सहारनपुर से सप्लाई हुए कुट्टू के आटे में मिलावट, 100 लोगों की तबीयत बिगड़ी, सीएम ने जाना हाल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को कोरोनेशन अस्पताल पहुंचकर फूड प्वाइजनिंग से बीमार लोगों को हाल चाल जाना। देहरादून जनपद में फूड प्वाइजनिंग की वजह से लगभग 100 से अधिक लोग बीमार हो गये। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सहारनपुर से सप्लाई हुए कुट्टू के आटे में मिलावट की संभावना से लोगों का स्वास्थ्य खराब हुआ।

मुख्यमंत्री ने कोरोनेशन अस्पताल में भर्ती मरीजों से बातचीत कर उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। उन्होंने जिलाधिकारी देहरादून और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को अस्पतालों में भर्ती लोगों को समुचित इलाज देने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर अस्पताल में बेड की संख्या बढ़ाई जाए। फूड प्वाइजनिंग की वजह से कोरोनेशन अस्पताल में 66 और दून मेडिकल कॉलेज में 44 मरीज भर्ती हैं। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग और जिलाधिकारी देहरादून को निर्देश दिये कि जिन भी अस्पतालों में मरीज आ रहे हैं, उनके इलाज का पूरा प्रबंध किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सहारनपुर से जिस दुकान के लिए कुट्टू का आटा सप्लाई हुआ है, वह दुकान सील कर ली गई है। उस दुकान से जिन दुकानों के लिए कुट्टू का आटा सप्लाई हुआ है, उनको भी सूचना दे दी गई है। सहारनपुर के जिला प्रशासन को भी देहरादून जिला प्रशासन से इसके बारे में जानकारी दी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मरीजों के इलाज के लिए पूरी व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि जिनके कारण यह घटना हुई है, स्वास्थ्य सचिव को निर्देश दिये गये हैं कि पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो स्वास्थ्य विभाग, खाद्य सुरक्षा विभाग और अन्य संबंधित विभाग मिलकर घटना की पूरी जांच करेंगे। लापरवाही करने वाले सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी।

इस अवसर पर आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, एसएसपी देहरादून अजय सिंह, स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद थे।

राज्य के शहरों में देवभूमि सिल्वर जुबली पार्क का होगा निर्माणः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सर्वे स्टेडियम, देहरादून में राज्य सरकार के सेवा, सुशासन और विकास के तीन साल पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने जन समस्याओं के समाधान के लिए लगाए गए बहुउद्देशीय शिविर का अवलोकन किया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने हाथीबड़कला से सर्वे स्टेडियम तक भव्य रोड शो में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य स्थापना वर्ष के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में राज्य के शहरों में देवभूमि सिल्वर जुबली पार्क का निर्माण किया जायेगा। इस अवसर पर उन्होंने ग्राम्य विकास विभाग की स्वयं सहायता समूह को क्रेडिट कार्ड लिंकेज के चेक, लाभार्थियों को महालक्ष्मी किट और कृषि यंत्र भी वितरित किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के समग्र विकास के लिए हर क्षेत्र में तेजी से कार्य किये जा रहे है। प्रदेश में शहरों से लेकर सुदूर गांवों तक सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है, वहीं ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का कार्य पूर्ण कर जल्द ही पहाड़ों में रेल का सपना साकार करने की दिशा में भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही, उड़ान योजना के माध्यम से देहरादून, अल्मोड़ा, उत्तराकाशी, गौचर और पिथौरागढ़ सहित प्रदेश के लगभग 12 नगरों के लिए हेली सेवाएँ प्रारंभ होने से राज्य की एयर कनेक्टिविटी मजबूत हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे का कार्य तेजी से पूर्ण किया जा रहा है। साथ ही देहरादून में रिस्पना और बिंदाल नदी के ऊपर फोरलेन एलिवेटेड रोड का निर्माण करने की योजना भी तैयार की जा रही है। देहरादून में 1400 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य कर रहे हैं। शहर में स्मार्ट स्कूलों की स्थापना करने के साथ ही लैंसडाउन चौक पर 650 पाठकों की क्षमता वाली अत्याधुनिक लाइब्रेरी का निर्माण किया गया है। एक ओर जहां, शहर में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए 30 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है, वहीं निजी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 11 स्थानों पर चार्जिंग स्टेशनों का निर्माण भी किया जा रहा है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि आमजन के हित में सरकार के लिए गए फैसले देश में नजीर बन गए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में अनेकों जन कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने के साथ ही इन योजनाओं को प्रदेश के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने का संकल्प लेकर कार्य किया है। इस संकल्प को पूरा करने के लिए विभिन्न जागरुकता अभियान चलाने के साथ ही हमने लगभग सभी योजनाओं की आवेदन प्रक्रिया को ऑनलाइन किया है। साथ ही यह सुनिश्चित करने का प्रय़ास किया है कि प्रदेश वासियों को घर बैठे ही जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।

