13 करोड़ 34 लाख की लागत से ऋषिकेश की सड़कें होंगी चकाचक

ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र की 66.11 किलोमीटर तक की सड़कें अब चकाचक होने वाली है। इसके लिए विशेष केन्द्रीय सहायतित योजना से 13 करोड़ 34 लाख रुपए का बजट मिला है। यह जानकारी विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने दी है। विस अध्यक्ष ने इसके लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत व केंद्रीय नेतृत्व का आभार भी व्यक्त किया है।

इन सड़कों का होगा जीर्णोद्धार
– देहरादून तिराहे से भानियावाला तक 3 करोड़ 40 लाख रुपए की लागत से 10 किलोमीटर
– श्यामपुर चैकी से नटराज चैक तक 94 लाख रुपए की लागत से 6.16 किलोमीटर
– त्रिवेणी चैक से तहसील चैक तक 71 लाख रुपए की लागत से 2.4 किलोमीटर
– श्यामपुर गढ़ी रोड 38 लाख रुपए की लागत से 2.05 किलोमीटर
– आईडीपीएल सिटी गेट से बैराज कॉलोनी तक एक करोड़ 46 लाख रुपए की लागत से 3 किलोमीटर
– इंदिरा नगर विस्थापित क्षेत्र में 15 लाख रुपए की लागत से 1 किलोमीटर
– रायवाला विस्थापित क्षेत्र में 42लाख रुपए की लागत से 2.8 किलोमीटर
– पशुलोक विस्थापित क्षेत्र में 3 करोड़ 89 लाख रुपए की लागत से 25.6 किलोमीटर,
– गौहरीमाफी ग्राम सभा रायवाला एवं टिहरी फार्म तक 58 लाख रुपए की लागत से 3.8 किलोमीटर, – ग्राम सभा श्यामपुर के अंतर्गत लक्कड़ घाट के आंतरिक मार्ग 30 लाख रूपए की लागत से 2 किलोमीटर,
– श्यामपुर खदरी सड़क मार्ग 27 लाख रुपए की लागत से 1.8 किलोमीटर,
– बापू ग्राम शिवाजी नगर चैक से एम्स चैक तक सड़क मार्ग 20 लाख रुपए की लागत से 1.3 किलोमीटर,
– बीस बीघा मीरा नगर मुख्य मार्ग 30 लाख रुपए की लागत से 2 किलोमीटर,
– रूषा फार्म से भट्टोवाला मार्ग तक 34 लाख रूपए की लागत से 2.2 किलोमीटर सड़कों के जीर्णोद्धार का शीघ्र कार्य प्रारंभ किया जाना है।

उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ने कहा है कि सभी सड़क मार्गों के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर दी गई है शीघ्र ही सड़क मार्गों का जीर्णोद्धार कार्य प्रारंभ होगा। कहा कि गुणवत्ता एवं मानकों के आधार पर क्षेत्र में सड़कों का निर्माण कराया जाएगा। कहा कि क्षेत्र का चैमुखी विकास करना उनकी प्राथमिकता है जिसके लिए वह लगातार प्रयासरत रहे हैं।

भाजपाईयों ने बिहार चुनाव व अन्य राज्यों के उपचुनावों के परिणाम पर की आतिशबाजी

भारतीय जनता पार्टी, ऋषिकेश मण्डल द्वारा बिहार एवं कई राज्यों में हुए उपचुनावो में भाजपा की विजय पर मण्डल कार्यालय में आतिशबाजी एवं मिष्ठान वितरण का कार्यक्रम किया गया।

कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता इंद्रकुमार गोदवानी, संजय शास्त्री एवं संदीप गुप्ता ने सभी कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारे नेता, देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व एवं उनके द्वारा किये जा रहे जनकल्याणकारी योजनाओं के कारण पुनः भाजपा पर जनता ने विश्वास पर जताया है और हम सभी कार्यकर्ताओं को सरकार की उपलब्धि को घर घर तक पहुँचाना है।

मण्डल अध्यक्ष दिनेश सती ने सभी कार्यकर्ताओं को भाजपा के विजय की शुभकामनाएं देते हुए आगमी विधानसभा चुनाव 2022 के लिये तेयार होने का आह्वान किया।

