आज 73 नए मरीज, अब तक 58 मरीज ठीक, 317 पाॅजीटिव हुए केस

राज्य में आज कोरोना संक्रमण के 73 नए मामले आए हैं। 32 मामले सबसे ज्यादा नैनीताल जिले में मिले हैं। इसके साथ ही अब प्रदेश में संक्रमित मरीजों की संख्या 317 पहुंच गई है। अपर सचिव युगल किशोर पंत ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि आज प्रदेश में 943 सैंपल निगेटिव पाए गए हैं। जबकि 1120 सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। वहीं, 58 मरीज अब तक ठीक हो चुके हैं। वहीं, प्रदेश में तीन कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत भी हो चुकी है। लेकिन तीनों की ही मौत का कारण कोरोना नहीं है। अन्य कारणों से मरीजों की मौत हुई है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, आज आए मामलों में अल्मोड़ा में 5, चमोली में 8, चंपावत में 1, देहरादून में 11, नैनीताल में 32, पौड़ी में एक, टिहरी में तीन , बागेश्वर में दो और ऊधमिसंह नगर में 9 मामले सामने आए हैं। वहीं, एक मामला निजी लैब में पॉजिटिव पाया गया है। लगातार दूसरे दिन नैनीताल में 117 केस सामने आने से स्वास्थ्य विभाग चिंतित है।
अब तक देहरादून में 75, हरिद्वार में 14, उत्तरकाशी में 10, अल्मोड़ा में 12, चंपावत में 8, टिहरी में 9, बागेश्वर में 8, पौड़ी में 7, रुद्रप्रयाग में 3, पिथौरागढ़ में 2, चमोली में 9, नैनीताल में 117, ऊधमिसंह नगर में 43 संक्रमण के मामले सामने आ चुके है। कोरोना संक्रमण के मामले में नैनीताल ने देहरादून को पीछे छोड़ दिया है। शनिवार को संक्रमण में बने नए रिकॉर्ड से नैनीताल जनपद प्रदेश में नंबर वन पर आ गया है। पूरा प्रदेश कोरोना की चपेट में आने से सोमवार को कई जिलों की ऑरेंज और ग्रीन जोन की श्रेणी बदल सकती है।
शुक्रवार तक देहरादून संक्रमित मामलों के आधार पर सबसे आगे था, लेकिन शनिवार को नैनीताल जिले में एक दिन में 57 कोरोना संक्रमित मिलने से देहरादून पीछे छूट गया है। वहीं, आज 32 मामले आए हैं।  नैनीताल में कुल संक्रमितों की संख्या 117 पहुंच गई है, जबकि देहरादून में यह संख्या 71  पर पहुंच गई है।
वर्तमान में प्रदेश के सात जिले हरिद्वार, टिहरी, चंपावत, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ व चमोली ग्रीन जोन में है। जबकि देहरादून, नैनीताल, अल्मोड़ा, ऊधमसिंह नगर, पौड़ी और उत्तरकाशी जिला ऑरेंज जोन में है। प्रदेश का कोई भी जिला रेड जोन में नहीं है।
कोरोना संक्रमण की दर, डबलिंग रेट, प्रति लाख सैंपल जांच, सर्विलांस के आधार पर रेड, ऑरेंज और ग्रीन तय किया जाएगा। अपर सचिव स्वास्थ्य युगल किशोर पंत ने बताया कि सोमवार को जोन को लेकर जिलों की समीक्षा की जाएगी। केंद्र की ओर से तय मानकों के आधार पर जिलों के जोन तय किए जाएंगे।

