सीएम धामी ने किया उत्तराखंड अनन्य सम्मान कार्यक्रम में प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक होटल में उत्तराखंड अनन्य सम्मान कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शहीद सैनिकों के परिजनों को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि शहीदों के परिजनों का संघर्ष, पीड़ा और देश के प्रति अटूट निष्ठा हम सभी के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा देवभूमि उत्तराखंड वीरभूमि के रूप में भी जाना जाता है। प्रदेश के लगभग प्रत्येक परिवार का सदस्य सेना या अर्ध सैनिक बलों से जुड़ा हुआ है। उत्तराखंड के वीर सपूतों ने अपने प्राणों की बाजी लगाकर मातृभूमि की रक्षा की है।

मुख्यमंत्री ने कहा वे स्वयं एक फौजी के बेटे हैं , इसलिए उनके हृदय में शहीदों और उनके परिवारों के प्रति हमेशा से गहरी संवेदनशीलता, सम्मान और समर्पण की भावना रही है। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार ने शहीदों की वीरता और बलिदान को नमन करते हुए शहीदों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि को 10 लाख रुपए से बढ़ाकर 50 लाख रुपए किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा सेना में परमवीर चक्र से लेकर मेन्सन इन डिस्पैच तक सभी वीरता पुरस्कारों से अंलकृत सैनिकों को दी जाने वाली एकमुश्त तथा वार्षिक धनराशि में भी अभूतपूर्व वृद्धि की है। बलिदानियों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी में समायोजित करने का भी निर्णय लिया है और सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने की अवधि को भी 2 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रदेश में बलिदानियों के आश्रितों के लिए नौकरी पूर्व प्रशिक्षण तथा पुत्री विवाह अनुदान जैसी योजनाएँ भी संचालित कर रहे हैं। राज्य में वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों और पूर्व सैनिकों हेतु सरकारी बसों में यात्रा की निःशुल्क व्यवस्था करने के साथ ही सेवारत व पूर्व सैनिकों हेतु 25 लाख रुपए की सम्पत्ति की खरीद पर स्टाम्प ड्यूटी में 25 प्रतिशत की छूट भी प्रदान की जा रही है। पूर्व सैनिकों एवं वीर नारियों को भी अचल सम्पत्ति की खरीद पर स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत तक की छूट देने की व्यवस्था की है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, देहरादून के गुनियाल गांव में भव्य सैन्य धाम का निर्माण करवा रही है। जो प्रत्येक उत्तराखंडी के लिए एक पावन स्थल होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में सैनिकों का मनोबल बढ़ाने के साथ सेना को अत्याधुनिक संसाधनों से युक्त भी किया जा रहा है। देश रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। कई देशों को रक्षा उपकरणों और संसाधनों का निर्यात भी कर रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत रक्षा सामग्री का निर्यात करने वाले शीर्ष देशों की सूची में शामिल हो गया है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक उमेश शर्मा काऊ, मैनेजिंग एडिटर जी न्यूज राहुल सिन्हा एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

नारी, बाल निकेतन महत्वपूर्ण संस्थान, बेसहारा महिलाओं और बच्चों के लिए जरूरी है अतिरिक्त समर्थनः डीएम बंसल

जिलाधिकारी सविन बंसल ने केदारपुरम अवस्थित राजकीय नारी निकेतन, बालिका निकेतन, बाल गृह एवं शिशु सदन का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने सबसे पहले परिसर का भ्रमण किया और यहां पर आवास, सुरक्षा, भोजन, स्वास्थ्य, साफ, सफाई एवं शौचालय संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। निकेतन में निवासरत महिलाओं, बालिकाओं एवं अधिकारियों से यहां की आवश्यकताओं और समस्याओं की जानकारी ली।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि संस्थान में निवासरत महिलाओं, बालक एवं बालिकाओं को सुरक्षित, स्वच्छ और अनुकूल वातावरण मिल सके, इसके लिए अधिकारी नियमित मॉनिटरिंग करना सुनिश्चित करें। इस दौरान जिलाधिकारी ने बढ़ती ठंड को देखते हुए निकेतन की महिलाओं, बालिकाओं और शिशुओं को स्वायटर, टोपी इत्यादि गर्म कपडे प्रदान करते हुए मिठाई बांटी। केदारपुरम स्थित निकेतन में 173 बेसहारा, परित्यक्त व शोषित महिलाएं निवासरत है। वहीं बालिका निकेतन में 19 और बाल गृह व शिशु सदन 23 बच्चे रह रहे है। जिन्हें सामाजिक सुरक्षा, आश्रय और अन्य सुविधाएं प्रदान की जा रही है।