मण्डल महामंत्री हिमांशु संगतानी के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में राकेश अग्रवाल, संजय व्यास, हिमांशु संगतानी, सुमित पंवार, राकेश चन्द, ऋषि राजपूत, अनिता तिवारी, भूपेन्द्र राणा, जयन्त शर्मा, चन्द्रेश्वर यादव, नितिन सक्सेना, सिद्धार्थ डंगवाल, विनोद भट्ट, अविनाश अग्रवाल, ऋषि गुप्ता, प्रदीप कोहली, राजू नरसिम्हा, उषा जोशी, दुर्गेश कुमार, हरिशकर प्रजापति, विजय प्रजापति, मुकेश ग्रोवर, नरेन्द्र गौतम आदि उपस्थित रहे।

दो गज की दूरी, मास्क है जरूरी स्लोगन के साथ तीर्थनगरी में प्रशासन और पुलिस ने निकाली रैली

तीर्थनगरी में मार्च विद मास्क अभियान के तहत नगरभर में प्रशासन, पुलिस और श्रीभरत मंदिर इंटर काॅलेज के एनसीसी कैडेट्स ने जागरूकता रैली निकाली। हाथों में तख्तियां लिए पुलिस और एनसीसी कैडेट्स ने लोगों से दो गज की दूरी और मास्क को अनिवार्य बताया। साथ ही इसे हर समय अपनाने की अपील भी की।

कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि पुलिस उपमहानिरीक्षक व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आदेश पर, कोविड-19 के संक्रमण से ऋषिकेश की आम जनता को जागरूक किया गया। इसके लिए मार्च विद मास्क स्लोगन के साथ नगरभर में मार्च निकाला गया।

मार्च में पुलिस क्षेत्राधिकारी ऋषिकेश व कोतवाल के निर्देशन में कोतवाली ऋषिकेश के समस्त चैकी प्रभारी चीता मोबाइल (महिला व पुरुष) व कर्मचारी गणों तथा श्रीभरत मंदिर इंटर काॅलेज के एनसीसी के कैडेट्स, एसडीआरएफ के अधिकारी व कर्मचारी शामिल हुए।

फ्लैग मार्च चैकी त्रिवेणी घाट से प्रारंभ होकर घाट चैक से जयराम आश्रम से तिलक रोड से हीरालाल मार्ग से अंबेडकर चैक से रेलवे रोड से क्षेत्र रोड होते हुए वापस त्रिवेणी घाट चैकी संपन्न हुई।

एम्स प्रशासन ने अस्थमा रोगियों को किया अलर्ट, दिए आवश्यक सुझाव

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश ने शीतकाल के मद्देनजर अस्थमा रोगियों को विशेष सावधानी बरतने का सुझाव दिया है। संस्थान के पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सकों का कहना है कि ठंड और कोहरे की यह समस्या सबसे अधिक अस्थमा रोगियों के लिए नुकसानदेय है। ऐसे में अस्थमा रोगियों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।

निदेशक प्रो. रविकांत ने बताया कि नियमततौर पर मास्क लगाने से कोरोना से तो बचाव होगा ही, साथ ही मास्क का उपयोग अस्थमा रोगियों के लिए ठंडी हवा से रोकथाम में भी बेहतर विकल्प साबित होगा। बताया कि ठंड और कोहरे के कारण वायुमंडल में जल की बूंदें संघनित होकर हवा के साथ मिल जाती हैं। यह हवा जब सांस के माध्यम से शरीर के भीतर प्रवेश करती है, तो सांस की नलियों में ठंडी हवा जाने से उनमें सूजन आने लगती है। ऐसे में अस्थमा के रोगी गंभीर स्थिति में आ जाते हैं। उन्होंने मास्क के इस्तेमाल को इस समस्या से बचने का सबसे बेहतर उपाय बताया।