वहीं, मुख्यमंत्री  त्रिवेंद्र सिह रावत ने राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में कोविड-19  संबंधी कार्यों, आवश्यकता और तैयारियों की समीक्षा की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में अभी तक 2 कोरोना संक्रमित लोगों की मौत हुई है, लेकिन उनकी मौत की वजह कोविड नहीं था, वह दूसरी बीमारियों से मरे।
रविवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत और स्वास्थ्य एवं वित्त सचिव अमित नेगी के साथ श्रीनगर मेडिकल पहुंचे। यहां उन्होंने सभागार में प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के  अधिकारियों की बैठक ली। बैठक की शुरुआत करते हुए मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सीएम  रावत ने प्रोजेक्टर के माध्यम से  कोविड -19 से बचाव और  कोविड जांच की प्रगति आख्या प्रस्तुत की।
उन्होंने बताया कि कोविड जांच लैब में 3 मई से अब तक पौड़ी, टिहरी, चमोली और रुद्रप्रयाग जिले के 670 नमूनों की जांच हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड 19 सिर्फ बीमारी ही नहीं है। बल्कि इस महामारी का असर धीरे-धीरे समाज में आएगा। इसलिए सभी को हर तरह से तैयार रहना होगा। आज से 5 दिन पहले कम कोरोना पॉजिटिव के चलते उत्तराखंड अन्य राज्यों से बेहतर स्थिति में था। लेकिन गुजरात, महाराष्ट्र हरियाणा व राजस्थान आदि प्रदेशों से प्रवासी आने से चुनौती बढ़ गई है। इसके लिए  हमारी टीम और  हमारी रणनीति बेहतर हो। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए की बाहर से आने वाले लोगों का मानकों के अनुसार परीक्षण हो। सैनिटाइजेशन की पूरी व्यवस्था हो। जो कोरोना पॉजिटिव नियमों का उल्लंघन करें, उनके खिलाफ हत्या की कोशिश का मुकदमा दर्ज किया जाए।

ऋषिकेश पुलिस ने कोरोना से मृत महिला का कराया दाह संस्कार

राज्य में कोरोना से शुक्रवार की देर रात हुई दूसरी मौत के बाद शनिवार शाम मृतका का अंतिम संस्कार पुलिस ने कराया। मृतका की चिता को मुखाग्नि उनके पति ने दी। कोरोना वायरस (पॉजिटिव) एवं कैंसर से पीड़ित महिला की मृत्यु के पश्चात, पुलिस व प्रशासन द्वारा सुरक्षा के समस्त उपाय व पीपीई किट पहनकर अंतिम संस्कार कराया गया।

शनिवार को कोतवाली पुलिस व प्रशासन के द्वारा करोना संक्रमण से बचाव करते हुए उत्त मृतक महिला का अंतिम संस्कार चंद्रेश्वर नगर स्थित मुक्तिधाम में कराया गया। इसके बाद अंतिम संस्कार के पूरे स्थान को सैनिटाइज करवाया गया।

एक ही दिन में नैनीताल से 55 और पूरे प्रदेश में 91 मामले कोरोना पाॅजीटिव

प्रदेश में आज एक ही दिन में 91 कोरोना मरीज सामने आये है। अब राज्य में कुल मरीजों की संख्या 244 हो गई है। वहीं अब राज्य में कोई भी जिला कोरोना संक्रमण से अछूता नहीं रह गया है।
अपर सचिव स्वास्थ्य युगल किशोर पंत ने बताया कि प्रदेश में आज 91 नए कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं। एम्स ऋषिकेश में हुई एक कोरोना मरीज की मौत के बारे में स्वास्थ्य विभाग ने साफ किया है कि उसकी मौत कोरोना से नहीं हुई है। उसकी मौत एसोफैगस कैंसर से हुई है। शनिवार को चंपावत में सात, देहरादून में नौ, हरिद्वार में दो, नैनीताल में 57, अल्मोड़ा में तीन, पिथौराढ़ में दो, उत्तरकाशी में तीन, ऊधमसिंह नगर में तीन, रुद्रप्रयाग में तीन और पौड़ी जिले में दो नए मामले सामने आए हैं।
यह पहली बार है जब राज्य में एक साथ 91 केस सामने आए हैं। इन मामलों के आने के बाद अब राज्य में कुल संक्रमितों की संख्या 244 हो गई है। रुड़की के आदर्श नगर निवासी 54 वर्षीय व्यक्ति में आज कोरोना की पुष्टि हुई है। ये मुंबई से हरिद्वार में आए थे। अब हरिद्वार जनपद में अब एक्टिव केस छह हो गए हैं। ये सभी रुड़की क्षेत्र से आए हैं। सभी प्रवासी हैं। इससे पहले सात मामले आए थे जो कि सभी ठीक हो चुके थे। लेकिन नए मामले आने से लोगों की चिंता बढ़ने लगी है।

