उपराष्ट्रपति नायडू बोले रोजगार हर किसी को देना मुश्किल

पकौड़ा पॉलिटिक्स का शोर देश में अभी थमा भी नहीं था कि अब उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू का नया बयान देश में नई बहस छेड़ सकता है

रोजगार के मामले पर उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा, हर किसी को रोजगार नहीं दिया जा सकता। कोई भी सरकार यह नहीं कह सकती कि वो सभी को रोजगार देने में सक्षम है।

उन्होंने आगे कहा कि हमें यह समझने की जरुरत है कि शिक्षा का मतलब रोजगार देना नहीं होता, लेकिन इससे खुद में सुधार दिखता है। पकौड़े पर जारी विवाद पर उन्होंने कहा कि यह हर किसी के काम करने के तरीके पर निर्भर करता है, पकौड़ा बेचना भी एक काम है।

उपराष्ट्रपति ने कहा, इलेक्ट्रीशियन, टेलर और सेनेटरी जैसे हर क्षेत्र में लोगों की भारी कमी है। प्लंबर से लेकर फॉल सीलिंग तक हर क्षेत्र में कुशल मजदूरों की कमी है। अगर हम ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाएं मुहैया कराएं तो लोग बाहर नहीं जाएंगे। आपको इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत चीजों में सुधार लाना होगा।

रोजगार और पकौड़ा पॉलिटिक्स पर अपनी राय देने के बाद अपने संबोधन के दौरान उन्होंने एयरहोस्टेस को नया नाम भी दिया। उन्होंने एयरहोस्टेस को गगनसखी कहा। उन्होंने बताया कि इस शब्द के अनुवाद के लिए उन्हें कोई शब्द नहीं मिला।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि पैसा बॉथरुम और बेडरुम हर जगह पड़े हुए हैं। अगर ये पैसे बैंक में आ जाएं तो इंटरेस्ट रेट में कमी आएगी। जन धन योजना का महत्व 8 दिसंबर, 2016 के बाद समझ में आया जब लोगों ने बताया कि उनके नौकर और ड्राइवर के पास भी बैंक खाता है। कुछ लोगों ने सुबह इसकी जमकर आलोचना की लेकिन शाम को वो इसी के साथ काम करते नजर आए।

जम्मू में आतंकियों ने दिया बड़े हमले को अंजाम, लश्कर आतंकी फरार

जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में पुलिस वाले आंतकियों का चेकअप कराने अस्पताल लाये थे। इसी बीच एक बड़ा आतंकी हमला हुआ। जिसमें एक लश्कर आतंकी अबु हंजुला भागने में कामयाब हुआ। हालांकि, बाकी पांच आतंकी पुलिस की गिरफ्त में है।

मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर के श्रीमहाराजा हरिसिंह अस्पताल में आतंकवादी हमले में एक पुलिसवाला शहीद हो गया है, हमले में कई पुलिसवाले घायल हुए हैं। हमले के बाद सुरक्षाकर्मियों ने पूरे इलाके को घेर लिया है।

आतंकियों ने श्रीनगर के पास अस्पताल के पुलिस की टुकड़ी पर हमला किया था। आतंकी यहां अपने साथी को छुड़ाने के लिए आए थे। आपको बता दें कि अबु हंजुला पाकिस्तान के मुल्तान का रहने वाला था।

हमले के बाद एसएसपी श्रीनगर, इम्तियाज इस्माइल ने कहा कि हम सभी आतंकियों को चेकअप के लिए अस्पताल लाए थे, जिस दौरान उन्होंने हमपर ये हमला किया। इस हमले में एक आतंकी फरार होने में कामयाब रहा है।

पुलिसवाले आतंकी अबु हंजुला का मेडिकल चेकअप कराने के लिए लाए थे। अबु हंजुला पाकिस्तान का नागरिक है। हंजुला को कुलगाम से गिरफ्तार किया गया था। हंजुला इस हमले के दौरान भागने में सफल रहा।

आतंकी हमले पर भड़के जी.डी. बख्शी
अस्पताल में पुलिसवालों पर हुए आतंकी हमले पर पूर्व जनरल जी.डी. बख्शी का कहना है कि ये हमला काफी दुर्भाग्यपूर्ण है। पाकिस्तान से आने वाले आतंकियों का इलाज जरूरी है। ये आदमी के रूप में भेड़िया हैं, जो लगातार ऐसे काम करते हैं।

