पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकना और जन सुविधाओं के विकास पर ध्यान देना बहुत जरूरी

गुरूवार को ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग की टीम द्वारा राज्य में ग्राम्य विकास के क्षेत्र में योजनाओं का विश्लेषण करने के बाद एक रिपोर्ट मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत को सौंपी गई। आयोग द्वारा तैयार की गयी 5वीं रिपोर्ट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सिफारिशें की गयी हैं ताकि पलायन को कम किया जा सके।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकना तथा जन सुविधाओं के विकास पर ध्यान दिया जाना बहुत जरूरी है, यह हमारे लिये एक बड़ी चुनौती भी है। मुख्यमंत्री ने इस दिशा में पलायन आयोग द्वारा अब तक किये गये प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके सुझावों पर राज्य सरकार द्वारा प्रभावी पहल की जायेगी। उन्होंने कहा कि हमारे गांव व खेती आबाद हो, इसके लिये व्यापक जन जागरूकता जरूरी है। मुख्यमंत्री ने न्याय पंचायत स्तर पर कृषि विकास से संबंधित विभागों के अधिकारियों की टीम बनाये जाने की भी जरूरत बतायी।

उपाध्यक्ष, ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग डॉ. एस.एस.नेगी द्वारा दिये गये सुझावों में प्रदेश में एम.ए.एन.आर.ई.जी.ए. के तहत 50 प्रतिशत से अधिक लाभार्थी महिलाएँ हैं, ये महिलायें अतिरिक्त आय सृजित कर सकें, इसके लिए समान अवसर और भागीदारी सुनिश्चित करके सभी जनपदों के लिए महिलाओं का प्रतिनिधित्व 50रू से अधिक बनाए रखने के प्रयास किए जाने चाहिए।

महिलाओं के कौशल विकास को प्राथमिकता दी जानी चाहिए ताकि वे कुशल श्रमिकों के रूप में लाभ उठा सकें। उन्होंने बताया कि फसलों को बंदर और जंगली सूअर जैसे जानवरों द्वारा नुकसान होने की समस्या है। कुछ ब्लॉक में जंगली सूअरों से सुरक्षा के लिए दीवारें बनाई जा रही हैं, सभी जनपदों में ऐसा किया जाना आवश्यक है। बंदरों से फसलों की सुरक्षा के लिए संपत्तियां बनाने के लिए एक योजना वन विभाग की सहायता से तैयार की जानी चाहिए।

स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाए गए उत्पादों के लिए गुणवत्ता निगरानी और प्रमाणन किया जाना चाहिए। इससे मानकीकरण होगा और सार्वभौमिक बाजार खुलेगा। उत्पादों के विपणन और खुदरा के लिए गतिशील ऑनलाइन प्लेटफॉम विकसित किए जाने चाहिए। एक सोशल मीडिया रणनीति विकसित की जानी चाहिए। सैनिटरी पैड बनाने के लिए स्वयं सहायता समूह विकसित किए जा सकते हैं। प्रत्येक जनपद में एक इकाई की स्थापना की जा सकती है।

उन्होंने पर्वतीय क्षेत्र की महिलाओं को ऋण सुविधा उपलब्ध कराने के लिये जमीनी कागजों में पति-पत्नी का नाम सामान्य किये जाने पर भी बल दिया है। उन्होंने कहा कि उनके स्तर पर किये गये सर्वेक्षण 36 ब्लॉकों के 152 गाँवों की आय में लगभग 25 प्रतिशत का अन्तर महसूस किया गया है।

जो काम पिछली सरकार ने नहीं किए, वह टीएसआर सरकार ने कर दिखाया

उत्तराखण्ड में कुपोषण से मुक्ति के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की पहल पर बड़ी पहल की गई है। मंगलवार को पोषण अभियान 2019 के अंतर्गत ‘‘कुपोषण मुक्ति हेतु गोद अभियान’’ की शुरूआत हुई। इसमें प्रदेश में चिन्हित 1600 अति कुपोषित बच्चों को मुख्यमंत्री, मंत्रिगणों, विधायकों, अधिकारियों, उद्योगपतियों व अन्य समाजसेवियों द्वारा गोद लिया जाएगा।

