छापेमारी में नीरव मोदी के ठिकानों से हुयी 5100 करोड़ की संपत्ति जब्त

पंजाब नेशनल बैंक में हुये महाघोटाले के मुख्य आरोपी नीरव मोदी का भारत को छोड़ अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोप व दुनिया के कई जगहों में कारोबार है। पीएनबी महाघोटाला प्रकाश में आने पर प्रवर्तन निदेशालय ने गुरूवार को अरबपति हीरा कारोबारी नीरव मोदी और गीतांजलि जेम्स के भारतीय ठिकानों पर छापेमारी की गयी।


एक्शन में आने के बाद ईडी ने बताया कि इस घोटाले की रकम हांगकांग से निकाली गई थी। अब ईडी हांगकांग के अधिकारियों के साथ संपर्क कर जानने की कोशिश कर रही है कि इस रकम का क्या हुआ। ईडी ने नीरव मोदी और मेहुल चोकसी समेत इस घोटाले के चार आरोपियों को पूछताछ के लिए समन भी जारी किया है।

गुरुवार को ईडी ने नीरव मोदी के जयपुर, सूरत, दिल्ली समेत कुल 17 स्थानों पर छापेमारी की। नीरव मोदी के दफ्तरों, शोरूम और वर्कशाप पर छापेमारी के दौरान करीब 5,100 करोड़ रुपये की संपत्ति भी जब्त की।

पीएनबी में 11,360 करोड़ रुपये के घपले में नीरव मोदी की कंपनियों और बैंक की मुंबई स्थित ब्रैडी हाउस शाखा के कुछ अन्य खातों की संलिप्तता उजागर होने के एक दिन बाद बड़े स्तर कार्रवाई शुरू की गई है। पीएनबी के कम से कम 10 बैंक कर्मियों को निलंबित किया गया है, लेकिन पीएनबी की कर्ज अनुमति कमेटी या निदेशक मंडल से कोई इनमें शामिल है या नहीं, यह अभी साफ नहीं हुआ है।

सीबीआई ने पिछले सप्ताह मोदी और उनकी पत्नी एमी और भाई निशाल व मामा मेहुल चोकसी के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इससे पहले पीएनबी ने 29 जनवरी को 280 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी को लेकर इन चारों के खिलाफ शिकायत की थी।

यह धोखाधड़ी का मामला साल 2011 का है. बताया जाता है कि नीरव मोदी ने पीएनबी और अन्य बैंकों को लिखा था कि वह बकाए की वापसी कर देंगे। मालूम हो कि नीरव मोदी का कारोबार भारत के अलावा यूरोप, अमेरिका, ब्रिटेन, मध्यपूर्व और सुदूर पूर्व में भी है।

आपको बता दें कि इस घोटाले की रकम विजय माल्या के 9,000 करोड़ रुपये का भुगतान करने से मुकरने से बड़ी है। बैंकों को चूना लगाने के ये मामले तब उजागर हो रहे हैं जब बैंकों के डूबे हुए कर्ज को लेकर भारतीय बैंकिंग प्रणाली सवालों के दौर से गुजर रही है।

हर आदमी के बैंक में जमा 100 रूपये में से 30 गायब

Out of 100 rupees deposited in every man’s bank, 30 are missing

देश के दूसरे सबसे बड़े सरकारी बैंक पंजाब नेशनल बैंक की मुंबई स्थित एक शाखा में 11,360 करोड़ रुपये का फर्जी ट्रांजैक्शन किया गया है। फर्जीवाड़ा कर बैंक को चपत लगाई गई यह रकम शेयर बाजार में बैंक के कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन का लगभग एक तिहाई है। इसके चलते जहां शेयर बाजार पर कंपनी के शेयरों को 10 फीसदी का नुकसान उठाना पड़ा वहीं एक अनुमान के मुताबिक बैंक के आम खाताधारक को भी बैंक में जमा उसके 100 रुपये में 30 रुपये का नुकसान झेलना पड़ेगा।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के मुताबिक पंजाब नेशनल बैंक का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग 36,566 करोड़ रुपये है और उसने लगभग 4.5 लाख करोड़ रुपये का बाजार में कर्ज दे रखा है। बैंक में फर्जीवाड़े के खबर के बात बैंक के शेयर मूल्य में आई गिरावट से निवेशकों को एक दिन में लगभग 3,000 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।

