प्रत्येक विभाग सघन मिशन इंद्रधनुष-5.0 को लेकर आपसी सामंजस्य बनाएंः मुख्य सचिव

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में ‘‘सघन मिशन इंद्रधनुष – 5.0‘‘ के संचालन के सम्बन्ध में शासन के उच्चाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित हुयी। मुख्य सचिव ने प्रत्येक सम्बन्धित विभाग को आपसी सामंजस्य के साथ मिशन को सफल बनाने हेतु कार्य किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि किसी भी कारण से टीकाकरण से वंचित रह गए बच्चों का 100 प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल कल्याण विभाग, पंचायती राज विभाग, शिक्षा एवं स्थानीय निकायों द्वारा अपने-अपने स्तर पर किए जाने वाले कार्यों को करते हुए, मिशन को सफल बनाए जाने के प्रयास किए जाएं। उन्होंने टीकाकरण के सम्बन्ध में आमजन को जागरूक किए जाने के लिए गहन प्रचार प्रसार भी किए जाने के निर्देश दिए।

बैठक में बताया गया कि सघन मिशन इंद्रधनुष – 5.0 के लिए तीन राउंड में टीकाकरण किया जाएगा। राउण्ड-1 में 07 अगस्त से 12 अगस्त, राउंड-2 में 11 सितंबर से 16 सितम्बर और राउण्ड-3 में 09 अक्टूबर से 14 अक्टूबर तक आयोजित किया जाएगा। इसके तहत सभी प्रकार की तैयारियां पूर्ण की जा चुकी हैं। राज्य स्तरीय एवं जिला स्तरीय कार्यशालाएं आयोजित की जा चुकी हैं। 28 जुलाई तक ब्लॉक स्तर की कार्यशालाएं आयोजित कर ली जाएंगी।

इस अवसर पर सचिव हरिचन्द्र सेमवाल सहित एवं अपर सचिव अमरदीप कौर सहित संबंधित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों को ऑनलाइन भी उपलब्ध कराएंगी सरकारः सीएस

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में सचिवालय में डॉ. आर.एस. टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी, नैनीताल की गवर्निंग बॉडी की बैठक आयोजित हुयी। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को मांग आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों का अधिक से अधिक संचालित किए जाने की बात कही।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों को ऑनलाइन भी उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए ऐप भी तैयार किया जा सकता है, जिसमें सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए उनके कार्य के अनुरूप प्रशिक्षण मॉड्यूल उपलब्ध रहें। उन्होंने भारत सरकार के सभी प्रशिक्षण मॉड्यूल्स के साथ ही राज्य में पहले से उपलब्ध प्रशिक्षण मॉड्यूल्स को भी इससे जोड़े जाने के निर्देश दिए। उन्होंने ऑनलाईन कोर्सेज को अधिक से अधिक बढ़ावा दिए जाने की बात कही। उन्होंने अकादमी के ई-लाईब्रेरी सिस्टम में नेशनल लाईब्रेरी को शामिल किए जाने के भी निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने मिशन कर्मयोगी को गेम चेंजर बताते हुए इसे अधिक से अधिक लागू किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि इसके लिए एटीआई की पूरी टीम का मजबूतीकरण किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने गवर्निंग बॉडी और कार्यकारिणी समिति में 2-2 विशेषज्ञों को रखे जाने के भी निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने एटीआई को शहरी स्थानीय निकायों को गोद लिए जाने का भी सुझाव दिया। कहा कि स्थानीय निकाय को गोद लेकर इसमें पूर्ण रूप से प्रशिक्षण मॉड्यूल को लागू किया जाए।
इस अवसर पर महानिदेशक डॉ. आर.एस. टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी, नैनीताल बी.पी. पाण्डेय, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली एवं दिलीप जावलकर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्य सचिव ने सड़क निर्माण से संबंधित विभागीय बैठक ली