पल्मोनरी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डा. गिरीश सिंधवानी ने बताया कि अस्थमा किसी भी व्यक्ति को और किसी भी उम्र में हो सकता है। लेकिन समय पर इसके लक्षणों की पहचान होने से इस पर नियंत्रण किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि यह रोग संक्रमण से नहीं फैलता है यह एलर्जी से होने वाली बीमारी है। जुकाम और बार-बार आने वाली छींकों से उत्पन्न यह एलर्जी जब नाक व गले से होते हुए छाती में फेफड़ों तक पहुंचती है तो अस्थमा का रूप ले लेती है। डा. सिंधवानी के अनुसार अस्थमा रोगियों को रात के समय अधिक दिक्कत होती है। उन्होंने बताया कि इस मर्ज का समय पर उपचार नहीं कराने से मरीज की सांस फूलने लगती है और दम घुटने के कारण उसे अस्थमा अटैक पड़ जाता है।
डा. सिंधवानी ने सुझाव दिया कि अस्थमा के रोगी नियमिततौर से दवा लेना नहीं भूलें। उन्होंने आगाह किया कि बीच-बीच में दवा छोड़ने से यह बीमारी घातकरूप ले लेती है। बताया कि लोगों में भ्रांति है कि इनहेलर का उपयोग केवल संकट के समय ही किया जाता है। जबकि यह तर्क पूरी तरह से गलत है। विशेषज्ञ चिकित्सक ने बताया कि इनहेलर का उपयोग अस्थमा के रोगी को नियमिततौर से करना चाहिए। इस बीमारी में इनहेलर सबसे उत्तम उपाय है। इससे बचना, नुकसानदेह होता है। उन्होंने बताया कि ऋषिकेश एम्स में इस बीमारी की सभी तरह के परीक्षण व उपचार की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हैं।

यह हैं अस्थमा के प्रमुख लक्षण-
खांसी, जुकाम, छींकें आना, सांस फूलना, सांस लेते समय सीटी जैसी आवाज आना आदि।

यह है अस्थमा रोग को बढ़ाने वाले कारक-
ठंड, कोहरा, धुंध, धुवां, धूल, प्रदूषण, संक्रमण, पेंट की गंध, परागकण। इसके अलावा बंद घरों के भीतर रहने वाले पालतू कुत्ते और बिल्लियों के बालों से भी अस्थमा मरीजों की परेशानियां बढ़ जाती हैं।

इस तरह अस्थमा से बचाव का उपाय-
फ्रिज का पानी, ठंडी और बासी चीजों का सेवन कदापि नहीं करें। सर्दी से बचाव के सभी जरुरी उपाय जैसे गर्म कपड़े पहनना, धूप आने से पहले बाहर नहीं निकलना, कमरों के भीतर बैठने के बजाय धूप में बैठना आदि को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। धूप में विटामिन डी प्रचुर मात्रा में होता है और यह जनरल बूस्टर का कार्य करते हुए शरीर की इम्यूनिटी क्षमता को बढ़ाता है। इसके अलावा ग्रसित मरीज दवा का सेवन नियमित तौर पर करें।

कांग्रेस ने राज्य स्थापना दिवस पर वरिष्ठ आंदोलनकारियों को किया सम्मानित

राज्य स्थापना दिवस के मौके पर कांग्रेस जन सहायता कार्यालय श्यामपुर में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य जयेन्द्र रमोला की अध्यक्षता में स्व० इन्द्रमणि बडोनी की चित्र पर पुष्प अर्पित कर व उत्तराखण्ड के शहीदों के लिये मौन रखकर श्रद्धांजली दी व उसके पश्चात जयेन्द्र रमोला द्वारा वरिष्ठ आंदोलनकारियों को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया ।

जयेन्द्र रमोला ने कहा कि आज हमारे राज्य का 21वॉं स्थापना दिवस है जिस भावना के लिये हमारे शहीदों व आंदोलनकारियों ने राज्य निर्माण का स्वप्न देखा था वह आज भी अधूरा है आज भी युवा रोजगार के सपने देख रहा है आज भी प्रदेश का व्यापारी अपने व्यापार क प्रगति के लिये सरकार की ओर देख रहा है आज भी पहाड़ में रहने वाले लोग स्वास्थ्य, शिक्षा व रोजगार के इंतजार में बैठा है परन्तु जो सरकार पलायन रोकने,शिक्षा,स्वास्थ्य और रोजगार के नाम पर सत्ता में आई वह सरकार हर मोर्चे पर विफल नजर आ रही है पलायन इनसे नहीं रूक पा रहा है।