डीएम ने घर-घर जांच करने के निर्देश दिए
देहरादून जिले में कोरोना के मामले बढ़ने पर प्रशासन अन्य बीमारियों से जूझ रहे लोगों के स्वास्थ्य का पता लगाने के लिए घर-घर जाएगा। जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में प्रवासियों के आने के बाद कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब ब्लड प्रेशर, शुगर, सांस, दिल की बीमारी से पीड़ित लोगों के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं को बचाया जाएगा। ऐसे मरीजों का सर्वे कर डाटा तैयार किया जाएगा। जिससे उन्हें कोरोना संक्रमण से बचाया जा सके।
उन्होंने बताया कि आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर इनका डाटा एकत्र करेंगी। फोन के माध्यम से भी संपर्क कर उनकी तबीयत, डॉक्टर के पास कब गए? अब क्या स्थिति है? कोरोना संक्रमण के कोई लक्षण तो नहीं जैसे सवाल पूछकर रिपोर्ट तैयार करेंगी। डीएम ने बताया कि अभी तक क्वारंटीन लोगों की निगरानी की जा रही थी। लेकिन, अब ऐसे लोगों को भी निगरानी की जाएगी, जो बीमार चल रहे हैं। 

प्रशासन की लापरवाही आई सामने
ऋषिकेश में 13 मई को दिल्ली से लौटने वाली महिला बैंक कर्मी को क्वारंटाइन न करने के मामले में प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आयी है। महिला में कोरोना वायरस की पुष्टि होने के बाद प्रशासन सकते में आ गया है। जिसके बाद हीरालाल मार्ग स्थित यूको बैंक को प्रशासन ने 14 दिनों के लिए सील कर दिया है। साथ ही सभी कर्मचारियों को होम क्वारंटाइन किया गया है। प्रशासन ने पुलिस और मेडिकल टीम की सहायता से कोरोना संक्रमित पाये गए दोनों लोगों के निवास स्थान को हॉटस्पॉट घोषित कर सील कर दिया है। रेड जोन से ऋषिकेश लौटने के बाद भी महिला को क्वारंटाइन नहीं किया गया। वहीं, महिला बैंक कर्मी के दिल्ली से लौटने के बावजूद होम क्वारंटाइन न करने को लेकर स्थानीय लोग अब प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

कोरोना से बचना है तो भीड़-भाड़ वाले स्थानों में जाने से बचें, जानिए क्यों है जरुरी

