डोईवाला में सीएम ने मेधावी छात्राओं को दी पांच-पांच हजार की सम्मान राशि


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समाज सेवी स्व. मांगेराम अग्रवाल की 18 वीं पुण्यतिथि के अवसर पर हर ज्ञान चन्द सरस्वती शिशु विद्या मंदिर डोईवाला द्वारा आयोजित विचार गोष्ठी में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने शिशु विद्या मंदिर के परिसर में पौधा रोपण करने के साथ ही कोरोना काल में सराहनीय सहयोग के लिये कई चिकित्सकों एवं समाज सेवियों को सम्मानित किया। उन्होंने इस अवसर पर मेधावी छात्राओं को सम्मान स्वरूप 5-5 हजार की धनराशि प्रदान की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 85 गरीब परिवारों को राशन किट भी वितरित किये।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्व. मांगे राम अग्रवाल ने अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए समाज सेवा के माध्यम से समाज को नई दिशा दी। उन्होंने समाज को संस्कारित शिक्षा देने का भी महत्वपूर्ण कार्य किया। उन्होंने कहा कि अपने लिये तो सभी जीते हैं लेकिन समाजहित के लिये जीना बड़ी बात है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर डोईवाला स्थित केशव बस्ती में भव्य प्रवेश द्वार एवं स्व. मांगेराम की मूर्ति स्थापित करने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने हरेला पर्व से पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को प्रेरित करने के लिये उनसे भेंट के दौरान फूलों के गुलदस्ते के बजाय पौधे भेंट करने की अपील की है। वे स्वयं भी जब किसी से भेंट करते हैं तो पौधे भेंट कर रहे हैं। उन्होंने सभी से कम से कम 10 पेड़ लगाने की अपील करते हुए कहा कि इससे हम पर्यावरण को संरक्षित करने में सफल होंगे।

उन्होंने कहा कि इस कोरोना काल ने हमें बहुत कुछ सिखाया है। अभी कोरोना का प्रभाव कम जरूर हुआ है, लेकिन समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सभी को निःशुल्क वैक्सीन लगाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। आज ही केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने उन्हें फोन पर अवगत कराया गया है कि शीघ्र ही उत्तराखण्ड को आवश्यकता के अनुसार वैक्सीन उपलब्ध करा दी जायेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भी उत्तराखण्ड से आध्यात्मिक एवं भावनात्मक लगाव है। अभी हाल ही में प्रधानमंत्री से हुई भेंट के दौरान उन्होंने राज्य के विकास के लिये सभी आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया गया है। राज्य को पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध कराने के निर्देश प्रधानमंत्री द्वारा भी दिये गये थे। मुख्यमंत्री ने सभी से कोरोना मानकों का पालन करने तथा टीका लगाने की अपेक्षा करते हुए कहा कि हम सबके समाज हित के लिये कार्य करने का संकल्प लेना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने का हमारा प्रयास है यही हमारा भाव भी है, इसके लिये भी उन्होंने सभी से सहयोग की अपेक्षा की।

विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल ने कहा कि उनके पिता स्व. मांगे राम अग्रवाल समाज सेवा के साथ ही बच्चों को संस्कारित शिक्षा देने पर बल देते रहे। उनका मानना था कि संस्कार युक्त शिक्षा ही व्यक्ति को बेहतर इंसान बनाती है। उन्होंने कहा कि उनका परिवार अपने पिता के सिद्धांतों का अनुकरण कर आगे बढ़ा है। उनके परिवार के बच्चे सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में ही पढ़ाई कर समाज सेवा के क्षेत्र में आगे बढ़े हैं।

आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि ने कहा कि उत्तराखण्ड ऋषि मुनियों की तपस्थली रही है। जीवन दायिनी अनेक जड़ी बूटियों की यह जननी है। योग, यज्ञ, ध्यान, जप एवं परमार्थिक प्रवृत्तियां परमात्मा की प्रवृत्ति है। इस देव भूमि में सांस्कृतिक चेतना का प्रसार करने में अनेक समाज सेवी आगे आये हैं। उन्होंने भी स्व. मांगेराम अग्रवाल को सांस्कृतिक चेतना तथा संस्कारवान शिक्षा का प्रसार करने वाला समाज सेवी बताते हुए विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल व उनके परिवार को अपने पिता के आदर्शों पर चलने के लिये शुभकामना दी। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिये पौधारोपण को जरूरी बताते हुए कहा कि वृक्ष का सब कुछ दूसरों के हित के लिये ही होता है।

आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को युवा श्रेष्ठ व शालीन व्यक्तित्व का धनी बताते हुए शुभकामना दी कि उनके कुशल नेतृत्व में उत्तराखण्ड का नई चेतना के साथ समग्र विकास होगा। डोईवाला नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा मनवान ने सभी का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर जिन्हें सम्मानित किया गया उनमें डॉ. के.एस. भण्डारी, डा सुनील सैनी, डॉ शीश कण्डवाल, डॉ अमित अग्रवाल, डॉ. वी. के. एस. संजय, डॉ आर बी जोशी, मानवेन्द्र कण्डारी आदि प्रमुख थे। मेधावी छात्राओं में 10 वीं की छात्रा सोनम भारती, रंजना रावत तथा इंटर की छात्रा निकिता रावत शामिल थी।

उत्तराखंडः मुख्यमंत्री ने सुनी आम जन सहित विभिन्न संगठनों की समस्याएं


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने तीन दिवसीय उधम सिंह नगर भ्रमण के दौरान खटीमा स्थित फाइबर अतिथि गृह में जन समस्या निवारण कार्यक्रम में आम जनता से सीधे संवाद किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सामाजिक, धार्मिक, बार एसोसिएशन, उद्योग बन्धु, पार्टी कार्यकर्ता, किसान, पूर्व सैनिक, व्यापारिक बन्धु व विभिन्न संगठनों से भी संवाद कर उनकी समस्या सुनी।

मुख्यमंत्री ने सभी का अभिवादन करते हुए कहा कि आप सभी के प्यार व आशीर्वाद से जो जिम्मेदारी सौंपी है उसे हम सबको मिलकर निभाना होगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार उत्तराखंड को एक अच्छा मॉडल बनाना चाहती है, जहाँ सभी प्रकार का वातावरण अनुकूल हो जिसमे उद्योग, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार आदि से परिपूर्ण हो। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार नो पेंडेंसी पर कार्य करेगी। जिसके लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जो कार्य जिस स्तर का हो उसका उसी स्तर पर तत्काल निस्तारण करना सुनिश्चित करें, आवेदन पत्र किसी भी दशा में लम्बित नहीं रहने चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी अधिकारी के स्तर पर कोई लापरवाही प्रकाश में आई तो सम्बन्धित की जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी।

उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा उत्तराखंड में उद्योगों को स्थापित करने हेतु जो पैकेज दिए थे उनके कारण ही आज उत्तराखंड में व्यापक स्तर उद्योग स्थापित हुए हैं। उन्होंने कहा कि उद्योगों की समस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता पर किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने आम जनता के द्वारा भव्य स्वागत करने पर सभी का अभिवादन करते हुए कहा कि जिस प्रकार से मेरा स्वागत किया गया है उसके लिए अभिवादन करने के लिए मेरे पास कोई शब्द नहीं है जिसके लिए मैं सबका आभार व्यक्त करता हूँ। उन्होंने कहा कि 2027 तक उत्तराखंड को शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, कृषि, परिवहन, उद्योग आदि समस्त क्षेत्रों में पूरे देश में प्रथम स्थान पर लाना है, जिसके लिए आप सबका सहयोग अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि हम सबको मिलकर यह सपना साकार करना होगा। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक सामान्य परिवार के व्यक्ति को मुख्य सेवक बनाया है उस दायित्व को सबके सहयोग से पूर्ण करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो घोषणाएं व शिलान्यास की गई है उनको प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाएगा। मैं आपका बेटा, भाई हूॅ, उत्तराखंड का चहुमुखी विकास करने के लिए प्रयास करूँगा।

