वन विभागीय अधिकारियों को सीएम की फटकार, दिए ये निर्देश

राज्य में बढ़ते तापमान व गर्म हवाओं के चलते वन आग की ज्वाला में धधक रहे है। वनों के इस तरह जलने से आबादी क्षेत्र में रह रहे लोगों में भी दहशत है। वनों में आग बढ़ने पर आबादी क्षेत्र में आने का खतरा बना हुआ है। मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के जिलाधिकारियों को वगाग्नि पर ठोस व प्रभावपूर्ण कदम उठाने के निर्देश दिए है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने वन विभाग के अधिकारियों को आडे़ हाथों लेते हुए उनसे पूछा कि उन्होंने क्या तैयारी की थी ? अगर तैयारी पूरी थी तो परिणाम क्यों नहीं मिला ? मुख्यमंत्री ने वन विभाग के नोडल अधिकारी वीपी गुप्ता और डीएफओ पौड़ी को फटकार लगाते हुए कार्यप्रणाली में सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को भी हिदायत दी कि अपने जनपदों में वनाग्नि की घटनाओं की जवाबदेही उन्हीं की होगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रभागीय वनाधिकारी की परफॉर्मेंस एप्रेजल रिर्पोट में वनाग्नि की रोकथाम के प्रयासों तथा उनके परिणामों को भी दर्ज किया जाय। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि जिलाधिकारियों और वन विभाग, स्थानीय समुदायों को अपने साथ जोड़ें। स्थानीय लोगों की मदद के साथ, वनों की प्रभावी सुरक्षा की जा सकती है।

मुख्यमंत्री ने वनाग्नि की रोकथाम के लिये कुल प्रावधानित बजट 12 करोड़ 37 लाख का 50 प्रतिशत ही जारी किये जाने पर भी सख्त नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने वन विभाग को फटकार लगाते हुए कहा कि, ‘‘आग अभी लगी है, आप पैसा कब के लिये बचा रहे हैं।’’ उन्होंने शेष राशि तत्काल जनपदों देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलाधिकारी आपदा प्रबंधन तंत्र तथा आपदा प्रबंधन मद में उपलब्ध धनराशि का भी समुचित प्रयोग करें। सभी जनपदों में आपाद प्रबंधन मद में पांच-पांच करोड़ की धनराशि दी गई है जिसकी 10 प्रतिशत राशि से उपकरण क्रय किये जा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वनों की आग सिर्फ वन विभाग की समस्या नहीं है। अन्तरविभागीय समन्वय कर इससे पूरी क्षमता के साथ लड़ा जाय।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वन विभाग वर्षा काल का इंतजार न करे और अभी से अपने प्रयासों को तेज करे। जिन जनपदों में एक्टिव फायर की रिपोर्ट नहीं है, उन्हें भी सजग रहने की जरूरत है।
वनाग्नि की घटनाओं में सम्बन्धित नोडल अधिकारी ने बताया कि अभी तक कुल 776 घटनाएं दर्ज हुई है, जिनमें 1271 हेक्टेयर क्षेत्रफल प्रभावित हुआ है। 40 मास्टर कंट्रोल रूम स्थापित किये गये है।

हाईकोर्ट ने दिया निकाय चुनावों पर बड़ा फैसला

राज्य सरकार की ओर से निकायों के परिसीमन व सीमा विस्तार को लेकर जारी अधिसूचना को निरस्त करने संबंधी एकलपीठ के आदेश को हाईकोर्ट के मुख्य न्यायधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने निरस्त कर दिया। इससे अब राज्य में नगर निकाय चुनावों को लेकर रास्ता साफ हो गया है।