यहां आपको बता दें कि हाल ही में पाकिस्तान की ओर से सीमा पर सीजफायर उल्लंघन किया गया है। सीजफायर उल्लंघन में रविवार को कैप्टन कपिल कुंडू समेत चार जवान शहीद हुए थे। पाकिस्तान फायरिंग की आड़ में सीमा पर घुसपैठ करने की कोशिश कर रहा है।

जेटली बोले पेट्रोल जीएसटी के दायरे में नहीं

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आ रही लगातार बढ़ोतरी की वजह से देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें भी बढ़ती जा रही हैं, लेकिन पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों से आपको जल्द राहत मिलती नहीं दिख रही है। बजट के बाद जीएसटी परिषद से राहत की उम्मीद कर रहे आम आदमी यहां भी खाली हाथ हो सकता है।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार को बताया कि राज्य पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि राज्यों का फिलहाल जो मन है, वह यह है कि वे पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में नहीं लाना चाहते।

हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि प्राकृतिक गैस, रियल इस्टेट पहले जीएसटी के दायरे में लाए जा सकते हैं। इनके बाद कहीं जाकर पेट्रोल और डीजल का नंबर लग सकता है। उन्होंने कहा कि इसके बाद हम पेट्रोल, डीजल, पीने योग्य अल्कोहल को भी इसके दायरे में लाने के लिए प्रयास करेंगे।

सहमति न बनने की ये है वजह

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जब भी कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा होता है, तो इससे राज्यों का राजस्व भी बढ़ता है। राज्यों के राजस्व की एक बड़ी रकम पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले वैट से आती है।

इसके साथ ही कम वैट लगाने वाले राज्य की सरकारें अपने राजनीतिक लाभ को देखते हुए पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के तहत लाने पर सहमत नहीं होंगे। क्योंकि उनके सामने जीएसटी की वजह से कीमतें बढ़ने का खतरा होगा।

कई राज्यों में बढ़ जाएंगे दाम

जीएसटी परिषद के वरिष्ठ सूत्रों का कहना है कि अगर पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाता है, तो इससे देशभर में अलग-अलग सेल्स टैक्स की बजाय एक ही टैक्स हो जाएगा।

इससे भले ही महाराष्ट्र जैसे कुछ राज्यों में थोड़ी राहत मिलेगी, लेकिन कम वैट वसूलने वाले राज्यों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बहुत बड़े स्तर पर बढ़ोतरी हो जाएगी। ऐसे में कोई राजनीतिक पार्टी नहीं चाहेगी कि वह ऐसा कोई कदम उठाए।

बता दें कि आम आदमी को उम्मीद थी कि बजट में एक्साइज ड्यूटी घटाकर सरकार आम आदमी को राहत देगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सरकार ने पहले एक तरफ एक्साइज ड्यूटी घटाने का फैसला लिया तो वहीं, दूसरी तरफ सेस बढ़ाकर तेल की कीमतों को बराबर कर दिया।

इस बजट में केंद्र सरकार ने पहले पेट्रोल और डीजल पर लगने वाला बेसिक उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) को 2 प्रतिशत कम करने का फैसला लिया। साथ ही सेस में 2 रुपये की बढ़ोतरी की है। इससे पेट्रोल और डीजल के दाम जस के तस रहेंगे।

सरकार द्वारा सेस में की गई बढ़ोतरी से पेट्रोल और डीजल के दाम जितने कम हुए उतना ही बढ़ भी गए। दरअसल, एक्साइज ड्यूटी में 2 फीसदी की कमी से पेट्रोल-डीजल 2 रुपए सस्ता हो गया।

इसके तहत पेट्रोल पर लगने वाला एक्साइज ड्यूटी 6.48 रुपये से घटाकर 4.48 रुपये और डीजल पर 8.33 रुपये से घटाकर 6.33 रुपये प्रति लीटर किया गया है। वहीं, सेस (सड़क उपकर) में दो रुपये की बढ़ोतरी की गई है और इसे 6 रुपए से बढ़ाकर 8 रुपये कर दिया गया है।