गौरतलब है कि सरकार के तीन वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देहरादून के साथ ही पूरे प्रदेश में जनपद, विधानसभा और ब्लॉक स्तर पर बहुउद्देशीय शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में, एक ही स्थान पर लोगों को विभिन्न योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ मौके पर ही आवेदन और निस्तारण आदि की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

इस अवसर पर मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, दर्जाधारी राज्य मंत्री डॉ. देवेंद्र भसीन, कैलाश पंत, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद मसूरी मीरा सकलानी, भाजपा के महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, भाजपा युवा मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नेहा जोशी एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

उत्तराखंड में उपनल व संविदा कर्मियों के नियमितीकरण के लिए ठोस नीति बनेगी

तीन साल का कार्यकाल पूरा होने के मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने छात्रों-युवाओं, उपनल और संविदा कर्मियों के लिए तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों और स्नातक डिग्री प्राप्त युवाओं को राज्य सरकार आर्थिक सहायता देगी। एक समर्पित मंच के माध्यम से उनके रोजगारपरक कौशल को विकसित करने लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए, सरकार एक उच्चस्तरीय समिति का गठन करेगी। उपनल एवं संविदाकर्मियों को नियमित नियुक्ति के लिए शीघ्र ही एक ठोस नीति तैयार की जाएगी। इसके अलावा, दस करोड़ रूपये तक के सरकारी कार्य प्रदेश के स्थानीय ठेकेदारों को ही दिए जाएंगे।

सेवा, सुशासन और विकास के तीन वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ये घोषणाएं कीं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की जोशपूर्ण उपस्थिति रही।

मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में सबसे पहले उत्तराखण्ड के अमर बलिदानियों और सरदार भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को शहीद दिवस पर भावांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड ने विभिन्न चुनौतियों का सामना करते हुए सफलता प्राप्त की है। विभिन्न चुनौतियों के बावजूद इन तीन वर्षों में हमारे प्रदेश ने कई उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं और नए-नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं, जिनकी गूंज आज पूरे देश में सुनाई दे रही है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि कुछ लोग जो बोलने में सावधानी नहीं रखते उनके कारण प्रदेश में कभी-कभी क्षेत्रवाद या जातिवाद की बातें सुनाई देती हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड का कोई भी व्यक्ति यदि संकीर्ण क्षेत्रवाद या जातिवाद की बात करता है तो वो न केवल उन आंदोलनकारी के साथ अन्याय करता है, जिन्होंने इस प्रदेश के निर्माण के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया बल्कि वो अपनी मातृ-भूमि के खिलाफ भी कार्य करता है।

तीन वर्ष की उपलब्धियों और प्रमुख निर्णयों को सिलसिलेवार सामने रखा

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सरकार की तीन वर्ष की उपलब्धियों को सिलसिलेवार सामने रखा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पिछले तीन वर्षों से जहां एक ओर शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, खेल, पेयजल और हवाई कनेक्टिविटी सहित सभी प्रमुख क्षेत्रों का इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने की दिशा में कार्य किया है, वहीं प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित 30 से अधिक नई नीतियां बनाकर उत्तराखण्ड के सर्वांगीण विकास का एक विस्तृत रोडमैप तैयार कर कई नई योजनाएं लागू की हैं। इसका परिणाम है कि हर क्षेत्र में उत्तराखण्ड की प्रगति साफ दिखाई दे रही है। उन्होंने अंत्योदय परिवारों को तीन गैस सिलेंडर प्रदान करना, प्रदेश की महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, राज्य आंदोलनकारियों को दस फीसदी क्षैतिज आरक्षण, वृद्धावस्था पेंशन की सुविधा, सरकारी नौकरियों में खेल कोटे को पुनः प्रारंभ करना, विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान करना, 207 प्रकार की पैथोलॉजिकल जांचों की निःशुल्क सुविधाओं का खास तौर पर जिक्र किया।