विदित हो कि हल्द्वानी, पिथौरागढ़ के दौला, खटीमा, टनकपुर, डोइवाला, रुद्रपुर, काशीपुर, भवाली, भीमताल, कोटद्वार, ऋषिकेश समेत 17 निकायों के सीमा विस्तार की अधिसूचना को अलग-अलग याचिकाओं के माध्यम से चुनौती दी गई थी। इन याचिकाओं में कहा गया था कि सीमा विस्तार से संबंधित जारी अधिसूचना राज्यपाल की ओर से जारी होनी चाहिए थी। लेकिन, इसे शहरी विकास सचिव द्वारा जारी किया गया था। जो संविधान का उल्लंघन है। पिछले दिनों एकलपीठ ने इन याचिकाओं को स्वीकार करते हुए सरकार की परिसीमन संबधी अधिसूचना को असंवैधानिक करार देते हुए निरस्त कर दिया था।

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति केएम जोसफ व न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की। सरकार की ओर से महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर व सीएससी परेश त्रिपाठी ने जिरह की। उन्होंने कहा कि राज्यपाल और राज्य सरकार को एक ही परिप्रेक्ष्य में देखा जाना चाहिए, अलग-अलग नहीं। राज्य सरकार के स्तर पर परिसीमन को लेकर जो कवायद की गई, वह राज्यपाल के नाम पर की गई। एकलपीठ ने संविधान में निहित व्यवस्था की व्याख्या सही नहीं की, लिहाजा फैसले को निरस्त किया जाए। खंडपीठ ने सरकार की दलीलों से सहमत होते हुए एकलपीठ का फैसला निरस्त कर दिया और सरकार की कवायद को संवैधानिक करार दिया।

श्रद्धालुओं की सुविधाओं में न रहे कमी, सीएम ने दिए ये निर्देश

श्री केदारनाथ धाम पहुंच कर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने पूजा-अर्चना की। उन्होंने केदारनाथ में चल रहे पुननिर्माण कार्यों के साथ मंदाकिनी नदी के समीप घाटों के निर्माण कार्याें का जायजा भी लिया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिये सभी व्यवस्थायें सुचारू रूप से चलाने के निर्देश भी दिये। इस दौरान उन्होंने दस बैड वाले अस्पताल का उद्धाटन भी किया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि इस बार चारधाम दर्शन हेतु रिकार्ड श्रद्धालु पहुंच रहे है। श्री केदारनाथ में अब तक ढाई लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंच चुके है। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं के बीच जाकर उनसे बातचीत कर व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी हासिल की।

इससे पूर्व, मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने श्री बद्रीनाथ धाम पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना के साथ ही भगवान श्री बद्री विशाल के दर्शन किये। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भगवान बद्री विशाल से राज्य की जनता की सुख-समृद्धि और मंगलमय जीवन की प्रार्थना की।

एक ही प्रापर्टी से लिया तीन अलग बैंको से कर्ज

आरटीआई से नैनताल में सरकारी पैसों को बंदरबाट की खबर सामने आई है। दरअसल राजस्व विभाग के पटवारी व कुछ किसानों की आपसी मिलीभगत के चलते बैंक से भारी मात्रा में कर्ज लिया गया। जबकि बैंक में दिखाये गये जमीन से जुड़े सभी दस्तावेजों में फेरबदल किया गया है।

आरटीआई से यह भी खुलासा हुआ है कि देवीदत्त नाम के एक मृत व्यक्ति के नाम से भी बैंकों से ऋण लिया गया है और दो बैंकों से मृतक देवी दत्त के नाम से किसान मृतक बीमा क्लेम भी ले लिया गया।

आरटीआई कार्यकर्ता राजेंद्र सिंह का कहना है कि उन्होंने इस मामले पर बड़ौदा बैंक, द नैनीताल बैंक और नैनीताल डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव बैंक के अधिकारियों को इस बाबत जानकारी दी, लेकिन अभी तक इस मामले पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

इस पूरे मामले पर कुमाऊं के कमिश्नर ने संज्ञान लेते हुए पूरे घोटाले की जांच करने की बात कही है, उनके मुताबिक जिलाधिकारी से मामले की जानकारी लेकर जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जिंदगी और मौत के बीच जवान दीपक ने ली अंतिम सांस

