मुख्य सचिव ने ली 15वें वित्त आयोग की समीक्षा बैठक

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में सचिवालय में 15वें वित्त आयोग द्वारा संस्तुत अनुदान के तहत कराए जा रहे कार्यों की समीक्षा हुई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को योजना के तहत सभी कार्यों को निर्धारित समय सीमा के अन्तर्गत वित्तीय एवं भौतिक प्रगति को सुनिश्चित करना एवं उस हेतु ठोस कार्ययोजना का निर्माण एवं अनुश्रवण किया जाना सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि जिन कार्यों के उपयोगिता प्रमाणपत्र अभी तक प्रस्तुत नहीं किए गए हैं, शीघ्र प्रस्तुत किए जाएं। उन्होंने कहा कि शहरी स्थानीय निकायों एवं पंचायतीराज विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2022-23 के अनन्तिम एवं वित्तीय वर्ष 2021-22 के अन्तिम लेखा परीक्षित लेखाओं को शीघ्र ऑनलाईन उपलब्ध कराया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि जहां कार्य ज्यादा है वहां पर कर्मचारियों की संख्या बढ़ायी जाए, ताकि समय से कार्य पूर्ण हो सकें। उन्होंने शहरी विकास, पंचायतीराज एवं स्वास्थ्य विभाग को आपसी सामंजस्य के साथ कार्य किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि अवमुक्त बजट को शीघ्र खर्च किए जाने के साथ ही कार्यों की गुणवत्ता पर भी ध्यान दिया जाए।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, सचिव राधिका झा, अरविन्द सिंह ह्यांकी, दिलीप जावलकर एवं अपर सचिव रोहित मीणा सहित अन्य विभागीय उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

जल स्रोतों को बनाए रखने के लिए मुख्य सचिव ने दिए निर्देश

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने सचिवालय में जल जीवन मिशन के तहत हो रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने कहा कि यह भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक महत्वपूर्ण योजना है जिसे निर्धारित समय सीमा के अंदर पूर्ण किया जाना है। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में विशेषकर दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, इसके लिए हम सबको इस योजना को सफल बनाने को दिशा में काम करना है।
मुख्य सचिव ने कहा कि यदि कहीं योजना पूर्ण होने के बावजूद 55 एमएलडी पानी नहीं मिल पा रहा है तो नए प्रस्ताव भेजे जाएं। जिन जनपदों ने इस दिशा में अच्छा कार्य किया है उन्हें बधाई देते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि अन्य जनपदों को भी इस दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने यूपीसीएल को योजना के लिए विद्युत कनेक्शनों को शीघ्र उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने वन भूमि हस्तांतरण मामलों को भी लगातार निस्तारित किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने जल स्रोतों को बनाए रखने हेतु भी कार्य किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने जल स्रोतों को रिचार्ज करने हेतु चेक डैम और रिचार्ज पिट सहित वनीकरण आदि कार्य लगातार संचालित किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि योजना के दीर्घकालीन संचालन के लिए जल स्रोतों को बनाए रखना अतिआवश्यक है। मुख्य सचिव ने योजनाओं के संचालन और रखरखाव पर भी विशेष बल दिए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि स्थानीय लोगों को प्लंबर और फिटर आदि का प्रशिक्षण उपलब्ध कराए जाने हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कार्यों को निर्धारित समय में पूर्ण किए जाने हेतु मैन पावर बढ़ाए जाने के साथ ही जिलाधिकारियों को लगातार समीक्षा किए जाने के निर्देश भी दिए।
इस अवसर पर सचिव अरविंद सिंह ह्यांकी सहित सम्बन्धित उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

प्रत्येक विभाग सघन मिशन इंद्रधनुष-5.0 को लेकर आपसी सामंजस्य बनाएंः मुख्य सचिव

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में ‘‘सघन मिशन इंद्रधनुष – 5.0‘‘ के संचालन के सम्बन्ध में शासन के उच्चाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित हुयी। मुख्य सचिव ने प्रत्येक सम्बन्धित विभाग को आपसी सामंजस्य के साथ मिशन को सफल बनाने हेतु कार्य किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि किसी भी कारण से टीकाकरण से वंचित रह गए बच्चों का 100 प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल कल्याण विभाग, पंचायती राज विभाग, शिक्षा एवं स्थानीय निकायों द्वारा अपने-अपने स्तर पर किए जाने वाले कार्यों को करते हुए, मिशन को सफल बनाए जाने के प्रयास किए जाएं। उन्होंने टीकाकरण के सम्बन्ध में आमजन को जागरूक किए जाने के लिए गहन प्रचार प्रसार भी किए जाने के निर्देश दिए।

