सरकारी कार्यालयों में होगी 100 फीसदी कर्मचारियों की उपस्थिति

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने राज्य में कोविड-19 के संक्रमण के मामलों में आई कमी को देखते हुए राज्य सचिवालय समेत सभी सरकारी कार्यालयों में समस्त समूह के अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति 100 फीसदी किए जाने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है।

पिछले साल कोविड-19 महामारी को देखते हुए शासन ने समय-समय पर सचिवालय समेत सभी सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति में कमी कर दी थी। सरकारी कार्यालयों में कुछ विभागों में अधिकारियों के साथ ही सभी समूह के कर्मचारियों की वर्तमान में उपस्थिति 75 फीसदी तक सीमित की गई थी। अब सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से मुख्यमंत्री के समक्ष सचिवालय समेत सभी सरकारी विभागों में समस्त समूहों के अधिकारी-कर्मचारियों की 100 फीसदी उपस्थिति का प्रस्ताव भेजा गया। इस पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अनुमोदन दे दिया है।

मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित गांव रैणी एवं लाता में स्थिति का जायजा लिया

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने आपदा प्रभावित सीमांत गांव रैणी एवं लाता जाकर वहां की स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने स्थानीय ग्रामीणों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को हर सम्भव सहायता के प्रति आश्वस्त किया। उन्होंने जिलाधिकारी चमोली को निर्देश दिए कि कनेक्टीवीटी से कट गए गांवों में आवश्यक वस्तुओं की कमी न रहे। रविवार को तपोवन क्षेत्र में हुई भीषण त्रासदी में जोशीमठ ब्लॉक के लगभग 1 दर्जन गांवों का सड़क से सम्पर्क टूट गया था।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने जोशीमठ में आईटीबीपी अस्पताल में आपदा में घायल हुए लोगों से मिलकर उनका हालचाल जाना। मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से घायलों के ईलाज के बारे में जानकारी प्राप्त की।

गौरतलब है कि सोमवार देर सांय मुख्यमंत्री तपोवन जोशीमठ पहुंचे थे। वहां उन्होंने आपदा राहत कार्यों का जायजा लिया और राहत कार्यों में लगे सेना, आईटीबीपी, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस के जवानों का उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री ने सोमवार को ही देर सांय विभिन्न अधिकारियों के साथ बैठक कर पूरे रेस्क्यू आपरेशन की समीक्षा की थी। मुख्यमंत्री ने तपोवन, जोशीमठ में ही रात्रि प्रवास किया था।

मंगलवार को भी सर्च व रेस्क्यू आपरेशन जारी रहा
चमोली जिले में रविवार को आयी आपदा के तीसरे दिन भी रेस्क्यू आपरेशन पूरे दिनभर जारी रहा। आपदा मे सडक पुल बह जाने के कारण नीति वैली के जिन 13 गांवों से संपर्क टूट गया है उन गांवों में जिला प्रशासन चमोली द्वारा हैलीकॉप्टर के माध्यम से राशन, मेडिकल एवं रोजमर्रा की चीजें पहुंचायी जा रही है। गांवों मे फसे लोगो को राशन किट के साथ 5 किलो चावल, 5 किग्रा आटा, चीनी, दाल, तेल, नमक, मसाले, चायपत्ती, साबुन, मिल्क पाउडर, मोमबत्ती, माचिस आदि राहत सामग्री हैली से भेजी जा रही हैं। आपदा प्रभावित क्षेत्र के साथ ही अलकनन्दा नदी तटों पर जिला प्रशासन की टीम लापता लोगों की खोजबीन में जुटी हैं।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से प्राप्त जानकारी (अपराह्न 12 बजे तक की रिपोर्ट) के अनुसार घटना के बाद 31 शव मिल गए हैं जबकि 175 लोग अभी लापता हैं। प्रभावित क्षेत्रों में एसडीआरएफ के 190, एनडीआरएफ के 176, आईटीबीपी के 425 जवान एसएसबी की 1 टीम, आर्मी के 124 जवान, आर्मी की 02 मेडिकल टीम, स्वास्थ्य विभाग उत्तराखण्ड की 04 मेडिकल टीमें और फायर विभाग के 16 फायरमैन, लगाए गए हैं। राजस्व विभाग, पुलिस दूरसंचार और सिविल पुलिस के कार्मिक भी कार्यरत हैं। बीआरओ द्वारा 2 जेसीबी, 1 व्हील लोडर, 2 हाईड्रो एक्सकेवेटर, आदि मशीनें लगाई गई हैं। एक हेलीकाप्टर द्वारा एनडीआरएफ की टीम औश्र 03 वैज्ञानिकों को भेजा गया है। स्टैंडबाई के तौर पर आईबीपी के 400, आर्मी के 220 जवान, स्वास्थ्य विभाग की 4 मेडिकल टीमें और फायर विभाग के 39 फायरमैन रखे गए हैं। आर्मी के 03 हेलीकाप्टर जोशीमठ में रखे गए हैं।