मुख्यमंत्री ने वर्ष 2023-24 के सतत् विकास के लक्ष्यों को हासिल करने के इंडेक्स में उत्तराखण्ड को मिले पहले स्थान के साथ ही ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में एचीवर्स तथा स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी का जिक्र करते हुए बेरोजगारी दर में रिकार्ड कमी की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश की बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी लाकर उत्तराखण्ड ने राष्ट्रीय औसत को भी पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि हमारे सतत आर्थिक सुधारों का ही ये परिणाम है कि 2023-24 की तुलना में इस वर्ष राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में 13.59 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। इतना ही नहीं प्रति व्यक्ति आय में हमने 11.33 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज कर राष्ट्रीय औसत को भी पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने जी-20 बैठकों, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और राष्ट्रीय खेलों के आयोजन की भी चर्चा की।
उन्होंने कहा कि देवभूमि से समान नागरिक संहिता की पवित्र गंगा प्रवाहित होने से पूरे देश में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ है। उन्होंने अपने संबोधन में नकल विरोधी कानून का जिक्र करते हुए कहा कि इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। दंगा और धर्मांतरण विरोधी कानूनों की भी चर्चा की। भू-कानून के संबंध में उन्होंने कहा कि इससे देवभूमि की इस पुण्य धरा को भू-माफियाओं से बचाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि हमने जनता से जो वायदे किए, उन्हें पूरा किया। अब तक हम 2022 में जारी अपने दृष्टि पत्र के करीब 70 प्रतिशत से अधिक वादों को धरातल पर उतारने में सफल रहे हैं। अन्य वादे भी जल्द पूरे कर लिए जाएंगे।

‘सेवा, सुशासन और विकास के 3 वर्ष’ पुस्तिका का विमोचन

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सूचना एवं लोक संपर्क विभाग की विकास पुस्तिका ‘सेवा, सुशासन और विकास के 3 वर्ष’ का विमोचन किया। इसमें सरकार द्वारा 03 साल में जनहित में लिये गये फैसले, योजनाएं और उपलब्धियां शामिल की गई हैं। ‘देवभूमि रजत उत्सव- संकल्प से सिद्धि’ कलेण्डर का डिजिटल विमोचन और कंटेंट क्रिएटर कंपटीशन का डिजिटल शुभारंभ भी मुख्यमंत्री द्वारा किया गया।

बाल भिक्षावृत्ति निवारणरू शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ने वाले 13 बच्चों का सम्मान

कार्यक्रम के दौरान बाल भिक्षावृति निवारण प्रयास के अन्तर्गत इंटेन्सिव केयर सेंटर साधूराम इण्टर कॉलेज देहरादून में प्रवेशरत शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़े 13 बच्चों को सम्मानित किया गया। लखवाड़ बहुद्देशीय परियोजना के तहत अधिग्रहित की गई भूमि के भू स्वामियों को अनुग्रह अनुदान के रूप में कुल 10 करोड़ की धनराशि वितरित की गई। अटल आवास योजना के तहत लाभार्थियों को मुख्यमंत्री ने चेक और चाबी सौंपी। राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया और सराहनीय कार्य करने वालों को प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किये।

कार्यक्रम के दौरान सरकार के 03 वर्ष पूरे होने पर कलाकारों द्वारा राज्य की संस्कृति पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गई। इससे पहले मुख्यमंत्री ने सरकार के 03 वर्ष पूरे होने पर कनक चौक से परेड ग्राउंड तक रोड शो में प्रतिभाग किया और विभिन्न स्टॉल का अवलोकन भी किया।

सभी जिलों में हुए कार्यक्रम

सरकार के तीन वर्ष पूर्ण होने पर देहरादून में आयोजित मुख्य कार्यक्रम का सभी जनपदों में सजीव प्रसारण किया गया। जनपदों और ब्लॉक स्तर तक अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। स्वास्थ्य शिविरों और शिविरों के माध्यम से सरकार की विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं से लोगों का लाभान्वित किया गया। प्रभारी मंत्रियों और अन्य जनप्रतिनिधियों ने बतौर मुख्य अतिथि जनपद स्तरीय कार्यक्रमों में प्रतिभाग किया ।

इस अवसर पर देहरादून में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजान दास, उमेश शर्मा काऊ, विनोद चमोली, मुन्ना सिंह चौहान, सविता कपूर, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, भाजपा के महानगर देहरादून अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के.सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, डीजीपी दीपम सेठ, जनप्रतिनिधिगण, शासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, एसएसपी देहरादून अजय सिंह एवं बड़ी संख्या में जनता उपस्थित थी।

सरकार के तीन वर्षः युवाओं के बीच पहुंच मुख्यमंत्री धामी ने लगाए पुश-अप्स

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एथलैक्टिस ग्राउण्ड, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, रायपुर, देहरादून में राज्य सरकार ( सेवा, सुशासन और विकास ) के 03 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग कर फिट इण्डिया रन का फ्लैग ऑफ किया।

