पुशअप प्रतियोगिता में विश्व रिकाॅर्ड धारक दीपक शर्मा ने मारी बाजी

तीर्थनगरी के युवाओं में फिटनेस को बढ़ावा देने के लिए बुल्स फिटनेस क्लब की ओर से पुशअप प्रतियोगिता आयोजित हुई। इसमें ऋषिकेश सहित आसपास क्षेत्रों के करीब 40 युवाओं ने प्रतिभाग किया। पुशअप प्रतियोगिता में प्रथम स्थान गिनीज बुक आफ वल्र्ड रिकाॅर्ड धारक दीपक शर्मा ने प्राप्त किया, जबकि वासु रावत ने दूसरा स्थान हासिल किया।

मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य संजीव चैहान ने युवाओं को फिट रहने के मंत्र दिए। कहा कि नशीले पदार्थों की ओर युवाओं का आकर्षण न बढ़े। इसके लिए समय-समय पर फिटनेस प्रतियोगिताओं को होना आवश्यक है। कहा कि युवाओं में फिटनेस के प्रति जागरूकता होनी चाहिए। इससे शारीरिक और मानसिक रूप से युवा स्वस्थ्य रहते है। इसी उद्देश्य के तहत पुशअप प्रतियोगिता आयोजित की गई। इस अवसर पर जिम संचालक रणबीर जेठुरी और उनके पुत्र शुभम जेठुरी, ग्राम प्रधान विजयपाल जेठुरी, कार्यक्रम आयोजक विकास बिष्ट, दीपक पुंडीर, प्रिंस राणा और अमन रावत ने फिटनेस टीशर्ट और माला पहनाकर विजेताओं को सम्मानित किया।

रोजगार देने के नाम पर उत्तराखंड सरकार ने अपने हाथ किए खड़ेः जयेंद्र रमोला

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य जयेन्द्र रमोला ने ऋषिकेश विधानसभा के ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं समूह से मुलाकात की। उन्होंने महिला समूहों को स्वरोजगार कर स्वयं के परिवार की आर्थिकी में मदद करने की बात की।

उन्होंने कहा कि जहां एक ओर कोरोना महामारी ने पूरे देश में अपने पैर पसारे हैं वहीं दूसरी ओर इसके चलते बेरोजगारी का भी आलम आसमान को छू रहा है, परंतु सरकार ने आम जन को खुद के भरोसे छोड़ दिया है और रोजगार देने के लिये अपने हाथ खड़े कर दिये हैं, इसलिये आज हमको खुद रोजगार पैदा करके या छोटे छोटे समूह में छोटे रोजगार को शुरू कर अपनी आर्थिकी को मजबूत करना पड़ेगा। ताकि कोरोना महामारी से बेरोजगार हुए परिवारों को थोड़ी राहत मिल सके।, रमोला ने कहा महिलाओं को समूह बनाकर अपने घरों से ही स्वरोजगार शुरू करना चाहिये। जैसे धूप, अगरबत्ती, मोमबत्ती, जूट के थैले, मधुमक्खी पालन जैसे कई छोटे घरेलू उद्योग से खुद को सक्षम बना सकते हैं और इनको खुलवाने में सक्षम व्यक्तियों व समाजसेवियों को आगे आकर मदद करनी चाहिये।

कार्यक्रम में ग्राम पंचायत सदस्य शशी जेठुडी, गब्बर कैन्तुरा, बिक्रम जेठुडी, पूर्व पंचायत सदस्य सुमन देवी, ईशा चैहान, मंजू नेगी, कमला नेगी, सावित्री बलोनी, रीना रावत, सरिता चैहान, सुनीता थपलियाल, बसंती मेहर, प्रतिमा रतूड़ी, आरती ध्यानी, रामप्यारी जेठुडी, रश्मि जेठुडी, सुषमा भट्ट, शुष्मना चैहान, डुग्गी चैहान, सुमन देवी, दिया नेगी आदि उपस्थित रहीं।

उत्तराखंड निर्माण में महिलाओं का संघर्ष किसी ने नहीं छिपाः स्पीकर

उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर स्पीकर प्रेम चंद अग्रवाल ने उत्तराखंड राज्य निर्माण में आंदोलनकारी महिलाओं को आज पुष्पगुच्छ एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।