आपदा से 05 पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं। 13 गांवों में बिजली प्रभावित हुई थी, इनमें से 11 गांवों में बिजली बहाल कर दी गई है। शेष 2 गांवों में अभी लाईन क्षतिग्रस्त है। इसी प्रकार 11 गांवों में पेयजल लाईन क्षतिग्रस्त हुई थीं, इनमें से 8 गांवों में पेयजल आपूर्ति सुचारू कर दी गई है। शेष 03 पर भी काम चल रहा है।

एक फरवरी से उत्तराखंड में भी केजरीवाल अभियान शुरू करने जा रही आम आदमी पार्टी

आम आदमी पार्टी उत्तराखंड में एक फरवरी से प्रदेश की सभी 70 विधानसभाओं में ‘‘उत्तराखंड में भी केजरीवाल’’ अभियान शुरू करने जा रही है। जिसमें 70 वीडियो वैन के माध्‍यम से सभी विधानसभाओं में पार्टी की नीतियों के साथ प्रदेश की मुख्य समस्याएं व उनके समाधान भी बताए जाएंगे।

पार्टी के संगठन मंत्री दिनेश असवाल ने बताया कि एक फरवरी को आप के वरिष्ठ नेता दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया देहरादून से अभियान की शुरुआत करेंगे।अभियान की जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह कंपेन 45 दिन तक चलेगा। इसमें वीडियो वैन सभी विधानसभाओं में नुक्कड़ मीटिंग व 6500 जनसभाएं करेंगे। उन्‍होंने बताया कि मिशन 2022 के लिए पार्टी उत्तराखंड में सदस्यता अभियान शुरू करेगी। 45 दिनों तक चलने वाले सदस्‍यता अभियान में 10 लाख घरों में जाकर एक लाख सक्रिय सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्‍होंने बताया कि पार्टी के साथ लगातार कार्यकर्त्‍ता जुड़ रहे हैं और वह भी इस अभियान को चलाने में सहयोग करेंगे। इस मौके पर समाजसेवी डॉ राजे सिंह नेगी, अमित बिश्नोई, दिनेश कुलियाल, धनपाल रावत, चंद्रमोहन भट्ट, गणेश बिजल्वाण, जगदीश कोहली, अमन नोटियाल, उमंग देवरानी, लालमणि रतूड़ी, जयप्रकाश भट्ट, योगेश जखमोला उपस्थित थे।

राजपथ पर केदारखंड झांकी ने बनाया देश में तीसरा स्थान

गणतंत्र दिवस पर विभिन्न राज्यों की झांकियों में उत्तराखण्ड की ’केदारखण्ड’ झांकी को तीसरे स्थान के लिये पुरस्कृत किया गया है। नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय रंगशाला शिविर में केंद्रीय राज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने यह पुरस्कार प्रदान किया। उत्तराखण्ड के प्रतिनिधि और टीम लीडर केएस चैहान ने राज्य की ओर से पुरस्कार प्राप्त किया। राज्य गठन के बाद उत्तराखण्ड द्वारा अनेक बार प्रतिभाग किया गया परंतु यह पहला अवसर है जब उत्तराखण्ड की झांकी को पुरस्कार के लिए चुना गया है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इस पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में 2013 की आपदा के बाद केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण कर इसे पहले से भी अधिक भव्य रूप प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री ने झांकी को पुरस्कार के लिए चुने जाने पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए सचिव सूचना दिलीप जावलकर, सूचना महानिदेशक डॉ मेहरबान सिंह बिष्ट, टीम लीडर व उपनिदेशक सूचना केएस चैहान और झांकी बनाने वाले कलाकारों तथा झांकी में सम्मलित सभी कलाकारों को बधाई दी है।

गौरतलब है कि राजपथ, नई दिल्ली गणतंत्र दिवस समारोह में उत्तराखण्ड राज्य की ओर से “केदारखंड” की झांकी प्रदर्शित की गई थी।

