केके पॉल ने राजभवन में फलदार पौधें रोपे

राज्यपाल ने कहा-पर्यावरण संतुलन को वृक्ष लगाने होंगे

देहरादून।
राज्यपाल डॉ. कृष्ण कांत पॉल ने विश्व पृथ्वी दिवस पर राजभवन में फलदार वृक्ष अनार सहित अन्य छायादार वृक्षों का रोपण किया। राज्यपाल ने कहा कि पर्यावरण के संतुलन को बनाये रखने के लिए हमें धरती को हरा-भरा रखना होगा। पृथ्वी में पाए जाने वाले सभी प्राणियों, जीव-जन्तुओं की सभी जरूरतों की पूर्ति करने वाली धरती के प्रति सभी को संवेदनशील और जागरूक होना चाहिए। प्राकृतिक संसाधनों के असंतुलित व अनियंत्रित दोहन तथा बढ़ते जलवायु प्रदूषण के दुष्प्रभाव से आज पूरा विश्व चिंतित है। सूखा, अतिवृष्टि, अनावृष्टि जैसे प्राकृतिक प्रकोपों में वृद्धि एक बहुत बड़ी समस्या बनी हुई है।
राज्यपाल ने आह्वाहन किया कि आज के दिन हम सबको, धरती को सभी तरह के प्रदूषणों के प्रकोप से बचाने के लिए पृथ्वी को स्वच्छ, सुंदर तथा हरा-भरा बनाये रखने का संकल्प लेना होगा। वायुमण्डल की शुद्धता बनाए रखने के लिए धरती पर वनों को बढ़ाना होगा। पर्यावरण को स्वास्थयवर्धक व स्वच्छ बनाने के लिए कृत्रिम रसायनों से भी धरती को बचाना होगा, जो हमारी नदियों और धरती के जल को विषैला बना रहे हैं। धरती के बढ़ते तापमान व गिरते जल स्तर को रोकने के लिए हम सभी को धरती वृक्षों से हरा-भरा बनाना होगा। स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रकृति को स्नेह व सम्मान देना होगा इसके लिए सभी को आगे आना होगा।

त्रिवेन्द्र सरकार के मंत्रियों ने उतारी लालबत्ती

देहरादून।
केन्द्र सरकार लाल बत्ती के इस्तेमाल पर रोक के बाद उत्तराखंड में भी सभी मंत्रियों ने लालबत्ती हटाई। संसदीय कार्य, विधायी, भाषा, वित्त मंत्री प्रकाश पन्त, सिंचाई, पर्यटन, तीर्थाटन, धार्मिक मेले एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज, वन एवं वन्य जीव, पर्यावरण मंत्री डॉ हरक सिंह रावत, शहरी विकास, आवास मंत्री मदन कौशिक, परिवहन, समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, छात्र कल्याण मंत्री यशपाल आर्य, विद्यालयी शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री अरविन्द पाण्डेय, कृषि, कृषि विपणन एवं रेशम विकास मंत्री सुबोध उनियाल, महिला कल्याण एवं बाल विकास, पशुपालन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रेखा आर्य, सहकारिता, उच्च शिक्षा एवं प्रोटोकाल राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ धन सिंह रावत ने अपने वाहनों से तत्काल लाल बत्ती उतार दी।
बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट ने सभी नेताओं, जजों व सरकारी अफसरों की गाड़ियों से लाल बत्ती हटाने का निर्णय लिया। यह फैसला एक मई से लागू होगा। इस फैसले के लागू होते ही पूरे देश में लालबत्ती का चलन समाप्त हो जाएगा। केंद्रीय कैबिनेट के इस फैसले के तुरंत बाद उत्तराखंड के कई मंत्रियों ने इस पर अमल करना भी शुरू कर दिया है। तीन मंत्रियों ने तो बुधवार को ही लाल बत्ती उतार दी, आज मुख्‍यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपनी कार से लाल बत्‍ती हटवाई। केंद्र के इस फैसले का स्वागत करते हुए संसदीय कार्य मंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि केंद्र के इस फैसले को अमल में लाने के लिए अगली कैबिनेट में इस प्रस्ताव को शामिल किया जाएगा।
प्रदेश में 13 अप्रैल 2016 को लाल, नीली व पीली बत्तियों को लेकर शासनादेश जारी किया गया था। इसमें इस बात का उल्लेख किया गया था कि किस-किस पद के धारक कैसे रंग की बत्तियों का प्रयोग कर सकते हैं। आपातकालीन सेवा जैसे एंबुलेंस, अग्निशमन यान, पायलेट के रूप में प्रयुक्त पुलिस वाहन व कानून-व्यवस्था में संचालित वाहनों में नीली, सफेद व नारंगी रंग की बहुरंगी बत्तियों का उपयोग किया जाता है।