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने लोक निर्माण विभाग, शहरी विकास विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, एनएचएआई और बीआरओ को अपने अधिकार क्षेत्र में सड़कों के निर्माण में प्लास्टिक वेस्ट के प्रयोग के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सचिवालय में सड़क निर्माण से सम्बन्धित विभागों के साथ आयोजित बैठक में यह निर्देश दिए गए।

मुख्य सचिव ने विभागों के लिए लक्ष्य निर्धारित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहरी विकास विभाग इसके लिए उपयुक्त प्लास्टिक वेस्ट उपलब्ध कराएगा। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपने अपने स्तर पर भारतीय सड़क कांग्रेस (आईआरसी) के मानकों के अनुरूप उचित मात्रा में प्लास्टिक वेस्ट का प्रयोग सुनिश्चित करेंगे। पीएमजीएसवाई भारत सरकार के दिशा निर्देशों के अनुसार प्लास्टिक वेस्ट का प्रयोग करता रहेगा।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु एवं अपर सचिव विनीत कुमार सहित, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, वन विभाग, एनएचएआई, पीएमजीएसवाई, शहरी विकास विभाग एवं बीआरओ के अधिकारी उपस्थित थे।

नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन को लेकर मुख्य सचिव ने की बैठक

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में सचिवालय में नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के सम्बन्ध में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित हुई। मुख्य सचिव ने नई शिक्षा नीति लागू किए जाने हेतु सभी प्रकार की तैयारियां सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिये।

मुख्य सचिव ने कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रम का कैलेंडर तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि सुधार एवं सुझावों के लिए लगातार हितधारकों से तालमेल बनाकर सुझाव लिए जाएं। इसके लिए मैकेनिज्म तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चों को प्रारंभिक अवस्था में पहचान किए जाने की दिशा में भी कार्य किया जाए। उन्होंने इसके लिए व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने आंगनवाड़ी में बालवाटिकाओं हेतु पाठ्यक्रम लगातार अपडेट किए जाने के भी निर्देश दिए।

बैठक के दौरान बताया गया कि आधारभूत पठन कौशल एवं गणितीय ज्ञान के मूल्यांकन हेतु ‘प्रगति‘ ऐप तैयार कर लिया गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के परिप्रेक्ष्य में कक्षा एक में प्रवेश लेने वाले छात्रों हेतु स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम ‘‘आरोही‘‘ तैयार कर प्रदेश के समस्त राजकीय विद्यालयों में प्रारम्भ कर ली गई है। ‘बालवाटिका‘ शिक्षक हस्तपुस्तिका एवं ‘बालवाटिका‘ अभ्यास पुस्तिका ( स्वास्थ, संवाद, एवं सृजन) तैयार कर विद्यालय स्तर पर वितरित की जा चुकी हैं। प्रथम चरण में एक ही विद्यालय परिसर में स्थित 4457 आंगनवाडी केन्द्रों में बाल वाटिका प्रारम्भ की जा चुकी है।

इस अवसर पर सचिव रविनाथ रमन, हरिचंद्र सेमवाल, अपर सचिव योगेन्द्र यादव एवं महानिदेशक शिक्षा बंशीधर तिवारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्य सचिव ने प्रदेश में बनाई जा रही पार्किंग्स की प्रगति जानीं