सपा प्रवक्ता का कहना, लोस चुनाव में मोदी का विकल्प अखिलेश

लोकसभा चुनाव होने में अभी चौदह महीने रह गये है। उधर, कांग्रेस ने राहुल गांधी के चेहरे को आगे करके चुनाव में उतरने के लिए कदम बढ़ा दिया है। कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि देश में मोदी का विकल्प राहुल गांधी हैं और देश की जनता राहुल को प्रधानमंत्री देखना चाहती है।

सुरजेवाला की इस बात से कांग्रेस को एनसीपी का समर्थन मिला है। तो वहीं, दूसरे विपक्षी दलों में अलग-अलग राय दी है। समाजवादी पार्टी राहुल के बजाय अखिलेश यादव को मोदी का विकल्प बता रही है। आरजेडी कांग्रेस के फैसले से पूरी तरह सहमत नहीं है, लेकिन मोदी के मुकाबले राहुल की राजनीति के साथ खड़े होने की बात कह रही है।

एनसीपी के वरिष्ठ नेता तारिक अनवर ने कहा- बेशक मौजूदा समय में राहुल गांधी ही मोदी का विकल्प हैं। कांग्रेस की राय से मैं पूरी तरह सहमत हूं. गुजरात विधानसभा चुनाव और राजस्थान के उपचुनाव के नतीजों से साफ हो गया है कि राहुल गांधी में नेतृत्व करने की क्षमता है। जिस तरह से राहुल गांधी ने अपनी राजनीति से बीजेपी को मात देनी शुरू की है। उससे साफ है कि 2019 का चुनाव विपक्ष की तरफ से मोदी के मुकाबले राहुल गांधी ही विकल्प होंगे।

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा कि ये जनता तय करेगी कि मोदी का विकल्प कौन है? कांग्रेस पार्टी के नेता अपने नेता की बात कर रहे हैं। ये उनकी राय होगी। जबकि सपा मानती है कि गांव और गरीब की बात करने वाले अखिलेश यादव बड़ा विकल्प हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय राजनीति में अखिलेश यादव ने विकास का वैकल्पिक मॉडल दिया है। इतना ही नहीं अखिलेश ओबीसी और किसान परिवार से निकले हैं उनके दर्द को समझते हैं। ऐसे में मोदी के सामने सबसे बेहतर विकल्प अखिलेश होंगे।

राहुल पर विचार

आरजेपी के प्रवक्ता मनोज झा ने कहा कि कांग्रेस के साथ हमारी सकारात्मक सोच है, लेकिन लोकतंत्र में सामूहिक फैसला होना चाहिए। 2019 के लिए राहुल के नाम को आगे बढ़ाती है तो विचार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में मोदी की तुलना में राहुल की राजनीति भारत की आत्मा के ज्यादा करीब है। मोदी जहां विध्वंस की राजनीति करते हैं तो राहुल सर्वसमाज को लेकर चलने वाली राजनीति करते हैं।

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा था कि देश में नरेंद्र मोदी का विकल्प सिर्फ कांग्रेस प्रेसिडेंट राहुल गांधी हैं। देश में आज दो मॉडल्स हैं। एक है मोदी मॉडल है वो दिन में छह बार कपड़े बदलते हैं, वो देश से ज्यादा अपने कपड़ों को अहमियत देते हैं। जबकि दूसरा, राहुल मॉडल है, वो सादगी से रहते हैं और अपनी बात साफ-साफ कहते हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की लहर चलने वाली है और देश की जनता राहुल गांधी को पीएम के रूप में देखना चाहती है।

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस उसी तर्ज पर चल रही है, जो 2014 के लोकसभा चुनाव से एक साल पहले बीजेपी ने 2013 से ही नरेंद्र मोदी को पीएम के चेहरे के तौर पर पेश किया था। इसके बाद नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए के साथ कई सहयोगी दल साथ आए थे। इनमें राम विलास पासवान की लोजपा, उपेंद्र कुशवाहा की रालोसपा और अनुप्रिया पटेल की अपना दल सहित कई सहयोगी दल जुड़े थे। इसके अलावा कई नेताओं ने कांग्रेस सहित कई पार्टी से नाता तोड़कर बीजेपी का दामन थामा था। कांग्रेस उसी तर्ज पर अब राहुल के नाम को आगे बढ़ाने में जुटी है।

राज्य में कृषि के लिये केंद्र से मिले छह हजार करोड़

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत आम बजट में किसानों को सौगात देने और गावों, महिलाओं, मजदूरों को समर्पित बजट को लेकर केंद्र सरकार का आभार जताया। साथ ही कहा कि केंद्र और राज्य सरकार जनता के हित के लिए काम कर रही है।