लोनिवि पर लगाया लापरवाही का आरोप

ऋषिकेश।
गुरुवार को भल्लाफार्म नम्बर 10 के दर्जनों लोग तहसील पहुंचे। उन्होंने लोनिवि के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। साथ ही तहसीलदार रेखा आर्य को ज्ञापन सौंपा। बताया कि ग्रामसभा श्यामपुर के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ा भल्ला फॉर्म का मुख्य मार्ग वर्षों से बदहाल है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं। कई बार आवागमन के दौरान स्कूली बच्चे और ग्रामीण चोटिल हो चुके हैं। मगर, हालात तब भी जस के तस बने हुए हैं।
इस बारे में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को कई बार अवगत भी कराया गया। यहां तक कि ग्रामीण कई बार आंदोलन तक कर चुके हैं। इसके बाद भी सड़क को दुरुस्त नहीं किया गया। ग्रामीणों ने तहसीलदार से विभाग को सड़क के मेंटीनेंस के लिए अविलंब निर्देशित करने को कहा। कहा कि मार्ग जल्द ठीक नहीं हुआ तो वे उग्र आंदोलन को मजबूर होंगे। प्रदर्शन में सामाजिक कार्यकर्ता प्रभाकर पैन्यूली, पंचायत सदस्य आशीष पंवार, अमरदेव उनियाल, एपीएस यादव, दिनेश चंद्र मलासी, सुरेंद्र सिंह रावत, सुभाष राठौर, संदीप उनियाल, दीपांशु गुसाईं, केएस बत्र्वाल, विनोद रावत, प्रवेश रावत, मुकेश बेलवाल, राजेश रावत, अनिल शर्मा, दीपक पंवार आदि शामिल थे।

हाथी ने तोड़ी स्कूल की दीवार

ऋषिकेश।
भट्टोंवाला में बुधवार रात दो बजे के करीब एक हाथी ने गांव पहुंच कर उत्पात मचाना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने शोर मचाकर उसे भगाने का प्रयास किया लेकिन वह टस से मस नहीं हुआ। इस बीच हाथी ने गांव के किसान हरपाल सिंह राणा, बचन सिंह राणा, टीटू राणा के खेतों में मवेशियों के लिए उगाई गई बरसीम को रौंद कर चौपट कर दिया। रवि राणा की सब्जियों के फसल उजाड़ डाली। अमर ज्योति जूनियर हाईस्कूल के प्रबंधक जगमोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि वापस लौटते समय हाथी ने स्कूल की बाउंड्रीवाल को टक्कर मारकर उसे गिरा दिया।
ग्रामीणों ने इसकी सूचना गुरुवार सुबह वन विभाग को दी। इसके बाद वन बीट अधिकारी राजेश डोभाल ने वनकर्मियों के साथ गांव में नुकसान का मुआयना किया और रिपोर्ट बनाकर विभागीय अधिकारियों को भेजी। इस बीच ग्रामीणों ने वन विभाग से गांव में हाथियों की आवाजाही को रोकने मांग भी की।

अवैध होर्डिंग्स पर चला पालिका का डंडा

ऋषिकेश।
पालिका ऋषिकेश ने गुरुवार सुबह शहर में अभियान चलाकर प्रचार सामग्री को हटाया। सफाई निरीक्षक सचिन रावत ने बताया कि पालिकाध्यक्ष दीप शर्मा के निर्देश पर शहर में अवैध होर्डिंग्स और बैनर को हटाया गया।
गौरतलब है कि शहर में होर्डिंग्स और बैनर लगाने के लिए पालिका प्रशासन की अनुमति लेनी पड़ती है लेकिन नियम-कानून का कड़ाई से पालन नहीं होने पर पूरा शहर होर्डिंग्स और बैनर से अटा पड़ा है। गुरुवार को पालिका की टीम ने रेलवे रोड, हरिद्वार रोड, देहरादून रोड, तिलक रोड आदि स्थानों से प्रचार सामग्री हटवाई।

