दिल्ली।
भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना के बीच रिते सहज नही दिख रहे है। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र सरकार को चुनौती देते हुए कहा है कि फडणवीस सरकार के कारण शिवसेना को जरा भी परेशानी हुई तो माफ नहीं करेंगे। उन्होंने गठबंधन तक तोड़ने की बात कह डाली। उद्धव ने कहा कि हम चुप नहीं बैठें हैं। इस बयासन के बाद कयास लगने शुरु हो गये है कि महाराष्ट्र में दोनो के बीच संबध सहज नही है।
सामना (हिंदी) के कार्यकारी संपादक और सांसद संजय राउत ने उद्धव ठाकरे की बात का समर्थन करते हुए कहा है कि बात नुकसान की नहीं है। उद्धव जी ने जो कहा है वो सही कहा है। गठबंधन को हिंदुत्व के बताया, कहा कि बीजेपी ने 25 साल बाद गठबंधन धर्म नही निभाया है। बता दें कि शिवसेना और भाजपा का तीन दशक पुराना संबंध पिछले वर्ष 2014 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के पहले ही टूट गया था। उन्होंने भाजपा पर गंठबंधन को तोडने का आरोप भी लगाया है।
Author: admin
कैग ने पहले दो दौर की नीलामी में परस्पर प्रतिस्पर्धा को नही बताया उचित
नई दिल्ली।
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने एनडीए सरकार के कार्यकाल में पिछले वर्ष कोयला ब्लाकों की ऑन-लाइन नीलामी के पहले दो दौर में कमियां निकाली है। कैग का कहना है कि इनमें 11 ब्लाकों के मामले में जिस तरह कंपनी समूहों ने अपनी ज्वाइंट वेंचर्स या सब्सिडियरीज के जरिए कॉरपोरेट ग्रुप्स के एक से अधिक बोलियां पेश की थीं उससे यह भरोसा नहीं होता कि दो दौर की प्रतिस्पर्धा में संभावित स्तर हासिल हुआ है।
पहले दो चरणों में कुल 29 कोयला खानों की सफल नीलामी हुई थी। कोयला खानों की ऑनलाइन नीलामी पर कैग की संसद में पेश ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि इन नीलामियों में 11 कोयला ब्लॉक की में कंपनी समूहों ने अपनी सब्सिडियरीज कंपनियों या ज्वाइंट वेंचर्स के जरिए एक से अधिक बोलियां लगायीं। ऐसे में उसकी राय है कि हो सकता है इससे प्रतिस्पर्धा बाधित हुई हो।
रिपोर्ट में कहा गया है कि आडिट में यह भरोसा नहीं जगा कि पहले दो चारों में 11 कोयला खानों की नीलामी में प्रतिस्पर्धा का संभावित स्तर हासिल हो गया होगा। इसके अनुसार ऐसे परिदृश्य में जबकि मानक टेंडर दस्तावेज (एसटीडी) के तहत संयुक्त उद्यम की भागीदारी की अनुमति दी जाती है और साथ ही ई नीलामी में भाग लेने वाली क्यूबी की संख्या सीमित की जाती है तो ऑडिट में यह कहीं आश्वासन नहीं मिलता कि पहले दो चरणों में नीलाम हुई उक्त 11 कोयला खानों की बोली के दूसरे चरण में प्रतिस्पर्धा का संभातिव स्तर हासिल किया गया था।
एम्स मे नौकरी करनी है तो करे आवेदन
दिल्ली।
अखिल भारतीय मेडिकल संस्थान ने टेक्निशियन (रेडियोथेरेपी) और लोवर डिविजन क्लर्क पदों के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है. योग्य व इच्छुक उम्मीदवार 13 अगस्त तक आवेदन कर सकते हैं।
कुल पदों की संख्या- 69
लोवर डिविजन क्लर्क- 60
टेक्निशियन (रेडियोथेरेपी)- ग्रेडII- 9
योग्यता-
1-टेक्निशियन पद के लिए उम्मीदवार किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान व यूनिवर्सिटी से रेडियोथेरेपी टेक्नोलॉजी में बीएससी की डिग्री होनी अनिवार्य या एटोमिक एनर्जी रेगुलेटरी बोर्ड के अधीन मान्यता प्राप्त संस्थान से रेडियोथेरेपी में 2 साल का अनुभव।
2-लोवर डिविजन क्लर्क के लिए 12वीं पास और अंग्रेजी में 35 शब्द प्रति मिनट और हिन्दी में 30 शब्द प्रति मिनट की टाइपिंग आनी जरुरी है।
उम्र सीमा और अधिक जानकारी के लिए नोटिफिकेशन जरुर देखें।