बैठक में बताया गया कि सघन मिशन इंद्रधनुष – 5.0 के लिए तीन राउंड में टीकाकरण किया जाएगा। राउण्ड-1 में 07 अगस्त से 12 अगस्त, राउंड-2 में 11 सितंबर से 16 सितम्बर और राउण्ड-3 में 09 अक्टूबर से 14 अक्टूबर तक आयोजित किया जाएगा। इसके तहत सभी प्रकार की तैयारियां पूर्ण की जा चुकी हैं। राज्य स्तरीय एवं जिला स्तरीय कार्यशालाएं आयोजित की जा चुकी हैं। 28 जुलाई तक ब्लॉक स्तर की कार्यशालाएं आयोजित कर ली जाएंगी।

इस अवसर पर सचिव हरिचन्द्र सेमवाल सहित एवं अपर सचिव अमरदीप कौर सहित संबंधित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों को ऑनलाइन भी उपलब्ध कराएंगी सरकारः सीएस

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में सचिवालय में डॉ. आर.एस. टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी, नैनीताल की गवर्निंग बॉडी की बैठक आयोजित हुयी। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को मांग आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों का अधिक से अधिक संचालित किए जाने की बात कही।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों को ऑनलाइन भी उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए ऐप भी तैयार किया जा सकता है, जिसमें सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए उनके कार्य के अनुरूप प्रशिक्षण मॉड्यूल उपलब्ध रहें। उन्होंने भारत सरकार के सभी प्रशिक्षण मॉड्यूल्स के साथ ही राज्य में पहले से उपलब्ध प्रशिक्षण मॉड्यूल्स को भी इससे जोड़े जाने के निर्देश दिए। उन्होंने ऑनलाईन कोर्सेज को अधिक से अधिक बढ़ावा दिए जाने की बात कही। उन्होंने अकादमी के ई-लाईब्रेरी सिस्टम में नेशनल लाईब्रेरी को शामिल किए जाने के भी निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने मिशन कर्मयोगी को गेम चेंजर बताते हुए इसे अधिक से अधिक लागू किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि इसके लिए एटीआई की पूरी टीम का मजबूतीकरण किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने गवर्निंग बॉडी और कार्यकारिणी समिति में 2-2 विशेषज्ञों को रखे जाने के भी निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने एटीआई को शहरी स्थानीय निकायों को गोद लिए जाने का भी सुझाव दिया। कहा कि स्थानीय निकाय को गोद लेकर इसमें पूर्ण रूप से प्रशिक्षण मॉड्यूल को लागू किया जाए।
इस अवसर पर महानिदेशक डॉ. आर.एस. टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी, नैनीताल बी.पी. पाण्डेय, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली एवं दिलीप जावलकर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्य सचिव ने सड़क निर्माण से संबंधित विभागीय बैठक ली

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने लोक निर्माण विभाग, शहरी विकास विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, एनएचएआई और बीआरओ को अपने अधिकार क्षेत्र में सड़कों के निर्माण में प्लास्टिक वेस्ट के प्रयोग के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सचिवालय में सड़क निर्माण से सम्बन्धित विभागों के साथ आयोजित बैठक में यह निर्देश दिए गए।

मुख्य सचिव ने विभागों के लिए लक्ष्य निर्धारित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहरी विकास विभाग इसके लिए उपयुक्त प्लास्टिक वेस्ट उपलब्ध कराएगा। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपने अपने स्तर पर भारतीय सड़क कांग्रेस (आईआरसी) के मानकों के अनुरूप उचित मात्रा में प्लास्टिक वेस्ट का प्रयोग सुनिश्चित करेंगे। पीएमजीएसवाई भारत सरकार के दिशा निर्देशों के अनुसार प्लास्टिक वेस्ट का प्रयोग करता रहेगा।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु एवं अपर सचिव विनीत कुमार सहित, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, वन विभाग, एनएचएआई, पीएमजीएसवाई, शहरी विकास विभाग एवं बीआरओ के अधिकारी उपस्थित थे।

नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन को लेकर मुख्य सचिव ने की बैठक

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में सचिवालय में नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के सम्बन्ध में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित हुई। मुख्य सचिव ने नई शिक्षा नीति लागू किए जाने हेतु सभी प्रकार की तैयारियां सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिये।

