शुरू हुआ प्रोजेक्ट नमन, शहीदों के परिवारों को गृह निर्माण में मुफ्त सीमेंट

देहरादून। लेफ्टिनेंट जनरल आलोक क्लेर, दक्षिणी पश्चिमी कमान, भारतीय सेना, ने ‘प्रोजेक्ट नमन’ का उद्घाटन किया। यह परियोजना श्री सीमेंट की एक राष्ट्रीय पहल है, जिसके जरिये भारतीय आर्म्ड फोर्स के परिवारों को मुफ्त सीमेंट प्रदान किया जायेगा।

पिछले 20 वर्षों में आम्र्ड फोर्स में देश की सेवा के दौरान शहीद हुए सैनिकों के परिवारों को इस योजना का लाभ मिलेगा। विजय दिवस के रूप में नमन परियोजना का लोकार्पण किया गया, जो 1971 के बांग्लादेश युद्ध में भारत को जीत दिलाने एवं भारतीय सैनिकों के बलिदान को याद करने के लिए 16 दिसंबर को हर साल मनाया जाता है।

नमन योजना के तहत, 1 जनवरी 1999 से लेकर 1 जनवरी 2019 (20 वर्ष) के बीच देश के लिए शहीद हुए शहीद जवानों के एक परिजन को, अपनी जमीन पर 4 हजार वर्गफुट तक का घर बनाने के लिए मुफ्त सीमेंट प्रदान किया जाएगा। इस योजना के तहत शहीदों के परिवार के सदस्य पूरे देश में फैले किसी भी श्री सीमेंट की उत्पादन इकाई से मुफ्त में सीमेंट प्राप्त कर सकते हैं।

‘नमन’ प्रोजेक्ट कार्यक्रम के उद्घाटन के मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए भारतीय सेना के दक्षिणी पश्चिमी कमान के जीओसी-इन-सी, लेफ्टिनेंट जनरल आलोक क्लेर ने कहा, श्री सीमेंट द्वारा अपने सेवामूलक कार्यों का विस्तार करने के लिए इनके अधिकारियों का यह एक अद्भुत प्रयास है। हमारे देश के वीर शहीदों के लिए जिन्होंने देश की सेवा में अपनी जान बलिदान कर दिया है, उन्हें इस तरह का सम्मान प्रदान करना काफी दुर्लभ और अनोखा प्रयास है।

इस मौके पर सीमेंट के संयुक्त प्रबंध निदेशक प्रशांत बांगड़ ने कहा, क्योंकि घर बनाने के लिए उच्च क्वालिटी के सीमेंट की सबसे ज्यादा जरुरत होती है, इसलिए हमें लगा कि नमन योजना शहीदों के परिवारों की आवास जरूरतों को पूरा करने के लिए बेहद मददगार साबित होगा। हमारे लिए हमारे सैनिकों के परिवारों के लिए यह विनम्र योगदान बहुत ही सम्मान की बात है, जो सेवा के आह्वान से ऊपर उठे और मातृभूमि के लिए अपना जीवन लगा दिया। हम अपने राष्ट्र के शहीदों को सलाम करते हैं। मैं इस अवसर पर देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी को इस योजना को लागू करने में उनके मार्गदर्शन और समर्थन के लिए धन्यवाद देता हूं।

इस योजना को केंद्रीय सैनिक बोर्ड और राज्य सैनिक बोर्ड (आरएसबीएस)और जिला सैनिक बोर्ड (जेडएसबी), रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा क्रियान्वित किया जाएगा इस मौके पर शहीद परिवार की सदस्य सुनीता देवी और सुदेश को नमन प्रोजेक्ट के तहत श्री सीमेंट की तरफ से संजय मोहता और अरविंद खिचा श्री सीमेंट लिमिटेड की मौजूदगी में जीओसी-इन-सी, लेफ्टिनेंट जनरल आलोक क्लेर ने सीमेंट का रिलीज ऑर्डर सौंपा।