खिलाड़ियों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री ने पुश-अप्स लगाकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया एवं उन्हें फिट रहने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से मुलाकात कर, उन्हें फिट इंडिया की शपथ भी दिलवाई। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड युवा कल्याण विभाग के सहयोग से चलाए जा रहे ड्रोन कोर्स में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले युवाओं को ड्रोन भी वितरित किए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज राज्य सरकार के 3 वर्ष पूरे हुए हैं। यह 3 वर्ष सेवा, सुशासन, विकास और जनहित को समर्पित रहे। उन्होंने युवाओं को देखकर अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए कहा कि वो भी बचपन में अधिकांश समय शारीरिक, खेल गतिविधियां में बीतते थे। उन्होंने कहा आज जिन भी खिलाड़ियों ने देश का नाम बढ़ाया है, उनकी यात्रा असाधारण परिस्थितियों में शुरू हुई। उन्होंने युवाओं से जीवन में अपने सपनों के प्रति पक्की इच्छाशक्ति और विकल्प रहित संकल्प रखने का आवाहन किया।

मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों खासकर युवाओं से रोजाना आधा घंटा व्यायाम करने, पौष्टिक आहार ग्रहण करने एवं नशे से दूर रहने का आवाहन किया है। उन्होंने कहा सभी युवाओं ने मिलकर उत्तराखंड का अभिमान बढ़ाना है। आम नागरिक की फिटनेस ही उत्तराखंड राज्य की ताकत है। उन्होंने कहा हम सबने मिलकर फिटनेस को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना है। उन्होंने सभी से स्वयं को फीट रखने एवं अपने आसपास के लोगों को भी स्वस्थ रहने के लिये प्रेरित करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि फिट इंडिया मूवमेंट, स्वस्थ्य और मजबूत भारत के सपने को साकार करने का रास्ता है। फिट इंडिया, स्वस्थ मन और जीवंत आत्मा का भी आधार है। फिट उत्तराखंड से ही समृद्ध उत्तराखंड बनेगा। जहां हर व्यक्ति उन्नति कर राज्य की प्रगति में योगदान देगा। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों की स्वस्थ्य जीवनशैली के लिए फिट इंडिया मूवमेंट शुरू किया। यह फिट इंडिया मूवमेंट अब जन आंदोलन बना गया है जो हर घर, गांव और शहर तक पहुंचा है। राज्य सरकार भी इस मिशन में कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है। उन्होंने कहा सरकार, राज्य में खेल सुविधाओं को बढ़ा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड से ही पूरे देशवासियों को मोटापे, ओबेसिटी, एवं सही खाना पान को लेकर जागरूक किया था। उन्होंने कहा राज्य द्वारा 38 वें राष्ट्रीय खेलों की सफल मेजबानी की गई। जिसकी तारीफ प्रधानमंत्री जी ने मन की बात कार्यक्रम में भी की थी। 38 वें राष्ट्रीय खेलों में राज्य के खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 103 पदक प्राप्त कर पदक तालिका में सातवां स्थान हासिल किया। राज्य सरकार द्वारा राज्य के पदक विजेता खिलाड़ियों को दी जाने वाली पुरस्कार राशि को दुगना एवं राज्य के सभी पदक विजेताओं को आउट ऑफ टर्न नियुक्ति के अंतर्गत विभिन्न विभागों में सेवायोजित किए जाने का भी निर्णय लिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं विकसित एवं खेल उपकरण भी क्रय किए जा रहे हैं। जो राज्य के खिलाड़ियों को ओलंपिक स्तर तक पहुंचाने में सहायक सिद्ध होंगे। उत्तराखंड राज्य के बालक-बालिकाओं को फिट रखने एवं खेलों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना, मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना जैसी अनेकों योजनाओं शुरू की गई रहैं। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय खेलों में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को खेल किट देने, राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रदेशीय टीमों के खिलाड़ियों को रेल/बस किराया दिये जाने, खिलाड़ियों को खेल में चोटिल/दुर्घटना हेतु आर्थिक सहायता प्रदान करने की सुविधा भी दी जा रही है।

इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, निदेशक खेल प्रशांत आर्य, संयुक्त निदेशक अजय अग्रवाल, जिला अधिकारी देहरादून सविन बंसल, एसएसपी अजय सिंह, राजेश ममगाई एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

