जनपद में मानसून को लेकर अलर्ट, डीएम ने आपदा कंट्रोलरूम का निरीक्षण कर दिए सभी विभागों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश

जनपद में हुई वर्षा एवं संभावित आपदा की परिस्थितियों को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने आज आपदा कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं, संचार प्रणाली तथा आपदा से संबंधित तैयारियों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कंट्रोल रूम 24×7 सक्रिय रहे तथा किसी भी सूचना पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

इसके उपरांत जिलाधिकारी ने एनआईसी सभागार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं उप जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में सड़कों की स्थिति, पेयजल आपूर्ति, विद्युत व्यवस्था, जलभराव, आपदा प्रबंधन तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने सभी निर्माणदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों के लिए खोदी गई सड़कों की तत्काल मरम्मत कर उन्हें सुरक्षित एवं सुगम बनाया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी सड़क पर गड्ढे या असुरक्षित स्थिति नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विभागीय लापरवाही के कारण कोई दुर्घटना होती है तो संबंधित अधिकारी एवं संस्था की जिम्मेदारी तय करते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित स्टोन क्रशरों की स्थिति का सत्यापन कर यह प्रमाणित करें कि वे वर्तमान में संचालित नहीं हैं तथा नदियों में किसी प्रकार की खनन गतिविधि नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि 01 जुलाई से 30 सितंबर तक नदियों में किसी भी प्रकार की खनन गतिविधि पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी। यदि इस अवधि में खनिज परिवहन करते हुए कोई वाहन पाया जाता है तो उसके विरुद्ध विधिक कार्रवाई करते हुए संबंधित वाहन को सीज करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

जिलाधिकारी ने नदी किनारे स्थित पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश देते हुए कहा कि वहां वार्निंग सायरन एवं सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जाएं, ताकि जलस्तर बढ़ने अथवा आपदा की स्थिति में पर्यटकों एवं स्थानीय लोगों को समय रहते सतर्क किया जा सके।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाली ऐसी गर्भवती महिलाओं, जिनकी आगामी एक सप्ताह से दस दिनों के भीतर प्रसव संभावित है, उन्हें पूर्व से ही सुरक्षित स्थान अथवा अस्पताल के निकट ठहराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे आपात स्थिति में किसी प्रकार की कठिनाई उत्पन्न न हो।

उन्होंने नगर निगम देहरादून, ऋषिकेश सहित सभी नगर निकायों को निर्देश दिए कि डेंगू एवं मलेरिया की रोकथाम के लिए नियमित फॉगिंग कराई जाए। साथ ही खराब स्ट्रीट लाइटों को तत्काल ठीक कराया जाए तथा जिन क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट उपलब्ध नहीं है, वहां सुरक्षा की दृष्टि से प्राथमिकता के आधार पर नई स्ट्रीट लाइटें स्थापित की जाएं।

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि नदी एवं नालों के किनारे रहने वाले लोगों का चिन्हीकरण कर उनकी सूची तैयार की जाए तथा भारी वर्षा अथवा बाढ़ की स्थिति में उन्हें सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की पूर्व तैयारी सुनिश्चित की जाए। ज्ञातब्य है कि संभावित आपदा के दृष्टिगत जलभराव एवं नदी किनारे वाले ऐसे 29 क्षेत्र नगर निगम ने चिन्हित किए हैं, जिनमें 3700 परिवार एवं 900 घर है जिन्हे प्रशासन द्वारा मॉनिटर किया जा रहा है।

बैठक में बारिश के दौरान सड़क निर्माण कार्यों की प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई एवं राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वर्षा के दौरान मानकों के विपरीत सड़क निर्माण अथवा मरम्मत संबंधी शिकायत प्राप्त होने पर संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के. मिश्रा, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) स्मृता परमार, उप जिलाधिकारी अपूर्वा सिंह, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी अंकुश पांडेय तथा ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर हरेंद्र शर्मा उपस्थित रहे। जबकि जनपद के समस्त उप जिलाधिकारी एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में सम्मिलित हुए।