कोरोना वायरस आने के बाद सब एक दूसरे से उचित दुरी बना कर रख रहे है। लोगों से कहा जा रहा है कि दूर-दूर रहो. कम से कम एक या दो मीटर की दूरी। लेकिन अब एक अध्ययन में सामने आया है कि कोरोना से बचने के लिए दो मीटर की दूरी नाकाफी है. क्योंकि इंसान की लार की बूंदें कम गति वाली हवा में भी कुछ नहीं तो छह मीटर तक ट्रैवल तो करती ही हैं।
ये अध्ययन अमेरिकन इंस्टिट्यूट ऑफ फिजिक्स के तहत फिजिक्स ऑफ फ्लुइड्स जर्नल में प्रकाशित हुआ है। इसमें कहा गया है कि जब हवा की गति जीरो थी, तब लार की बूंदों ने दो मीटर से ज्यादा ट्रैवल नहीं किया। जो कि सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों के लिए एकदम सही है। लेकिन जब हवा चार किलोमीटर प्रति घंटे से लेकर 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती है, तब ये बूंदें छह मीटर तक ट्रैवल कर लेती हैं।
लार की बूंदों पर ये स्टडी रिसर्चर्स तालिब डीबौक और दिमित्रिस ड्रक्कैकिस ने की है। ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ के ई-मेल के जवाब में ड्रक्कैकिस ने लिखा है कि ‘चार किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवा के एक झोंके से भी ये बूंदें पांच सेकंड्स के अंदर छह मीटर तक ट्रैवल कर जाती हैं। इसलिए दो मीटर की दूरी काफी नहीं है। भीड़ वाले इलाके काफी ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं।’
लार की बूंदों पर स्टडी करने के लिए रिसर्चर्स ने कम्प्यूटेशनल फ्लुइड्स डायनेमिक्स का इस्तेमाल किया गया है। इस स्टडी में ये देखा गया कि खांसते हुए आदमी के मुंह से निकलने वाली लार की हर बूंद किस तरह मूव करती है। उमस का उस बूंद पर क्या प्रभाव होता है। बूंदों का आपस में और हवा के साथ कैसा बर्ताव रहता है, और किस तरह ये बूंदें लिक्विड से गैस बनकर हवा होती हैं।
स्टडी में रिसर्चर्स ने ये कहा है कि उन्होंने ये पता लगाने की पूरी कोशिश की है कि सर्दी और बसंत के मौसम का इन बूंदों पर क्या प्रभाव होता है। ड्रक्कैकिस कहते हैं, ‘हमें बूंदो के वाष्पीकरण को अभी और गहराई से समझना है। अलग-अलग वातावरण को लेकर भी स्टडी करनी है। काम अभी चल ही रहा है। इनडोर वातारवरण में बूंद का बर्ताव कैसा होगा, ये जानना बहुत जरूरी है।
वैज्ञानिक कह रहे हैं कि अभी अलग-अलग वातावरण के हिसाब से स्टडी करना बाकी है। लेकिन ये स्टडी सोशल डिस्टेंसिंग के सुझाव के लिहाज से समझना और होना बेहद जरूरी है।

देहरादून की निरंजनपुर मंडी बंद, कोरोना संक्रमित मरीज की हुई थी पुष्टि

राज्य में आज सात और कोरोना से संक्रमित मरीज मिले हैं। जिसमें देहरादून जनपद में तीन और ऊधमसिंह नगर जनपद के जसपुर में दो व हरिद्वार जनपद में दो और संक्रमित मरीज शामिल हैं। प्रदेश में अब संक्रमित मरीजों का आंकड़ा डेढ़ सौ के पार हो गया है। प्रदेश में कुल संक्रमित मरीज 153 हो गए हैं।
कल प्रदेश में 16 नए संक्रमित मरीज और बुधवार देर रात देहरादून और टिहरी में चार संक्रमित मरीज मिले थे। अकेले देहरादून जनपद में आंकड़ा 54 पहुंच गया है। जबकि राज्य में 56 मरीज सही हो चुके हैं। आज कोरोना संक्रमित मिलने पर प्रशासन ने देहरादून की गुरु रोड को सील कर दिया है। यहां अग्रिम आदेश तक लोग पूरी तरह से कॉलोनी के अंदर ही रहेंगे। इस दौरान क्षेत्र के बैंक, दुकानें और अन्य सभी प्रतिष्ठान बंद रहेंगे।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने आदेश जारी करते हुए कहा कि इस इलाके में जरूरी वस्तुओं की सप्लाई प्रशासन कराएगा। परिवार का एक सदस्य खरीदारी के लिए बाहर निकल सकता है। मोबाइल वैन के जरिए दूध की सप्लाई की जाएगी। नगर निगम को क्षेत्र की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के साथ ही मुनादी कर लोगों को जागरूक करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
सीएमओ को सामुदायिक स्वास्थ्य पर नजर रखेंगे। जिलाधिकारी ने कहा कि अगर कोई इमरजेंसी है तो कॉलोनी के लोग पुलिस के टोल फ्री नंबर 112 पर संपर्क कर सकते हैं। आदेश का पालन न करने वालों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, कल कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने के बाद देहरादून की निरंजनपुर मंडी बंद कर दी गई है। पूरी मंडी को सैनिटाइज करने की प्रक्रिया चल रही है। सभी दुकानों और गोदामों को सैनिटाइज किया जा रहा है।
गुरुवार को मंडी में एक व्यक्ति में कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई थी। मंडी अध्यक्ष राजेश शर्मा ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर सोमवार तक के लिए मंडी को बंद किया जा रहा है। पहले पीड़ित की दुकान के दोनों तरफ की पांच-पांच दुकानों को बंद किया गया। इसके अलावा अन्य सभी दुकानों को भी सैनिटाइज किया जा रहा है। इस दौरान बाजार में फल सब्जियों की कमी न हो, इसके लिए प्लान तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मंडी अब मंगलवार से ही खुलेगी।