गढ़वाल राइफल्स में तैनात दीपक नैनवाल की यूनिट को दस अप्रैल को सूचना मिली कि कुलगाम के वनपोह इलाके में आतंकवादी छिपे है। आतंकियों और भारतीय सेना के बीच जबरदस्त फायरिंग हुयी। इस दौरान दीपक नैनवाल के सीने में दो गोलियां लगी। हालांकि सेना की टुकड़ी ने दो आतंकियों को मौत के घाट उतारा था। जिंदगी और मौत के बीच जूझते आखिरकार दीपक नैनवाल ने रविवार को दम तोड़ दिया। जवान की मौत की सूचना पाकर क्षेत्र व परिवार में शोक फैल गया।

जनपद चमोली के कर्णप्रयाग ब्लॉक के कांचुला गांव निवासी दीपक नैनवाल का परिवार दून के हर्रावाला में रहता है। पिछले माह 10 अप्रैल को दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में सेना और आतंकवादियों के बीच चली लंबी मुठभेड़ के दौरान दीपक बुरी तरह घायल हो गए थे। दीपक का इलाज पहले दिल्ली के सैन्य अस्पताल में किया गया। जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे दीपक के शरीर से दो गोलियां बमुश्किल ऑपरेशन कर निकाली गईं, लेकिन तीसरी गोली हड्डी में फंसने के कारण ऑपरेशन नहीं हो पाया, जिससे दीपक की हालत बिगड़ती गई।

उनके शरीर के निचले हिस्से ने काम करना बंद कर दिया था। बाद में उन्हें पुणे के सैन्य अस्पताल ले जाया गया। पिछले एक सप्ताह से उन्होंने कुछ खाना-पीना भी बंद कर दिया था। रविवार सुबह हृदय गति रुक जाने से उनका निधन हो गया। वह अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने नायक दीपक नैनवाल की शहादत को सलाम करते हुए उनके सर्वोच्च बलिदान को प्रदेश व देश का गौरव बताया है। उन्होंने कहा कि शहीद के परिजनों को हर संभव मदद दी जाएगी।

हिंदू युवक को खून देकर आतिफ ने निभाया मानवता का धर्म

मजहब के नाम पर इंसान और इंसानियत को अलग-थलग करने वालों को दून के आरिफ खान ने सबक सिखाया है। उन्होंने न सिर्फ खून देकर एक हिंदू युवक की जान बचाई; बल्कि मानवता का परिचय दिया हे।

दरअसल, मैक्स अस्पताल में भर्ती अजय बिजल्वाण (20 वर्ष) की हालत बेहद गंभीर है और आइसीयू में है। लीवर में संक्रमण से ग्रसित अजय की प्लेटलेट्स तेजी से गिर रही थीं और शनिवार सुबह पांच हजार से भी कम रह गई थीं। चिकित्सकों ने पिता खीमानंद बिजल्वाण से कहा कि अगर ए-पॉजिटिव ब्लड नहीं मिला तो जान को खतरा हो सकता है। काफी कोशिश के बाद भी डोनर नहीं मिला।

इसके बाद खीमानंद के परिचितों ने इस संबंध में सोशल मीडिया पर पोस्ट कर मदद मांगी। जब सहस्रधारा रोड (नालापानी चौक) निवासी नेशनल एसोसिएशन फॉर पेरेंट्स एंड स्टूडेंट्स राइट्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरिफ खान को व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से सूचना मिली तो उन्होंने अजय के पिता को फोन किया। कहा कि उनके रोजे चल रहे हैं, अगर चिकित्सकों को कोई दिक्कत नहीं है तो वह खून देने के लिए तैयार हैं। चिकित्सकों ने कहा कि खून देने से पहले कुछ खाना पड़ेगा, यानी रोजा तोड़ना पड़ेगा।

आरिफ खान ने जरा भी देर नहीं की और अस्पताल पहुंच गए। उनके खून देने के बाद चार लोग और भी पहुंचे। आरिफ खान ने बताया कि श्अगर मेरे रोजा तोड़ने से किसी की जान बच सकती है तो मैं पहले मानवधर्म को ही निभाऊंगा। रोजे तो बाद में भी रखे जा सकता है, लेकिन जिंदगी की कोई कीमत नहीं।