उत्तराखंडः एक बार फिर आपके द्वार पहुंच रही आपकी धामी सरकार

जन समस्याओं के निराकरण के लिए गत वर्ष चलाए गए ‘जन जन की सरकार-जन जन के द्वार’ कार्यक्रम की सफलता को देखते हुए, प्रदेश सरकार एक बार फिर जनता के द्वार पहुंच रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 4 जुलाई से 15 दिन का इस विशेष अभियान संचालित करने के निर्देश दिए हैं। इसमें जिला, ब्लॉक और तहसील स्तर पर विशेष शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें संबंधित विभागों अधिकारी- कर्मचारी शामिल होकर, जन समस्याओं का निराकरण करेंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि लोगों को जन समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़े, बल्कि विभाग अधिकारी कर्मचारी खुद लोगों के पास पहुंच शिकायतों का निस्तारण करें। मुख्यमंत्री की इसी सोच को केंद्र में रखते हुए प्रदेश सरकार ने गत दिसंबर माह से 45 दिन का ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान शुरु किया था। अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यकाल के सफल पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर एक बार फिर ये अभियान शुरु होने जा रहा है। इस बार 4 जुलाई से मनाए जा रहे सेवा पखवाड़ा (15 दिवस) के तहत यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। जिसके तहत जिला, ब्लॉक और तहसील स्तर पर शिविर आयोजित करते हुए, जन समस्याओं का निराकरण किया जाएगा, साथ ही लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ भी दिया जाएगा।

पिछली बार 5 लाख से अधिक की थी जनभागीदारी
दिसंबर माह में शुरु किए गए 45 दिन के ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के तहत 681 शिविरों का आयोजन किया गया, जिसमें 5,33,452 नागरिकों ने प्रत्यक्ष तौर पर भागीदारी निभाई, यही नहीं इस दौरान करीब 33 हजार जन शिकायतों का त्वरित समाधान किया गया। इस अभियान को गवर्नेंस की बेस्ट प्रैक्टिस के रूप भी सराहा गया।

लोगों को बिना किसी भागदौड़ के सरकारी सेवाएं मिली, यही सुशासन की पहली सीढ़ी है। इसी क्रम में सभी जनपदों में ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान का दूसरा चरण शुरु किया जा रहा है। इसमें सभी सक्षम अधिकारियों, कर्मचारियों को उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

पीएम द्वारा शिलान्यास प्रोजेक्ट्स की नियमित समीक्षा कर प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से पोर्टल पर अपलोड करेंः बर्द्धन

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शिलान्यास किए गए प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने सभी 40 गतिमान परियोजनाओं की प्रगति की विस्तार से जानकारी ली।

मुख्य सचिव ने सभी सम्बन्धित सचिवगणों को निर्देश दिए कि प्रोजेक्ट्स की नियमित समीक्षा कर प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से पोर्टल पर अपलोड कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने सम्बन्धित विभागों को प्रोजेक्ट्स निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाओं के कार्य पूर्ण होने की उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट अपडेट करते समय प्रोजेक्ट के पूर्ण होने की तिथि का भी उल्लेख किया जाए। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के अंत में पूर्ण होने वाले कार्यों को मानसून सीजन के दृष्टिगत लगातार मॉनिटरिंग करते हुए कार्यों को पूर्ण कराया जाए।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि पर्यटन विभाग के अंतर्गत महासू देवता हनोल में समग्र बुनियादी ढांचे का निर्माण एवं जागेश्वर धाम मंदिर से सम्बन्धित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए प्रतिदिन समीक्षा करते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण कराया जाए। उन्होंने शहरी विकास विभाग के अंतर्गत संचालित देहरादून में जलापूर्ति, सीवरेज और जल निकासी प्रणाली का विकास कार्य को भी शीघ्र पूूर्ण कराए जाने हेतु नियमित मॉनिटरिंग किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने ऊर्जा विभाग को लखवाड़ बहुद्देश्यीय परियोजना (300 मेगावाट), 220 केवी बनबसा सबस्टेशन (100 एमवीए) और उससे जुड़ी ट्रांसमिशन लाइन; चमोली में 400 केवी पिपलकोटी स्विचिंग सबस्टेशन और उससे जुड़ी ट्रांसमिशन लाइन सहित टिहरी ज़िले के घनसाली में 220 केवी घनसाली सबस्टेशन के निर्माण कार्यों में भी तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टाईमलाइन के अनुरूप फॉरेस्ट क्लीयरेंस और भूमि हस्तांतरण आदि से सम्बन्धित मामलों की लगातार पैरवी करते हुए कार्यों की निगरानी की जाए।

