन गार्डन की स्थापना की है और लगभग 500 फार्म मशीनरी बैंक भी उपलब्ध कराए हैं। इतना ही नहीं हमारी सरकार राज्य की 5 हजार से अधिक महिला किसानों को आर्गेनिक खेती से जोड़ने का कार्य भी कर रही है। इन सभी प्रयासों के माध्यम से आज हमारे प्रदेश की महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है।आज मातृशक्ति आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं, जो इस सरस मेले में भी स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रहा है।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सुबोध उनियाल, स्वयं सहायता समूह के सदस्य, ग्रामीण उद्यमी तथा स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

अभद्रता और गाली गलौच मामले में ग्राम पंचायत विकास अधिकारी निलंबित हुए

जिला पंचायतराज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि कार्यालय के पत्र संख्या 681 दिनांक 12 अगस्त, 2025 के द्वारा अकिंत कुमार ग्राम पंचायत विकास अधिकारी विकास खण्ड खानपुर से एक सप्ताहान्तर्गत स्पष्टीकरण माँगा गया था कि वह अधोहस्ताक्षरी को प्राप्त एक ऑडियो क्लिप में किसी व्यक्ति से गाली-गलौच करते हुए सुनाई दे रहे है। इतना समय व्यतीत होने के उपरान्त् भी अंकित कुमार ग्राम पंचायत विकास अधिकारी विकास खण्ड खानपुर द्वारा आतिथि तक अपना इस संबंध में कोई भी प्रतिउत्तर इस कार्यालय को उपलब्ध नही कराया गया है। इस प्रकार अंकित कुमार ग्राम पंचायत विकास अधिकारी के विरूद्ध उक्त अभिकथन इतने गम्भीर है कि इनके स्थापित हो जाने पर अंकित कुमार को दीर्घ शास्ति दी जा सकती है।

एक शासकीय कर्मचारी के लिए किसी व्यक्ति से फोन पर इस प्रकार की अभद्र भाषा और गाली-गलौच किया जाना कर्मचारी आचरण नियमावली 2002 के पूर्णतया विपरीत है। इसके साथ ही इस संबंध में कोई भी स्पष्टीकरण इतना समय व्यतीत हो जाने के बाद भी ना दिया जाना अंकित कुमार के अनुशासनहीनता को परिलक्षित करता प्रतीत हो रहा है।

अतः अंकित कुमार ग्राम पंचायत विकास अधिकारी विकास खण्ड खानपुर को तत्काल प्रभाव से निलम्बित करते हुए सहायक विकास अधिकारी (पं०) बहादराबाद के कार्यालय में सम्बद्ध किया जाता है। निलम्बन अवधि में अंकित कुमार, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी को वित्तीय हस्तपुस्तिका खण्ड-2 भाग-2 में 4 के मूल नियम 53 के प्राविधानों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता, अर्ध औसत वेतन/वेतन पर देय मंहगाई भत्ता भी देय होगा। निलम्बन के दिनांक को प्राप्त वेतन के आधार पर अन्य प्रतिकर भत्ते निलम्बन काल में इस शर्त पर देय होगें कि सम्बन्धित कमचारी द्वारा इन मदों पर वास्तव में व्यय किया जा रहा है, जिसके फलस्वरूप ऐसे प्रतिकर भत्ते अनुमन्य है।

उपरोक्त प्रस्तर-2 में उल्लेखित मदों का भुगतान तभी किया जायेगा जब अंकित कुमार इस आशय का प्रमाण प्रस्तुत करेगें कि वह किसी अन्य सेवायोजन, व्यापार वृत्ति या व्यवसाय में नहीं लगे है। इस सम्बन्ध में आरोप पत्र पृथक से निर्गत किया जाएगा।