अंतिम तारीख- 13 अगस्त
विशेष जानकारी के लिए आधिकारिक साइट पर www.aiims.edu देखें।
उत्तराखंड का जवान देश का सजग प्रहरी
कारगिल शहीदों को मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजली
देहरादून।
भारतीय इतिहास में उत्तराखण्ड के वीर सैनिकों की गौरव गाथा के असंख्य उदाहरण हैं। जब भी दश के लिए बलिदान देने का अवसर आया यहां के जांबाज सैनिक हमेशा आगे रहे। कारगिल शौर्य दिवस पर गोधी पार्क में आयोजित कार्यक्रम में शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि भावनाओं के रूप में पूरा राज्य संकल्पबद्ध है। अपने सीमित साधनों के बावजूद वीर सैनिकों व उनके परिवारजनों के लिए हर सम्भव प्रयास किया जा रहा है। राज्य के लगभग दस प्रतिशत परिवार ऐसे हैं जिन्होंने देश की रक्षा में अपनों को खोया है। फिर भी अपने दुख के ऊपर उन्होंने राष्ट्र के स्वाभिमान को रखा है। उत्तराखण्ड के वीरों ने शौर्य व पराक्रम को नई ऊंचाइयां देते हुए पराक्रम के मापदण्ड स्थापित किए हैं।
मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि जब भी भारत के मान सम्मान के लिए रक्त बहा है उसमें उत्तराखण्ड का रक्त भी शामिल रहा है। कारगिल के युद्ध में वीरता की एक महान मिसाल कायम की गई। दुनिया के युद्ध के इतिहास में एक नया आयाम कायम किया गया। कारगिल की विजय भारतीय सेना के अदम्य साहस व शौर्य का प्रतीक है। भारतीय सैनिकों ने जिस प्रकार विपरीत परिस्थितियों में वीरता का परिचय देते हुए घुसपैठियों को सीमा पार खदेड़ा उससे पूरी दुनिया ने भारतीय सेना का लोहा माना। ‘‘कारगिल युद्ध में सीमाओं की रक्षा के लिए वीर सैनिकों द्वारा किए गए सर्वोच्च बलिदान को कृतज्ञ राष्ट्र हमेशा याद रखेगा।’’ मुख्यमंत्री रावत ने वीर नारियों को सम्मानित किया और कार्यक्रम में मौजूद सभी पूर्व सैनिकों से मिलते हुए उनका अभिवादन किया। इस अवसर पर केबिनेट मंत्री दिनेश अग्रवाल, विधायक राजकुमार, ललित फर्स्वाण, मेयर विनोद चमोली सहित सेवारत व सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी, सैनिक, सैनिकों के परिवारजन, स्कूली बच्चे उपस्थित थे।
कारगिल शहीदों को श्रद्धांजली, देहरादून में सीएम, हरीश रावत
विदेशियों की बंद कार से बैग चोरी
मोबाइल, आईडी व पासपोर्ट चोरी करने का लगाया आरोप
हरिद्वार।
दिल्ली से हरिद्वार घुमने आये आधा दर्जन विदेशी नागरिकों की बंद कार से एक बैग चोरी हो जाने से पुलिस महकमे में हड़कम्प मच गया। पुलिस मामले की जांच में जुट गयी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बीते दिन दिल्ली से इनोवा कार में आधा दर्जन विदेशी नागरिक हरिद्वार घुमने के लिए आये थे। जिनके कार चालक रणवीर पुत्र सुभाष निवासी झुझनू राजस्थान ने कार को धोबी पार्किग में खड़ी कर दी। जहां से विदेशी पैदल ही घुमने के लिए हरकी पौड़ी सहित अन्य स्थलों पर निकल पडे। बताया जा रहा हैं कि जब वह शाम को कार पर पहुंचे, तो उन्होंने कार में रखे दो बैगांे से एक बैग चोरी होने आरोप लगा दिया।
कार चालक ने विदेश नागरिकों को काफी समझाने का प्रयास किया कि वह केवल दस मिनट के लिए चाय पीने के लिए गया था। कार को लॉक करके गया था और लौट कर आया तो कार लॉक थी। जिस पर विदेशी नागरिकों ने चालक की एक नहीं सुनी और मामले की शिकायत पुलिस से की। विदेशी नागरिकों को संदिग्ध हालत में कार से बैग चोरी होने की सूचना पर पुलिस महकमे में हड़कम्प मच गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली। पुलिस विदेशी नागरिकों सहित चालक से भी जानकारी ली। रोचक बात यह हैं कि विदेशी नागरिक कार में दो बैग छोड कर जाने की बात कह रहे थे। कार में केवल एक बैग ही मौजूद मिला, जिसमें दो लाख की कीमत का कैमरा व डॉलर सहित अन्य समान मौजूद था। जबकि गायब बैग में तीन मोबाइल, आईडी, पासपोर्ट सहित अन्य समान होने की बात कही जा रही है। यहां पर गौर करने वाली बात हैं कि बिना कार का लॉक व शीशा टूटे आखिर कार से बैग कैसे चोरी हो सकता है। पुलिस ने कार चालक को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ कर रही है।