आयुष रक्षा किट के लिए 2 करोड़ रुपए का बजट आवंटित

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और आयुष मंत्री डॉ हरक सिंह रावत ने सचिवालय में आयुष रक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत आयुष रक्षा किट के वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
प्रथम चरण में आयुष रक्षा किट का वितरण सचिवालय, राजभवन, विधानसभा के अतिरिक्त आयुर्वेदिक चिकित्सालयों के माध्यम से राज्य के ऑरेंज जोन के जनपदों में सभी कोविड वाॅरियर्स, हाई रिस्क व्यक्तियों सहित जन सामान्य में किया जाएगा। इस आयुष किट का निर्माण ऋषिकुल फार्मेसी, हरिद्वार द्वारा किया जा रहा है, जिस हेतु राज्य सरकार द्वारा ऋषिकुल फार्मेसी को 5 लाख किट के निर्माण हेतु लगभग 2 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है। प्रत्येक किट में एक व्यक्ति के लिए 15 दिनों के लिए गिलोय, वासा, त्रिकूट, तुलसी व मुलेठी से निर्मित आयुष रक्षा क्वाथ, संशमनी वटी व अश्वगंधा वटी रखी गई है।
इस अवसर पर कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, सचिव अमित नेगी, अपर सचिव आयुष एवं आयुष शिक्षा आनंद स्वरूप, स्टेट लाइसेंसिंग अथॉरिटी (आयुर्वेद) डॉ वाईएस रावत, ऋषिकुल फार्मेसी अधीक्षक देवेंद्र सेमवाल, जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी देहरादून सुरेश प्रसाद बडोनी, वरिष्ठ चिकित्सक जेएन नौटियाल आदि उपस्थित थे।

प्रवासियों में संक्रमण मिलने की प्रक्रिया हुई तेज, 146 हुए पाॅजीटिव केस

आज प्रदेशभर में 16 कोरोना संक्रमित मामले सामने आए है। जिसके बाद अब राज्य में कुल कोरोना संक्रमितों की संख्या 146 हो गई है। वहीं इनमें से 54 मरीज ठीक हो चुके हैं। अपर सचिव युगल किशोर पंत ने बताया कि आज 16 नए मामलों की पुष्टि हुई है। इनमें से तीन उत्तरकाशी, दो हरिद्वार, एक अल्मोड़ा, चार बागेश्वर, दो ऊधमिसंहनगर, तीन नैनीताल और एक देहरादून में सामने आया है।

बाजार बंद, सैनिटाइज कराया
जाखणीधार ब्लॉक के ढुंग में एक युवक में कोरोना संक्रमण की पुष्टि होने से पूरे ढुंगमंदार क्षेत्र में दहशत फैल गई है। कस्बे के बाजार बंद हो गए। प्रशासन ने पूरे गांव को सैनिटाइज कराया है।
ढुंगमंदार पट्टी में अभी तक बाहरी राज्यों से करीब चार सौ प्रवासी पहुंचे हैं। इनमें से कई रेड जोन से आए हैं। ग्राम पंचायतों ने उन्हें गांव में क्वारंटीन किया हुआ है। मुंबई से आए युवक के कोरोना पॉजिटिव आने से लोग डरे हुए हैं। बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे प्रशासन की टीम ने युवक को गांव से जिला मुख्यालय में बनाए गए कोविड-19 के केयर सेंटर में भर्ती करा दिया है।