मुख्य सचिव ने कहा कि जिन परियोजनाओं का कार्य लगभग पूर्ण होने की कगार पर है, ऐसे प्रोजेक्ट्स को विभाग प्राथमिकता पर लेते हुए शीघ्र पूर्ण कराएं। उन्होंने 13 जनपदों के लिए 73 पेयजल आपूर्ति परियोजनाओं, पीएमजीएसवाई के अंतर्गत 133 सड़कों (96 प्रतिशत पूर्ण) और 151 पुलों के निर्माण कार्य (97 प्रतिशत पूर्ण) सहित नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत उधमसिंहनगर में नदी पुनर्जीवन कार्य (98 प्रतिशत) जैसे कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराए जाने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, एल. फैनाई, आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव शैलेश बगौली, दिलीप जावलकर, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम, रविनाथ रमन, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, डॉ. आर. राजेश कुमार, डॉ. सुरेन्द्र नारायण पाण्डेय, सी. रविशंकर, युगल किशोर पंत, रणवीर सिंह चौहान एवं राजेन्द्र कुमार सहित सम्बन्धित विभागों के विभागाध्यक्ष उपस्थित थे।

धामी सरकार का मिला सहारा, फिल्म जगत में चमकेंगे उत्तराखंड के युवा

उत्तराखंड फिल्म नीति 2024 के लाभ, उत्तराखंड के युवाओं को प्रत्यक्ष तौर पर मिलने शुरु हो गए हैं। इसी क्रम में उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद ने फिल्म एंड टेलीविजन संस्थान, पूणे (एफटीआईआई) से पासआउट तीन युवाओं की छात्रवृत्ति का भुगतान कर दिया है।

उत्तराखंड फिल्म नीति 2024 के तहत फिल्म एंड टेलीविजन संस्थान, पूणे, सत्यजीत-रे फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान, कोलकाता या अन्य ख्यातिप्राप्त संस्थानों में प्रवेश लेने वाले उत्तराखंड राज्य के स्थाई निवासी छात्र-छात्राओं को मैरिट के आधार पर पाठ्यक्रम पूर्ण होने तथा प्रमाण पत्र प्राप्त करने के उपरांत छात्रवृत्ति प्रदान किए जाने का प्राविधान है। इसके तहत पाठ्यक्रम पर हुए व्यय के अनुसार एसटी,एससी, ओबीसी को 75 प्रतिशत एवं सामान्य अभ्यर्थियों को 50 प्रतिशत की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बंशीधर तिवारी ने बताया कि इसी नीति के क्रम में ग्राम पोस्ट उखीमठ, रुद्रप्रयाग निवासी प्रवीण सेमवाल को एक वर्षीय स्नातकोत्तर सर्टिफिकेट कोर्स के लिए कुल 65,682 रुपए की छात्रवृत्ति का भुगतान किया गया है। इसी तरह ग्राम, हरनी (मुंदोली) चमोली निवासी कविता को दो वर्षीय स्नातकोत्तर डिप्लोमा कोर्स के लिए कुल 1,27,619 रुपए और तल्लीताल, नैनीताल निवासी देवेश भट्ट को तीन वर्षीय स्नातकोत्तर डिप्लोमा के लिए कुल 1,38,990 रुपए की छात्रवृत्ति का भुगतान किया गया है। उक्त तीनों ने भारतीय फिल्म और टेलीविजन संस्थान पुणे से पढ़ाई पूरी की है।

उत्तराखंड के युवा रचनात्मक प्रतिभा की धनी हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि उन्हें अपनी प्रतिभा को निखारने और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध हों। उत्तराखंड फिल्म नीति 2024 इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। फिल्म जगत में शिक्षा प्राप्त करने वाले राज्य के युवाओं को छात्रवृत्ति प्रदान कर सरकार उनके सपनों को नई उड़ान देने का कार्य कर रही है।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

उत्तराखण्ड की सड़क अवसंरचना को रूपये 7 हजार करोड़ की मिली सहमति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में प्रतिभाग किया। बैठक में उत्तराखण्ड राज्य से संबंधित सड़क एवं अवसंरचना विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

मुख्यमंत्री ने राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों, सीमांत क्षेत्रों की सामरिक एवं रणनीतिक महत्ता, तीर्थाटन, पर्यटन तथा आपदा प्रबंधन की आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए राज्य में सुदृढ़ एवं आधुनिक सड़क नेटवर्क के विकास की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने राज्य के लंबित प्रस्तावों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय का अनुरोध किया।