मुख्य सचिव ने कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रम का कैलेंडर तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि सुधार एवं सुझावों के लिए लगातार हितधारकों से तालमेल बनाकर सुझाव लिए जाएं। इसके लिए मैकेनिज्म तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चों को प्रारंभिक अवस्था में पहचान किए जाने की दिशा में भी कार्य किया जाए। उन्होंने इसके लिए व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने आंगनवाड़ी में बालवाटिकाओं हेतु पाठ्यक्रम लगातार अपडेट किए जाने के भी निर्देश दिए।

बैठक के दौरान बताया गया कि आधारभूत पठन कौशल एवं गणितीय ज्ञान के मूल्यांकन हेतु ‘प्रगति‘ ऐप तैयार कर लिया गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के परिप्रेक्ष्य में कक्षा एक में प्रवेश लेने वाले छात्रों हेतु स्कूल रेडीनेस कार्यक्रम ‘‘आरोही‘‘ तैयार कर प्रदेश के समस्त राजकीय विद्यालयों में प्रारम्भ कर ली गई है। ‘बालवाटिका‘ शिक्षक हस्तपुस्तिका एवं ‘बालवाटिका‘ अभ्यास पुस्तिका ( स्वास्थ, संवाद, एवं सृजन) तैयार कर विद्यालय स्तर पर वितरित की जा चुकी हैं। प्रथम चरण में एक ही विद्यालय परिसर में स्थित 4457 आंगनवाडी केन्द्रों में बाल वाटिका प्रारम्भ की जा चुकी है।

इस अवसर पर सचिव रविनाथ रमन, हरिचंद्र सेमवाल, अपर सचिव योगेन्द्र यादव एवं महानिदेशक शिक्षा बंशीधर तिवारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्य सचिव ने प्रदेश में बनाई जा रही पार्किंग्स की प्रगति जानीं

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने बुधवार को सचिवालय में प्रदेश में बनायी जा रही विभिन्न प्रकार की पार्किंग की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को पार्किंग निर्माण गतिविधियों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि पर्यटन प्रदेश होने के कारण और लगातार पर्यटन गतिविधियों के बढ़ने से पर्यटकों की संख्या में तेजी से उछाल आया है। इससे प्रदेश के पर्वतीय पर्यटक स्थ्लों में पार्किंग की समस्या भी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थलों में आवश्यकता के अनुरूप छोटी-छोटी एवं ज्यादा संख्या में पार्किंग्स बनायी जानी चाहिए। कहा कि प्रदेश के हित में सबसे किफायती पार्किंग रोडसाईड पार्किंग हैं, जिन्हें रोड से 100-200 मीटर नई सड़क काटकर या सड़क को थोड़ा अधिक चौड़ा करके तैयार किया जा सकता है। यदि इसके लिए जगह उपलब्ध न हो तो अन्य प्रकार की पार्किंग्स पर फोकस किए जाने की आवश्यकता है। मुख्य सचिव ने अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन को पार्किंग निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा पाक्षिक रूप से किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि पार्किंग्स बनाते समय सुरक्षा के प्रबन्धों में किसी प्रकार की लापरवाही न की जाए। उन्होंने कहा कि पार्किंग स्थलों के एंट्री एवं एग्जिट पॉईंट पर डिजाईन में किसी प्रकार की खामियां न हों, जिससे पार्किंग शुरू होने के बाद वह स्थान जाम के लिए नया बोटलनेक न बने। मुख्य सचिव ने टनल पार्किंग की दिशा में भी तेजी से प्रयास किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टनल पार्किंग पर्वतीय नगरों की जाम की समस्या से निजात दिला सकती है। उन्होंने कैम्पटी में बनायी जा रही प्रदेश की पहली टनल पार्किंग के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके निर्माण में तेजी लाने के लिए इसे स्टेट बजट से फंडिंग की जाएगी। उन्होंने टनल पार्किंग में सुरक्षा, पैदल चलने वालों की सुविधा और डिजाईन पर विशेष ध्यान दिए जाने के निर्देश दिए। कहा कि इसकी सफलता के बाद प्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थलों में इस प्रकार की पार्किंग का निर्माण किया जाएगा।
बैठक में बताया गया कि कैटेगरी ‘ए‘ एवं ‘बी‘ में कुल 169 पार्किंग्स चिन्हित की गई है, जिसमें से 113 की डीपीआर शासन को प्राप्त हो गयी हैं।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु एवं सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