पुलिस महानिदेशक ने दिए निर्देश…
आज पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूड़ी पुलिस कप्तानों, सेनानायकों और परिक्षेत्र प्रभारियों के साथ वीडियो कॉन्फेंसिंग कर कोरोना वायरस से बचाव की तैयारियों और लॉकडाउन की स्थिति की समीक्षा की। डीजी अपराध अशोक कुमार ने निर्देश दिए कि लॉकडाउन चार के नियमों और निर्देशों का अनुपालन्र विनम्रता और दृढ़ता के साथ कराना है। होम क्वारंटीन का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। क्वारंटीन उल्लंघन के संबंध में डायल 112 की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की जाए। इसके अलावा डायल 112 से प्राप्त घरेलू हिंसा से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लें।
सार्वजनिक स्थानों पर मास्क न पहनने वालों, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने वालों को किसी तरह की छूट ना दी जाए। पुलिसकर्मियों को समय-समय पर प्रशिक्षित करने और संक्रमण से बचाव हेतु उन्हें डबल प्रोटेक्शन दिया जाए। डीजी ने कोरोना ड्यूटी में नियुक्त पुलिसकर्मी तथा उल्लेखनीय कार्य करने वाले जनता के एक व्यक्ति को कोरोना वॉरियर्स के रूप में प्रतिदिन सम्मानित करने के निर्देश दिए।

डीएम ने ऋषिकेश सहित अन्य कन्टेंमेंट जोन को प्रतिबंध से किया बाहर

जिलाधिकारी डाॅ आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जनपद में शेष 4 कन्टेमेंट जोन में 2 से 3 चरण का एक्टिव सर्विलांस का कार्य पूर्ण हो चुका है। 14 दिन के एक्टिव सर्विलांस कार्य के दौरान उक्त क्षेत्रों में अन्य कोई कोविड-19 संक्रमित व्यक्ति चिन्हित न होने के फलस्वरूप स्वास्थ्य विभाग द्वारा उक्त क्षेत्रों को कन्टेंमेंट जोन से मुक्त करने हेतु की गयी। संस्तुति के फलस्वरूप नगर निगम देहरादून क्षेत्रान्तर्गत कन्टेंमेंट जोन चमन विहार, लेन नम्बर 11 तथा नगर निगम ऋषिकेश क्षेत्रान्तर्गत कन्टेंमेंट जोन बीस बीघा कालोनी गली न0 3, शिवा एन्कलेव वार्ड नम्बर 24 एवं आवास विकास वार्ड नम्बर 25 को कन्टेंमेंट जोन से मुक्त घोषित कर दिया गया है।
ज्ञात हो कि हमारे द्वारा लगातार जनता को अकारण हो रही परेशानी व कोविड 19 को दृष्टिगत रखते हुये प्रतिबन्धित की तिथि बीत जाने के बाद भी जिले के कन्टेनमेंट जोन क्षेत्र को मुक्त न किये जाने को लेकर समाचार प्रकाशित कर डीएम का ध्यान आकर्षित किया था, जिस पर आज इन जोन में चल रहे प्रतिबन्धों को हटाकर मुक्त कर दिया गया।