आगामी 10 साल की वित्तीय स्थिति की पूरी योजना तैयार की जाएः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि राज्य में आगामी 10 साल की वित्तीय स्थिति की पूरी योजना तैयार की जाए। इस दीर्घकालिक योजना में आर्थिक और सामाजिक विकास, पर्यावरण संरक्षण, आधुनिक तकनीक का उपयोग कर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि आगामी 10 सालों की राज्य के आय के संसाधन बढ़ाने के लिए आर्थिक विकास की रूपरेखा तैयार की जाए। राज्य की आर्थिकी से जुड़े पर्यटन, तीर्थाटन, ऊर्जा,कनेक्टिविटी, उद्योग, कृषि, ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, समाजिक कल्याण और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सुनियोजित तरीके से कार्य किये जाएं। अनावश्यक खर्चों को नियंत्रित किया जाए। उन्होंने कहा कि 2047 तक प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए सबको अपना योगदान देना होगा। राज्य में 2047 तक की वित्तीय स्थिति के लिए भी विस्तृत योजना बनाई जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर बजट प्रबंधन के लिए नीति निर्माण में डेटा एनालिटिक्स और रिसर्च का उपयोग किया जाए। योजना बनाने में विशेषज्ञों और आम जन के सुझाव भी लिये जाएं। सरकारी प्रक्रियाओं में सरलीकरण के साथ डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में और तेजी से कार्य किये जाएं। राज्य में राजस्व प्राप्ति के लिए कर राजस्व, गैर कर राजस्व, औद्योगिक निवेश, डिजिटल कर संग्रह और सार्वजनिक-निजी भागीदारी को बढ़ावा दिया जाए। बैठक में जानकारी दी गई कि वित्तीय बजट 2024-25 में लक्ष्य के सापेक्ष 85 प्रतिशत राजस्व प्राप्ति हो चुकी है। जबकि राजस्व व्यय 90.50 प्रतिशत हो चुका है।

मुख्यमंत्री ने बैठक में निर्देश दिये कि राज्य में जीएसटी कलक्शन बढ़ाने के लिए और प्रभावी प्रयास किये जाएं। कर चोरी की रोकथाम के लिए सघन अभियान चलाया जाए। छापामारी की कार्रवाई निरंतर की जाए। एआई और डेटा एनालिटिक्स के उपयोग पर अधिक ध्यान दिया जाए। जीएसटी फाइल करने के लिए सरल और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाए।

बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य स्थापना के बाद से ट्रेड टैक्स/वैट/जीएसटी कलक्शन में 48 गुना से अधिक की वृद्धि हुई है। कलक्शन 233 करोड़ से बढ़कर 11289 करोड़ हुआ है। राज्य के कर स्रोतों में जीएसटी और वैट की भागीदारी 62 प्रतिशत, एक्साइज की 19 प्रतिशत ट्रांसपोर्ट की 05 प्रतिशत, स्टैंप की 08 प्रतिशत और खनन की 05 प्रतिशत भागीदारी है। राज्य में आईटीसी फ्रॉड के 848 मामलों और 165 फेक फर्मों को चिन्हित किया गया है। राज्य में फेक जीएसटी रजिस्ट्रेशन को चिन्हित करने के लिए विशेष अभियान चलाया गया, जिसके तहत 51 जीएसटी रजिस्ट्रेशन गैर मौजूद पाये जाने पर उनका पंजीकरण निरस्त किया गया।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर.मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, दिलीप जावलकर, विनय शंकर पाण्डेय, अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी. अंशुमन, राज्य कर आयुक्त डॉ. अहमद इकबाल, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी एवं जीएसटी विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