गुमानीवाला में विधायक निधि से लगेंगी 75 स्ट्रीट लाइटें

विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल को आज गुमानीवाला में आयोजित एक कार्यक्रम में कोरोना काल में उत्कृष्ट कार्य करने पर सम्मानित किया गया। मौके पर विस अध्यक्ष ने गुमानीवाला ग्राम पंचायत के लिए 75 स्ट्रीटलाइट देने की विधायक निधि से घोषणा की। साथ ही प्रत्येक वार्ड में आवश्यकता अनुसार लाइटें लगाने को कहा। उन्होंने मौके पर 15 कोरोना योद्धाओ को भी सम्मान किया।

विस अध्यक्ष के अनुसार उन्होंने संकल्प लिया था कि लॉकडाउन के दौरान उनके विधानसभा में कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं सोएगा। इसलिए दिन-रात लोगों के बीच में रहकर उनकी सहायता, सेवा एवं आवश्यकता अनुसार जरूरतमंदों को भोजन के पैकेट, राशन, सैनिटाइजर, मास्क आदि वितरित किए गए।

इस अवसर पर जन कल्याण नवचेतना विकास समिति के अध्यक्ष किशन सिंह नेगी, सचिव राजेश व्यास, भट्टटोवाला की प्रधान दीपा राणा, टीके भट्ट, मानवेंद्र कंडारी, सत्यपाल राणा, विजय सिंह कंडारी, गोविंद सिंह महर, सुधा मित्तल, राजवीर रावत, पितांबर गोंनियाल, हरपाल राणा, संजय पोखरियाल, गजेंद्र गुसाई, रणजीत थापा, हरीश रावत, पूजा थपलियाल, कविता देवी आदि उपस्थित थे।

ग्रामीण के बाद अब शहरी क्षेत्रों में सस्ती दरों पर पानी का कनेक्शन दिया जाएगाः त्रिवेंद्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने यूएनडीपी तथा सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी एण्ड गुड गवर्नेंस, नियोजन विभाग के सहयोग से तैयार सस्टनेबल डेवलपमेंट गोल (एस.डी.जी) मोनिटरिंग हेतु तैयार डैश बोर्ड का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि 2030 तक सतत विकास का जो लक्ष्य रखा गया है, इसके लिए और तेजी से प्रयासों की आवश्यकता है। इस दिशा में कुछ क्षेत्रों में अच्छा कार्य हुआ है। राज्य में कुपोषण से मुक्ति के लिए चलाये गये अभियान, अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना, जल संचय, संरक्षण तथा नदियों के पुनर्जीवीकरण की दिशा में भी अनेक प्रयास किये गये हैं। लोगों को स्वच्छ एवं उच्च गुणवत्तायुक्त पेयजल उपलब्ध कराने के लिए अनेक प्रयास किये जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में मात्र एक रूपये में पानी का कनेक्शन दिया जा रहा है। शहरी क्षेत्रों में भी जल्द ही पानी का कनेक्शन सस्ती दरों पर दिया जायेगा। इन सभी प्रयासों के आने वाले समय में बहुत अच्छे परिणाम मिलेंगे। जिला योजना का 40 प्रतिशत बजट स्वरोजगार के लिए खर्च किया जा रहा है। उत्तराखण्ड के स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग करने की दिशा में कार्य किये जा रहे हैं। भारत नेट 2 से नेटवर्किंग और कनेक्टिविटी बढ़ेगी, इसका भी लोगों की आजीविका पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि लक्ष्यों के आधार पर जो भी योजनाएं बनाई गई हैं, उनको पूरा करने के लिए नियमित मॉनिटरिंग भी की जाय। विजन 2030 राज्य के भविष्य व आर्थिक विकास की रूपरेखा है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि सतत विकास लक्ष्य के लिए जो 17 क्षेत्र चुने गये हैं, उनमें दिये गये सभी इन्डीकेटर पर किये जा रहे कार्यों की समय-समय पर समीक्षा की जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि डैशबोर्ड में सभी जनपद समय-समय पर अपनी उपलबिधयां अपलोड करेंगे तथा रैंकिंग के आधार पर जिन योजनाओंध् इंडीकेटरों में कमी प्रदर्शित होती है उनको प्राथमिकता में लेते हुए सतत विकास का लक्ष्य कार्यान्वयन में सुधार करने के हर संभव प्रयास करेंगे। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने सतत विकास लक्ष्य के विभिन्न आयामों गरीबी समाप्त करने, कुपोषण को कम करने, स्वस्थ जीवन, गुणवत्तापरक शिक्षा, लैंगिक समानता, शुद्ध पेयजल तथा स्वच्छता, स्वच्छ ऊर्जा, आर्थिकी में वृद्धि, राज्य में असमानताओं को कम करने, शहरों के विकास, जलवायु परिवर्तन, वनों का प्रबंधन तथा जैव विविधता की रक्षा करने तथा त्वरित न्याय के साथ सुशासन हेतु संस्थानों को मजबूत बनाने पर बल दिया।