केंद्रीय सड़क अवसंरचना निधि (CRIF) के अंतर्गत वर्ष 2026-27 हेतु राज्य सरकार को लगभग रूपये 750 करोड़ लागत की परियोजनाओं की स्वीकृति पर सहमति प्रदान की गई। इसके साथ ही NHO के अंतर्गत 05 प्रमुख परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई, जिनकी कुल अनुमानित लागत लगभग रूपये 2966 करोड़ है। इनमें श्रीनगर बाईपास का PMC, पुरकाजी–लक्सर–हरिद्वार मार्ग की चार-लेनिंग, लोहाघाट एवं पिथौरागढ़ बाईपास की alignment, मझोला से खटीमा के आबादी भाग में चार-लेन विस्तार तथा रामनगर–रानीखेत (मोहन) मार्ग का सुदृढ़ीकरण प्रमुख रूप से शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2025-26 तक की रूपये 530.11 करोड़ की लंबित प्रतिपूर्ति राशि शीघ्र अवमुक्त किए जाने तथा का भी अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने आगामी अर्धकुंभ मेला 2027 के दृष्टिगत हरिद्वार बाईपास परियोजना को समयबद्ध रूप से पूर्ण किए जाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इससे यातायात दबाव में कमी आएगी तथा श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को सुगम आवागमन की सुविधा प्राप्त होगी। मुख्यमंत्री ने कोटद्वार बाईपास परियोजना के कार्यों में भी तेजी लाने का अनुरोध किया, जिससे क्षेत्रीय यातायात व्यवस्था सुगम हो सके तथा स्थानीय जनता को जाम की समस्या से राहत मिले।दोनों ही प्रस्तावों को सहमति प्रदान की गई।

मुख्यमंत्री ने National Highways पर Spur के माध्यम से अन्य मार्गों के संयोजन हेतु कुछ परियोजनाओं के लिए लगभग रूपये 3000 करोड़ की सैद्धांतिक सहमति प्रदान किए जाने का अनुरोध किया, जिस पर केंद्रीय मंत्री द्वारा सकारात्मक सहमति व्यक्त की गई। इसके अतिरिक्त अल्मोड़ा सिकुड़ा बैंड से एनएच-309 तक टनल सहित मोटर मार्ग निर्माण हेतु लगभग रूपये 300 करोड़ की परियोजना पर चर्चा और सैद्धान्तिक सहमति की गई।

राज्य में आपदा प्रबन्धन में सफल और कुशल कार्यों के दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड लैंडस्लाइड मिटिगेशन मैनेजमेंट सेंटर (ULMMC) के माध्यम से भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में उपचारात्मक कार्यों हेतु डीपीआर तैयार किए जाने हेतु MoU करने का अनुरोध किया जिससे संवेदनशील क्षेत्रों में स्थायी एवं वैज्ञानिक समाधान सुनिश्चित हो सके। मंत्रालय द्वारा इसे स्वीकृत किया गया है ।

मुख्यमंत्री ने सीमा सड़क संगठन (BRO) से संबंधित लंबित मामलों, विशेषकर ऋषिकेश–गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग के हिना–तेखला–नेताला–गरमपानी खंड की डीपीआर तथा जोशीमठ बाईपास मार्ग के संशोधित प्रस्तावों ( COS) को शीघ्र स्वीकृति प्रदान किए जाने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अत्यंत कम दरों पर प्राप्त निविदाओं के मामलों में अतिरिक्त परफॉर्मेंस सिक्योरिटी की वर्तमान व्यवस्था में आवश्यक संशोधन किया जाए, जिससे पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क निर्माण एवं स्लोप ट्रीटमेंट कार्य समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से संपन्न हो सकें।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं केंद्र सरकार के सहयोग से इन सभी परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन से उत्तराखण्ड में सड़क संपर्क एवं आधारभूत संरचना को नई मजबूती मिलेगी। इससे सीमांत क्षेत्रों का विकास, पर्यटन को बढ़ावा, आपदा प्रबंधन क्षमता में वृद्धि तथा राज्य की आर्थिक प्रगति को गति प्राप्त होगी।

बैठक में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा, सचिव लोक निर्माण विभाग डॉ. पंकज कुमार पांडेय, सचिव सड़क परिवहन बृजेश कुमार संत, स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम धामी की सीमांत क्षेत्र के लिए करीब 40 करोड़ से अधिक रूपए की स्वास्थ्य योजनाओं की दी सौगात

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र मेंअभूतपूर्व और ऐतिहासिक सौगात दी। मुख्यमंत्री ने कॉर्पाेरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के अंतर्गत आई.सी.आई.सी.आई फाउंडेशन फॉर इन्क्लूसिव ग्रोथ के सहयोग से लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित अत्याधुनिक एम.आर.आई मशीन का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ उत्तराखंड ही समर्थ, आत्मनिर्भर और विकसित उत्तराखंड का मुख्य आधार है। राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि राज्य में अस्पतालों के निर्माण के साथ उन्हें आधुनिक चिकित्सा उपकरणों, गुणवत्तापूर्ण सेवाओं और प्रशिक्षित मानव संसाधन से सशक्त बनाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा एम.आर.आई मशीन के उद्घाटन से सीमांत क्षेत्र के लाखों लोगों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं, समय पर सटीक जांच और उच्च स्तरीय उपचार की सुविधा का लाभ मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इस अनुपम सुविधा का लाभ न केवल चंपावत, बल्कि पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, नैनीताल तथा इसके आसपास के सभी सीमांत क्षेत्रों के नागरिकों को प्राप्त होगा।

