ऋषिकेश में खुला देश का पहला सैक्स सीमन केंद्र

ऋषिकेश में अतिहिमीकृत वीर्य उत्पादन केंद्र का शिलान्यास शनिवार को हो गया। राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना के तहत देश का पहला सैक्स सोर्टेड सीमन उत्पादन प्रयोगशाला का शिलान्यास केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने किया। इस प्रयोगशाला के द्वारा शर्तिया बछिया उत्पादन हो सकेगा। यानी कि बछिया पैदा करने की तकनीक विकसित हो सकेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय गोकुल मिशन देशी नस्ल के गौ वंश का संरक्षण कर उनकी दुग्ध उत्पादकता को बढ़ाना है। ऋषिकेश में स्थापित की जा रही सीमन प्रयोगशाला की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका होगी। पशुपालन के माध्यम से किसानों की आय वृद्धि के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। राज्य सरकार का प्रयास है कि वर्ष 2021 तक ऐसी व्यवस्था कर ली जाए जिससे हमारे गौवंश सड़कों पर आवारा न घूमें बल्कि किसानों की आजीविका के साथी बनें। बद्री नस्ल की गायों की दुग्ध उत्पादकता बढ़ाने में कुछ सफलता प्राप्त हुई है। इसे और अधिक बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषिकेश में अंतरराष्ट्रीय स्तर का कन्वेंशन सेंटर स्थापित किया जाएगा। उत्तराखण्ड को देश के अग्रणी राज्यों की पंक्ति में लाने के गम्भीरता से प्रयास किए जा रहे हैं। पीएमजीएसवाई में राज्य में लक्ष्य से 200 किमी अधिक सड़क का निर्माण किया गया है। पर्वतीय गर्वमेंट ई-मार्केट व बेस्ट फिल्म फ्रेंडली राज्य के रूप में भारत सरकार द्वारा सम्मानित किया गया है। दुर्गम क्षेत्रों में इंटरनेट की उपलब्धता के लिए एयरोस्टेट बैलून का सफल परीक्षण किया गया है। उत्तराखण्ड पहला राज्य है जो इस तकनीक का उपयोग करने जा रहा है।

केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह ने कहा कि केन्द्र सरकार किसानों के कल्याण के लिए पिछले चार सालों में पूर्ण समर्पण के साथ कार्य कर रही है। सरकार के प्रयासों से देश के 700 से अधिक कृषि वैज्ञानिक लैब से निकलकर जमीनी परीक्षण के लिए फील्ड लेवल तक पहुंचाए हैं। उन्होंने कहा कि पशुपालन, गाँव की आर्थिकी की रीढ़ है। हमारा देश पशुपालन में पहले पायदान में होने के बावजूद यहां उत्पादकता में कमी है। हमें वार्षिक वृद्धि दर के साथ-साथ उत्पादन बढ़ाने पर जोर देना है।

उत्तराखंड पुलिस ने मांउट एवरेस्ट पर सफल आरोहण कर किया ऐतिहासिक कार्यः त्रिवेन्द्र

माउंट एवरेस्ट पर्वतारोहरण पर गये उत्तराखंड पुलिस के 15 सदस्यों को मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने उन आठ सदस्यों जिन्होंने माउंट एवरेस्ट पर सफलतापूर्वक आरोहण किया। को पद में पदोन्नति व वेतन वृद्धि की घोषणा की।