राज्य आंदोलनकारी महिलाओं में उषा रावत, सरोज डिमरी, अरुणा शर्मा, कमला नेगी, इंदु थपलियाल, शीला ध्यानी आदि का सम्मान करने के पश्चात स्पीकर ने कहा कि इस राज्य के निर्माण के लिए महिलाओं का संघर्ष किसी से छिपा हुआ नहीं है। कहा कि राज्य प्राप्ति के लिए अपने घर गृहस्ती के सारे काम निपटाने के बाद महिलाएं सड़कों पर उतरती थी और उत्तराखंड को अलग राज्य प्राप्त करने के लिए संघर्ष किया।

उन्होंने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का आभार जताता और कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित किया जिससे आंदोलनकारियों का सम्मान हुआ है ।

इस अवसर पर खाण्ड गांव के प्रधान शंकर धने, तेज बहादुर यादव, राजवीर रावत, शिव कुमार गौतम, क्षेत्र पंचायत सदस्य अमर खत्री, आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सुंदरी कंडवाल ने किया।

गैरसैंण को राजधानी बनाकर सीएम त्रिवेंद्र ने बातें कम काम ज्यादा… को किया सार्थक

देहरादून। गैरसैंण राज्य निर्माण के शहीदों और आन्दोलनकारियों की भावनाओं का प्रतीक है। पहाड़ की राजधानी पहाड में जैसे नारे अब सार्थक होते जा रहे हैं। जी हां और ये सपना एक राज्य आन्दोलनकारी ही पूरा कर सकता था, जो मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने किया। राज्य आन्दोलन में अग्रणी भूमिका निभाने वाले सीएम त्रिवेन्द्र का गैरसैंण को लेकर भावनात्मक लगाव किसी से छुपा नहीं है। उत्तराखंड में त्रिवेन्द्र सिंह रावत पहले ऐसे सीएम हैं जो लगातार गैरसैंण जाकर अपने इस लगाव के साथ काम करते भी दिखाई देते हैं। सीएम त्रिवेन्द्र ने गैरसैंण के विकास की इबारत लिखने में केवल बाते हीं नहीं की बल्कि धरातल पर भी इसे उतराने में पूरी शिद्दत से काम किए हैं।

इसकी पहली झलक मार्च माह में सीएम त्रिवेन्द्र ने विधानसभा सत्र के दौरान गैरसैंण मे ही दिखा दी थी। जब किसी को अपेक्षा नहीं थी कि गैरसैंण ग्रीष्मकालीन राजधानी को लेकर फैसला इस सत्र में होगा लेकिन दृढनिश्चियी सीएम ने वो फैसला गैरसैंण के हित में और उत्तराखंड के हित में ले लिया जिसकों लेने में बाकी मुख्यमंत्रियों ने कभी हिम्मत तक नहीं दिखाई। हां दिखावा जरूर करते रहे लेकिन त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने दिखा दिया था की वो केवल बातें नहीं करते बल्कि उसे पूरा करने की हिम्मत भी रखते हैं। गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने की घोषणा के दौरान ही सीएम की आखों से बहे आंसूओं ने साफ बता दिया था की मुख्यमंत्री के लिए गैरसैंण सियासी मुद्दा नहीं बल्कि भावनाओं से जुड़ा और उनके दिल से जुडा मुद्दा है। उसी दिन लग गया था कि शहीदों के सपनों को पूरा करने में सीएम त्रिवेन्द्र कोई कसर नहीं छोडेंगे।

साफ है गैरसैंण पर फैसला लेते हुए सीएम कभी भी एक सीएम की तरह नहीं बल्कि राज्य के लिए आन्दोलन करने वाले एक आन्दोलनकारी, राज्य आन्दोलन के लिए शहीद होने वालों के परिवार के सदस्य की तरह उनके सपनों को अपना सपना बनाते हुए उसे पूरा करने की सोच के साथ काम करते रहे हैं। इसलिए राज्य के मुद्दों के लिए उनकी टीस और भावनाएं ठीक उसी तरह हैं जैसी एक राज्य आन्दोलनकारी के मन की टीस। यही वजह है कि सीएम ने गैरसैंण में ही घर बनाने का फैसला भी किया है।

