उत्तराखंड के प्रमुख तीर्थस्थलों में स्वच्छता अभियान का शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय से मिशन हील एनवायरनमेंट एंड सोशल कॉज फ्रॉम पैज पीपल ट्रस्ट द्वारा दिव्यांगजन प्रेरणा 2022 के अंतर्गत तीर्थ स्थानों में पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता अभियान का फ्लैग ऑफ किया। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता की शपथ भी दिलाई गई। मुख्यमंत्री ने दल के सभी सदस्यों को शुभकामनाएं दी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मिशन हील एनवायरनमेंट एंड सोशल कॉज फ्रॉम पैज पीपल ट्रस्ट, कई वर्षों से दिव्यांग जनों के हितार्थ के लिए निरंतर प्रयासरत है। जिसमें दिव्यांग जनों की सक्रिय भागीदारी से अनेक साहसिक एवं प्रेरणादायक कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया जाता रहा है। ट्रस्ट द्वारा दिव्यांगजन प्रेरणा 2022 के अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण एवं तीर्थ स्थानों की स्वच्छता हेतु 15 जून से 18 जून तक जन जागरण अभियान का सराहनीय प्रयास किया जा रहा है।
मिशन हील एनवायरनमेंट एंड सोशल कॉज फ्रॉम पैज पीपल ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. विजय कुमार नौटियाल ने जानकारी दी कि इस अभियान में यात्रा दल गौरीकुंड से श्री केदारनाथ धाम के माय पर्यावरण संरक्षण एवं तीर्थ स्थानों स्वच्छता के लिए जन जागरण अभियान के साथ-साथ स्वच्छता अभियान चलायेगी। यात्रा दल 15 जून को देहरादून से चलकर गौरीकुंड में विश्राम करेगा और अगले दिन से पर्यावरण संरक्षण एवं तीर्थ स्थानों की स्वच्छता हेतु जन जागरण अभियान के साथ-साथ गौरीकुंड से श्री केदारनाथ धाम की यात्रा मार्ग पर स्वच्छता अभियान चलाएगी।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह उपस्थित रहीं।

केन्द्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी से विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को जौलीग्रांट एयरपोर्ट में केन्द्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने जौलीग्रांट स्थित गेस्ट हाउस में केन्द्रीय मंत्री से राज्य से जुड़े विभिन्न मुद्दों व समसामयिक विषयों पर चर्चा भी की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इससे पहले केंद्रीय संसदीय मंत्री प्रहलाद जोशी का शॉल ओढाकर अभिनंदन भी किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल भी मौजूद रहे।

स्वास्थ्य को लेकर श्रद्धालुओं को जारी किये गये दिशा-निर्देश

चारधाम यात्रा-2022 के लिये मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तराखण्ड के स्वास्थ्य विभाग द्वारा यात्रियों के स्वास्थ्य के लिये हेल्थ एडवाईजरी जारी की गई है।
चारधाम यात्रा में समस्त तीर्थ स्थल उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित है, जिनकी ऊंचाई समुद्र तल से 2700 मी0 से भी अधिक है। उन स्थानों में यात्रीगण अत्यधिक ठण्ड, कम आद्रता, अत्यधिक अल्ट्रा वॉयलेट रेडिएशन, कम हवा का दबाव और कम ऑक्सीजन की मात्रा से प्रभावित हो सकते हैं। अतः सभी तीर्थ यात्रियों के सुगम एवं सुरक्षित यात्रा हेतु निम्न दिशा-निर्देश निर्गत किये गये हैं।
श्रद्धालुओं से अनुरोध किया गया है कि स्वास्थ्य परीक्षण के उपरांत ही यात्रा के लिए प्रस्थान करें। पूर्व से बीमार व्यक्ति अपने चिकित्सक का परामर्श पर्चा एवं चिकित्सक का संपर्क नम्बर एवं चिकित्सक द्वारा लिखी गयी दवाईयां अपने साथ रखें।
अति वृद्ध एवं बीमार व्यक्तियों एवं पूर्व में कोविड से ग्रसित व्यक्तियों के लिए यात्रा पर न जाना या कुछ समय के लिए स्थगित करना उचित होगा।
तीर्थस्थल पर पहुँचने से पूर्व मार्ग में एक दिन का विश्राम करना उचित होगा।
गर्म एवं ऊनी वस्त्र साथ में अवश्य रखें। हृदय रोग, श्वांस रोग, मधुमेह, उच्च रक्तचाप से ग्रस्त रोगी ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाते समय विशेष सावधानी बरतें।
लक्षण जैसे-सिर दर्द होना, चक्कर आना, घबराहट का होना, दिल की धड़कन तेज होना, उल्टी आना, हाथ-पांव व होठों का नीला पड़ना, थकान होना, सांस फूलना, खाँसी होना अथवा अन्य लक्षण होने पर तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र पहुँचें एवं 104 हैल्पलाईन नम्बर पर सम्पर्क करें।
धूम्रपान व अन्य मादक पदार्थों के सेवन से परहेज करें।
सनस्क्रीन एसपीएफ 50 का उपयोग अपनी त्वचा को तेज धूप से बचाने के लिए करें । यूवी किरणों से अपनी आंखों के बचाव हेतु सन ग्लासेस का उपयोग करें।
यात्रा के दौरान पानी पीते रहें और भूखे पेट ना रहें। लम्बी पैदल यात्रा के दौरान बीच-बीच में विश्राम करें। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में व्यायाम से बचें। किसी भी स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी हेतु 104 एवं एम्बुलैंस हेतु 108 हैल्पलाईन नम्बर पर सम्पर्क करेंगे।