जुआ खेलते पकड़े, एक लाख 62 हजार रुपये बरामद

ऋषिकेश।
ऋषिकेश कोतवाली की प्रभारी प्रशिक्षु आईपीएस निहारिका भट्ट ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि गुरुवार सुबह सूचना मिली की काली कमली बगीचे में कुछ लोग जुआ खेल रहे हैं। पुलिस ने सतर्कता बरतते हुए घेराबंदी कर आठ लोगों को पकड़ लिया जबकि एक फरार होने में सफल रहा। जुआरियों से ताश की गड्डी और एक लाख 62 हजार 915 रुपये भी बरामद हुए हैं।
जुआ अधिनियम में मामला दर्ज किया गया है। पकड़े गए लोगों में भागेश्वर सिंह पुत्र गेंदालाल, ग्राम डिबई, खुर्द थाना डिबई, जिला बुलंदशहर, यूपी, मुकेश राणा पुत्र वीरेंद्र सिंह निवासी मालवीय नगर, ऋषिकेश, रवि रावत पुत्र पीतांबर निवासी कलालघाटी, कोटद्वार, हाल निवासी आईडीपीएल, ऋषिकेश, विजय कुमार पुत्र जय प्रकाश ऋषिकेश, राज बहादुर पुत्र प्रेम बहादुर ऋषिकेश, सलीम पुत्र शौकत, निवासी ऋषिकेश, दीपक पुत्र स्वर्गीय राजेन्द निवासी ग्राम करोंदी थाना हल्दौर, बिजनौर यूपी हाल निवासी बीसबीघा, ऋषिकेश, सागर पुत्र सुरेश वर्मा निवासी आईडीपीएल, ऋषिकेश शामिल हैं जबकि दीनू पुत्र गंगा प्रसाद फरार है। जिसकी तलाश की जा रही है।

सही उच्चारण से मिलती है कामयाबी

ऋषिकेश।
बुधवार को ऑटोनॉमस कॉलेज के कांफ्रेंस हॉल में एक सेमिनार का आयोजन किया गया। मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी और अंग्रेजी विभाग के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित सेमिनार में अंग्रेजी के उच्चारण को लेकर विशेषज्ञों ने छात्रों को टिप्स दिए। मुख्य प्रवक्ता अंग्रेजी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सतेन्द्र कुमार ने छात्रों को अंग्रेजी का व्यवहारिक ज्ञान दिया। उच्चारण को लेकर उन्होंने छात्रों को किताबें भी वितरित की। मौके पर प्रोजेक्टर के माध्यम से उच्चारण करने की विधि बताई। इस दौरान छात्रों ने कई सवाल भी पूछे। सेमिनार में डॉ. अशोक नेगी और डॉ. अंजू भट्ट ने सही उच्चारण के लिए अंग्रेजी के शब्दों का ज्ञान बढ़ाने की सलाह दी। कहा कि दिन-प्रतिदिन नए शब्दों का प्रयोग बढ़ता जा रहा है। छात्रों को अपना अग्रेंजी शब्दकोष बढ़ाने चाहिए। इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभारी प्राचार्य डॉ. सुषमा गुप्ता ने किया।
सेमिनार में डॉ. गुलशन ढींगरा, रिचा पुंडीर, देवेन्द्र भट्ट, शालिनी कोटियाल, डॉ. अशोक नेगी, मयंक रैवानी, अवंतिका पोरवाल, हर्ष कुमार आदि मौजूद रहे।

उत्तराखंडी फिल्म बोडिगे गंगा के पोस्टर और म्यूजिक का लोकार्पण

ऋषिकेश।
बुधवार को नगर पालिका सभागार में ड्रीम्स अनलिमिटेड फिल्म प्रोडक्शन हाउस के बैनर तले बनी उत्तराखंडी फीचर फिल्म के पोस्टर और म्यूजिक का लोकार्पण विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल ने किया। व्यवस्था परिवर्तन मंच की ओर से आयोजित कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल, पालिकाध्यक्ष दीप शर्मा एवं भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष अनीता ममगाईं ने शिरकत की। निर्माता निदेशक अनिरूद्ध गुप्ता के निर्देशन में बन रही फिल्म बोडिगे गंगा की पटकथा अरूण प्रकाश बडोनी ने लिखी है। जानकारी देते हुए निदेशक ने बताया कि फिल्म पलायन के साथ ही त्रिकोणीय प्रेम कहानी पर आधारित है। जिसमें अधिकतर कलाकार ऋषिकेश के है।
फिल्म के अभिनेता प्रशांत मशहूर हास्य अभिनेता घनानंद (घन्ना) के पुत्र हैं। फिल्म में दूसरे अभिनेता रणवीर चौहान है, जो श्यामपुर के रहने वाले है, जबकि अभिनेत्री शिवांगी भंडारी तपोवन की रहने वाली है। फिल्म के कलाकार कई सीरियल और फिल्मों में काम कर चुके हैं। व्यवस्था परिवर्तन मंच के अध्यक्ष डॉ. राजे नेगी एवं डॉ. सुनील थपलियाल के संचालन में चले कार्यक्रम में पुरुषोत्तम जेठूडी, ममता गुप्ता, रवि कुकरेती, धूम सिंह, विनोद जुगरान, संजीव चौहान, बलराम शाह, राजा ढींगरा, हर्षित गुप्ता, वेदप्रकाश शर्मा, संदीप शास्त्री, अमित गांधी, रिंकी भारद्वाज आदि मौजूद थे।