इस अवसर पर सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, डॉ. पंकज पाण्डेय, सुशील कुमार, यूएनडीपी की स्टेट हैड रश्मि बजाज, वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सभी जिलाधिकारी तथा सीडीओ उपस्थित थे।

स्व. इन्द्रमणि बडोनी सभागार हुआ आंदोलनकारियों के सुपर्दु, बनेगा शहीद स्मारक

आंदोलनकारियों की मांग को प्रमुखता से लेते हुए मेयर अनिता ममगाईं ने नगर निगम का स्व. इंद्रमणि बडोनी हाॅल आंदोलनकारियों को देने का निर्णय लिया। इसके लिए 26 पार्षदों ने अपना समर्थन दिया है। बता दें कि एक जनहित याचिका के बाद एनएच की कारवाई में अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान हरिद्वार रोड़ पर निर्मित शहीद स्मारक को ध्वस्त कर दिया गया था।
आज नगर निगम के 26 पार्षदों ने मेयर को अपना समर्थन पत्र सौंपा। उत्तराखंड शहीद स्मारक समिति के मुख्य संस्थापक वेद प्रकाश शर्मा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मेयर अनिता ममगाई से मुलाकात की।

मेयर अनिता ममगाई ने बताया कि जल्द ही इस संदर्भ में निगम अधिकारियों की ओर से शासन को कार्यवाही के लिए आदेशित किया जाएगा। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद स्व. इंद्रमणि बडोनी सभागार को शहीद स्मारक के लिए समिति के सुपुर्द कर दिया जाएगा। मौके पर विक्रम सिंह भंडारी, प्यारेलाल जुगलान, बीना बहुगुणा, सरोजनी थपलियाल, बृजपाल राणा, युद्धवीर सिंह चैहान, सुशीला पोखरियाल, सुनीता ममगाई, जशोदा नेगी, मुनी ध्यानि आदि मौजूद थे।