जिन आठ सदस्यों ने सफलतापूर्वक आरोहण किया। उनमें से छह आरक्षी, एक निरीक्षक तथा एक मिनी फायरमैन शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने इन छह आरक्षियों को मुख्य आरक्षी के पद पर पदोन्नति एवं निरीक्षक तथा मिनी फायरमैन को एक-एक वैयक्तिक वेतन वृद्धि की घोषणा की। माउंट एवरेस्ट आरोहण के लिए गये दल को पांच लाख रूपये देने की घोषणा भी की। जिन आरक्षियों को पदोन्नति दी जायेगी। उनमें विजेन्द्र प्रसाद काला, मनोज जोशी, सूर्यकान्त उनियाल, विजेन्द्र कुड़ियाल, प्रवीण सिंह, योगेश रावत शामिल हैं। जबकि निरीक्षक संजय उप्रेती एवं मिनी फायरमैन रवि चौहान को वेतन वृद्धि दी जायेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस दल ने माउंट एवरेस्ट पर सफल आरोहण कर एक ऐतिहासिक कार्य किया है। उत्तराखण्ड पुलिस का दल देश का ऐसा पहला पुलिस दल है, जिसने माउंट एवरेस्ट पर सफल आरोहण किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को अनुभवी और हिम्मत वाले जवानों की हमेशा आवश्यकता रहेगी। इस तरह के अभियानों में प्रतिभाग कर जवानों का हौंसला बढ़ता है और नये अनुभव प्राप्त होते हैं। इस तरह के अभियान समय-समय पर चलाने जरूरी हैं। उत्तराखण्ड पर्वतीय राज्य होने के साथ ही आपदा के दृष्टि से संवेदनशील राज्य है। राज्य में आपदा प्रबन्धन के लिए तकनीक के विकास के साथ ही प्रशिक्षित लोगों का होना जरूरी है। इसके लिए राज्य सरकार हर सम्भव प्रयास कर रही है।

मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने उत्तराखण्ड पुलिस दल को माउंट एवरेस्ट पर सफल आरोहण पर बधाई देते हुए कहा कि जवानों के दृढ़ निश्चय एवं आत्मविश्वास की वजह से अभियान सफल रहा। उत्तराखण्ड में कार्य करने के लिए अपार सम्भावनाएं हैं, यहां के लोगों में बहुत क्षमता है। उन्होंने कहा कि पुलिस के इस दल ने टीम स्प्रिट का संदेश दिया है। हमें जनता की सेवा के लिए भी टीम स्प्रिट की भावना से कार्य करना होगा।

पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूड़ी ने कहा कि सीमित संसाधन होने के बावजूद भी उत्तराखण्ड पुलिस दल ने दुनिया की सबसे ऊँची चोटी पर आरोहण कर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड पुलिस का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि ऐसे साहसिक अभियान के बाद जवानों को जो अनुभव प्राप्त हुए हैं, उससे निश्चित रूप से भविष्य में फायदा होगा।

जल्द मिलेगी ऋषिकेश को पर्यटन हब के रूप में नयी पहचान

ऋषिकेश के आईडीपीएल में पर्यटन विभाग वेलनेस सिटी बनाने जा रही है। जिसके बाद ऋषिकेश की पहचान में और इजाफा होगा। इसे पर्यटन हब के रूप में पहचान मिलेगी। इसके लिये विभाग ने तैयार शुरू कर दी है। आईडीपीएल की 633 एकड़ भूमि का उपयोग इस वेलनेस सिटी बनाने के लिये किया जायेगा। उम्मीद है कि इस साल के अंत तक इस प्रोजेक्ट में काम शुरू कर दिया जाये।

डेवलपमेंट सपोर्ट सर्विस टू स्टेट इंफ्रास्ट्रक्चर के तहत ऋषिकेश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन हब के रूप में देखा जा रहा है। यहां आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों की संख्या को देखते हुए पर्यटन विभाग ने वेलनेस सिटी की योजना तैयार की है। पर्यटकों को योग, संस्कृति, गंगा, नेचर, रिसोर्ट, हेल्थ सेंटर, बाजार, कॉरपोरेट डेस्टिनेशन जैसी सुविधाएं इस वेलनेस सिटी में मिलेंगी। वेलनेस सिटी आइडीपीएल को आवंटित 633 एकड़ यानि साढ़े तीन हजार बीघा जमीन पर बनेगी।

इसके लिए पर्यटन विभाग ने तकनीकी सलाहकार के रूप में अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के लिए टेंडर आमंत्रित किए थे। इसके लिए स्वीडन, अमेरिका, आयरलैंड, बैंकॉक समेत अंतरराष्ट्रीय मानक पूरा करने वाली नौ कंपनियां आगे आई हैं। इन कंपनियों का चयन इसी माह कर लिया जाएगा। इसके बाद एक साल के भीतर वेलनेस सिटी के निर्माण की कार्रवाई शुरू होगी। वेलनेस सिटी का निर्माण पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड पर किया जाना है। इससे राज्य सरकार पर बजट का भार नहीं पड़ेगा।