शुभारम्भ कार्यक्रम में 20 अति कुपोषित बच्चों को गोद लिया गया
सीएम आवास में अभियान के शुभारम्भ के अवसर पर 20 बच्चों को गोद लिया गया। सीएम ने स्वयं योगिता पुत्री रेखा, विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद्र अग्रवाल ने अनिषा पुत्री गुड़िया, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने निहारिका पुत्री सीमा, विधायक गणेश जोशी ने भूमिका, मेयर सुनील उनियाल गामा ने निहारिका पुत्री प्रियंका, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने नैंसी पुत्री अतर सिंह, प्रमुख सचिव मनीषा पंवार ने विनायक पुत्र शीतल, प्रमुख सचिव आनंदबर्द्धन ने आयुष पुत्र राजेश्वरी, सचिव डॉ. भूपिंदर कौर औलख ने आन्या, आरके सुधांशु ने अरहम, नीतेश झा ने नैना, शैलेश बगोली ने उमर, सौजन्या ने अभिषेक, हरबंस सिंह चुघ ने राज, अरविंद सिंह ह्यांकि ने हमजा, पंकज पाण्डे ने शुभान, विनोद प्रसाद रतूड़ी ने जोया, बीएस मनराल ने प्रियांशु, बीके संत ने शौर्य व एचसी सेमवाल ने दिव्यांशी को गोद लेकर उन्हें कुपोषण से मुक्त करने की जिम्मेदारी ली है। समाजसेवी व उद्योगपति राकेश ऑबेराय ने अपनी संस्थाओं के माध्यम से 100 कुपोषित बच्चों को गोद लेने की बात कही।

समाज की शक्ति को पहचाना होगाः टीएसआर
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि हमें समाज की शक्ति को पहचानना चाहिए। किसी भी समस्या का हल समाज की भागीदारी से हो सकता है। हमारे पूर्वजों ने समाज की ताकत को पहचाना था। हमें भी यह देखना होगा कि कैसे समाज की शक्ति का उपयोग किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष बड़े पैमाने पर सफलतापूर्वक पौधरोपण अभियान चलाए गए थे। इसमें समाज के सभी लोगों ने बढ़-चढ़कर योगदान दिया। कोई भी समस्या दूर की जा सकती है अगर सही तरीके से नियोजन किया जाए, समाज को इसमें जोड़ा जाए और उसे पर्सनल टच दिया जाए। मुख्यमंत्री ने पिथौरागढ़ का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी स्थानीय जनप्रतिनिधियों व समाज का सहयोग लेकर बालिका लिंगानुपात में काफी सुधार आया है।

प्रदेश में कक्षा 9 से 12 तक की बालिकाओं का हिमोग्लोबिन टेस्ट कराया जाएगा
उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में कक्षा 9 से 12 तक की बालिकाओं का हिमोग्लोबिन टेस्ट कराया जाएगा। वर्ष 2022 तक प्रदेश की सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को पक्का भवन युक्त किया जाएगा। प्रत्येक राशनकार्ड पर 2 किग्रा दाल उपलब्ध कराई जाएगी।

मां स्वस्थ तो बच्चा भी स्वस्थ
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन बच्चों को गोद लिया जा रहा है, उनका नियमित रूप से पूरा ध्यान रखना जरूरी है। उनके माता पिता के सम्पर्क रहना होगा। बच्चे क्या खा रहे हैं, कैसे खा रहे हैं, हर छोटी से छोटी बात पर ध्यान देना होगा। पहला सहयोग बच्चे की मां का चाहिए। अगर मां को पोषण मिले, मां का स्वास्थ्य ठीक हो तो बच्चे का पोषण और स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को कुपोषण से मुक्ति की शपथ भी दिलाई।

आंदोलन को धार देने के लिए की थी राजनीति, ऐसे थे रणजीत सिंह वर्मा

जननायक और पूर्व विधायक रहे रणजीत सिंह वर्मा की अंतिम यात्रा में आज सुबह भारी हुजूम उमड़ा। सुबह दस बजे उनके आवास से अंतिम यात्रा निकली और लक्खीबाग देहरादून में उनका अंतिम संस्कार किया। बतातें चले कि सोमवार सुबह सात बजे उनका स्वर्गवास हो गया था।
पूर्व विधायक और राज्य आंदोलनकारी रणजीत सिंह वर्मा का सोमवार सुबह जौलीग्रांट अस्पताल में निधन हो गया। वे 86 वर्ष के थे। अस्पताल में पिछले पांच दिनों से उनका इलाज चल रहा था। वे अविभाजित उत्तरप्रदेश की मसूरी विधानसभा के दो बार विधायक रहे थे। उनके निधन पर उनके निकट सहयोगी रहे क्षेत्र के तमाम लोगों ने दुख जताया है। जौलीग्रांट के पूर्व प्रधान और उनके सहयोगी रहे कुंवर सिंह मनवाल कहते हैं कि उनके निधन की खबर डोईवाला के लिए अपूर्णनीय क्षति है।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी उनके निधन पर शोक जताया है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति एवं दुरूख की इस घड़ी में उनके परिजनों को धैर्य प्रदान करने की कामना की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पृथक उत्तराखंड के निर्माण में रणजीत सिंह के संघर्षों को सदैव याद रखा जाएगा।

शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान
पूर्व विधायक रणजीत सिंह वर्मा के निधन पर डोईवाला क्षेत्र के लोग स्तब्ध हैं। उनका नाम शिक्षा के प्रचार प्रसार और गन्ना राजनीति में बेहद आदर के साथ लिया जाता है। आजीवन मूल्यों और सिद्धांतों पर चलकर उन्होंने गन्ना राजनीति और डोईवाला में शिक्षा को बढ़ावा देने का काम किया। पृथक राज्य निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने वाले पूर्व विधायक रणजीत सिंह वर्मा का कार्य क्षेत्र डोईवाला रहा।
तरली जौलीग्रांट में उनका निवास स्थान है। क्षेत्र में उनके पास काफी खेती बाड़ी होने के कारण प्रगतिशील किसान कहा जाता रहा है। गन्ना राजनीति में करीब तीन दशक से भी अधिक समय तक उनकी पकड़ रही है। गन्ना परिषद डोईवाला में करीब 25 सालों तक लगातार अध्यक्ष का दायित्व निभाया।
डोईवाला शुगर मिल के पुनर्निर्माण में भी उनका बड़ा योगदान रहा। अविभाजित उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे स्व. नारायणदत्त तिवारी से उनका स्नेह होने के कारण डोईवाला चीनी मिल की पेराई क्षमता बढ़ाकर उसको आधुनिक रूप दिलाने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके साथ ही एक शिक्षक के रूप में भी उन्होंने काम किया। क्षेत्र के सबसे पुराने पब्लिक इंटर कॉलेज डोईवाला के प्रबंधक का काम साल 1966 से 2018 तक निभाया। जबकि आर्य कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज के वह अभी तक प्रबंधक रहे।

अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर आज वायुसेना के बेड़े में हुए शामिल

दुनिया के सबसे घातक हथियारों में शुमार आठ अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर आज भारतीय वायुसेना में आधिकारिक रूप से शामिल हो गए हैं। इन्हें पंजाब के पठानकोट एयरबेस पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया है। भविष्य में ऐसे कुल 22 हेलीकॉप्टर भारतीय वायुसेना में शामिल होंगे। अमेरिकी एयरोस्पेस कंपनी बोइंग ने इस एएच-64ई अपाचे हेलीकॉप्टर को बनाया है। चार साल पहले भारत ने अमेरिका के साथ 22 अपाचे हेलीकॉप्टर का करार किया था। 2022 तक सभी 22 अपाचे हेलीकॉप्टर वायुसेना के बेड़े में शामिल हो जाएंगे। भारत ने अमेरिका की कंपनी बोइंग के साथ सितंबर 2015 में 22 अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर के खरीद का सौदा किया था। इस सौदे की कुल राशि 9600 करोड़ है।
एएच-64ई अपाचे विश्व के सबसे उन्नत लड़ाकू हेलीकॉप्टरों में से एक हैं, जिसे अमेरिका सेना इस्तेमाल करती है। यह बेहद कम ऊंचाई से हवाई और जमीनी हमले में सक्षम है। भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि अपाचे के बेड़े में शामिल होने से उसकी लड़ाकू क्षमताओं में काफी बढ़ोतरी होगी, क्योंकि इनमें भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बदलाव किया गया है।
शुरुआत में इन हेलीकॉप्टरों को हिंडन एयरबेस पर तैनात किया गया था। जहां से आज यानी मंगलवार को कुछ जरूरी उपकरण लगाने के बाद इन्हें पठानकोट एयरबेस पर आधिकारिक तौर पर वायुसेना में शामिल कर लिया गया है। अपाचे रूस निर्मित एमआई-35 हेलीकॉप्टर की जगह लेंगे। अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर में 16 एंटी टैंक एजीएम-114 हेलफायर और स्ट्रिंगर मिसाइल लगी होती है। हेलफायर मिसाइल किसी भी आर्मर्ड व्हीकल जैसे टैंक, तोप, बीएमपी वाहनों को पल भर में उड़ा सकती है। वहीं स्ट्रिंगर मिसाइल हवा से आने वाले किसी भी खतरे का सामना करने में सक्षम है। इसके साथ ही इसमें हाइड्रा-70 अनगाइडेड मिसाइल भी लगा होता है जो जमीन पर किसी भी निशाने को तबाह कर सकता है।