कार्यक्रम भाजपा के जिला अध्यक्ष शिव अरोड़ा की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। मौके पर जिले के प्रभारी मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, सीएमडी फाइबर लि0 डॉ आरसी रस्तोगी, विधायक प्रेम सिंह राणा, राजेश शुक्ला, मण्डलायुक्त सुशील कुमार, आईजी अजय रौतेला, जिलाधिकारी रंजना राजगुरु, मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु खुराना आदि उपस्थित थे।

सीएम ने किच्छा में बस अड्डे के निर्माण का शिलान्यास किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अतिथि गृह ऐनेक्सी पन्तनगर परिसर में पौधारोपण कर चेस फॉर इण्डिया कार्यक्रम में प्रतिभाग किया व साईकिल चला कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। उन्होने खिलाड़ियो को उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाऐं दी। तदोपरान्त पं. गोविन्द वल्लभ पंत की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धाजंलि दी।

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने पन्तनगर से स्वागत रथ पर सवार होकर नगला में स्वागत व अभिनन्दन कार्यक्रम में शिरकत की। कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री का फूल मालाओं से जोरदार स्वागत किया। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने कनकपुर में शहीद अमर देव बहादुर समृति द्वार का लोकार्पण किया व राजकीय इण्टर कॉलेज, कनकपुर का नाम शहीद के नाम पर रखने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने शहीद के पिता शेर बहादुर, माता लक्ष्मी देवी को हर सम्भव मदद करने का आश्वासन दिया। उन्होने अपने स्वागत रथ से आगे बढ़ते हुए नारायणपुर तिराहा पर स्थित स्वतंत्रता संग्राम सैनानी स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित करते हुए उन्हे नमन किया। इसी क्रम में लालपुर होते हुए किच्छा पहुंचकर आदित्य चैक पर सौन्दर्यीकरण का लोकार्पण व बण्डिया (खुर्पिया फार्म) किच्छा में बस अड्डे के निर्माण का शिलान्यास किया।

इसके बाद सीएम का स्वागत रथ सितारगंज-नानकमत्ता के लिए आगे बढ़ा। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ता व आम जन में भारी उत्साह दिखाई दिया। जगह-जगह मुख्यमंत्री का ढोल-नगाड़ों, फूल-मालाओं, गुलाल आदि से भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सबका अभिवादन किया। मुख्यमंत्री ने नानकमत्ता डेरा साहिब पहुंचे, जहां डेरा प्रमुख बाबा तरसेम सिंह द्वारा उनका मुकुट पहनाकर स्वागत किया इसके पश्चात गुरूद्वारा साहिब में उन्होने माथा टेक कर प्रदेश के अमन चैन व खुशहाली की कामना की। जहां गुरूद्वारा प्रमुख ने मुख्यमंत्री को सरोपा व समृति चिन्ह भेंट किया।

इस अवसर पर जनपद प्रभारी मंत्री यतिश्वरानन्द, अध्यक्ष वन विकास निगम सुरेश परिहार, विधायक राजकुमार ठुकराल, राजेश शुक्ला, सौरभ बहुगुणा, डा. प्रेम सिंह राणा, जिलाध्यक्ष शिव अरोड़ा, सचिव मुख्यमंत्री शैलैश बगोली, मण्डलायुक्त सुशील कुमार, आईजी अजय रौतेला, जिलाधिकारी रंजना राजगुरू, मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु खुराना, अपर जिलाधिकारी उत्तम सिंह चैहान, जगदीश चन्द्र काण्डपाल, उत्तराखण्ड ओलम्पिक खेल के सचिव डॉ. डीके सिंह आदि मौजूद थे।

