विश्व मानक दिवस पर सीएम ने किया हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिमालयन सांस्कृतिक केन्द्र, नींबूवाला, गढ़ी कैण्ट में “विश्व मानक दिवस“ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न प्रदर्शनियों का अवलोकन भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हर्ष का विषय है कि आज हम एक ऐसे महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा कर रहे हैं, जो हमारे आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सशक्त बनाने के साथ-साथ भारतीय उत्पादों को वैश्विक मानचित्र पर शीर्ष स्थान प्रदान कराने हेतु अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कोई भी मानक केवल तकनीकी दिशा-निर्देश या मापदंड नहीं होते, बल्कि वे हमारे देश के विकास और आत्मनिर्भरता की बुनियाद होते हैं। भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा स्थापित मानक हमारे उद्योगों, व्यापार और सेवाओं के प्रमाणीकरण की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये न केवल हमारे कार्यों की गुणवत्ता को सुनिश्चित करते हैं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक के जीवन को भी किसी न किसी रूप में प्रभावित करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल के वर्षों में मानकों के इकोसिस्टम का व्यापक विस्तार हुआ है, जो अब कृषि, सड़क परिवहन, स्वास्थ्य और अन्य सेवाओं सहित लगभग सभी क्षेत्रों को समाहित करता है। सभी क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता, सुरक्षा और दक्षता के मानक लागू हों, जिससे हमारे जीवनस्तर में सुधार हो और अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सके। मानक ये सुनिश्चित करते हैं कि भारतीय उत्पादों को वैश्विक स्तर पर मान्यता मिल सके और उनकी विश्वसनीयता बढ़े।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “आत्मनिर्भर भारत“ का सपना साकार हो रहा है और इसमें भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा स्थापित मानकों की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। जब हम अपने उत्पादों को वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार करते हैं, तो हम न केवल उनकी गुणवत्ता को बढ़ाते हैं, बल्कि अपने उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए भी सशक्त आधार प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का उद्देश्य है कि भारतीय उत्पाद अपनी गुणवत्ता, नवाचार और विश्वसनीयता के लिए पूरे विश्व में एक मिसाल स्थापित करें। इसी उद्देश्य को पूरा करने के लिए भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा 22 हजार से अधिक मानक निर्धारित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध एक सुंदर प्रदेश होने के साथ-साथ औद्योगिक और कृषि विकास में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसलिए हमारे राज्य में मानकों का पालन करने की अत्यधिक आवश्यकता है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है कि हम अपने पारंपरिक उत्पादों, जैसे हस्तशिल्प, जैविक कृषि उत्पाद, औषधीय जड़ी-बूटियाँ और अन्य स्थानीय उत्पादों के लिए भी उच्च मानक स्थापित करें। इससे हमारे उत्पादों की पहचान न केवल राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ेगी बल्कि वैश्विक स्तर पर भी हमारी ब्रांडिंग मजबूत होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ने “हाउस ऑफ हिमालयाज“ नाम से अम्ब्रेला ब्रांड की स्थापना की है, जो हमारे स्थानीय उत्पादों को विश्वस्तरीय पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने भारतीय मानक ब्यूरो के अधिकारियों से अपेक्षा की कि इन ब्रांड के मानकों का भी मापन हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष के विश्व मानक दिवस की थीम एसडीजी-9 है, जो उद्योग, नवाचार और बुनियादी ढांचे से संबंधित है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य के विभिन्न विभागों पीडब्ल्यूडी, एमडीडीए, यूपीसीएल और आपदा प्रबंधन विभाग के साथ समन्वय करते हुए, भारतीय मानक ब्यूरो ने इन सभी को मानकीकरण की दिशा में जागरूक और सशक्त किया है। यह पहल इन विभागों के कार्यों की गुणवत्ता और प्रभावशीलता को बढ़ाने में कारगर सिद्ध होगी। भारतीय मानक ब्यूरो ने देशभर के दस हजार से अधिक स्कूलों में स्टैंडर्ड क्लब स्थापित किए हैं, जिनके माध्यम से बच्चों में मानकों के प्रति जागरूकता फैलाई जा रही है। उन्होंने ग्राम पंचायत स्तर तक मानकों के महत्व को पहुंचाने के लिए भारतीय मानक ब्यूरो के प्रयासों की सराहना की।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि जीवन के किसी भी कार्यक्षेत्र में सफलता पाने के लिए जीवन में मानक बनाने जरूरी हैं। इसी तरह भारतीय मानक ब्यूरो भी विभिन्न वस्तुओं और उत्पादों के मानकों का निर्धारण करता है। उन्होंने कहा कि भारतीय मानक ब्यूरो का मानकों के निर्धारण का महत्वपूर्ण कार्य है।