गंगोत्री और यमुनोत्री के खुले कपाट, पीएम ने नाम पर हुई पहली पूजा

अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खोल दिये गये हैं। इसी के साथ चार धाम यात्रा प्रारंभ हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के अवसर पर उपस्थित रहे। पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम से की गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गंगोत्री में पूजा अर्चना की और प्रदेश वासियों की खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि “आज से चारधाम यात्रा विधिवत रूप से शुरू हो रही है, मैं सभी श्रद्धालुओं का उत्तराखंड देवभूमि आगमन पर स्वागत करता हूं. ये यात्रा ऐतिहासिक हो, सबकी यात्रा सरल व सुगम हो, सबके मंगल की कामना करता हूँ। हमारी सरकार सुगम एवं सुरक्षित चार धाम यात्रा हेतु वचनबद्ध है।“
मुख्यमंत्री ने फोन के माध्यम से यमुनोत्री धाम के मुख्य पुजारियों एवं वहां उपस्थित समस्त श्रद्धालुजनों को अक्षय तृतीया एवं यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के शुभ अवसर की शुभकामनाएं प्रेषित की।

सुरकंडा देवी मंदिर में रोपवे सेवा शुरु

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को सिद्धपीठ मां सुरकंडा देवी मंदिर रोपवे सेवा का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने इसके बाद मां सुरकंडा देवी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख एवं समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी टिहरी को निर्देश दिए कि इस क्षेत्र में स्थाई हेलीपैड के निर्माण के लिए भूमि चिन्हित की जाय।
सुरकंडा देवी मंदिर जाने के लिए लगभग 5 करोड़ की लागत से बने रोपवे की लंबाई 502 मीटर है। इसकी क्षमता लगभग 500 व्यक्ति प्रति घंटा है। सुरकंडा देवी मंदिर रोपवे सेवा, उत्तराखंड के राज्य के गठन होने के बाद पहली महत्वपूर्ण रोपवे परियोजना है जिसका निर्माण राज्य पर्यटन विभाग द्वारा किया गया है। सुरकंडा रोपवे सेवा शुरू होने से श्रद्धालु कद्दूखाल से मात्र 5 से 10 मिनट में सुगमता पूर्वक साल भर मां सुरकंडा देवी के दर्शन कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मां सुरकंडा देवी के लिए रोपवे सेवा शुरू होने से श्रद्धालुओं को दर्शन करने में सुगमता होगी। इससे स्थानीय स्तर पर लोगों की आजीविका भी बढ़ेगी। राज्य में धार्मिक पर्यटन के साथ ही साहसिक पर्यटन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रोपवे परियोजना यात्रियों एवं पर्यटकों के लिए प्रदूषण मुक्त यातायात का प्रमुख साधन है। राज्य सरकार द्वारा केंद्र की पर्वतमाला योजना के अंतर्गत जनपदों में विभिन्न रोपवे परियोजनाओं के निर्माण हेतु कार्यवाही की जा रही है। टिहरी जनपद में लगभग 42 वर्ग किलोमीटर में फैली विशालकाय झील में विभिन्न साहसिक जल क्रीड़ाओं का संचालन किया जा रहा है। इस झील में पर्यटन से संबंधित अन्य गतिविधियों के लिए योजना बनाई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य में सभी क्षेत्रों में विकास के कार्य तेजी से हो रहे हैं। 2025 में जब हम उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती मनाएंगे, उस समय उत्तराखंड हर क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में होगा। चारधाम यात्रा में इस वर्ष लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। राज्य में श्रद्धालुओं को हर सुविधा मिले, इसके पूरे प्रयास किए गए हैं।
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि मां सुरकंडा के लिए रोपवे सेवा शुरू होने से यहां श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से वृद्धि होगी। चारधाम यात्रा के दृष्टिगत श्रद्धालुओं के लिए हर संभव सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य के अन्य क्षेत्रों में भी धार्मिक एवं साहसिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
इस अवसर पर विधायक प्रीतम सिंह पंवार, किशोर उपाध्याय, सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर, जिलाधिकारी टिहरी ईवा आशीष श्रीवास्तव, एसएसपी टिहरी नवनीत भुल्लर, मुख्य विकास अधिकारी टिहरी नमामि बंसल आदि उपस्थित रहे।

