ऋषिकेश।
कांग्रेस गरीब बेघर जन प्रकोष्ठ ने ऋषिकेश विधायक प्रेमचन्द अग्रवाल के आवास का घेराव किया, हालांकि कि पुलिस कर्मियों ने विधायक आवास से पहले ही प्रर्दशनकारियों को रोक लिया। प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक विजयपाल सिंह रावत ने आरोप लगाया कि कि नगर के बेघर परिवार पट्टे पर आंवटित जमीन की मांग कर रहे। लेकिन विधायक हमारी मांगों को उचित फोरम पर नही उठा रहे है।
गुरुवार को अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत कांग्रेस गरीब बेघर जन प्रकोष्ठ के कार्यकर्ताओं ने ऋषिकेश भाजपा विधायक प्रेमचन्द अग्रवाल के आवास का घेराव किया। प्रदेश संयोजक विजयपाल सिंह रावत के नेतृत्व में सैकडों की संख्या में बेघर परिवार सहित विधायक आवास की ओर चल पडे। इस दौरान पुलिस ने भी अपनी तैयारी कर रखी थी। पुलिस फोर्स ने विधायक आवास से पहले ही प्रर्दशनकारियों को रोक लिया। इस दौरान विजयपाल सिंह रावत ने अरोप लगाया कि भाजपा विधायक उनकी आंदोलन को समर्थन नही दे रहे है। उनका कहना था कि नगर के बेघर व गरीब परिवार भूमि आंवटित कराने को लेकर आंदोलन कर रहे है, लेकिन विधायक ने एक बार भी उनकी सुध नही ली। उन्होंने विधायक पर बेघर परिवारों की अनदे,ाी का आरोप लगाया है।
वहीं, ऋषिकेश विधायक प्रेमचन्द अग्रवाल का कहना है कि आंदोलन कांग्रेस के बैनरतले किया जा रहा है। अगर आंदोलन का कोई राजनैतिक बैनर न होता तो वह भी उनके साथ धरने पर बैठते। अब बडा सवाल उठता है कि कांग्रेस-भाजपा की लडाई में अपनी आवाज उठा रहे लोगों की कब तक फजीहत होती रहेगी?
Author: admin
एनजीटी के आदेश पर कृष्णा कॉटेज सील, विदेशी पर्यटक परेशान
ऋषिकेश।
एनजीटी के आदेश पर लक्ष्मणझूला स्थित कृष्णा कॉटेज होटल सील हो गया। प्रशासन की टीम ने 35 कमरों वाला कॉटेज को गुरुवार को सील कर दिया। लेकिन विदेशी पर्यटक को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा। विभिन्न देशों के 32 पर्यटक पर्यटक वीजा व योगा सीखने के लिए कॉटेज में ठहरे हुए थे। जिन्हें सील की कार्रवाई में होटल छोड़ना पड़ा। कुछ विदेशियों की प्रशासन की टीम के साथ तीखी नोंक-झोंक भी हुई।
ऋषिकेश के लक्ष्ममणझूला स्थित कृष्णा कॉटेज होटल को पौड़ी प्रशासन ने सील कर दिया। गौरतलब है कि एनजीटी के निर्देशों का उल्लंघन करने व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानकों का पालन नही करने वाले होटलों को सील करने के आदेश उत्तराखंड शासन को मिले थे। 35 कमरों वाले कृष्णा कॉटेज को गुरुवार को प्रशासन की टीम ने मयफोर्स के साथ सील कर दिया। पूरी कार्रवाई से होटल व्यवसायियों में हड़कंप मचा रहा।
सील कार्रवाई के दौरान विदेशी पर्यटकों की फजीहत रही। कॉटेज में 32 विदेशी पर्यटक ठहरे हुए थे। जिन्हें सील की कार्रवाई में होटल खाली करना पड़ा। अमेरिका, दं. अफ्रीका, इटली, स्पेन, कनाडा जैसे देशों से आये पर्यटक उस समय मायूस हो गये, जब उन्हे प्रशासन की टीम ने बताया कि न्यायायिक दृष्टि से कानून का पालन कराने को लेकर यह र्कारवाई की जा रही है। इस दौरान पर्यटकों ने उनके साथ धोखा होने जैसी बाते कही। सूत्रों के अनुसार विदेशी पर्यटकों से रामझूला व लक्ष्मणझूला के होटल व लॉज भरे रहते है। विदेशी यहां आध्यात्म व योगा सीखने के लिए वर्ष भर रहते है। इससे होटल व्यवसायियों को भरी मुनाफा भी होता है। विदेशी पर्यटकों से सालभर का एडंवास भी लिया जाता है।
