जिलाधिकारियों को सीएम का निर्देश, जिलों में ही जन समस्याओं का करें निराकरण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद उत्तरकाशी के आपदाग्रस्त क्षेत्रों के भ्रमण के बाद मीडियाकर्मियों से वार्ता की। कहा कि राज्य सरकार आपदा पीड़ितों के साथ हैं। प्रदेश में आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों के लिए सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं। आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के भी निर्देश जिलाधिकारियों को दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक परेशान न होना पड़े। यह सुनिश्चित करने के निर्देश जिलाधिकारियों को दिये गये हैं। जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये गये हैं कि जन समस्याओं का समाधान जिलों में ही करना सुनिश्चित किया जाय। उन्होंने कहा कि जिलों की समस्यायें यदि शासन स्तर पर प्राप्त होगी तो इसके लिए सम्बंधित अधिकारी उतरदायी माना जायेगा। उन्होंने कहा कि आपदा के समय त्वरित समाधान करना हमारे लिये जरूरी है इसकी निरंतर समीक्षा की जा रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश में कोविड-19 के कारण विभिन्न पर्यटक गतिविधियों एवं चारधाम यात्रा की व्यवस्था में कार्यरत व्यक्तियों एवं उनके व्यवसाय पर सर्वाधिक प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। वर्तमान में चारधाम की यात्रा एवं अन्य पर्यटक स्थलों के बन्द होने की वजह से होटल व्यवसाय, परिवहन व्यवसाय पोटर एवं अन्य गतिविधियाँ लगभग ठप्प हैं। विषम आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद राज्य सरकार ऐसे क्षेत्रों में कार्यरत व्यवसायरत व्यक्तियों के बैंक खाते में सीधे धनराशि हस्तान्तरित करेगी। इसके अतिरिक्त विभिन्न व्यवसायिक गतिविधियों हेतु लाईसेंस शुल्क आदि पर भी छूट प्रदान की जायेगी। इससे लगभग 01 लाख 64 हजार लाभार्थी व परिवार लाभान्वित होंगे। इसके लिए लगभग 200 करोड़ की व्यवस्था की गई हैं। इस पैकेज से पर्यटन क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों को मदद मिलेगी एवं राज्य की आर्थिकी में भी तेजी आयेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस राहत एवं सहायता के अंतर्गत पर्यटन विभाग एवं अन्य विभागों में पंजीकृत पर्यटन व्यवसाय की विविध गतिविधियों के संचालन में संलग्न व्यक्तियों को 2000 रूपए प्रतिमाह की दर से 06 माह तक आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी, जिसके तहत 50,000 लाभार्थी लाभान्वित होंगे। उत्तराखण्ड पर्यटन यात्रा व्यवसाय नियमावली के अन्तर्गत पंजीकृत टुअर ऑपरेटरों एवं एडवेंचर टुअर ऑपरेटरों को 10,000 रूपए की दर से आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी जायेगी, जिससे 655 लाभार्थियों को इसका लाभ प्राप्त होगा। कुल पंजीकृत 630 रीवर गाईडस को रूपये 10,000 की दर से आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी जायेगी।

टिहरी झील के अन्तर्गत पंजीकृत कुल 93 बोट संचालकों को रूपये 10,000 की दर से आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी जायेगी। पर्यटन विभाग में पंजीकृत और लाईसेंस नवीनीकरण शुल्क से छूट प्रदान की जायेगी, जिसमें 600 लाभार्थी लाभान्वित होंगे। कुल 301 पंजीकृत राफ्टिंग एवं एयरों स्पोर्टस सेवा प्रदाताओं को लाईसेंस नवीनीकरण शुल्क में छूट दी जाएगी।

टिहरी झील के अन्तर्गत कुल 98 बोट संचालकों को नवीनीकरण में वित्तीय वर्ष 2021-22 हेतु नवीनीकरण शुल्क से छूट प्रदान की जायेगी। परिवहन विभाग के अन्तर्गत सार्वजनिक सेवायानों के चालक, परिचालक व क्लीनर को 2000 रूपए की मासिक दर से कुल 06 माह आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी। इससे 103235 लाभार्थियों को योजना का लाभ प्राप्त होगा।

