आजादी के अमृत महोत्सव के तहत हर घर में तिरंगा कार्यक्रम का होगा आयोजन

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने शुक्रवार को सचिवालय में आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर हर घर तिरंगा कार्यक्रम की तैयारियों के सम्बन्ध में सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक ली।
मुख्य सचिव ने कहा कि आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 13, 14 एवं 15 अगस्त, 2022 को हर घर तिरंगा कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। मुख्य सचिव ने कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु हर घर तिरंगा कार्यक्रम में प्रदेश के लोगों को स्वः प्रेरणा से अपने घरों में तिरंगा फहराए जाने हेतु जागरूक किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में इसके लिए जागरूकता अभियान चलाए जाएं। इसका वीडियो, सोशल मीडिया एवं समाचार पत्रों एवं न्यूज चैनलों के माध्यम से प्रचार प्रसार किया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि एक साथ सभी घरों में झंडा फहराए जाने के कारण झंडों की उचित मात्रा की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। विभिन्न विभागों एवं स्वयं सहायता समूहों एवं वेंडर्स के द्वारा इसके लिए झंडों की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी। सभी जिलाधिकारी इसके लिए लगातार मॉनिटरिंग करें।
मुख्य सचिव ने सभी सम्बन्धित अधिकारियों एवं जिलाधिकारियों को फ्लैग कोड के अनुसार राष्ट्रीय झंडे के सम्मान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में तिरंगे के वितरण एवं उसके बाद वापस कलेक्शन की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए एवं इसका प्रचार प्रसार भी किया जाए। कहा कि लोगों को इससे अवगत कराया जाए कि किसी भी कीमत में झंडे का अपमान नहीं होना चाहिए। कार्यक्रम के बाद झंडे को अपने सबसे नजदीकी किसी भी सरकारी कार्यालय में जमा कराया जाए, जिसे सम्बन्धित विभागों द्वारा जमा कर उचित देखरेख में फ्लैग कोड के अनुसार डिस्पोज किया जाएगा।
मुख्य सचिव ने कहा कि आजादी की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर हम सभी को आजादी के सम्मान में अधिक से अधिक भागीदारी निभाते हुए इस कार्यक्रम को सफल बनाना है।
बैठक के दौरान सचिव संस्कृति से एच. सी. सेमवाल ने बताया कि हर घर तिरंगा हेतु फ्लैग कोड में थोड़ा परिवर्तन किया गया है, जिसमें खादी के साथ ही टेरीकॉट के कपड़े के उपयोग और साइज में परिवर्तन किया गया है। उन्होंने बताया कि बाजार में 9 रुपए से लेकर 31 रुपए तक के तिरंगे उपलब्ध हैं।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द वर्द्धन, विशेष प्रमुख सचिव अभिनव कुमार, सचिव वी. वी. आर. सी. पुरुषोत्तम, विनोद कुमार सुमन, एच. सी. सेमवाल और अपर सचिव एवं महानिदेशक सूचना रणवीर सिंह चौहान सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

सभी जिलास्तरीय टास्क फोर्स सिंगल यूज प्लास्टिक पर लगे प्रतिबंध को लागू करेंः मुख्य सचिव