उत्तराखण्ड सूचना विभाग के उपनिदेशक-झांकी के टीम लीडर केएस चैहान के नेतृत्व में 12 कलाकारों के दल ने भी झांकी में अपना प्रदर्शन किया। झांकी का थीम सांग “जय जय केदारा” था।

गणतंत्र दिवस परेड-2021 समारोह में उत्तराखण्ड राज्य की झांकी में सम्मिलित होने वाले कलाकारों में झांकी निर्माता सविना जेटली, मोहन चन्द्र पाण्डेय, विशाल कुमार, दीपक सिंह, देवेश पन्त, वरूण कुमार, अजय कुमार, रेनू, नीरू बोरा, दिव्या, नीलम और अंकिता नेगी शामिल थे।

फ्लैग आफ कर सीएम ने राज्य का प्रतिनिधित्व करने पर श्रुति रावत को दिया डेढ़ लाख का चेक

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री आवास में प्रथम महिला ट्रांस हिमालय साईक्लिंग अभियान के लिए उत्तराखण्ड राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाली श्रुति रावत एवं बिहार राज्य की ओर से प्रतिनिधित्व कर रही सबिता मेहतो को शुभकामनांए दी हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री आवास में इस अभियान का फ्लैग ऑफ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने इस अभियान के लिए श्रुति रावत को डेढ़ लाख रूपये का चेक भी प्रदान किया।

05 हजार किमी. का यह साईक्लिंग अभियान लगभग 80 दिन तक चलेगा। उत्तराखण्ड एवं बिहार की ये बेटियां इस अभियान के माध्यम से ‘‘अखण्ड हिमालय, स्वच्छ हिमालय, कर्तव्य गंगा व महिला सुरक्षा’’ का संदेश देंगी। ट्रांस हिमालय साईक्लिंग अभियान की शुरूआत 02 फरवरी 2021 को बाघा बॉर्डर से शुरू होगी। इसके बाद पंजाब, जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखण्ड, नेपाल, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम एवं नेपाल होते हुए अरूणांचल प्रदेश के टीजू में अपनी यात्रा पूर्ण करेंगे। इस अवसर पर पर्वतारोही अवधेश भट्ट भी उपस्थित थे।

अटल उत्कृष्ट विद्यालय खोलने का शासनादेश हुआ जारी

प्रदेश में शिक्षा, शिक्षण एवं शैक्षणिक कार्यों के उच्च मापदंड स्थापित करने हेतु अटल उत्कृष्ट योजना के अंतर्गत सीबीएसई बोर्ड से सम्बद्ध 190 विद्यालयों (प्रत्येक विकासखंड में दो) को खोलने का शासनादेश हो गए हैं।

देश के भूतपूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित यह 190 ’अटल उत्कृष्ट विद्यालय’ आगामी शैक्षणिक सत्र से प्रारंभ किये जायेंगे। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि भविष्य में उक्त योजना, प्रदेश में शिक्षा, शैक्षणिक कार्यों एवं शिक्षा व्यवस्थाओं को नए उच्च आयाम प्रदान करेगी। साथ ही कोरोना महामारी से उत्पन्न परिथितियों के दृष्टिगत पलायन को रोकने, नवीन रोजगारों के सृजन हेतु सहायक सिद्ध होगी। राज्य सरकार, प्रदेश में शिक्षा के उन्नयन हेतु कृतसंकल्पित है।

ई-ऑफिस व्यवस्था लागू होने से कार्यों में आएगी पारदर्शिता-मुख्य सचिव

मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने सचिवालय में ई-ऑफिस की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने कहा कि 25 दिसम्बर, 2020 से सचिवालय के सभी अनुभागों को ई-ऑफिस सिस्टम से जोड़ा जाना है। इसके लिए सभी विभाग अपनी ओर से सभी आवश्यक तैयारियाँ पूर्ण कर लें।
मुख्य सचिव ने कहा कि ई-ऑफिस व्यवस्था लागू होने से कार्य में पारदर्शिता आएगी इसके साथ ही कार्यों की गति भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए लगातार प्रशिक्षण कराया जा रहा है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अनुभागों के निरीक्षण की भी व्यवस्था की जाए। विभागों एवं अनुभागों से फीडबैक लेते हुए उनकी समस्याओं के निराकरण की व्यवस्था भी की जाए।
बैठक में सचिव आर.के. सुधांशु ने बताया कि ई-ऑफिस सिस्टम की दिशा में आईटीडीए, जिलाधिकारी देहरादून कार्यालय, शहरी विकास एवं वन विभाग का पीसीसीएफ ऑफिस ने 100 प्रतिशत ई-ऑफिस सिस्टम लागू कर लिया है। बाकी विभाग भी तेजी से ई-ऑफिस पर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सचिवालय में इस सम्बन्ध में लगातार प्रशिक्षण कराया जा रहा है। जिस भी अनुभाग में कोई समस्या आ रही है। 20 मिनट के अन्दर हमारी टीम वहां पहुंच कर उन्हें आवश्यक जानकारी देते हुए उनकी समस्या का निराकरण कर रही है।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, मनीषा पंवार, सौजन्या, निदेशक आईटीडीए, अमित सिन्हा सहित सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम स्वरोजगार योजना के तहत रोजगार सृजन को प्रतिमाह होगी समीक्षा


मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने पशुपालन एवं मत्स्य विभाग की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सीएम स्वरोजगार योजना के तहत पशुपालन विभाग द्वारा रोजगार सृजन के लिए किये जा रहे कार्यों की प्रतिमाह स्टेट लेबल पर समीक्षा की जाय। कृषि, पशुपालन एवं मत्स्य के क्षेत्र में रोजगार की अनेक संभावनाएं हैं। इसके लिए विभाग द्वारा किये जा रहे विभिन्न कार्यों एवं सरकार की योजनाओं के बारे में लोगों को जागरूक किया जाय। ऊन उत्पादन से पशुपालकों की आय में कैसे वृद्धि की जा सकती है और इसके अच्छे इस्तेमाल के लिए वैल्यू एडिशन की दिशा में विशेष ध्यान दिया जाय। पोल्ट्री, दुग्ध उत्पादन, ऊन उत्पादन आदि क्षेत्रों में किन जनपदों में अच्छा कार्य किया जा रहा है और किन जनपदों को और कार्य करने की जरूरत है, इसकी नियमित निगरानी की जाय। कृषकों एवं पशुपालकों को वार्षिक आय वृद्धि के लिए विभाग द्वारा प्रयास किये जाय। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पशुपालन विभाग के टोल फ्री नम्बर 1800-120-8862 का शुभारम्भ किया।

पशुपालकों की आय में वृद्धि के लिए कॉपरेटिव बनाया जाए
मुख्यमंत्री ने कहा कि पशुपालकों की आय में वृद्धि के लिए कॉपरेटिव बनाये जाय। जिससे पशुपालक दुग्ध उत्पादन और उसकी मार्केटिंग का कार्य करेंगे तो उनके शुद्ध लाभ में वृद्धि होगी। दुग्ध और उससे बनने वाले उत्पादों के लिए ग्रोथ सेंटर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं, इसके लिए विशेष प्रयासों की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि महिलाओं के सिर से घास का बोझ हटे, इस दिशा में पशुपालन विभाग को ध्यान देने की जरूरत है। सालभर में कई दुर्घटनाएं घास लाते समय गिरने एवं जंगली जानवरों की वजह से हो जाती हैं। दुधारू पशुओं के लिए पर्याप्त आहार की व्यवस्था घरों तक कैसे हो सकती है, इसकी व्यवस्था की जाय। उत्तराखण्ड में महिलाएं हर दिशा में अच्छा कार्य कर रही हैं, उनको कौशल विकास की अन्य गतिविधियों से जोड़ा जाय, तो और अच्छा परिणाम मिलेगा।

राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत 17.34 लाख पशुओं का टीकाकरण किया गया
बैठक में जानकारी दी गई कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत पशुपालन विभाग द्वारा 523 लाभार्थियों को ऋण उपलब्ध कराया गया है। पर्वतीय राज्यों में दुग्ध उत्पादन में उत्तराखण्ड का दूसरा स्थान है। राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत 17.34 लाख पशुओं का टीकाकरण किया गया है। राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत वर्ष 2020-21 हेतु केन्द्र सरकार द्वारा 16 करोड़ 80 लाख की धनराशि अवमुक्त की गई है। पशुधन बीमा योजना के तहत 77 हजार से अधिक पशुओं को बीमा किया गया है। खुरपका एवं मुंहपका रोग को 2025 तक समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है।