शहरी विभाग के अन्तर्गत नैनीताल जनपद के अन्तर्गत नैनी, नौकुचियाताल, भीमताल, सातताल एवं सडियाताल में पंजीकृत कुल 549 बोट संचालकों को रू० 10,000.00 की दर से आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी। शहरी विभाग के अन्तर्गत नैनीताल जनपद में नैनी झील के अन्तर्गत बोट नवीनीकरण शुल्क में 671 लाभार्थियों हेतु वित्तीय वर्ष 2021-22 में छूट प्रदान की जायेगी।

सांस्कृतिक दलों का 2000 रूपए प्रतिमाह की प्रोत्साहन धनराशि 05 माह तक दी जायेगी। इससे 6500 लाभार्थियों को लाभ मिलेगा। वन विभाग के अन्तर्गत ट्रैकिंग एवं पीक फीस पर छूट प्रदान की जायेगी। नैनीताल जनपद के अन्तर्गत नौकुचियाताल, भीमताल, सातताल एवं सडियाताल के अन्तर्गत बोट नवीनीकरण हेतु कुल 329 लाभार्थियों को शुल्क में वित्तीय वर्ष 2021-22 हेतु छूट प्रदान की जायेगी। वित्त विभाग के अन्तर्गत वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली एवं दीनदयाल उपाध्याय होमस्टे योजना हेतु ऋण पर 06 माह के लिये ब्याज प्रतिपूर्ति सहायता प्रदान की जायेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में उत्तराखण्ड चारधाम देवस्थानम् बोर्ड अधिनियम 15 जून, 2020 के गैजेट में अधिसूचित होने पर अस्तित्व में आया है। अधिनियम के अंतर्गत रावल, पंडे, पुजारी, हक-हकूकधारी, स्थानीय हितधारकों के पारंपरिक, धार्मिक एवं आर्थिक अधिकारों को सुरक्षित रखने की बात रहने के बावजूद भी इन पवित्र धामों के कतिपय हितधारकों के मन में संशय एवं अनिश्चितता प्रतीत होती है।

उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा उत्तराखण्ड राज्य के लिए आर्थिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण है एवं उससे राज्य के सभी वर्गों का हित व विकास जुड़ा है। उनका मानना है कि इस आर्थिक गतिविधि को नए आयाम देते हुए स्थानीय उद्देश्य व्यवसायियों एवं हक-हकूकधारियों के हकों को प्रतिकूल प्रभाव ना पढ़ने देने के उद्देश्य से कोई भी नई व्यवस्था को खरा उतरना होगा। अतः सर्व हितधारकों से प्रभावी विचार-विमर्श के उपरान्त राज्य सरकार सकारात्मक परिवर्तन-संशोधन करने के पक्ष में है। अतः इस अधिनियम से हुई व्यवस्था परिवर्तन से हितधारकों पर हुए परिणामों का आंकलन करने और व्यवस्था विचलन के विधिक परिणामों के आकलन हेतु एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया जा रहा है। समिति की संस्तुति के आधार पर चारधाम देवस्थानम् बोर्ड की व्यवस्था के संदर्भ में अग्रिम निर्णय लिया जायेगा।

सीएम ने किया उत्तरकाशी के आपदा ग्राम क्षेत्रों का भ्रमण, गदेरे के दोनों और बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य करने के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी जिले के आपदा प्रभावित मांडो व कंकराडी गांव का स्थलीय भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने मांडो गांव पहुंचकर आपदा से हुए नुकसान की जानकारी प्राप्त की और आपदा प्रभावितों का हालचाल जाना। मुख्यमंत्री ने आपदा में मृतक लोगों के परिजनों से मिलकल शोकाकुल परिजनों को सांत्वना दी तथा ढांढस बंधाया। उन्होंने आपदा प्रभावितों को हर संभव मदद का भरोसा दिया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ग्रामीणों की मांग पर माण्डो गांव के विस्थापन की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश डीएम को दिए हैं। वहीं जल्द भू-वैज्ञानिक सर्वे कराने के बाद विस्थापन की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मृतक के पति देवानन्द भट्ट सर्प जोगत गांव में बेसिक स्कूल में अध्यापक है उनकी माता अनपूर्णा देवी द्वारा उनका स्थानान्तरण जिला मुख्यालय की नजदीकी स्कूल में करने की मांग की। मुख्यमंत्री ने तत्काल उनका स्थानांतरण जिला मुख्यालय में करने के निर्देश डीएम को दिए। मांडो गांव के बाद मुख्यमंत्री कंकराड़ी गांव पहुंचे। जहां उन्होंने मृतक सुमन के परिजनों से मुलाकात की और शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी। और हर सम्भव मदद का भरोसा दिया।


मुख्यमंत्री ने आपदा पीड़ितों को आपदा राहत की मद से रूपये 04 लाख के अतिरिक्त 01 लाख रूपये की आर्थिक सहायता मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से दिये जाने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने प्रभावित गांवों के विस्थापन, क्षतिग्रस्त पुलों व आन्तरिक मार्गों के शीघ्र निर्माण के निर्देश भी जिलाधिकारी को दिये।

इस दौरान काबीना व जिला प्रभारी मंत्री गणेश जोशी, प्रभारी सचिव मुख्यमंत्री एसएन पांडे, जिलाध्यक्ष भाजपा रमेश चैहान, ब्लाक प्रमुख शैलेंद्र कोहली, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एसपी मणिकांत मिश्रा, सीडीओ गौरव कुमार आदि मौजूद थे।

प्रदेश में अतिवृष्टि से हुए नुकसान की सीएम ने जुटाई जानकारी


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र का आकस्मिक निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में अतिवृष्टि से हुए नुकसान की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने राज्य आपदा परिचालन केन्द्र में ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और कार्मिकों को राज्य में आपदा की स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिये। आपदा से संबंधित किसी भी घटना की जानकारी तुरंत उच्चाधिकारियों को दी जाए। आपदा की स्थिति में क्विक रेस्पोंस सुनिश्चित किया जाए। इस अवसर पर सचिव आपदा प्रबंधन एसए मुरूगेशन व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

उत्तराखंडः परिवहन निगम के कर्मियों के वेतन को 34 करोड़ रूपए स्वीकृत


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड परिवहन निगम के कर्मचारियों के वेतन आदि के लिए 34 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों के हितों के प्रति संवेदनशील है। उनकी समस्त समस्याओं का समाधान करने के लिये राज्य सरकार तत्पर है।

गौरतलब है कि कोरोना के कारण बसों का संचालन न होने से परिवहन निगम को घाटा होने से उसके कर्मचारियों को वेतन भुगतान नहीं हो पा रहा था। 14 जुलाई को हुई कैबिनेट बैठक में इस पर व्यापक विचार विमर्श किया गया और परिवहन निगम के कर्मचारियों के वेतन इत्यादि विषय के संबंध में सहायता के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया था।

इसी क्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड परिवहन निगम के कर्मचारियों के वेतन आदि के लिए 34 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की है।

जनता दर्शन हाल में सीएम ने प्रदेश की भावी योजनाओं पर डाला प्रकाश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित जनता दर्शन हॉल में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि उत्तराखण्ड को 2027 तक पर्यटन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाया जाएगा। पर्यटन एवं ऊर्जा की दिशा में राज्य सरकार द्वारा विशेष प्रयास किये जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सड़क एवं रेल परियोजनाओं के कार्यों में और तेजी लाई जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके मार्गदर्शन से राज्य में विभिन्न निर्माण कार्य तेजी से हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही प्रदेश के 06 हजार गांव इंटरनेट कनेक्टिविटी से जोड़े जाएंगे। दिल्ली में केंद्रीय रेलवे एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री से इस संबंध में वार्ता हुई। ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन के कार्यों एवं टनकपुर बागेश्वर ब्रॉडगेज रेलवे लाइन के सर्वे में तेजी लाने के लिए भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कोविड के दृष्टिगत राज्य में कांवड़ यात्रा को स्थगित किया गया है। प्रदेश की जनता का हित सरकार की पहली प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि टीकाकरण के लिए जो लोग क्राइटेरिया में आते हैं, उनका अगले तीन चार माह में प्रदेश में शत प्रतिशत कोविड टीकाकरण किया जाएगा।

