चमोली और उत्तरकाशी के जिलाधिकारियों संग सीएस ने ली बैठक

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने आज सचिवालय में जनपद चमोली एवं उत्तरकाशी के जिलाधिकारियों के साथ वाईब्रेंट विलेज योजना के सम्बन्ध में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक ली। मुख्य सचिव ने कहा कि जिलाधिकारी वाईब्रेंट विलेज में जाकर देखें कि उन गांवों में किन-किन सेवाओं की सख्त आवश्यकता है।

मुख्य सचिव ने कहा कि वाईब्रेंट विलेज के तहत क्षेत्र में अटल स्कूलों की शुरूआत की जाए। उन्होंने कहा कि पर्यटन की दृष्टि से इन गांवों में और क्या-क्या गतिविधियां शुरू की जा सकती हैं, इस दिशा में भी कार्य किया जाए। उन्होंने वाईब्रेंट विलेज के लिए योजनाओं को प्राथमिकता पर लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन गांवों में बिजली, पानी, सड़क, अस्पताल आदि की उपलब्धता अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि इन गांवों के लिए योजनाएं इस प्रकार से तैयार की जाएं कि स्थानीय लोगों को रोजगार प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वाईब्रेंट विलेज में हेलीपैड तैयार किया जाए। इन गांवों में ब्रेकफास्ट टूरिज्म और साहसिक खेलों से जुड़ी योजनाओं को संचालित किया जाए। इन क्षेत्रों में बुग्याल और टै्रकिंग रूट्स को विकसित कर क्षेत्रवासियों को रोजगार से जोड़ा जा सकता है। उन्होंने कौशल विकास विभाग को क्षेत्र के युवाओं को विभिन्न ट्रेड्स में निशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किए जाने के भी निर्देश दिए।

इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव खेल अभिनव कुमार, सचिव नितेश झा, सचिन कुर्वे, दीपेन्द्र कुमार चौधरी एवं विजय कुमार यादव सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

मुख्य सचिव ने जी20 के कार्यों की तैयारियों को लेकर की बैठक

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने सचिवालय में 25 जून से 28 जून तक ऋषिकेश में आयोजित होने वाली जी 20 की तैयारियों के सम्बन्ध में बैठक ली। मुख्य सचिव ने कहा कि जी20 की पिछली बैठकों में काफी अच्छे से प्रबंधन किया गया था, इसे आने वाली बैठक में भी जारी रखा जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि पर्यटन प्रदेश होने के नाते हमें प्रदेश की छवि पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सौंदर्यीकरण के लिए जो भी कार्य करवाए जा रहे हैं, इनकी गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। जितने भी सुधार कार्य करवाए जाएं वह स्थाई प्रवृत्ति के हों ताकि जी 20 के बाद भी आने वाले पर्यटक उनका आनंद ले सकें।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में सड़कों की कायाकल्प के लिए एक मैकेनिज्म विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि सड़कों के सौंदर्यीकरण के लिए जिलाधिकारी अथवा पर्यटन विभाग के अंतर्गत एक मद बनाया जाए, जिसमें सड़कों के किनारे सौंदर्यीकरण एवं उसके रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव सचिन कुर्वे, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, दीपेन्द्र कुमार चौधरी, विनोद कुमार सुमन, एच. सी. सेमवाल, ए.डी.जी. वी. मुरुगेशन, ए. पी. अंशुमान, वी.सी. एम.डी.डी.ए. बंशीधर तिवारी सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