पंचक खत्म होते ही कावड़ियों की संख्या में वृद्धि
कावड़ियों की भीड़ के मद्देनजर चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात
हरिद्वार।
तीर्थनगरी मंे कांवडियांे की भीड़ मंे लगातार इजाफा होता जा रहा है। प्रशासन कांवडियांे की भीड़ को हाईवे से उतारकर उनको नहर पटरी से उनके गतंव्य की ओर रवाना किया जा रहा है। नहर पटरी मंे कांवडियांे के लिए बिजली, पानी व शौचालय की व्यवस्था की गयी है। ताकि कांवडियांे को किसी प्रकार की कोई परेशानी ना हो। हाईवे पर जाम की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन की ओर से पुख्ता इंतजाम किये गये है। डाक कांवडियांे के लिए अलग-अलग स्थानों पर पार्किग की व्यवस्था की गयी है। जहां पर उनके कांवड से सम्बंधित सामानांे का बाजार भी व्यापारियांे द्वारा लगाया गया है। जहां पर कांवडियांे को उनके मुताबिक समान उपलब्ध कराया जा रहा है। श्रावण मास कांवड मेला तीर्थनगरी में प्रारम्भ हुए चार दिन हो चुके है। चार दिनांे के भीतर विभिन्न प्रान्तांे से लाखांे कांवडियें गंगा जल भरकर यहां से अपने गतंव्यों की ओर रवाना हो चुके है। जिस तेजी के साथ कांवडियांे को आगमन हरिद्वार मंे हो रहा है। ठीक उसी तरह यहां से गंगा जल भरकर कांवडियांे का प्रस्थान भी हो रहा है।
लाखांे कांवडियंे मौजूदा समय मंे तीर्थनगरी में डेरा डाले हुए है। जिनमें कुछ पंचक समाप्त होने का इंतजार कर रहे है, तो कुछ पंचक को ना मानकर गंगा जल भरकर यहां से प्रस्थान कर रहे है। प्रशासन की ओर से कांवड मेले को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए जहां पुख्ता इंतजाम करते हुए उनको अमली जामा पहनाया गया है। वहीं दुनियाभर मंे आतंकवादी घटनाआंे को देखते हुए सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किये गये है। देखा जाए तो तीर्थनगरी के चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया है। इतना ही नहीं पुलिस प्रशासन ने असमाजिक तत्वांे पर पैनी नजर रखी जा रही है। कांवडियांे के भेष सहित सार्दी वर्दी में पुलिस को तैनात किया गया है। ताकि किसी स्थिति से निपटा जा सकें। बस अड्डा, रेलवे स्टेशन सहित भीड ़भाड़ वालंे इलाकों मंे डॉग स्वायड व बम निरोधक दस्ता भी चैंकिग अभियान में जुटा है।
पुलिस प्रशासन द्वारा स्थानीय नागरिकों सहित व्यापारियांे और संत व साधुआंे से सहयोग की अपील की गयी है। पुलिस प्रशासन ने तैनात पुलिस अधिकारियों सहित कर्मियांे को कांवडियांे सहित स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और आम लोगों से मधुर व्यवहार किये जाने के निर्देश दिये गये है।
महिलाएं आत्म निर्भर बनेगी तभी तो सवरेगा उत्तराखंड
महिलाएं आत्म निर्भर बनेगी तभी तो सवरेगा उत्तराखंड
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने ‘‘मुख्यमंत्री महिला सतत आजीविका योजना’’ के तहत महिलाओं सम्मानित किया
देहरादून।
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने ‘‘मुख्यमंत्री महिला सतत आजीविका योजना’’ के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं व किशोरियों को सिलाई मशीनें व सहायता राशि प्रदान की। उन्होंने ‘हमारी कन्या हमारा अभिमान’ योजना के तहत भी चैक वितरित किए। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि ‘‘मुख्यमंत्री महिला सतत आजीविका योजना’’ को महिलाओं का बहुत समर्थन मिला है। महिला सशक्त आजीविका योजना कोष स्थापित किया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार 50 लाख रूपए देगी। हमें खुशी है कि योजना से बड़ी संख्या में महिलाओं को अपने पैरों पर खड़े होने में मदद मिली है। इस योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर महिलाएं आजीविका में आत्मनिर्भर हो सकती हैं। देहरादून में इसमें अच्छा काम हुआ है। देहरादून की बालिकाएं राज्य के लिए मापदंड स्थापित करेंगी।
मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि प्रतियोगिता के जमाने में हमें अपने उत्पादों की गुणवŸाा बेहतर करनी होगी। महिला स्वयं सहायता समूह इस दिशा में बहुत उत्साहवर्धेक काम कर रहे हैं। महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम न केवल उनकी आजीविका के लिए प्रशिक्षण की योजना संचालित कर रहे हैं बल्कि अब सरकारी खरीद के साथ इसे जोड़ रहे हैं। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रत्येक सरकारी विभाग अपने लिए आवश्यक सामानों की खरीद के लिए बजट का एक निश्चित प्रतिशत महिला स्वयं सहायता समूहों से खरीदने पर व्यय करें। मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि महिला सशक्त आजीविका योजना कोष स्थापित किया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार 50 लाख रूपए देगी। राज्य के प्रत्येक विधायक से इस कोष के लिए 1-1 लाख रूपए व सांसदो ंसे 5-5 लाख रूपए दिए जाने का अनुरोध करेंगे। इस कोष से महिलाओं के प्रशिक्षण के काम को और भी तेजी से बढ़ाया जाएगा।
मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि विकास समावेशी होना चाहिए। इसमें सभी वर्गों की भागीदारी होनी चाहिए। हमने एक दर्जन से भी अधिक प्रकार की सामाजिक कल्याण की पेंशनें प्रारम्भ कीं। पेंशन राशि को 400 रूपए से बढ़ाकर एक हजार रूपए किया। पेंशन लाभार्थियों की संख्या 1 लाख 74 हजार से बढ़कर 7 लाख से भी ज्यादा हो गई हैं। हमारी कन्या हमारा अभिमान योजना के तहत उन माताओं को सम्मान राशि प्रदान की जाती हैं जिनके दो कन्याएं हैं। महिलाओं की भर्ती के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उनको वार्षिक टर्नओवर पर 5 प्रतिशत बोनस दिया जा रहा है। साथ ही 5 हजार रूपए राशि से उनका बैंक खाता राज्य सरकार खुलवा रही है। केपिटल सब्सिडी भी प्रदान की जा रही है। ऊधमसिंह नगर में महिला उद्यमिता पार्क स्थापित किया जा रहा है। राज्य में परिवर्तन के लिए हम सभी को मिलकर काम करना होगा।
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि ‘‘मुख्यमंत्री महिला सतत आजीविका योजना’’ राज्य के पांच जिलों में संचालित की जा रही है। इसमें महिलाओं व किशोरियों को आजीविका के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। प्रशिक्षण के उपरांत उन्हें 50 हजार रूपए तक की परिसम्पŸिायां आजीविका के लिए प्रदान की जाती हैं। इसी योजना के तहत मद्रासी कालोनी, देहरादून की 100 महिलाओं को निस्बड के सहयोग से प्रशिक्षण प्रदान किया गया था। इसमें 64 महिलाओं को वस्त्र डिजाईनिंग व 36 महिलाओं को ब्यूटीशियन का प्रशिक्षण दिया गया।
इस अवसर पर केबिनेट मंत्री दिनेश अग्रवाल, विधायक राजकुमार, प्रमुख सचिव राधा रतूड़ी, अपर सचिव विम्मी सचदेवा रमन, जिलाधिकारी देहरादून रविनाथ रमन आदि मौजूद थे।
हाईस्कूल पास के लिए बड़ा मौका!