मुख्यमंत्री ने पुरानी कठिनाइयों को याद करते हुए कहा कि अब तक चंपावत सहित आसपास के क्षेत्रों के गंभीर मरीजों को एमआरआई जैसी जटिल जांचों के लिए हल्द्वानी अथवा अन्य बड़े शहरों की ओर जाना पड़ता था, जो गंभीर रोगियों और उनके परिजनों के लिए भारी समय, धन और मानसिक कष्ट का कारण बनता था। अब मस्तिष्क, रीढ़, नसों, जोड़ों, कैंसर और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों की उच्च स्तरीय जांच स्थानीय स्तर पर ही सुलभ होगी, जिससे समय पर जांच और समय पर उपचार सुनिश्चित होने के साथ-साथ अनेक बहुमूल्य जीवनों को बचाया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा हमारी सोच केवल वर्तमान आवश्यकताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि हम भविष्य की उभरती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक अत्यंत सुदृढ़ स्वास्थ्य व्यवस्था का निर्माण कर रहे हैं। उन्होंने कहा चंपावत विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य अवसंरचना को निरंतर सुदृढ़ किया जा रहा है। जिला चिकित्सालय चंपावत में लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से 50 बेड वाले आधुनिक क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि जिला चिकित्सालय में ही लगभग 11.71 करोड़ रुपये की लागत से लोअर ग्राउंड फ्लोर में पार्किंग, प्रथम एवं द्वितीय तल पर अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक विंग तथा आधुनिक ऑपरेशन थिएटर का निर्माण कार्य तीव्र गति से प्रगति पर है, जिसके पूर्ण होने के बाद जनपद की स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक मजबूत व आधुनिक बनेंगी।अमोड़ी में 2.18 करोड़ रुपये की लागत से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण कार्य से स्थानीय लोगों को अपने ही क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं प्राप्त हो रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए इंटीग्रेटेड नर्सिंग संस्थान में 470.05 लाख रुपये की लागत से 129 बेड वाले विशाल व आधुनिक छात्रावास का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है, जो प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा को एक नई मजबूती प्रदान करेगा। जनपद चंपावत में एक नए पैरामेडिकल कॉलेज की स्थापना की आवश्यक कार्यवाही भी तेजी से बढ़ाई जा रही है, जिससे स्थानीय युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के नए अवसर मिलेंगे और राज्य को दक्ष पैरामेडिकल मानव संसाधन प्राप्त होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि आर्थिक अभाव, कभी भी किसी भी परिवार के उपचार में बाधा नहीं बनेगी। आज आयुष्मान भारत योजना और अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना के माध्यम से प्रदेश के लाखों परिवारों को पूरी तरह से निःशुल्क और कैशलेस उपचार की सुविधा प्रदान की जा रही है। चंपावत में स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में दिख रहा यह युगांतकारी परिवर्तन हमारी उस अंत्योदय सोच का परिणाम है जिसके केंद्र में आम नागरिक का जीवन, उसका स्वास्थ्य और हमारी सरकार पर उसका अटूट विश्वास है।

मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि हम सब मिलकर एक ऐसे सशक्त उत्तराखंड के निर्माण का संकल्प लें, जहां हर नागरिक को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं और स्वस्थ जीवन का अधिकार सहजता से उपलब्ध हो, क्योंकि जब हमारा नागरिक स्वस्थ होगा, तभी हमारा प्रदेश समृद्ध होगा और विकसित उत्तराखंड का हमारा साझा संकल्प साकार होगा।

इस अवसर पर अध्यक्ष जिला पंचायत आनंद सिंह अधिकारी, नगर पालिका अध्यक्ष प्रेमा पांडे, ब्लॉक प्रमुख चंपावत अंचला बोहरा, भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सिंह सामंत, विधायक प्रतिनिधि चंपावत प्रकाश तिवारी, टनकपुर दीपक रजवार, प्रदेश मंत्री भाजपा अध्यक्ष निर्मल महारा एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