धामी ने पीएम की अध्यक्षता में राज्य के विधिक क्षेत्रों में किये गये कार्यो की जानकारी दी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की अध्यक्षता में विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित, मुख्यमंत्रियों और उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों की संयुक्त कान्फ्रेंस में प्रतिभाग किया।
उत्तराखण्ड में विधिक क्षेत्र में किये गये कार्यों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि उत्तराखण्ड द्वारा विगत 5 वर्षों में विधिक अधिकारियों का कैडर रिव्यू करते हुए स्वीकृत पदों की संख्या 230 से बढाकर 299 कर दी तथा वर्तमान में 271 न्यायाधीश कार्य कर रहे हैं। इसी प्रकार उत्तराखण्ड द्वारा पूर्व लम्बित प्रकरण (3 साल की अवधि से ज्यादा) को पूर्ण करते हुए 5 नयी परियोजनाएं विगत वर्षों में जिला न्यायालयों के निर्माण इत्यादि में पूर्ण किया। उत्तराखण्ड ने अपना पंचवर्षीय एवं वार्षिक अवस्थापना संबंधी आवश्यकताओं का माननीय उच्च न्यायालय के साथ मिलकर तैयार किया है। जिसे केन्द्र सरकार को भेजा जा चुका है, जिसके तहत केन्द्र पोषित योजना इस वित्तीय वर्ष में रू0 80 करोड़ की धनराशि केन्द्र सरकार द्वारा उत्तराखण्ड राज्य को आवंटित की गई है। इसी प्रकार माननीय उच्च न्यायालय में तथा सूचना प्रौद्योगिकी का विस्तार करते हुए एक टेक्निकल अधिकारी के सापेक्ष वर्तमान में 26 टेक्निकल अधिकारी कार्यरत हैं।
सभी को सुचारू रूप से निःशुल्क न्यायिक सेवा प्राप्त हो, इस उद्देश्य से सभी 13 जिलों में 13 सदस्य सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में नियुक्त किये। साथ ही सभी 13 जनपदों में विशेष किशोर पुलिस इकाई की स्थापना की है। उत्तराखण्ड द्वारा सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को दिए जाने वाली सुविधा के संबंध में नियमावली माह दिसम्बर 2021 में अधिसूचित कर दी गई है।
उत्तराखण्ड द्वारा राज्य में 2 वाणिज्यिक न्यायालय शुरू कर दिए गये हैं तथा शीघ्र ही राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय का भी संचालन प्रारम्भ कर दिया जायेगा।
देश में सर्वप्रथम वृद्ध, बीमार एवं न्यायालय आने में असमर्थ व्यक्तियों की गवाही अंकित करने के लिए उत्तराखण्ड के 13 जिलों में 13 मोबाइल न्यायालय वैन की सुविधा प्रारम्भ की गई है। जिससे विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गवाही अंकित की जा रही है।