इस अवसर पर सचिव एवं आयुक्त खाद्य हरि चन्द्र सेमवाल, महानिदेशक यू कॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत एवं संयुक्त निदेशक भारतीय आदि उपस्थित रहे।

अन्याय पर न्याय की विजय का प्रतीक है दशहरा पर्वः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परेड ग्राउंड देहरादून में दशहरा महोत्सव कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हजारों की संख्या में लोगों का अभिनंदन करते हुए हुए दशहरे की शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि दशहरा, असत्य पर सत्य, अधर्म पर धर्म और अन्याय पर न्याय की विजय का प्रतीक पर्व है। दशहरा हमारी सांस्कृतिक धरोहर का अमूल्य हिस्सा है। उन्होंने कहा यह पर्व रावण जैसे अहंकारी और अधर्मी के अंत और भगवान श्री राम के आदर्श जीवन के गुणों का स्मरण कराता है। सच्चाई, धर्म और न्याय के मार्ग पर चलकर हमेशा बुराई पर अच्छाई की ही जीत होती है। उन्होने कहा अहंकार में रावण और उसकी लंका जलकर खाक हो गई थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दशहरे के त्योहार पर हम सभी को अपने अंदर की बुराइयों का त्याग कर सत्य, धर्म और मानवता की राह पर चलने का संकल्प भी लेना है। उन्होंने कहा भगवान श्री राम ऐसे आदर्श व्यक्ति हैं जो त्याग, समर्पण, न्याय, करुणा और कर्तव्य के प्रतीक के रूप में पूजे जाते हैं। एक राजकुमार होते हुए भी उन्होंने जंगल में जीवन बिताया, कई कठिनाइयों का सामना किया और अपनी सेना का गठन कर लंका पर विजय प्राप्त की। उनका आदर्श जीवन हमें विपरीत परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों और वचनों का पालन करना सिखाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में कई ऐसे स्थान हैं जो भगवान श्री राम, माता सीता, लक्ष्मण जी और हनुमान जी से संबंधित घटनाओं के साक्षी रहे हैं। भगवान हनुमान, चमोली जिले के द्रोणागिरी पर्वत से ही संजीवनी लेकर आए थे। भगवान श्रीराम के कुल गुरु वशिष्ठ जी की तपस्थली भी ऋषिकेश में स्थित है। उन्होंने कहा राज्य के कोने-कोने में राम लीलाएं होती हैं। हमारी सांस्कृतिक धरोहर और परंपराओं का संरक्षण ही हमें एकजुट और सशक्त बनाती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण कर सांस्कृतिक मूल्यों को पुनर्जीवित करने का काम किया गया है। उन्होंने कहा अयोध्या की पावन भूमि पर जल्द ही राज्य सरकार उत्तराखंड राज्य अतिथि गृह का निर्माण करने जा रही है। राज्य सरकार ने पौलगढ़ वाइल्ड लाइफ सेंचुरी का नाम बदलकर माँ सीता के नाम पर ‘‘सीतावनी वाइल्ड लाइफ सेंचुरी’’ रखा है। उन्होंने कहा राज्य सरकार उत्तराखंड के देव स्वरूप को सुरक्षित बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होने कहा कि राज्य में किसी भी प्रकार से डेमोग्राफी चेंज बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस पवित्र भूमि का सनातन स्वरूप सदा के लिए सुरक्षित रहेगा और उत्तराखंड का पवित्रता, सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत, सदैव संरक्षित रहेगी।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राज्य सभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजान दास, विधायक सविता कपूर, संतोष नागपाल, गगन सेठी, नेहा जोशी, पुनीत मित्तल, अशोक वर्मा एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

