उपलब्धिः पिछले तीन साल में 23 करोड़ से अधिक पर्यटक पहुंचे उत्तराखंड

पर्यटन और तीर्थाटन को बढ़ावा देने के लिए जारी पुष्कर सिंह धामी सरकार के प्रयास रंग लाने लगे हैं, बीते तीन साल उत्तराखंड में 23 करोड़ से अधिक पर्यटक पहुंच चुके हैं। इससे होम स्टे, होटल, ढाबा संचालकों, महिला स्वयं सहायता समूहों से लेकर परिवहन कारोबारियों तक की आजीविका को सहारा मिला है।

प्रदेश सरकार के प्रयासों से उत्तराखंड में पर्यटन- तीर्थाटन लगातार बढ़ रहा है। पर्यटन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक उत्तराखंड में बीते तीन साल में 23 करोड़ से अधिक पर्यटक पहुंच चुके हैं। खास बात यह है कि उत्तराखंड का पर्यटन अब बहुआयामी हो चला है, पर्यटक बड़े शहरों और चुनिंदा हिल स्टेशन तक ही सीमित नहीं बल्कि दूर दराज के छोटे छोटे पर्यटक स्थलों तक भी पहुंच रहे हैं। इसी के साथ राफ्टिंग, ट्रैकिंग, बंजी जम्पिंग, पर्वतारोहण जैसी साहसिक गतिविधियों में भी देश ही नहीं बल्कि विदेशी पर्यटकों की भी भागीदारी बढ़ी है। इससे पर्यटन का लाभ प्रदेश के लाखों लोगों तक प्रत्यक्ष तौर पर पहुंच रहा है, इसमें होटल, रेस्टोरेंट, होमस्टे संचालक, परिवहन कारोबारी, महिला स्वयं सहायता समूह शामिल है। प्रदेश में इस समय छह हजार अधिक होम स्टे संचालक सीधे तौर पर बढी हुई पर्यटन गतिविधियों के सीधे लाभार्थी बनकर उभरे हैं।

तीर्थाटन भी बूम पर
प्रदेश में तीर्थाटन गतिविधियां भी काफी बढ़ गई है। इस वर्ष अब तक चारधाम यात्रा में ही तीर्थयात्रियों की संख्या 50 लाख को छू रही है। केदारनाथ, यमुनोत्री पैदल मार्ग पर इस साल 4300 से अधिक घोड़े दृ खच्चर संचालकों ने अपनी सेवाएं दी। प्रदेश सरकार अब शीतकालीन यात्रा को भी बढ़ावा दे रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आदि कैलाश यात्रा से भी पिथौरागढ़ के सीमांत क्षेत्र में तीर्थाटन, पर्यटन तेजी से बढ़ा है।

पर्यटन उत्तराखंड की आर्थिकी आधार है। पर्यटन- तीर्थाटन का लाभ सीधे तौर पर स्थानीय लोगों को मिलता है। इसलिए सरकार वर्षभर पर्यटन दृ तीर्थाटन गतिविधियों को जारी रखने का प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरों से उत्तराखंड में तीर्थाटन- पर्यटन को बल मिला है।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

रजत जयंती वर्ष पर धामी सरकार की नई पहल, लागू होगा ग्रीन सेस

उत्तराखण्ड राज्य के गठन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर राज्य सरकार ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए “ग्रीन सेस” लागू करने की घोषणा की है। यह सेस अन्य राज्यों से आने वाले वाहनों पर वसूला जाएगा, जिससे प्राप्त धनराशि वायु प्रदूषण नियंत्रण, हरित अवसंरचना और स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन पर खर्च की जाएगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “उत्तराखण्ड के 25 वर्ष पूरे होने पर यह हमारी प्रतिबद्धता है कि हम राज्य को स्वच्छ, हरित और प्रदूषण-मुक्त बनाएँ। ‘ग्रीन सेस’ से प्राप्त राजस्व का उपयोग वायु गुणवत्ता सुधार, हरित अवसंरचना और स्मार्ट यातायात प्रबंधन में किया जाएगा।”

राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मेंबर सेक्रेटरी डॉ. पराग मधुकर धकाते ने बताया कि बोर्ड के अध्ययन के अनुसार देहरादून में वायु प्रदूषण का सबसे बड़ा स्रोत सड़क की धूल (55ः) है, जबकि वाहन उत्सर्जन (7ः) भी एक प्रमुख कारण है। ग्रीन सेस के माध्यम से सड़क धूल नियंत्रण और स्वच्छ वाहन नीति अपनाना शहर की वायु गुणवत्ता सुधारने का सबसे प्रभावी कदम होगा।

भारत सरकार के “स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2024” में उत्तराखण्ड के शहरों ने शानदार प्रदर्शन किया है ऋषिकेश को 14वाँ और देहरादून को 19 वाँ स्थान प्राप्त हुआ है। राज्य सरकार इस उपलब्धि को और सुदृढ़ करने के लिए ग्रीन सेस से मिलने वाली आय का उपयोग करेगी।

मुख्य उद्देश्य
ऽ वायु प्रदूषण में कमी और एयर क्वालिटी इंडेक्स में सुधार
ऽ पुराने प्रदूषणकारी वाहनों पर नियंत्रण
ऽ स्वच्छ ईंधन आधारित वाहनों को प्रोत्साहन
ऽ सड़क धूल, वृक्षारोपण और वायु निगरानी नेटवर्क में सुधार

मुख्य विशेषताएँ
ऽ बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों से “ग्रीन सेस” वसूला जाएगा
ऽ इलेक्ट्रिक, हाइड्रोजन, सोलर और बैटरी वाहनों को छूट दी जाएगी
ऽ इससे राज्य को लगभग ₹100 करोड़ प्रतिवर्ष की आय होने का अनुमान
ऽ यह राशि वायु निगरानी, रोड डस्ट नियंत्रण, हरित क्षेत्र विस्तार और स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम पर व्यय होगी

राज्य सरकार ने कहा कि यह पहल उत्तराखण्ड को “स्वच्छ वायु स्वस्थ जीवन” की दिशा में एक नई पहचान देगी।

माणा गांव में सीएम धामी ने संबोधन कर कहा, “वाइब्रेंट गांवों की आर्थिकी को मिलेगा नया संबल”

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी देश के प्रथम गाँव माणा में आयोजित दो दिवसीय “देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव 2025” के समापन समारोह में पहुँचे। इस आयोजन में स्थानीय समुदायों, पर्यटकों और गणमान्य अतिथियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिली। महोत्सव का संचालन भारतीय सेना एवं उत्तराखंड सरकार के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।

मुख्यमंत्री ने महोत्सव की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय जनता, सेना और प्रशासन के सुचारू समन्वय से यह आयोजन बेहद सफल रहा, जिसने सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन और आर्थिकी को बढ़ावा देने की दिशा में अहम कदम बढ़ाया है।

मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन व सेना द्वारा लगाए गए स्टालों एवं “नो योर आर्मी” प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी भारतीय सेना और आम जनता के बीच विश्वास और सहयोग को और मजबूत करेगी। आर्मी द्वारा प्रदर्शित उपकरणों, मॉडल्स और सूचना सामग्री की उन्होंने विशेष सराहना की।

महोत्सव में स्कूली बच्चों ने पारंपरिक लोकनृत्य और गीतों की शानदार प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कार वितरित किए और कहा कि गढ़वाली लोक संस्कृति की ये झलकियाँ देवभूमि के असली गौरव को दर्शाती हैं। गढ़वाली बैंड, स्थानीय कलाकारों व कारीगरों के प्रदर्शन ने भी सभी का मन मोह लिया।