घर पर रहकर ही दीपावली मनाने की नीरजा देवभूमि ट्रस्ट ने अपील

नीरजा देवभूमि चेरिटेबल ट्रस्ट ने निर्धन बच्चों के साथ दीपावली त्योहार मनाया। मौके पर करीब 100 बच्चों को ट्रस्ट की ओर से गिफ्ट पैकेज दिए गए। साथ ही जिन बच्चों के साथ कपड़े नहीं थे, वह भी उपलब्ध कराए गए। इसके अलावा ट्रस्ट की ओर से दीपावली त्योहार पर स्थानीय व्यक्तियों द्वारा निर्मित दीयों को खरीदने और लोकल फोर वोकल में सहयोग करने की अपील भी की गई।

ट्रस्ट की संस्थापक व पैरा ओलंपिक खिलाड़ी नीरजा गोयल ने कहा कि इस वर्ष वैसे ही देश कोरोना संक्रमण से जूझ रहा है। इसके चलते दीपावली त्योहार को सादगी से घर पर ही रहकर मनाना होगा। उन्होंने कहा कि हमें स्थानीय लोगों की ढाल बनकर उन्हें रोजगार भी देना है, इसके लिए दीपावली में स्थानीय लोगों द्वारा निर्मित दीयों, गणेश, लक्ष्मी की मूर्तियों को खरीदना होगा। इससे जहां उनकी आर्थिक स्थिति को बल मिलेगा, वहीं प्रधानमंत्री के आह्वान लोकल फोर वोकल में भी सहयोग हो सकेगा।

इस मौके पर ट्रस्ट के सदस्यों ने परशुराम चैक स्थित शांतिनगर क्षेत्र व आसपास की झुग्गी झोपड़ियों के करीब 100 बच्चों के साथ दीपावली पर्व भी मनाया। ट्रस्ट सदस्यों ने सभी बच्चों को उपहार बांटें। साथ ही अति निर्धन बच्चों में कपड़े भी वितरित किए। ट्रस्ट की ओर से बच्चों को आतिशबाजी से दूर करने की शपथ भी दिलाई। इस मौके पर ट्रस्ट की सह संस्थापक नुपूर गोयल, सदस्य मनीष अग्रवाल, कमल, गीता, दिवाकर, अमित जायसवाल, पंकज गुप्ता, विपिन, ध्रुप बंसल, आचार्य संतोष आदि उपस्थित रहे।

शिविर के जरिए लोगों को किया रक्तदान के प्रति जागरूक

किसी भी नागरिक को ब्ल्ड की कमी नहीं होने दूंगा। रक्तदान दुनिया के सबसे महान दानों में से एक है। रक्त के दान से किसी प्रकार की कमी नहीं आती है। यह बात रक्तदान प्रेरक रोहित बिजल्वाण ने कही। उन्होंने कहा कि 9149201174 और 9927361110 पर काॅल कर ब्लड के लिए कोई भी संपर्क कर सकता है।

आज राजकीय चिकित्सालय ऋषिकेश में रक्तदान शिविर लगाया गया। शिविर का उद्देश्य लोगों में रक्तदान के प्रति जागरूकता लाना था। रक्तदान प्रेरक रोहित बिजल्वाण के नेतृत्व में 15 युवाओं ने रक्त का दान किया।

ब्लड डोनर इन ऋषिकेश के संस्थापक रोहित बिजल्वाण ने कहा यदि किसी को ब्लड की जरूरत हो तो वह इस नंबर पर कॉल करें उन्हें 1 घंटे के अंदर ब्लड उपलब्ध करवा दिया जाएगा।
इस मौके पर शुभम झा, राहुल बडोनी, गौरव, विवेक सिंह चैहान, सचिन भट्ट, जमशेद, अनिल कुकरेती, विशु, प्रवीण यादव आदि मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने को साकार कर रहा महिलाओं का सहायता समूह