विभागों को सीएस की दो टूक, जो लक्ष्य दिए गए, प्रस्ताव उससे अधिक भेजें

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में नाबार्ड के तहत ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि के लिए उच्च अधिकार प्राप्त समिति की बैठक संपन्न हुई। मुख्य सचिव ने सभी सम्बन्धित विभागों को ग्रामीण अवसंरचना विकास के तहत प्रस्तावों को शीघ्र नाबार्ड को भेजे जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि विभागों को जो लक्ष्य दिए गए हैं वह न्यूनतम राशि निर्धारित की गई है, प्रस्ताव इससे अधिक के भेजे जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि छोटी योजनाओं को क्लब करके बड़े प्रस्ताव भी भेजे जा सकते हैं। उन्होंने विभागों द्वारा डीपीआर भेजे जाने हेतु समय सीमा भी निर्धारित किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि 60 प्रतिशत डीपीआर जून माह तक, 30 प्रतिशत जुलाई 15 तक एवं बाकी की 10 प्रतिशत डीपीआर अगस्त माह तक आवश्यक रूप से जमा करा दी जाएं।
मुख्य सचिव ने लोक निर्माण विभाग को पूरे प्रदेश की सड़कों को दुरुस्त किए जाने हेतु अगले 2-3 सालों का प्लान तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पीएमजीएसवाई की सड़कों की मरम्मत के लिए भी आरआईडीएफ में प्रस्ताव भेजे जाएं। उन्होंने प्रस्ताव को पीएम गतिशक्ति उत्तराखण्ड पोर्टल पर भी अपलोड किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं की मॉनिटरिंग पोर्टल के माध्यम से ही की जाएगी। मुख्य सचिव ने सभी सचिवों को प्रदेश में अवसंरचना विकास के लिए अच्छे और वैल्यू फॉर मनी प्रोजेक्ट तैयार किए जाने की बात भी कही।
इस अवसर पर सचिव दिलीप जावलकर, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, रविनाथ रमन, दीपेन्द्र कुमार चौधरी एवं नाबार्ड से डॉ. सुमन कुमार सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

जनउपयोगी विकास योजनाओं को क्षेत्र एवं आम जनता के हित को ध्यान में रखते हुए क्रियान्वित करेंः मुख्य सचिव

प्रदेश के मुख्य सचिव एसएस संधू ने अपने तीन दिवसीय दौरे में नैनीताल पहुंचने पर उत्तराखंड प्रशासनिक एकेडमी, नैनीताल में जिले के तमाम अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि हल्द्वानी महानगर के विकास को लेकर राज्य सरकार 2200 करोड़ की लागत से बेहतर पेयजल व्यवस्था, सड़कें, यातायात, जलभराव की समस्या से स्थानीय लोगों को राहत देने की कार्य योजना बना रही है। जल्द ही हल्द्वानी में कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
मुख्य सचिव एसएस संधू ने बताया उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों के काश्तकारों की आर्थिक स्थिति व उनके सामाजिक जीवन को बेहतर बनाने को लेकर राज्य सरकार ने 300 करोड़ की लागत से पॉलीहाउस योजना शुरू की है जिसके अंतर्गत काश्तकार क्षेत्रीय भौगोलिक परिस्थितियों के आधार पर खेती कर सकेंगे। आने वाले समय में पॉलीहाउस योजना से राज्य सरकार प्रदेश भर के एक लाख युवाओं को रोजगार भी देगी।
जानकारी देते हुए मुख्य सचिव ने बताया हल्द्वानी के रानीबाग क्षेत्र में बनने वाले जमरानी बांध परियोजना का कार्य भी अब अंतिम चरण में है जल्द ही जमरानी बांध का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। बांध निर्माण को लेकर सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर ली गई है वित्तीय स्वीकृति हो गई है। बजट जारी होते ही बांध निर्माण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा जिसके बाद आने वाले समय में हल्द्वानी समेत आस-पास के इलाकों के लोगों को पेयजल की आपूर्ति की जाएगी।
पत्रकार वार्ता करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि सरकारी भूमि पर हो रहे अवैध अतिक्रमण को नियंत्रित करने व सरकारी भूमि पर कब्जा को खाली करवाने के लिए राज्य सरकार नई नीति बना रही है एक सप्ताह के भीतर नई नीति लागू कर दी जाएगी। सेटेलाइट के माध्यम से सरकारी जमीनों पर नजर रखी जाएगी। सरकारी भूमि पर अतिक्रमण न हो इसके लिए क्षेत्रीय अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। इसके बावजूद भी अगर सरकारी भूमि पर कब्जा हुआ तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।
इस अवसर पर जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पंकज भट्ट, सीडीओ डॉ संदीप तिवारी, प्रबन्ध निदेशक केएमवीएन विनीत कुमार, संयुक्त निदेशक प्रकाश चंद, सचिव विकास प्राधिकरण पंकज उपाध्याय, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी डा. मुकेश सिंह नेगी, अधिशासी अभियंता सिचाई अनिल कुमार वर्मा, अधिशासी अभियंता लोनिवि अशोक चौधरी सहित अन्य अधिकारी उपस्थि