नई दिल्ली।
भारत की बहुप्रतिष्ठित खुफिया एजेंसी इंटेलीजेंस ब्यूरो ने सेक्योरिटी असिस्टेंट पद के लिए विज्ञप्ति जारी की हैं. इच्छुक उम्मीदवार/अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन करने की अंतिम तारीख 6 अगस्त है।
पदों की संख्या- 209
पद का नाम – सिक्योरिटी असिस्टेंट
शैक्षणिक योग्यता – किसी भी मान्य बोर्ड से 10वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की हो। साथ ही साल भर का ड्राइविंग एक्सपीरियंस का होना अनिवार्य है।
उम्र सीमा – अधिकतम उम्र 30 साल है। अनूसुचित जाति/जनजाति के लिए सरकारी नियमानुसार छूट प्रदान की जायेगी।
कैसे होगी प्रक्रिया- उम्मीदवारों का चयन इंटेलीजेंस ब्यूरो द्वारा कराए गए ड्राइविंग टेस्ट के आधार पर किया जाएगा।
मानदेय- चयनित उम्मीदवारों को 5200 -20200 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। ग्रेड पे 2000 रुपये लागू होगा।
अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर लांग ऑन करें-mha.nic.in
बिहार में दलित युवकों की पिटाई, पेशाब पिलाने का आरोप
बिहार। गुजरात में दलित युवकों की मारपीट की घटना पर देश की विभिन्न राजनीतिक पार्टियों ने गुजरात की यात्रा कर डाली। लेकिन नीतिश कुमार के राज्य बिहार के मुजफ्फरपुर से दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। आरोप है कि एक दबंग मुखिया पति ने दो दलित युवकों की बेरहमी से पिटाई कर डाली। वह इतने में ही नही रुका उसने गांव के युवकों से इन युवकों के मुंह में पिशाब तक करा डाला। बताया जा रहा है कि मुजफ्फरपुर जिले के पारू प्रखंड के बाबूटोला में पारू उत्तरी पंचायत के मुखिया के पति मुकुल ठाकुर ने बाइक चोरी का आरोप लगाते हुए दो युवकों के साथ जमकर मारपीट की। इतना ही नहीं मुखिया पति ने अपने भतीजे से इन दोनों दलित युवकों के मुंह में पेशाब भी करवाया।
इस मामले को लेकर पारू मठिया गांव निवासी पीड़ित दलित युवक की मां सुनीता देवी ने पारू थाने मे मुखिया पति समेत 11 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।
पीड़ित दलित युवक की मां सुनीता देवी ने पुलिस को दिए आवेदन में कहा है कि 20 जुलाई को उसका पुत्र राजीव और एक रिश्तेदार मुन्ना पासवान मोटरसाइकिल से पारु थाना क्षेत्र में चल रहे अनपूर्णा महायज्ञ का मेला देखने के लिए गए थे। मेला देखने जाने के दौरान रास्ते में ही मुखिया पति मुकेश ठाकुर उर्फ मुकुल ठाकुर ने अपने समर्थकों के साथ उसे रोक लिया और बाइक चोरी करने के आरोप मे बेरहमी से पिटाई कर डाली।
बताया कि मारपीट के बाद जब इन दोनों युवकों ने अपने आप को बेकसूर बताते हुए छोड़ देने की बात कही तो मुखिया पति ने अपने भतीजे से इन दोनों युवकों के मुंह में पेशाब करवा दिया। पुलिस को बताया कि घटना की जानकारी मिलने पर जब परिवार वाले बचाने के लिए मौके पर पहुंचे तो उनके साथ भी अभ्रदता की गई।
मुजफ्फरपुर के एसएसपी विवेक कुमार ने बताया जांच जारी है, मामला सही पाये जाने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
दूसरी ओर जब आरोपी मुखिया से इस बारे में पूछा गया तो उन्होने कहा की पूरा मामला गलत है, उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव में जीत से विरोधी उनके खिलाफ साजिश रच रहे है।
छीटाकशीं और छेडछाड से परेशान हिंदुओं का पलायन!