रायवाला क्षेत्र की महिलाओं के समूह राधा कृष्णा निस्वार्थ सेवा समिति की ओर से तीर्थनगरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने को साकार किया जा रहा हैं। महिलाओं के समूह द्वारा समय-समय पर समाजिक कार्य किये जाते है। वहीं समूह द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लघु उधोग शुरू किए गए। जिसमें महिलाओं को पापड़, आचार, मोमबत्ती, दीपक बनना आदि का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही दीपावली के त्यौहार में बच्चों को गिफ्ट देने की तैयारी भी की जा रही हैं।
महिलाओं के समूह द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सन्देश से प्रभावित हो कर क्षेत्र की महिलाओं को घर-घर रोजगार से जोड़कर आमदनी का सहारा दिया जा रहा हैं।

समूह के कार्यों से ग्रामीण महिलाओं में काफी उत्साह हैं। संस्था की फॉउंडर एवं अध्यक्ष ममता गुसाईं, क्षेत्र के वार्ड सदस्य आशीष जोशी, अनिता शर्मा, कमला अधिकारी, शांति देवीमल, लीला शर्मा, बबिता गिरी, पारू शाही आदि उपस्थित रहे।

हाईटेक शौचालय का लाभ ग्रामीणों को मिलेगाः मेयर अनिता

मेयर अनिता ममगाई ने कहा कि प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत मिशन के सपने को साकार कराने के लिए शौचालयों का निर्माण कराया जाना बेहद आवश्यक है। नगर निगम प्रशासन इस पर फोकस बनाकर जगह-जगह अत्याधुनिक शौचालयों का निर्माण करा रहा है। इसी क्रम में मेयर अनिता ममगाईं ने ग्रामीण क्षेत्र अमित ग्राम में हाईटेक शौचालय का शिलान्यास किया।

मौके पर क्षेत्र की जनता ने मेयर अनिता का जोरदार स्वागत और अभिनंदन भी किया। मेयर ने कहा कि नगर निगम के लिए ग्रामीण एवं शहरी वार्ड दोनों आंखों के समान बराबर है इसी को ध्यान में रखकर विकास कार्य भी दोनों जगह समान रूप से करवाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया अमित ग्राम का शौचालय पूरी तरह से हाईटेक है। इसमें फाइव स्टार होटल की तर्ज पर एक्सटीरियर और इंटीरियर डिजाइन होंगे। सेंसर बेस्ड यूरिनल सिस्टम होगा। शौचालय 24 घंटे सातों दिन खुला रहेगा और हेल्पर वहां बैठा होगा। महापौर के अनुसार स्वच्छता का संदेश स्क्रीन के माध्यम से शौचालय में चलता रहेगा। जिसमें व्यवसायिक एडवर्टाइजमेंट देने पर निगम की आय में भी बढ़ावा होगा।

बताया कि स्वच्छ भारत मिशन, 14वें वित्त आयोग की मदद व शहरी विकास मंत्रालय के सहयोग से 30 साल की मेंटेनेंस के एग्रीमेंट के साथ अत्याधुनिक शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है जिसमें कार्यदाई संस्था के साथ शौचालयों के रखरखाव का करार किया गया है।

मौके पर सहायक अभियंता आनंद मिश्रवाण, जेई भारत जोशी, स्थानीय पार्षद वीरेंद्र रमोला, विपिन पंत, विजेंद्र मोगा, विजय बड़ोनी, लक्ष्मी रावत, कमलेश जैन, राकेश मियां, ग्रामीण जन संपर्क अधिकारी प्रदीप धस्माना, सतीश कौशिक, अनुसूया प्रसाद बंगवाल, चंद्र सिंह बिष्ट, तारा दत्त सेमवाल, पुष्पा मित्तल, सत्य प्रकाश ममगाई, सुनील उनियाल, मदन कोठारी, अनिकेत गुप्ता, विकास सेमवाल, गौरव केन्थुला, रूप रमोला, रविंद शर्मा, मोर सिंह रावत, अजय आदि मौजूद रहे।

