ऋषिकेश।
ऋषिकेश तहसील में व्याप्त अव्यवस्थाओं को देख को गढ़वाल कमिश्नर विनोद शर्मा का पारा चढ़ गया। उन्होंने इसके लिए एसडीएम और तहसीलदार को आड़े हाथों लिया।
शुक्रवार को गढ़वाल कमिश्नर विनोद शर्मा चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं का जायजा लेने तीर्थनगरी ऋषिकेश पहुंचे। यहां की व्यवस्थाओं को देखने से पहले कमिश्नर तहसील के निरीक्षण को पहुंच गए। यहां उपजिलाधिकारी कार्यालय में व्याप्त अव्यवस्थाओं को देख उनका पारा चढ़ गया। बगैर अवकाश स्वीकृत कराए डयूटी से नदारद पेशकार को उन्होंने सस्पेंड कर दिया। जबकि आलमारी का ताला तुड़वाकर फाइलें निकलवाई।
फाइलों में तमाम खामियां मिली। साथ ही उपजिलाधिकारी और तहसीलदार को आड़े हाथों लिया। बाद में उन्होंने हॉस्पिटल का औचक निरीक्षण किया। यहां की व्यवस्थाओं से कमिश्नर संतुष्ट नजर आए। इसके बाद कमिश्नर ने चारधाम बस ट्रांजिट कम्पाउंड में यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। रोटेशन के पदाधिकारियों ने उन्हें बसों की उपलब्धता के बारे में जानकारी दी। इस दौरान कुछ यात्रियों ने 10 बजे के बाद चारधाम के लिए बस न मिलने की शिकायत की।
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विज्ञान के प्रतिभावान छात्रों को स्कॉलरशिप देगी सरकार
देहरादून।
यूकॉस्ट विज्ञान और प्रौद्योगिकी और उच्च शिक्षा विभाग मिलकर राज्य के विकास को नई दिशा देंगे। ये कहना है प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत का। रावत गुरूवार को उत्तराखण्ड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट), देहरादून एवं राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी भारत, उत्तराखण्ड अध्याय द्वारा संयुक्त रूप से विज्ञान धाम झाजरा में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
डा. रावत ने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी के साथ ही उच्च शिक्षा की जरूरतें और चुनौतियां में काफी समानता है। दोनों विभाग मिलकर राज्य को नई दिशा दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं में विज्ञान के प्रति रूचि बढ़ाने के लिए सरकार 100 प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को स्कॉलरशिप देगी। डा. रावत ने यूकॉस्ट द्वारा प्रदेश में किये गये कार्यों की प्रशंसा की तथा विज्ञान धाम परिसर के माध्यम से युवाओं को विज्ञान के प्रति रूझान विकसित करने के लिये कार्ययोजना पर सहयोग देने पर भरोसा दिया। उन्होंने राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के अन्तर्गत विश्वविद्यालयों के सहयोग से तकनीकी जानकारी व विकास आधारित विषयों पर कार्यशालाओं को शुरू की जाएंगी।
यूकॉस्ट के महानिदेशक डा. राजेन्द्र डोभाल ने मुख्य अतिथि व अन्य मंचासीन अतिथियों सहित सभी प्रतिभागियों को स्वागत सम्बोधन करने के साथ-साथ, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के आयोजन के उद्देश्य के बारे में प्रकाश डाला। उन्होंने पोखरन परमाणु परीक्षण दिवस की स्मृति में इस दिवस का आयोजन पूरे भारत वर्ष में किया जाता है तथा आंचलिक विज्ञान केन्द्र में भी एक विशेष आमंत्रित व्याख्यान आयोजित किया गया है।
इस मौके पर विज्ञान स्तंभकार दिनेश चन्द्र शर्मा, मेकिंग ऑफ डिजीटल इंडिया विषय पर व्याख्यान दिया जिसमें उन्होने भारत में कम्प्यूटिंग मशीन के इतिहास एवं उसकी स्थापना के बारे में जानकारी दी।
