वीरभद्र रेलवे स्टेशन के समीप ओवर ब्रिज बनाने को निगम ने लिखा पत्र

ऋषिकेश योग नगरी रेलवे स्टेशन पर अब लंबी दूरी की ट्रेनें पहुंचेंगे इसी के मद्देनजर वीरभद्र रेलवे स्टेशन के समीप ओवर ब्रिज बनाने की मांग भी उठने लगी है इस संबंध में नगर निगम ऋषिकेश प्रशासन की ओर से डीआरएम मुरादाबाद उत्तर रेलवे को पत्र लिखा गया है। यह पत्र आज मेयर अनिता ममगाईं की मौजूदगी में पार्षद विपिन पंत ने डीआरएम को सौंपा।

निगम की ओर से मुख्य नगर आयुक्त नरेंद्र सिंह ने पत्र के जरिए बताया कि पार्षद विपिन पंत ने बीते वर्ष बोर्ड की बैठक में एक प्रस्ताव दिया था। जिसमें अमित ग्राम गुमानीवाला, दूसरा फॉर्म गुल रानी फॉर्म मनसा देवी तथा भक्तों वाला आदि ग्राम वासियों के रेलवे स्टेशन के समीप होने की बात कही थी। इसी के तहत पार्षद ने यहां एक और ब्रिज बनाए जाने की मांग की थी, बोर्ड के द्वारा ग्राम वासियों की समस्या को देखते हुए वीरभद्र रेलवे स्टेशन के समीप ओवर ब्रिज बनाने का प्रस्ताव पास किया था। एमएनए ने इस संबंध में डीआरएम को अनुरोध करते हुए इस ब्रिज का निर्माण कराने की मांग की।

साॅलिड वेस्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए मुनिकीरेती पालिका को मिली 46 लाख रूपए की पहली किश्त

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शहरी विकास विभाग के तहत महाकुंभ मेला के तहत मुनिकीरेती नगरपालिका को साॅलिड वेस्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर (कलेक्शन एंड ट्रांसपोर्टेशन) के लिए 114.92 लाख की स्वीकृति दी है। इसमें से पहली किश्त के रूप में 46 लाख की राशि जारी की गई है। हरिद्वार जिले के झबरेडा विधानसभा क्षेत्र के कृष्णानगर सलेमपुर नालों के निर्माण के तहत 96.59 लाख की स्वीकृति के साथ 38.64 लाख की राशि इस साल जारी करने को भी मंजूरी दी गई है।

भरत विहार पार्क के जीर्णोद्धार की कवायद होने पर मेयर का अभिनंदन करने पहुंचे क्षेत्रवासी

ऋषिकेश के भरत विहार के पार्क का जीर्णाद्धार होने की कवायद शुरू होने लगी है, यहां बच्चों को लुभाने के लिए पुराने टायरों से आकर्षक डायनासोर बनाया जाएगा। इसके अलावा जगमग रोशनी में नहाते हुए यह पार्क बैडमिंटन और वाॅलीबाल के शौकीनों के लिए उपयुक्त साबित होगा। इसके अलावा भी बहुत कुछ इसमें शामिल होने जा रहा है।

आज क्षेत्रवासियों में खासा उत्साह देखने को मिला। भरत विहार क्षेत्र के लोगों ने मेयर अनिता ममगाईं का आभार जताया। क्षेत्रवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल निगम कार्यालय में मेयर से मिला और उनके द्वारा हाईटेक तकनीक के साथ पार्को के जीर्णोद्धार पर उनका अभिनंदन किया।इस दौरान महापौर ने अभिनंदन करने पहुंचे क्षेत्रवासियों को बताया कि पिछले ढेड दशक से शहर के विभिन्न क्षेत्रों के पार्क रखरखाव के अभाव में बेरोनक होने के बाद अपनी बेबसी पर आंसू बहा रहे थे। उनके द्वारा निगम की कमान संभालते ही पार्को के जीर्णोद्धार की योजना तैयार कर ली गई थी। अब इनका कायाकल्प शुरू हो गया है। जल्द ही शहर के पार्क दूधिया रोशनी में नहाकर अपनी खूबसूरती के जरिए सबके आकर्षण का केंद्र बनेंगे। अभिनंदन करने वालों ने जितेंद्र बर्तवाल, पीके जैन, राजेंद्र पंत रजनीश जोशी, सत्येंद्र शर्मा, एमएस ठाकुर, वीके देवरानी, सीएम भट्ट, नील कण्ठ सकलानी, एडवोकेट अशोक यादव आदि शामिल थे।