कैच दि रेन योजना को लेकर सीएस ने बुलाई बैठक

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने आज सचिवालय में अधिकारियों के साथ कैच दि रेन योजना के सम्बन्ध में बैठक ली। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को मानसून सीजन के अगले तीन माह के लिए सम्बन्धित विभागों को टारगेट निर्धारित किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि अगले सीजन के लिए भी कार्ययोजना इसी वर्ष तैयार कर ली जाए। उन्होंने कहा कि वन विभाग, सिंचाई विभाग, जलागम आदि सम्बन्धित विभाग चालखाल एवं रेन वाटर हार्वेस्टिंग आदि के सम्बन्ध में कार्ययोजना तैयार कर लें। उन्होंने कहा कि जलश्रोतों को सूखने से बचाने हेतु वृहद स्तर पर कार्य किए जाने की आवश्यकता है। मुख्य सचिव ने कहा कि शीघ्र ही सभी जिलाधिकारी अपने स्तर पर लक्ष्य निर्धारित करने हेतु बैठकें आयोजित कर लें।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक (हॉफ) अनूप मलिक, सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, शैलेश बगोली, दिलीप जावलकर एवं अरविन्द सिंह ह्यांकि सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

चमोली और उत्तरकाशी के जिलाधिकारियों संग सीएस ने ली बैठक

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने आज सचिवालय में जनपद चमोली एवं उत्तरकाशी के जिलाधिकारियों के साथ वाईब्रेंट विलेज योजना के सम्बन्ध में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक ली। मुख्य सचिव ने कहा कि जिलाधिकारी वाईब्रेंट विलेज में जाकर देखें कि उन गांवों में किन-किन सेवाओं की सख्त आवश्यकता है।

मुख्य सचिव ने कहा कि वाईब्रेंट विलेज के तहत क्षेत्र में अटल स्कूलों की शुरूआत की जाए। उन्होंने कहा कि पर्यटन की दृष्टि से इन गांवों में और क्या-क्या गतिविधियां शुरू की जा सकती हैं, इस दिशा में भी कार्य किया जाए। उन्होंने वाईब्रेंट विलेज के लिए योजनाओं को प्राथमिकता पर लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन गांवों में बिजली, पानी, सड़क, अस्पताल आदि की उपलब्धता अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि इन गांवों के लिए योजनाएं इस प्रकार से तैयार की जाएं कि स्थानीय लोगों को रोजगार प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वाईब्रेंट विलेज में हेलीपैड तैयार किया जाए। इन गांवों में ब्रेकफास्ट टूरिज्म और साहसिक खेलों से जुड़ी योजनाओं को संचालित किया जाए। इन क्षेत्रों में बुग्याल और टै्रकिंग रूट्स को विकसित कर क्षेत्रवासियों को रोजगार से जोड़ा जा सकता है। उन्होंने कौशल विकास विभाग को क्षेत्र के युवाओं को विभिन्न ट्रेड्स में निशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किए जाने के भी निर्देश दिए।

इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव खेल अभिनव कुमार, सचिव नितेश झा, सचिन कुर्वे, दीपेन्द्र कुमार चौधरी एवं विजय कुमार यादव सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

मुख्य सचिव ने जी20 के कार्यों की तैयारियों को लेकर की बैठक

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने सचिवालय में 25 जून से 28 जून तक ऋषिकेश में आयोजित होने वाली जी 20 की तैयारियों के सम्बन्ध में बैठक ली। मुख्य सचिव ने कहा कि जी20 की पिछली बैठकों में काफी अच्छे से प्रबंधन किया गया था, इसे आने वाली बैठक में भी जारी रखा जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि पर्यटन प्रदेश होने के नाते हमें प्रदेश की छवि पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सौंदर्यीकरण के लिए जो भी कार्य करवाए जा रहे हैं, इनकी गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। जितने भी सुधार कार्य करवाए जाएं वह स्थाई प्रवृत्ति के हों ताकि जी 20 के बाद भी आने वाले पर्यटक उनका आनंद ले सकें।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में सड़कों की कायाकल्प के लिए एक मैकेनिज्म विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि सड़कों के सौंदर्यीकरण के लिए जिलाधिकारी अथवा पर्यटन विभाग के अंतर्गत एक मद बनाया जाए, जिसमें सड़कों के किनारे सौंदर्यीकरण एवं उसके रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव सचिन कुर्वे, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, दीपेन्द्र कुमार चौधरी, विनोद कुमार सुमन, एच. सी. सेमवाल, ए.डी.जी. वी. मुरुगेशन, ए. पी. अंशुमान, वी.सी. एम.डी.डी.ए. बंशीधर तिवारी सहित अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे।