शहरी विकास मंत्री ने कहा-अंकिता के हत्यारों को कड़ी सजा दिलायेगी सरकार

यमकेश्वर ब्लॉक के गंगा भोगपुर स्थित रिसॉर्ट में कार्यरत युवती के साथ हुई घटना की निंदा करते हुए भाजपा ऋषिकेश मंडल की ओर से आमजन के साथ कैंडल मार्च निकाला गया। इस दौरान उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी की आत्मीय शांति की कामना ईश्वर से की गई। साथ ही दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धाजलि अर्पित की गई।
शुक्रवार को रेलवे रोड स्थित अग्रवाल धर्मशाला पर भाजपा ऋषिकेश मंडल और आमजन एकत्रित हुए। यहां से सभी लोग क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल के साथ कैंडल मार्च निकालते हुए त्रिवेणी घाट स्थित गांधी स्तंभ पर पहुंचे। इस दौरान दो मिनट का मौन रखा गया और अंकिता भंडारी की आत्म शांति की कामना की गई। इस मौके पर मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि अंकिता एकमात्र पौड़ी जनपद की ही नहीं अपितु पूरे उत्तराखंड के हर समाज, वर्ग की बेटी है।
डा. अग्रवाल ने कहा कि अंकिता के परिवार के प्रति आज पूरा राज्य अपनी संवेदनाएं प्रकट कर रहा है, यह हमारे राज्य की एकता का सूचक भी है। डा. अग्रवाल ने अंकिता भंडारी के साथ हुई घटना को दुखद बताते हुए इसकी निंदा की। कहा कि ऐसी घटनाएं हमारे उत्तराखंड ही नहीं बल्कि किसी भी राज्य व समाज में स्वीकार्य नहीं हैं।
डा. अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार अंकिता के परिजनों को न्याय दिलाने की दिशा में प्रतिदिन कदम उठा रही है। एसआईटी जांच के साथ ही फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिये अंकिता के हत्यारों को बख्शा नहीं जाएगा। डा. अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार ने आर्थिक मदद के जरिए भी अपनी संवेदनाएं पीड़ित परिवार के प्रति जताई हैं। इसके अलावा पुलिस को हर नजरिये से छानबीन को कहा गया है।
डा. अग्रवाल ने कहा कि रिसॉर्ट की सच्चाई सामने आने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के सभी अवैध रिसॉर्ट पर कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि इस तरह के जघन्य अपराध का किसी भी व्यक्ति व समाज के लिए कोई क्षमा नहीं है और न ही स्वीकार योग्य है।
इस मौके पर मंडल अध्यक्ष दिनेश सती, पूर्व दर्जाधारी संदीप गुप्ता, संजय शास्त्री, इंद्र कुमार गोदवानी, श्रवण जैन, पंकज गुप्ता, महामंत्री सुमित पंवार, जयंत किशोर शर्मा, बृजेश शर्मा, नितिन सक्सेना, नवल कपूर, कपिल गुप्ता, रूपेश गुप्ता, राजपाल ठाकुर, पार्षद विकास तेवतिया, शिव कुमार गौतम, वीरेंद्र रमोला, विजेंद्र मोंगा, रीना शर्मा, सुन्दरी कंडवाल, जयेश राणा, रंजन अंथवाल, किशन मण्डल, अरविंद चौधरी, आशुतोष शर्मा, प्रदीप धस्माना, कविता शाह, देवदत्त शर्मा, राजू नरसिम्हा, संजीव सिलस्वाल, शिवम शर्मा, राकेश कुमार, सीमा रानी, प्रदीप कोहली, संजय व्यास, उषा जोशी, विमला देवी, अंजना, सुनीता, राधा देवी सहित सैकड़ों की संख्या में स्थानीय नागरिक अपनी श्रद्धांजलि देने उपस्थित रहे।