राज्य के किसानों द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करते हुए सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आम बजट 2018 में केंद्र सरकार द्वारा किसानों को दी गई सौगात पर पीएम मोदी, वित्त मंत्री अरुण जेटली और कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह को धन्यवाद दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को कृषि और उससे संबंधित विभागों के लिए छह हजार करोड़ रुपये की धनराशि मिली है।

बजट में 145 करोड़ रूपये खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में कोल्ड स्टोरेज बनाने के लिए मिला है। इसके लिए 55 हजार मैट्रिक टन फल और सब्जियों के अतिरिक्त उत्पादन की आवश्यकता पड़ेगी। उन्होंने कहा कि 2022 तक किसानों की आय दुगुनी करने के प्रधानमंत्री के लक्ष्य का पूरा करने के लिए उत्पादन बढ़ाने और आधुनिक कृषि पर बल देने की जरूरत है। वहीं उन्होंने प्रदेश में पण्डित दीन दयाल किसान कल्याण योजना की भी बात की। उन्होंने कहा कि इसके तहत प्रदेश के लघु और सीमांत किसानों को मात्र दो प्रतिशत ब्याज पर एक लाख रूपये तक का ऋण दिया जा रहा है। इस योजना के तहत राज्य सरकार ने पिछले चार माह में 560 करोड़ रूपये किसानों के लिए दिये हैं।

इस दौरान सीएम ने किसानों से आह्वान किया कि वो अच्छी आमदनी के लिए अपना बाजार (अपणु बाजार) की अवधारणा पर बल दें। किसान उपभोक्ताओं को सीधे उत्पादों की मार्केंटिंग करेंगे तो इससे किसानों की आमदनी में भी वृद्धि होगी और उपभोक्ताओं को भी डायरेक्ट मार्केटिंग से फायदा होगा। उन्होंने कहा कि किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ उठाएं और फसलों एवं पशुओं का बीमा जरूर करवाएं। इसके साथ ही सीएम ने कई अन्य योजनाओं से किसानों को अवगत कराया।

निरीक्षण के दौरान नशे में धुत मिली स्कूल टीचर

छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में स्कूल का इंस्पेक्शन करने पहुंची टीम के तब होश उड़ गए, जब एक महिला टीचर नशे में टुन्न होकर पढ़ाती मिलीं। इतना ही नहीं इंस्पेक्शन टीम को पता चला कि आरोपी महिला टीचर रोजाना ही शराब पीकर पढ़ाने आती हैं। इसके बाद इंस्पेक्शन टीम ने आरोपी महिला टीचर को सस्पेंड करने की सिफारिश बस्तर कलेक्टर को भेज दी।

हद तो तब हो गई इंस्पेक्शन टीम द्वारा शराब पीने के बारे में पूछे जाने पर आरोपी महिला टीचर फुलेश्वरी देवी ने कहा कि शराब पीना उनकी संस्कृति का हिस्सा है। मैडम फुलेश्वरी देवी का जवाब सुनकर तो इंस्पेक्शन टीम के सदस्य भी बगलें झांकने लगे।

दरअसल इलाके के एसडीएम, तहसीलदार और अन्य अफसरों की टीम क्षेत्र के स्कूलों की जांच के लिए निकली हुई थी। इसी दौरान टीम दरभा इलाके के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भी पहुंची।

बुनियादी समस्याओं का जायजा लेने के बाद इंस्पेक्शन टीम ने स्कूल स्टॉफ की बैठक बुलाई। स्कूल स्टॉफ के साथ बैठक चल रही थी कि कहीं से शराब की बदबू आने लगी। अफसर नाक सिकोड़ कर एक दूसरे का चेहरा देखने लगे।

उन्हें समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर स्कूल के अंदर किसने शराब पी रखी है। प्रशासनिक अमले के शक की निगाहें बैठक में मौजूद पुरुष शिक्षकों और बाबुओं पर गड़ी थीं।

अफसरों को इस बात का अंदेशा भी नहीं था कि कोई महिला टीचर भी शराब पीकर स्कूल पढ़ाने आ सकती है। अफसरों ने इस बाबत जब बैठक में मौजूद पुरुष सदस्यों से पूछा, लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया। इस बीच किसी शिक्षक ने मैडम फुलेश्वरी की ओर इशारा किया।