बैंक में कैसे हुआ फर्जीवाड़ा

पंजाब नेशनल बैंक ने 5 फरवरी को सीबीआई के सुपुर्द लगभग 280 करोड़ रुपये के फर्जी ट्रांजैक्शन का मामला सुपुर्द किया था। इस मामले की जांच सीबीआई कर ही रही थी कि बैंक के मुंबई स्थिति महज एक ब्रांच से आई फर्जीवाड़े सूचना ने बैंक को 11,360 करोड़ रुपये के अतिरिक्त नुकसान में ला दिया। हालांकि बैंक को अभी यह साफ करना बाकी है कि 5 फरवरी को सीबीआई को सूचित किया गया 280 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा इस नए फर्जीवाड़े से अलग है अथवा दोनों मामले जुड़े हुए हैं।

मौजूदा मामला में बैंक ने फर्जी ट्रांजैक्शन का हवाला देते हुए 11,360 करोड़ रुपये की चपत की सूचना दी है लिहाजा यह साफ है कि यह पैसा शेयर होल्डर की तरफ से जमा कराया नहीं है। साथ ही न तो यह रुपया केन्द्रीय रिजर्व बैंक कि तरफ से कैश रिजर्व रेशियो को बनाए रखने के लिए बैंक को दी गई है। लिहाजा, एक बात साफ है कि फर्जी ट्रांजैक्शन से यदि किसी के पैसे को नुकसान पहुंचा है तो वह बैंक में जमा लाखों सामान्य खाता धारकों का पैसा है।

यदि बैंक को कुल मार्केट कैप में एक तिहाई का नुकसान हो चुका है तो इसकी भरपाई बैंक के ग्राहकों के पैसे से की जाएगी। ऐसी स्थिति में बैंक में यदि किसी ग्राहक का 100 रुपये जमा है तो उसके 30 रुपये इस फर्जीवाड़े में साफ हो सकते हैं।

भारत में जासूसी को आईएसआई ले रहा हनीट्रैप का सहारा

इंटेलिजेंस ब्यूरो द्वारा हनीट्रैप से संबंधित जारी अलर्ट के एक दिन बाद ही मध्य प्रदेश के जबलपुर में इंडियन आर्मी के एक लेफ्टिनेंट कर्नल को हिरासत में लिया गया है। इंटेलिजेंस विंग के अफसर संदिग्ध गतिविधियों की वजह से आरोपी से पूछताछ कर रहे हैं। उस पर हनीट्रैप में फंसकर गोपनीय जानकारियां लीक करने का आरोप लगा है।

13 फरवरी को आईबी ने चेताते हुये कहा था कि खूबसूरत चीनी और पाकिस्तानी लड़कियों के जरिए दुश्मन देश सेना के अफसरों को हनीट्रैप में फंसा सकता है। फेसबुक और व्हाट्सअप के जरिए उनसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां हासिल कर सकता है। इंटेलिजेंस ब्यूरो ने इस बाबत भारत सरकार को अलर्ट किया है।

हाल ही में खुफिया जानकारी लीक करने के आरोप में भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन अरुण मारवाह को गिरफ्तार किया गया है। कैप्टन मारवाह को हनीट्रैप के जरिए फंसाया गया था। फेसबुक के जरिए वह दो महिलाओं के संपर्क में आया था। वह खुफिया जानकारी व्हाट्सअप के जरिए भेजने लगा था।

कैप्टन अरुण मारवाह पर सरकारी गोपनीयता कानून के तहत केस दर्ज किया गया। पटियाला हाउस कोर्ट ने उसे 14 दिन के लिए जेल भेज दिया है। वायुसेना मुख्यालय में तैनात रहे ग्रुप कैप्टन को काउंटर इंटेलिजेंस विंग की ओर से करीब 10 दिनों तक की गई पूछताछ के बाद दिल्ली पुलिस को सौंपा था।

वायुसेना के केंद्रीय सुरक्षा एवं जांच दल ने एक नियमित जासूसी रोधी चौकसी के दौरान पाया था कि ग्रुप कैप्टन अरुण मारवाह अनाधिकृत इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए अवांछित गतिविधियों में शामिल था। बताते चलें कि भारतीय सेना के लिए सोशल मीडिया पर सक्रिय होने के लिए एक सख्त संहिता है।