सीएम त्रिवेंद्र ने पर्वतारोहियों को प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने आईटीबीपी सीमाद्वार परिसर में गंगोत्री-2 पर्वतारोहण एवं 6 पीक आरोहण फ्लैग इन सैरेमनी में प्रतिभाग किया। आईटीबीपी द्वारा सितम्बर माह में 06 अनाम चोटियों पर पर्वतारोहण हेतु दल भेजा गया जिसका नेतृत्व सैक्टर देहरादून आईटीबीपी की उपमहानिरीक्षक अर्पणा कुमार द्वारा किया गया। 08 सदस्यों के दल ने उत्तराखण्ड के उच्च हिमालय की 06 हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाली चोटियों का आरोहण किया। आईटीबीपी द्वारा एक और पर्वतारोहण अभियान उप सेनानी दीपेन्द्र मान के नेतृत्व में उत्तरकाशी से 21615 फीट की ऊंचाई पर गंगोत्री-2 चोटी का सफलतापूर्वक आरोहण कर तिरंगा फहराया। इस दल में 26 पर्वतारोही थे।

मुख्यमंत्री ने इन सभी पर्वतारोहियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि आईटीबीपी के जवानों ने शौर्य, दृढ़ता एवं कर्मनिष्ठा का परिचय देते हए अपनी ड्यूटी के साथ पर्वतारोहण के क्षेत्र में नया रिकॉर्ड कायम किया है। आशा है कि चुनौतियों को स्वीकार करने वाले इन हिमवीरों ने आगे भी लक्ष्य तय किये होंगे। उन्होंने कहा कि आईटीबीपी और उत्तराखण्ड का गहरा रिश्ता है। अभी उत्तराखण्ड के 11 हजार लोग आईटीबीपी में सेवारत हैं एवं उत्तराखण्ड से 40 हजार लोग अपनी सेवाएं आईटीबीपी में दे चुके हैं। आईटीबीपी शौर्य एवं संवेदना का दूसरा नाम है। अपने परिवार से दूर रहकर हमारे जवान सीमान्त क्षेत्रों में सेवाएं देकर देश की रक्षा के लिए अपने शौर्य का परिचय दे रहे हैं। उत्तराखण्ड आपदा की दृष्टि से संवेदनशील राज्य है, आईटीबीपी ने आपदाओं के समय राज्य सरकार को पूरा सहयोग दिया है। दुर्गम क्षेत्रों में जाकर इन जवानों ने अपना लोहा मनवाया है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आईटीबीपी के साथ मजबूती के साथ खड़ी है। राज्य सरकार की ओर से आईटीबीपी को हर संभव सहयोग दिया जायेगा। आज उत्तराखण्ड विश्वभर में पर्यटन के क्षेत्र में आकर्षण का केन्द्र है। पर्यटन गतिविधियों में प्रदेश में चारधाम यात्रा, ईको टूरिज्म, ट्रेकिंग, एडवेंचर, विंटर स्पोर्ट्स शामिल हैं। 13 डिस्ट्रिक 13 न्यू डेस्टीनेशन पर राज्य सरकार कार्य कर रही है। उत्तराखण्ड शासन ने आईटीबीपी के साथ एक एमओयू हस्ताक्षरित किया है, जिसमें माँ गंगा के सौन्दर्यीकरण के साथ-साथ वाटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए टिहरी बांध से में व्यावसायिक क्षमता, उत्कृष्ट कार्य, पर्यटन व स्वरोजगार बढ़ाने के लिए मिलकर कार्य करेंगे। टिहरी लेक में एडवेंचर की गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए आईटीबीपी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

इस अवसर पर आईटीबीपी के महानिरीक्षक उत्तरी सीमांत नीलाभ किशोर, उपमहानिरीक्षक कुंवर पाल सिंह, मंधीर एक्का, रणजीत सिंह, निम के कर्नल अमित बिष्ट आदि उपस्थित थे।

सीएम त्रिवेंद्र का ड्रीम प्रोजेक्ट सूर्यधार बैराज निर्माण में नहीं हो लापरवाहीः महाराज