इंस्पेक्शन टीम को जब यह बताया गया कि यह कोई नई बात नहीं है, बल्कि मैडम फुलेश्वरी रोज ही शराब पीकर पढ़ाने आती हैं, तो अफसरों के आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा। इंस्पेक्शन टीम में मौजूद तहसीलदार शेखर मिश्रा ने स्थानीय थाने से महिला पुलिसकर्मियों को बुलाया और मेडिकल टेस्ट के लिए उन्हें अस्प्ताल भेज दिया। फौरन रिपोर्ट भी आ गई, जिसमें एल्कोहल की पुष्टि हुई।

पूछताछ में स्कूल स्टॉफ ने बताया कि फुलेश्वरी देवी की यह रोजाना की दिनचर्या है। शुरुआत में तो बच्चों और सहयोगी शिक्षकों को असहज महसूस हुआ और उन्होंने महिला टीचर को समझाने की कोशिश भी की, लेकिन मैडम फुलेश्वरी नहीं मानीं और रोजाना शराब पीकर पढ़ाने आ जातीं।

बजट के बाद बाजार में देखी गयी गिरावट

बजट के बाद से शेयर बाजार की गिरावट थमने का नाम नहीं ले रही है। शुक्रवार को बाजार बंद होने से पहले सेंसेक्स और निफ्टी में 2.5-2.5 अंकों की गिरावट दर्ज की गई है। सेंसेक्स 888 अंक गिरकर 35,018 पर पहुंच गया था और निफ्टी 275.40 अंक की गिरावट के बाद 10,741 पर जा गिरा था। अगस्त 2017 के बाद से ये बाजार का सबसे निचला स्तर है।

क्यों आई बाजार में गिरावट
बजट में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने स्टॉक्स की कमाई पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगाया है जिसके तहत आपको 1 साल से ज्यादा समय तक रखे गए शेयरों से हुई 1 लाख रुपये तक की कमाई पर 10 फीसदी टैक्स देना होगा। वहीं बजट में एसटीटी (सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स) को भी हटाया नहीं गया। जिससे निवेशकों में दोहरा टैक्स देने की खबर से घबराहट है।

बाजार बंद होने पर
बाजार बंद होते समय बीएसई का 30 शेयरों वाला इंडेक्स 839.91 अंक आनी 2.34 फीसदी की गिरावट के साथ 35,066.75 पर जाकर बंद हुआ और एनएसई का 50 शेयरों वाला इंडेक्स निफ्टी 256.30 अंक यानी 2.33 फीसदी की गिरावट के साथ 10,760.60 पर जाकर बंद हुआ है।

सेक्टरवार प्रदर्शन
सबसे ज्यादा 6.17 फीसदी की गिरावट रियलटी शेयरों में देखी गई है और मीडिया शेयर 3.53 फीसदी टूटे हैं। ऑटो शेयरों में 3.35 फीसदी की कमजोरी के साथ कारोबार बंद हुआ है। एनर्जी शेयरों में 3.43 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार बंद हुआ है।

निफ्टी के सबसे ज्यादा चढ़ने वाले गिरने वाले शेयर
शुक्रवार को निफ्टी के 50 में से सिर्फ 5 शेयरों में तेजी के साथ कारोबार बंद हुआ है और बाकी 45 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए हैं। चढ़ने वाले 4 शेयरों में आईटी शेयर हैं। इनमें टेक महिंद्रा करीब 1 फीसदी की तेजी के साथ, एचसीएल टेक 0.64 फीसदी, टीसीएस 0.46 फीसदी और इंफोसिस 0.06 फीसदी की मामूली तेजी के साथ बंद हुए हैं।

सिनेमा हॉल में मौका पाकर किया बलात्कार

तेलंगाना के सिकंदराबाद में एक युवती के साथ सिनेमा हॉल के अंदर रेप का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को गुरुवार को कोर्ट के सामने पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। सिनेमाहॉल के मालिक के खिलाफ भी लापरवाही बरतने के आरोप में केस दर्ज किया गया है।

दरअसल पीड़िता आरोपी को जानती थी और दोनों ही सहमति से पद्मावत फिल्म देखने गए थे। लेकिन फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान आस-पास किसी को बैठा न देखकर आरोपी ने पीड़िता की मर्जी के खिलाफ जबरन उसके साथ रेप किया। पीड़िता के प्राइवेट पार्ट में गंभीर चोटें भी आईं।