स्थानीय शिल्पकारों और स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों में पारंपरिक बुनाई, लकड़ी के हस्तशिल्प, जैविक उत्पाद, स्थानीय व्यंजन और अन्य धरोहर सामग्री को पर्यटकों द्वारा खूब सराहा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के उद्देश्यों को मजबूती प्रदान करते हुए युवाओं और महिलाओं को आजीविका के नए अवसर उपलब्ध करवाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महोत्सव केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि सर्दियों के मौसम में पर्यटन विकास, रोजगार सृजन, रिवर्स पलायन को बढ़ावा और सीमांत क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को सशक्त करने में सहायक सिद्ध होगा।कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने श्री बद्रीविशाल के दर्शन कर पूजा अर्चना की और प्रदेश एवं देशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।

इस दौरान जिलाधिकारी गौरव कुमार पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, बीकेटीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय थपलियाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, सैन्य अधिकारी व स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

मिशन एप्पल और अति सघन बागवानी योजना लाभार्थी किसानों का 27 अक्टूबर से होगा भौतिक सत्यापन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उद्यान विभाग के अंतर्गत वर्ष 2016-17 से 2022-23 तक संचालित मिशन एप्पल और वर्ष 2023-24 से संचालित सेब की अति सघन बागवानी योजना के लाभार्थी किसानों की लंबित राज सहायता का भुगतान प्राथमिकता पर करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने ही प्रमुख सचिव न्याय, सचिव वित्त और सचिव कृषि एवं कृषक कल्याण के साथ बैठक कर, लाभार्थी किसानों को तत्काल राज सहायता उपलब्ध कराने के लिए सोमवार 27 अक्टूबर से ही भौतिक सत्यापन सहित अन्य प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को लम्बित राजसहायता की धनराशि जारी करने से सम्बन्धित समस्त औपचारिकताएं शीघ्र पूर्ण करने कहा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 में सेब की बागवानी योजना के लिए 35.00 करोड़ रुपए बजट की व्यवस्था है। किसानों को राज सहायता उपलब्ध कराने के लिए यदि और धनराशि की आवश्यकता होगी तो राज्य सरकार द्वारा उसकी व्यवस्था भी की जायेगी। मुख्य सचिव ने सम्बन्धित मुख्य – जिला उद्यान अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि मिशन एप्पल और सेब की अति सघन बागवानी योजनान्तर्गत कृषकों के लम्बित राजसहायता के भुगतान के लिए दिनांक 27.10.2025 से ही भौतिक सत्यापन एवं अन्य औपचारिकताओं की कार्यवाही प्रारम्भ की जाए।

सरकार कृषक कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। मिशन एप्पल और सेब की अति सघन बागवानी योजना के लाभार्थी किसानों की लंबित राज सहायता का भुगतान शीघ्रता के साथ कराया जाएगा। सोमवार से ही इसकी प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

पौड़ी का राइकां रिखणीखाल का नाम गुणानंद के नाम से जाना जाएगाः धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजकीय इंटर कॉलेज रिखणीखाल, पौड़ी गढ़वाल में आयोजित शहीद स्मरण समारोह में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कुल 102.82 करोड़ रुपये की लागत से 11 विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें 56.58 करोड़ रुपये की लागत की 06 योजनाओं का लोकार्पण तथा 46.24 करोड़ रुपये की लागत की 05 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने राजकीय इंटर कॉलेज रिखणीखाल का नाम गुणानंद के नाम पर रखने, विकासखंड रिखणीखाल में दलमोटा से बल्ली तक का मिलान कार्य करने, विकास खण्ड रिखणीखाल में प्रेक्षागृह का निर्माण करने, विकास खण्ड रिखणीखाल में लो०नि०वि० अतिथि गृह व हैलीपैड निर्माण कार्य, विकास खण्ड जयहरीखाल में न्याय पंचायत मेरूड़ा में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की स्थापना, विकास खण्ड रिखणीखाल के मंदाल नदी से नौदानू में पम्पिंग योजना निर्माण, विकास खण्ड जयहरीखाल में पशु सेवा केन्द्र सिलवाड़, जयहरीखाल पशु चिकित्सालय का उच्चीकरण एवं पशु सेवा केन्द्र ढौंटियाल पशुधन प्रसार अधिकारी पद सहित ग्राम सत्तीचौड़ में स्थापना करने, विधान सभा लैन्सडौन के अन्तर्गत विकास खण्ड रिखणीखाल में मन्दाल नदी पर बाढ सुरक्षा कार्य, विकास खण्ड रिखणीखाल में चौलूडांडा पम्पिंग योजना निर्माण, विकास खण्ड नैनीडांडा के भौन में पम्पिंग योजना का निर्माण, विकास खण्ड नैनीडांडा के अन्तर्गत दिगोलीखाल पम्पिंग योजना का निर्माण, विकासखंड द्वारीखाल में सिमडी कंडली मोटर मार्ग के प्रथम बैंड से सेरा फरसैंगाल तक मोटर मार्ग का निर्माण, विकासखंड रिखणीखाल में कठवाडा खनसुली खनेताखाल मोटर मार्ग से ढाबखाल बुलेखा मोटर मार्ग तक मिलान कार्य, विकास खण्ड रिखणीखाल में लेकुल नाड़ मज्याड़ी मोटरमार्ग का निर्माण कार्य, रिखणीखाल कोटडीसैंण के समीप ग्राम पैयागड़ी रजवी मल्ला विटे मोटर मार्ग का निर्माण, विकासखण्ड रिखणीखाल में किल्यौखाल से सुन्द्रोली तक मोटर मार्ग का निर्माण कार्य, विकास खण्ड रिखणीखाल में नावे तल्ली में भाग दो का कार्य, देवियोखाल बाजार से मैवणी तक सम्पर्क मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुधार कार्य, विकासखंड रिखणीखाल के अंतर्गत पाणीसैंण डबराड़ बूथानगर मोटर मार्ग का निर्माण, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र रिखणीखाल में डॉक्टरों नियुक्ति तथा विकासखंड रिखणीखाल के अंतर्गत अमर शहीदों के नाम पर स्थानीय मोटर मार्गों के नाम करने की घोषणाएं की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने स्टॉल में जाकर ओखली में धान की कुटाई की साथ ही सिलबट्टे पर चटनी पीसने और मट्ठा बिलोने की गतिविधियों में सहभागिता की। उन्होंने स्थानीय उत्पादों की जानकारी ली और कहा कि आज देश-दुनिया में पहाड़ी उत्पादों की मांग निरंतर बढ़ रही है। उन्होंने स्थानीय लोगों से स्वरोजगार अपनाकर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम से पहले, मुख्यमंत्री ने आर्मी बैंड का अवलोकन किया और मधुर धुन प्रस्तुत करने के लिए बैंड के सदस्यों का उत्साहवर्धन किया। तत्पश्चात मुख्यमंत्री सहित उपस्थित जनसमूह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम को सुना।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अवसर केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सभी शहीदों को सामूहिक श्रद्धांजलि देने का क्षण है। उत्तराखंड के वीर सैनिकों ने सदैव भारत माता को गर्वित किया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में लगभग हर घर का कोई न कोई सदस्य सैन्य पृष्ठभूमि से जुड़ा है। राज्य सरकार सैनिकों एवं उनके परिजनों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदों के परिजनों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि को रूपए 10 लाख से बढ़ाकर रुपए 50 लाख कर दिया गया है। साथ ही परमवीर चक्र तथा अन्य पुरस्कार विजेताओं की पुरस्कार राशि में अभूतपूर्व वृद्धि की गयी है। उन्होंने कहा कि शहीदों के अंतिम संस्कार हेतु 10 हजार की सहायता राशि दी जा रही है। सैनिकों को भूमि खरीद पर लगने वाली स्टांप ड्यूटी के रूप में 25 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। शहीदों के परिजनों को सरकारी सेवा में संयोजन के तहत 28 परिजनों को नियुक्ति प्रदान की जा चुकी है तथा 13 मामलों की प्रक्रिया प्रचलित है। पूर्व में नौकरी के लिए आवेदन हेतु 02 वर्ष का समय सीमा थी, जिसे बढ़ाकर 05 वर्ष कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा वन रैंक वन पेंशन, आधुनिक उपकरण, जैकेट व जूते जैसी सुविधाएँ सैनिकों को उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि देहरादून में बन रहे भव्य सैन्य धाम का शीघ्र ही लोकार्पण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने पौड़ी जनपद में हो रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि कंडोलिया में 100 मीटर ऊंचा झंडा व पूर्व सीडीएस बिपिन रावत पार्क का निर्माण हो चुका है तथा पौराणिक चारधाम पैदल मार्ग पुनः संचालन, ट्राइडेंट पार्क, पूर्व कलेक्ट्रेट भवन का हेरिटेज निर्माण, सतपुली झील निर्माण तथा धारी देवी पैदल मार्ग पुनः निर्माण कार्य प्रगति पर हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार क्षेत्रवाद और जातिवाद से ऊपर उठकर विकास के लिए कार्य कर रही है। सरकार ने दंगा विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता (यूसीसी), ऑपरेशन कालनेमि और नकल विरोधी कानून जैसे ऐतिहासिक कदम उठाए हैं, जिससे राज्य में सुशासन की स्थापना हो रही है।