फिशरीज के लिए फण्डिंग बढ़ाई जाय
मत्स्य विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने निर्देश दिये कि मत्स्य पालन के क्षेत्र में कार्य करने के लिए लोग रूचि दिखा रहे हैं। इसमें कम खर्चे पर अधिक लोगों को रोजगार से जोड़ा जा सकता है। उन्होंने कहा कि फिशरीज के लिए फण्डिंग बढ़ाई जाय। ट्राउट फार्मिंग को बढ़ावा दिया जाय। मत्स्य पालन में कम लागत में अच्छी इनकम अर्जित की जा सकती है। इसके लिए लोगों को प्रोत्साहित किया जाय।

बैठक में जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के तहत 43.10 करोड़ के प्रोजेक्ट के संचालन की स्वीकृति प्राप्त हुई है। 03 करोड़ रूपये की धनराशि अवमुक्त हो चुकी है। राज्य समेकित सहकारिता विकास परियोजना के अन्तर्गत मात्स्यिकी विकास हेतु कुल 164 करोड़ रूपये स्वीकृत हुए हैं। ट्राउट फार्मिंग हेतु चमोली, रूद्रप्रयाग, टिहरी, उत्तरकाशी, बागेश्वर एवं पिथौरागढ़ जनपदों का चयन किया गया है। राज्य समेकित सहकारिता विकास परियोजना के अन्तर्गत मत्स्य के क्षेत्र में 3200 से अधिक लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ है।

इस अवसर पर पशुपालन मंत्री रेखा आर्या, मुख्य सचिव ओम प्रकाश, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, एचसी सेमवाल, अपर सचिव डॉ वी. षणमुगम, विशेष सचिव मुख्यमंत्री डॉ. पराग मधुकर धकाते, पशुपालन एवं मत्स्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम ने बिलखेत में किया राष्ट्रीय पैराग्लाइडिंग एक्यूरेसी प्रतियोगिता का शुभारम्भ

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बिलखेत, पौड़ी में प्रथम नयार घाटी एडवेंचर फेस्टिवल का उद्घाटन किया एवं राष्ट्रीय पैराग्लाइडिंग एक्यूरेसी प्रतियोगिता का शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने 26 करोड़ 83 लाख 64 हजार रूपये की कल्जीखाल विकासखण्ड की पेयजल योजना का लोकार्पण किया। इस योजना से 02 हजार 370 पेयजल संयोजन दिये गये हैं। योजना का लाभ 59 राजस्व ग्रामों, 19 ग्राम पंचायतों एवं 68 बस्तियों को मिलेगा। इसका श्रोत नयार नदी है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि नयार घाटी में पैराग्लाइडिंग का प्रशिक्षण केन्द्र खोला जायेगा। इसके लिए उन्होंने जिलाधिकारी पौड़ी को जमीन ढ़ूढने के निर्देश दिये। नयार घाटी एडवेंचर फेस्टिवल का आयोजन हर साल किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिलखेत में स्कूल का सौन्दर्यीकरण किया जायेगा। द्वारीखाल में खेल के मैदान का समतलीकरण किया जायेगा।

उत्तराखण्ड में साहसिक खेलों के लिए पर्याप्त संभावनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि 19 से 22 नवम्बर 2020 तक इस फेस्टिवल में अनेक कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। जिसमें पैराग्लाइंडिंग, 170 किमी की माउंटेन बाइकिंग ट्रेल रनिंग स्पर्धा एवं एंग्लिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने अनेक राज्यों से आये प्रतियोगियों का देवभूमि उत्तराखण्ड में स्वागत किया।

सरकार की योजनाओं की जानकारी जिलाधिकारी ब्लॉक लेबल पर जाकर देंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वरोजगार की दिशा में अनेक प्रयास कर रही है। इसके लिए राज्य में सीएम स्वरोजगार योजना शुरू की गई। इसके तहत 150 प्रकार के कार्यों को शामिल किये गये हैं। किसानों को 03 लाख तक का ब्याज मुक्त एवं महिला स्वयं सहायता समूहों को 05 लाख तक का ब्याज मुक्त ऋण दे रही है। सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं का सभी को फायदा मिले, इसके लिए सभी जिलाधिकारी ब्लॉक लेबल तक जाकर इन योजनाओं की जानकारी लोगों को देंगे। जिला स्तरीय उच्च अधिकारी ब्लॉक लेबल पर जाकर सरकार की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करेंगे।

आगामी तीन साल में माँ बहिनों के सिर से घास की गठरी का उतारेंगे बोझ
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि आज घास लेने के लिये जहां हमारी माँ बहिने जगंल या अन्य स्थानों पर जाती है तो उन्हें पहाड़ी से गिरने, जंगली जानवरों का एवं नदी में बहने का खतरा बना रहता है। हम उन्हें इन खतरों से भी बचायेंगे तथा घास की व्यवस्था उनके आंगन तक उपलब्ध करायेंगे।