जिलाधिकारी ने कहा कि नारी निकेतन, बालिका निकेतन, बाल गृह एवं शिशु सदन हमारे बहुत महत्वपूर्ण संस्थान है। यहां पर बेसहारा, परित्यक्त, शोषित व खास वर्ग के महिलाएं व बच्चे रहते है, जिनको मुख्यधारा मे लाने के लिए अतिरिक्त देखभाल और सलाह की आवश्यकता रहती है। ये लोग किसी न किसी सदमे से प्रभावित हुए है। एक्सपर्ट की मदद से इनको सदमे से बाहर लाते हुए इनके व्यवहार में परिवर्तन कर मुख्यधारा में लाया जा रहा है। निकेतन में इन्फ्रास्ट्रेक्चर, सीवर लाइन, डोरमेट्री से लेकर जो भी आवश्यकताएं है, उसको जिला प्लान और खनन न्यास से पूरा किया जा रहा है। निकेतन की महिलाओं और बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच से लेकर संतुलित डाइट भी सुनिश्चित की जा रही है। जिलाधिकारी ने कहा कि निकेतन में निवासरत बेसहारा एवं शोषित महिलाओं व बच्चों को मुख्यधारा में जोड़ने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे है। जिलाधिकारी ने कहा कि पिछले निरीक्षण के दौरान निकेतन में डोर मैट्री भवन स्वीकृत किया गया था, जिसका निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है और अगले दो महीनों के भीतर भवन निकेतन को विधिवत् समर्पित किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने कहा कि बालिका निकेतन में निवासरत बालिकाओं के सर्वागीण विकास के लिए खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों निर्देश दिए कि बालिका निकेतन परिसर में एक समुचित खेल मैदान का निर्माण किया जाए। कहा कि खेल मैदान का डिजाइन इस तरह से तैयार किया जाए जिसमें खो-खो, कबड्डी, बैडमिंटन और योग गतिविधियां हो सके। वहीं जिलाधिकारी ने ठंड को ध्यान में रखते हुए शिशु निकेतन के सभी कमरों में ऑयल हीटर लगाने के भी निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने नारी निकेतन की सुरक्षा व्यवस्थाओं और सुदृढ़ करने के लिए नारी निकेतन में दो अतिरिक्त होमगार्ड की तैनाती तुरंत प्रभाव से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ मुख्य चिकित्सा अधिकारी को नारी निकेतन में दो अतिरिक्त नर्सों की नियुक्ति करने और निकेतन के लिए तैनात डॉक्टर को नियमित रूप से निकेतन का विजिट सुनिश्चित कराने को कहा। ताकि महिलाओं की समय-सयम पर स्वास्थ्य जांच हो सके। जिलाधिकारी ने कहा कि निकेतन में बालिकाओं और शिशुओं के समुचित स्वास्थ्य परीक्षण, पोषण स्थिति की जांच तथा समय-समय पर आवश्यक उपचार उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिया कि आरबीएसके टीम नियमित अंतराल पर निकेतन पहुंचकर बच्चों का संपूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण करे और किसी भी बीमारी या कमी की पहचान कर त्वरित उपचार व आवश्यक रेफरल की व्यवस्था सुनिश्चित करे। इस दौरान जिलाधिकारी ने नारी निकेतन में महिलाओं व बच्चों के आधार कार्ड बनाने के लिए 11 मोबाइल फोन और सिम की मौके पर ही स्वीकृति प्रदान की।