बिना मानचित्र स्वीकृति के अनाधिकृत निर्माण कर संचालित किये जा रहे रिजॉर्ट

प्रशासन ने तहसील ऋषिकेश क्षेत्र में चल रहे रिजॉर्ट की कुंडली खंगालनी शुरू कर दी है। शुक्रवार को एसडीएम के नेतृत्व में टीम ने रायवाला स्थित रिजॉर्ट का निरीक्षण किया। बिना मानचित्र स्वीकृति के बनाये गये रिजॉर्ट को पहले ही नोटिस दिये जा चुके हैं। उनसे दो सप्ताह के भीतर जबाव देने को कहा गया है।
शुक्रवार को एसडीएम एसएस नेगी ने तहसील ऋषिकेश के अंतर्गत संचालित किए जा रहे रिजॉर्ट्स का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिन रिजॉर्ट्स में बिना मानचित्र स्वीकृति के अनाधिकृत निर्माण कर रिजॉर्ट संचालित पाया गया। उन्हें पहले ही एमडीडीए ने नोटिस भेज रखे हैं।
एसडीएम ने बताया कि स्वीकृत मानचित्र के विपरीत कार्य पाया जाने पर उन्हें सहायक अभियंता मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण क्षेत्र ऋषिकेश सेक्टर की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं। निर्धारित अवधि के अंतर्गत संतोषजनक जवाब न दिए जाने या मानचित्र स्वीकृति हेतु आवश्यक कार्यवाही न किए जाने की स्थिति में नियमानुसार सीलिंग या डिमोलिशन की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को रायवाला स्थित पॉम रिजॉर्ट, मिडवे रिजॉर्ट समेत अन्य रिजॉर्ट का निरीक्षण किया गया।

स्थानीय कलाकारों के द्वारा किया जा रहा बेहतरीन मंचन

1955 से स्थापित सुभाष बनखंडी श्री रामलीला कमेटी के द्वारा रंगमंच के छठे दिन केवट लीला, दशरथ मरण, भरत विलाप और चित्रकूट की लीलाओं का मंचन स्थानीय कलाकारों द्वारा दिया गया।
केवट लीला में दिखाया गया कि जब प्रभु राम सरयू नदी को पार करने के लिए केवट से मदद मांगते हैं तो केवट उनसे कहता है कि मैं जिस तरह आज आपको नदी पार कर आ रहा हूं हे प्रभु आप भी मुझे भवसागर पार कराना। केवट और श्री राम के द्वारा मार्मिक व बहुत सुंदर लीला का मंचन किया गया। वही अयोध्या में राजा दशरथ को जब मंत्री सुमंत के द्वारा पता चलता है कि श्रीराम वन से नहीं लौटे तो दशरथ उनके वियोग में अपने प्राण त्याग देते हैं। इस दुखद दृश्य को देखकर कई श्रद्धालुओ की आंखें भर आई और पूरा पंडाल भावुक हो गया।
भरत विलाप की लीला में दिखाया गया कि पिता की मृत्यु के बाद जब भरत को महल बुलाया जाता है तो उनके द्वारा अपनी मां से नाराजगी जताई जाती है और मंथरा को धक्के मार कर बाहर निकाल दिया जाता है। इसके बाद भरत श्री राम से मिलने के लिए वन जाते हैं और उनसे आग्रह करते हैं कि आप वापिस आ जाइए लेकिन श्रीराम अपने पिता के वचन को निभाने के लिए भरत को मना लेते हैं। जिस पर भरत भी उनकी तरह वनवासी जीवन बिताने की बात कहकर उनकी खड़ाऊ लेकर वापस लौट जाते हैं। चित्रकूट लीला में दिखाया गया कि श्री राम चित्रकूट में कुटिया बनाकर माता सीता और अपने भाई लक्ष्मण के साथ वनवासी जीवन बिताने लगते है।
इस अवसर पर रामलीला कमेटी सुभाष बनखंडी के अध्यक्ष विनोद पाल, महामंत्री हरीश तिवाड़ी, राजेश दिवाकर, राकेश पारछा, दीपक जोशी, रोहताश पाल, हुकुम चंद, मनमीत कुमार, पप्पू पाल, संजय शर्मा, प्रशांत पाल, महेंद्र कुमार, अनिल धीमान, ललित शर्मा, दया शंकर पांडेय, अशोक मौर्य, सुभाष पाल, पवन पाल, नीतीश पाल आदि उपस्थित रहे।