गांव में बनाये जा रहे क्वारेंटाईन सेंटरों की साफ-सफाई के लिए 5-5 हजार

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और जिलाधिकारियों के साथ प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि होम क्वारेंटाईन का उल्लंघन करने वालों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। ग्राम स्तर पर कार्यरत प्रधानों, आशा कार्यकत्रियों, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा की जाने वाली शिकायतों को गम्भीरता से लिया जाए। मुख्यमंत्री, वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और जिलाधिकारियों के साथ प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मास्क, सेनेटाईजेशन, फिजीकल डिस्टेंस आदि बातों को लेकर निरंतर लोगों को जागरूक किए जाने की जरूरत है। सामाजिक कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों, मीडिया व समाज के अन्य प्रबुद्धजनों के साथ संवाद कायम रखें। जो लोग भी उत्तराखण्ड आना चाहते हैं, उन्हें लाया जाना है। बाहर से घर लौटने वाले लोगों को मनोवैज्ञानिक रूप से सशक्त भी रखना है और उन्हें व्यस्त भी रखना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों में बनाए जा रहे क्वारेंटाईन सेंटरों की उचित साफ सफाई के लिए ग्राम स्वास्थ्य एवं स्वच्छता समितियों को एनएचएम से 5-5 हजार रूपए दिए जा रहे हैं।
प्रधान, ग्रामीण समाज का महत्वपूर्ण अंग होते हैं। इसे देखते हुए प्रधानों को जिम्मेदारी दी गई है। परंतु इसका मतलब ये नहीं है कि उन्हें अकेले इस काम को देखना है। ग्राम स्तर के प्रशासनिक कर्मचारियों को उनके नेतृत्व में काम करना है। प्रधानों का जो भी व्यय होता है, उसकी प्रतिपूर्ति प्राथमिकता से की जाए।
मुख्यमत्री ने कहा कि इन दिनों में पॉजिटिव केस पहले की अपेक्षा अधिक बढ़े है, परंतु हमारी तैयारी बेहतर है। पेशेन्ट केयर का हमारा रिकार्ड बेहतर रहा है। अभी तक बेहतर तरीके से जिम्मेदारी का निर्वहन किया है। अब नई चुनौती आई है। इस चुनौती पर व्यावहारिकता और कुशलता के साथ खरा उतरना है। कोरोना से लम्बी लड़ाई है। इसके लिए हमें मनोवैज्ञानिक रूप से भी तैयार रहना है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का सहयोग लें। हर वार्ड में चार-पांच लोगों की एक टीम हो। लोगों की आजीविका के लिए भी योजनाओं पर काम करना है। किसानों को बीज उपलब्ध करवाए जाएं। इसी प्रकार केंद्र व राज्य सरकार ने जो योजनाएं घोषित की हैं, उनसे लोग, लाभान्वित हों, यह सुनिश्चित किया जाए।
मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने कहा कि जो भी लोग बाहर से अपने घरों को आ रहे हैं, उन पर सतत निगरानी रखनी है। इसमें जिलाधिकारी ग्रामीण स्तर के स्वास्थ्य कर्मियों का उपयोग करें। आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की जरूरी जांच की जाएं। एक-एक केस को ट्रेस करना है। और उनका हेल्थ चैकअप किया जाए। बीआरटी को सक्रिय रखा जाए। कॉल सेंटर के माध्यम से भी आने वाले लोगों से लगातार सम्पर्क रखा जाता है। रेड जोन से आने वालों को इंन्स्टीट्यूशनल क्वारेंटाईन में रखा जाना है। अच्छी प्रतिष्ठा वाले एनजीओ का भी सहयोग लिया जा सकता है। जिस प्रकार गांवों में प्रधानों का सहयोग लिया जा रहा है, उसी प्रकार शहरी क्षेत्रों में स्थानीय निकायों को भी अधिकृत किया जाएगा। पार्षदों की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। डीजीपी अनिल कुमार रतूड़ी ने कहा कि क्वारेंटाईन का उल्लंघन करने वालों, सार्वजनिक स्थानों पर मास्क न पहनने वालों, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने वालों पर कार्रवाई की जानी है। हमें लोगों का समझाना भी है और जो न समझे उस पर कार्रवाई की जानी है।
सचिव स्वास्थ्य, नीतेश झा ने प्रदेश में कोविड-19 की अपडेटेड स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि बाहर से लोगों के आने के बाद पॉजिटिव केस बढ़ रहे हैं। अभी तक 120 पॉजिटिव केस हो चुके हैं, इनमें से 53 रिकवर हो चुके हैं। 66 एक्टीव केस हैं। अभी जितने भी केस हैं, उनमें कोई भी गम्भीर नहीं है। उन्होंने बताया कि हमारे पास आईसीयू बैड, वेंटिलेटर, पीपीई किट, एन 95 मास्क, अस्पताल/फेसिलिटी सेंटर की पर्याप्त संख्या में व्यवस्था है।
सचिव शैलेश बगोली ने बताया कि प्रदेश में वापस आने के लिए अभी तक 2 लाख 33 हजार से अधिक रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। लगभग 1 लाख 29 हजार लोग वापस आ चुके हैं। अभी तक 10 ट्रेनें आ चुकी हैं। और 2 ट्रेनें मार्ग में हैं। निर्धारित एसओपी के अनुसार सारी चेकिंग की प्रक्रिया की जाती है। जिलाधिकारियों को आने वाले लोगों का पूरा विवरण उपलब्ध करवाया जाता है।