मिलेगा रोजगार
पर्यटन विभाग का मानना है कि इस योजना से जहां राज्य के पर्यटन को पंख लगेंगे, वहीं, हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। स्थानीय उत्पादों से लेकर लोक संस्कृति को भी बढ़ावा मिलेगा।

पौधरोपण के लिये सीएम ने चलाया फावड़ा

मिशन ऋषिपर्णा के अंतर्गत मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने पौधरोपण के गड्ढे खोदे। उन्होंने कहा कि रिस्पना व कोसी के पुनर्जीवीकरण के लिये हरेला पर्व के दौरान एक दिन निर्धारित कर लाखों पौधे लगाये जायेंगे। पौध रोपण का यह कार्य सभी के सार्थक प्रयासों से सफल होगा।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि रिस्पना से ऋषिपर्णा सरकार का दीर्घकालिक एवं महत्वाकांक्षी अभियान है। इस मिशन में स्थानीय लोगों के अलावा विभिन्न सरकारी तथा गैरसरकारी संगठनों, संस्थाओं एवं अन्य प्रदेशों के लोगों का सहयोग भी मिल रहा है। रिस्पना एवं कोसी के पुनर्जीवीकरण के लिए हरेला पर्व के दौरान एक दिन निर्धारित कर 3.5 लाख पौधे लगाये जायेंगे। पौधरोपण का यह कार्य पूर्ण रूप से जन सहयोग से किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रारम्भिक चरण में रिस्पना एवं कोसी नदी को पुनर्जीवित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद अन्य जल स्रोतो को भी पुनर्जीवित किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पर्यावरण का संरक्षण, हम सब की सामूहिक जिम्मेदारी है। वर्ष-2018 में विश्व पर्यावरण दिवस की मेजबानी भारत कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने प्लास्टिक मुक्त भारत का जो आह्वाहन किया है, उसमें सबका सहयोग जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 31 जुलाई से उत्तराखण्ड में पॉलीथीन पूर्ण रूप से प्रतिबन्धित की जायेगी। सभी पॉलीथीन के थोक विक्रेताओं को इससे पूर्व पॉलीथीन का स्टॉक समाप्त करने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि इससे एक सप्ताह पूर्व पूरे प्रदेश में पॉलीथीन से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान पर व्यापक स्तर पर जन जागरूकता अभियान चलाया जायेगा। उत्तराखण्ड को पॉलीथीन मुक्त राज्य बनाने के लिए सामाजिक संगठनों के अलावा जन सहयोग आवश्यक है।

जिलाधिकारी एसए मुरूगेशन ने बताया कि लण्ढ़ौर शिखर फॉल से मोथरोवाला-दौड़वाला तक तक वृक्षारोपण के लिए 39 ब्लॉक बनाये गये हैं। सम्पूर्ण क्षेत्र में अनेक प्रजाति के पौध लगाये जायेंगे। इसमें 30 प्रतिशत फलदार वृक्ष लगाये जायेंगे। उन्होंने कहा कि इस मिशन में सबका अच्छा सहयोग मिल रहा है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इसके उपरान्त मुख्यमंत्री आवास में भी वृक्षारोपण किया। उन्होंने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर लीची, अनार, अमरूद, आडू, प्लम, नाशपाती आदि फलदार पौधे रोपे।

जानिए एम्स ऋषिकेश में आखिर यह सुविधा क्यों नहीं

ऋषिकेश स्थित एम्स संस्थान वैसे तो सारी सुविधाओं से लैस हैं। मगर, इतने बड़े संस्थान में शव विच्छेदन गृह की सुविधा का अभाव है। अगर, यहां शव विच्छेदन गृह खुल जाता तो पांच जनपदों की पुलिस को दूर जाकर शव का पोस्टमार्टम नहीं करना पड़ता।