नाबालिक छात्राओं को पुलिस ने दिल्ली से किया सकुशल बरामद

28 सितंबर को वादी के द्वारा कोतवाली ऋषिकेश में लिखित तहरीर के माध्यम से सूचना दी गई कि उनकी दो नाबालिक पुत्रियां उम्र क्रमशः 17 वर्ष एवं 15 वर्ष दिनांक 27 सितंबर की रात लगभग 10.30 बजे से घर से गायब हैं, अभी तक घर नहीं आई है। लिखित तहरीर के आधार पर कोतवाली में मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना प्रारंभ की गई। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण एवं क्षेत्राधिकारी ऋषिकेश के निकट पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली के द्वारा स्वयं नेतृत्व करते हुए गुमशुदा दोनों नाबालिग बहनों की तलाश हेतु दो टीमें गठित की गई।
एक टीम के द्वारा गुमशुदा नाबालिगों के घर से आने जाने वाले रास्तों पर दुकानों एवं प्रतिष्ठानों के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को चेक करते हुए, परिजनों एवं आसपास के लोगों से पूछताछ कर मुखबिर तंत्र के माध्यम से तलाश शुरू की गई।
दूसरी टीम के द्वारा गुमशुदा नाबालिगों की तलाश हेतु ऋषिकेश-हरिद्वार-देहरादून के बस अड्डा एवं रेलवे स्टेशनों तथा अन्य संभावित स्थानों पर पर सर्च अभियान चलाया गया। गठित टीमों के द्वारा किए गए कार्यों से महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त आपसी सामंजस्य स्थापित कर ज्ञात हुआ कि उपरोक्त गुमशुदा दोनों नाबालिग बहने सोशल मीडिया के माध्यम से फरीदाबाद हरियाणा निवासी दो लड़कों के संपर्क में आई जिनके द्वारा दोनों बहनों को अच्छी सैलरी वाली जॉब लगाने का प्रलोभन दिया गया। जिसके पश्चात दोनों नाबालिग बहने अपने परिजनों को बिना बताए अपने घर से 27 सितंबर की रात्रि बस के माध्यम से हरिद्वार होते हुए दिल्ली पहुंच गई।
दोनों नाबालिग बहनों के दिल्ली में होने की जानकारी प्राप्त होने पर दोनों गठित टीमों के द्वारा संयुक्त रूप से तत्काल दिल्ली रवाना होकर 29 सितंबर को मात्र 24 घंटे के अंदर कश्मीरी गेट दिल्ली के पास से सकुशल बरामद किया गया। दोनों फरार व्यक्तियों के संबंध में अन्य जानकारियां प्राप्त कर उनकी तलाश जारी है। अभियोग उपरोक्त से संबंधित अग्रिम आवश्यक कार्यवाही जारी है।
पुलिस टीम में उप निरीक्षक चिंतामणि मैठाणी चौकी प्रभारी आईडीपीएल, कांस्टेबल सचिन सैनी, कांस्टेबल युवराज सिंह, कांस्टेबल दुष्यंत, कांस्टेबल रोमिल, कांस्टेबल नवनीत नेगी, एसओजी देहात, कांस्टेबल मनोज, एसओजी देहात शामिल रहे।

ग्रामीणों के विरोध को लेकर शहरी विकास मंत्री ने विभागीय अधिकारियों से की चर्चा

शहरी विकास मंत्री डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल ने ऋषिकेश नगर निगम के अंतर्गत डंप हो रहे कूड़े के निस्तारण तथा लालपानी स्थित बनने जा रहे वैज्ञानिक कूड़ा निस्तारण केंद्र के संदर्भ में शहरी विकास विभाग के उच्चाधिकारियों के साथ बैठक की।
मंत्री डॉ. अग्रवाल ने ऋषिकेश में वर्षाे से डंप हो रहे कूड़े के निस्तारण के लिए शीघ्र कार्यवाही शुरू करने को कहा। वहीं लालपानी में चिन्हित जमीन में वैज्ञानिक कूड़ा निस्तारण केंद्र के हो रहे ग्रामीणों द्वारा विरोध के संदर्भ में भी अतिशीघ्र मौका मुआयना कर दोनों समस्याओं के निस्तारण के निर्देश दिए।
इस अवसर पर डॉ. अग्रवाल ने कहा कि ऋषिकेश में वर्षाे से डंप हो रहे कूड़े से जहाँ स्थानीय लोगों को दुर्गंध और बीमारियों से जूझना पड़ता है, वहीं आने वाले यात्री गलत संदेश ले कर जा रहे हैं। लालपानी (गुमानीवाला) में बनने जा रहे वैज्ञानिक कूड़ा निस्तारण केंद्र का ग्रामीणों द्वारा विरोध पर भी अधिकारियों को तुरंत क्षेत्र में जाकर समस्या निस्तारण के निर्देश दिए।
बैठक में सचिव शहरी विकास दीपेंद्र चौधरी, निदेशक नवनीत पांडेय मौजूद रहे।