उनका कहना है कि रमजान में जरूरतमंदों की मदद करने का बड़ा महत्व है। मेरा मानना है कि अगर हम भूखे रहकर रोजा रखते हैं और जरूरतमंद की मदद नहीं करते तो अल्लाह कभी खुश नहीं होंगे। मेरे लिए तो यह सौभाग्य की बात है कि मैं किसी के काम आ सका।

मदरसों में शामिल हो रहा एनसीईआरटी पाठ्यक्रम

इस सत्र से उत्तराखंड मदरसा शिक्षा बोर्ड में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू हो रहा है। इसमें संस्कृत व अन्य विषय भी बच्चों को पढ़ने को मिल सकेंगे।

उत्तराखंड मदरसा शिक्षा बोर्ड के डिप्टी रजिस्ट्रार अहमद अखलाक अंसारी ने बताया कि सत्र 2018-19 से मदरसों में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू होने जा रहा है। इस संबंध में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रलय को पत्र भी भेजा जा चुका है। बताया कि एनसीईआरटी पाठ्यक्रम में मदरसों में भी राजकीय विद्यालयों की तरह विषय और सिलेबस शामिल होगा।

महत्वपूर्ण ये है कि अब मदरसों में संस्कृत, कंप्यूटर व शारीरिक शिक्षा का विषय भी शामिल किया जा रहा है। ये विषय मदरसा छात्रों के सर्वागीण विकास में मुख्य भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि छात्र स्वेच्छा से किसी भी विषय को चुनने के लिए स्वतंत्र होंगे।

अब झूला पुल पर ली सेल्फी, तो खैर नहीं

सैल्फीे के शौकीन अब झूला पुलों पर सेल्फी नहीं ले पाएंगे। अक्सर देश-विदेश से आये पर्यटक रामझूला व लक्ष्मणझूला पुल पर सेल्फी लेते नजर आते हैं और इनके सेल्फी लेने के चक्कर में झूला पुल पर जाम लग जाता हैर्। िस्थति यह हो जाती है कि पुलिस के न होने से जाम खुलवाना मुश्किल हो जाता है। मगर, अब पुलिस इसकी निगरानी करेगी और पकड़े जाने पर कार्यवाही करेगी।

बाहर से जो भी पर्यटक लक्ष्मणझूला और राम झूला पहुंचते है। तो वह पुल के बीच में और दोनों तरफ फोटोग्राफी करते है। सेल्फी लेते है। कैमरे में व्यस्त ऐसे लोग सामने वाले से भी टकराते है। पुल पर पैदल यातायात बाधित होता है।

एसएसपी पौड़ी जगतराम जोशी ने इस समस्या पर संज्ञान लेते हुए दोनों पुलों पर सेल्फी और फोटोग्राफी पर प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं। थानाध्यक्ष लक्ष्णमझूला प्रदीप कुमार राणा ने बताया कि दोनों पुलों पर जगह-जगह पर्यटकों को सूचित करने के लिए फ्लैक्स लगा दिए गए है। पुलिस कर्मी ऐसे लोगों पर नजर रखेंगे। सीसीटीवी कैमरों से भी ऐसे लोगों की मॉनटरिंग की जा रही है। आदेश न मानने पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।

सीडीएस परीक्षा में उत्तराखंड के विवेेक ने किया टॉप

उत्तराखंड कुमाऊ मंडल के पिथौरागढ़ जिले के एक युवा में देश की प्रतिष्ठित सीडीएस की परीक्षा में अव्वलता हासिल की है। पिथौरागढ़ के लेलू गांव निवासी विवेक थरकोटी की कंबाइंड डिफेंस सर्विस परीक्षा में सफलता हासिल करने पर गांव में खुशी का माहौल है। सभी अपने बच्चों को विवेक से प्रेरणा लेने को कह रहे है।