बरहाल अपनी फजीहत से नाराज विदेशी इस मामले में शिकायत दर्ज कराने की बात कह रहे है। तीर्थनगरी में एनजीटी के आदेश पर होटल सील की कार्रवई की यह पहली घटना है।
हां मैं एक पाकिस्तानी नागरिक हूं
कश्मीर के कुपवाड़ा में पकड़ा गया आंतकी ने सच कबूला
पाकिस्तान फिर हुआ बेनकाब
नई दिल्ली।
कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में नियंत्रण रेखा के पास नौगाम सेक्टर में हुई मुठभेड़ में पकड़े गए एक जिंदा आतंकी के कबूलनामे से पाकिस्तान एक बार फिर बेनकाब हो गया है। आतंकी ने कबूल किया है कि वह पाकिस्तान का नागरिक है। उनसे अपने कबूलनामे में कहा गया है कि मैं लाहौर का रहने वाला हूं। मेरा जन्म 17-12-1995 को हुआ था।
बहादुर अली नाम बताने वाले आतंकी ने बताया कि उसे मुजफ्फराबाद से 9 घंटे दूर ट्रेनिंग दी गई थी और ये ट्रेनिंग 21 दिन की थी। सेना की ओर से इस आतंकी को पकड़ा जाना देश और सुरक्षाबलों के लिए एक बड़ी सफलता है क्योंकि इससे पाकिस्तान एक बार फिर बेनकाब हुआ है।
सैन्य अधिकारियों की तरफ से मिली जानकारी के अनुसार ये सभी आतंकवादी विदेशी नागरिक थे। आतंकी के पास कई आधुनिक हथियार भी मिले थे। वहीं खुफिया एजेंसियों ने बहादुर अली से जानकारी हासिल की है। गौरतलब हैं कि हाल ही में कुपवाड़ा जिले में नियंत्रण रेखा के पास नौगाम सेक्टर में हुई इस मुठभेड़ सुरक्षा बलों ने चार आतंकवादियों को ढेर कर दिया था और एक अन्य आतंकी को पकड़ लिया।
ओएनजीसी में 51300-73000 रुपये के पैकेज के लिए करें आवेदन
नई दिल्ली।
ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन लिमिटेड (ONGC) में नियुक्ति निकली है। उम्मीदवार 10 अगस्त 2016 तक आवेदन कर सकते हैं।
पद का नामः कैमिस्ट
पदों की संख्घ्याः 30
पे स्केलः 51300-73000 रुपये
पद का नामः जियोलॉजिस्ट
पदों की संख्याः 34
पे स्केलः 51300-73000 रुपये
पद का नामः मैटेरियल मैनेजमेंट ऑफिसर
पदों की संख्याः23
पे स्केलः 51300-73000 रुपये
उम्र सीमाः 28 साल
चयन प्रकियाः उम्मीदवारों का चयन GATE-2016 के स्कोर और पर्सनल इंटरव्यू के आधार पर किया जाएगा।
मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना में 10 लाख परिवार शामिल होंगे
देहरादून।
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के द्वितीय चरण में अगस्त माह में 10 लाख परिवारो को इसमें शामिल करने के निर्देश दिये है। उन्होने इसके लिये मुख्य सचिव से सभी जिलाधिकारियों से वार्ता कर कुमाऊ एवं गढ़वाल में एक-एक नोड़ल अधिकारी भी नामित करने को कहा है।
बीजापुर अतिथि गृह में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि अब स्वास्थ्य बीमा योजना की धनराशि 50 हजार से बढ़ाकर 1.75 होगी, इसमे गम्भीर बीमारियो के इलाज में सुविधा होगी। मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रो तक इस योजना का लाभ पहंुचे इसके लिये विशेष प्रयास किये जाने चाहिए। सुदूर पर्वतीय क्षेत्रो व ग्रामीण क्षेत्रों में योजना के क्रियान्वयन के लिये यदि मानको में छूट भी दी जानी हो तो वह दी जाय। उन्होने इसके लिये केरल का उदाहरण भी दिया, इसके लिये हास्पिटलों का भी चिन्हीकरण करने मे शीघ्रता की जाय। उन्होने आशा वर्करो के साथ ही आशा फेसिलेटर को भी इंस्टेटिव दिये जाने पर बल दिया ताकि योजना के क्रियान्वयन में मदद मिल सके।