इसके तहत सैनिकों को अपनी पहचान, पद, तैनाती और अन्य पेशेवर विवरण साझा करने पर पाबंदी है। उन्हें वर्दी में अपनी तस्वीर भी लगाने पर पाबंदी है। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई भारत में जासूसी करने के लिए हनीट्रैप का सहारा ले रही हैं। भारतीय जवानों को मोहरा बनाया जा रहा है।

इसी कड़ी में साल 2015 में रंजीत केके नामक एक एयरमैन को गिरफ्तार किया गया था। बर्खास्त होने से पहले वह बठिंडा बेस पर तैनात था। उसे दिल्ली पुलिस, सैन्य खुफिया और वायुसेना यूनिट ने ज्वाइंट ऑपरेशन चलाकर पकड़ा था। उसे एक पाकिस्तानी लेडी एजेंट ने अपने जाल में फंसाया था।

भागवत बोले सेना से पहले हमारे स्वयंसेवक मिशन को तैयार

संघ प्रमुख मोहन भागवत अपने स्वयं सेवकों की तारीफ करते हुये सेना की काबलियत पर प्रश्न चिह्न लगाया। भागवत ने बिहार के मुजफ्फरपुर में स्वयंसेवकों को अनुशासन का पाठ पढ़ाते हुये कहा कि हम मिलिट्री नहीं है, लेकिन हमारा अनुशासन उनके जैसा ही है। इतना ही नहीं, मोहन भागवत ने अपने स्वयंसेवकों के सेना से पहले तैयार हो जाने का भी दावा किया।

भागवत ने ये भी कहा कि देश को अगर हमारी जरूरत पड़े और हमारा संविधान और कानून इजाजत दे हम तुरंत तैयार हो जाएंगे। स्वयंसेवकों की कुव्वत का बखान करते हुए संघ प्रमुख ये भी कह गए कि सेना को तैयार होने में 6-7 महीने लग जाएंगे, लेकिन हम दो से तीन दिन में ही तैयार हो जाएंगे, क्योंकि हमारा अनुशासन ही ऐसा है।

मोहन भागवत पिछले 6 फरवरी से मुजफ्फरपुर के प्रवास पर हैं। इस दौरान उन्होंने कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। कार्यक्रम के अंतिम दिन संघ प्रमुख मोहन भागवत ने इस बात पर जोर दिया कि अनुशासन ही हमारी पहचान है।

उन्होंने कहा कि हमारा संगठन मिलिट्री या पैरा मिलिट्री संगठन नहीं हैं, लेकिन हमारा संगठन पारिवारिक है, लेकिन संघ परिवार की खासियत बताते हुए भागवत ने सेना को तैयार होने में देरी की बात कह डाली।

शरीयत में मस्जिद शिफ्ट करने का विकल्पः सलमान

राम मंदिर पर सुलह का फॉर्मूला सुझाने वाले मौलाना सलमान नदवी ने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से निकाले जाने के बाद कहा है कि वे खुद इससे से अलग हो गए हैं क्योंकि वे लड़ाई-झगड़े के पक्ष में नहीं हैं और चाहते हैं कि हिंदू-मुस्लिम एकता और अयोध्या विवाद सुलझाने के लिए मस्जिद को शिफ्ट किया जाए।

नदवी ने आरोप लगाया कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड में कट्टरपंथी लोगों ने कब्जा कर लिया है। मौलाना नदवी ने कहा, मैं शरीयत के हिसाब से फैसला चाहता हूं और शरीयत में मस्जिद शिफ्ट करने का विकल्प हैै। मैं हिंदू-मुस्लिम एकता की बात कर रहा हूं। दोनों समुदाय मिलकर बात करेंगे। सबसे पहले अयोध्या जाऊंगा। साधु-संतों के साथ मिलकर बातचीत करेंगे।

वहीं उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष द्वारा मुस्लिम लॉ बोर्ड को प्रतिबंधित करने की मांग पर नदवी ने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को भंग नहीं करना चाहिए।