मुख्य सचिव डॉ.एस.एस. संधु की अध्यक्षता में सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रयोग को रोकने के हेतु गठित स्पेशल टास्क फोर्स की तृतीय बैठक आयोजित हुई। बैठक के दौरान, मुख्य सचिव ने कहा कि सिर्फ सिंगल यूज प्लास्टिक ही नहीं, बल्कि हर प्रकार के प्लास्टिक के प्रयोग को हतोत्साहित करने के लिए एवं आमजन में जागरूकता फैलाने के लिए विशेष कदम उठाए जाने चाहिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि सभी जिलास्तरीय टास्क फोर्स को एक्टिव मोड पर रखते हुए सिंगल यूज प्लास्टिक पर लगे प्रतिबन्ध को लागू करवाया जाए। इसके उद्योग से जुड़े लोगों और व्यापारियों को भी शामिल करते हुए प्लास्टिक के प्रयोग को रोकने के प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि जानकारी के अभाव में कि कौन से प्लास्टिक बैन हैं, कौन से नहीं इस पर छोटी-छोटी वीडियो क्लिप्स के माध्यम से जानकारी आमजन और व्यापारियों को दी जाए। उन्होंने स्कूलों को भी इस अभियान में शामिल किए जाने की बात कही। कहा कि बच्चों को इसके दुष्प्रभावों की जानकारी देकर अपने परिजनों को इसके नुकसान के प्रति जागरूक किया जाए।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्लास्टिक के प्रयोग को रोकने के लिए प्लास्टिक के विकल्प को बढ़ावा दिया जाए। इसके लिए स्वयं सहायता समूहों को शामिल करते हुए योजनाएं तैयार की जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि प्लास्टिक के क्या-क्या विकल्प हो सकते हैं, इस पर एक अध्ययन कराया जाए, ताकि इसके विकल्पों के लिए सब्सिडी देकर बढ़ावा दिया जा सके।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव श्री आनन्द वर्द्धन एवं प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु, पीसीसीएफ श्री विनोद कुमार, सचिव श्री अरविन्द सिंह ह्यांकि, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय सहित सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

अग्निपथ योजना भर्ती को लेकर शासकीय अधिकारियों व सेना अधिकारियों में हुई बैठक

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में अग्निपथ योजना के तहत अगस्त एवं सितम्बर माह में राज्य में होने वाली भर्तियों के सम्बन्ध में शासन के उच्चाधिकारियों, पुलिस एवं सेना के अधिकारियों के मध्य बैठक आयोजित की गयी।

मुख्य सचिव ने मेजर जनरल एन.एस. राजपुरोहित को आश्वासन दिया कि राज्य सरकार भर्ती प्रक्रिया में सेना को हर सम्भव सहयोग उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में होने वाली इस भर्ती प्रक्रिया में अत्यधिक भीड़भाड़ होने की सम्भावना है। राज्य के युवाओं भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने में किसी भी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए शासन प्रशासन द्वारा हर सम्भव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने सिंचाई विभाग को निर्देश दिए कि मानसून सीजन के कारण भर्ती स्थलों में वाटर लॉगिंग होने की सम्भावना बनी रहेगी, इसके लिए वाटर सक्शन पंप की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

मुख्य सचिव ने भर्ती प्रक्रिया को सुव्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए जनपदों में जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों नोडल अधिकारी तैनात किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भर्ती स्थलों में रहने-खाने, शेल्टर आदि के साथ ही बिजली, पानी, सफाई एवं टॉयलेट्स की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने भर्ती स्थल में एम्बुलेंस, मेडिकल ऑफिसर आदि की व्यवस्था किए जाने के निर्देश दिए। युवाओं को भर्ती स्थलों तक आने-जाने में असुविधा न हो इसके लिए परिवहन विभाग द्वारा बसों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्य सचिव द्वारा खाने पीने की उचित कीमतों को सुनिश्चित किए जाने हेतु भी अधिकारियों को निर्देशित किया गया। कहा कि अत्यधिक भीड़-भाड़ होने के कारण ऐसे स्थलों में महिला स्वयं सहायता समूहों की मदद भी ली जा सकती है।

मुख्य सचिव ने भर्ती प्रक्रिया में भर्ती एजेन्टों के नाम पर होने वाली ठगी और लेनदेन जैसी घटनाओं को रोकने हेतु पुलिस महानिदेशक को स्पेशल कैम्पेन चलाए जाने एवं विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित किए जाने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने भर्ती स्थल एवं आसपास के क्षेत्रों में लगातार कैमरों एवं सिविल इंटेलिजेंस आदि के माध्यम से निगरानी किए जाने के निर्देश दिए।