सीएम की अध्यक्षता में हुई उत्तराखण्ड चार धाम देवस्थानम् प्रबन्धन बोर्ड की बैठक, लिए अहम निर्णय


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में उत्तराखण्ड चारधाम देवस्थानम प्रबन्धन बोर्ड की तीसरी बैठक आयोजित हुई। बैठक में बोर्ड के वर्ष 2021-22 के बजट को अनुमोदित किया गया। इसके साथ ही जोशीमठ में श्री बद्रीनाथ वेद वेदांग स्नात्तकोतर संस्कृत महाविद्यालय जोशीमठ की अध्यासन वाली भूमि पर वेद अध्ययन केन्द्र स्थापित किये जाने का भी निर्णय लिया गया। बैठक में बोर्ड द्वारा धार्मिक मान्यताओं को देखते हुए श्री बद्रीनाथ, श्री केदारनाथ, गंगोत्री एवं यमुनोत्री मन्दिरों के गर्भगृह से सजीव प्रसारण न किये जाने का भी सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।

बैठक में श्री केदारनाथ धाम में पूजाध्यात्रा व्यवस्था के सफल संचालन हेतु मास्टर प्लान के अनुसार आधारभूत संरचनाओं का निर्माण कार्य सम्पादित करने हेतु कन्सलटेंट चयनित किये जाने पर भी सहमति दी गई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि चारधाम स्थित मन्दिरों में पुरानी परम्परायें चलती रहेगी। राज्य सरकार का कार्य मन्दिर की आन्तरिक व्यवस्थाओं पर अधिकार करना नही बल्कि सहयोग करना है। हमारा उद्देश्य मन्दिर परिसरों की सुविधाओं के विकास में सहयोगी बनना है। उन्होंने सभी सदस्यों से इस सम्बन्ध में सभी को अवगत कराने की भी अपेक्षा की है। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में सभी सम्बन्धित लोगों से वार्ता भी की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा संचालित न होने की दशा में आवश्यकता पड़ने पर बोर्ड को अतिरिक्त वित्तीय सहायता दिये जाने पर भी विचार किया जायेगा, इसके लिये मुख्यमंत्री ने संशोधित प्रस्ताव प्रेषित करने को कहा।

बैठक में आयुक्त गढ़वाल एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी उत्तराखण्ड चारधाम देवस्थानम बोर्ड रविनाथ रमन ने बोर्ड के कार्यकलापों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021-22 में श्री बद्रीनाथ देवस्थानम हेतु 24.46 करोड़, श्री केदारनाथ देवस्थानम के लिये 29.92 करोड़ तथा गंगोत्री एवं यमुनोत्री के लिये 50-50 लाख का बजट प्रस्तावित है जिसे बोर्ड द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है।
बैठक में पर्यटन मंत्री तथा उपाध्यक्ष चारधाम देवस्थानम बोर्ड सतपाल महाराज, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. सन्धु, सचिव दिलीप जावलकर, अपर सचिव वित वी षणमुगम, बोर्ड के सदस्यों में महाराजा मनुजेन्द्र शाह, निवास पोस्ती, आशुतोष डिमरी, गोविन्द सिंह पंवार, कृपाराम सेमवाल, जयप्रकाश उनियाल तथा महेन्द्र शर्मा उपस्थित थे।

इस अवसर पर अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी देवस्थानम प्रबन्धन बोर्ड वीडी सिंह, वित नियन्त्रक जगत सिंह बिष्ट, डॉ. हरीश गौड, अनिल ध्यानी, प्रमोद नौटियाल, कुलदीप नेगी आदि उपस्थित थे।