देहरादून में रोबोटिक लैब की होगी स्थापना, सीएम ने की घोषणा

केन्द्रीय मंत्री इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी रविशंकर प्रसाद ने वर्चुअल माध्यम से एवं मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने आईटीडीए, देहरादून में कोएसटीपीआई देहरादून इन्क्यूबेशन केन्द्र का शिलान्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि देहरादून में जल्द ही एक रोबोटिक लैब की स्थापना की जायेगी जिसके लिए भूमि भी उपलब्ध है। इस दौरान मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत एवं सूचना तकनीकी राज्यमंत्री, भारत सरकार संजय धोत्रे ने ई-वेस्ट स्टूडियो का उद्घाटन भी किया।
केन्द्रीय मंत्री इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी रविशंकर प्रसाद ने कहा कि मैं देवभूमि उत्तराखण्ड से बहुत प्यार करता हूं और वहां के लोगों का बहुत सम्मान करता हूं। उत्तराखण्ड आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं भारत की सभ्यतागत संस्कृति का केन्द्र है। इन्क्यूबेशन का मतलब है, सृजना। उत्तराखण्ड से वेद की शुरूआत हुई है, श्री केदारनाथ, श्री बदरीनाथ, गंगा एवं यमुना का जहां उद्गम स्थल हैं उस उत्तराखण्ड राज्य से आज टेक्नॉलाजी को इंक्यूबेट कर रहे है। संस्कार, संस्कृति से टेक्नॉलाजी तक ये उत्तराखण्ड का परिचय होना चाहिए। उत्तराखण्ड के लोगों में कार्य करने की असीमित क्षमता एवं समर्पण की भावना है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अगुवाई में उत्तराखण्ड राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।
केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने एसटीपीआई के अधिकारियों को निर्देश दिया कि यह इन्क्यूबेसन सेंटर बेहतर एवं आधुनिक बने। स्टार्टअप के क्षेत्र में उत्तराखण्ड में प्रबल संभावनाएं हैं। उत्तराखण्ड के देहरादून एवं हल्द्वानी में बीपीओ बनाये गये हैं। उन्होंने कहा कि ‘‘चुनौती’ नाम से एक नई योजना चलाई जा रही है। इस योजना का उद्देश्य छोटे शहरों के बच्चों में भी सृजनात्मकता का विकास हो। उन्होंने कहा कि देहरादून में एक रोबोटिक सेंटर बनाया जाय। यह भारत का महत्वपूर्ण रोबोट सेंटर बनना चाहिए। इसके लिए राज्य सरकार को पूरा सहयोग दिया जायेगा। उत्तराखण्ड का एक ब्रांड अध्यात्म है तो दूसरा रोबोटिक बनना चाहिए। आज उत्तराखण्ड के 46 अस्पताल ई-अस्पताल बन चुके हैं। ऋषिकेश एम्स अच्छा कार्य कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की डिजिटल इंडिया का उद्देश्य आम लोगों को टेक्नॉलॉजी के माध्यम से मजबूत बनाना है। इसके लोगों को अनेक फायदे हो रहे हैं। टेक्नॉलाजी के माध्यम से आम आदमी के जीवन को बदला जा सकता है। भारत नेट फेज 1 में उत्तराखण्ड के 1800 ग्राम पंचायत कनेक्ट हो चुके हैं। फेज 2 में भी राज्य सरकार को पूरा सहयोग दिया जायेगा। हरिद्वार में 310 ग्राम पंचायतों सीएससी सेंटर के माध्यम से 50 हजार लोगों को वाईफाई सुविधा दी गई है।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने एसटीपीआई देहरादून इन्क्यूबेशन केन्द्र के शिलान्यास के लिए केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आईटीडीए द्वारा सभी इलेक्ट्रिक वेस्ट का बेहतर इस्तेमाल किया जा रहा है। टीम वर्क से इलेक्ट्रानिक वेस्ट को बैस्ट में बदलने का सराहनीय कार्य किया जा रहा है। आईटी पार्क ने 2019-20 में 150 करोड़ रूपये का व्यापार किया है। इससे 2500 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है। एसटीपीआई देहरादून इन्क्यूबेशन केन्द्र बनने से स्टार्टअप को जो प्ले एण्ड प्लग की फैसिलिटी चाहिए वो उन्हें उपलब्ध होगी। इससे स्टार्टअप को और अधिक बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एसटीपीआई देहरादून इन्क्यूबेशन केन्द्र उत्तराखण्ड में निवेश को आकर्षित करने तथा प्रमुख आईटीध्आई.टी.ई.एस गंतव्य के रूप में स्थापित करने के लिए प्रोत्साहन देने में मददगार होगा। इससे स्टार्टअप एवं उद्यमियों के लिए अतिरिक्त इंक्यूबेसन सुविधा उपलब्ध कराने एवं राज्य में आईटी साफ्टवेयर, सेवाओं के निर्यात व उद्यमशीलता को बढ़ावा देने में भी सहायता मिलेगी। इससे राज्य में रोजगार के नये अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि भारत नेट-2 के प्रसार से उत्तराखण्ड में पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका होगी। राज्य के नौजवान हौनहार एवं प्रगतिशील विचारधारा तथा रचनात्मक सोच वाले हैं। भारत नेट फेज 2 परियोजना के तहत की 2 हजार करोड़ रूपये की इस योजना से 5991 ग्राम पंचायतों में इंटरनेट पहुंचाया जायेगा। आज हमारे नौजवान ऑनलाईन बिजनेस की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। ड्रोन एप्लीकेशन के क्षेत्र में भी उत्तराखण्ड में अच्छा कार्य हो रहा है। राज्य में अनेक ड्रोन के पायलेट तैयार हो रहे हैं। आने वाले समय में राज्य को इसका बहुत लाभ होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद से काशीपुर में आरक्षित 100 एकड़ भूमि में इलेक्ट्रॉनिक एवं मैन्युफैक्चरिंग कलस्टर के लिए सहयोग एवं राज्य में भारत नेट भेज 2 का जल्द कार्य शुरू करवाने का अनुरोध किया।
आईटीडीए के निदेशक अमित कुमार सिन्हा ने ई-वेस्ट स्टूडियो के विषय में जानकारी देते हुए बताया कि ई-कचरा पुनर्चक्रण और निपटान के बारे में जन जागरूकता के उद्देश्य से बना यह स्टूडियो पूरी तरह से पुनर्चक्रण किये हुए ई-कचरे से तैयार किया गया है। जिसमें आंतरिक ड्रोन रेसिंग ट्रैक भी बनाया गया है। इस स्टूडियो को बनाने के लिए एकत्रित किये गए ई-कचरे को पुनः उपयोग कर 25 कंप्यूटर तैयार किये गए जिन्हे की जनपद के 10 प्राथमिक विद्यालयों को भेंट किया गया।
इस अवसर पर सूचना तकनीकी राज्यमंत्री, भारत सरकार संजय धोत्रे, सचिव, सूचना प्रौद्योगिकी आर.के. सुधांशु, एवं निदेशक आईटीडीए अमित कुमार सिन्हा, वर्चुअल माध्यम से सचिव इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय भारत सरकार अजय प्रकाश साहनी एवं महानिदेशक एसटीपीआई डॉ. ओंकार राय आदि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने पलायन आयोग में पांच सदस्य नामित करने की दी स्वीकृति