जोनल रिक्रूटिंग ऑफिसर मेजर जनरल एन.एस. राजपुरोहित ने बताया कि उत्तराखण्ड में अगस्त एवं सितम्बर माह में अग्निवीरों की भर्ती प्रक्रिया शुरू हो रही है जिसके लिए ऑनलाईन पंजीकरण प्रक्रिया सेना की वेबसाईट www.joinindianarmy.nic.in के माध्यम से शुरू हो गयी है। गढ़वाल रीजन के सभी जनपदों के लिए भर्ती रैली 19 अगस्त, 2022 से 31 अगस्त, 2022 तक कोटद्वार में आयोजित की जाएगी। इसी प्रकार कुमाऊं रीजन में अल्मोड़ा, बागेश्वर, नैनीताल और उधमसिंह नगर के लिए भर्ती रैली 20 अगस्त, 2022 से 31 अगस्त, 2022 तक रानीखेत में और चम्पावत और पिथौरागढ़ जनपदों के लिए 05 सितम्बर, 2022 से 12 सितम्बर, 2022 तक पिथौरागढ़ में भर्ती रैली आयोजित की जाएगी।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, आनन्द वर्द्धन, डीजीपी अशोक कुमार, एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर वी. मुरूगेशन, सचिव अरविन्द सिंह ह्यांकि एवं विनोद कुमार सुमन सहित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जनपदों से जिलाधिकारी एवं अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

मुख्य सचिव ने मानसखंड कॉरिडोर के विकास को लेकर जिलाधिकारियों की ली बैठक

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु ने मानसखण्ड कॉरिडोर के विकास के सम्बन्ध में बैठक ली। मुख्य सचिव ने कुमाऊं क्षेत्र के सभी जिलाधिकारियों को अपने क्षेत्र के महत्त्वपूर्ण मंदिरों को विकसित करने हेतु सम्बन्धित विभागों को साथ में लेते हुए, क्षेत्रों का भ्रमण कर एक प्लान तैयार किए जाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि सभी मंदिरों को कैटेगरी में बाँटते हुए, कैटेगरी ‘ए‘ में अतिमहत्त्वपूर्ण मंदिरों एवं पर्यटन स्थलों को रखें। कैटेगरी ‘बी‘ में ऐसे मंदिरों को चयनित किया जाए जिनमें पर्यटन की दृष्टि से काफी अधिक पोटेंशियल है, साथ ही, कैटेगरी ‘सी‘ में अन्य मंदिरों एवं पर्यटक स्थलों को शामिल किया जाए जिसमें भविष्य में कार्य किया जाना है।

मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को इन क्षेत्रों का मास्टर प्लान तैयार करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान में समस्त प्रकार की अवस्थापना सुविधाओं का ख्याल रखा जाए, जिससे भविष्य में आने वाली समस्याओं से बचा जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि सड़कों का चौड़ीकरण, फॉरेस्ट क्लीयरेंस, पार्किंग की व्यवस्था, बिजली-पानी एवं सफाई की उचित व्यवस्था हेतु प्लान तैयार कर लिए जाएं।

मुख्य सचिव ने चारधाम और मानसखण्ड कॉरिडोर के अन्तर्गत आने वाले ऐसे मंदिरों और पर्यटन स्थलों, जिनमें अत्यधिक श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं, के आसपास के क्षेत्रों में नए पर्यटक स्थल विकसित किए जाने के भी निर्देश दिए ताकि उन मंदिरों एवं पर्यटक स्थलों का दबाव कम हो सके। इससे नए रोजगार भी उपलब्ध होंगे।

मुख्य सचिव ने रोप-वे प्रोजेक्ट्स को भी साथ-साथ शुरू करते हुए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य मंदिरों एवं पर्यटक स्थलों को प्राथमिकता पर लेते हुए कैटेगरी ए में रखते हुए शीघ्र प्रस्ताव तैयार किए जाने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु एवं सचिव दिलीप जावलकर, सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयुक्त कुमाऊं श्री दीपक रावत एवं सभी सम्बन्धित जनपदों के जिलाधिकारी सहित अन्य उच्चाधिकारी भी उपस्थित थे।