शहीद-ए-आजम भगत सिंह की 115वी जयंती पर कार्यक्रम का आयोजन

बैराज रोड स्थित कैम्प कार्यालय में शहीद-ए-आजम भगत सिंह की 115वी जयंती पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके जीवन पर प्रकाश डाला।
बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि हर भारतीय की तरह भगत सिंह का परिवार भी आजादी का पैरोकार था। उनके चाचा अजीत सिंह और श्वान सिंह भी आजादी के मतवाले थे और करतार सिंह सराभा के नेतृत्व में गदर पाटी के सदस्य थे। अपने घर में क्रांतिकारियों की मौजूदगी से भगत सिंह पर गहरा प्रभाव पड़ा। इन दोनों का असर था कि वे बचपन से ही अंग्रेजों से घृणा करने लगे। 14 वर्ष की उम्र में भगत सिंह ने सरकारी स्कूलों की पुस्तकें और कपड़े जला दिए। जिसके बाद भगत सिंह के पोस्टर गांवों में छपने लगे। डॉ अग्रवाल ने कहा कि 13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग हत्याकांड ने भगत सिंह पर अमिट छाप छोड़ा। अंग्रेजों की सरकार को ‘नींद से जगाने के लिए’ उन्होंने 8 अप्रैल 1929 को सेंट्रल असेंबली के सभागार में बम और पर्चे फेंके थे। इस घटना में भगत सिंह के साथ क्रांतिकारी बटुकेश्वर दत्त भी शामिल थे। और यह जगह अलीपुर रोड दिल्ली स्थित ब्रिटिश भारत की तत्कालीन सेंट्रल असेंबली का सभागार थी। लाहौर षड़यंत्र केस में भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरू को फांसी की सजा सुनाई गई और बटुकेश्वर दत्त को आजीवन कारावास दिया गया। भगत सिंह को 23 मार्च, 1931 की शाम सात बजे सुखदेव और राजगुरू के साथ फांसी पर लटका दिया गया। तीनों ने हंसते-हंसते देश के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया।
डॉ. अग्रवाल ने कहा कि भगत सिंह आजादी के मतवाले ही नहीं थे। भगत सिंह एक अच्छे वक्ता, पाठक, लेखक और पत्रकार भी थे। वे हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, पंजाबी, उर्दू, बंगला और आयरिश भाषा के बड़े विद्वान थे। उन्होंने 23 वर्ष की उम्र में आयरलैंड, फ्रांस और रूस की क्रांति का के बारे गहरा अध्ययन कर लिया था। भगत सिंह को भारत में समाजवाद का पहला प्रवक्ता माना जाता है। इस मौके पर मंडल अध्यक्ष वीरभद्र अरविंद चौधरी, महामंत्री सुंदरी कंडवाल, महामंत्री श्यामपुर रवि शर्मा, महामंत्री ऋषिकेश सुमित पंवार और जयंत शर्मा, युवा मोर्चा अध्यक्ष विजय जुगलान, निर्मला उनियाल, रविंद्र रमोला, संजय व्यास, गंभीर सिंह राणा, दीपक जुगलान, रूपेश गुप्ता, सुभाष वाल्मीकि आदि ने अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