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने बुधवार को सचिवालय में प्रदेश में बनायी जा रही विभिन्न प्रकार की पार्किंग की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को पार्किंग निर्माण गतिविधियों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि पर्यटन प्रदेश होने के कारण और लगातार पर्यटन गतिविधियों के बढ़ने से पर्यटकों की संख्या में तेजी से उछाल आया है। इससे प्रदेश के पर्वतीय पर्यटक स्थ्लों में पार्किंग की समस्या भी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थलों में आवश्यकता के अनुरूप छोटी-छोटी एवं ज्यादा संख्या में पार्किंग्स बनायी जानी चाहिए। कहा कि प्रदेश के हित में सबसे किफायती पार्किंग रोडसाईड पार्किंग हैं, जिन्हें रोड से 100-200 मीटर नई सड़क काटकर या सड़क को थोड़ा अधिक चौड़ा करके तैयार किया जा सकता है। यदि इसके लिए जगह उपलब्ध न हो तो अन्य प्रकार की पार्किंग्स पर फोकस किए जाने की आवश्यकता है। मुख्य सचिव ने अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन को पार्किंग निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा पाक्षिक रूप से किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि पार्किंग्स बनाते समय सुरक्षा के प्रबन्धों में किसी प्रकार की लापरवाही न की जाए। उन्होंने कहा कि पार्किंग स्थलों के एंट्री एवं एग्जिट पॉईंट पर डिजाईन में किसी प्रकार की खामियां न हों, जिससे पार्किंग शुरू होने के बाद वह स्थान जाम के लिए नया बोटलनेक न बने। मुख्य सचिव ने टनल पार्किंग की दिशा में भी तेजी से प्रयास किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टनल पार्किंग पर्वतीय नगरों की जाम की समस्या से निजात दिला सकती है। उन्होंने कैम्पटी में बनायी जा रही प्रदेश की पहली टनल पार्किंग के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके निर्माण में तेजी लाने के लिए इसे स्टेट बजट से फंडिंग की जाएगी। उन्होंने टनल पार्किंग में सुरक्षा, पैदल चलने वालों की सुविधा और डिजाईन पर विशेष ध्यान दिए जाने के निर्देश दिए। कहा कि इसकी सफलता के बाद प्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थलों में इस प्रकार की पार्किंग का निर्माण किया जाएगा।
बैठक में बताया गया कि कैटेगरी ‘ए‘ एवं ‘बी‘ में कुल 169 पार्किंग्स चिन्हित की गई है, जिसमें से 113 की डीपीआर शासन को प्राप्त हो गयी हैं।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु एवं सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

कैच दि रेन योजना को लेकर सीएस ने बुलाई बैठक

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने आज सचिवालय में अधिकारियों के साथ कैच दि रेन योजना के सम्बन्ध में बैठक ली। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को मानसून सीजन के अगले तीन माह के लिए सम्बन्धित विभागों को टारगेट निर्धारित किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि अगले सीजन के लिए भी कार्ययोजना इसी वर्ष तैयार कर ली जाए। उन्होंने कहा कि वन विभाग, सिंचाई विभाग, जलागम आदि सम्बन्धित विभाग चालखाल एवं रेन वाटर हार्वेस्टिंग आदि के सम्बन्ध में कार्ययोजना तैयार कर लें। उन्होंने कहा कि जलश्रोतों को सूखने से बचाने हेतु वृहद स्तर पर कार्य किए जाने की आवश्यकता है। मुख्य सचिव ने कहा कि शीघ्र ही सभी जिलाधिकारी अपने स्तर पर लक्ष्य निर्धारित करने हेतु बैठकें आयोजित कर लें।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक (हॉफ) अनूप मलिक, सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, शैलेश बगोली, दिलीप जावलकर एवं अरविन्द सिंह ह्यांकि सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

चमोली और उत्तरकाशी के जिलाधिकारियों संग सीएस ने ली बैठक

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने आज सचिवालय में जनपद चमोली एवं उत्तरकाशी के जिलाधिकारियों के साथ वाईब्रेंट विलेज योजना के सम्बन्ध में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक ली। मुख्य सचिव ने कहा कि जिलाधिकारी वाईब्रेंट विलेज में जाकर देखें कि उन गांवों में किन-किन सेवाओं की सख्त आवश्यकता है।