इस हेलीकॉप्टर को दुश्मनों का रडार भी आसानी से पकड़ नहीं पाता है। जिसका प्रमुख कारण हेलीकॉप्टर की सेमी स्टेल्थ टेक्नोलॉजी और कम ऊंचाई पर उड़ान भरने की क्षमता है। इसमें अत्याधुनिक लांगबो रडार लगा हुआ है जिससे यह नौसेना के लिए भी मददगार साबित होगा।अपाचे मल्टी रोल फाइटर हेलीकॉप्टर है। इसे लेजर, इंफ्रारेड व नाइट विजन सिस्टम से लैस किया गया है, जिससे यह अंधेरे में भी दुश्मनों का काम तमाम कर सकता है। वायुसेना ने सितंबर 2015 में अमेरिकी सरकार और बोइंग के साथ अपाचे हेलीकॉप्टरों के लिए करोड़ों डॉलर के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए थे। इसके अतिरिक्त रक्षा मंत्रालय ने बोइंग से 2017 में 4168 करोड़ रुपये के हथियारों के साथ छह हेलीकॉप्टरों की खरीद को मंजूरी दी थी। बोइंग ने पूरी दुनिया में 2200 से अधिक अपाचे हेलीकॉप्टरों की आपूर्ति की है और भारत 16वां देश है, जिसने इसे अपनी वायुसेना के लिए चुना है। अमेरिका के अलावा ब्रिटेन, इस्राइल, नीदरलैंड्स, सऊदी अरब, जापान और मिस्र की वायुसेना भी इनका इस्तेमाल करती है। एएच-64ई अपाचे ने भारतीय वायुसेना के लिए अपनी पहली सफल उड़ान जुलाई, 2018 में की थी। वायुसेना के पहले दल ने हेलीकॉप्टर उड़ाने का प्रशिक्षण 2018 में अमेरिका में शुरू किया था।

अपाचे पर एक नजर …
– 280 किमी प्रतिघंटे की अधिकतम रफ्तार से भर सकता है उड़ान
– 16 एंटी टैंक एजीएम-114 हेलफायर मिसाइल छोड़ने की क्षमता
– 30 मिलीमीटर की दो गन से लैस
– 1,200 गोलियां भरी जाती है एक बार में

राज्य वन्य जीव बोर्ड की 13वीं बैठक में वन संरक्षण और ग्रामीणों की आजीविका पर हुई चर्चा

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखण्ड राज्य वन्य जीव बोर्ड की 13वीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये। इस अवसर पर वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत भी उपस्थित थे। बैठक में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने वनों के प्रबन्धन में स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित किये जाने पर बल देते हुए कहा कि वनों के संरक्षण के साथ ही ग्रामीणों की आजीविका भी प्रभावित न हो इसके लिये प्रभावी पहल होनी चाहिए।

बैठक में मानव वन्य जीव संघर्ष से ग्रसित गांवों में वालेण्टरी विलेज प्रोटेक्शन फोर्स के गठन, संरक्षित क्षेत्रों के अन्दर व निकटस्थ गांवों में इको डेवलपमेंट कार्यक्रम को पंचायतों के माध्यम से संचालित कराये जाने, राज्य मे कस्तुरी मृग व राज्य पक्षी मोनाल के संरक्षण, मत्स्य संरक्षण एवं पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एंगलिंग की अनुमति प्रदान करने के साथ ही कार्बेट टाइगर रिजर्व व राजाजी टाइगर रिजर्व में मानव वन्य जीव संघर्ष को कम करने के लिए बाघो व जंगली हाथियों की जनसंख्या प्रबन्धन व धारण क्षमता के आकलन के लिये दीर्घ कालीन शोध व नीति निर्धारण पर सहमति प्रदान की गई।