पर्यटन को पटरी पर लाने को 200 करोड़ की घोषणा को लेकर सीएम से मिले परिवहन व्यवसायी, जताया अभार

स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शिष्टाचार भेंट की। स्पीकर ने राज्य में कोविड-19 से प्रभावित पर्यटन और चार धाम यात्रा से संबंधित गतिविधियों से जुड़े लोगों के लिए 200 करोड़ के राहत पैकेज की घोषणा किये जाने को लेकर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। मौके पर परिवहन व्यवसाय से जुड़े विभिन्न संगठनो के लोगों ने भी स्पीकर के संग मुख्यमंत्री से भेंटकर फूलमाला पहनाकर उनका आभार व्यक्त किया।

अवगत करा दें कि 9 जुलाई को स्पीकर ने मुख्यमंत्री से भेंट कर राज्य के परिवहन एवं पर्यटन से जुड़े व्यवसायियों को राहत पहुंचाने के संबंध में चर्चा वार्ता की थी। स्पीकर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने उनकी बात को गंभीरता से लेते हुए परिवहन व्यवसायियों को राहत पहुंचाने का कार्य किया है। भेंटवार्ता के दौरान परिवहन व्यवसायियों ने मुख्यमंत्री एवं स्पीकर को पौधे भेंटकर एवं शाल ओढ़ाकर सम्मानित भी किया।

स्पीकर ने कहा कि 200 करोड़ के राहत पैकेज से निश्चित रूप से राज्य में पर्यटन, होटल, परिवहन, पोर्टर समेत पर्यटन की अन्य गतिविधियों से जुड़े व्यवसायियों के साथ ही सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को राहत मिलेगी। कहा कि तीर्थाटन एवं पर्यटन उत्तराखंड राज्य की आर्थिक रीढ़ है, इस राहत सहायता से राज्य के लगभग लाखों लोगों को उनके बैंक खाते के माध्यम से सीधे राहत मिल सकेगी। स्पीकर ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि उत्तराखंड राज्य के गठन के उपरांत दिये जाने वाला अब तक का किसी भी सरकार द्वारा सर्वाधिक राहत पैकेज है।

इस अवसर पर स्पीकर ने मुख्यमंत्री से विभिन्न विषयों पर वार्ता करते हुए विशेषतौर पर उत्तराखंड में चारधाम यात्रा को सुचारू रूप से प्रारंभ किए जाने की अनुमति के लिए गंभीरता से विचार किये जाने की बात कही। कहा कि चारधाम के कपाट खुले हुए काफी समय हो चुका है परंतु चारधाम यात्रा की अनुमति न मिलने से जहॉ एक और लाखों श्रद्धालु गण दर्शन से वंचित हो रहे हैं वहीं दूसरी ओर तीर्थाटन से जुड़े लाखों कारोबारियों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।

इस अवसर पर यातायात और पर्यटन विकास सहकारी संघ लिमिटेड के अध्यक्ष मनोज ध्यानी, रूपकुंड पर्यटन कंपनी के अध्यक्ष भोपाल सिंह नेगी, टीजीएमओसी के उपाध्यक्ष यशपाल राणा, यातायात संघ के संचालक मनोहर सिंह रौतेला, जीएमओ के पर्यटन अधिकारी अनिल वरगली, मोटर मजदूर संघ के सदस्य जगदीश नौटियाल, ऋषिकेश टूर ट्रेवल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश बहुगुणा, यातायात संघ के संचालक योगेश उनियाल, अरुण बडोनी आदि उपस्थित थे।