यह सुविधाएं पार्क में होंगी शामिल
बैडमिंटन और वॉलीवाल कोर्ट
पुराने टायरों से बना डायनासोर
जगमग रोशनी
रबर मैटिंग वाकिंग पाथवे
आरामदायक बेंचेस
झूले

नजरियाः अब श्रद्धालु आसानी से जा सकेंगे बदरीनाथ धाम

डोबराचांटी पुल के बाद त्रिवेन्द्र सरकार ने एक और ऐसे प्रोजेक्ट का काम पूरा कर लिया है जो बीते ढाई दशकों (26 वर्ष) से अटका हुआ था। बदरीनाथ धाम की यात्रा में नासूर बने ‘लामबगड़ स्लाइड जोन’ का स्थायी ट्रीटमेंट कर लिया गया है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की इच्छाशक्ति और सख्ती की बदौलत यह प्रोजेक्ट महज दो वर्ष में ही पूरा हो गया। तकरीबन
500 मीटर लम्बे स्लाइड जोन का ट्रीटमेंट 107 करोड़ की लागत से किया गया। अब बदरीनाथधाम की यात्रा निर्बाध हो सकेगी, जिससे तीर्थयात्रियों को परेशानियों से निजात मिलेगी।

सीमांत जनपद चमोली में 26 साल पहले ऋषिकेश-बदरीनाथ नेशनल हाईवे पर पाण्डुकेश्वर के पास लामबगड़ में पहाड़ के दरकने से स्लाड जोन बन गया। हल्की सी बारिश में ही पहाड़ से भारी मलवा सड़क पर आ जाने से हर साल बदरीनाथधाम की यात्रा अक्सर बाधित होने लगी। लगभग 500 मीटर लम्बा यह जोन यात्रा के लिए नासूर बन गया। पिछले ढाई दशकों में इस स्थान पर खासकर बरसात के दिनों मे कई वाहनों के मलवे में दबने के साथ ही कई लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। करोड़ों खर्च होने पर भी इस समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा था। पूर्व मे जब लामबगड़ में बैराज का निर्माण किया जा रहा था, तब जेपी कंपनी ने इस स्थान सुरंग निर्माण का प्रस्ताव रखा, लेकिन उस वक्त यह सड़क बीआरओ के अधीन थी और बीआरओ ने भी सुरंग बनाने के लिए हामी भर दी थी। दोनों के एस्टीमेट कास्ट मे बड़ा अंतर होने के कारण मामला अधर मे लटक गया था। इसके बाद वर्ष 2013 की भीषण आपदा में लामबगड स्लाइड जोन में हाईवे का नामोनिशां मिट गया। तब सडक परिवहन मंत्रालय ने लामबगड स्लाइड जोन के स्थाई ट्रीटमेंट की जिम्मेदारी एनएच पीडब्लूडी को दी। एनएच से विदेशी कम्पनी मैकाफेरी नामक कंपनी ने यह कार्य लिया। फॉरेस्ट क्लीयरेंस समेत तमाम अड़चनों की वजह से ट्रीटमेंट का यह काम धीमा पड़ता गया।

वर्ष 2017 में त्रिवेन्द्र सरकार के सत्ता में आते ही ये तमाम अड़चनें मिशन मोड में दूर की गईं और दिसम्बर 2018 में प्रोजेक्ट का काम युद्धस्तर पर शुरू हुआ। महज दो वर्ष में अब यह ट्रीटमेंट पूरा हो चुका है। अगले 10 दिन के भीतर इसे जनता के लिए समर्पित कर दिया जाएगा। इसे त्रिवेन्द्र सरकार की बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है।