पूर्व मंडी सभापति जय सिंह रावत ने कहा कि जिन लोगों के बलिदान से ये राज्य बना आज उन लोगों की अनदेखी की जा रही उनकी शासन और सत्ता में कोई भागीदारी लेना तो दूर उनकी सुनने को भी सरकार तैयार नहीं है।

श्रद्धांजली कार्यक्रम में वेद प्रकाश शर्मा, जय सिंह रावत, कमला नेगी, इंदु थपलियाल, अरुणा शर्मा, सरोजिनी थपलियाल, शीला ध्यानी, चन्द्रकान्ता जोशी, बृजमोहन कण्डवाल, लोक बहादुर थापा, सुधीर लखेडा, देवी प्रसाद व्यास, युद्धवीर चैहान, बलबीर नेगी व सोहन रौतेला को माला पहनाकर और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया ।

कार्यक्रम में विजयपाल सिंह रावत, दिनेश चंद्र मास्टर, आशा सिंह चैहान, सतीश रावत, कुसुम जोशी, रतन देव रयाल, गब्बर कैंतुरा, हरेंद्र सिंह, निर्मल सिंह, शिवेक बलूनी, बॉबी रांगड़, लक्ष्मण सिंह चैहान, अर्जुन रांगड़, बर्फ सिंह पोखरियाल, विजय बिष्ट, पूरन चन्द रमोला, राजेन्द्र गैरोला, धर्मेंद्र गुलियाल, राकेश कंडियाल, प्रताप सिंह पोखरियाल, चंद्र कांता जोशी, विशाल सजवाण, रोहित नेगी आदि मौजूद थे।

सफलता के सोपान तय करने को तेजी से अग्रसर है उत्तराखंडः अनिता

इन्द्रमणि बडोनी चैक पर उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों ने राज्य का स्थापना दिवस जोशो खरोश के साथ मनाया। मेयर अनिता ने मिठाइयां बांटकर न सिर्फ अपनी खुशी का इजहार किया बल्कि आंदोलनकारियों के साथ ढोलक की थाप पर थिरक कर माहौल को बेहद खुशनुमा बना दिया।

मेयर अनिता ममगाईं ने राज्य आंदोलन की लड़ाई में शहादत देने वाले आंदोलनकारियों को नमन किया। इंदिरा नगर क्षेत्र की विस्थापित कॉलोनी में नेशनल मार्शल आर्ट एकडेमी के द्वारा चलाए जा रहे शिविर में पहुंची जहां उन्होंने बच्चों को राज्य स्थापना दिवस की बधाई दी। एकडेमी संचालिका शिवानी गुप्ता ने मेयर अनिता को माला पहनाकर व पुष्पगुच्छ भेंट किया। इसके बाद देहरादून रोड़ स्थित गोपाल कुटी पहुंची जहां उन्होंने राज्य आंदोलन के शहीदों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रमों की श्रंखला में मेयर अनिता ममगाईं ने राज्य आंदोलन के प्रणेता स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी के चैक पर पहुंची जहां उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की डबल इंजन की सरकार में राज्य सफलता के सोपान तय कर रहा है। विभिन्न क्षेत्रों में देश में अपनी उत्तराखंड ने अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि यह आपदा को अवसर बनाने का समय है। उत्तराखंड प्रवासी निश्चित ही अपने प्रदेश में लौटेंगे और पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी उत्तराखंड के काम आएगी। इस दौरान पार्षद बिजेंद्र मोगा, पार्षद विजय बडोनी, पार्षद लक्ष्मी रावत, पार्षद अनीता रैना, पार्षद अनीता प्रधान, वेद प्रकाश शर्मा, पूर्व राज्य मंत्री उषा रावत, पार्षद कमलेश जैन, पंकज शर्मा जिला मंत्री भाजपा, राजपाल ठाकुर, सुनील उनियाल, मदन कोठारी, प्रिया ढकाल, रणवीर सिंह, रोमा सहगल, गौरव केन्थुला, सुनैना, राजेन्द्र सिंह, रवि सिंह आदि मौजूद रहे।