इस मौके पर डीएवी पीजी कॉलेज के प्रिंसिपल डा. देवेंद्र भसीन, राकेश ओबराय ने भी विचार रखे। प्रौद्योगिकी दिवस कार्यक्रम का संचालन श्रीमती मोना बाली द्वारा किया गया। इस अवसर पर क्षेत्रीय विज्ञान केन्द्र के सभागार में देहरादून के उच्च शिक्षा व माध्यमिक शिक्षा से सम्बन्धित विभिन्न संस्थानों के छात्र-छात्रायें एवं शिक्षक उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एलएमएस पालनी, डीबीएस महाविद्यालय के प्राचार्य डा. ओपी कुलश्रेष्ठ सहित स्पेक्स के सचिव, डा. बृजमोहन शर्मा, डा. बीपी पुरोहित, डा. डीपी उनियाल, डा. आशुतोष मिश्रा, डा. प्रशान्त सिंह, अमित पोखरियाल एवं सुधाकर भट्ट आदि उपस्थित थे।
ऑटोनॉमस के प्राध्यापक को डी फिल की उपाधि
ऋषिकेश।
वनस्पति विज्ञान विभाग के प्राध्यापक प्रो. अनिल कुमार को उनके शोध के गहन अध्ययन पर केन्द्रीय विश्वविद्यालय श्रीनगर गढ़वाल ने डी फिल की उपाधि प्रदान की है। अपने शोध कार्य के लिए उन्होंने गढ़वाल की दो प्रमुख फसलों रयांस, मण्डबा पर भारी धातु कोमियम के दुष्परिणामों पर शोध किया है। प्रो. अनिल कुमार ने बताया कि कोमियम भारी धातु की अत्यंत सान्द्रता में भी जीवित इन दल्हनी एव अनाज की फसलों के पौधें को टिश्यू कल्चर की सहायता से औद्योगिक स्तर पर उत्पादन में सफलता प्राप्त हुयी है।
वनस्पति विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. गुलशन कुमार ढींगरा के निर्देशन में प्रो. अनिल कुमार ने शोध कार्य पूर्ण किया है। डॉ. ढींगरा ने बताया कि प्रो. अनिल कुमार छात्र जीवन से ही मेधावी छात्र रहे है। उन्होंने यूजीसी-नेट व गेट की परीक्षा भी उत्तीर्ण की है। उनके आधे दर्जन से अधिक शोध पत्र राष्ट्रीय व अन्तर राष्ट्रीय जर्नल्स में प्रकाशित भी हो चुके है। एक दर्जन से अधिक राष्ट्रीय व अन्तर राष्ट्रीय सेमिनारों में प्रो. अनिल कुमार ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किये है।
नर्सिंग का उद्देश्य जिंदगी की रक्षा करना: रेनु धस्माना
ऋषिकेश।
एसआरएचयू नर्सिंग निदेशक डॉ. रेनू धस्माना ने नर्सेस दिवस की शुभकामनाएं देते हुए इसका महत्व बताया। बोलीं कि नोबल नर्सिंग सेवा की शुरुआत करने वाली फ्लोरेंस नाइटिंगेल के जन्म दिवस के तौर पर अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस मनाया जाता है। नर्सिंग का मतलब जिंदगी की रक्षा करना है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को लगन के साथ काम करने की सलाह दी। उन्होंने मौजूद छात्र-छात्राओं को नर्सिंग देखभाल को और बेहतर और उच्च स्तर पर ले जाने के लिए प्रेरित किया।
हिमालयन कॉलेज ऑफ नर्सिंग ऑडिटोरियम में अंतरराष्ट्रीय नर्सेस डे पर करीब 28 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। ग्रुप डांस जिसकी थीम रेंज ऑफ मोशन एक्सरसाइजिज रही, इसमें हिमालयन हॉस्पिटल व कॉलेज ऑफ नर्सिंग की छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। ग्रुप डांस में अक्षिता एड ग्रुप जीएनएम ने प्रथम स्थान, जीएनएम द्वितीय वर्ष से मोनिका शाह एंड ग्रुप ने दूसरा स्थान व हिमालयन हॉस्पिटल स्टाफ नर्स से श्वेता एंड ग्रुप ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। भाषण प्रतियोगिता जिसकी थीम नर्स सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त एवं नेतृत्व करने के लिए एक आवाज पर आधारित रही, इसमें हॉस्पिटल स्टाफ से प्रथम स्थान तनुजा बडवाल, द्वितीय स्थान काजल गिरी बीएससी नर्सिंग चौथे वर्ष व अक्षिका पॉल बीएससी नर्सिंग द्वितीय वर्ष की छात्रा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। डॉ. संचिता पुगाजंडी ने कहा कि नर्सिंग एक दर्पण की तरह है, जिसके जरिए लोग मरीज को केयर साफ-साफ देख सकते हैं। कार्यक्रम के अंत में विजेताओं को सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया। संचालन हरलीन कौर ने किया। आयोजित कार्यक्रम में डॉ. कैथी, कमली प्रकाश, उपमा जॉर्ज, हरलीन कौर प्रिति प्रभा ने सहयोग दिया।