मुख्य सचिव ने कहा कि वाईब्रेंट विलेज के तहत क्षेत्र में अटल स्कूलों की शुरूआत की जाए। उन्होंने कहा कि पर्यटन की दृष्टि से इन गांवों में और क्या-क्या गतिविधियां शुरू की जा सकती हैं, इस दिशा में भी कार्य किया जाए। उन्होंने वाईब्रेंट विलेज के लिए योजनाओं को प्राथमिकता पर लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन गांवों में बिजली, पानी, सड़क, अस्पताल आदि की उपलब्धता अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि इन गांवों के लिए योजनाएं इस प्रकार से तैयार की जाएं कि स्थानीय लोगों को रोजगार प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वाईब्रेंट विलेज में हेलीपैड तैयार किया जाए। इन गांवों में ब्रेकफास्ट टूरिज्म और साहसिक खेलों से जुड़ी योजनाओं को संचालित किया जाए। इन क्षेत्रों में बुग्याल और टै्रकिंग रूट्स को विकसित कर क्षेत्रवासियों को रोजगार से जोड़ा जा सकता है। उन्होंने कौशल विकास विभाग को क्षेत्र के युवाओं को विभिन्न ट्रेड्स में निशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किए जाने के भी निर्देश दिए।

इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव खेल अभिनव कुमार, सचिव नितेश झा, सचिन कुर्वे, दीपेन्द्र कुमार चौधरी एवं विजय कुमार यादव सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

मुख्य सचिव ने जी20 के कार्यों की तैयारियों को लेकर की बैठक

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने सचिवालय में 25 जून से 28 जून तक ऋषिकेश में आयोजित होने वाली जी 20 की तैयारियों के सम्बन्ध में बैठक ली। मुख्य सचिव ने कहा कि जी20 की पिछली बैठकों में काफी अच्छे से प्रबंधन किया गया था, इसे आने वाली बैठक में भी जारी रखा जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि पर्यटन प्रदेश होने के नाते हमें प्रदेश की छवि पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सौंदर्यीकरण के लिए जो भी कार्य करवाए जा रहे हैं, इनकी गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। जितने भी सुधार कार्य करवाए जाएं वह स्थाई प्रवृत्ति के हों ताकि जी 20 के बाद भी आने वाले पर्यटक उनका आनंद ले सकें।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में सड़कों की कायाकल्प के लिए एक मैकेनिज्म विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि सड़कों के सौंदर्यीकरण के लिए जिलाधिकारी अथवा पर्यटन विभाग के अंतर्गत एक मद बनाया जाए, जिसमें सड़कों के किनारे सौंदर्यीकरण एवं उसके रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव सचिन कुर्वे, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, दीपेन्द्र कुमार चौधरी, विनोद कुमार सुमन, एच. सी. सेमवाल, ए.डी.जी. वी. मुरुगेशन, ए. पी. अंशुमान, वी.सी. एम.डी.डी.ए. बंशीधर तिवारी सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

विभागों को सीएस की दो टूक, जो लक्ष्य दिए गए, प्रस्ताव उससे अधिक भेजें

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में नाबार्ड के तहत ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि के लिए उच्च अधिकार प्राप्त समिति की बैठक संपन्न हुई। मुख्य सचिव ने सभी सम्बन्धित विभागों को ग्रामीण अवसंरचना विकास के तहत प्रस्तावों को शीघ्र नाबार्ड को भेजे जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि विभागों को जो लक्ष्य दिए गए हैं वह न्यूनतम राशि निर्धारित की गई है, प्रस्ताव इससे अधिक के भेजे जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि छोटी योजनाओं को क्लब करके बड़े प्रस्ताव भी भेजे जा सकते हैं। उन्होंने विभागों द्वारा डीपीआर भेजे जाने हेतु समय सीमा भी निर्धारित किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि 60 प्रतिशत डीपीआर जून माह तक, 30 प्रतिशत जुलाई 15 तक एवं बाकी की 10 प्रतिशत डीपीआर अगस्त माह तक आवश्यक रूप से जमा करा दी जाएं।
मुख्य सचिव ने लोक निर्माण विभाग को पूरे प्रदेश की सड़कों को दुरुस्त किए जाने हेतु अगले 2-3 सालों का प्लान तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पीएमजीएसवाई की सड़कों की मरम्मत के लिए भी आरआईडीएफ में प्रस्ताव भेजे जाएं। उन्होंने प्रस्ताव को पीएम गतिशक्ति उत्तराखण्ड पोर्टल पर भी अपलोड किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं की मॉनिटरिंग पोर्टल के माध्यम से ही की जाएगी। मुख्य सचिव ने सभी सचिवों को प्रदेश में अवसंरचना विकास के लिए अच्छे और वैल्यू फॉर मनी प्रोजेक्ट तैयार किए जाने की बात भी कही।
इस अवसर पर सचिव दिलीप जावलकर, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, रविनाथ रमन, दीपेन्द्र कुमार चौधरी एवं नाबार्ड से डॉ. सुमन कुमार सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