कार से बेची जा रही शराब, ग्रामीणों ने जताया विरोध

ऋषिकेश।
बुधवार को ग्रामीणों और महिलाओं का पारा उस समय ओर अधिक चढ़ गया, जब शराब की दुकान कार में सजाकर बेची जानी लगी। छिद्दरवाला के ओणेश्वर महादेव के मंदिर में कार में शराब बेचे जाने की सूचना पर सैकड़ों महिलाएं मौके पर जुट गई। महिलाओं ने विरोध जताते हुए दुकानों के बैनर फाड़ डाले। सूचना पर एसएसआई रायचंद पुरशोदा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। बमुश्किल पुलिस ने स्थिति को संभाला। इस मौके पर पुलिस को भी महिलाओं के विरोध का सामना करना पड़ा। महिलाओं ने मंदिर के निकट और कार में दुकान सजाकर शराब बेचने का विरोध किया।
मौके पर दीपक थापा, बर्फ सिंह पोखरियाल, किरण राणा, हरदीप सैनी, कमल रावत, करमजीत सिंह, रवि पोखरियाल, ग्राम प्रधान पूनम पोखरियाल, ध्यान सिंह असवाल, भगत सिंह बगियाल, सुधा गुरंग, रीता थापा, मनु थापा, घनश्याम सैनी, सोबन सिंह, रविन्द्र सिंह बगियाल, कृपाल सिंह सरोज, संगीता, कमला शर्मा, रेनू क्षेत्री आदि ने अपना विरोध दर्ज कराया।

सवारियों से भरी बस 800 मीटर खाई में गिरी, 46 की मौत

देहरादून।
पुलिस के अनुसार हादसा सुबह करीब 11 बजे हुआ है। उत्तराखंड की एक प्राईवेट बस में 56 से ज्यादा लोग सवार थे। ताजा सूचना के अनुसार पुलिस ने अब तक नदी से 46 लोगों के शव बरामद कर लिए हैं। इनमें कई बच्चे और महिलाएं भी शामिल बताए जा रहे हैं। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचकर रेस्‍क्यू ऑपरेशन चला रही हैं।
त्यूणी एसओ के अनुसार प्राइवेट बस उत्तराखंड के विकासनगर (देहरादून) से त्यूणी जा रही थी। मगर सुबह करीब 11 बजे अचानक गुम्मा के पास बस बेकाबू होकर टौंस नदी में जा गिरी। हादसे का पता सबसे पहले स्‍थानीय लोगों को चला। इसके लोगों ने पुलिस को सूचना दी। बताया जा रहा है कि हादसे के दौरान एक व्यक्ति ने बस से छलांग लगा दी। उसे मामूली चोटें आई हैं। कई लोग घायल हैं, जिन्हें अस्पताल ले जाया जा रहा है। हादसे में मृतकों का आंकड़ा अभी बढ़ सकता है। हादसा कैसे इसके कारणों का पता लगाया जा रहा है। बस में सवार ज्यादातर हिमाचल और उत्तराखंड दोनों जगहों के लोग सवार थे।
बताया जा रहा है कि बस कंडक्टर गायब है। वहीं, कुपवी एक अन्य व्यक्ति भी गायब चल रहा है। एसओ का कहना है कि हादसे की जांच की जा रही है। अभी मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका है। हादसे की सूचना मिलते ही उत्तराखंड प्रशासन भी मौके पर पहुंच गया है। मृतकों की शिनाख्त की जा रही है। हादसे के बाद यहां लोगों का जमावड़ा लग गया है। हिमाचल सीमा पर खाई में गिरी बस हादसे पर उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आर्थिक मदद के देने का निर्देश दिया है। मृतकों के आश्रितों के लिए 1 लाख की मदद के साथ गंभीर घायलों के लिए 50 हजार रुपये की मदद दी जायेगी।