दिव्यांग कार्मिकों को त्रिवेंद्र सरकार का बड़ा तोहफा


सरकारी आवासों के आवंटन में दिव्यांग कार्मिकों को मिलने वाला आरक्षण तीन से बढ़ाकर चार प्रतिशत किया गया

राज्य के सरकारी विभागों में कार्यरत दिव्यांग कार्मिकों के लिए बड़ी खुशखबरी है। त्रिवेंद्र सरकार ने सरकारी आवासों के आवंटन में दिव्यांग कार्मिकों को मिलने वाला आरक्षण तीन प्रतिशत से बढ़ाकर चार प्रतिशत कर दिया है। राज्य सरकार के इस निर्णय से जाहिर तौर पर दिव्यांग कार्मिकों को अब पहले से ज्यादा संख्या में सरकारी आवास मिल सकेंगे।

उत्तराखंड में त्रिवेंद्र सरकार द्वारा लगातार जनहित में लोकप्रिय निर्णय लिए जा रहे हैं। इसी क्रम में अब त्रिवेंद्र सरकार ने दिव्यांग कार्मिकों की समस्या को समझते हुए उन्हें बड़ी राहत प्रदान की है। दीगर है कि पूर्व में दिव्यांग कार्मिकों को सरकारी आवास पाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ती थी। कई बार पात्र दिव्यांग कार्मिक सरकारी आवास पाने से वंचित रह जाते थे क्योंकि उस समय दिव्यांग कार्मिकों को केवल 3 प्रतिशत आरक्षण ही सरकारी आवासों के आवंटन में मिल पा रहा था लेकिन अब राज्य सरकार ने उनकी इस पीड़ा को समझते हुए इसे दूर करने का प्रयास किया है।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के मार्ग-दर्शन में राज्य के समाज कल्याण विभाग ने सरकारी आवासों, भवनों के आवंटन में समस्त श्रेणी के दिव्यांग कार्मिकों के लिए निर्धारित तीन प्रतिशत के आरक्षण को बढ़ाकर 4 प्रतिशत कर दिया है। इस संबंध में राज्य संपत्ति विभाग ने भी अपनी सहमति प्रदान कर दी है और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का अनुमोदन प्राप्त करने के बाद समस्त विभागों को आवास आवंटन के लिए जारी किए जाने वाले निर्देश का आलेख्य भी तैयार कर दिया गया है।

उत्तराखंड में जरूरतमंदों को मिल रहा सीएम क्यूआरटी का फायदा

देहरादूनः सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए आमजन को दिक्कतों का सामना न करना पड़े। यह सुनिश्चित करने के लिए माह अक्टूबर में शुरू किया गया मुख्यमंत्री त्वरित समाधान सेवा कार्यक्रम यानि सीएम क्यूआरटी (क्विक रेस्पॉन्स टीम) तेजी से अपने लक्ष्यों को हासिल करने की ओर अग्रसर है। बीते तीन माह में इस सेवा के जरिए 70 प्रतिशत से ज्यादा लोगों की समस्याओं का निराकरण किया गया। जबकि शेष शिकायतों पर भी कार्यवाही गतिमान है।

उत्तराखंड सरकार की दूरगामी नीति के अंतर्गत जरूरतमंदों की बुनियादी समस्याओं के निदान की दिशा में गंभीरता से प्रयास किए जा रहे हैं। इन प्रयासों में सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य रोजगार आदि शामिल हैं। राज्य सरकार का मानना है कि प्रदेश के निवासियों को मूलभूत सुविधाएं समय पर मिलें और कोशिश है कि सबकी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति समय पर सुनिश्चित हो सके। यदि कहीं पर किसी की कोई शिकायत हो तो उसका तत्काल निदान किया जाए।