जिलाधिकारी ने नारी निकेतन परिसर का निरीक्षण करते हुए ग्रामीण निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्माणाधीन अतिरिक्त भवन के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि नारी निकेतन में रहने वाली महिलाओं, बालिकाओं एवं शिशुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसलिए निर्माण कार्य में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अतिरिक्त भवन तैयार होने से नारी निकेतन की क्षमता और सुविधाओं में महत्वपूर्ण सुधार होगा।

नारी निकेतन में काउंसलिंग कक्ष के समक्ष शौचालय व स्नानागार, डायनिंग एरिया के शौचालय सुदृढीकरण, मंदिर के चारों ओर ग्रिल कार्य, जिम और प्रयोगात्मक क्षेत्र का समतलीकरण, छत मरम्मत, अलमीरा, रसोई के पीछे फर्स, लॉडरी रूम व नए भवन के पीछे फैसिंग, आलम्बन भवन के मुख्य द्वार का अनुरक्षण, डबल बैटर इनवर्टर लगाने को काम किया जा रहा है। वहीं बालिका निकेतन में अधीक्षक का कार्यालय, स्टोर कक्ष, आंगन, आधुनिक किचन, खिडकियों पर सरिया, गेट, लोहे के दरवाजे, डबल बैटरी इन्वर्टर, समर सेविल हेतु विद्युत संयोजन, भण्डारण कक्ष, छत व फर्स मरम्मत, टिन शेड का काम चल रहा है। शिशु व बाल गृह में कक्ष का पार्टीशन, शौचालय, स्टोर रूम, पार्क के तीनों तरफ सीढियां, तीनों संस्थान को जोड़ने का रास्ता, पार्किंग, फैंसिंग, परिसर में स्थायी मंच निर्माण सहित बच्चों के लिए 20 रजाई, 10 लोहे के बैड, 10 डबल गद्दे आदि काम किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था को संचालित सभी कार्याे को जल्द से जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए।

इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, उप जिलाधिकारी सदर हरिगिर, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, सहायक निदेशक सूचना बद्री चंद, एसीएमओ डा वंदना सेमवाल, अध्यक्ष बाल कल्याण समिति नमिता ममगाई आदि सहित ग्रामीण निर्माण विभाग व पेयजल के अधिकारी मौजूद थे।

अभाविप के अधिवेशन में पहुंचकर सीएम धामी ने किया पदाधिकारियों का स्वागत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज परेड ग्राउण्ड, देहरादून में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद 71 वें राष्ट्रीय अधिवेशन में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रो. यशवंत राव केलकर युवा पुरुस्कार से गोरखपुर के श्रीकृष्ण पांडेय को सम्मानित भी किया। उन्होंने कहा कि पांडेय ने ‘बाल भिक्षावृत्ति निर्मूलन, ‘निस्सहाय मनोरोगियों की सेवा’ तथा ‘कारागार बंदियों के पुनर्वास’ की दिशा में कार्य करते हुए सामाजिक उत्तरदायित्व का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।

मुख्यमंत्री ने देशभर से आये अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारियों का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले वे भी विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता के रूप में विद्यार्थियों के बीच सक्रिय रूप से कार्य करते थे। उन अनुभवों ने उन्हें नेतृत्व और संगठन की समझ देने के साथ ही समाज सेवा के प्रति प्रतिबद्धता को भी मजबूत किया। वे मूल्य और आदर्श उनके जीवन की आधारशिला की तरह हैं, उन्हें प्रतिदिन अनुशासन के साथ सेवा पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का यह राष्ट्रीय अधिवेशन कोई साधारण आयोजन नहीं है, बल्कि राष्ट्रनिर्माण के पवित्र यज्ञ के प्रति समर्पित ऊर्जावान युवाओं का महासंगम है।

मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि इस मंच से निकलने वाले विचार और संकल्प राष्ट्र निर्माण की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होंगे और देश के विकास और सामाजिक प्रगति को नई दिशा प्रदान करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि 1949 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का निर्माण हुआ, देश एक नए युग की ओर बढ़ रहा था। ऐसे समय में राष्ट्र निर्माण, समाज सुधार और सांस्कृतिक जागरण के लिए एक संगठित, जागरूक, संस्कारित और राष्ट्रवादी छात्रशक्ति की आवश्यकता थी। यह संगठन 77 वर्षों से व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण का कार्य करता आ रहा है। विद्यार्थी परिषद राष्ट्र के सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षिक और वैचारिक क्षेत्रों में भी व्यापक परिवर्तन लाने वाली अग्रणी शक्ति बनकर उभरा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की युवा शक्ति हमारे राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी है, जो अपने परिश्रम, प्रतिभा और संकल्प के बल पर सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के स्वप्न को साकार करने की क्षमता रखती है। इस ऊर्जा को सही दिशा और मार्गदर्शन से देश पुनः विश्व गुरु के रूप में स्थापित होगा। इस ऊर्जा का सही दिशा में उपयोग करके ही हम एक भारत, श्रेष्ठ भारत के सपने को साकार कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवा शक्ति को राष्ट्र शक्ति मानकर विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में निरन्तर कार्य किये जा रहा है। आज स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, फिट इंडिया और नई शिक्षा नीति जैसी अनेक योजनाओं के माध्यम से युवाओं को उनकी प्रतिभा और क्षमता के अनुसार अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के अध्यक्ष प्रो. रघुराज किशोर तिवारी, महामंत्री डॉ. वीरेन्द्र सिंह सोलंकी एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

धामी कैबिनेट में इन सात अहम बिंदुओं पर हुआ फैसला, आप भी जानिए…

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट की अहम बैठक हुई। सचिवालय में होने वाली इस बैठक में लोक निर्माण विभाग, शिक्षा, आवास व वित्त विभाग समेत अन्य विभागों से जुड़े विषयों पर निर्णय लिए गए। बैठक में कुल 10 प्रस्ताव आए, जिनमें से सात को मंजूरी दी गई। इस दौरान पूर्व मंत्री दिवाकर भट्ट को कैबिनेट ने दी श्रद्धांजलि। दो मिनट का मौन रखा गया।

ये हैं अहम प्रस्‍ताव
1- उत्तराखंड में मानव वन्य जीव संघर्ष में मृतक के स्वजनों को अब मिलेगी 10 लाख रुपए की अनुग्रह राशि। पहले यह थी छह लाख। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप वन्यजीवों के हमले में घायलों के उपचार का पूरा खर्च उठाएगी सरकार।

2- दुकानों, प्रतिष्ठानों में कार्यरत महिलाओं को रात्रि पाली में रात्रि 9 बजे से सुबह 6 बजे तक कार्य करने को मंजूरी। लेकिन, महिला कर्मियों को लिखित में देनी होगी सहमति।

3- देहरादून शहर में सार्वजनिक प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने नियो मेट्रो के विकल्प के तौर पर ईबीआरटीएस (एलिवेटेड बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) की तरफ कदम बढ़ाए हैं। केंद्रीय आवासन मंत्रालय द्वारा सुझाए गए प्रस्ताव को किया जाएगा शामिल।

4-अभियोजन विभाग के नए ढांचे को दी गई मंजूरी, कुल 86 पद स्वीकृत करने को मंजूरी।

5-ऊर्जा निगम के वार्षिक प्रतिवेदन को विधानसभा की पटल पर रखने को मंजूरी।

6- पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के वार्षिक प्रतिवेदन को विधानसभा की पटल पर रखने को मंजूरी।

7- दुकान अवस्थापना अधिनियम में संशोधन को मंजूरी। केंद्रीय श्रम सहिता को किया अंगीकृत।

मुख्य सचिव ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को लेकर की बैठक

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में देहरादून स्मार्ट सिटी लिमिटेड की उच्च स्तरीय संचालन समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान स्मार्ट सिटी के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कर निर्णय लिया गया।