गंगा में डूबने से राफ्ट संचालक की मौत
ऋषिकेश।
मुनिकीरेती स्थित शिवानंद घाट पर एक राफ्टिंग कंपनी का संचालक गंगा की लहरों में डूब गया। जब तक उसे बाहर निकाला, तब तक वह दम तोड़ चुका था। धर्मपाल सिंह (26 वर्ष) पुत्र जगमोहन सिंह निवासी ग्राम शिवपुरी दोपहर करीब 12:30 बजे शिवानंद घाट पर गया था। इसी बीच वह गंगा में गिर गया और बहने लगा। आस-पास मौजूद लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। इस बीच पुलिस मौके पर पहुची और युवक को तलाश किया। कुछ ही देर में उसे गंगा से निकालकर राजकीय चिकित्सालय पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस को मृतक के चचेरे भाई चंद्रपाल ने बताया कि धर्मपाल को दौरे पड़ने की शिकायत थी। वह मुनि की रेती में राफ्टिंग कंपनी का संचालन करता था।
घूसखोर एसडीएम के पेशकार को सात साल की कैद
नैनीताल।
विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण शंकर राज की कोर्ट ने कृषि भूमि को अकृषि करने के एवज में 22 हजार रिश्वत लेने के दोषी एसडीएम के पेशकार को सात साल कैद व 30 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। इस मामले में शासन द्वारा अनुमति नहीं देने की वजह से विजिलेंस एसडीएम के खिलाफ अभियोग नहीं चला सका।
24 मई 2012 को जिले के कोशयां कुटोलि तहसील के एसडीएम के पेशकार नरेंद्र दीक्षित के खिलाफ क्षेत्र के ही ललित मोहन सुयाल ने विजिलेंस में शिकायत दर्ज कराई थी। विजिलेंस ने मामला प्रारंभिक जांच में सही पाया तो एसडीएम के पेशकार को 22 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। अदालत में आरोप पत्र दाखिल होने के बाद ट्रायल शुरू हुआ।
संयुक्त निदेशक विधि सोहन चंद्र पांडेय द्वारा आरोप साबित करने को सात गवाह पेश किए। इसमें तत्कालीन डीएम शैलेश बगौली शामिल थे। बीते रोज कोर्ट ने पेशकार को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दोषी करार दिया था। आज कोर्ट ने सजा सुनाई। धारा सात में 5 साल कारावास व 10 हजार जुर्माना और धारा 13(2)में सात साल जुर्माना व 20 हजार जुर्माने की सजा सुनाई।
ठेकेदार को छुड़ाने के लिए रातभर थाने मे रहे आबकारी अधिकारी
देहरादून।
रायवाला पुलिस ने शराब के ठेकेदार को शराब की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। ठेकेदार को पुलिस से छुड़ाने के लिए जिला आबकारी अधिकारी रातभर रायवाला थाना में रहे, लेकिन बताया जाता है कि थाना प्रभारी ने उनसे बात तक नहीं की। यह शराब रायवाला ठेके के लिए लाई गई थी, लेकिन दुकान नहीं मिलने की वजह से नजदीकी एक रेस्टोरेंट में रखी गई थी, जिसे पुलिस ने अवैध बताते हुए कार्रवाई करते हुए दो लोगों के खिलाफ मुकदमा लिख दिया।
रायवाला पुलिस ने मंगलवार रात क्षेत्र के ही एक रेस्टोरेंट में भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब होने की सूचना पर छापा मारा। मौके पर अंग्रेजी शराब की 89 पेटी बरामद की गई। होटल स्वामी जगमोहन चौहान ने पुलिस को बताया कि शराब धामावाला निवासी सन्नी अग्रवाल की है। रात में ही पुलिस ने सन्नी अग्रवाल को भी गिरफ्तार कर लिया। सन्नी अग्रवाल ने रायवाला में अंग्रेजी शराब का ठेका चलाने के लिए शराब मंगाई थी। अब तक दुकान के लिए जगह नहीं मिल पाई थी। पुलिस और आबकारी अधिकारियों ने स्वीकार किया कि यह शराब अवैध नहीं है और इसे नियमानुसार सरकारी गोदाम से उठाया गया था। रात को ही आबकारी अधिकारी भी थाने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर दिया। एसओ रायवाला के अनुसार शराब को गलत तरीके से रेस्टोरेंट में रखा गया था। इस मामले में सन्नी अग्रवाल एवं होटल स्वामी जगमोहन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। बताया जा रहा है कि जिला आबकारी अधिकारी शराब के ठेकेदार को छुड़ाने के लिए रात एक बजे से सुबह छह बजे तक रायवाला थाना पर ही रहे। जिला आबकारी अधिकारी मामले की शिकायत जिलाधिकारी से करेंगे।