जनउपयोगी विकास योजनाओं को क्षेत्र एवं आम जनता के हित को ध्यान में रखते हुए क्रियान्वित करेंः मुख्य सचिव

प्रदेश के मुख्य सचिव एसएस संधू ने अपने तीन दिवसीय दौरे में नैनीताल पहुंचने पर उत्तराखंड प्रशासनिक एकेडमी, नैनीताल में जिले के तमाम अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि हल्द्वानी महानगर के विकास को लेकर राज्य सरकार 2200 करोड़ की लागत से बेहतर पेयजल व्यवस्था, सड़कें, यातायात, जलभराव की समस्या से स्थानीय लोगों को राहत देने की कार्य योजना बना रही है। जल्द ही हल्द्वानी में कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
मुख्य सचिव एसएस संधू ने बताया उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों के काश्तकारों की आर्थिक स्थिति व उनके सामाजिक जीवन को बेहतर बनाने को लेकर राज्य सरकार ने 300 करोड़ की लागत से पॉलीहाउस योजना शुरू की है जिसके अंतर्गत काश्तकार क्षेत्रीय भौगोलिक परिस्थितियों के आधार पर खेती कर सकेंगे। आने वाले समय में पॉलीहाउस योजना से राज्य सरकार प्रदेश भर के एक लाख युवाओं को रोजगार भी देगी।
जानकारी देते हुए मुख्य सचिव ने बताया हल्द्वानी के रानीबाग क्षेत्र में बनने वाले जमरानी बांध परियोजना का कार्य भी अब अंतिम चरण में है जल्द ही जमरानी बांध का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। बांध निर्माण को लेकर सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर ली गई है वित्तीय स्वीकृति हो गई है। बजट जारी होते ही बांध निर्माण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा जिसके बाद आने वाले समय में हल्द्वानी समेत आस-पास के इलाकों के लोगों को पेयजल की आपूर्ति की जाएगी।
पत्रकार वार्ता करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि सरकारी भूमि पर हो रहे अवैध अतिक्रमण को नियंत्रित करने व सरकारी भूमि पर कब्जा को खाली करवाने के लिए राज्य सरकार नई नीति बना रही है एक सप्ताह के भीतर नई नीति लागू कर दी जाएगी। सेटेलाइट के माध्यम से सरकारी जमीनों पर नजर रखी जाएगी। सरकारी भूमि पर अतिक्रमण न हो इसके लिए क्षेत्रीय अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। इसके बावजूद भी अगर सरकारी भूमि पर कब्जा हुआ तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।
इस अवसर पर जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पंकज भट्ट, सीडीओ डॉ संदीप तिवारी, प्रबन्ध निदेशक केएमवीएन विनीत कुमार, संयुक्त निदेशक प्रकाश चंद, सचिव विकास प्राधिकरण पंकज उपाध्याय, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी डा. मुकेश सिंह नेगी, अधिशासी अभियंता सिचाई अनिल कुमार वर्मा, अधिशासी अभियंता लोनिवि अशोक चौधरी सहित अन्य अधिकारी उपस्थि