विद्या भारती के विद्यालय देश में कर्णधारों को बना रहे संस्कारवानः सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री गोवर्धन सरस्वती विद्या मंदिर, सुमन नगर, धर्मपुर में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान, उत्तराखण्ड द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने उत्तराखण्ड बोर्ड परीक्षा 2024 की हाईस्कूल और इण्टरमीडिएट की परीक्षा में विद्या मंदिर के शीर्ष 10 स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि गोवर्धन सरस्वती विद्या मंदिर, इण्टर कॉलेज सुमन नगर, धर्मपुर में भवन निर्माण के लिए 60 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद से अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के साथ ही युवा पीढ़ी को भारतीय मूल्यों से परिचित कराने और भारतीय संस्कृति के अनुरूप उनको शिक्षित करने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। विद्या भारती द्वारा संचालित सरस्वती शिशु मंदिर, विद्या मंदिर आज देश के कोने-कोने में हमारे देश के कर्णधारों को संस्कारवान बनाने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। बच्चों को किताबी ज्ञान ही नहीं बल्कि योग्य नागरिक बनाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। विद्यार्थियों को देशभक्ति, स्वदेशी चिंतन, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण और समसामयिक महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में विद्या भारती द्वारा 500 से भी अधिक विद्यालय संचालित किये जा रहे हैं, जिनमें प्रदेश में 01 लाख से भी अधिक विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इसके साथ ही विद्या भारती द्वारा आदिवासी बहुल क्षेत्रों और राज्य के सीमांत क्षेत्रों में भी सैकड़ों विद्यालय खोले गये हैं। भारत सरकार द्वारा विद्या भारती के सात स्कूलों को सैनिक स्कूल के रूप में स्थापित करने के लिए चयनित किये जाने पर मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों और युवाओं के उत्थान के लिए राज्य सरकार विभिन्न क्षेत्रों में अनेक कार्य कर रही है। शिक्षा के महत्व को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने त्वरित रूप से निर्णय लेते हुए देश में सर्वप्रथम राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को प्रदेश में लागू किया है। प्रदेश की शिक्षा व्यववस्था को और अधिक आधुनिक, व्यावहारिक और सुदृढ़ बनाने के लिए नीतिगत निर्णय लिये गये हैं। राज्य के सरकारी स्कूलों में बड़ी संख्या में स्मार्ट क्लासों की स्थापना की जा रही है। कक्षा 01 से लेकर 12 तक विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें और कक्षा 01 से 08 तक पाठ्य पुस्तकों के साथ ही बैग और जूते भी उपलब्ध कराये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना के तहत हजारों मेधावी विद्यार्थियों को प्रतिमाह छात्रवृत्ति देने का भी प्राविधान किया है। कक्षा 09 में प्रवेश लेने वाली बालिकाओं को साइकिल भी प्रदान की जा रही है। प्रदेश के प्रत्येक विकासखण्ड में हाईस्कूल और इण्टरमीडिएट के 05-05 टॉपर्स को भारत भ्रमण कराने का भी राज्य सरकार ने निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा में भी राजकीय महाविद्यालयों की आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य किये जा रहे हैं। राज्य में 20 नये मॉडल कॉलेज की स्थापना की जा रही है। प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में पढ़ाई कर रहे 05 विद्यार्थियों को हर साल स्नात्तकोत्तर स्तर पर अध्ययन के लिए ब्रिटेन के किसी प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में पढ़ाई करवाने के लिए चिवनिंग उत्तराखण्ड छात्रवृत्ति के लिए समझौता किया गया है। स्प्रिंगबोर्ड इंफोसिस भी शिक्षकों के लिए आईटी आधारित निःशुल्क प्रशिक्षण मॉड्यूल और छात्रों के लिए निःशुल्क कोर्स उपलब्ध करायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार के बजट में राज्य सरकार ने युवा कल्याण, तकनीकि शिक्षा और उच्च शिक्षा के लिए 1700 करोड़ से भी अधिक धनराशि का प्राविधान किया है। उन्होंने कहा कि हमारी कैबिनेट ने दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज की पढ़ाई करवाने का निर्णय लिया है।