मुस्लिम बोर्ड के एग्जीक्यूटिव सदस्य थे नदवी

गौरतलब है कि मौलाना नदवी ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का समर्थन किया था और मस्जिद को दूसरी जगह शिफ्ट करने का फॉर्मूला सुझाया था, जिसके बाद से बोर्ड उनसे नाराज चल रहा था। हैदराबाद में बोर्ड की तीन दिवसीय बैठक के दौरान उन्हें निकालने का फैसला लिया गया। नदवी बोर्ड के एग्जीक्यूटिव सदस्य थे।

नदवी ने रखा मंदिर निर्माण का प्रस्ताव

माना जा रहा है कि मौलाना सलमान नदवी के खिलाफ बोर्ड की कार्रवाई से कोर्ट के बाहर राम मंदिर विवाद को सुलझाने की कोशिश को बड़ा झटका लगा है। दरअसल, बोर्ड की बैठक से पहले मौलाना सलमान नदवी ने राम मंदिर निर्माण को लेकर एक प्रस्ताव रखा था। इसमें उन्होंने बातचीत कर अयोध्या विवाद सुलझाने और मस्जिद के लिए कहीं और जमीन लेने का प्रस्ताव दिया था। नदवी के इस बयान के बाद काफी विवाद हुआ था।

वहीं हैदराबाद में बोर्ड की बैठक हुई। एक तरफ नदवी इस बैठक से ही नदारद दिखे, तो वहीं दूसरी तरफ आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर से मुलाकात की।

बोर्ड ने साफ कहा कि वह अपने पुराने रुख पर कायम है और मस्जिद के लिए समर्पित जमीन न तो बेची जा सकती, न उपहार में दी जा सकती और ना ही इसे त्यागा जा सकता है।

फिल्म बत्ती गुल, मीटर चालू के मुहूर्त को पहुंचे त्रिवेन्द्र

अब उत्तराखंड सरकार ने फिल्म निर्माताओं से शूटिंग टैक्स नहीं लेने का मन बनाया है। यह बात स्वयं मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कही। गौरतलब है कि नई टिहरी में बत्ती गुल, मीटर चालू फिल्म की शटिंग शुरू हो गयी है। जिसके शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री भी पहुंचे और उन्होंने फिल्म शूटिंग को प्रोत्साहित करने के उत्तराखंड में शूटिंग टैक्स नहीं लेने की बात कही।

आपको बता दें कि शूटिंग के लिए प्रतिदिन दस हजार रुपये के हिसाब से टैक्स लिया जाता है। जिसे अब नहीं वसूला जायेगा। कहा कि टिहरी में शूटिंग होने से अन्य निर्माता भी यहां आने के लिए प्रेरित होंगे।

यहीं नहीं मुख्यमंत्री ने फिल्म अभिनेता शाहिद कपूर को मलेथा के वीर भड़ माधों सिंह भंडारी, प्रतापनगर के वीर गंगू रमोला के साथ ही परियों के देश कहे जाने वाले खैट पर्वत की कहानी भी सुनायी। इस दौरान शाहिद कपूर ने बड़ी तन्मयता के साथ सीएम की बातों को समझा।

सीएम ने शाहिद को बताया कि यहां की धरती पर अनेक ऐसे वीर हुए हैं, जिनके बारे में लिखा गया है। फिल्म के निर्देशक श्रीनारायण सिंह ने बताया कि नई टिहरी उन्हें बेहद पसंद आया है और यहां पर शानदार लोकेशन हैं। उन्होंने कहा कि फिल्म में भी शहर का नाम नई टिहरी ही रखा गया है। फिल्म में नाम नहीं बदला जाएगा। फिल्म में कुछ स्थानीय कलाकारों को भी लिया गया है।

इससे पूर्व शाहिद कपूर ने अपने प्रशंसकों को अपनी एक झलक के लिये काफी इंतजार भी कराया। सुबह से ही पडियार भवन में शूटिंग के लिए गए शाहिद दो बजे मकान से बाहर आए और सीधा वेनिटी वैन में चले गए। इस दौरान वहां सड़क के ऊपर खड़े प्रशंसकों को निराश होना पड़ा।

इसके बाद मुख्यमंत्री के आने से शाहिद ही झलक को बेताब प्रशंसकों के लिये अच्छा रहा। इस दौरान प्रशंसक शाहिद को देख पाए। साथ ही शाहिद की तस्वीर भी अपने कैमरे में कैद कर सके।