बैठक में मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह, सचिव डॉ. भूपेन्द्र कौर औलख, अपर सचिव नीरज खैरवाल आदि उपस्थित थे।
एनसीसी कैडिट्स के यात्रा भत्ता दोगुना और मैस एलाउंस केन्द्र के समान
एनसीसी मुख्यालय को मिला अपना भवन
देहरादून।
राष्ट्रीय कैडिट कोर (एनसीसी) नौजवानों में शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन भी लाती है। युवाओं को एक गुणी नौजवान के रूप में तैयार कर एनसीसी आगे लाती है। अनुशासित जीवन में एनसीसी सहायक है। गुरूवार को ननूरखेड़ा में एनसीसी ग्रुप मुख्यालय के नव निर्मित भवन का लोकार्पण करते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन, पुलिस, वन व अन्य विभागों में एनसीसी का कैसे प्रयोग किया जा सकता है, इस पर विचार किया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने माउन्ट एवरेस्ट फतह करने वाली एनसीसी की छात्राएं पूजा व नूतन को एक-एक लाख रूपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि एनसीसी हैडक्वाटर ट्रेनिंग ग्राउण्ड को व्यवस्थित करने एवं नवनिर्मित डोरमेट्री को सुसज्जित करने हेतु राज्य सरकार मदद करेगी। उन्होंने एनसीसी कैडिट्स के यात्रा भत्ते को दोगुना करने एवं मैस एलाउंस केन्द्र के समान करने की बात कही। मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि अगले वर्ष से एनसीसी कैडिट्स को राज्य सरकार द्वारा साल में एक बार यूनिफार्म उपलब्ध करायी जायेगी। साथ ही सीनियर व जूनियर डिविजन के अधिकारियों के भत्तों को अन्य राज्यो के भत्तों की व्यवस्था देखने के बाद इनमें सुधार किया जायेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री रावत ने एनसीसी कैडिट्स के साथ अपने एनसीसी के अनुभवों को भी साझा किया।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री मंत्रीप्रसाद नैथानी, विधायक मनोज तिवारी, ललित फर्स्वाण, मेजर जनरल मणी, ब्रिगेडियर आर.एस.दहिया, निदेशक शिक्षा डीएसकुंवर सहित एनसीसी के कैडेट व अन्य उपस्थित थे।
विलुप्त हो रहे औषधीय पौधों को बचाएं युवा पीढ़ी
देहरादून।
वन अनुसंधान संस्थान में कौलागढ गेट पर केन्द्रीय पौधशाला के समीप 67वां वन महोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर डा. शशि कुमार, महानिदेशक, भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद् मुख्य अतिथि थे। डा. सविता, निदेशक, वन अनुसंधान संस्थान ने भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद् व वन अनुसंधान संस्थान के अधिकारियों तथा वैज्ञानिकों के साथ सहभागिता कर की। वन महोत्सव पर लगभग 120 औषधीय वृक्षों एवं पौधों (ेीतनइे) का रोपण किया गया।
रूद्राक्ष (इलाइओकार्पस स्फेरिकस), कुसुम (स्कलाइचेरा ओलेओसा), पुत्रांजीवा (पुत्रांजीवा रोक्सबर्धी), रैड सैंडर, (पिएरोकार्पस एन्टेनस), सतावरी (एसपारेगस रेसमोसस), अर्जुन (टर्मिनेलिया अर्जुन), बेल (ऐगल मरमाइओस) का रोपण किया गया। डा. शशि कुमार ने रूद्राक्ष का पौधा रोपित किया जबकि डा0. सविता ने कुसुम की पौध लगाई।