माता अहिल्या का उद्धार कर श्रीराम ने श्राप से दिलाई मुक्ति

सुभाष बनखंडी श्री रामलीला कमेटी के द्वारा रंगमंच के तीसरे दिन श्रीराम जन्म, श्री सीता जन्म, ताड़का और सुबाहु वध व अहिल्या उद्धार की लीलाओं का मंचन स्थानीय कलाकारों द्वारा दिया गया।
श्रीराम जन्म की लीला में दर्शाया गया कि राजा दशरथ की संतान ना होने के चलते उनके द्वारा एक यज्ञ का आयोजन किया गया। जिसके पश्चात उनकी तीन रानियों को चार पुत्रों की प्राप्ति हुई। वहीं, श्री सीता जन्म में दर्शाया गया कि राजा जनक के यहां अकाल पड़ने की वजह से ऋषि-मुनियों ने उन्हें स्वयं हल चलाने की सलाह दी गई। जिसके फलस्वरुप राज्य में वर्षा होने की संभावना जताई गई। राजा जनक के द्वारा हल चलाने पर पृथ्वी से एक घड़े में उन्हें एक कन्या की प्राप्ति हुई। जिसका नाम सीता रखा गया और राज्य में वर्षा होने से अकाल की समस्या का समाधान हो गया।
वहीं, ताड़का और सुबाहु वध में दर्शाया गया कि राक्षसों का आंतक बढ़ने से ऋषि-मुनियों के यज्ञ प्रभावित होने लगे। जिस पर विश्वामित्र ऋषि ने राजा दशरथ से मदद मांगी। उन्होंने श्रीराम और लक्ष्मण को अपने साथ जंगल ले जाकर ताड़का और मारिच-सुबाहु का वध करने की बात कही। राजा दशरथ ने स्वयं चलकर उनका वध करने का अनरोध किया लेकिन विश्वामित्र ने उनके पुत्रों के द्वारा ही उनका वध होगा, ऐसा बताया। जिस पर पिता की आज्ञा पाकर श्रीराम और लक्ष्मण जंगल पहुंचे। उन्होंने ताड़का और सुबाहु का वध किया। मारिच श्रीराम से अपनी जान बचाकर भागने में सफल रहा।
वहीं, अहिल्या उद्धार में दर्शाया गया कि विश्वामित्र ने श्रीराम के द्वारा पत्थर बनी अहिल्या का उद्धार करवाया। इस अवसर पर रामलीला कमेटी सुभाष बनखंडी के अध्यक्ष विनोद पाल, महामंत्री हरीश तिवाड़ी, राजेश दिवाकर, राकेश पारछा, दीपक जोशी, रोहताश पाल, हुकुम चंद, मनमीत कुमार, पप्पू पाल, संजय शर्मा, प्रशांत पाल, महेंद्र कुमार, अनिल धीमान, ललित शर्मा, दया शंकर पांडेय, अशोक मौर्य, सुभाष पाल, पवन पाल, नीतीश पाल आदि उपस्थित रहे।

आईडीपीएल में एनएसएस के स्थापना दिवस पर हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम

राजकीय इंटर कॉलेज आईडीपीएल वीरभद्र ऋषिकेश में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्थापना दिवस को आजादी की 75वीं वर्षगांठ को समर्पित करते हुए कई कार्यक्रम, संगोष्ठी, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के उद्देश्यों के प्रचार-प्रसार एवं जागरुकता विषयक कार्यक्रम आयोजित किए गए।

कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ. धीरेंद्र रांगड़ ने द्वीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना से सेवा की सीख मिलती है सेवा समर्पण का भाव रखने वाला हमेशा सुखी रहता है। सेवा भाव का पालन करते हुए उसे धरा पर परिलक्षित कर सेवार्थी छात्र छात्राओं को एक आदर्श प्रस्तुत करना चाहिए।

विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य सूरज मणि, एनएसएस प्रभारी विजय पाल सिंह ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। राष्ट्रीय सेवा योजना के उद्देश्य पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कार्यक्रम अधिकारी ने विद्यार्थियों को स्वास्थ्य, सफाई, मतदाता जागरूकता, पर्यावरण सुरक्षा आदि के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।

सुनीता सिरवान, ईशा, महक, मनीषा, इन्दु, अंबिका, छवि, हेमंत, अभिषेक, संगीता, गीता आदि ने गढ़वाली गीत, गढ़वाली व पंजाबी सामूहिक नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी तथा छात्रों ने राष्ट्र सेवा समर्पण पर व्याख्यान प्रस्तुत किए।

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि नगर निगम ऋषिकेश पार्षद सुंदरी कंडवाल, शिक्षक ललित मोहन जोशी, मोनिका रौतेला, डॉ. संजय ध्यानी,एनसीसी अधिकारी सुशील रावत, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद नोटियाल, दिवाकर नैथानी, सीडी डंगवाल, श्याम सुन्दर रयाल, मनोज कुमार गुप्ता, ज्योति किरण लोहनी, माधुरी रावत, सुनीता पंवार, हरेंद्र सिंह राणा, इन्दु नेगी, रेखा भट्ट, आभा भट्ट, शकुंतला नैथानी आदि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन समन्वयक ऋषिकेश परिक्षेत्र मनोज कुमार गुप्ता ने किया।