मुख्य सचिव ने ग्रीन बिल्डिंग निर्माण में हो रही देरी पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि ग्रीन बिल्डिंग, स्मार्ट सिटी का फ्लैगशिप प्रोजेक्ट था। मुख्य सचिव ने ग्रीन बिल्डिंग निर्माण कार्य अगले 6 माह में पूर्ण कराए जाने हेतु जिलाधिकारी / सीईओ स्मार्ट सिटी को निर्देशित किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था सीपीडब्ल्यूडी को भी 3 शिफ्ट में कार्य कराए जाने हेतु निर्देशित किया गया। उन्होंने कहा कि अगले 6 माह में प्रत्येक कार्य की टाईमलाईन निर्धारित कर लगातार मॉनिटरिंग की जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि देहरादून स्मार्ट सिटी के अंतर्गत चलायी जा रही 30 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का कार्य परिवहन निगम द्वारा किया जाए। उन्होंने वीएमडी (एलईडी स्क्रीन) एवं पर्यावरण सेंसर को नगर निगम को हस्तांतरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को आईटीडीए के अंतर्गत ही संचालित किया जाएगा।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव नितेश कुमार झा, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, जिलाधिकारी देहरादून एवं सीईओ स्मार्ट सिटी सविन बंसल, अपर सचिव डॉ. इकबाल अहमद, एमडी परिवहन रीना जोशी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

गुरू तेगबहादुर साहिब के बलिदान दिवस पर मुख्यमंत्री धामी ने रेसकोर्स गुरुद्वारा में सुने शबद कीर्तन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री गुरु तेगबादुर साहिब जी के 350वें बलिदान दिवस पर रेसकोर्स स्थित गुरुद्वारा में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने श्री गुरुद्वारा साहिब में मत्था टेकने के साथ ही शबद कीर्तन भी सुना।

तत्पश्चात उन्होंने श्री गुरुद्वारा साहिब रेसकोर्स के पदाधिकारियों से भेंट की, इस मौके पर पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने संगतों के बीच लंगर सेवा भी दी। मुख्यमंत्री ने गुरु तेग बहादुर जी को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि धर्म, मानवीय मूल्यों एवं सिद्धांतों की रक्षा के लिए प्राणों की आहुति देने वालों में श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी का स्थान अद्वितीय है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी ने लोगों को प्रेम, एकता, भाईचारे का संदेश दिया। उनके बलिदान से हमें आपसी एकता एवं सद्भाव की प्रेरणा मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री हेमकुंड साहिब जाने के लिए गोविंदघाट – हेमकुंड साहिब रोपवे बनाया जा रहा है, जिससे सिख तीर्थयात्रियों की यात्रा सुगम हो जाएगी। इसी के साथ अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों के समस्त लाभ सिख समाज तक भी पहुंचाए जा रहे हैं। इस मौके पर गुरुद्वारा साहिब प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष बलवीर सिंह साहनी, सचिव राजिंदर पाल सिंह चंडोक, भाजपा महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल उपस्थित हुए।