जम्मू में हुयी गोलाबारी, सेना ने संभाला मोर्चा

जम्मू-कश्मीर के सुंजवां आर्मी कैंप पर हुए आतंकी हमले में दो जेसीओ शहीद हो गए हैं, जबकि चार लोग घायल हो गए हैं। आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन को सुंजवां में चल रहे ऑपरेशन और हालिया स्थिति के बारे में जानकारी दी है। अब इस ऑपरेशन में वायु सेना भी शामिल हो गई है। ऑपरेशन के लिए उधमपुर से पैरा कमांडो बुला लिए गए हैं। ऑपरेशन पिछले सात घंटे से जारी है। हमले के चलते कश्मीर से लेकर दिल्ली तक अलर्ट जारी कर दिया गया है। जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर चौकसी और बढ़ा दी गई है।

इस बीच गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू-कश्मीर के डीजीपी से बात की है। डीजीपी एसपी वैद्य ने आतंकी हमले के बारे में गृहमंत्री को पूरी जानकारी दी हैं। गृह मंत्रालय पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। आतंकियों के खात्मे के लिए सेना का ऑपरेशन जारी है।

सुबह 5 बजे के करीब आतंकियों ने किया हमला

बता दें कि आतंकियों ने ये आत्मघाती हमला शनिवार को तड़के सुबह 5 बजे के आसपास किया। जानकारी के मुताबिक, 3-4 आतंकी कैंप के पीछे के इलाके से जाली काटकर अंदर घुसे। इसके बाद उन्होंने गोलीबारी शुरू की।

आतंकियों के इस हमले का क्विक रेस्पांस टीम ने भी जवाब दिया है। हमले को देखते हुए पूरे जम्मू में हाई अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही इलाके को सील कर दिया गया है। सुरक्षा बल हेलिकॉप्टर के जरिए निगरानी रख रहे हैं।

हमले के पीछे हो सकता है जैश ए मोहम्मद

ताजा जानकारी के मुताबिक, ये सभी आतंकी आर्मी कैंप के रिहायशी इलाके में छिपे हुए हैं। खुफिया सूत्रों के मुताबिक अफजल गुरू की बरसी को देखते हुए पूरे जम्मू कश्मीर में हाई अलर्ट घोषित किया गया था। खुफिया सूत्रों ने आत्मघाती हमले की आशंका जताई थी। इस हमले के पीछे जैश ए मोहम्मद का हाथ हो सकता है।

आतंकी आर्मी कैंप में फैमिली क्वार्टर की तरफ छिपे हुए हैं। फिलहाल, ऑपरेशन जारी है। हालांकि, कितने आतंकी हैं, इस पर अभी तस्वीर साफ नहीं हो पाई है, लेकिन बताया जा रहा है कि इनकी संख्या 3-4 हो सकती है।

अब कैलाश मानसरोवर यात्रा की जा सकेगी

भारत और चीन के बीच तनाव की लगातार खबर आती रही हैं, लेकिन आज एक ऐसी खबर आई जो दोनों देशों के बीच तनाव को कम करने और रिश्तों को बहाल करने की दिशा में थोड़ा योगदान कर सकती है।

चीन ने कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए सिक्किम की ओर से जाने वाले नाथू-ला मार्ग को फिर से बहाल करने की पुष्टि की है। पिछले साल इस रास्ते से मानसरोवर यात्रा नहीं हो सकी थी। तब चीन ने इस मार्ग से सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए परिस्थितियां अनुकूल नहीं होने की बात कही थी।

शुक्रवार को केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह ने लोकसभा को इस फैसले की जानकारी दी। 4 महीने चलने वाली मानसरोवर यात्रा जून से शुरू होती है। सिक्किम के नाथु-ला दर्रे के अलावा उत्तराखंड का लिपुलेख पास भी मानसरोवर यात्रा के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

पिछले साल दोनों देशों की सेनाओं के बीच जारी डोकलाम गतिरोध के चलते चीन ने कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए अनुमति देने से मना कर दिया। जिससे इस रास्ते से यात्रा नहीं हो सकी थी। तब चीन ने कहा था कि भारत पहले डोकलाम से सेना हटाए तब कोई फैसला लिया जाएगा।