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक उमेश शर्मा काऊ, उत्तराखण्ड के प्रान्त प्रचारक डॉ. शैलेन्द्र, भारतीय शिक्षा समिति के मंत्री डॉ. रजनीकांत शुक्ल, शिशु शिक्षा समिति के अध्यक्ष सुरेन्द्र मित्तल एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने मीडिया कर्मिेयों को किया संबोधित, बोले भू कानून पर समाधान जल्द होगा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में पत्रकारों को संबोधित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में उत्तराखण्ड में नगर निकाय क्षेत्र से बाहर ढाई सौ वर्ग मीटर भूमि कोई भी व्यक्ति बिना अनुमति खरीद सकता है, परंतु ऐसा संज्ञान में आया है कि एक ही परिवार में अलग-अलग नामों से भूमि क्रय करके उक्त प्राविधानों का उल्लंघन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम इसकी जांच करायेंगे और जिन भी व्यक्तियों ने ऐसा किया है उनकी भूमि राज्य सरकार में निहित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में जिन भी व्यक्तियों ने पर्यटन, उद्योग आदि व्यवसायिक गतिविधियों के लिए अनुमति लेकर भूमि क्रय की है, परंतु उस भूमि का उपयोग इस प्रयोजन हेतु नहीं किया, ऐसी जमीनों का विवरण तैयार करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के विरुद्ध भी सख्त कार्यवाही की जायेगी और उनकी जमीनें राज्य सरकार में निहित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भी संज्ञान में आया है कि भूमि क्रय संबंधी नियमों में वर्ष 2017 में जो बदलाव किए गए थे, उनका परिणाम सकारात्मक नहीं रहा है।उन्होंने कहा कि ऐसे प्राविधानों की समीक्षा की जायेगी और आवश्यक हुआ तो इन प्राविधानों को समाप्त कर दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के मूल स्वरूप को बचाने के उद्देश्य से उठाए जा रहे इन कदमों से किसी भी ऐसे व्यक्ति या संस्थाओं को परेशान होने की आवश्यकता नहीं है, जिनके निवेश से उत्तराखंड में पर्यटन, शिक्षा, उद्योग, व्यापार आदि विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार सृजन होता है तथा अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार भू कानून एवं मूल निवास के मुद्दे को लेकर संवदेनशील है और हम अगले बजट सत्र में उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप एक वृहद भू कानून लाने हेतु प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मार्च 2021 से अब तक लंबे समय से चले आ रहे विभिन्न मामलों का निस्तारण हमारी सरकार ने ही किया है, उसी प्रकार मैं, उत्तराखंड की जनता को यह विश्वास दिलाता हूं कि भू कानून के मुद्दे का समाधान भी हमारी सरकार ही करेगी।

राज्य आपदा शमन निधि के तहत विभिन्न प्रोजेक्ट पर मुख्य सचिव ने दिया अनुमोदन

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में सचिवालय में उत्तराखण्ड भूस्खलन न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केन्द्र (यूएलएमएमसी) की द्वितीय संचालक निकाय की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने एसडीएमएफ (राज्य आपदा शमन निधि) के तहत राज्य कार्यकारी समिति द्वारा अनुमोदित सभी प्रोजेक्ट, ग्रुप इंश्योरेन्स पॉलिसी, विभिन्न पदों पर भर्ती जैसे एजेन्डा बिन्दुओं पर अनुमोदन दिया।

मुख्य सचिव ने एसडीएमएफ (राज्य आपदा शमन निधि) के तहत राज्य कार्यकारी समिति द्वारा अनुमोदित उत्तरकाशी, मसूरी, गोपेश्वर, अल्मोड़ा तथा नैनीताल में लिडार सर्वे, नैनीताल शहर के टॉपोग्राफी सर्वे, भू अन्वेषण, भू-तकनीकी अन्वेषण, बहुगुणा नगर कर्णप्रयाग में भू-अन्वेषण, भू-तकनीकी अन्वेषण, भू-भौतिकीय अन्वेषण हेतु कन्सलटेन्सी फर्म की नियुक्ति, मनसा देवी पहाड़ी हरिद्वार में बाई पास रोड के स्लोप स्टेबलाइजेशन के अन्वेषण व न्यूनीकरण कार्यों के लिए डीपीआर जैसे विभिन्न प्रोजेक्ट पर अनुमोदन दिया। मुख्य सचिव ने सभी यूएलएमएमसी कार्मिकों हेतु सावधि दुर्घटना बीमा योजना पर भी अनुमोदन दिया।

बैठक में सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, विनोद कुमार सुमन सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