महानिदेशक ने वृक्षारोपण की संस्कृति को बच्चों, विद्यार्थियों एवं युवाओं के मन मस्तिष्क में उतारने पर जोर दिया, जिससे कि शहरी व ग्रामीण परिसरों में वृक्षारोपण की रिवाज/परंपरा आने वाली पीडी को हस्तांतरित हो सके। निदेशक वन अनुसंधान संस्थान ने दोहराया कि प्राकृतिक वनों के बाहर जहां प्राकृतिक रूप से उग रहे औषधीय पौधे अत्यधिक जैविक दवाब झेल रहे हैं, व साथ ही विलुप्त होने की कगार पर हैं। ऐसे प्रयासों से हमारे देश के औषधीय वृक्षों का संरक्षण होगा। इस अवसर पर सभी उप महानिदेशक सहायक अधिकारियों, वैज्ञानिकों, भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद् एवं वन अनुसंधान संस्थान के कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से सहभागिता की तथा अपनी-अपनी पसंद के औषधीय पौधों का रोपण किया।
आखिरकार नवप्रभात व राजेन्द्र के सिर सजा कैबिनेट मंत्री का ताज
देहरादून।
उत्तराखण्ड के राज्यपाल डा. कृष्ण कांत पाल ने मुख्यमंत्री हरीश रावत की सलाह पर नवप्रभात और राजेन्द्र सिंह भण्डारी को उत्तराखण्ड राज्य का कैबिनेट मंत्री नियुक्त किया है।
राज्यपाल ने गुरूवार को राजभवन प्रेक्षागृह में आयोजित एक सादे समारोह में नवप्रभात, विधायक विकासनगर एवं राजेन्द्र सिंह भण्डारी, विधायक बद्रीनाथ को मंत्री पद हेतु पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। समारोह का संचालन मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह द्वारा किया गया।
नवप्रभात को कृषि व उद्यान और राजेन्द्र भंडारी को समाज कल्याण व परिवहन विभाग का दायित्व दिया गया है। बतातें चले कि लंबे समय से प्रदेश सरकार में कैबिनेट विस्तार की उम्मीद की जा रही थी। आखिरकार मुख्यमंत्री ने गुरुवार को अपनीे मंत्रिपरिषद का विस्तार कर ही दिया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हरीा रावत, विधानसभा अध्यक्ष गोविन्द सिंह कुंजवाल, उत्तराखण्ड सरकार के कैबिनेट मंत्री डा. इंदिरा हृदये,ा, दिनेश अग्रवाल, प्रीतम सिंह, मंत्री प्रसाद नैथानी, दिनेश धनै, राज्यपाल के सचिव एवं विशेष कार्याधिकारी अरूण कुमार ढौंडियाल सहित बड़ी संख्या में गणमान्य अतिथि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
सैनिक आश्रितों के छात्रवृत्तियों और प्रोत्साहन राशि में वृद्धि करने का निर्णय
उत्तराखण्ड सैनिकों के कल्याण के लिए कार्य करें पुनर्वास संस्था: राज्यपाल
देहरादून।
उत्तराखण्ड के राज्यपाल डा. कृष्ण कांत पाल की अध्यक्षता में उत्तराखण्ड सैनिक पुनर्वास संस्था की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई, जिसमें संस्था के कार्यकलापों की गहन समीक्षा की गई तथा कई अहम निर्णय लिए गए।
पूर्व सैनिकों के कल्याण की दृष्टि से 1945 में स्थापित इस संस्था के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए संस्था को लीज पर उपलब्ध कराई गई 482.785 एकड कृषि भूमि तथा 940.143 एकड़ वन भूमि के अधिकाधिक व्यावसायिक लाभ की सारी सम्भावनाएं खोजने औैर उनका क्रियान्वयन सुनिश्चित करने की दृष्टि से राज्यपाल द्वारा अपर मुख्य सचिव कृषि डा. रणबीर सिंह की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है जो 2 माह के अन्तर्गत अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