विदित हो कि जनपद पौड़ी के थाना लक्ष्मणझूला पुलिस को शव का पोस्टमार्टम कराने के लिये हरिद्वार जाना पड़ता है। इसी तरह टिहरी के थाना मुनिकीरेती पुलिस को भी नरेन्द्रनगर की शरण लेनी पड़ती है।

ऋषिकेश में हालांकि बाईपास मार्ग पर शव विच्छेदन गृह है, लेकिन 72 घंटे शिनाख्त के लिये अज्ञात शवों को रखने की पर्याप्त व्यवस्था यहां भी नहीं है। यहां अखिल भारतीय आयर्विज्ञान संस्थान के खुल जाने के बाद यह उम्मीद बन गयी थी कि अब यहां पोस्टमार्टम हाउस खुल जायेगा। मगर, अब तक नहीं खुला है। एम्स प्रशासन द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के जरिये शासन से एम्स में शव विच्छेदन गृह के लिये अधिसूचना आदेश जारी करने की मांग की गयी थी। इस मामले में नोटिफिकेशन गृह विभाग द्वारा किया जाना है। मगर, संबंधित फाइल कभी एसएसपी कार्यालय, कभी पुलिस मुख्यालय तो कभी शासन के विभिन्न विभागों में घूम कर रह गयी है।

अगर आपके पास कोई समस्या है तो कीजिए इस टोल फ्री नंबर पर कॉल

भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की राष्ट्रीय वयोश्री योजना के अंतर्गत हरिद्वार क्षेत्र के 450 वृद्ध दिव्यांगों को मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत व केंद्रीय मंत्री थावर चंद गहलौत ने जीवन सहायक उपकरण बांटे। इस मौके पर सीएम ने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों को उठाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी व्यक्ति अपनी शिकायत टोल फ्री नंबर 1905 पर कर सकता है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री व केन्द्रीय मंत्री गहलोत का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र की हर योजना में उत्तराखण्ड को विशेष रूप से शामिल किये जाने के प्रयास किये जा रहे हैं। पिछले चार वर्षों में 50 गुना अधिक शिविरों का आयोजन कर पात्र लोगों को लाभान्वित किया गया है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि केन्द्र सरकार की योजनाओं का लाभ लाभार्थियों को अधिक से अधिक मिल सके।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने जिला प्रशासन को दिव्यांगों के कल्याण के लिये केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी देने एवं योजना से लाभान्वित करने के निर्देश भी दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी व्यक्ति अपनी शिकायत या समस्या को टोल फ्री नम्बर 1905 पर दर्ज करा सकते है।

केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार द्वारा 100 से अधिक विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं बनाई गई है, जिनके माध्यम से लोगों को लाभान्वित करने का कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वृद्ध दिव्यांगों के सशक्तिकरण के लिए कई कदम उठाये है। केन्द्रीय मंत्री गहलोत ने कहा पिछले चार वर्षों में देशभर में 11 लाख दिव्यांगों को 600 करोड़ रूपये से अधिक की सामग्री वितरित की जा चुकी है और सात हजार कैम्प आयोजित किये गये हैं।

राष्ट्रीय वयोश्री योजना पिछले वर्ष प्रारम्भ की गयी, जिसमें देश के 260 जनपदों का चयन किया गया है। इस योजना के अन्तर्गत अभी तक 43 हजार वृद्धजनों को उनकी आवश्यकतानुसार उपकरण उपलब्ध कराये गये हैं। 80 प्रतिशत से ज्यादा दिव्यांगों को मोटराईज ट्राई साइकिल उपलब्ध करायी जा रही है। अब तक साढ़े पांच हजार पात्र लोगों को मोटराईज ट्राईसिकल दी जा चुकी है।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा दिव्यांगों को व्हील चेयर, ट्राईसाईकिल, बैसाखी, सुनने की मशीन, चश्मा एवं पढ़ने वाले बच्चों को लेपटॉप, स्मार्टफोन आदि वितरित किये जा रहे हैं।

सरकार द्वारा प्रत्येक पात्र व्यक्ति को 7500 रूपये तक की सामग्री देने का निर्णय लिया गया है। ऐसे बच्चे जो बोल व सुन नहीं सकते है, उनके उपचार के लिये सरकार अनुदान दे रही है।