कृषि के क्षेत्र में राज्य सरकार ने साढ़े तीन वर्षों 100 से अधिक निर्णय लिये
कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के नेतृत्व में पिछले साढ़े तीन साल में कृषि के क्षेत्र में 100 से अधिक निर्णय लिये। 2017 में राज्य सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री का सपना था कि प्रत्येक न्याय पंचायत में एक-एक फार्म मशनरी बैंक हो। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आशीर्वाद से सभी 670 स्थापित किये गये। किसानों को 80 प्रतिशत सब्सिडी पर कृषि यंत्र दिये गये। इन तीन सालों में इन मशीनों की सहायता से राज्य में कृषि उत्पादकता में वृद्धि हुई।

इस अवसर पर उच्च शिक्षा एवं सहकारिता राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, सांसद तीरथ सिंह रावत, विधायक मुकेश कोली, जिलाध्यक्ष भाजपा पौड़ी संपत सिंह रावत, ब्लॉक प्रमुख बीना राणा, जिलाधिकारी पौड़ी धीराज गर्ब्याल, एसएसपी पौड़ी रेणुका देवी आदि उपस्थित थे।

कांग्रेस ने राज्य स्थापना दिवस पर वरिष्ठ आंदोलनकारियों को किया सम्मानित

राज्य स्थापना दिवस के मौके पर कांग्रेस जन सहायता कार्यालय श्यामपुर में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य जयेन्द्र रमोला की अध्यक्षता में स्व० इन्द्रमणि बडोनी की चित्र पर पुष्प अर्पित कर व उत्तराखण्ड के शहीदों के लिये मौन रखकर श्रद्धांजली दी व उसके पश्चात जयेन्द्र रमोला द्वारा वरिष्ठ आंदोलनकारियों को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया ।

जयेन्द्र रमोला ने कहा कि आज हमारे राज्य का 21वॉं स्थापना दिवस है जिस भावना के लिये हमारे शहीदों व आंदोलनकारियों ने राज्य निर्माण का स्वप्न देखा था वह आज भी अधूरा है आज भी युवा रोजगार के सपने देख रहा है आज भी प्रदेश का व्यापारी अपने व्यापार क प्रगति के लिये सरकार की ओर देख रहा है आज भी पहाड़ में रहने वाले लोग स्वास्थ्य, शिक्षा व रोजगार के इंतजार में बैठा है परन्तु जो सरकार पलायन रोकने,शिक्षा,स्वास्थ्य और रोजगार के नाम पर सत्ता में आई वह सरकार हर मोर्चे पर विफल नजर आ रही है पलायन इनसे नहीं रूक पा रहा है।

पूर्व मंडी सभापति जय सिंह रावत ने कहा कि जिन लोगों के बलिदान से ये राज्य बना आज उन लोगों की अनदेखी की जा रही उनकी शासन और सत्ता में कोई भागीदारी लेना तो दूर उनकी सुनने को भी सरकार तैयार नहीं है।

श्रद्धांजली कार्यक्रम में वेद प्रकाश शर्मा, जय सिंह रावत, कमला नेगी, इंदु थपलियाल, अरुणा शर्मा, सरोजिनी थपलियाल, शीला ध्यानी, चन्द्रकान्ता जोशी, बृजमोहन कण्डवाल, लोक बहादुर थापा, सुधीर लखेडा, देवी प्रसाद व्यास, युद्धवीर चैहान, बलबीर नेगी व सोहन रौतेला को माला पहनाकर और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया ।

कार्यक्रम में विजयपाल सिंह रावत, दिनेश चंद्र मास्टर, आशा सिंह चैहान, सतीश रावत, कुसुम जोशी, रतन देव रयाल, गब्बर कैंतुरा, हरेंद्र सिंह, निर्मल सिंह, शिवेक बलूनी, बॉबी रांगड़, लक्ष्मण सिंह चैहान, अर्जुन रांगड़, बर्फ सिंह पोखरियाल, विजय बिष्ट, पूरन चन्द रमोला, राजेन्द्र गैरोला, धर्मेंद्र गुलियाल, राकेश कंडियाल, प्रताप सिंह पोखरियाल, चंद्र कांता जोशी, विशाल सजवाण, रोहित नेगी आदि मौजूद थे।