नगर निगम देहरादून स्वच्छता ही सेवा अभियान के अंतर्गत चला रह व्यापक सफाई अभियान

आवासन एवं शहरी विकास मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा लॉन्च किए गए स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा 2024 के अंतर्गत उत्तराखंड के नगर निगम देहरादून द्वारा कार्य योजना बनाकर धरातलीय कार्य कराया जा रहा है. 34 ब्लैक स्पॉट ( क्लीनलीनेस टारगेट यूनिट) को इस पखवाड़े का टारगेट बनाया गया है और प्रत्येक दिन यहां पर सघन सफाई अभियान करने कराया जा रहा है। इनिशिएटिव यह भी लिया गया है कि इन ब्लैक स्पॉट पर कोई कूड़ा ना डालें और वहां पर फूल, पौधे और गमले लगाए गए हैं । इनकी मॉनिटरिंग करने के लिए एक पर्यावरण मित्र को तैनात किया गया है। इस व्यवस्था को नागरिकों के साथ-साथ मीडिया समूह द्वारा भी बहुत ही अच्छा मानते हुए इसकी खुले मन से प्रशंसा की है।
इसके अलावा नगर निगम देहरादून द्वारा 46 जागरूकता कार्यक्रम करवाए गए जाने हैं, जिसमें से अभी तक 26 कार्यक्रम हो चुके हैं और जिनकी जानकारी भारत सरकार के पोर्टल पर अपलोड कर दी गई है।
इसके अलावा नगर के विभिन्न स्थानों पर नुक्कड़ नाटक, छोटी रैली, जनप्रतिनिधियों को साथ लेकर जनता के साथ संवाद, जागरूकता के जिंगल – बैनर आदि के साथ सघन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

पर्यावरण मित्रों एवं सुपरवाइजर तथा शिवराज व्यवस्था से जुड़े हुए कर्मियों के लिए निगम में 19 सितंबर को एक व्यापक स्वास्थ्य सेवक भी लगाया गया था , जिसमें कई सफाई कर्मियों ने प्रतिभाग किया।

इसी कड़ी में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तथा निगम के दो गौ सदनों में भी स्वच्छता अभियान चलाया गया है। निगम के मुख्य नगर आयुक्त गौरव कुमार (आईएएस) स्वयं इसकी मॉनीटरिंग कर रहे हैं और फील्ड में 08 उच्च अधिकारी इस कार्य में तैनात हैं। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एसपी जोशी , सहायक नगर आयुक्त ने बताया कि 1 अक्टूबर तक सभी कार्यक्रम गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएंगे और 2 अक्टूबर को इसका समापन कार्यक्रम गांधी जयंती के अवसर पर नगर निगम मुख्यालय में आयोजित होगा।

सेंट जोसेफ एकेडमी से नहीं होगी भूमि वापस, सीएम के निर्देश के बाद हुआ निर्णय

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सेंट जोसेफ एकेडमी, देहरादून के भूमि एवं पार्किंग प्रकरण पर सचिव आवास, जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून तथा एमडीडीए के साथ सचिवालय में बैठक की।
बैठक में निर्णय लिया गया है कि सेंट जोसेफ एकेडमी से भूमि वापस नहीं ली जाएगी। इसके साथ ही मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने निर्देश दिए हैं कि सेंट जोसेफ अकादमी द्वारा विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था विद्यालय परिसर के भीतर ही की जाएगी, ताकि मुख्य सड़क पर आमजन को ट्रैफिक की समस्या का सामना ना करना पड़े।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने आवास विभाग को सेंट जोसेफ एकेडमी के लीज नवीनीकरण पर नियमानुसार कार्रवाई के भी निर्देश दिए हैं।