ई-ऑफिस प्रणाली को और मजबूत किया जाए-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री सन्दर्भों/पत्रों का ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम पंजीकरण एवं समयबद्ध निष्पादन प्रणाली का शुभारंभ किया। पहले मुख्यमंत्री को संबोधित सन्दर्भों/पत्रों को मुख्यमंत्री लेटर मॉनिटरिंग पैकेज के माध्यम से पंजीकृत कर मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा भौतिक रूप से संबंधित विभागों को भेजा जाता था। अब मुख्यमंत्री सन्दर्भों/पत्रों को सीएम हेल्पलाइन 1905 के साथ इंटीग्रेट किया गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने चंपावत निवासी मुकेश राम की समस्या का संज्ञान लेते हुए, उनसे फोन पर बात की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिलाधिकारी चम्पावत को उनकी समस्या भेजी जा चुकी है, जिसका उचित समाधान किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि जन समस्याओं एवं शिकायतों का त्वरित निस्तारण हो। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नम्बर 1905, अपणि सरकार पोर्टल एवं भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखण्ड एप 1064 की प्रत्येक 15 दिन में अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री, एक माह में मुख्य सचिव एवं तीन माह में मुख्यमंत्री के स्तर पर समीक्षा की जायेगी। सरलीकरण, समाधान एवं निस्तारण पर सरकार का विशेष ध्यान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रक्रियाओं के सरलीकरण के लिए विभागों द्वारा अभी तक क्या कार्यवाही की गई है, इसकी जल्द समीक्षा की जायेगा। उत्तराखण्ड के समग्र विकास के लिए विभागों द्वारा आगामी 10 वर्षों के लिए विभाग क्या रोडमैप बना रहे हैं, इसकी भी जल्द समीक्षा की जायेगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि शासन एवं जिला स्तर पर ई-ऑफिस प्रणाली को और मजबूत किया जाए। फाइलों के निर्धारित समयावधि पर निस्तारित न होने कारण अधिकारियों को स्पष्ट करना होगा।
मुख्यमंत्री कार्यालय को प्राप्त सन्दर्भ/पत्र अब एक क्लिक के माध्यम से संबंधित विभागीय सचिव, विभागीय अधिकारी को प्राप्त हो जायेगा। इसका शिकायतकर्ता को भी उनके द्वारा दर्ज मोबाईल नम्बर पर मैसेज पहुंचेगा। शिकायतकर्ता को मैसेज के साथ एक लिंक मिलेगा, जिस पर वे अपनी शिकायत पर हुई कार्यवाही की प्रत्येक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। शिकायत जिस विभाग के जिस अधिकारी से संबधित होगी, उन्हें निश्चित समयावधि के अन्दर उसका निस्तारण करना होगा। यदि संबंधित अधिकारी द्वारा समय पर निस्तारण नहीं किया गया तो, शिकायत उससे उच्च स्तरीय अधिकारी को स्वतः ही अग्रेनीत हो जायेगी। समय पर निस्तारण न करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जायेगी।
मुख्यमंत्री सन्दर्भों/पत्रों को सीएम हेल्पलाइन 1905 के साथ इंटीग्रेट करने से विभागों को भौतिक रूप से सन्दर्भ/पत्र भेजने में समय लगता था, उस समय की बचत होगी। आवेदक को भी अपनी शिकायत पर हुई कार्यवाही की अद्यतन स्थिति की ऑनलाइन जानकारी मिलेगी। इससे प्राप्त होने वाले संदर्भों का डाटा परीक्षण एवं समस्याओं का वर्गीकरण करते हुए समाधान हेतु नई नीति तैयार की जा सकेगी।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, विशेष प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, सचिव शैलेश बगोली एवं उप सचिव अनिल जोशी उपस्थित रहे।