उत्तराखंड के चारों धाम को रेल मार्ग से जोड़ने की योजना
देहरादून।
केंद्र सरकार ने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन पर काम शुरू करा दिया है। अब केंद्र सरकार ने उत्तराखंड के चारों धामों को रेल लाइन से जोड़ने के प्रयास तेज कर दिए हैं। बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री को आपस में जोड़ने के लिए शुरुआती सर्वे किया जा चुका है। अब फाइनल लोकेशन सर्वे पर काम शुरू हो रहा है। इसके शिलान्यास के लिए रेल मंत्री सुरेश प्रभु 13 मई को श्री बदरीनाथ धाम आ रहे हैं।
वर्ष 2011 में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का शिलान्यास पूर्व की केंद्र सरकार कर चुकी है। करीब 125 किलोमीटर लंबी इस रेल लाइन पर ऋषिकेश से काम शुरू हो चुका है। केंद्र में भाजपा की नरेंद्र मोदी सरकार ने चारों धामों को रेल लाइन से जोड़ने की घोषणा की है। इसी सिलसिले में 13 मई को रेल मंत्री सुरेश प्रभु श्री बदरीनाथ धाम आ रहे हैं। बदरीनाथ से केदारनाथ धाम को जोड़ने के लिए सोन प्रयाग तक रेल लाइन बिछाने की योजना है। इसका शुरुआती सर्वे हो चुका है और फाइनल सर्वे शुरू किया जाना है।
रेलवे विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ऋषिकेश- कर्णप्रयाग रेल लाइन को गौचर होते हुए बदरीनाथ धाम से जोड़ने की योजना है और इसी के साथ केदारनाथ धाम को भी जोड़ा जाएगा। सुरंगों के माध्यम से गंगोत्री और यमुनोत्री को भी आपस में रेल लाइन से जोड़ने का प्रस्ताव है। अब फाइनल लोकेशन सर्वे मे यह तय करना है कि रेल लाइन कहां-कहां से होकर जाएगी और कहां पर इसके स्टेशन बनाए जाएंगे। इस रूट पर टनल और पुल कहां बनाए जाएंगे, इसका भी सर्वे किया जाएगा। फाइनल लोकेशन सर्वे का शिलान्यास 13 मई को श्री बदरीनाथ धाम मे रेल मंत्री सुरेश प्रभु करेंगे।
वहीं मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि प्रदेश के चार धामों को आपस में जोड़ने के लिए रेल सर्किट विकसित किया जाएगा। रेल मंत्री सुरेश प्रभु 13 मई को इसका शिलान्यास करेंगे। इससे जोशीमठ, सोनप्रयाग भी रेल से जुड़ जाएंगे।
प्रमोशन के लिए मुख्यालय में हाजिर होने से चर्चा ने पकड़ा जोर
देहरादून।
आबकारी महकमे में कांस्टेबिल और हेड कांस्टेबिलों के प्रमोशन होने हैं। विभाग के संयुक्त आयुक्त एआर सेमवाल ने पदोन्नति की श्रेणी में आने वाले 42 कार्मिकों को मुख्यालय तलब किया है। इस बारे में जारी आदेश में कहा गया है कि सभी का 12 मई को मुख्यालय आना अनिवार्य है। हालांकि इस आदेश में कहा गया है कि कार्मिकों को अभिलेख पूरा करने के लिए बुलाया जा रहा है। लेकिन कार्मिकों का कहना है कि ऐसा पहली बार हो रहा है, जो प्रमोशन से पहले ही कागज पूरे करने के लिए बुलाया जा रहा है। इस फरमान को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