पर्यटन महोत्सव से बढ़ेगा भारत और नेपाल के बीच सांस्कृतिक और भावनात्मक संबंध

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रेंजर्स ग्राउण्ड, देहरादून में कंचनपुर उद्योग वाणिज्य संघ द्वारा आयोजित इण्डो नेपाल अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला तथा पर्यटन महोत्सव में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भारत और नेपाल के स्थानीय उत्पादों पर आधारित स्टालों का भी अवलोकन किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह महोत्सव, भारत और नेपाल के बीच सांस्कृतिक और भावनात्मक संबंधों को बढ़ाएगा। इससे हमारी समृद्ध परंपराओं को संजोए रखने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने में भी योगदान मिलेगा। उन्होंने कहा भारत और नेपाल के बीच सदियों से धार्मिक, सांस्कृतिक, व्यापारिक और रोटी-बेटी का संबंध रहा है। जब जब प्रभु श्रीराम और माता सीता को याद किया जाएगा, तब-तब भारत और नेपाल के संबंधों का उल्लेख भी अवश्य होगा। उन्होंने कहा अयोध्या में भगवान श्री राम मंदिर के निर्माण में नेपाल की सनातनी जनता की आस्था को भी देखा गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत और नेपाल के संबंध और भी अधिक मजबूत हो रहे हैं। दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों के साथ ही व्यापारिक संबंधों को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा नेपाल और भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। उत्तराखंड से लेकर नेपाल तक अनेक पर्यटन और धार्मिक स्थल हैं, जहां आस्था और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। उत्तराखंड सरकार, उत्तराखंड और नेपाल के बीच व्यापार को सुगम बनाने के लिए सीमावर्ती क्षेत्र में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रारंभ की गई नेबरहुड फर्स्ट नीति के अंतर्गत नेपाल को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इस नीति के माध्यम से दोनों देशों में आर्थिक विकास को गति प्रदान की जा रही है। केंद्र सरकार के सहयोग से विभिन्न स्तरों पर कनेक्टिविटी, व्यापार, संस्कृति, रक्षा तथा जनसंपर्क को भी निरंतर बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री द्वारा अयोध्या से जनकपुर के बीच बस सेवा प्रारंभ की गई थी। उन्होंने कहा काली नदी पर प्रस्तावित पंचेश्वर बांध परियोजना के माध्यम से साझा ऊर्जा उत्पादन का भी संकल्प दोनों देशों ने लिया है। जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति होगी, और दोनों देशों की आर्थिकी को भी बल मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में राज्य सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापार, बुनियादी सुविधाओं और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। सीमावर्ती क्षेत्रों में आधुनिक सड़कों, सुरंगों और पुलों का निर्माण जारी है। इसके अंतर्गत अब तक लगभग 4500 किलोमीटर से भी अधिक सड़कों का निर्माण कार्य संपन्न किया जा चुका है। भारत और नेपाल के बीच धारचूला के छारछुम में मोटर पुल का निर्माण भी गतिमान है। जिससे दोनों देशों के बीच संपर्क और अधिक सुगम होगा।

इस अवसर पर राजेंद्र सिंह रावल (पूर्व मुख्यमंत्री सुदूर पश्चिम प्रदेश, नेपाल), पीतांबर जोशी (अध्यक्ष कचनपुर उद्योग वाणिज्य संघ), विधायक खजान दास, दिवान सिंह बिष्ट, विक्रम धामी, प्रकाश रावल, जानकी कुंवर एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

“जल शक्ति अभियान“ से 1000 गाँवों में तालाबों और पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित कर रहेः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी वाडिया इंस्टीट्यूट में जलवायु परिवर्तन एवं नवीकरणीय ऊर्जा-चुनौतियाँ और समाधान’ विषय पर आयोजित संगोष्ठी में शामिल हुए। सीएम ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान में जलवायु परिवर्तन संपूर्ण विश्व के लिए एक गंभीर चुनौती के रूप में सामने खड़ा है। उन्होंने पिछले वर्ष की गर्मी के अनुभव को याद करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण देहरादून सहित विभिन्न पर्वतीय क्षेत्रों में तापमान पहले की तुलना में बहुत अधिक रहा। ऐसे समय में, जलवायु परिवर्तन को लेकर जागरूकता फैलाने एवं इसके समाधानों पर गहनता से चर्चा करने का एक सराहनीय प्रयास है। यह संगोष्ठी न केवल जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों को समझने का एक अवसर है, बल्कि पर्यावरण के प्रति हमारे संकल्पों को मजबूती देने का भी एक विशिष्ट मंच है ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में “हरियाली मिशन“ के अंतर्गत लाखों की संख्या में पौधे रोपे जा रहे हैं। “जल शक्ति अभियान“ के माध्यम से 1000 गाँवों में तालाबों और पारंपरिक जल स्रोतों को भी पुनर्जीवित करने का प्रयास कर रहे हैं। प्रदेश में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्प्रिंग एंड रिवर रिजुविनेशन ऑथोरिटी का गठन भी किया है, जिसके अन्तर्गत अभी तक 5500 जलीय स्त्रोतों तथा 292 सहायक नदियों का चिन्हीकरण कर उनका उपचार किया जा रहा है। वाडिया इंस्टीट्यूट के सहयोग से हमने ग्लेशियर अध्ययन केंद्र भी स्थापित किया है, जिससे हम प्रकृति द्वारा दिए जाने वाले संकेतों को समझ सकें और उसके क्षरण को रोकने हेतु प्रभावी नीतियां बनाकर कार्य कर सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों का आयोजन ग्रीन-गेम्स की थीम पर किया गया। पूरे आयोजन के दौरान मेडल प्राप्त करने वाले सभी खिलाड़ियों के नाम पर एक-एक रूद्राक्ष के पौधे लगाकर 2.77 हेक्टेयर वन क्षेत्र को ’खेल वन’ के रूप में स्थापित किया गया। उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जहां जीडीपी की तर्ज़ पर जीईपी यानि ग्रोस इनवायरमेंट प्रोडक्ट का इंडेक्स तैयार कर जल, वन, भूमि और पर्वतों के पर्यावरणीय योगदानों का आँकलन करने का प्रयास हो रहा है। जीवाश्म आधारित ईंधन के स्थान पर ग्रीन ऊर्जा को वृहद् स्तर पर प्रोत्साहित किया जा रहा है। “नई सौर ऊर्जा नीति” लागू करने के साथ ही वर्ष 2027 तक 1400 मेगावाट सोलर क्षमता पाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में “पी०एम० सूर्यघर योजना” और “मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना” के अंतर्गत सब्सिडी का लाभ उठाकर बड़ी संख्या में लोग सोलर पैनल लगवा रहे हैं।

वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि वन संपदाओं को संरक्षित रखने के लिए जरूरी है कि स्थानीय लोगों को वनों से जोड़ा जाए। इससे हमारे वन भी संरक्षित रहेंगे और लोगों को आजीविका भी मिलेगी। वनों में लगने वाली आग को न्यून करने के लिए विस्तृत प्लान बनाया गया है।

इस मौके पर लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी, यूथ फाउंडेशन के संस्थापक कर्नल अजय कोठियाल (से नि), प्रमुख वन संरक्षक डॉ धनंजय मोहन, निदेशक वाडिया डा विनीत कुमार गहलोत, वैज्ञानिक डॉ जे बी सिंह, डा हृदया चौहान सहित विभिन्न संस्थानों के वैज्ञानिक और श्रोता मौजूद रहे।

सजग नागरिक सुशासन की महत्वपूर्ण कड़ी हैः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विकास खंड यमकेश्वर के स्थानीय निवासियों के साथ मुख्य सेवक संवाद में कहा कि सजग नागरिक सुशासन की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आमजन को जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिले, इसके लिए सरकारी कार्मिकों को सरकार की मंशा के अनुरूप सेवा व सुशासन को प्राथमिकता देनी होगी।

जनसमस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी प्रयास

मुख्यमंत्री ने वर्चुअल संवाद के माध्यम से बताया कि सीएम डैशबोर्ड और सीएम हेल्पलाइन की व्यवस्था जनसमस्याओं के शीघ्र समाधान के लिए की गई है। साथ ही, समस्याओं के त्वरित निवारण के लिए त्वरित समाधान दल (रैपिड सॉल्यूशन टीम) को पहले चरण में पौड़ी जनपद में लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि इस पहल का लाभ यमकेश्वर के नागरिकों को भी मिलेगा और इस दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।

जिला प्रशासन की सराहना

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी पौड़ी एवं उनकी टीम की सराहना करते हुए कहा कि जिला प्रशासन ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए उचित तैयारी की है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि “रिफॉर्म, ट्रांसफॉर्म और परफॉर्म“ के मंत्र के साथ यह कार्यक्रम सुचारू रूप से आगे बढ़ेगा।

उत्तराखंड का योगदान विकसित भारत के लक्ष्य में

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से अमृत काल में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, और उत्तराखंड इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि केंद्र व राज्य सरकार ने कई नई जनोपयोगी योजनाएं बनाई हैं तथा कई नीतियों में आवश्यक संशोधन भी किए हैं।

लाभार्थियों से संवाद

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद किया और उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार जनहित के कार्यों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सदैव तत्पर है।