आईएसबीटी देहरादून में गंदगी देख सीएम लगाया झाडू, बोले अगली बार आऊंगा तो नहीं दिखनी चाहिए गंदगी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज दोपहर अचानक सचिवालय से सीधे आईएसबीटी देहरादून पहुंचकर वहाँ की व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री के अचानक पहुँचने से प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप की स्थिति बन गई। उन्होंने परिसर में स्वच्छता, यात्रियों की सुविधा, संचालन व्यवस्था और परिवहन प्रबंधन का बारीकी से निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कई स्थानों पर फैली गंदगी को देखकर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आईएसबीटी जैसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं झाड़ू उठाकर सफाई भी की और अधिकारियों को संदेश दिया कि स्वच्छता अभियान केवल कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग और एमडीडीए के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आईएसबीटी परिसर की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। हर स्थान पर स्वच्छता संबंधी सूचना-पट लगाए जाएँ, यात्रियों को प्रदूषण, कचरा और धूल से मुक्त वातावरण मिले, यह सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी को विशेष रूप से निर्देश दिए कि आईएसबीटी में स्वच्छता और व्यवस्था सुधारने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर तत्काल क्रियान्वयन किया जाए।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने बसों की संचालन व्यवस्था, टिकट काउंटर, प्रतीक्षालय, पेयजल सुविधाओं, शौचालयों, दुकानों और सुरक्षा व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड एक प्रमुख पर्यटन एवं तीर्थ राज्य है, जहां प्रतिवर्ष करोड़ों की संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु आते हैं। इसलिए बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और परिवहन केंद्रों पर उच्च स्तरीय स्वच्छता और सुविधा व्यवस्था प्रदेश की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने आईएसबीटी में मौजूद यात्रियों से भी मुलाकात की, उनका हालचाल जाना और उनसे फीडबैक लिया। उन्होंने यात्रियों से पूछा कि यात्रा के दौरान उन्हें किन समस्याओं का सामना करना पड़ता है और यहाँ की व्यवस्था में और क्या सुधार किए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रियों के सुझाव ही हमारी व्यवस्था सुधारने का बड़ा आधार होते हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शीघ्र ही पूरे प्रदेश में जनसहभागिता आधारित एक व्यापक स्वच्छता अभियान शुरू करने जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि अगली बार निरीक्षण के दौरान आईएसबीटी की सभी व्यवस्थाएँ पूरी तरह दुरुस्त दिखनी चाहिए, अन्यथा जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान परिवहन विभाग और एमडीडीए के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन के पहले सत्र में जल, जमीन, जंगल पर अहम चर्चा

प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेेलन का पहला सत्र जल, जंगल, जमीन के संरक्षण की परम आवश्यकता पर केंद्रित रहा। इस मौके पर जोर देते हुए कहा गया कि उत्तराखंड की सबसे बड़ी खूबसूरती जल, जंगल और जमीन से जुड़ी है। जोर देते हुए कहा गया कि जीडीपी तय करते हुए एक पैमाना यह भी होना चाहिए कि संबंधित क्षेत्र की पारिस्थितिकी प्रगति किस तरह की रही है।

दून विश्वविद्यालय में आयोजित इस सम्मेलन के पहले सत्र में हेस्को संस्था के संस्थापक पदम भूषण डा. अनिल जोशी ने कहा कि देश का कोई कोना हो या विश्व की कोई अन्य जगह, पारिस्थितिकी और विकास के बीच संतुलन की चर्चा केंद्र में है। हिमालयी प्रदेश होने के कारण हमारे यहां तो यह चर्चा और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहा कि दोनों के बीच संतुलन अति आवश्यक है, क्योंकि आज पारिस्थितिकी संकट गहराने लगा है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से जीडीपी तय करते वक्त औद्योगिक विकास, रोजगार समेत अन्य पैमानों पर ध्यान दिया जाता है, उसमें पारिस्थितिकी प्रगति का भी मूल्यांकन जरूरी है।

यूएनडीपी के स्टेड हेड प्रदीप मेहता ने कहा कि यह जरूरी है कि हम परंपरागत कृषि करें, लेकिन परिस्थिति और सुविधाओं के अनुरूप उसमें बदलाव किया जाना भी आवश्यक है। वन विभाग के पूर्व पीसीसीएफ और आईआईटी रूड़की की फैकल्टी डा. कपिल जोशी ने कहा कि निसंदेह हिमालयी क्षेत्रों में विकास हुआ है, लेकिन यह समीक्षा होनी भी जरूरी है कि उससे पारिस्थितिकी तंत्र पर कितना असर पड़ा है। उन्होंने अपनी बात के समर्थन में आंकडे़ भी प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि चाहे तापमान हो, बारिश हो या पारिस्थितिकी से जुड़ी अन्य कोई बात, आंकडे़ बता रहे हैं कि उनमें बहुत ज्यादा चरम स्थिति दिख रही है, जो कि ठीक नहीं है।