युवाओं को नदियों के पुनर्जीवीकरण को आगे आना होगाः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री ने मैराथन दौड़ को हरी झंडी दिखाते हुये कहा कि युवाओं को नदियों के पुनर्जीवीकरण के लिये आगे आना होगा। मैड संस्था इस संबंध में बच्चों की ऊर्जा को सही दिशा देने का रचनात्मक कार्य किया है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि रिस्पना एवं कोसी नदी को पुनर्जीवित कर हमें देश के समक्ष रोल मॉडल बनाना होगा। यह कार्य जन सहयोग से ही पूरा किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इन नदियों के पुनर्जीवन के लिए सरकार को समाजिक संस्थाओं, विभिन्न संगठनों एवं स्थानीय जनता का पूरा सहयोग मिल रहा है।

त्रिवेन्द्र रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ गंगा मिशन को सफल बनाने के लिए हमें पूरा सहयोग करना होगा। नमामि गंगे के तहत 25 हजार करोड़ रूपये इस प्रोजेक्ट में रखे गये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून को पूर्ण ग्रेविटि का पानी उपलब्ध कराने के लिए अगले वर्ष तक सौंग बांध की नीव रखी जायेगी।

राज्य सरकार द्वारा ईको सिस्टम, पर्यावरण सरंक्षण, जल संरक्षण, नदियों के पुनर्जीवीकरण व स्थानीय उत्पादों पर आधारित स्वरोजगार के अवसर विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

राज्य में सभी लें सबको शिक्षा, अच्छी शिक्षा योजना का लाभ

उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डा. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य में उच्च शिक्षा की गुणवत्तार पर विशेष ध्यान दिया जाये। उन्होंने कहा कि राज्य में सबको शिक्षा, अच्छी शिक्षा योजना मिलनी चाहिए। उन्होंने इस योजना का लाभ उठाने के लिय राज्य के युवाओं को संबोधित भी किया।

उन्होंने कहा कि उन्ही विद्यालयों को रूसा के अन्तर्गत धन का आवंटन किया जायेगा जो नैक के अन्तर्गत आते हैं। नैक के मानक के अनुसार सभी विद्यालय में शत् प्रतिशत् प्राचार्य, बिल्डिंग, अध्यापक स्टॉफ, छात्र अध्यापक का अनुपात, छात्र उपस्थिति, प्रदर्शन, सुविधायें होनी चाहिए। इस मानक के अनुरूप उत्तराखण्ड को समस्त डिग्री कॉलेजों को शामिल किया जायेगा।

रूसा के अन्तर्गत अभी तक कुल 72 करोड़ रू0 मिले हैं। जिसमें से दून विश्वविद्यालय एवं कुमाऊ विश्वविद्यालय के लिए 20-20 करोड़ रू0 के अतिरिक्त कुल 49 कॉलेजों को सुविधायें दी जायेंगी। अभी तक कुल 72 करोड़ रू0 मिले बजट में एस0जी0आर0आर0 पी0जी0कालेज देहरादून 2 करोड़, राजकीय महिला महाविद्यालय हल्द्वानी 2 करोड़, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोटद्वार 2 करोड़, ऋषिकेश, काशीपुर, बागेश्वर, द्वारहाट, डाकपत्थर, रूद्रपुर, रामनगर, लोहाघाट राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालयों को 2-2 करोड़ एम0बी0पी0जी कॉलेज हल्द्वानी को 2 करोड़, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय डोईवाल 3 करोड़, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मुनस्यारी 2 करोड़, रूसा परियोजना निदेशालय 3 करोड़ रूपये आवंटित किये जायेंगे।