तीन वर्ष बाद आहूत इस बैठक में राज्यपाल ने कहा कि पुनर्वास संस्था के आय के स्रोत में वृद्धि के लिए उद्यमिता कौशल के साथ इस बेशकीमती व उपजाऊ भूमि का दोहन करना होगा। इससे संस्था के वित्तीय घाटे को लाभ में परिवर्तित किया जाना आसान होगा। उन्होंने ‘कमर्शियल कैश क्रौप’ (नकदी फसलें) लगाने पर विशेष बल देते हुए कहा कि इस सम्बंध में पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय की विशेषज्ञता का लाभ लिया जाना सर्वाधिक उपयुक्त होगा।
राज्यपाल ने जखोली रूद्रप्रयाग में निर्माणाधीन सैनिक स्कूल केे लिए संस्था की निधि से निर्गत रू0 5 करोड़ की धनराशि की प्रतिपूर्ति राज्य सरकार से कराने के लिए आवश्यक कार्यवाही के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही संस्था को प्राप्त कृषि और वन भूमि के लीज नवीनीकरण/विस्तार पर भी यथाशीघ्र कार्यवाही किए जाने की अपेक्षा भी की गई।
उन्होंने यह भी कहा कि सैनिक विधवाओं द्वारा निर्मित उत्पादों के विक्रय की व्यवस्था सुनिश्चित होनी जरूरी है। इसके लिए सभी राजकीय प्रदर्शनियों/मेलांे में एक्स सर्विस मैन के लिए एक निःशुल्क काउंटर उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। राज्यपाल द्वारा, संस्था की निधि का उपयोग केवल पूर्व सैनिकों के परिवार तथा सैनिक विधवाओं के कल्याणार्थ एवं पुनर्वास योजनाओं पर ही किए जाने के निर्देश दिए गए। आज की बैठक में विभिन्न छात्रवृत्तियों और प्रोत्साहन राशि में वृद्धि किए जाने का भी निर्णय लिया गया।
इस समीक्षा बैठक में 05 अप्रैल, 2013 की बैठक में उठाये गये बिन्दुओं के अनुपालन, लीज पर दी गई कृषि हेतु भूमि को गैर कृषि उपयोग के प्रबन्धन की स्थिति सहित संस्था के विगत वर्षोें के आय-व्यय, 2016-17 के प्रस्तावित बजट पर चर्चा और अनुमोदन की औपचारिकताओं के साथ ही पूंजीगत लाभ, गत वर्षों में लिए गए नीतिगत निर्णयों आदि विषयों पर विचार-विमर्श के दौरान राज्यपाल ने कहा कि संस्था की बैठक नियमित रूप से आहूत की जानी चाहिए।
आज की इस बैठक में मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह, अपर मुख्य सचिव एस.रामास्वामी, अपर मुख्य सचिव (कृषि) डा. रणबीर सिंह, सचिव सैनिक कल्याण आनन्द वर्द्धन, सचिव राज्यपाल अरूण ढौंडियाल, सब एरिया जीओसी मेजर जनरल एस सब्बरवाल तथा निदेशक सैनिक पुनर्वास ब्रिगेडियर केबीचंद सहित संस्था के अनेक अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
गुलरानी में 2 हजार लीटर कच्ची शराब बरामद

ग्रामीणों में छापेमारी अभियान चलाकर किया नष्ट
ऋषिकेश।
श्यामपुर क्षेत्र ऋषिकेश में कच्ची शराब बनाने का ध्ंाधा जोरो पर है। अगर ऐसा नही तो ग्रामीणों के द्वारा चलाये जा रहे अभियान के बावजूद बड़ी मात्रा में कच्ची शराब नही मिलती है। प्रशासन ने पूर्व में कच्ची शराब बनाने और ग्रामीणों के बीच में माफीनामा कराया था। जिसमें शराब बनाने वाले लोगों ने स्टांप में लिखकर माफी मांगी थी।
लेकिन बुधवार को ग्रामीणों को भनक लगी कि श्यामपुर के जंगलो में गुलरानी क्षेत्र में कच्ची शराब बनाई जा रही है। अपने छापेमारी अभियान में महिलाओं को 2 हजार लीटर कच्ची शराब के कई ड्रम मिलें। महिलाओं ने शराब को मौके पर ही नस्ट कर दिया। हालांकि मौके से कोई पकड़ में नही आया है।