जिलाधिकारियों को सीएम का निर्देश, जिलों में ही जन समस्याओं का करें निराकरण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद उत्तरकाशी के आपदाग्रस्त क्षेत्रों के भ्रमण के बाद मीडियाकर्मियों से वार्ता की। कहा कि राज्य सरकार आपदा पीड़ितों के साथ हैं। प्रदेश में आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों के लिए सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं। आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के भी निर्देश जिलाधिकारियों को दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक परेशान न होना पड़े। यह सुनिश्चित करने के निर्देश जिलाधिकारियों को दिये गये हैं। जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये गये हैं कि जन समस्याओं का समाधान जिलों में ही करना सुनिश्चित किया जाय। उन्होंने कहा कि जिलों की समस्यायें यदि शासन स्तर पर प्राप्त होगी तो इसके लिए सम्बंधित अधिकारी उतरदायी माना जायेगा। उन्होंने कहा कि आपदा के समय त्वरित समाधान करना हमारे लिये जरूरी है इसकी निरंतर समीक्षा की जा रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश में कोविड-19 के कारण विभिन्न पर्यटक गतिविधियों एवं चारधाम यात्रा की व्यवस्था में कार्यरत व्यक्तियों एवं उनके व्यवसाय पर सर्वाधिक प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। वर्तमान में चारधाम की यात्रा एवं अन्य पर्यटक स्थलों के बन्द होने की वजह से होटल व्यवसाय, परिवहन व्यवसाय पोटर एवं अन्य गतिविधियाँ लगभग ठप्प हैं। विषम आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद राज्य सरकार ऐसे क्षेत्रों में कार्यरत व्यवसायरत व्यक्तियों के बैंक खाते में सीधे धनराशि हस्तान्तरित करेगी। इसके अतिरिक्त विभिन्न व्यवसायिक गतिविधियों हेतु लाईसेंस शुल्क आदि पर भी छूट प्रदान की जायेगी। इससे लगभग 01 लाख 64 हजार लाभार्थी व परिवार लाभान्वित होंगे। इसके लिए लगभग 200 करोड़ की व्यवस्था की गई हैं। इस पैकेज से पर्यटन क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों को मदद मिलेगी एवं राज्य की आर्थिकी में भी तेजी आयेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस राहत एवं सहायता के अंतर्गत पर्यटन विभाग एवं अन्य विभागों में पंजीकृत पर्यटन व्यवसाय की विविध गतिविधियों के संचालन में संलग्न व्यक्तियों को 2000 रूपए प्रतिमाह की दर से 06 माह तक आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी, जिसके तहत 50,000 लाभार्थी लाभान्वित होंगे। उत्तराखण्ड पर्यटन यात्रा व्यवसाय नियमावली के अन्तर्गत पंजीकृत टुअर ऑपरेटरों एवं एडवेंचर टुअर ऑपरेटरों को 10,000 रूपए की दर से आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी जायेगी, जिससे 655 लाभार्थियों को इसका लाभ प्राप्त होगा। कुल पंजीकृत 630 रीवर गाईडस को रूपये 10,000 की दर से आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी जायेगी।

टिहरी झील के अन्तर्गत पंजीकृत कुल 93 बोट संचालकों को रूपये 10,000 की दर से आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी जायेगी। पर्यटन विभाग में पंजीकृत और लाईसेंस नवीनीकरण शुल्क से छूट प्रदान की जायेगी, जिसमें 600 लाभार्थी लाभान्वित होंगे। कुल 301 पंजीकृत राफ्टिंग एवं एयरों स्पोर्टस सेवा प्रदाताओं को लाईसेंस नवीनीकरण शुल्क में छूट दी जाएगी।

टिहरी झील के अन्तर्गत कुल 98 बोट संचालकों को नवीनीकरण में वित्तीय वर्ष 2021-22 हेतु नवीनीकरण शुल्क से छूट प्रदान की जायेगी। परिवहन विभाग के अन्तर्गत सार्वजनिक सेवायानों के चालक, परिचालक व क्लीनर को 2000 रूपए की मासिक दर से कुल 06 माह आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी। इससे 103235 लाभार्थियों को योजना का लाभ प्राप्त होगा।