सड़क सुरक्षा कार्यों से संबंधित वार्षिक कार्ययोजना को ससमय पूर्ण किया जाएः सीएस

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में सचिवालय में राज्य सड़क सुरक्षा कोष प्रबन्धन समिति की बैठक सम्पन्न हुयी। मुख्य सचिव ने सभी सम्बन्धित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा कार्यों से सम्बन्धित वार्षिक कार्ययोजना को ससमय पूर्ण कर लिया जाए।
मुख्य सचिव ने प्रत्येक जनपद में चिल्ड्रन ट्रेफिक पार्क स्थापित किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे बच्चों को यातायात से सम्बन्धित नियमों की जानकारी जीवन के शुरूआती समय से मिलेगी, जिससे बच्चे यातायात नियमों के प्रति जागरूक हो सकेंगे। उन्होंने बच्चों के पाठ्यक्रम में भी इससे सम्बन्धित अध्यायों को जोड़े जाने हेतु शिक्षा विभाग को निर्देश दिए। साथ ही, यातायात नियमों की जागरूकता हेतु लघु फिल्मों और सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार प्रसार किया जाए।
मुख्य सचिव ने पुलिस विभाग को प्रदेशभर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हेतु मास्टर प्लान तैयार किए जाने के निर्देश भी दिए। कहा कि सीसीटीवी कैमरे चरणबद्ध तरीके से लगाए जाएंगे, जिसके लिए बजट प्रत्येक वर्ष निर्धारित किए जाएगा। उन्होंने यातायात पुलिस, परिवहन, खनन आदि सभी संबंधित विभागों को एएनपीआर कैमरों के लिए एक एकीकृत कार्ययोजना तैयार किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए सभी विभागों को शीघ्र कार्ययोजना तैयार किए जाने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, सचिव अरविन्द सिंह ह्यांकी, विशेष सचिव गृह रिद्धिम अग्रवाल, आईजी एवं निदेशक यातायात मुख्तार मोहसिन, अपर सचिव डॉ. अहमद इकबाल एवं विनीत कुमार सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

आईजीओटी पोर्टल पर सभी विभाग को ऑनबोर्ड होने के निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने सचिवालय में मिशन कर्मयोगी के तहत् राजकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के ऑनलाइन प्रशिक्षण हेतु डॉ. आर. एस. टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी द्वारा तैयार ट्रेनिंग मॉड्यूल का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर डॉ. आर. एस. टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी के महानिदेशक श्री बी. पी. पाण्डेय भी उपस्थित थे।
मुख्य सचिव ने सभी विभागों को शीघ्र आईजीओटी पोर्टल पर ऑनबोर्ड किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि आईजीओटी पोर्टल पर ऑनबोर्ड होने के लिए सभी विभागों को नोडल अधिकारी शीघ्र नामित किए जाए। उन्होंने कहा कि सभी विभागों में क्षमता विकास के लिए कर्मियों को प्रशिक्षण की आवश्यकता है, जिसमें यह प्रशिक्षण मॉड्यूल बहुत ही लाभकारी होगा। उन्होंने कहा कि विभागों द्वारा अपने पूर्व में तैयार प्रशिक्षण सामग्रियों को भी शीघ्र इस पोर्टल पर अपलोड करवाया जाना चाहिए।
महानिदेशक डॉ. आर. एस. टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी बी. पी. पाण्डेय ने बताया कि पोर्टल पर अभी तक 72 में से 36 विभाग ऑनबोर्ड हो गए हैं। इस ऑनलाइन पोर्टल पर कर्मचारियों के प्रशिक्षण के लिए प्रशिक्षण सामग्री उपलब्ध रहेगी, जिसे विभागीय कर्मी सरकारी ईमेल आईडी के माध्यम से ई-लर्निंग सामग्री प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि जिन विभागों के पास पहले से अपनी प्रशिक्षण सामग्री उपलब्ध है, इस पोर्टल पर अपलोड की जा सकेगी, ताकि सभी कर्मियों को आसानी से प्राप्त हो सके। पोर्टल पर अब तक 120 प्रशिक्षण मॉड्यूल अपलोड किए जा चुके हैं, अगले माह तक जिनकी संख्या लगभग 200 हो जायेगी।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव शैलेश बगोली, बृजेश कुमार संत एवं विशेष सचिव गृह रिद्धिम अग्रवाल सहित अन्य उच्चाधिकारी एवं विभागीय नोडल अधिकारी उपस्थित थे।

इंजीनियरिंग संस्थानों के छात्रों को भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का अध्ययन कराया जाएः संधु