रामनगर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अपने बीच पाकर बच्चे हुए उत्साहित, जमकर खिंचवाईं तस्वीरें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रमानुसार रविवार को रामनगर के अहाना रिसॉर्ट हैलीपेड पहुँचें। रामनगर पंहुचने पर मंडलायुक्त दीपक रावत, आईजी निवेदिता कुकरेती, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसएसपी डॉ.मंजूनाथ टीसी, मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडेय, बीजेपी जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, राकेश नैनवाल, संजय डॉर्बी, इंदर रावत आदि ने स्वागत किया।

इस दौरान हैलीपैड पर भारी संख्या में क्षेत्र के बच्चे एकत्रित हुए उन्हें देखते ही स्वयं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बच्चों के बीच स्वयं पहुंच गए। मुख्यमंत्री के बच्चों के पास पहुंचते ही बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। बच्चों ने मुख्यमंत्री के साथ खूब तस्वीरें खिंचवाईं और उनसे आत्मीय संवाद किया।

मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ कुछ समय बिताते हुए उनकी पढ़ाई, रुचियों और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बच्चों को जीवन में अनुशासन, कड़ी मेहनत और सकारात्मक सोच अपनाने की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि निरंतर प्रयास, ईमानदारी और दृढ़ संकल्प से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने, अपने माता-पिता, शिक्षकों और बड़ों का सम्मान करने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान बच्चों ने भी मुख्यमंत्री के साथ बिताए इन यादगार पलों का भरपूर आनंद लिया और उनके साथ सेल्फी व समूह फोटो खिंचवाए।

इस दौरान मुख्यमंत्री द्वारा क्षेत्र से आए लोगों की समस्याओं को भी सुना तथा उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु अधिकारियों को निर्देश दिए।

रूड़की में एचआरडीए द्वारा नवनिर्मित स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स का मुख्यमंत्री धामी ने किया लोकार्पण

       मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुड़की में एचआरडीए द्वारा 3 करोड़ 75 लाख रुपये की लागत से नवनिर्मित आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स का विधिवत लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने परिसर का निरीक्षण कर उपलब्ध कराई गई खेल सुविधाओं का अवलोकन किया तथा खिलाड़ियों और खेल प्रशिक्षकों से संवाद भी किया।

      मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार खेलों के समग्र विकास और खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आधुनिक खेल अवसंरचना युवाओं की प्रतिभा को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। प्रदेश के प्रत्येक जिले में खेल सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है ताकि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और अभ्यास का अवसर मिल सके।

        उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों को नई पहचान मिली है। उत्तराखंड सरकार भी खेल नीति के माध्यम से खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने, प्रशिक्षण की बेहतर व्यवस्था करने तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग प्रदान कर रही है।

     मुख्यमंत्री ने कहा कि इस स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स के निर्माण से हरिद्वार एवं रुड़की सहित आसपास के क्षेत्रों के खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा। इससे युवाओं में खेलों के प्रति रुचि बढ़ेगी और वे विभिन्न प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।

           नवनिर्मित स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में इनडोर खेलों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। यहां खिलाड़ियों के लिए सुसज्जित जिम, बैडमिंटन कोर्ट तथा अन्य आवश्यक खेल संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। यह कॉम्पलेक्स खिलाड़ियों के नियमित अभ्यास, प्रशिक्षण एवं विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए भी उपयोगी सिद्ध होगा।

           कार्यक्रम में परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा, जिलाध्यक्ष भाजपा मधु सिंह, मेयर नगर निगम रुड़की अनीता अग्रवाल, श्यामवीर सैनी, आदेश सैनी, शोभाराम प्रजापति, मेलाधिकारी कुंभ सोनिका, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ एसपी देहात शेखर सुयाल, एचआरडीए सचिव प्रत्यूष सिंह, नगर आयुक्त रुड़की गोपाल राम बिनवाल, सीओ मंगलौर अभिनव चौधरी सहित जनप्रतिनिधियों, खेल विभाग के अधिकारियों प्रशिक्षकों, खिलाड़ियों एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