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग में 5 सदस्यों को नामित करने की स्वीकृति प्रदान की है। नामित सदस्यों में रामप्रकाश पैन्यूली टिहरी गढ़वाल, सुरेश सुयाल रानीखेत अल्मोड़ा, दिनेश रावत घण्डियाल पौडी गढ़वाल, अनिल सिंह शाही अल्मोड़ा एवं रंजना रावत भीरी रूद्रप्रयाग शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग में सदस्यों के नामित किये जाने से आयोग को अपने कार्यो को बेहतर ढ़ंग से संचालन में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य से पलायन को रोकना हमारे लिये बड़ी चुनौती रही है। इसके लिये व्यापक स्तर पर स्वरोजगार परक विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन किया गया है। बड़ी संख्या में राज्य के युवा इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए आगे आये हैं।

हादसे में मृतक बागड़ियों के परिजनों को आर्थिक मदद करने पर मेयर ने जताया सीएम का आभार

सड़क हादसे में मृतक आश्रितों को मेयर अनिता ममगाई ने आज सहायता राशि के चेक सौंपे। मेयर ने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की।

मेयर अनिता ममगाईं ने मुख्यमंत्री राहत कोष के जरिए बागड़ी परिवारों को मिली साढे तीन लाख रुपये की धनराशि के चेक दिया।

गौरतलब है कि पिछले माह मध्य रात्रि को एक अनियंत्रित ट्रक देहरादून रोड स्थित बालाजी बगीचे के समीप सड़क किनारे रह रहे बागड़ियो को अपनी चपेट में ले लिया था। इस हादसे में तीन लोगों की दुखद मृत्यु हो गई थी जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया था। मृतक परिवारों को सरकार की ओर से आर्थिक मदद दिलाई जाने के लिए मेयर अनिता ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा था। जिसके बाद मुख्यमंत्री ने तत्काल आवश्यक कदम उठाते हुए मृतक आश्रितों के लिए एक -एक लाख व घायल के लिए 50 हजार रुपये की राहत राशि देने की घोषणा की थी।
मौके पर इस दौरान पार्षद अनिता रैना, पंकज शर्मा, अनिल ध्यानी, राजपाल ठाकुर, अनिकेत गुप्ता, जॉनी लांबा, नेहा नेगी, महेन्द्र वर्मा आदि मौजूद रहे।

अब स्वच्छता की ओर बढ़ेगा तीर्थनगरी का हर कदम

अब तीर्थनगरी की दीवारें स्वच्छता का संदेश देती नजर आएंगी। इसके अलावा राज्य की हर संस्कृति को भी पर्यटकों से रूबरू कराएंगी।