हरेला पर्व पर सीएम ने एमडीडीए सिटी पार्क में किया पौधारोपण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सहस्त्रधारा हेलीपैड के निकट एम.डी.डी.ए सिटी पार्क में पौधारोपण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड का लोकपर्व हरेला सम्पन्नता, हरियाली एवं पर्यावरण संरक्षण का पर्व है। यह पर्व हमारी सांस्कृतिक धरोहर एवं परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। वृक्षारोपण का कार्यक्रम केवल सरकारी कार्यक्रम तक ही सीमित न रहे। इसे जन -जन का कार्यक्रम बनाने के लिए लोगों को जागरूक किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पौधारोपण के साथ ही उनका संरक्षण हो इस ओर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनता से आग्रह किया कि मुख्यमंत्री से भेंट के लिए लोग बुके न दें। बुके की जगह पर पौधा भेंट करें। प्रदेश में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण हो हरेला पर्व पर हमें यह संकल्प लेना है। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों द्वारा प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए अनेक सराहनीय प्रयास किए गए। हमारी भावी पीढ़ी को हरा भरा उत्तराखंड मिले, इस दिशा में हमें लगातार प्रयास करने होंगे। जल स्रोतों के सूखने पर मुख्यमंत्री ने चिन्ता जताते हुए कहा कि जल स्रोतों के पुनर्जीवन की दिशा में प्रयास करने होंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड संस्कृति और प्रकृति का केंद्र भी है। उत्तराखंड की धरती से पर्यावरण संरक्षण का संदेश विश्वभर में जाए। पौधारोपण एवं अनेक सामाजिक कार्यों से हम सबको अपना योगदान देना होगा । उत्तराखंड राज्य बनने के बाद यहां के धार्मिक परंपराएं, रीति रिवाज का व्यापक प्रसार हुआ है।

वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि सरकार द्वारा विकास के साथ पर्यावरण संतुलन के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उत्तराखंड का संतुलित विकास हो यह हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कुछ कार्य आत्म संतुष्टि के लिए भी होने चाहिए। प्रकृति के साथ छेड़छाड़ का परिणाम आज सबके सामने है। प्रकृति अनेक रूपों में बदला जरूर लेती है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की धरती लोगों की आस्था का केंद्र है।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनन्द वर्धन, प्रमुख वन संरक्षक राजीव भरतरी, अपर प्रमुख वन संरक्षक ज्योत्सना सिथलिंग, डी.जी.के शर्मा, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष एमडीडीए रणवीर सिंह चैहान आदि उपस्थित थे।

कर्णप्रयाण-गैरसैंण विकास खंडों की सड़कों के संबंध में सीएम से मिले राष्ट्रीय मीडिया टीम के सदस्य

देहरादून। भाजपा की राष्ट्रीय मीडिया टीम के सदस्य सतीश लखेड़ा ने उत्तराखंड सदन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से कर्णप्रयाग-गैरसैंण विकास खंडों की सड़कों के संबंध में चर्चा की और इस आशय का उन्हें पत्र सौंपा। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि वे शीघ्र इन सड़कों का संज्ञान लेंगे।

सतीश लखेड़ा ने कहा कि अनेक सड़कों के लिए लंबे समय से जन आंदोलन चल रहे हैं और वे आज भी विकास से कोसों दूर हैं। कुछ सड़कें विभिन्न अनापत्तियों के कारण शासन में रुकी हुई हैं। कुछ सड़कों के लिए समस्त औपचारिकताएं तो हो गई है किंतु धन जारी नहीं हुआ है अतः प्राथमिकता से जनहित में इन सभी पर शीघ्र कार्य किया जाना आवश्यक है।

सतीश लखेड़ा ने कर्णप्रयाग विकासखंड के ग्वाड़ से धनपुर मोटर मार्ग, सिन्द्रवाणी से सकण्ड मोटर मार्ग तथा उमट्टा दृ बरसाली- मैखुरा मार्ग के निर्माण हेतु मुख्यमंत्री धामी का ध्यान दिलाया।

सतीश लखेड़ा ने कहा निरंतर जनप्रतिनिधियों, संस्थाओं और मीडिया द्वारा भी इन मार्गों पर सरकार का ध्यान आकृष्ट किया गया है। उन्होंने गैरसैण विकासखण्ड के खेतगधेरा से केड़ा-पंडाव मार्ग, कण्ड से बूराखोली मार्ग, खेती- रंडोली- बेनीताल मार्ग के शीघ्र निर्माण का अनुरोध किया साथ ही मालकोट से सेरा तेवाखर्क मार्ग आंदोलन के बारे में बताया और इस मार्ग की उपयोगिता के बारे में बताया। उन्होंने मैखोली- खिनसर- अक्षवाड़ा मोटर मार्ग, कोठा बैंड से दमदड़ मोटर मार्ग के शीघ्र निर्माण हेतु मुख्यमंत्री धामी से अनुरोध किया।