आबकारी मुख्यालय में तैनात संयुक्त आयुक्त एआर सेमवाल के हस्ताक्षर से एक पत्र सभी सहायक आयुक्तों और जिला आबकारी अधिकारियों को नौ मई को जारी किया गया । इसमें 42 कर्मियों के नाम है। ये सभी कांस्टेबिल और हेड कांस्टेबिल के हैं। पत्र में कहा गया कि इन सभी को 12 मई को हर हाल में मुख्यालय आने को कहा जाए। पत्र में कहा गया है कि इस समय विभाग में इन कर्मियों के प्रमोशन की प्रक्रिया चल रही है। इन सभी कार्मिकों से उनके अभिलेख पूरे कराए जाने हैं। अहम बात यह भी है कि संयुक्त आयुक्त ने इस आदेश में लिखा है कि यह आदेश आबकारी आयुक्त के मौखिक निर्देशों के क्रम में जारी किया जा रहा है।
प्रमोशन की ओर बढ़ रहे कांस्टेबिल और हेड कांस्टेबिलों को जब इस फरमान की जानकारी हुई तो वे चौंक गए। इससे पहले विभाग में प्रमोशन के लिए इस तरह से कभी तलब नहीं किया गया। कर्मियों के तमाम अभिलेख और सेवा पुस्तिकाएं मुख्यालय में ही रहती हैं। ऐसे में कर्मियों को मुख्यालय बुलाने का कोई औचित्य किसी की समझ में नहीं आ रहा है। महकमे में भी यह आदेश चर्चा का विषय बना हुआ है।
उत्तराखंड मेट्रो का प्रस्तावित खाका तैयार
एक्सलूसिव खबर
-गूगल मैप के जरिए मेट्रो का सर्वे, प्रोजेक्ट तैयार करने में जुटे अधिकारी
-दिल्ली मेट्रो के अधिकारियों ने उत्तराखंड में डाला डेरा
ऋषिकेश। दयाशंकर पाण्डेय
दिल्ली की तर्ज पर उत्तराखंड में भी मेट्रो का सपना जल्द साकार होने वाला है। दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों ने उत्तराखंड में डेरा डाल दिया है। शुरुआती चरण में कंसल्टेंट प्रोजेक्ट रिपोर्ट, सर्वे और मैप को अंतिम रूप देने के लिए हरिद्वार, ऋषिकेश, देहरादून तहसीलों के अधिकारियों से दिल्ली मेट्रो के अधिकारी संपर्क कर रहे हैं।
मंगलवार को दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन लिमिटेड के सीनियर एजीएम (सिविल) आरजी शर्मा अपनी टीम के साथ ऋषिकेश तहसील पहुंचे। टीम ने एसडीएम ऋषिकेश वृजेश कुमार तिवारी से मुलाकात की। एजीएम ने बताया कि उत्तराखंड में मेट्रो के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन लिमिटेड प्रोजेक्ट तैयार कर रहा है। मेट्रो के मार्ग, निर्माण को लेकर खर्च, पर्यावरण पर असर, प्रस्तावित स्टेशन, यातायात व्यवस्था, परिवहन का अध्ययन, सर्वे और टेक्निकल सर्वे के लिए उनकी टीम काम कर रही है। बताया कि उनका सर्वे अंतिम चरण में है।
एजीएम ने एसडीएम से ऋषिकेश के प्रस्तावित मार्ग, स्टेशन का निर्माण और भूमि के अधिग्रहण के बारे में चर्चा की। टीम सैटेलाइट द्वारा तैयार हरिद्वार, ऋषिकेश और देहरादून का मैप भी साथ लाई थी। एजीएम आरजी शर्मा ने हिन्दुस्तान को बताया कि उत्तराखंड में मेट्रो को लेकर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है। उत्तराखंड सरकार ने पूर्व में दिल्ली की कंपनी डिम्स को यह जिम्मेदारी दी थी। डिम्स की विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर ही दिल्ली मेट्रो रेल कारापोरेशन लिमिटेड भी काम कर रहा है। शीघ्र ही डीपीआर उत्तराखंड मेट्रो कारापोरेशन को सौंपी जाएगी। मौके पर दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन के रेजिडेंट इंजीनियर आरपी सिंह, जूनियर इंजीनियर सर्वेश कुमार व नायब तहसीलदार केडी जोशी मौजूद रहे।
मेट्रो के सर्वे में सामने आए (प्रस्तावित) प्रमुख तथ्य-
-ऋषिकेश में दो कॉरीडोर बनेंगे
-60 खंबों के पिलर पर होकर गुजरेगी मेट्रो
-ऋषिकेश का आखिरी स्टेशन नटराज चौक
-नेपाली फॉर्म के तिराहे पर ऋषिकेश और देहरादून जाने के लिए इंटरचेंज स्टेशन
-रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के नजदीक स्थान पर स्टेशन निर्माण को वरीयता
-मेट्रो के डिपो व मरम्मत स्टेशन के लिए स्थान का चयन
-सरकारी व प्राइवेट जमीन के अधिग्रहण की सर्वे
-ट्रैफिक का दबाब कम करने के लिए इकोनॉमिक रिटर्न का अध्ययन