देहरादून। सूर्यधार बैराज मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का ड्रीम प्रोजेक्ट है इसलिए इसके निर्माण में किसी भी तरह की लापरवाही और अनियमितता बर्दाश्त नहीं होगी। सूर्यधार बैराज के निर्माण में कई स्तर पर गड़बडियां हैं जिसकी सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज की ओर से विशेष आदेश दिए हैं। महाराज ने आदेश देते हुए कहा है कि 1837.34 लाख रूपये की लागत के सापेक्ष 4100 लाख का अभी तक भुगतान किया जा चुका है। संभवतः अभी और भी किया जाना है।

उन्होंने कहा कि विचारणीय विषय यह है कि डीपीआर के उपलब्ध होने पर बैराज की ऊंचाई 8 मीटर से 10 मीटर तक किए जाने हेतु समिति की रिपोर्ट 6 सितंबर 2018 को आईआईटी अहमदाबाद से वैट एवं आईआरआई रुड़की से मॉडल स्टडी करवाया गया इन सबके बावजूद टेंडर को पुनर्रीक्षित कर अनुबंध क्यों नहीं किया गया। सतपाल महाराज ने अपने आदेश में यह कहा है कि जिस समिति का उल्लेख किया जा रहा है उसके द्वारा अपनी रिपोर्ट में ऊंचाई बढ़ाने की कहीं भी संस्तुति नहीं की गई है। तकनीकी सलाहकार ने 11 जून 2019 को अतिरिक्त कार्यों को कराने के लिए सलाह दी यह सलाह अनुबंध करने से पूर्व क्यों नहीं प्राप्त की गई इस सलाह का क्या औचित्य था। उन्होंने कहा कि सलाहकार को नियुक्त करने के लिए क्या प्रशासन से अनुमति ली गई और उनकी सलाह को मानने से पूर्व कार्यों का तकनीकी परीक्षण कराकर क्या शासन की अनुमति प्राप्त की गई। यह तमाम कारण हैं जिसके लिए सिंचाई मंत्री ने सूर्यधार बैराज के निर्माण से संबंधित कार्यों की विशेष जांच के आदेश दिए हैं। सिंचाई मंत्री ने सचिव सिंचाई को निर्देश दिए हैं कि इस बात की भी जांच की जाए कि जब अनुबंध पुरानी ऊंचाई 8 मीटर के आधार पर किया गया, बढ़ी हुई ऊंचाई के आधार पर नहीं, जबकि निविदा आमंत्रित करने से पूर्व ही ऊंचाई बढ़ाए जाने का निर्णय लिया जा चुका था जो कि प्रमुख अभियंता के मौखिक निर्देश के क्रम में हुआ। श्री महाराज ने कहा कि विभागीय कार्यों को कराए जाने का आधार विभागीय सेड्यूल ऑफ रेट होता है बाजार की दरों को कैसे एवं क्यों सम्मिलित किया वह भी निविदा की लागत का आंकलन करने में स्पष्ट नहीं है। इसलिए इसकी भी जांच की जाएगी।

सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने सचिव सिंचाई को सूर्यधार बैराज निर्माण कार्यों की जांच के आदेश देते हुए सेड्यूल ऑफ रेट से 20 प्रतिशत अधिक दर पर सिविल कार्य कराए गये एवं इसी अनुबंध की दर के अंतर्गत ही अतिरिक्त कार्य भी कराए गये जिसके कारण सम्पूर्ण कार्य लगभग 62.00 करोड़ का कराया गया जो कि योजना हेतु स्वीकृत धनराशि 50. 24 करोड से लगभग 12 करोड़ अधिक है। स्वीकृत धनराशि से 12.00 करोड अतिरिक्त धनराशि व्यय किया जाना शासकीय धन का दुरुपयोग है।

उल्लेखनीय है कि सूर्यधार बांध परियोजना से भोगपुर, घमंडपुर व लिस्ट्राबाद के 18 गांव की 1287 हेक्टेयर भूमि पर पूरे साल पर्याप्त सिंचाई हो सकेगी। इस जलाशय के निर्माण से लगभग 33500 लोगों को पेयजल की समस्या से निजात मिल पायेगी। ज्ञात हो कि 27 अगस्त 2020 को सूर्यधार बैराज निर्माण परियोजना का सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने स्थलीय निरीक्षण कर परियोजना लागत बढ़ने पर नाराजगी जाहिर करते हुए इसकी जांच की बात कही थी।