नगर पालिका से अपग्रेड होकर नगर निगम बनने के बाद पिछले दो वर्षों में देवभूमि तेजी के साथ बदलाव के दौर से गुजर रही है। शहर को सजाने संवारने की कवायद में निगम प्रशासन लगातार जुटा हुआ है। मेयर अनिता ममगाई ने बताया कि नगर निगम का लक्ष्य हर कदम स्वच्छता की ओर है। शहर को संवारने के लिए खूबसूरत पेंटिग की मदद ली जा रही है। इस योजना के तहत शहर के महत्वपूर्ण स्थलों पर पेंटिग बनाई जा रही है। यहां जल्द ही दीवारें आपको बोलती नजर आएंगी। शहर के महत्वपूर्ण स्थानों की दीवारें एक नई कहानी और अपील करती नजर आयेंगी। पेंटिंग में कई विविधताएं होगी जिसमें हर पेंटिंग में उत्तराखंड की संस्कृति के रंग दिखाई देंगे।

त्योहारों के बाद नगर में चला स्वच्छता अभियान

दीपोत्सव पर्व निपटने के पश्चात नगर निगम ने शहर में आज महा सफाई अभियान चलाया। नगर निगम मेयर अनिता ममगाई की अगुवाई में निगम की तमाम स्वच्छता टीमें आज शहर के बाजारों सहित तमाम निगम के क्षेत्रों में उतरी जहां जोरदार तरीके से स्वच्छता अभियान चलाया गया।

अभियान की बागडोर मेयर अनिता ममगाईं व आयुक्त नरेंद्र सिंह क्वीरियाल ने स्वयं संभाली। उनकी इस सफाई अभियान में नगर के व्यापारियों व विभिन्न संगठनों भी शामिल हुए। मेयर अनिता ममगाईं ने बताया कि त्योहारों के बाद सफाई व्यवस्था में पटरी से उतर रही थी जिसे दूर करने के लिए आज तमाम स्वच्छता टीमों को शहर के बाजारों एवं निगम क्षेत्रों में उतारा गया था।

अभियान के दौरान जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर का निस्तारण कराया गया। उन्होंने शहरवासियों से भी तीर्थ नगरी को स्वच्छ और सुंदर बनाएं बनाने के लिए निगम प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे अभियान में सहयोग की अपील की। अभियान के दौरान सहायक नगर आयुक्त एलम दास, पार्षद रीना शर्मा, अजीत गोल्डी, संदीप गुप्ता, प्रदेश उपाध्यक्ष व्यापार मंडल सुभाष कोहली, जिलाध्यक्ष व्यापार मंडल नरेश अग्रवाल, जिला महामंत्री पवन शर्मा, युवा व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष प्रतीक कालिया, नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के कार्यकारी अध्यक्ष संजय व्यास, हितेंद्र पवार, पंकज शर्मा, नितिन गुप्ता आदि शामिल थे।

कोतवाली पुलिस ने 243 लोगों का मास्क न पहनने व सोशल डिस्टेंस न बनाने पर किया चालान

कोतवाली पुलिस ने लॉकडाउन के नियमों का पालन करवाते हुए मास्क न लगाने वाले व सोशल डिस्टेंस का पालन न करने पर 243 व्यक्तियों का चालान कर 48,600 का राजस्व वसूल किया हैं।

पुलिस उपमहानिरीक्षक व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर यातायात के नियमों के उल्लंघन, सोशल डिस्टेंस व मास्क आदि न पहनने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध करवाई की गई।

नियमों का पालन कराते हुए कोतवाल रितेश शाह के निर्देश पर पुलिस टीम चंद्रभागा पुल, कोयल ग्रांड मंडी तिराहा, एम्स तिराहा निकट बैराज पुल, चैकी श्यामपुर, नटराज चैक पर तैनात रही।

कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि मास्क न पहनने व सोशल डिस्टेंस का पालन न करने पर चालान 243 नागरिकों को चालान किया गया है। बताया कि ऐसे व्यक्तियों के विरुद्ध लगातार अभियान अभी जारी रहेगा।