विधायक महंत दिलीप रावत ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि देहरादून में बन रहे भव्य सैन्य धाम से राज्य का गौरव बढ़ा है। शहीदों के आंगन की पावन मिट्टी सैन्य धाम के लिए ले जाने हेतु उन्होंने मुख्यमंत्री को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा नकल विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने एवं रोजगार सृजन के क्षेत्र में किए जा रहे उत्कृष्ट कार्य सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि रिखणीखाल जैसी वीर भूमि से हमें सदैव प्रेरणा मिलती है। उन्होंने शहीदों, वीर नारियों, गौरव सेनानियों एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों का हार्दिक अभिनंदन किया।

कार्यक्रम में एडम बटालियन कमांडर कर्नल मंजुल कफल्टिया ने कहा कि भारतीय सेना सदैव शहीदों के परिजनों के साथ खड़ी है। उन्होंने अपील की कि किसी भी समस्या के समाधान हेतु परिजन गढ़वाल राइफल्स केंद्र, लैंसडाउन से संपर्क कर सकते हैं।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष गौ सेवा आयोग पं. राजेंद्र अण्थवाल, जिला पंचायत सदस्य अनूप पटवाल, ब्लॉक प्रमुख रिखणीखाल रेणु रावत, प्रमुख जयहरीखाल रणवीर सजवाण, जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

निगम को निराश्रित पशुओं के लिये मिला स्थाई ठिकाना, प्रेस वार्ता कर मेयर ने दी जानकारी

लगातार प्रयासों के बाद नगर निगम को निराश्रित पशुओं के लिए स्थायी ठिकाने की जगह मिल गई है। राजस्व विभाग ने निगम को ग्रामसभा रायवाला में 13 बीघा भूमि आवंटित कर दी है। इसी जमीन पर जल्द ही गोशाला, नंदीशाला और एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर की स्थापना की जाएगी।

नगर निगम कार्यालय में शनिवार को प्रेस वार्ता के दौरान मेयर शंभू पासवान ने यह जानकारी दी। बताया कि निगम प्रशासन बीते लंबे समय से भूमि आवंटन के लिए प्रयासरत था। पहले राजस्व विभाग की ओर से भूमि आवंटन के बदले चार करोड़ रुपये की मांग की गई थी, लेकिन निगम के सीमित बजट को देखते हुए निःशुल्क भूमि देने का आग्रह किया गया था। अब राजस्व विभाग ने इस प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है।

नगर आयुक्त गोपालराम बिनवाल ने बताया कि आवंटित भूमि पर सबसे पहले सुरक्षा दीवार के निर्माण का कार्य शुरू किया जाएगा। इसके बाद गोशाला, नंदीशाला और एबीसी सेंटर के निर्माण के लिए शासन से बजट स्वीकृति के लिए एस्टिमेट भेजा जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले छह महीने मेंयह सभी कार्य पूर्ण हो जाएंगे।