इसी उद्देश्य के साथ अक्टूबर माह में प्रदेश के सात जिलों में मुख्यमंत्री त्वरित समाधान सेवा कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इसमें जिला स्तर पर शिविरों का आयोजन जिलाधिकारी-सीडीओ के स्तर से किया जा रहा है। यूं तो 21 सितंबर को इस सेवा को शुरू किया गया लेकिन आधिकारिक रूप से जिलों में इस सेवा ने 1 अक्टूबर 2020 से कार्य करना प्रारंभ किया। तब से लेकर 31 दिसंबर 2020 तक इस शिविरों के जरिए प्रदेशभर में लोगों की कुल 4025 शिकायतें विभिन्न विभागों को प्राप्त हुई जिनमें से 2904 शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया है। यानि अब तक 70 प्रतिशत शिकायतों का निस्तरण किया जा चुका है।

इस विभागों की शिकायतों का हो रहा निदान

बिजली, सड़क, सिंचाई, वन, जलसंस्थान, पेयजल निगम, जल संस्थान, स्वजल, ग्राम्य विकास, पंचायतीराज, शिक्षा विभाग, महिला बाल विकास, कृषि विभाग, राजस्व विभाग, पशुपालन विभाग, समाज कल्याण, उरेडा, जिला पंचायत, दूरसंचार, मंडी समिति, उद्यान विभाग, स्वास्थ्य विभाग, कृषि एवं भूमि संरक्षण, पर्यटन विभाग, पुलिस, पीएमजीएवाई, नलकूप विभाग, खाद्य आपूर्ति, उपकोषागार, ग्रामीण निर्माण विभाग, नगर पालिका आदि

अक्टूबर माह में निस्तारित समस्याएं

जिला समस्या निदान
पौड़ी 542 475
रूद्रप्रयाग 120 90
टिहरी 220 168
उत्तरकाशी 112 87
चमोली 167 100

नवंबर माह में निस्तारित समस्याएं

जिला समस्या निदान
पौड़ी 430 400
रूद्रप्रयाग 110 78
टिहरी 195 108
देहरादून 330 225
उत्तरकाशी 167 98
चमोली 221 178

दिसंबर माह में निस्तारित समस्याएं

जिला समस्या निदान
पौड़ी 697 500
रूद्रप्रयाग 157 90
टिहरी 282 147
देहरादून 275 160
उत्तरकाशी 267 179

मै़त्री स्वयं सेवी संस्था ने काॅकटेल मुक्त शादी के लिए लांच की वेबसाइट

काॅकटेल मुक्त शादी अभियान चलाकर लोगों में जागरूकता और अपनी संस्कृति को जोड़े रखने के लिए तत्पर मै़त्री स्वयं सेवी संस्था ने अब अपनी वेबसाइट लांच की है, इस वेबसाइट का उद्देश्य उत्तराखंड राज्य को काॅकटेल मुक्त बनाना है।

संस्था की अध्यक्ष कुसुम जोशी का कहना है कि उत्तराखंड में बढ़ता नशे का चलन समाज के लिए शुभ नहीं है। पारिवारिक कार्यक्रमों में बढ़ता शराब का चलन पूरे समाज के लिये चिंता का विषय होना चाहिए। विगत कई वर्षों शराब के विरुद्ध एक जोत प्रज्वलित कर रही कुमुम जोशी ने इस बुराइ को अंत करने की ठानी है। इसके लिए आज संस्था की वेबसाइट लांच की है। संस्था अध्यक्ष कुसुम जोशी ने लोगों से एक बार वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यूडाटमैत्रीडाटइन का विजीट करने की अपील की है।

नए साल पर यूपी सीएम का युवाओं को तोहफा, प्रतियोगी परीक्षा की दी जाएगी फ्री कोचिंग

नए साल 2021 की शुरूआत में ही उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने युवाओं को तोहफा दिया है। योगी सरकार ने आज प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को फ्री कोचिंग देने का वायदा किया। बताया कि मंडल स्तर से इसके प्रथम चरण की शुरूआत होगी। इसके बाद जिला स्तर पर भी यह सुविधा शुरू होगी।