युवा संवाद में सीएम बोले, युवा शक्ति ही विकसित भारत और विकसित उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुड़की में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में प्रदेश के युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड का युवा प्रदेश और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य का आधार है। उन्होंने कहा कि आज भारत विश्व का सबसे युवा देश है और युवाओं की ऊर्जा, नवाचार तथा प्रतिभा ही विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवाओं को वोट बैंक नहीं, बल्कि विकसित भारत का सबसे सशक्त स्तंभ मानते हुए उनकी शिक्षा, कौशल, नवाचार और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए अनेक ऐतिहासिक पहल की गई हैं। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप इंडिया, स्टैंडअप इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया, खेलो इंडिया तथा प्रधानमंत्री मुद्रा योजना जैसी पहलें युवाओं को आत्मनिर्भर और रोजगार सृजक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य ऐसा उत्तराखंड बनाना है, जहाँ युवाओं को अवसरों के लिए पलायन न करना पड़े, बल्कि उन्हें अपने ही प्रदेश में रोजगार, उद्यम और नवाचार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध हों। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, युवा प्रोत्साहन योजना, दीनदयाल उपाध्याय योजना, एक जनपद-दो उत्पाद योजना तथा श्हाउस ऑफ हिमालयाजश् जैसे प्रयास स्थानीय उत्पादों और युवाओं को राष्ट्रीय एवं वैश्विक पहचान दिला रहे हैं। स्टेट मिलेट मिशन, एप्पल मिशन, कीवी मिशन, नई पर्यटन नीति, होम-स्टे, वेड इन उत्तराखंड और सौर स्वरोजगार जैसी पहलें भी रोजगार के नए अवसर सृजित कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्रभावी नीतियों के परिणामस्वरूप उत्तराखंड की बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है, जो राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। साथ ही नीति आयोग के सतत विकास में उत्तराखंड देश में प्रथम स्थान पर है। उन्होंने कहा कि अब राज्य में रिवर्स माइग्रेशन का सकारात्मक वातावरण बन रहा है और युवा अपने अनुभव एवं कौशल के साथ उत्तराखंड लौटकर स्वरोजगार एवं उद्यमिता को बढ़ावा दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के हितों की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में लागू देश के सबसे सख्त नकल विरोधी कानून के कारण प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है तथा पिछले साढ़े चार वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को निष्पक्ष एवं पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी सेवाओं में नियुक्ति मिली है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में 20 मॉडल कॉलेजों की स्थापना, महिला छात्रावास, आधुनिक आईटी लैब, परीक्षा भवनों का निर्माण तथा उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के साथ नए महाविद्यालयों की स्थापना की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। वहीं पिछले साढ़े चार वर्षों में प्रदेश में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं, जिससे रोजगार और निवेश के नए अवसर विकसित हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से बड़े लक्ष्य निर्धारित करने, नवाचार को अपनाने तथा आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक युवा के सपनों को साकार करने के लिए हर कदम पर उनके साथ खड़ी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तराखंड का युवा विज्ञान, तकनीक, अनुसंधान और नवाचार के माध्यम से प्रदेश को देश का अग्रणी एवं सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने युवा शक्ति संवाद कार्यक्रम में युवाओं से सीधा संवाद किया तथा उनके विभिन्न प्रश्नों का सरल, स्पष्ट एवं सारगर्भित उत्तर दिया। कार्यक्रम में पहला प्रश्न भुनेश गोयल ने किया। उन्होंने युवाओं के सशक्तिकरण, सुरक्षा तथा शासन-प्रशासन में उनकी भागीदारी को लेकर सरकार की योजनाओं के संबंध में जानकारी चाही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रुड़की विज्ञान, अनुसंधान एवं नवाचार की भूमि है। उन्होंने युवा संवाद कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभाशाली युवाओं का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। स्टार्टअप को प्रोत्साहन एवं वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है तथा विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं का प्रभावी संचालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लागू किए गए सख्त नकल विरोधी कानून के परिणामस्वरूप भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता आई है और अब तक 33 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति प्रदान की जा चुकी है।

रीया वंदना ने सोशल मीडिया के माध्यम से फैल रही अफवाहों एवं भ्रामक सूचनाओं पर सरकार की कार्ययोजना के संबंध में प्रश्न किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सोशल मीडिया जनसंचार का एक अत्यंत प्रभावी माध्यम बन चुका है। किसी भी सूचना का प्रसार कुछ ही क्षणों में लाखों लोगों तक हो जाता है। पहले लोगों को समाचारों के लिए मुख्य रूप से समाचार पत्रों एवं टेलीविजन पर निर्भर रहना पड़ता था, जबकि आज प्रत्येक व्यक्ति अपनी बात सीधे समाज तक पहुंचा सकता है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर प्रभावी निगरानी के लिए साइबर सेल सक्रिय रूप से कार्य कर रही है तथा अफवाह फैलाने एवं सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करने वाले लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

सोनालिका ने वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले कुंभ मेले की तैयारियों के संबंध में प्रश्न किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वर्ष 2027 के कुंभ मेले को दिव्य, भव्य, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसके लिए भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था, विभिन्न घाटों के निर्माण एवं विस्तारीकरण सहित श्रद्धालुओं की सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कुंभ मेले के दौरान आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए ड्रोन एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित निगरानी व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।