मुख्य सचिव ने जारी किये आदेश, अलर्ट रहने की दी हिदायत

मानसूनी आपदा को देखते हुए सीएम पुष्कर सिंह धामी ने एक्शन प्लान बनाया है। उतराखंड सरकार ने 30 सितम्बर 2022 तक राज्य में सरकारी कर्मचारियों की छ़ुट्टियों पर रोक लगा दी है। मुख्य सचिव डॉ एसएस संधू की ओर से इस संदर्भ में आदेश किए गए हैं। पर्वतीय जिलों में अधिकारियों को अलर्ट रहने की हिदायत दी गई है।
मुख्य सचिव ने सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव और विभागाध्यक्षों को दिए निर्देश में कहा है कि मानसून के समय राज्य में बड़े स्तर पर आपदा की घटनाएं होती है। इन घटनाओं से प्रभावित लोगों के राहत बचाव के साथ ही पेयजल, बिजली, सड़क आदि व्यवस्थाओं को ठीक करने में भी कर्मचारियों की जरूरत होती है। ऐसे में सभी कर्मचारियों के अवकाश पर 30 सितम्बर तक रोक लगाई जाती है। उन्होंने कहा कि राज्य में यह देखने को मिल रहा है कि कई कर्मचारी उच्च अधिकारियों से लम्बी अवधि का अवकाश मंजूर करा लेते हैं जिससे राहत बचाव के काम प्रभावित होते हैं। उन्होंने कहा कि अब अपरिहार्य परिस्थितियों के अलावा कर्मचारियों के अवकाश मंजूर नहीं किए जा सकेंगे।
यदि किसी कर्मचारी को अपरिहार्य परिस्थिति में अवकाश मंजूर किया जाता है तो उसके आदेश में ही प्रतिस्थानी की व्यवस्था भी करनी होगी। उन्होंने इन आदेशों को कड़ाई से लागू करने के निर्देश भी दिए हैं। विदित है कि पूर्व में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अफसरों के अवकाश पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे। उसके बाद लोनिवि मंत्री सतपाल महाराज ने लोनिवि और सिंचाई विभाग में अवकाश पर रोक लगाई थी। इसके बाद अब मुख्य सचिव ने सभी कर्मचारियों के अवकाश पर रोक लगा दी है।

सभी विभाग प्रत्येक वर्ष भर्ती वर्ष 1 जुलाई से 30 जून के अनुसार समय से अधियाचन भेजना सुनिश्चित करेंः सीएम

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने विभागों द्वारा आयोग को भेजी जाने वाली रिक्तियों के अधियाचन के सम्बन्ध में बैठक ली। मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि सभी विभाग प्रत्येक वर्ष भर्ती वर्ष 1 जुलाई से 30 जून के अनुसार समय से अधियाचन भेजना सुनिश्चित करें। उन्होंने विभागों को यह भी निर्देश दिए कि आयोगों को त्रुटिरहित अधियाचन भेजे जाएं।

मुख्य सचिव ने कार्मिक विभाग को निर्देश दिए कि त्रुटिरहित अधियाचन भेजे जाने के लिए पोर्टल बेस्ड व्यवस्था बनाई जाए। पोर्टल के माध्यम से अधियाचन भेजे जाने से त्रुटि होने की संभावना समाप्त हो जायेगी, साथ ही पोर्टल होने से समय की भी बचत होगी।

मुख्य सचिव ने सभी विभागों को अपना कैलेंडर भी तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागों के ढांचे भी बहुत पुरानी व्यवस्था पर चल रहे हैं, विभागों में बहुत से ऐसे पद भी हैं जिनकी आधुनिक परिस्थितियों में आवश्यकता नहीं है और लंबे समय से रिक्त भी चल रहे हैं, जबकि जिन पदों की आवश्यकता है उन पदों का सृजन ही नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि एक ऐसा सिस्टम विकसित किया जाए कि प्रत्येक विभाग 2, 3 साल में अपने ढांचे की समीक्षा कर, आवश्यक पदों का सृजन करे और अनावश्यक पदों को समाप्त करे।