गोरखपुर में अपने संबोधन में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोचिंग कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जल्द नया सॉफ्टवेयर लाया जाएगा। योजना की शुरुआत भारतीय प्रशासनिक सेवा, पुलिस सेवा के लिए कोचिंग से होगी। उसके बाद अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग भी शुरू की जाएगी। योगी ने कहा कि यही नहीं इंजीनियरिंग, मेडिकल और अन्य प्रवेश परीक्षाओं के लिए भी तैयारी निशुल्क कराई जाएगी। ताकि उत्तर प्रदेश के युवा देश की प्रतिष्ठित नौकरियों के लिए स्वयं को अग्रिम पक्ति में पाएं। योगी ने कहा कि इससे छात्रों का पलायन रुकेगा। उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं एवं प्रदेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए अपना जिला और प्रदेश नहीं छोड़ना पड़ेगा।

खुशियां संस्था ने ओल्ड क्लाॅथ डोनेशन कैंप लगाकर बांटे गर्म वस्त्र

आज खुशियां (पीपुल इन सर्च ऑफ हैप्पीनेस) संस्था द्वारा ब्रह्मेश्वर मंदिर (पीपल का पेड़) बनखंडी में ओल्ड क्लाॅथ डोनेशन कैंप लगाया गया, जिसमे भारी मात्रा में जरूरतमंद लोगों को सहारा प्रदान करने के लिए गर्म कपड़े दान किये गए, खुशियां संस्था समय समय पर सामाजिक कार्य करती रहती है, एवं संस्था द्वारा निरंतर ओल्ड क्लाॅथ डोनेशन कैंप अलग अलग स्थानों में लगाए जाएंगे।।

नमामि गंगे प्रदेश प्रमुख कपिल गुप्ता द्वारा सभी सामाजिक संस्थाओं को साथ मे आकर समाज उत्थान के लिए कार्य करने की अपील की गई। इस कार्यक्रम में खुशियां संस्था सचिव ऋषभ मिश्रा, पंकज गुप्ता, पूर्व सभासद सीमा रानी, डॉ देवेंद्र आहूजा, हरेंद्र सैनी ,तृप्ता, प्रिंस खोसला, ऋतु शर्मा, अंशुल गोयल आदि उपस्थित रहे।

भाग्रास को पोषित करने में संस्थापक स्व. प्रकाश मोहन का अहम योगदान

भारतीय ग्रामोत्थान संस्था के संस्थापक स्वर्गीय प्रकाश मोहन चन्दोला की स्मृति में तुलसी पूजन दिवस के अवसर पर भाग्रास के सदस्यों ने स्मृतिवन ऋषिकेश में पौधरोपण कर उन्हें याद किया।

संस्था के प्रभारी अनिल चन्दोला ने बताया कि भाग्रास ने अपनी सफलता के 32 वर्ष पूरे कर दो दिवस पूर्व ही स्थापना दिवस मनाया है।संस्था को पोषित करने में संस्थापक स्व. प्रकाश मोहन चन्दोला को संस्थापक स्तम्भ के रूप में याद किया जाता रहेगा।वे पर्यावरण के सच्चे प्रहरी थे।संस्था पर्यावरण संरक्षण के लिए संकल्पबद्ध है। इससे पूर्व पौधरोपण के साथ ही संस्था के सदस्यों द्वारा वन क्षेत्राधिकारी ऋषिकेश एम एस रावत स्मृतिवन के संरक्षक पर्यावरणविद विनोद जुगलान को ऊनि अंगवस्त्र उत्तरिया भेंटकर कर सम्मानित किया गया।साथ ही उपस्थित जनसमूह को संस्था की ओर से जूट के थैले वितरित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। इस अवसर पर वन क्षेत्राधिकारी ऋषिकेश, उद्योग विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारी एसएस नेगी, एनपी कुकशाल, अनिल चन्दोला, अध्यन कुकरेती, गीता चन्दोला, श्रद्धा कुकरेती, बीना भट्ट, ममता नेगी, श्रेया चन्दोला, वन बीट सहायक देवेन्द्र सिंह, सुभाष चंद्र बहुगुणा, राहुल कुमार, मोहित कुमार आदि उपस्थित रहे।