मार्केट पुलिस थाने के इंस्पेक्टर मथैया ने बताया कि पुलिस ने आरोपी जनगांव जिले के नारमेट्टा में येल्लमा बाजार के रहने वाले 23 वर्षीय कंडाकाट्ला बिक्षापति को गिरफ्तार कर लिया है। 19 वर्षीय पीड़िता दो महीने पहले आरोपी के संपर्क में आई थी।

आरोपी बीक्षापति और पीड़िता के बीच फेसबुक के जरिए दोस्ती हुई थी। करीब 20 दिन पहले दोनों पहली बार सिकंदरा रेलवे स्टेशन के पास स्थित स्वाती होटल में मिले थे और वहां से दोनों जगतगिरीगुट्टा में स्थित आरोपी की बहन के घर भी गए थे।

बीते 29 जनवरी को आरोपी ने दोपहर में करीब 11 बजे फोन कर पीड़िता को स्वाति होटल बुलाया था। स्वाति होटल में दोनों मिले और वहां से इंदिरा पार्क चले गए। वहां दोनों करीब 1.45 बजे टहलते बतियाते रहे। वहां से फिर वे सिकंदराबाद में ही प्रशांत थिएटर पद्मावत फिल्म देखने चले गए। थिएटर में न के बराबर दर्शक थे और लगभग पूरा हॉल खाली पड़ा था।

फिल्म चल ही रही थी कि आरोपी ने अकेला पा पीड़िता के साथ जबरन रेप किया। आरोपी ने पीड़िता से शादी का झूठा वादा कर रेप की वारदात को अंजाम दिया। पीड़िता ने अपने परिजनों के साथ मार्केट पुलिस थाने पहुंचकर उसी दिन रेप की शिकायत दर्ज कराई।

डेरे में राम रहीम के इशारों पर होता था ये काम

बलात्कार के जुर्म में बीस साल की सजा भुगत रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम व उसके दो अन्य साथियों के खिलाफ सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल की है। गौरतलब है कि डेरे के अंदर 400 साधुओं को नपुंसक बनाये जाने के मामले में सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल की।
राम रहीम और दो डॉक्टरों पंकज गर्ग और एम पी सिंह के खिलाफ चार्जशीट दायर किया गया है। सीबीआई इस केस की जांच कर रही है।

इससे पहले राम रहीम के दाये हाथ डॉ. महिंदर इंसान को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसी डॉक्टर के जरिए राम रहीम डेरे में अनुयायियों का ऑपरेशन करवाकर नपुंसक बनाया करता था। वह सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा में छिपा हुआ बैठा था। डॉ. महिंदर इंसान डेरा के प्रवक्ता आदित्य इंसान के संपर्क में था। पंचकूल हिंसा में भी उसका नाम है।

डॉ. महिंदर पर डेरे में बनाए गए नपुंसकों को खुद ऑपरेट कर नपुंसक बनाने का आरोप है।. देशद्रोह के मामले में भी महिंदर आरोपी है। पंचकूला में डेरा प्रमुख के खिलाफ सीबीआई कोर्ट का फैसला आने के बाद जब एक्शन लिया जाना था, उस पूरे प्लान में भी महिंदर की अहम भूमिका थी। वह डेरे में ही ऑपरेशन करता था।

बताते चलें कि राम रहीम के पूर्व ड्राइवर खट्टा सिंह ने खुलासा किया था कि राम रहीम के आश्रम में महिलाओं का सिर्फ यौन शोषण ही नहीं बल्कि साधुओं को नपुंसक बनाया जाता है। डेरा सच्चा सौदा में साधु रहे हंसराज चौहान ने 17 जुलाई 2012 को हाईकोर्ट में याचिका दायर कर राम रहीम पर 400 साधुओं को नपुंसक बनाए जाने का आरोप लगाया था।

उन्होंने कहा कि डेरा प्रमुख के इशारे पर डेरा अस्पताल के डॉक्टरों की टीम साधुओं को नपुंसक बनाती हैं। उन्होंने 166 साधुओं का नाम भी बताया था। हंसराज ने कहा था कि राम रहीम के आश्रम में प्रार्थना के बाद नशे का कैप्सूल दिया जाता था। इसके बाद उसके साथ क्या होता, उसे भी मालूम नहीं होता था।