शहरी विभाग के अन्तर्गत नैनीताल जनपद के अन्तर्गत नैनी, नौकुचियाताल, भीमताल, सातताल एवं सडियाताल में पंजीकृत कुल 549 बोट संचालकों को रू० 10,000.00 की दर से आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी। शहरी विभाग के अन्तर्गत नैनीताल जनपद में नैनी झील के अन्तर्गत बोट नवीनीकरण शुल्क में 671 लाभार्थियों हेतु वित्तीय वर्ष 2021-22 में छूट प्रदान की जायेगी।

सांस्कृतिक दलों का 2000 रूपए प्रतिमाह की प्रोत्साहन धनराशि 05 माह तक दी जायेगी। इससे 6500 लाभार्थियों को लाभ मिलेगा। वन विभाग के अन्तर्गत ट्रैकिंग एवं पीक फीस पर छूट प्रदान की जायेगी। नैनीताल जनपद के अन्तर्गत नौकुचियाताल, भीमताल, सातताल एवं सडियाताल के अन्तर्गत बोट नवीनीकरण हेतु कुल 329 लाभार्थियों को शुल्क में वित्तीय वर्ष 2021-22 हेतु छूट प्रदान की जायेगी। वित्त विभाग के अन्तर्गत वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली एवं दीनदयाल उपाध्याय होमस्टे योजना हेतु ऋण पर 06 माह के लिये ब्याज प्रतिपूर्ति सहायता प्रदान की जायेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में उत्तराखण्ड चारधाम देवस्थानम् बोर्ड अधिनियम 15 जून, 2020 के गैजेट में अधिसूचित होने पर अस्तित्व में आया है। अधिनियम के अंतर्गत रावल, पंडे, पुजारी, हक-हकूकधारी, स्थानीय हितधारकों के पारंपरिक, धार्मिक एवं आर्थिक अधिकारों को सुरक्षित रखने की बात रहने के बावजूद भी इन पवित्र धामों के कतिपय हितधारकों के मन में संशय एवं अनिश्चितता प्रतीत होती है।

उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा उत्तराखण्ड राज्य के लिए आर्थिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण है एवं उससे राज्य के सभी वर्गों का हित व विकास जुड़ा है। उनका मानना है कि इस आर्थिक गतिविधि को नए आयाम देते हुए स्थानीय उद्देश्य व्यवसायियों एवं हक-हकूकधारियों के हकों को प्रतिकूल प्रभाव ना पढ़ने देने के उद्देश्य से कोई भी नई व्यवस्था को खरा उतरना होगा। अतः सर्व हितधारकों से प्रभावी विचार-विमर्श के उपरान्त राज्य सरकार सकारात्मक परिवर्तन-संशोधन करने के पक्ष में है। अतः इस अधिनियम से हुई व्यवस्था परिवर्तन से हितधारकों पर हुए परिणामों का आंकलन करने और व्यवस्था विचलन के विधिक परिणामों के आकलन हेतु एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया जा रहा है। समिति की संस्तुति के आधार पर चारधाम देवस्थानम् बोर्ड की व्यवस्था के संदर्भ में अग्रिम निर्णय लिया जायेगा।

सीएम ने किया उत्तरकाशी के आपदा ग्राम क्षेत्रों का भ्रमण, गदेरे के दोनों और बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य करने के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी जिले के आपदा प्रभावित मांडो व कंकराडी गांव का स्थलीय भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने मांडो गांव पहुंचकर आपदा से हुए नुकसान की जानकारी प्राप्त की और आपदा प्रभावितों का हालचाल जाना। मुख्यमंत्री ने आपदा में मृतक लोगों के परिजनों से मिलकल शोकाकुल परिजनों को सांत्वना दी तथा ढांढस बंधाया। उन्होंने आपदा प्रभावितों को हर संभव मदद का भरोसा दिया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ग्रामीणों की मांग पर माण्डो गांव के विस्थापन की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश डीएम को दिए हैं। वहीं जल्द भू-वैज्ञानिक सर्वे कराने के बाद विस्थापन की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मृतक के पति देवानन्द भट्ट सर्प जोगत गांव में बेसिक स्कूल में अध्यापक है उनकी माता अनपूर्णा देवी द्वारा उनका स्थानान्तरण जिला मुख्यालय की नजदीकी स्कूल में करने की मांग की। मुख्यमंत्री ने तत्काल उनका स्थानांतरण जिला मुख्यालय में करने के निर्देश डीएम को दिए। मांडो गांव के बाद मुख्यमंत्री कंकराड़ी गांव पहुंचे। जहां उन्होंने मृतक सुमन के परिजनों से मुलाकात की और शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी। और हर सम्भव मदद का भरोसा दिया।