सैनिक बाहुल्य प्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करना ही ध्येय-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि के साथ-साथ सैनिक बाहुल्य क्षेत्र है। यहां के सौहार्द पूर्ण माहौल को बिगाड़ने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी। राज्य में समान नागरिक संहिता को लागू किए जाने को लेकर जल्द ही एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा।
शनिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पौड़ी जनपद के विकासखंड थलीसैंण के पीठसैंण पहुंचे। यहां उन्होने पेशावर कांड के महानायक वीर चंद्र सिंह गढ़वाली की स्मृति में आयोजित क्रांति दिवस मेले का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होने गढ़वाली की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उनके आदर्शाे पर चलने का आहवान भी किया।
मुख्यमंत्री ने वीर चंद्र सिंह गढ़वाली क्रांति दिवस मेले को राजकीय मेला घोषित किए जाने , थलीसैण में वाहन पार्किंग निर्माण की स्वीकृति, श्रीनगर विधानसभा के अन्तर्गत कच्ची सड़कों का डामरीकरण की स्वीकृति, देवराड़ी देवी मैदान (बूंगीधार) चौथान में मिनी स्टेडियम का निर्माण, चौरीखाल से कफल्ड मुसेटी लामसेम बैंड थलीसैंण तक सड़क का निर्माण कार्य किए जाने की घोषणा की। इस दौरान उन्होंने किशोरी एवं महालक्ष्मी किट के लाभार्थियों को किट वितरित किए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भगवान बिनसर की भूमि को नमन करते हुए कहा कि वीरो की भूमि पर दोबारा आने का मौका मिला है। हमारे शहीदों के परिश्रम, बलिदान, संघर्ष को आने वाली पीढ़ी जाने इसके लिए इस तरह के कार्यक्रम होने जरूरी हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारी सरकार “विकल्प रहित संकल्प“ के ध्येय वाक्य पर काम कर रही है। जो घोषणा पूर्व में की गई हैं उनके शासनादेश भी जारी हो रहे हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से विशेष लगाव है। उनके नेतृत्व में यह दशक उत्तराखंड का दशक होगा। रजत जयंती के अवसर पर उत्तराखंड देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य होगा। उन्होंने कहा हमारा राज्य हर क्षेत्र में आगे बढ़े, इसके लिए सरकार निरंतर विकास कार्य कर रही है। आयुष्मान योजना से उत्तराखंड में करीब 5 लाख से ज्यादा लोगों को जोड़ा गया है। वही गरीब कल्याण अन्न योजना ने कोरोना काल में भी किसी गरीब को भूखा नहीं सोने दिया। उन्होंने सितंबर माह तक इस योजना को बढ़ाए जाने पर प्रधानमंत्री जी का धन्यवाद किया ।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार को खत्म करने हेतु एवं भ्रष्टाचार मुक्त राज्य बनाने हेतु 1064 नंबर लांच किया गया है जिस पर कोई भी नागरिक भ्रष्टाचार से संबंधित अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। उन्होंने कहा इस संबंध में भ्रष्टाचार पर अभी तीन बड़ी कार्यवाही की गई है, जबकि कई शिकायतें सर्विलांस पर हैं। उन्होंने कहा हमारे वादे के अनुसार हम यूनिफॉर्म सिविल कोड जल्द ही उत्तराखंड में लागू करेंगे। पर्यावरण मित्रों का एक दिन का मानदेय बड़ाकर 500 रुपए कर दिया है। नए बजट में सरकार ने गरीब परिवारो हेतु एक साल में तीन सिलेंडर मुफ़्त देने का वादा किया है जो पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा राज्य सरकार ने उत्तराखंड में वृद्घावस्था पेशन योजना पर बड़ा फैसला लेते हुए अब पति-पत्नी दोनों को वृद्घावस्था पेंशन योजना का लाभ दिया हैं। उन्होंने कहा हमारी सरकार ने आगनबाडी कार्यकत्री भोजन माता पीआरडी जवान, उपनल कर्मचारी, ग्राम प्रधान जैसे विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाले जनप्रतिनिधियों, कर्मचारियों को दी जाने वाली राशि में भी इजाफा किया है।
उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने कहा कि बूंगीधार में स्थित चिकित्सालय का उच्चीकरण किया जाएगा। कहा कि थलीसैंण अल्ट्रासाउड, गाइनो के अलावा कई चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। इससे पूर्व मुख्य मंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किशोरी रक्षा किट का वितरण किया। देश पर प्राण न्यौछावर करने वाले शहीदों के परिजनों तथा स्वतंत्रता सैनानियों को शॉल ओढाकर सम्मानित किया। इस मौके पर पौड़ी विधायक राजकुमार पोरी, जिला पंचायत अध्यक्ष शांति देवी, जिलाधिकारी डा. विजय कुमार जोगदंडे, एसएसपी यशवंत सिंह चौहान, सीडीओ प्रशांत कुमार आर्य, ब्लाक प्रमुख थलीसैंण मंजू रावत, मनमोहन सिंह आदि शामिल थे।