पिछले साल चीनी सेना के भूटान के दावे वाले डोकलाम इलाके में घुस आने पर भारतीय फौज ने हस्तक्षेप किया था। पिछले साल 16 जून को शुरू हुआ यह गतिरोध 73 दिन तक चला। चीनी सेना के डोकलाम में घुस आने से भारत को पूर्वोत्तर के राज्यों से जोड़ने वाले चिकन नेक (संकरे गलियारे) की सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया था, लेकिन दोनों सेनाओं के बीच लंबी कूटनीतिक प्रयासों के बाद 28 अगस्त को पीछे हट गई थीं।

विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह ने लोकसभा को दिए अपने लिखित बयान में बताया कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने दिसंबर 2017 में चीनी समकक्ष से हुई मुलाकात के दौरान इस मुद्दे को उठाया था। चीन ने इस मार्ग से यात्रा बहाल करने की बात मान ली थी।

कथा करता है एक, भंडारे का प्रसाद सभी को मिलता हैः मोदी

बीजेपी की संसदीय दल की बैठक में पीएम मोदी ने सत्यनारायण की कथा जिक्र किया। पीएम ने कहा कि सत्यनारायण की कथा का प्रसाद कथा सुनने और न सुनने वाले दोनों ही लोगों को मिलता है। पीएम को इशारा साफ था कि ऐसा कब चलेगा कि वे मेहनत करते रहें और सांसद प्रसाद खाकर निकलते रहें।

बीजेपी की संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जहां एक ओर मिशन 2019 की तैयारियों की योजना बनाई, वहीं सांसदों को मेहनत करने की भी नसीहत दी। पीएम के मुताबिक भगवान सत्यनारायण की कथा का पाठ एक आदमी करता है और भंडारे का प्रसाद सभी को मिलता है। मतलब साफ था कि पीएम ने सांसदों को सिर्फ प्रसाद खाने की आदत छोड़ खुद भी कथा का हिस्सा बनने की सलाह दे डाली।

पीएम ने कहा कि सांसदों को भी मेहनत करनी होगी और जनता से जुड़ना होगा। संसदीय दल की बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने सांसदों को कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर करने का भी मंत्र दिया। इस मंत्र के तहत बीजेपी सांसद अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर बूथ स्तर पर टिफिन मीटिंग करेंगें।

बैठक में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने लोकसभा और राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान पीएम के भाषण पर विपक्ष के व्यवहार की निंदा की। अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी जिस तरह की राजनीति की शुरुआत कर रहे हैं, उस तरह की राजनीति वे नहीं कर सकते हैं।

भाजपा सरकार के राज में व्यवसायी कर रहे आत्महत्या

प्रदेश की भाजपा सरकार के राज में राज्य के व्यवसायी कर्ज में डूबे है, कर्ज न चुका पाने से उनके सामने कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा है। नतीजतन वह आत्महत्या कर रहे है। सरकार भी उनकी कोई सुध नहीं ले रही है। यह बात पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पत्रकार वार्ता के दौरान कही।

कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि देहरादून के ट्रांसपोर्टर बलवंत भट्ट की आत्महत्या को लेकर केंद्र और राज्य सरकार की नीतियां जिम्मेदार हैं। इससे पहले ट्रांसपोर्टर प्रकाश पाण्डेय की आत्महत्या से भी सरकार ने सबक नहीं लिया।

उन्होंने कहा कि सरकार किसानों और ट्रांसपोर्टरों को हतोत्साहित कर रही है। सरकार को मृतकों के ऋणों के समायोजन का रास्ता निकालना चाहिए। उन्हें केंद्रीय बजट को लेकर पीएम मोदी पर हमला बोला।

कहा कि देश के लिए मोदी ने झुनझुना दिया है। बजट में उत्तराखंड को कुछ नहीं मिला। ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुधार पर भी केंद्र गंभीर नहीं है। केंद्र सरकार ने मनरेगा और पीएमजीएसवाई के धन में बढ़ोत्तरी नहीं की। ऐसे में गांव की तस्वीर कैसे बदलेगी।

कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना में भी यही हाल है। इसमें भी दो हजार करोड़ की कमी कर दी गई। स्वच्छ भारत अभियान का बजट भी मोदी ने नहीं बढ़ाया। इसी तरह ग्रामीण पेयजल मिशन, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के बजट में भी बढोत्तरी नहीं की गई।