इस सम्बन्ध में मंत्री ने कहा उत्तराखण्ड के उच्च शिक्षा से सम्बन्धित कॉलेज और विश्वविद्यालय में सभी विद्यार्थियों के लिए 100 प्रतिशत पुस्तक की व्यवस्था की जायेगी। पहली बार सभी महाविद्यालय में अतिरिक्त सभी विद्यार्थियों को लैब, शौचालय, कम्प्यूटर लाइब्रेरी, ई-लाईब्रेरी, स्मार्ट क्लास, खेल का सामान, प्राचार्य, असिस्टेंट प्रोफेसर की सुविधा दी जायेगी। प्रत्येक कॉलेज में प्राचार्य के साथ कम से कम 2 असिस्टेंट प्रोफेसर और एक क्लर्क होगा।

डीएम आपदा के दौरान तुरंत एक्शन लेः त्रिवेन्द्र

राज्य में अतिवृष्टि व ऑधी तूफान से हुयी क्षति के जानकारी मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावन ने ली। उन्होंने राज्य आपदा परिचालन केंद्र में डयूटी पर तैनात कर्मचारियों को फोन के माध्यम से जिलों की आपदा की जानकारी लेने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले तीन माह वर्षाकाल के दौरान विशेष सतर्कता की जरूरत है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को किसी भी प्रकार के आपदा के लिए सतर्क रहने एवं शीघ्र रिस्पांस देने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि जिला आपदा कंट्रोल रूम का भी लगातार निरीक्षण करते रहें। ड्यूटी के प्रति लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को चिन्हित कर कार्यवाही करें।

जिलाधिकारियों को आपदा के दृष्टिगत निरन्तर जनप्रतिनिधियों के सम्पर्क में रहने के भी निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों की फोन नम्बर की लिस्ट भी अपडेट रखी जाए। ताकि किसी भी प्रकार की घटना होने पर शीघ्र सम्पर्क किया जा सके।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि उत्तरकाशी एवं पौड़ी में 28 मीमी की बारिश हुई है। जबकि देहरादून में 40 मीमी बारिश हुई। उत्तरकाशी जनपद के बड़कोट तहसील के गंगटाड़ी में एक बच्ची के बहने की सूचना मिली है। जबकि पौड़ी जनपद के चाकीसैंण तहसील के बुमोच में अतिवृष्टि से चार पशुओं की हानि हुई है। उन्होंने राज्य में बादल फटने संबंधी जानकारी होने से साफ इंकार किया। सीएम बोले राज्य में कोई बादल नहीं फटा है। इस तरह की सूचना का कोई औचित्य नहीं है।

केंद्र सरकार ने चार वर्षों में दी जीरों टॉलरेंस की सरकारः त्रिवेन्द्र

केंद्र सरकार के चार वर्षों को सफल बताते हुये मुख्यमं़त्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने इन चार वर्षों को जनता के प्रति समर्पित रहा। प्रधानमंत्री की ठोस पहल से आज देशवासी अनेकों जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठा रहे है।

शुक्रवार को बातचीत में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का न्यू इण्डिया का विजन देश को खुशहाली और तरक्की के रास्ते पर ले जाने के लिये एक बड़ा कदम है। देश ने आर्थिक, सामाजिक समृद्धि एवं विकास की नई ऊँचाइयों को छुआ है। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत देश का स्वच्छता कवरेज 38 प्रतिशत से बढ़कर 83 प्रतिशत हो गया है। गत चार वर्षों में सड़क परिवहन में उल्लेखनीय तेजी से कार्य हो रहा है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा मिशन के तहत गरीब परिवारों को पांच लाख रूपये तक का बीमा कवरेज दिया जा रहा है। मात्र दो वर्षों के भीतर ही उज्ज्वला योजना के अंतर्गत चार करोड़ महिलाओं को निःशुल्क रसोई गैस कनेक्शन देकर धुॅआ मुक्त जीवन दिया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत वर्ष 2022 तक सबको आवास दिए जाने का लक्ष्य रखा गया है। केन्द्र सरकार द्वारा 1200 अप्रासंगिक कानूनों को खत्म किया जा चुका है। प्रधानमंत्री द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम को प्रभावी तरीके से बढ़ाया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत चार वर्षों में केंद्र सरकार के किसी भी मंत्री पर भ्रष्टाचार संबंधी कोई आरोप नहीं है। जीएसटी से कर प्रणाली एवं व्यापार आसान हो रहा है।