सीएम ने स्वच्छता ही सेवा-2024 कार्यक्रम में किया प्रतिभाग एवं क्रॉस कंट्री मैराथन दौड़ को फ्लैग ऑफ कर किया रवाना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के परेड मैदान में ’स्वच्छता ही सेवा-2024’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया एवं क्रॉस कंट्री मैराथन दौड़ को फ्लैग ऑफ कर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने उपस्थित सभी लोगों को स्वच्छता की शपथ दिलाई एवं ’एक पेड़ मां’ के नाम अभियान के अंतर्गत परेड मैदान परिसर में पौधरोपण भी किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बालिकाओं को किशोरी किट का वितरण भी किया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर विश्वकर्मा पूजन किया और सभी को विश्वकर्मा दिवस की शुभकामनाएं प्रदान की।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके जन्मदिवस पर शुभकामनाएं देते हुए प्रभु से उनके दीर्घायु की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वच्छता के प्रति सजगता, निष्ठा और नेतृत्व हम सबको प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि आज उनके जन्मदिवस के सुअवसर पर हम स्वच्छता पखवाड़े की शुरुआत कर रहे हैं। यह स्वच्छता पखवाड़ा 2 अक्टूबर को संपन्न होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी जी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद स्वच्छ भारत का मिशन शुरू किया था जिसके कारण आज देश के हर व्यक्ति के अंदर स्वच्छता का भाव उत्पन्न हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के ऐतिहासिक और दूरदर्शी विजन ने भारत को स्वच्छता के नए आयामों पर पहुँचाया है। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में देशभर के अंदर करोडों शौचालय का निर्माण हुआ, कचरा प्रबंधन के लिए जरूरी सुविधाओं का विकास किया गया है और स्वच्छता को लेकर आम लोगों में जागरूकता आयी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड भी स्वच्छता के मामले में सराहनीय प्रगति के साथ आगे बढ़ रहा है। उत्तराखंड को वर्ष 2017 में देश का चौथा ओडीएफ राज्य होने का गौरव प्राप्त हुआ। अब तक राज्य में कुल 5 लाख 37 हजार से अधिक शौचालय विहीन परिवारों के लिए शौचालयों का निर्माण किया गया है। इसके अलावा 2600 से भी अधिक स्वच्छता कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया गया है। 9000 से अधिक गांव में ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन का कार्य पूरा किया गया है। 77 विकासखंडों में प्लास्टिक कचरा प्रबंधन की इकाइयां स्थापित कर ली गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि मार्च 2025 तक राज्य के शत प्रतिशत गांव में कचरा प्रबंधन का कार्य शुरू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता के क्षेत्र में नगर निगम देहरादून द्वारा जो प्रयास किये जा रहे हैं वो सराहनीय हैं। नगर निगम द्वारा आमजन की सफाई से सम्बंधित समस्याओं के निराकरण हेतु स्वच्छता कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है जो 24×7 संचालित होता है। इसके अलावा सफाई सुनिश्चित करने के लिए आठ टीमों का गठन करने के साथ ही सीसीटीवी कैमरे से निगरानी जैसे अभिनव प्रयास किये जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार के पर्यावरण मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के अंतर्गत देश के पांच सबसे अच्छे शहरों में हमारे राज्य की राजधानी देहरादून को भी सम्मिलित किया गया है। यह हम सबके लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और स्वच्छता सुनिश्चित करने की दिशा में हम एक अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि इस वर्ष की थीम ’स्वभाव स्वच्छता एवं संस्कार स्वच्छता’ रखी गई है। जिसके जरिये संदेश है कि हम सबको मिलकर आगे बढ़ाना है जिससे जन-जन के स्वभाव और संस्कार में स्वच्छता की भावना आए।

उन्होंने कहा कि स्वच्छता को लेकर हम शासन-प्रशासन के स्तर पर हम प्रयास कर रहे हैं लेकिन यह प्रयास तभी सफल होंगे जब इसमें जनभागीदारी होगी। उन्होंने कहा कि हम सभी को अपने स्तर पर गांव, शहर, मोहल्ले इत्यादि को स्वच्छ बनाने का प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छता को केवल एक दिन का औपचारिक कार्यक्रम न बनाकर बल्कि इसे हमें अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना होगा। उन्होंने कहा कि आज हमने यहां पर पौधरोपण किया है और जो स्वच्छता की शपथ ली है, वो हमारे राज्य को साफ सुथरा और प्रदूषण मुक्त बनाने के हमारे संकल्प को और अधिक मजबूती प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री ने समस्त प्रदेशवासियों का आह्वान किया कि आइए हम सब मिलकर अपने आसपास साफ सफाई की जिम्मेदारी लें और हम एक स्वस्थ व स्वच्छ उत्तराखंड बनाने की दिशा में आगे बढ़ें।

इस अवसर पर शहरी विकास मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि जिस दिन से हमारे स्वभाव में स्वच्छता आ जाएगी, तो उस दिन से प्रदेश भी स्वच्छ हो जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत आज प्रदेशभर में एक हजार से ज्यादा कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकासखंडों के लिए स्वच्छता रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सौरभ बहुगुणा, जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान, विधायक खजान दास, सविता कपूर, उमेश शर्मा काऊ, भरत चौधरी, निवर्तमान मेयर सुनील उनियाल गामा, सचिव शैलेश बगोली, देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल, नगर आयुक्त गौरव कुमार आदि उपस्थित रहे।