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु की अध्यक्षता में उत्तराखण्ड भूस्खलन न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र की सामान्य निकाय को बैठक आयोजित हुई। इस अवसर पर मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखण्ड भूस्खलन की दृष्टि से अत्यधिक संवेदनशील होने के कारण इस भूस्खलन न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र की महत्ता बहुत अधिक बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि यूएलएमएमसी को इस स्तर का केंद्र बनाना है कि यह केंद्र सिर्फ प्रदेश ही नहीं बल्कि देश व विश्व के लिए कार्य करे।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रथम चरण में यह केंद्र प्रदेश में जहां से भी भूस्खलन और भू-धंसाव की शिकायतें आ रही हैं, उन क्षेत्रों में जाकर अध्ययन शुरू करे। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों और विश्वविद्यालयों को इन क्षेत्रों में शोध कार्य के लिए प्रोत्साहित किया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में किए जा रहे अध्ययन कार्यों में आसपास के इंजीनियरिंग संस्थानों के छात्रों को भी शामिल किया जाए, इससे छात्र इस क्षेत्र में प्रयोगात्मक अनुभव प्राप्त कर सकेंगे। इसके साथ ही स्थानीय लोगों की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर के अन्य संस्थानों से आपसी तालमेल के साथ कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी भूस्खलन क्षेत्र के ट्रीटमेंट के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक योजनाएं तैयार की जाएं। मुख्य सचिव ने भूस्खलन जोन के ट्रीटमेंट के लिए बायो इंजीनियरिंग सॉल्यूशन पर अधिक ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए बायो इंजीनियरिंग सेल बनाई जा सकती है।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, सचिव रंजीत कुमार सिन्हा, दीपेन्द्र कुमार चौधरी, अपर सचिव रंजना राजगुरु एवं निदेशक यूएलएमएमसी डॉ. शांतनु सरकार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

आमजन को यातायात नियमों का पालन करने के लिए करें जागरूकः मुख्य सचिव

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में सचिवालय में एकीकृत महानगर यातायात प्राधिकरण की बैठक सम्पन्न हुई। मुख्य सचिव ने पुलिस और परिवहन विभाग से यातायात नियमों का कठोरता से पालन सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि सड़क पर चलने वाला प्रत्येक व्यक्ति जब यातायात नियमों का पालन करने लगेगा, ट्रैफिक जाम से निजात मिलने लगेगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए आमजन को यातायात नियमों के पालन करने हेतु जागरूक किया जाए। छोटी छोटी वीडियो क्लिप्स के माध्यम से सोशल मीडिया और सड़कों के किनारे और ट्रैफिक सिग्नल के आसपास स्क्रीन पर जागरूकता वीडियो चलाए जाएं। मुख्य सचिव ने महानिदेशक सूचना को इस सम्बन्ध में वीडियो बनाए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने सभी सम्बन्धित विभागों को अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक उपायों पर कार्य किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि यातायात पुलिस और परिवहन विभाग को मिलजुलकर ऑटो, ई रिक्शा आदि के लिए पार्किंग के साथ ही, ई-रिक्शा और ऑटो स्टॉप आदि निर्धारित किए जाने के निर्देश दिए। फुटपाथ एवं सड़कों से अतिक्रमण शीघ्र हटाया जाए। यातायात नियम तोड़ने और नो पार्किंग में गाड़ी लगाने वालों पर लगातार चालान किए जाएं। मुख्य सचिव ने उपाध्यक्ष एमडीडीए को शहर में साइनेज आदि लगाकर यातायात नियमों की जानकारी उपलब्ध कराए जाने की बात भी कही। उन्होंने शहरों में फुटपाथों की मरम्मत के लिए अलग से बजट हेड बनाए जाने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया।
बैठक के दौरान एसएसपी देहरादून दिलीप सिंह कुंवर ने बताया कि नियमों के पालन न करने पर वाहन चालकों पर सीसीटीवी के साथ ही ड्रोन के माध्यम से भी चालान किए जा रहे हैं। उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी द्वारा बताया गया कि स्कूल बसों की पार्किंग स्कूल परिसर में ही करने और स्कूल की छुट्टी के बाद खेल के मैदानों को पार्किंग के रूप में प्रयोग करने हेतु विभिन्न स्कूलों से लगातार बातचीत चल रही है। इसमें विभिन्न स्कूलों ने सकारात्मक रूख अपनाया है, और हर सम्भव सहयोग के लिए तैयार हैं। मॉल्स आदि को अपनी खुद की पार्किंग का पूर्णतः प्रयोग किए जाने हेतु कहा गया है, साथ ही पार्किंग फुल है अथवा पार्किंग कितनी भरी है इसकी जानकारी देने हेतु मॉल के बाहर सड़क पर डिस्प्ले के माध्यम से जानकारी उपलब्ध कराए जाने के लिए भी कहा गया है। बैठक में बताया गया कि नगर निगम और जिला प्रशासन द्वारा लगातार अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की जा रही है।
इस अवसर पर सचिव अरविन्द सिंह ह्यांकि एवं एस.एन. पाण्डेय, जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, प्रबन्ध निदेशक उत्तराखण्ड मेट्रो रेल कॉर्पाेरेशन जितेन्द्र त्यागी, मुख्य नगर आयुक्त मनुज गोयल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