वन विभाग की पीसीसीएफ और यूकेएफडीसी की एमडी नीना ग्रेवाल ने कहा कि प्राकृतिक संपदा का उतना ही इस्तेमाल जरूरी है, जितने की आवश्यकता है। उन्होंने अपने संबोधन में वनों पर आधारित रोजगार, ईको-टूरिज्म की आवश्यकता पर जोर दिया। एटरो रीसाइक्लिंग प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ नितिन गुप्ता ने कहा कि ई-वेस्ट कोे रिसाइकल करके हम इस समस्या को अवसर में बदल सकते हैं।

इस सत्र के कोऑर्डिनेटर वन विभाग के पीसीसीएफ डा. एसपी सुबुद्धि ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सरकार के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने प्रवासी उत्तराखंडियों की ओर से उठाए गए सवालों का भी जवाब दिया। प्रवासी उत्तराखंडियों में डा. मायाराम उनियाल, रामप्रकाश पैन्यूली, सतीश पांडेय और राजेंद्र सिंह ने सुझाव दिए।

गुरूनानक जयंती पर सीएम ने गुरू सिंह सभा गुरूद्वारे में टेका माथा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुनानक जयंती एवं कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा रेसकोर्स में मथा टेका। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों व विशेष रूप से सिख समुदाय को हार्दिक शुभकामनाएं दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री गुरु नानक देव ने समाज की बुराइयों को दूर करने के लिए अपने उपदेशों एवं शिक्षा के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। उनका जीवन हमें समाज में भाईचारा, सद्भाव एवं आपसी एकता को बढावा देने की प्रेरणा देता है।

सीएम ने सरदार पटेल को दी श्रद्धांजलि, यूनिटी मार्च वॉकथॉन का भी किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लौह पुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल जी की जयंती के अवसर पर घंटाघर में उनकी मूर्ति पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी एवं एकता पदयात्रा का शुभारंभ कर उसमें प्रतिभाग भी किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वदेशी अपनाने और नशा मुक्त उत्तराखंड की शपथ भी दिलाई।

मुख्यमंत्री ने भारत के लौह पुरुष, भारत रत्न, सरदार वल्लभभाई पटेल को नमन करते हुए कहा कि उनके अदम्य साहस, दूरदर्शिता और राष्ट्र समर्पण की भावना के कारण ही आज भारत एक शक्तिशाली और एकीकृत राष्ट्र के रूप में खड़ा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल का सम्पूर्ण जीवन देश की एकता और अखंडता को समर्पित था। उन्होंने 560 से अधिक रियासतों को एक सूत्र में पिरो कर अखंड भारत का निर्माण किया। ऐसे महापुरुष के योगदान को नमन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 से उनकी जयंती को ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया, जो उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि राज्यभर में 16 नवंबर तक प्रत्येक जिले के तीन स्थानों पर वॉकथॉन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। प्रत्येक आयोजन स्थल पर 8 से 10 किलोमीटर की पदयात्रा के साथ नशा मुक्त भारत, एक पेड़ मां के नाम तथा आत्मनिर्भर भारत जैसे जन-जागरूकता अभियानों को भी जोड़कर समाज में सकारात्मक संदेश देने का कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वॉकथॉन केवल एक दौड़ नहीं, बल्कि भारत की विविधता में एकता की भावना को सशक्त करने का माध्यम है। इससे युवाओं में राष्ट्र निर्माण, अनुशासन, और सेवा की भावना प्रबल होगी।उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे सरदार पटेल के आदर्शों को आत्मसात करते हुए एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना को साकार करने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के लक्ष्य की दिशा में राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने आह्वान किया कि राज्य के सभी नागरिक एकजुट होकर इस संकल्प को साकार करने में अपना योगदान दें।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, गणेश जोशी, रेखा आर्या, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजानदास, सविता कपूर, अन्य जनप्रतिनिधिगण, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल एवं एसएसपी अजय सिंह मौजूद थे।