मुख्यमंत्री ने आपदा पीड़ितों को आपदा राहत की मद से रूपये 04 लाख के अतिरिक्त 01 लाख रूपये की आर्थिक सहायता मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से दिये जाने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने प्रभावित गांवों के विस्थापन, क्षतिग्रस्त पुलों व आन्तरिक मार्गों के शीघ्र निर्माण के निर्देश भी जिलाधिकारी को दिये।

इस दौरान काबीना व जिला प्रभारी मंत्री गणेश जोशी, प्रभारी सचिव मुख्यमंत्री एसएन पांडे, जिलाध्यक्ष भाजपा रमेश चैहान, ब्लाक प्रमुख शैलेंद्र कोहली, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एसपी मणिकांत मिश्रा, सीडीओ गौरव कुमार आदि मौजूद थे।

प्रदेश में अतिवृष्टि से हुए नुकसान की सीएम ने जुटाई जानकारी


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र का आकस्मिक निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में अतिवृष्टि से हुए नुकसान की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने राज्य आपदा परिचालन केन्द्र में ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और कार्मिकों को राज्य में आपदा की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिये। आपदा से संबंधित किसी भी घटना की जानकारी तुरंत उच्चाधिकारियों को दी जाए। आपदा की स्थिति में क्विक रेस्पोंस सुनिश्चित किया जाए। इस अवसर पर सचिव आपदा प्रबंधन एसए मुरूगेशन व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

उत्तराखंडः परिवहन निगम के कर्मियों के वेतन को 34 करोड़ रूपए स्वीकृत


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड परिवहन निगम के कर्मचारियों के वेतन आदि के लिए 34 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों के हितों के प्रति संवेदनशील है। उनकी समस्त समस्याओं का समाधान करने के लिये राज्य सरकार तत्पर है।

गौरतलब है कि कोरोना के कारण बसों का संचालन न होने से परिवहन निगम को घाटा होने से उसके कर्मचारियों को वेतन भुगतान नहीं हो पा रहा था। 14 जुलाई को हुई कैबिनेट बैठक में इस पर व्यापक विचार विमर्श किया गया और परिवहन निगम के कर्मचारियों के वेतन इत्यादि विषय के संबंध में सहायता के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया था।

इसी क्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड परिवहन निगम के कर्मचारियों के वेतन आदि के लिए 34 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की है।

जनता दर्शन हाल में सीएम ने प्रदेश की भावी योजनाओं पर डाला प्रकाश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित जनता दर्शन हॉल में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि उत्तराखण्ड को 2027 तक पर्यटन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाया जाएगा। पर्यटन एवं ऊर्जा की दिशा में राज्य सरकार द्वारा विशेष प्रयास किये जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सड़क एवं रेल परियोजनाओं के कार्यों में और तेजी लाई जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके मार्गदर्शन से राज्य में विभिन्न निर्माण कार्य तेजी से हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही प्रदेश के 06 हजार गांव इंटरनेट कनेक्टिविटी से जोड़े जाएंगे। दिल्ली में केंद्रीय रेलवे एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री से इस संबंध में वार्ता हुई। ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन के कार्यों एवं टनकपुर बागेश्वर ब्रॉडगेज रेलवे लाइन के सर्वे में तेजी लाने के लिए भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कोविड के दृष्टिगत राज्य में कांवड़ यात्रा को स्थगित किया गया है। प्रदेश की जनता का हित सरकार की पहली प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि टीकाकरण के लिए जो लोग क्राइटेरिया में आते हैं, उनका अगले तीन चार माह में प्रदेश में शत प्रतिशत कोविड टीकाकरण किया जाएगा।