अधिक से अधिक वेंडर्स को प्रोत्साहित करने को पीएम स्वनिधि योजना का किया जाए प्रचारः सीएस

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने पीएम स्वनिधि योजना की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने पीएम स्वनिधि योजना के अन्तर्गत राज्य के 25 हजार स्ट्रीट वेंडर्स को ऋण उपलब्ध कराने के लक्ष्य को निर्धारित समय सीमा में हासिल करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि अधिक से अधिक वेंडर्स को प्रोत्साहित करने के लिए योजना का प्रचार प्रसार किया जाए। क्षेत्रों में कैंप आयोजित कर प्रलेखन आदि का कार्य पूर्ण कराए जाएं।

मुख्य सचिव ने एसएलबीसी को बैंकों को भी अस्वीकृत आवेदनों के तेजी से निस्तारण के निर्देश देते हुए कहा कि बैंक वेंडर द्वारा पहले अंश के 10 हजार जमा करने के बाद दूसरे और तीसरे अंश के 20 हजार और 50 हजार के आवेदनों की स्वीकृति में देरी न लगाएं।

इस अवसर पर सचिव दीपेन्द्र कुमार चौधरी, अपर सचिव शहरी विकास नवनीत पाण्डे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

पर्यटन गतिविधियां अधिक से अधिक संचालित करने पर जोर

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने गुरुवार को सचिवालय में पर्यटन को बढ़ावा देने के सम्बन्ध में पर्यटन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक ली। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन से सम्बन्धित अधिक से अधिक गतिविधियां शामिल करने हेतु संभावनाएं तलाशी जाएं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड भौगोलिक दृष्टिकोण से जलक्रीड़ा और हवाई क्रीड़ाओं के लिए अत्यधिक उपयुक्त है, जो रोजगार सृजन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
मुख्य सचिव ने कहा कि पौड़ी के रांसी स्टेडियम सहित पिथौरागढ़ और टिहरी में स्थित अत्यधिक ऊंचाई में स्थित खेल के मैदानों को हाई एल्टीट्यूड ट्रेनिंग ग्राउंड के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने प्रदेश में उपलब्ध भूमि खंड के अनुरूप छोटे बड़े गोल्फ कोर्स विकसित किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अधिक से अधिक संभव गतिविधियों को शामिल किया जाना चाहिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में विभिन्न स्थानों में रस्सी से बंधे हुए गर्म गैस के गुब्बारों के माध्यम से हवाई दृश्यों को दिखाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कैलाश मानसरोवर के दर्शन बंधे गैस के गुब्बारों के माध्यम से कराए जाने की संभावनाएं भी तलाशी जाएं। उन्होंने कहा कि हिमालय दर्शन योजना को अधिक से अधिक बढ़ावा दिया जाए। साथ ही, हाईएंड टूरिस्ट के लिए ब्रेकफास्ट योजना को अधिक से अधिक स्थानों से संचालित किए जाने हेतु प्रयास किए जाएं।
मुख्य सचिव ने कहा कि खेल विभाग के माध्यम से साहसिक खेलों के लिए प्रामाणिक पाठ्यक्रम की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि इस क्षेत्र में अधिक से अधिक प्रशिक्षित युवा आ सकें। पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए सरकारी जमीन को लीज पर देने के लिए पॉलिसी में बदलाव की आवश्यकता है तो की जानी चाहिए, ताकि लोगों को पर्यटन गतिविधियों से जुड़ने में आसानी हो।
इस अवसर पर सचिव सचिव कुर्वे, अपर सचिव पर्यटन और नागरिक उड्डयन सी. रविशंकर सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।