मुख्य सचिव ने लोक सेवा आयोग द्वारा की जाने वाली डीपीसी बैठकों हेतु सचिवालय में कमरे की व्यवस्था किए जाने के भी निर्देश दिए। कहा कि इससे अधिकारियों का भी समय बचेगा। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि जिन विभागों द्वारा इस भर्ती वर्ष हेतु अधियाचन भेजे जाने हैं, और अभी तक नहीं भेजे हैं, अगले एक सप्ताह के भीतर अधियाचन आयोगों को भेज दें।

इस अवसर पर सचिव शैलेश बगोली, डॉ. पंकज कुमार पांडेय, रविनाथ रमन एवं वीवीआरसी पुरुषोत्तम सहित अन्य विभागीय उच्चाधिकारी उपस्थित थे।

बच्चों में नशें की प्रवृति रोकने के प्रयास किये जाये-मुख्य सचिव

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने कहा कि गरीब बच्चों के लिए नशा मुक्ति हेतु विशेष प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे नशा मुक्ति केंद्रों की जानकारी आमजन तक पहुंचाई जाए, ताकि आमजन विशेषकर गरीब लोग नशामुक्ति केंद्रों की जानकारी के अभाव में इधर उधर न भटकें, सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकें। उन्होंने कहा कि स्कूलों में पेरेंट्स टीचर्स मीटिंग्स आयोजित कर जन जागरूकता फैलाई जाए। उन्होंने नशामुक्ति हेतु लगातार जागरूकता अभियान चलाए जाने के भी निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने सीज्ड ड्रग्स के निष्पादन हेतु लीगल मैकेनिज्म विकसित करने की बात भी कही। कहा कि एंटी ड्रग समितियों की लगातार बैठकें आयोजित की जाएं। जिला स्तरीय बैठकें अगले 15 दिनों में आयोजित कर ली जाएं। उन्होंने सभी स्टेकहोल्डर विभागों द्वारा अपने नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाने हेतु भी निर्देशित किया।
मुख्य सचिव ने जेलों में कैद 25 वर्ष से कम उम्र के युवाओं को अलग बैरकों में रखे जाने हेतु व्यवस्था किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि इससे युवाओं को अपराध की दिशा में भटकने से बचाया जा सकेगा साथ ही उनके लिए कौशल विकास प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि ऐसे युवा कौशल प्रशिक्षण लेकर अपने भविष्य को सुधार सकें।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, डीजीपी अशोक कुमार, प्रमुख सचिव एल फैनई एवं अपर सचिव गृह रिद्धिम अग्रवाल सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

औली मास्टर प्लान को लेकर सीएस ने की बैठक

मुख्य सचिव डॉ एसएस संधू ने औली पहुँचकर औली मास्टर प्लान को लेकर संबधित अधिकारियों के साथ बैठक की।

पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि औली को वर्ल्ड क्लास टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में तैयार किया जा रहा है जिसके लिए मास्टर प्लान लगभग अंतिम चरणों में है। मास्टर प्लान पर प्रेजेंटेशन के माध्यम से चर्चा की गयी। उन्होंने कहा कि यहां जमीन को लेकर कुछ समस्याएं हैं जिनका आई. टी. वी. पी, आर्मी तथा पर्यटन विभाग के साथ समाधान ढूंढने की बात हुई, जिससे प्रोजेक्ट का जल्द से जल्द शुरू किया जा सके। साथ ही उन्होंने औली का स्थलीय तथा हवाई निरीक्षण किया।

यात्रा को लेकर खुशी जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि इस रिकार्ड श्रद्धालु पहुँच रहे हैं जिससे हमारे स्थानीय व्यापारियों को अच्छी आय प्राप्त होगी।

इस दौरान जिला अधिकारी हिमांशु खुराना, एसडीएम कुम कुम जोशी सहित सभी संबधित अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्य सचिव ने केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्य व बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान की समीक्षा की

मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु ने बुधवार को सचिवालय में केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों एवं बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने केदारनाथ में चल रहे कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने हेतु कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण सामग्री और ट्रांसपोर्टेशन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कार्यों को निर्धारित समय सीमा पर पूर्ण करने हेतु श्रमिकों को बढ़ाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लेबर को रहने खाने की समस्या न हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए, साथ ही उनके बिलों का समय से भुगतान किया जाए। उन्होंने मैटेरियल की आपूर्ति एवं स्टोरेज की उचित व्यवस्था किए जाने के भी निर्देश दिए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, सचिव दिलीप जावलकर एवं अरविंद सिंह ह्यांकी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्य सचिव ने राज्य खाद्य सुरक्षा मिशन की कार्यकारी समिति की बैठक ली

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में राज्य खाद्य सुरक्षा मिशन की कार्यकारी समिति की बैठक सम्पन्न हुयी। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि किसानों को उनके उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है, इस दिशा में हर संभव प्रयास किए जाएं। साथ ही मार्केटिंग आदि की व्यवस्था भी सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने फसलों की नई वैरायटी विकसित करने हेतु प्रदेश स्तर में ही प्रयास किए जाने के साथ ही दालों, पोषक अनाजों और तिलहन की खेती को अधिक से अधिक प्रोत्साहित किए जाने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने योजनाएं बनाते समय क्षेत्र विशेष हेतु योजनाएं तैयार किए जाने के भी निर्देश दिए। कहा कि प्रत्येक क्षेत्र की अपनी भौगोलिक परिस्थितियां और जलवायु भिन्न-भिन्न होती है। एक ही योजना मैदानी और पर्वतीय क्षेत्र में लागू करने से योजनाओं का समुचित लाभ नहीं मिल पाता। उन्होंने कहा कि भौगोलिक परिस्थितियां और जलवायु के अनुसार प्रत्येक जनपद के लिए अलग योजनाएं तैयार की जा सकती हैं। अच्छी योजनाएं तैयार करें। अच्छी योजनाओं के लिए फण्ड की कमी नहीं होने दी जाएगी। इन योजनाओं पर आवश्यकता पड़ने पर राज्य सरकार से भी फण्ड उपलब्ध कराया जाएगा।

इसके उपरान्त मुख्य सचिव डॉ. एस. एस. संधु की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री राज्य कृषि विकास योजना और राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (त्ज्ञटल्-त्।थ्ज्।।त्) की राज्य स्तरीय अनुमोदन समिति की बैठकें भी संपन्न हुई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वॉलनट और कीवी के उत्पादन पर फोकस कर किसानों को इसकी खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाए। इसके लिए हर सम्भव प्रयास किए जाएं।

मुख्य सचिव ने उत्पादों को जंगली जानवरों से सुरक्षित रखने हेतु बायोफेंसिंग विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने कहा कि इसके लिए अलग से सेल बनायी जाए जो इस दिशा में लगातार क्षेत्र विशेष और वहां रहने वाले जानवरों के अनुसार बायोफेंसिंग तैयार करे। मुख्य सचिव ने सभी एलाईड विभागों द्वारा एक इंटीग्रेटेड प्लान तैयार कर पलायन से ग्रसित गांवों में एग्रीगेटर तैयार करने पर बल दिया। उन्होंने एक योजना को पूरे प्रदेश में लागू करने के बजाए, क्षेत्र की आवश्यकता अनुसार प्लान तैयार किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि किसानों को सरकार की ओर से हर सम्भव सहायता उपलब्ध करायी जाए। प्रशिक्षण और इंसेंटिव भी दिया जाए। उन्होंने सभी योजनाओं को सोशल ऑडिट और थर्ड पार्टी ऑडिट किए जाने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द वर्द्धन, सचिव शैलेश बगोली, वीवी आर. सी. पुरुषोत्तम सहित सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।