उन्होंने कहा कि जिन मार्गों पर संपूर्ण औपचारिकताएं हो चुकी है उनका प्राथमिकता से निर्माण प्रारंभ किया जाए। जिनकी शासन में अनापत्तियों को लेकर फाइल रुकी है, इस हेतु अधिकारियों को निर्देश दिए जाएं और नई सड़कों के लिए शीघ्र ही सर्वे करके धन आवंटित किया जाए।

80 आक्सीजन कंसन्ट्रेटर को सीएम ने दिखाई हरी झंडी


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीएम कैम्प कार्यालय में आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम में 80 आक्सीजन कन्सन्ट्रेटर राज्य के 09 जनपदों के लिए रवाना किए। आईसीआईसीआई फाउन्डेशन द्वारा राज्य के ग्रामीण व अर्ध शहरी क्षेत्रों के लिए ये 80 आक्सीजन कन्सन्ट्रेटर राज्य सरकार को उपलब्ध करवाए गए हैं।

देहरादून, नैनीताल, उत्तरकाशी, अल्मोड़ा, चमोली, पौड़ी गढ़वाल, पिथौरागढ़, रूद्रप्रयाग और टिहरी जिलों में ये आक्सीजन कन्सन्ट्रेटर भेजे गए हैं। मुख्यमंत्री ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सम्मिलित प्रयासों से कोविड से लड़ाई में जीत हासिल की जा सकती है। पिछले कुछ समय में कोविड संक्रमण के मामलों में कमी आई है, परंतु अभी भी पूरी सावधानी व सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। कोविड की तीसरी लहर की सम्भावनाओं को देखते हुए राज्य सरकार ने पूरी तैयारी की है। हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर को लगातार मजबूत किया जा रहा है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, मेयर सुनील उनियाल गामा, आईसीआईसीआई फाउंडेशन के अध्यक्ष सौरभ सिंह, आईसीआईसीआई बैंक के मनीष मेहरोत्रा, अशोक मिगलानी आदि उपस्थित थे।

सीएम ने पौधादान कार्यक्रम में किया प्रतिभाग, हरेला पर्व पर प्रकृति के संरक्षण का लें संकल्प

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार रोड, देहरादून स्थित एक स्थानीय वेडिंग प्वाइंट में हरेला पर्व पर आयोजित पौधादान कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। उन्होंने विधायकगणों एवं अन्य गणमान्यों को पौधारोपण हेतु पौधे दिये और लोगों को अधिक से अधिक पौधारोपण के लिए प्रेरित करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 16 जुलाई को उत्तराखण्ड में हरेला पर्व मनाया जाता है। प्रकृति के संरक्षण के उद्देश्य से उत्तराखण्ड में हरेला पर्व मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के संरक्षण के लिए हरेला पर्व के अवसर पर सभी को पौधारोपण करने का संकल्प लेना होगा। जुलाई एवं अगस्त माह का समय पौधारोपण के लिए सबसे उपयुक्त है। हमें अपनी परम्पराओं एवं परिवेश को बढ़ावा देना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विज्ञान तेजी से प्रगति कर रहा है, वैज्ञानिक प्रगति के साथ ही पर्यावरण संरक्षण की दिशा में हमें और तेजी से आगे बढ़ना होगा। नमामि गंगे के तहत इस दिशा में सराहनीय प्रयास हुए हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि पर्यावरणीय सन्तुलन बहुत जरूरी है। व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण कर सबको अपने दायित्वों का निर्वहन करना होगा। पीपल एवं बरगद के अधिक वृक्षारोपण पर हमें ध्यान देना होगा।

इस अवसर पर विधायक विनोद चमोली, मुन्ना सिंह चैहान, सहदेव सिंह पुण्डीर, खजानदास, मेयर सुनील उनियाल गामा, देहरादून की जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चैहान, भाजपा के महानगर अध्यक्ष सीताराम भट्ट आदि उपस्थित थे।