जिला मुख्यालय से लगभग छह किलोमीटर दूर लेलू गांव के रहने वाले विवेक थरकोटी ने इस वर्ष सीडीएस की परीक्षा में देश में अव्वलता हासिल की है। विवेक ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा वड्डा कस्बे के विश्व भारती पब्लिक स्कूल से हासिल की। बचपन से मेधावी विवेक ने एशियन एकेडमी स्कूल से आठवीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद घोड़ाखाल सैनिक स्कूल में आगे की पढ़ाई की।

इंटरमीडिएट की पढ़ाई घोड़ाखाल से करने के बाद पिथौरागढ़ महाविद्यालय से बीएससी और एमए किया। इसके बाद विवेक थरकोटी ने सीडीएस परीक्षा में सफलता हासिल की। विवेक ने अपनी सफलता का श्रेय बैंक कर्मी पिता श्याम सिंह थरकोटी और शिक्षिका माता निर्मला थरकोटी सहित गुरूओं को दिया है। बता दें कि विवेक साहसिक खेलों में रूचि रखते है। स्कीइंग, रिवर राफ्टिंग, पर्वतारोहण जैसे साहसिक खेलों में रुचि रखने वाले विवेक ने नौवीं कक्षा के बाद ही सेना ज्वाइन करने का लक्ष्य तय कर लिया था और कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने देश की प्रतिष्ठित परीक्षा में शानदार सफलता अर्जित की।

राज्य में आने वाले श्रद्धालु अच्छी छवि लेकर जायेंः त्रिवेन्द्र

उत्तराखंड पयर्टन राज्य है। यहां आने वाले श्रद्धालु राज्य की अच्छी छवि लेकर वापस जाये। शहरी क्षेत्रों की जनता की प्राथमिकता स्वच्छता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाएं धरातल पर दिखनी चाहिये। सभी प्रयासों का परिणाम क्या निकला, इस पर बात होनी चाहिये। जनता को परिणाम से सरोकार होता है।

मुख्यमंत्री ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के लिये निर्धारित गतिविधियों में शीर्ष चार-पांच गतिविधियां चिन्हित कर उन पर पूरा ध्यान केन्द्रित करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि स्मार्ट सिटी के लिये पूर्व निर्धारित क्षेत्रफल में कुछ वृद्धि करने पडे तो उसका भी प्रस्ताव बनायें। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों द्वारा विद्युत तार, पेयजल लाईन, सीवर, टेलीफोन आदि हेतु सड़कों की खुदाई कर दी जाती है। इसको रोकने के लिये सभी मुख्य मार्गों पर परमानेंट डक्ट बनाने पर विचार किया जाय। इस डक्ट में समय-समय पर आवश्यकतानुसार तारें-लाइनें डाली जा सकती हैं। उन्होंने मुख्य सचिव को इस दिशा में व्यापक विचार-विमर्श करने के निर्देश भी दिये।   
    
 मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नसीहत दी कि वे चार पहिया वाहनों के स्थानों पर दो पहिया वाहनों के द्वारा भीडभाड वालों इलाकों में जाकर स्वच्छता, ट्रैफ़िक आदि का हाल जाने। मुख्यमंत्री ने मार्च 2019 तक प्रधानमंत्री आवास योजना हेतु एक लाख 4971 लाभार्थियों को आवास अनुमन्य करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर गरीब को घर देना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। वर्ष 2022 तक सबके लिये आवास के प्रधानमंत्री के संकल्प को पूरा करना है। उन्होंने कहा कि यदि दिशा में मौजूदा आवास नीति में कोई प्रावधान आड़े आ रहे हो तो नीति में संसोधन भी किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी तथा सभी जिलाधिकारियों को जिला स्तरीय बैंकर्स कमेटी की मीटिंग में इस तथ्य को को उठाने को कहा। उन्होंने कहा कि बैंकों द्वारा निरस्त किये गये आवदनों की रैण्डम जांच जिलाधिकारियों स्वयं करें।