स्थापना दिवस पर नपां मुनिकीरेती के सभासद हुए सम्मानित

उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में अंतरराष्ट्रीय गढ़वाल महासभा व उत्तराखंड स्पोर्ट्स एसोसिएशन के सयुंक तत्वावधान में ढालवाला ऋषिकेश स्थित आरएमआई ग्राउंड में एक दिवसीय खेल महोत्सव का आयोजन किया गया। जिसमें एथलेटिक, रस्साकस्सी और बॉलीवाल की प्रतियोगिता विधिवत सम्पन्न कराई गई।

कार्यक्रम का उद्घाटन पालिकाध्यक्ष रोशन रतूड़ी, समाज सेवी कमल सिंह राणा, मधु असवाल, रोशनी राणा, निर्मला उनियाल द्वारा किया गया। प्रतियोगिता में वॉलीबॉल की 20 टीमों ने प्रतिभाग किया, इसमें विजेता एरिना स्पोर्ट्स एकेडमी व उपविजेता कुंजापुरी क्लब रही।

रस्साकशी पुरूष वर्ग में 17 टीमों ने हिस्सा लिया, इसमें विजेता आरएसबी भानियावाला एवं उपविजेता द ब्याज ढालवाला रही।
रस्साकस्सी 8 टीमों में महिला वर्ग विजेता टीम एक भारत श्रेष्ठ भारत ऋषिकेश एवं उपविजेता स्टार क्लब रही ।
100 मीटर अंडर 10 बालक वर्ग में प्रथम स्थान पर शान, द्वितीय स्थान नितिन कंसवाल, तृतीय स्थान आर्यन ।
200 मीटर अंडर 10 बालक वर्ग में प्रथम स्थान सागर लेखवार, दीपश्री थपलियाल द्वितीय, रुद्राक्ष थपलियाल तृतीय ।
100 मीटर अंडर 15 बालक वर्ग में प्रथम स्थान अर्जुन द्वितीय रघु दास, तृतीय दीपांशु सिंह
100 मीटर अंडर 15 बालिका वर्ग में अनुष्का चैहान प्रथम, स्नेहा द्वितीय, तानिया तृतीय रही ।
200 मीटर अंडर 15 बालक वर्ग में प्रथम दिपांशु सिंह, द्वितीय अर्जुन महाजन, तृतीय राहुल ।
100 मीटर अंडर 18 बालक वर्ग में प्रथम अभिषेक कुमार, द्वितीय विकास रावत, तृतीय अमन ।
200 मीटर अंडर 18 बालक वर्ग में प्रथम स्थान पर अभिषेक कुमार, द्वितीय सुखदेव डवोला, तृतीय प्रभात पांडे ।
सभी विजेता खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय महासभा के अध्यक्ष डॉ राजे सिंह नेगी, महामंत्री उत्तम सिंह असवाल, उत्तराखंड स्पोर्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश चंद्र भट्ट, महामंत्री दिनेश पैन्यूली के द्वारा ट्रॉफी मेडल के साथ माल्यार्पण कर के सम्मानित किया गया। मौके पर पालिका के सभी 11 सभासदों को विशिष्ट सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया।

मौके पर अरविंद नेगी, हॉकी गुरु डीपी रतूड़ी, राम कृष्ण पोखरियाल, सभासद विनोद सकलानी, वंदना थलवाल, अंकित नैथानी, रोशन पंत, कुलभूषण द्विवेदी, शेर सिंह थापा, अनिकेत प्रजापति, पूजा गुसाईं, कुलबीर सिंह, रंजीत सिंह भंडारी, अमित राणा, संजय न्यूली, दिलवीर रावत, प्रिंस गुप्ता, राहुल, पूनम चैहान, रजनी बिष्ट, पिंकी पयाल, वीरेंद्र नौटियाल, सुमित उनियाल, विशन मिंया, राजू थलवाल, राहुल लेखवार, भगवान सिंह भंडारी, अनुज गोड़ आदि मौजूद रहे।

उत्तराखंड निर्माण में महिलाओं का संघर्ष किसी ने नहीं छिपाः स्पीकर

उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर स्पीकर प्रेम चंद अग्रवाल ने उत्तराखंड राज्य निर्माण में आंदोलनकारी महिलाओं को आज पुष्पगुच्छ एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।