केदारनाथ क्षेत्र, उत्तराखंड की आस्था, समृद्ध परंपराओं और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्वितीय संगमः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास, देहरादून में वर्चुअल रूप से रूद्रप्रयाग में आयोजित जागतोली दशज्यूला विकास महोत्सव-2024 कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जागतोली दशज्यूला महोत्सव की सभी को बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि दशज्यूला का यह क्षेत्र सांस्कृतिक, सामाजिक और शैक्षिणिक गतिविधियों का केंद्र एवं प्राचीन परंपराओं, मेलों और सांस्कृतिक धरोहरों के लिए प्रसिद्ध रहा है। इस क्षेत्र की नैणी चोटी पर विराजमान मां नैणी देवी समस्त उत्तराखंड वासियों की रक्षा करती हैं। यह क्षेत्र उत्तराखंड की आस्था, समृद्ध परंपराओं और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्वितीय संगम भी है। पारंपरिक मेले हमारे भीतर धार्मिक ऊर्जा को मजबूत कर हमें हमारी जड़ों से जोड़ते हैं और एकता, समर्पण एवं आस्था की भावना को बढ़ाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा केदार की धरा से कहा था कि 21 वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा। राज्य सरकार प्रधानमंत्री के कथन को चरितार्थ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा राज्य सरकार प्रदेश को आर्थिक, औद्योगिक और सतत विकास के दृष्टिकोण से देश दुनिया में एक अलग पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि केदारनाथ विधानसभा क्षेत्र की पूर्व विधायक स्व. शैला रानी ने इस क्षेत्र के विकास और यहां के लोगों के कल्याण की हमेशा चिंता की। राज्य सरकार उनके सपनों को अवश्य पूरा करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल सहित हर क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत हो रहा है। विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के जरिए प्रदेश के हर वर्ग का जीवन स्तर ऊपर उठाया जा रहा है। केदारनाथ एवं बद्रीनाथ धाम सहित विभिन्न पौराणिक स्थलों के पुनर्निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। केदारनाथ धाम में करीब 2 हजार करोड़ रूपये से अधिक की लागत से पुनर्निमाण कार्य करवाए जा रहे हैं। बद्रीनाथ के मास्टर प्लान पर भी तेजी से कार्य हो रहे हैं। राज्य सरकार चार धाम यात्रा को और अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक बना रही है। उन्होंने कहा बड़ी आपदाओं का सामना करने के बावजूद सरकार समय पर प्रभावित लोगों की हर संभव मदद करने का कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने स्वयं आपदा प्रभावित विभिन्न जगहों पर जाकर वहां की स्थिति का जायजा लिया और स्थानीय लोगों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए अधिकारियों को निर्देश भी दिए। केदारनाथ धाम का पैदल मार्ग भी प्राकृतिक आपदा के चपेट में आने से यात्रा मार्ग में फंसे हर एक श्रद्धालु को सुरक्षित लाया गया। बाबा केदार के आशीर्वाद से ही हजारों लोगों को सकुशल नीचे लाने में कामयाब हुए। राज्य सरकार ने केदारनाथ धाम के मार्गों को ठीक करने एवं यात्रियों की सुरक्षा और भी पुख्ता करने की दिशा में 30 करोड़ रूपए की राशि जारी की है। उन्होंने कहा प्रदेश का हर नागरिक उनका परिवार है और अपने परिवार के किसी भी सदस्य को आपदा में अकेला नहीं छोड़ना उनका संकल्प है। उन्होने कहा केदारनाथ क्षेत्र सहित पूरे प्रदेश में विकास की धारा को अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना ही हमारा संकल्प है।