उन्होंने बताया कि इस परियोजना के पूरा पर निराश्रित पशुओं को चारापानी और सुरक्षित आश्रय मिलेगा, बल्कि शहरवासियों को भी सड़कों पर घूमने वाले पशुओं से निजात मिलेगी। बैठक में सहायक नगर आयुक्त चंद्रकांत भट्ट और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

सीएम ने अभाविप के 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन के आयोजन से संबंधित केंद्रीय टीम की बैठक में किया प्रतिभाग

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज दून विश्वविद्यालय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 28 से 30 नवम्बर 2025 को देहरादून में 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन के आयोजन से संबंधित केंद्रीय टीम की बैठक में प्रतिभाग किया।

बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिवेशन की तैयारियों की विस्तृत जानकारी ली और आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इस तरह के राष्ट्रीय स्तर के अधिवेशन युवा शक्ति को एक मंच प्रदान करते हैं, जहाँ विचार-विमर्श के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की दिशा में ठोस संकल्प लिए जाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एबीवीपी जैसे संगठन देश की युवा ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने में निरंतर अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने अधिवेशन के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि उत्तराखंड की धरती पर आयोजित यह राष्ट्रीय अधिवेशन निश्चित रूप से युवाओं में नए उत्साह, ऊर्जा और देशभक्ति की भावना का संचार करेगा।

सीएम ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 163.52 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद टिहरी गढ़वाल के धनोल्टी विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत लालूरी घियाकोटी क्यार्दा की चली मोटर मार्ग का पुननिर्माण एवं सुधारीकरण कार्य हेतु रु 4.16 करोड़ के साथ रणकौची मन्दिर, चम्पावत हेतु उत्तराखण्ड परियोजना विकास एवं निर्माण निगम लि० द्वारा आगणित धनराशि के सापेक्ष 4.57 करोड़ धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री द्वारा पुलिस लाईन रेसकोर्स देहरादून में पेयजल योजना (नई पाईप लाईन एवं ओवर हेड टैंक) के निर्माण कार्य हेतु 05 करोड़, पुलिस लाईन रेसकोर्स देहरादून में टाईप द्वितीय (ब्लॉक-सी) के 120 आवासों के निर्माण हेतु 51 करोड़ तथा लोक सेवा आयोग के भगीरथ आवासीय परिसर में एक बहुमंजलीय इमारत जिसमें टाईप-3 के 20 आवास एवं टाईप-4 के 20 आवास बनाये जाने हेतु 19 करोड, आई०आर०बी० द्वितीय वाहिनी, देहरादून परिसर में टाईप द्वितीय के 120 आवासों के निर्माण हेतु 54 करोड़ के साथ ही राज्य योजना के अर्न्तगत राजभवन, देहरादून में बहुउद्देशीय भवनों का निर्माण कार्य (विद्युतीकरण सहित) कुल 13.73 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा राज्य योजना के अर्न्तगत रूद्रप्रयाग के विधानसभा क्षेत्र केदारनाथ में श्री केदारनाथ धाम पैदल यात्रा मार्ग में श्री केदारनाथ जी से गरूरचट्टी पैदल मार्ग की छतिग्रस्त दीवारों का पुर्ननिर्माण एवं रैलिंग फिक्सिंग, मलवा सफाई कार्य हेतु 5.22 करोड़, राज्य योजना के अर्न्तगत जनपद पौड़ी गढ़वाल के विधानसभा क्षेत्र चौबटटाखाल के विकासखण्ड पोखड़ा में दमदेवल-गडरी मोटर मार्ग का झलपाड़ी तक पुननिर्माण एवं सुधारीकरण का कार्य हेतु 3.39 करोड़ एवं मुख्यमंत्री घोषणा के तहत जनपद पौडी के विधानसभा क्षेत्र चौबटटाखाल के विकासखण्ड पोखड़ा के अर्न्तगत चलकुड़िया-मसमोली-सकलोनी-नौखोली मोटर मार्ग किमी0 9 से 12 में पुननिर्माण एवं सुधारीकरण कार्य हेतु 3.45 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