कार्यक्रम के आयोजक गौरव कौशिक ने मुख्यमंत्री का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया तथा सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद कल्पना सैनी, परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष मधु सिंह, रुड़की नगर निगम की महापौर अनीता अग्रवाल, श्यामवीर सैनी, आदेश सैनी, शोभाराम प्रजापति, भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश गिरी, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, संयुक्त मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ, अपर जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, पुलिस अधीक्षक (देहात) शेखर सुयाल, एचआरडीए सचिव प्रत्यूष सिंह, उपजिलाधिकारी भगवानपुर देवेंद्र सिंह नेगी सहित बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।

रिस्पना नदी के पुनर्जीवन को मिली नई गति, डीएम ने गठित कराई टास्कफोर्स, 7 दिन में मांगा विस्तृत एक्शन प्लान

जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने आज ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में रिस्पना नदी के पुनर्जीवन, संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण के संबंध में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित कर संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि रिस्पना नदी का पुनर्जीवन केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि जनसहभागिता से जुड़ा एक व्यापक पर्यावरणीय मिशन है।

बैठक में जिलाधिकारी ने नगर निगम को निर्देशित किया कि रिस्पना नदी के लगभग 15 किलोमीटर क्षेत्र में गिरने वाले सभी नालों एवं गार्बेज प्वाइंट्स का चिन्हीकरण किया जाए। साथ ही संपूर्ण क्षेत्र का ड्रोन सर्वे एवं स्ट्रेचवार सर्वे कराकर प्रत्येक स्थान पर कूड़े की मात्रा, सफाई व्यवस्था तथा आवश्यक कार्ययोजना का विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर 07 दिवस के भीतर प्रस्तुत किया जाए।

उन्होंने सिंचाई विभाग को नदी तटों पर घाट निर्माण, सौंदर्यीकरण एवं नदी किनारे विकसित किए जाने वाले स्थलों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग को प्रस्तावित एलिवेटेड रोड निर्माण के अंतर्गत नदी क्षेत्र में आने वाले पिलर्स एवं अन्य संरचनाओं का समुचित तकनीकी प्लान प्रस्तुत करने को कहा।

जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को रिस्पना नदी के पुनर्जीवन अभियान के लिए विभिन्न विभागों के समन्वय से एक प्रभावी टास्कफोर्स गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नदी में कूड़ा गिरने की समस्या का स्थायी समाधान तभी संभव है जब आमजन के व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाया जाए। इसके लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए तथा स्थानीय नागरिकों, स्वयंसेवी संगठनों एवं विभिन्न संस्थाओं की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने नगर पालिका मसूरी को निर्देश दिए कि मसूरी क्षेत्र में रिस्पना नदी के अंतर्गत आने वाले हिस्सों में नियमित सफाई व्यवस्था बनाए रखी जाए तथा किसी भी प्रकार का अपशिष्ट नदी में न जाने दिया जाए। वहीं वन विभाग को नदी के पुनरुद्धार एवं पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिगत व्यापक वृक्षारोपण एवं हरित पट्टी विकसित करने की विस्तृत योजना तैयार करने के निर्देश दिए।

बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि रिस्पना नदी के पुनर्जीवन के लिए शॉर्ट टर्म एवं लॉन्ग टर्म रणनीति के अनुरूप कार्य किए जाएं। शॉर्ट टर्म योजना के अंतर्गत नदी एवं उसके आसपास जमा कूड़े का तत्काल उठान, गार्बेज प्वाइंट्स का उन्मूलन, नदी में कूड़ा फेंकने पर रोक तथा जनजागरूकता अभियान को प्राथमिकता दी जाए। वहीं लॉन्ग टर्म योजना के तहत घाट निर्माण, नदी तटों का सौंदर्यीकरण, हरित विकास, आधारभूत संरचनाओं का विकास तथा नदी संरक्षण के लिए स्थायी एवं समग्र कार्ययोजना तैयार कर चरणबद्ध रूप से क्रियान्वित किया जाए। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि रिस्पना नदी का पुनर्जीवन देहरादून की पर्यावरणीय धरोहर के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसे मिशन मोड में आगे बढ़ाया जाएगा।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, प्रभागीय वनाधिकारी नीरज शर्मा, नगर मजिस्टेªट आशीष तिवारी, नगर निगम, सिंचाई विभाग, लोक निर्माण विभाग, वन विभाग, नगर पालिका मसूरी तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।