सीएम ने मिले प्रसून जोशी और अभिनेता अनुपम खेर, फिल्म नीति पर हुई वार्ता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी तथा फिल्म अभिनेता अनुपम खेर ने भेट की। उन्होने प्रदेश में फिल्म निर्माण एवं फिल्मांकन से सम्बधित विभिन्न विषयों तथा प्रदेश में फिल्म निर्माण हेतु राज्य सरकार द्वारा दी जा रही है विभिन्न सुविधाओं पर चर्चा की। उन्होने राज्य की नई फिल्म नीति 2024 को फिल्मों को बढावा देने वाला प्रयास बताते हुए राज्य की फ़िल्म नीति के लिए मुख्यमंत्री पुष्क़र सिंह धामी का आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नई फिल्म नीति से उत्तराखण्ड में फ़िल्मांकन के लिए और अधिक बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश में 2024 की फिल्म नीति को मंजूरी दिये जाने के बाद राज्य के पर्यटन स्थलों को देश दुनिया में नई पहचान मिलेगी। नई फिल्म नीति के तहत स्थानीय फिल्मों के लिए दो करोड रुपए का अनुदान दिया जा रहा है। फिल्मांकन के लिए सिंगल विंडो सिस्टम बनाया गया है ताकि फिल्म निर्माताओं को सुविधा हो। फिल्मों और ओटीटी की शूटिंग पर भी सब्सिडी दी जा रही है। सरकार द्वारा फिल्म उद्योग को उत्साहित करने के लिए कई अन्य योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे कलाकार अपनी प्रतिभा के बल पर फिल्म जगत में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सके इसके भी प्रयास किए जा रहे है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार फ़िल्म निर्माण से जुड़े प्रत्येक क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। फ़िल्म निर्माण से राज्य में प्रत्यक्ष रोज़गार की नयी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा साथ ही राज्य के पर्यटन को नयी मज़बूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि नए शूटिंग डेस्टिनशनों को भी पर्यटन विभाग के सहयोग से चिन्हित कर उनको भी शूटिंग के लिए प्रचारित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है, जिससे फिल्मों के माध्यम से उत्तराखंड के अपेक्षाकृत कम प्रसिद्ध पर्यटक स्थलों का भी प्रचार हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनवरी 2024 से अभी तक उत्तराखण्ड फ़िल्म विकास परिषद के ऑनलाइन अनुमति सिंगल विंडो सिस्टम के द्वारा मात्र 8 महीनों में 150 से भी अधिक शूटिंग अनुमतियों प्रदान की गई है। उन्होने कहा की राज्य के संरक्षित वन क्षेत्र को छोड़कर उत्तराखण्ड सरकार के अधीन आने वाले विभाग फ़िल्म शूटिंग के लिए कोई शुल्क नहीं लेंगे ऐसा फ़िल्म पालिसी में प्रावधान किया गया है। फ़िल्म पालिसी में उत्तराखंड के अनछुए शूटिंग डेस्टिनेशन को बढ़ावा देने का भी प्रावधान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड फ़िल्म नीति 2024 में प्रादेशिक भाषा की फ़िल्मों के लिए फ़िल्म प्रोडक्शन पर प्रदेश में किए गये हुए व्यय का 50 प्रतिशत तक सब्सिडी या अधिकतम 2 करोड़ तक, और हिन्दी और भारतीय संविधान की 8वीं अनुसूची में आने वाली भाषाओं के लिये फ़िल्म प्रोडक्शन पर प्रदेश में किए गये हुए व्यय का 30 प्रतिशत या अधिकतम 3 करोड़ तक के अनुदान प्राविधान किया गया है।

अभिनेता अनुपम खेर ने उत्तराखण्ड फ़िल्म विकास परिषद द्वारा सिंगल विंडो सिस्टम के तहत सरल शूटिंग अनुमति की प्रक्रिया को सराहते हुए, शूटिंग के लिए प्रदेश को संपूर्ण रूप से फ़िल्मकारों के लिए एक फ़िल्म फ्रेंडली डेस्टिनशन बताया। उन्होंने यहाँ फ़िल्म शूटिंग करना बाक़ी प्रदेशों की तुलना में बहुत ही सरल बताया, और स्थानीय लोगो द्वारा की गई सहायता को भी सराहा। उन्होंने नई फिल्म नीति को फ़िल्म निर्माताओं के अनुकूल बताया। फिल्म अभिनेता श्री खेर ने कहा कि उत्तराखण्ड में पिछले कुछ समय से फ़िल्म और वेब सीरीज शूटिंग में तेज़ी आयी है। अभी हाल ही “अनुपम खेर स्टूडियो” की फ़िल्म “तन्वी द ग्रेट” की शूटिंग भी उनके द्वारा लैंसडौन में कि गई जो 36 दिनों में पूर्ण की गई।

इस अवसर उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के सीईओ एवं महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी भी उपस्थित थे।