सीएम की अध्यक्षता में हुई उत्तराखण्ड चार धाम देवस्थानम् प्रबन्धन बोर्ड की बैठक, लिए अहम निर्णय


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में उत्तराखण्ड चारधाम देवस्थानम प्रबन्धन बोर्ड की तीसरी बैठक आयोजित हुई। बैठक में बोर्ड के वर्ष 2021-22 के बजट को अनुमोदित किया गया। इसके साथ ही जोशीमठ में श्री बद्रीनाथ वेद वेदांग स्नात्तकोतर संस्कृत महाविद्यालय जोशीमठ की अध्यासन वाली भूमि पर वेद अध्ययन केन्द्र स्थापित किये जाने का भी निर्णय लिया गया। बैठक में बोर्ड द्वारा धार्मिक मान्यताओं को देखते हुए श्री बद्रीनाथ, श्री केदारनाथ, गंगोत्री एवं यमुनोत्री मन्दिरों के गर्भगृह से सजीव प्रसारण न किये जाने का भी सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।

बैठक में श्री केदारनाथ धाम में पूजाध्यात्रा व्यवस्था के सफल संचालन हेतु मास्टर प्लान के अनुसार आधारभूत संरचनाओं का निर्माण कार्य सम्पादित करने हेतु कन्सलटेंट चयनित किये जाने पर भी सहमति दी गई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि चारधाम स्थित मन्दिरों में पुरानी परम्परायें चलती रहेगी। राज्य सरकार का कार्य मन्दिर की आन्तरिक व्यवस्थाओं पर अधिकार करना नही बल्कि सहयोग करना है। हमारा उद्देश्य मन्दिर परिसरों की सुविधाओं के विकास में सहयोगी बनना है। उन्होंने सभी सदस्यों से इस सम्बन्ध में सभी को अवगत कराने की भी अपेक्षा की है। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में सभी सम्बन्धित लोगों से वार्ता भी की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा संचालित न होने की दशा में आवश्यकता पड़ने पर बोर्ड को अतिरिक्त वित्तीय सहायता दिये जाने पर भी विचार किया जायेगा, इसके लिये मुख्यमंत्री ने संशोधित प्रस्ताव प्रेषित करने को कहा।

बैठक में आयुक्त गढ़वाल एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी उत्तराखण्ड चारधाम देवस्थानम बोर्ड रविनाथ रमन ने बोर्ड के कार्यकलापों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021-22 में श्री बद्रीनाथ देवस्थानम हेतु 24.46 करोड़, श्री केदारनाथ देवस्थानम के लिये 29.92 करोड़ तथा गंगोत्री एवं यमुनोत्री के लिये 50-50 लाख का बजट प्रस्तावित है जिसे बोर्ड द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है।
बैठक में पर्यटन मंत्री तथा उपाध्यक्ष चारधाम देवस्थानम बोर्ड सतपाल महाराज, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. सन्धु, सचिव दिलीप जावलकर, अपर सचिव वित वी षणमुगम, बोर्ड के सदस्यों में महाराजा मनुजेन्द्र शाह, निवास पोस्ती, आशुतोष डिमरी, गोविन्द सिंह पंवार, कृपाराम सेमवाल, जयप्रकाश उनियाल तथा महेन्द्र शर्मा उपस्थित थे।

इस अवसर पर अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी देवस्थानम प्रबन्धन बोर्ड वीडी सिंह, वित नियन्त्रक जगत सिंह बिष्ट, डॉ. हरीश गौड, अनिल ध्यानी, प्रमोद नौटियाल, कुलदीप नेगी आदि उपस्थित थे।