राज्य आंदोलनकारी महिलाओं में उषा रावत, सरोज डिमरी, अरुणा शर्मा, कमला नेगी, इंदु थपलियाल, शीला ध्यानी आदि का सम्मान करने के पश्चात स्पीकर ने कहा कि इस राज्य के निर्माण के लिए महिलाओं का संघर्ष किसी से छिपा हुआ नहीं है। कहा कि राज्य प्राप्ति के लिए अपने घर गृहस्ती के सारे काम निपटाने के बाद महिलाएं सड़कों पर उतरती थी और उत्तराखंड को अलग राज्य प्राप्त करने के लिए संघर्ष किया।

उन्होंने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का आभार जताता और कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित किया जिससे आंदोलनकारियों का सम्मान हुआ है ।

इस अवसर पर खाण्ड गांव के प्रधान शंकर धने, तेज बहादुर यादव, राजवीर रावत, शिव कुमार गौतम, क्षेत्र पंचायत सदस्य अमर खत्री, आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सुंदरी कंडवाल ने किया।

घर पर रहकर ही दीपावली मनाने की नीरजा देवभूमि ट्रस्ट ने अपील

नीरजा देवभूमि चेरिटेबल ट्रस्ट ने निर्धन बच्चों के साथ दीपावली त्योहार मनाया। मौके पर करीब 100 बच्चों को ट्रस्ट की ओर से गिफ्ट पैकेज दिए गए। साथ ही जिन बच्चों के साथ कपड़े नहीं थे, वह भी उपलब्ध कराए गए। इसके अलावा ट्रस्ट की ओर से दीपावली त्योहार पर स्थानीय व्यक्तियों द्वारा निर्मित दीयों को खरीदने और लोकल फोर वोकल में सहयोग करने की अपील भी की गई।

ट्रस्ट की संस्थापक व पैरा ओलंपिक खिलाड़ी नीरजा गोयल ने कहा कि इस वर्ष वैसे ही देश कोरोना संक्रमण से जूझ रहा है। इसके चलते दीपावली त्योहार को सादगी से घर पर ही रहकर मनाना होगा। उन्होंने कहा कि हमें स्थानीय लोगों की ढाल बनकर उन्हें रोजगार भी देना है, इसके लिए दीपावली में स्थानीय लोगों द्वारा निर्मित दीयों, गणेश, लक्ष्मी की मूर्तियों को खरीदना होगा। इससे जहां उनकी आर्थिक स्थिति को बल मिलेगा, वहीं प्रधानमंत्री के आह्वान लोकल फोर वोकल में भी सहयोग हो सकेगा।

इस मौके पर ट्रस्ट के सदस्यों ने परशुराम चैक स्थित शांतिनगर क्षेत्र व आसपास की झुग्गी झोपड़ियों के करीब 100 बच्चों के साथ दीपावली पर्व भी मनाया। ट्रस्ट सदस्यों ने सभी बच्चों को उपहार बांटें। साथ ही अति निर्धन बच्चों में कपड़े भी वितरित किए। ट्रस्ट की ओर से बच्चों को आतिशबाजी से दूर करने की शपथ भी दिलाई। इस मौके पर ट्रस्ट की सह संस्थापक नुपूर गोयल, सदस्य मनीष अग्रवाल, कमल, गीता, दिवाकर, अमित जायसवाल, पंकज गुप्ता, विपिन, ध्रुप बंसल, आचार्य संतोष आदि उपस्थित रहे।

श्रीराम जन्मभूमि निर्माण न्यास समिति के ट्रस्टी स्वामी विश्वप्रसन्ना तीर्थ पहुंचे वेद निकेतन