अंतिम कैबिनेट बैठक में धामी सरकार ने लिए महत्वपूर्ण निर्णय

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में चल रही मंत्रिमंडल की बैठक खत्म हो गयी है। हालांकि, धामी सरकार की यह अंतिम मंत्रीमंडल की बैठक संपन्न हुई है। जिसमें तमाम विषयों पर चर्चा किया गया है। यही नहीं, मंत्रिमंडल की बैठक में 40 से ज्यादा प्रस्तावो पर मुहर लगी है। इसके साथ ही मंत्रिमंडल की बैठक में रात्रि कोविड कर्फ्यू के समय में बदलाव करते हुए रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक कर दिया है। यही नहीं, शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल ने कहा कि अगर परिस्थितियां भिन्न होती हैं तो राज्य सरकार कड़े से कड़े निर्णय लेने में पीछे नहीं हटेगी।

इन मामलों पर लगी मुहर……
– वृद्धावस्था पेंशन को 1200 से बढ़ाकर किया गया 15 सौ रुपए।
– शिक्षामित्रों के मासिक वेतन को 15000 से बढ़ाकर किया गया 20,000 रुपये।
– कृषि उद्यान विभाग के एकीकरण के लिए मुख्यमंत्री को किया गया अधिकृत।
– आंदोलनकारियों को सरकारी सेवाओं में आरक्षण दिए जाने के प्रस्ताव को एक बार फिर राजभवन भेजा जायेगा।
– शुगर मिलों के मृतक आश्रितों को दी जाएगी नौकरी।
– राज्य की स्वास्थ्य नीति को किया गया प्रत्याक्षित।
– गंगोलीहाट को नगर पालिका परिषद बनाए जाने पर बनी सहमति।
– प्राइवेट सुरक्षा नियमावली-2021 को मंत्रिमंडल से मिली मंजूरी।
– फाइनेंशियल हैंडबुक नियमावली- 2018 में किया गया संशोधन।
– लैंडस्लाइड एंड लिटिगेशन सेंटर उत्तराखंड में स्थापित किए जाने का लिया गया निर्णय।
– सभी पूर्व सैनिकों को अब नहीं देना होगा हाउस टैक्स।
– बिल्डिंग बायलॉज में किया गया संशोधन, पर्यटन के दृष्टिगत लिया गया है निर्णय।
– हल्द्वानी और हरिद्वार में बनाए गए 500 बेड के अस्पताल को मार्च 2022 तक के लिए दिया गया एक्सटेंशन।
– प्रदेश के 94 बगीचो की व्यवस्था को सुधारने के लिए इसे तीन कैटेगरी में बांटकर डिपार्टमेंटल/लीज पर देने पर चर्चा किया गया है, इसपर अंतिम फैसले के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया है।
– स्टेट डाटा सेंटर पालिसी -2022 को प्रख्यापित करने का लिया गया निर्णय।
– पौधा सेंटर, सेलाकुई के कर्मचारियों का बढ़ाया गया मानदेय।
– उत्तराखंड उद्यान एवं खाद्य नियमावली-2022 को पारित करने का लिया गया निर्णय।
– उत्तराखंड जैविक कृषि नियमावली-2021 को प्रख्यापित करने का लिया गया निर्णय।
– नर्सरी एक्ट-2021 को प्रख्यापित करने का लिया गया निर्णय।
– किसानों को अधिक से अधिक इंश्योरेंस कवरेज दिए जाने को लेकर इंश्योरेंस किस्त में सब्सिडी देने का लिया गया निर्णय।
– मंडी कानून में किया गया संशोधन।
– रात्रि कोविड कर्फ्यू के समय में किया गया बदलाव, अब रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक रहेगा कर्फ्यू।
– कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले को देखते हुए लिया गया निर्णय।

भारत के सैन्य इतिहास में 16 दिसम्बर वीरता व पराक्रम का ऐतिहासिक दिन-सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को विजय दिवस के अवसर पर गांधी पार्क देहरादून में शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा है कि भारत के सैन्य इतिहास में 16 दिसम्बर वीरता व पराक्रम का ऐतिहासिक दिन है।
मुख्यमंत्री ने देश की एकता एवं अखंडता के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले जवानों को नमन करते हुए कहा कि हमारे इन जवानों की वजह से सभी चैन की नींद सोते हैं। देवभूमि उत्तराखंड की सदैव देशभक्ति व राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हमेशा देश के सैनिकों का मनोबल बढ़ाने का कार्य किया है।
इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजानदास, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आर राजेश कुमार भी उपस्थित रहे।