पढ़िये, आम बजट से कहां करना पड़ेगा ज्यादा खर्च

वित्त मंत्री अरूण जेटली ने मोदी सरकार के अंतिम वर्ष का बजट पेश कर दिया है। बजट में जेटली में मध्यम वर्गीय परिवारों के लिये कुछ खास नहीं किया है, बल्कि इस बजट से आम आदमी के घर का बजट गड़बड़ाने की ज्यादा आशंका है। इसका कारण आयकर के मोर्चे पर राहत न मिलना और महंगाई बढ़ने की आशंका है।
आइए जानते हैं कैसे देश के आम बजट ने आपका खर्च बढ़ाने का काम किया है। इसके साथ ही जानिए कहां-कहां आपको ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है।

पड़ेगी महंगाई की मार

आम बजट में सरकार ने किसानों की आमदनी को दोगुना करने के लिए एग्री उत्पादों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में डेढ़ गुना इजाफा करने का फैसला लिया है। आर्थिक जानकारों का दावा है कि इस फैसले से देश में महंगाई को दस्तक देने से कोई नहीं रोक सकता।

बिगड़ेगा रसोई का बजट

समर्थन मूल्य बढ़ाने से देश में फसल उत्पाद की कीमतों में इजाफा हो जाता है जिसके चलते महंगाई बढ़ना तय हो जाता है। दरअसल अधिक समर्थन मूल्य के इस नीतिगल फैसले से केंद्र सरकार के खजाने पर बोझ पड़ेगा और आम आदमी को गेंहू, चावल, दाल और तिलहन तय निर्धारित कीमतों से अधिक पर उपलब्ध होगा। इस असर के चलते आम आदमी की रसोई का बजट तो बिगड़ना तय है।

मोबाइल-टीवी हुआ महंगा

बजट में सरकार ने मोबाइल फोन समेत आयात किए जाने वाले अन्य कई उत्पादों पर कस्टम ड्यूटी बढ़ा दी है। इसे टीवी के कुछ पार्ट्स पर 15 फीसदी किया गया है। वहीं, मोबाइल पर यह 20 फीसदी कर दिया गया है। कस्टम ड्यूटी बढ़ने का नुकसान आम आदमी को झेलना पड़ सकता है।

दरअसल कस्टम ड्यूटी में बढ़ोतरी होने से भारत में आयात करने वाली कंपनियों की लागत बढ़ जाती है। कंपनियां इस लागत का भारत आम आदमी पर डालती है। इसका नुकसान ये होगा कि आपके लिए टीवी-फ्रिज और मोबाइल फोन समेत अन्य होम एप्लायंसेज खरीदना महंगा हो सकता है।

टैक्स के मोर्चे पर भी राहत नहीं

केंद्र सरकार ने आम बजट में टैक्स के मोर्चे पर भी कोई राहत नहीं दी है। आम आदमी को उम्मीद थी कि उसे इस बजट में टैक्स के मोर्चे पर कम से कम 50 हजार रुपये की राहत मिलेगी। लेकिन सरकार ने इसमें कोई बदलाव नहीं किया है और इन्हें पुराने टैक्स स्लैब में ही रखा है।

ये है टैक्स रेट

मौजूदा समय में आपको आपकी इनकम के मुताबिक 5 से 30 फीसदी तक टैक्स चुकाना पड़ता है। वित्त वर्ष 2018-19 के लिए अगर आपकी इनकम 2.5 लाख रुपये तक है, तो कोई टैक्स नहीं देना होगा। 2.5 से 5 लाख पर 5 फीसदी, 5 लाख-10 लाख पर 20 फीसदी और 10 लाख से अधिक पर आपको 30 फीसदी टैक्स देना पड़ता है।

वरिष्ठ नागरिकों के लिए मौजूदा टैक्स स्लैब

अगर आपकी उम्र 60 साल से ज्यादा है और 80 साल से कम है, तो आपके लिए अन्य के मुकाबले टैक्स रेट अलग हैं। इसमें महिला और पुरुष दोनों शामिल हैं। इनके लिए 3 लाख तक कोई टैक्स नहीं। 3 से 5 लाख पर 5 फीसदी, 5 से 10 लाख पर 20 और 10 लाख से अधिक पर आपको 30 फीसदी टैक्स देना पड़ेगा।