सुबह सात से शाम चार बजे तक ही खुलेंगी दुकाने, पढ़े पूरी खबर…

त्रिवेन्द्र सरकार ने ऑरेंज और ग्रीन जोन में आवश्यक वस्तुओं के अलावा अन्य दुकानों को खोलने की अनुमति दे दी है। लेकिन शॉपिंग कॉम्पलेक्स, रेस्टोरेंट, मॉल, सिनेमा घर, बार, होटल आदि पर लगी रोक लाॅकडाउन-4 में भी बरकरार रहेगी। जबकि अन्य दुकानों को सुबह सात बजे से शाम चार बजे तक खोला जा सकेगा। जिन शहरों में अलग-अलग दिनों में अलग-अलग वस्तुओं की दुकानों को खोलने की जो रोस्टर वाली व्यवस्था बनाई गई थी, उसे समाप्त कर दिया गया है। अब पूरे प्रदेश में सभी दुकानें सभी दिन निर्धारित समय अवधि के लिए खुलेंगी।
मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश में कोई भी जिला रेड जोन में नहीं है, जिससे भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुरूप ऑरेंज और ग्रीन जोन में सभी दुकानों को खोला जा सकता है। अभी तक सुबह सात से शाम चार बजे तक दुकान खोलने का प्रावधान किया गया है।

-केंद्र सरकार की गाइडलाइन-
हवाई सेवाएं वर्जित।
स्कूल और कॉलेज नहीं खुलेंगे।
होटल और रेस्टोरेंट नहीं खुलेंगे, रेस्टोरेंट होम डिलीवरी के लिए किचन चला सकते हैं।
सिनेमा, शॉपिंग सेंटर, इंटरटेनमेंट पार्क, बार, ऑडिटोरियम नहीं खुल सकते।
स्पोटर्स काम्पेक्स और स्टेडियम में दर्शक नहीं जा सकते, प्रशिक्षण और मैच हो सकेंगे।
धार्मिक, सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक कार्यक्रम वर्जित।
धार्मिक स्थानों पर पूजा हो सकती है, लेकिन श्रद्धालु नहीं जा सकते।
कंटेनमेंट जोन में पूर्ण लॉकडाउन, बफर जोन में राहत।
मुख्य सचिव ने बताया कि इसमें बदलाव नहीं किया गया है। सरकारी कार्यालय खोलने और स्टाफ की उपस्थिति को लेकर लॉकडाउन तीन में बनाई व्यवस्था ही जारी रहेगी। सुबह दस से शाम चार बजे तक कार्यालय खुलेंगे। शाम चार से अगली सुबह सात बजे तक लॉकडाउन की स्थिति रहेगी। वहीं, वाहनों को ऑड ईवन के फॉर्मूले पर चलाने के निर्देश जिलाधिकारियों को दिये गये है।
मुख्य सचिव उत्पल कुमार ने बताया कि कोरोना संक्रमण को लेकर तय होने वाले कंटेनमेंट जोन में पूरी तरह से लॉकडाउन रहेगा। इसके साथ एक क्षेत्र को बफर जोन चिह्नित करने का प्रावधान भी है। बफर जोन में निगरानी रहेगी, लेकिन कंटेनमेंट जोन की तरह पाबंदी नहीं होगी। प्रदेश में अभी सात कंटेनमेंट जोन हैं। देहरादून जिले में चार, हरिद्वार में दो और ऊधमसिंहनगर जिले में एक है।