रुक नही रही सपा सरकार में हिंदुओं के पलायन की घटना
कैराना के बाद अलीगढ की घटना से प्रदेश का माहौल गर्म
उत्तर प्रदेश।
अलीगढ़ में दो समुदायों के बीच झड़प के बाद एक पक्ष के लोगों ने अपने घरों और दुकानों के बाहर संपत्ति बिकाऊ होने के बोर्ड टांग दिए हैं। अलीगढ़ में दुकान के बाहर टंगे बोर्ड इशारा कर रहे हैं कि यहां सब कुछ ठीक नही है। अलीगढ़ में इस बोर्ड पर लिखा है कि जान है तो जहान है, ये दुकान बिकाऊ है।
अलीगढ़ के बाबरी मंडी में ये बोर्ड जिन घरों और दुकानों के बाहर लगे हैं वो हिंदुओं के बताए जा रहे हैं। आरोप है कि छेड़छाड़ और मारपीट की घटनाओं से तंग आकर कुछ हिंदू परिवार यहां से पलायन कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार रात को बाबरी मंडी इलाके में एक हिंदू महिला से छेड़छाड़ की गई और विरोध करने पर उसके परिवार वालों पर पत्थरबाजी हुई। इस घटना को लेकर गुरुवार को हिन्दू समुदाय ने जमकर हंगामा भी किया। एम पक्ष के लोगों ने पुलिस पर आरोपियों को बचाने का आरोप भी लगाये है।
सूत्रों की मानें तो आएं दिन छीटाकशीं और छेडछाड की घटना से नाराज होकर एक पक्ष के लोगों ने अपने स्थानों से चले जाने में ही भलाई समझी। लोगों का आरोप है कि पुलिस जबरदस्ती मकान और दुकान बिकाऊ हैं के बोर्ड हटवा रही है ताकि मामला ज्यादा न गरमाए।
आरोप है कि सरकार के दबाव में पुलिस समुदाय विशेष के लोगों पर कार्रवाई नहीं कर रही है। बाबरी मंडी के स्थानीय लोगों के अनुसार यहां के हालात इतने भयावह है कि स्कूल जाते समय बच्चियों और बाजार जाते समय महिलाओं पर छींटाकशी होती है।
वहीं मामला बढता देख पुलिस घटना को मामूली छेड़छाड़ का मामला बताकर आरोपियों की गिरफ्तारी की बात कह रही है हालांकि पुलिस ने माना है कि इस वजह से इलाके में तनाव है। उत्तर प्रदेश में कैराना और मुजफ्फरनगर की घटना पर पहले भी सियासत गर्मायी थी, वहीं एक बार फिर हिंदू पलायन को लेकर सियासी सरगर्मी बढ़ गई है। बीजेपी और समाजवादी पार्टी एक दूसरे पर आरोप लगा रहे है।
अलीगढ़ के सांसद ने बताया कि स्थानीय सूत्रों के माध्यम से इस घटना की जानकारी मिली है। उन्होंने प्रशासन के आला अधिकारियों से वार्ता कर आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने को कहा है। उन्होंने कहा कि यूपी सरकार सिर्फ एक समुदाय विशेष की बात करती है, मुसलमानों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की जाती। उन्होंने कहा कि किसी को पलायन करने की जरुरत नही है।
गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी की सरकार में हिंदुओं का पलायन को लेकर भाजपा आक्रमक बनी हुई है। पूर्व में कैराना में हिंदुओं के कथित पलायन को लेकर काफी बवाल मचा था। अब बडा सवाल यह है कि अलीगढ़ में भी कुछ वैसा ही माहौल बन रहा है या राजनीतिक पार्टियां अपन रोटियां सेकने के लिए माहौल को गर्मा रही है।