पुलिस ने लापता रिसेप्शनिस्ट मामले में छह कर्मचारियों से की पूछताछ

यमकेश्वर प्रखंड के गंगा भोगपुर स्थित रिसार्ट से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुई रिसेप्शनिस्ट का अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है। शुरुआत से ही संदिग्ध प्रतीत हो रहा यह मामला अब राजस्व पुलिस से नागरिक पुलिस में ट्रांसफर कर दिया गया है।

युवती के स्वजन की ओर जताई गई अनहोनी की आशंका के चलते वहीं पुलिस ने रिसार्ट पर ताला जड़कर वहां मौजूद छह कर्मचारियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। जबकि युवती की गुमशुदगी दर्ज कराने वाला रिसार्ट स्वामी तथा मैनेजर अभी तक पुलिस के सामने नहीं आए हैं।

राजस्व क्षेत्र गंगा भोपगुर स्थित वनंन्तरा रिसार्ट में ग्राम श्रीकोट पट्टी नांदलस्यूं पौड़ी गढ़वाल निवासी अंकिता भंडारी (19 वर्ष) पुत्री वीरेंद्र सिंह भंडारी रिसेप्शनिस्ट के रूप में कुछ समय से काम कर रही थी।

बताया जा रहा है कि 19 सितंबर की सुबह अंकिता भंडारी रिसार्ट के अपने कमरे में नहीं मिली। जिसके बाद रिसार्ट के संचालक पुलकित कुमार ने राजस्व पुलिस को तहरीर दी।

उसमें बताया कि अंकिता कुछ समय से अंकिता मानसिक तनाव में थी। उसके मन को बहलाने के लिए पुलकित और सौरभ उसे 18 सितंबर को दुपहिया वाहन पर ऋषिकेश की ओर ले गए थे। जहां से देर सायं को वह सभी रिसार्ट में लौट आए थे।

इसके बाद वह अपने-अपने कमरे में सोने के लिए चले गए। 19 सितंबर की सुबह पता चला कि अंकिता अपने कमरे में नहीं है।

जिसके बाद अंकिता की काफी तलाश की गई मगर, उसका कुछ पता नहीं चल पाया।

अंकिता के पिता से भी जानकारी लेने पर पता चला कि वह गांव भी नहीं पहुंची।

रोटरी क्लब द्वारा आयोजित तीन दिवसीय कराटे प्रशिक्षण का हुआ समापन

रोटरी क्लब ऋषिकेश के तत्वावधान में हरिश्चंद्र बालिका इंटर कॉलेज में आयोजित तीन दिवसीय कराटे आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर तेजस्विनी का आज समापन हो गया।

समापन दिवस पर पहुंची राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल, क्लब अध्यक्ष राकेश अग्रवाल, प्रशिक्षण शिविर की आयोजिका मीनू डंग एवं विद्यालय की प्रधानाचार्य पूनम शर्मा ने सभी प्रतिभागी छात्राओ को प्रशस्ति पत्र भेंटकर बधाई दी। अंतरराष्ट्रीय कराटे कोच विश्व नाथ राजपूत के दिशा निर्देशन में चले तीन दिवसीय कराटे प्रशिक्षण शिविर में बड़ी संख्या में शामिल हुई छात्राओं ने आत्मरक्षा के गुर सीखे।

इस अवसर पर मुख्यातिथि कुसुम कंडवाल ने कहा कि आज के समय मे पढ़ाई लिखाई के साथ ही बच्चों को खेलकूद की ट्रेंनिग एवं अपनी आत्मसुरक्षा हेतु जुडो, कराटे एवं किकबॉक्सिंग जैसी आत्मरक्षा प्रशिक्षण सिखाये जाने अतिआवश्यक है। उन्होंने महिला सशक्तिकरण को लेकर रोटरी क्लब की मुहिम हेतु क्लब को बधाई दी।

क्लब की सदस्य वह प्रोजेक्ट चेयरमैन मीनू डंग कहा कि क्लब द्वारा ऐसे आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर और भी स्कूलों में चलाए जाएंगे।

इस मौके पर क्लब अध्यक्ष राकेश अग्रवाल ने मुख्यातिथि एवं स्कूल की प्रधानाचार्य एवं कराटे कोच को शाल ओढ़ाकर एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। इस अवसर क्लब के सचिव विशाल तायल, राजीव गर्ग, बलवंत सिंह, डॉ राजे नेगी, मेहरबान सिंह बिष्ट आदि उपस्थित रहे।