सीएम ने महिला सारथी के तहत महिला ड्राइवरों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया। जिसमें रेशमा शाह, भारती, पार्षद अंजना रावत, बीना, रेखा पांडे, ममता, सरिता पंवार सहित अन्य कई महिलाएं शामिल रहीं। मुख्यमंत्री ने इस दौरान महिला सारथी (पायलट प्रोजेक्ट) के तहत महिला ड्राइवरों को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षा, चिकित्सा, राजनीति, खेल, विज्ञान, सेना, कृषि उद्योग जैसे हर क्षेत्र में महिलाएँ आगे बढ़ कर देश का नेतृत्व कर रही हैं। उत्तराखंड राज्य की महिलाओं में विशेष प्रकार का आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता है, महिलाओं में कौशल और परिश्रम में कोई कमी नहीं है। राज्य की महिलाएं स्वयं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और समाज को भी सशक्त बना रही हैं। उन्होंने कहा विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में सबसे बड़ा योगदान महिलाओं का होगा। राज्य सरकार, प्रदेश की मातृ शक्ति के सशक्तिकरण हेतु भविष्य में भी पूरी दृढ़ता के साथ कार्य करते रहेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं के हितों को आगे रखते हुए देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता लागू उत्तराखंड में किया है। जिसमें महिला सुरक्षा के विशेष प्रावधान किए गए हैं। यह आधी आबादी का पूरा कानून है। उन्होंने कहा लिव इन रिलेशनशिप हमारी संस्कृति का हिस्सा नहीं है। लिव इन रिलेशनशिप में रहने वाले युवाओं की जानकारी उनके माता पिता और प्रशासन के पास होनी आवश्यक है। जिससे किसी भी तरह की घटना से भी बचा जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में मातृशक्ति के उत्थान एवं सशक्तिकरण के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। बीते 11 वर्षों में 30 करोड़ से अधिक महिलाओं के जन-धन बैंक खाते खोले गए, 12 करोड़ से अधिक शौचालय बनाकर माताओं बहनों के मान-सम्मान की रक्षा सुनिश्चित किया गया है। लखपति दीदी योजना के माध्यम से 1 करोड़ से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का कार्य किया जा रहा है। 30 करोड़ से अधिक महिलाओं को मुद्रा योजना के अंतर्गत लोन देकर सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। देश की संसद में लोकसभा एवं विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत का आरक्षण देने का ऐतिहासिक कानून पास किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार पढ़ाई, सरकारी नौकरी, उद्यम, खेल हर क्षेत्र में महिलाओं की अधिक से अधिक भागीदारी आगे बढ़ा रही है। राज्य में सशक्त नारी सशक्त समाज की परिकल्पना को साकार करते हुए नंदा गौरा योजना के अंतर्गत बालिकाओं के जन्म लेने पर 11 हजार रूपए तथा 12वीं उत्तीर्ण करने पर 51 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। सशक्त बहना उत्सव योजना, मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना, जैसी कई योजनाएं संचालित है। महिलाओं की सुरक्षा, सहायता, एवं संरक्षण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन 181 और महिला कल्याण एवं पुनर्वास केंद्र स्थापित करने एवं महिलाओं हेतु महिला छात्रावास भी संचालित किए जा रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा सरकारी नौकरियों में राज्य की बेटियों को 30 प्रतिशत का क्षैतिज आरक्षण देने का भी कार्य किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रुपए तक का ऋण बिना ब्याज के मुहैया करवाया जा रहा है। लखपति दीदी योजना के अंतर्गत प्रदेश की 1 लाख से अधिक बहनों ने लखपति दीदी बनने में सफलता प्राप्त की है। उन्होंने कहा प्रदेश के स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाए गए उत्पादों को हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के माध्यम से आज देश-विदेश तक पहुंचाया जा रहा है। हमारी बहनों द्वारा बनाए गए उत्पाद आज मल्टीनेशनल कंपनियों को भी टक्कर दे रहीं हैं।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महिलाए ने अपने बारे में आंकलन करना होगा है। अपनी क्षमताओं को आगे लाना होगा। पहले से समय काफी बदलाव आया है। महिलाएं अब आगे बढ़ गई हैं। महिलाओं को समाज में बराबरी का ओहदा प्राप्त है। उन्होंने कहा महिलाओं ने आत्मनिर्भर बनकर स्वयं के साथ समाज को आगे बढ़ाना है। चुनौतियों से निपटने में भी स्वयं से निर्णय करना है। उन्होंने कहा समाज में महिलाएं आगे बढ़ रही है, जिससे आगे परिणाम और अच्छे होंगे। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में मातृशक्ति के लिए ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं।

इस अवसर पर विधायक खजान दास, राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना, सचिव चंद्रेश यादव, निदेशक प्रशांत आर्य, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

एसएसपी से पुलिस कांस्टेबल भर्ती प्रक्रिया की सीएम ने ली जानकारी, किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून पुलिस लाइन में पुलिस कांस्टेबल भर्ती प्रक्रिया का निरीक्षण किया और भर्ती के लिए आए युवाओं का उत्साहवर्धन किया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून से भर्ती प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने भर्ती में शामिल युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए श्रेष्ठ प्रदर्शन करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रिया की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाए कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। इस अवसर पर उन्होंने भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन किया।