दक्षिण भारत के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट निर्माण न्यास समिति के एकमात्र ट्रस्टी स्वामी विश्वप्रसन्ना तीर्थ वेद निकेतन धाम पहुंचे। वेद निकेतन धाम के परमाध्यक्ष स्वामी विजयानंद सरस्वती ने बताया कि पेजावर मठ उडुपी के अष्ट मठों (आठ मठों) में से एक है। जिसका आरंभ अधोक्षजा ने किया था। जो माधवाचार्य के शिष्य थे। अब तक कुल 32 स्वामी इस मठ के मठाधीश रह चुके हैं, स्वामी विश्वप्रसन्ना तीर्थ इस के 33 वें प्रमुख हैं। अधोक्षजा तीर्थ का कार्यकाल 1278 से 1296 तक था। अधोक्षजा हिंदू दर्शन विद्यालय के संस्थापक माधवाचार्य के प्रमुख शिष्य थे।

2019 में स्वामी विश्वतीर्थ ने अपना उत्तराधिकारी के रूप में स्वामी विश्वप्रसन्ना तीर्थ को चुना था, अब स्वामी विश्वतीर्थ के उपरांत स्वामी विश्वप्रसन्ना तीर्थ के 33वें पीठाधीश्वर है। यह दक्षिण भारत के प्रमुख में से एक है। यहां स्वामी माधवाचार्य की संत परंपरा में श्रीकृष्ण की पूजा होती है।

पेजावर मठ रामजन्म भूमि आंदोलन से प्रारंभ से ही जुड़ा हुआ है और इस कार्य हेतु हमेशा बहुत महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता आया है। यही कारण है कि जब मंदिर निर्माण ट्रस्ट का गठन किया गया तो दक्षिण भारत के इस महत्वपूर्ण मठ केयोगदान को ध्यान में रखते हुए स्वामी विश्वप्रसन्ना को ट्रस्ट में सम्मिलित होने का आग्रह किया गया।

राम मंदिर निर्माण के लिए गठित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी बनने के उपरांत विश्वप्रसन्ना ने बताया कि वह दक्षिण भारत से अकेले व्यक्ति हैं जिन्हें ट्रस्टी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदारी उनके लिए बहुत बड़ा कार्य है।

उन्होंने कहा मेरे गुरु ने मुझे सलाह दी थी कि अगर न्यासी बनाए जाने का प्रस्ताव मिलता है तो स्वीकार कर लेना और इस बात को ध्यान में रखते हुए मैंने इस प्रस्ताव पर सहमति जताई थी।
उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर बनाया जाना उनका सपना है और इस मंदिर को देखने के लिए आने वालों के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी तथा अयोध्या में पेजावर मठ की एक शाखा स्थापित की जाएगी।

स्वामी विश्वप्रपन्ना तीर्थ राम मंदिर निर्माण कार्य को लेकर अत्यंत क्रियाशील बने हुए हैं और कई बार अयोध्या का दौरा कर चुके हैं, परंतु इस बार आने के पश्चात उन्होंने उत्तराखंड में बद्रीनाथ धाम आने का निश्चय किया और उनका यह प्रवास एवं यात्रा बिल्कुल निजी था।

वेद निकेतन धाम के परमाध्यक्ष विजयानंद सरस्वती के आग्रह पर हुआ वेद निकेतन धाम स्वर्ग आश्रम क्षेत्र में गंगा जी के सानिध्य में ध्यान करने तथा स्थानीय निवासियों आशीर्वाद देने के लिए आयें है। उन्होंने कहा कि स्वामी विश्वप्रसन्ना का आना मानों गंगा और कावेरी का मिलन है।

स्वामी विश्वप्रसन्ना अत्यंत सौम्य स्वभाव के सन्यासी है और दक्षिण भारत में दक्षिण भारतीय लोगों में बहुत ही ज्यादा लोकप्रिय हैं और उनकी छवि एक बहुत ही प्रख्यात समाजसेवी की रही है।
वेद निकेतन में उपस्थित आरएसएस के प्रवक्ता सुरेंद्र सहित अन्य कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय जन समुदाय द्वारा स्वामी विश्वप्रसन्ना एवं स्वामी विजयानंद सरस्वती से आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंचे। इस अवसर पर महामंडलेश्वर स्वामी दिव्यानंद सरस्वती, वेद निकेतन धाम के परमाध्यक्ष विजयानंद सरस्वती, आशुतोष शर्मा, सुभाष शर्मा, गोपाल बत्रा, हितेश, गोविंद आदि उपस्थित थे।