आपदा प्रभावितों की सहायता एवं पुनर्निर्माण कार्यों को उत्तरांचल ग्रामीण बैंक ने दिए 35,49,371 रूपये

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से ुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में उत्तरांचल ग्रामीण बैंक के प्रतिनिधियों ने भेंट की। इस दौरान बैंक प्रतिनिधियों ने उत्तराखंड में आपदा प्रभावितों की सहायता एवं पुनर्निर्माण कार्यों के लिए ₹ 35,49,371 की धनराशि मुख्यमंत्री राहत कोष में प्रदान की।

मुख्यमंत्री ने इस सहयोग के लिए बैंक प्रबंधन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योगदान आपदा प्रभावितों की सहायता एवं पुनर्निर्माण कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा समाज के सभी वर्गों द्वारा किया गया सहयोग अत्यंत सराहनीय है और इससे पीड़ितों को राहत प्रदान करने में भी सहायता मिलेगी।

इस अवसर पर बैंक के चेयरमैन हरिहर पटनायक, राजीव प्रकाश, भारती नौडियाल, हरीश कण्डारी, महिपाल डसीला मौजूद रहे।
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सेंट जोसेफ अकादमी ने आपदा पुनर्निर्माण के कार्यों के लिये सीएम को दिए 10 लाख रूपये
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में सेंट जोसेफ अकादमी, देहरादून के स्कूल प्रबंधन ने मुलाकात कर आपदा पुनर्निर्माण के कार्यों के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में ₹10 लाख की धनराशि प्रदान की।

मुख्यमंत्री ने सेंट जोसेफ अकादमी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योगदान आपदा प्रभावितों की सहायता एवं पुनर्निर्माण कार्यों में उपयोगी सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक आपदा प्रभावित व्यक्ति के साथ खड़ी है।

इस अवसर पर ब्रदर जोसेफ एम. जोसेफ, ब्रदर एस्टिनस कुजूर, एस. के. नैथानी, सचिन अग्रवाल, भवनेश नेगी मौजूद रहे।

विकास योजनाओं का शुभारंभ कर बोले सीएम, चंपावत में खुलेगा कृषि विश्वविद्यालय

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शारदा घाट, टनकपुर में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए ₹20.50 करोड़ की 10 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पंतनगर की तर्ज पर चंपावत में कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना किए जाने एवं छीनीगोठ क्षेत्र में बाढ़ राहत एवं सुरक्षा कार्य किए जाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छीनीगोठ एवं आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ राहत एवं सुरक्षा कार्य कराए जाने से यह क्षेत्र मानसून में होने वाले क्षत्रि से बच सकेगा और कृषि भूमि व सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मददगार साबित होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय की तर्ज पर चंपावत में एक नया कृषि विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा। इस विश्वविद्यालय से स्थानीय युवाओं को कृषि एवं संबद्ध विज्ञानों में उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान के अवसर मिलेंगे। यह कदम क्षेत्र में वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देगा और पर्वतीय कृषि अर्थव्यवस्था को नई पहचान प्रदान करेगा। उन्होंने कहा ये दोनों घोषणाएं चंपावत को शिक्षा, कृषि और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, उत्तराखंड को हर क्षेत्र में आगे बढ़ा रही है। आज शिक्षा स्वास्थ्य कृषि उद्यान रोजगार देने एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने हर क्षेत्र में कार्य किया जा रहा है। चंपावत जिले में भी विकास को आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा चंपावत में विकास को आगे बढ़ते हुए इसे एक आदर्श जिले के रूप में स्थापित किया जा रहा है।

इस अवसर पर दायित्वधारी श्याम नारायण पांडे, शंकर कोरंगा, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, ब्लॉक प्रमुख अंचला बोहरा, भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।