बैठक में नन्दौर एवं सुरई को क्षेत्रीय जनता की मांग के दृष्टिगत बफर जोन न बनाये जाने का भी निर्णय लिया गया। लालढ़ांग-चिल्लरखाल सड़क के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई। अब यह प्रस्ताव नेशनल वाईल्ड लाईफ बोर्ड को भेजा जाएगा। नेशनल पार्क व बफर जोन में वर्षों पूर्व स्थापित स्कूलों आदि में सौर उर्जा एवं शौचालयों के निर्माण के लिए कंजरवेटर को निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया गया। इसके अतिरिक्त बैठक में विभिन्न सड़को के 16 प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।

बैठक में कंडी मार्ग के सम्बन्ध में इसके सभी पहुलओं पर विस्तृत प्रस्तुतिकरण के माध्यम से व्यापक चर्चा की गई। इस सम्बन्ध में व्यापक विचार विमर्श के पश्चात् शासन द्वारा इस पर व्यवहारिकता के दृष्टिगत नीतिगत निर्णय किए जाने की भी सहमति बनी।

’’फिट इंडिया अभियान’’ देश में कुशल खिलाड़ियों को अवसर देगाः मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि फिट और स्वस्थ राष्ट्र नये भारत की पहचान है। आज नई दिल्ली में राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर देशव्यापी फिट इंडिया अभियान की शुरूआत करते हुए उन्होंने कहा कि फिटनेस भारत में जीवन का अनिवार्य हिस्सा रहा है, लेकिन समय के साथ लोग इसके प्रति उदासीन हो गये हैं। उन्होंने कहा कि टैक्नोलॉजी के आने के साथ ही शारीरिक गतिविधियां कम हो गई हैं।
फिटनेस अभियान को जन-आंदोलन बनाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अनियमित जीवन शैली से मधुमेह और रक्तचाप से संबंधित बीमारियां हो रही हैं, जो जीवनशैली में परिवर्तन से ठीक हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि फिट इंडिया अभियान लोगों को इन बदलावों के लिए प्रेरित करेगा। प्रधानमंत्री ने लोगों से इस अभियान से जुड़ने को कहा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ये पहल समय की जरूरत है और इससे देश का स्वस्थ भविष्य होगा। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचन्द को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा आज का दिन भारत के नौजवान खिलाडियों को बधाई देने का है, जो विश्व मंच पर देश के तिरंगे को लगातार नया गौरव प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चाहे बैडमिंटन, टेनिस, एथलेटिक्स, बॉक्सिंग, कुश्ती या अन्य कोई भी खेल हो, भारतीय खिलाड़ी देश की आशाओं और आकांक्षाओं को नये पंख दे रहे हैं।
मेजर ध्यानचन्द की जयंती राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाई जाती है। खेलमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि देशवासियों के सहयोग से यह अभियान नई ऊंचाइयां छूएगा। मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा ने आज फिट इंडिया अभियान का नेतृत्व किया। इस अभियान की शुरूआत प्रधानमंत्री ने की है। मुख्यमंत्री ने शिलांग में अपने निवास स्घ्थान से मुख्य सचिवालय कार्यालय तक दो किलोमीटर पैदल चलकर वॉक टू वर्क मेघालय अभियान की शुरूआत की।

पार्क की सौंदर्यता देख सीएम बोले, प्रकृति को संरक्षित करने का बेहतर प्रयास

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवार को कुठाल गेट के समीप स्थित आनन कानन एजुकेशनल एम्यूजमेंट पार्क का भ्रमण किया। डॉ. योगी एरन द्वारा विकसित किये गये इस पार्क को उन्होंने प्रकृति को संरक्षित करने का बेहतर प्रयास बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पार्क में प्रकृति से जुड़ कर जिस प्रकार तालाबों, गुफाओं व म्यूजियम के साथ ही बड़ी संख्या में बरगद के पेड़ो को संजोकर उन्हें आकर्षक स्वरूप प्रदान करने का कार्य भी निश्चित से सराहनीय है। पार्क में बरगद के पेड़ पर कमरो के निर्माण को भी उन्होंने नया प्रयोग बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पार्क विद्यार्थियों को प्रकृति एवं पर्यावरण को संरक्षित करने की प्रेरणा प्रदान करने के साथ ही प्रकृति विज्ञान से भी उन्हें परिचित कराने में मदद करेगा। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने ऐसे प्रयासों को समाज के लिए भी हितकर बताया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पार्क को देखने आये स्कूली छात्रों से भी बातचीत की।

डॉ योगी ऐरन ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि 5 एकड़ में निर्मित यह पार्क स्कूली छात्रों के आकर्षण का केन्द्र बना है। इस पार्क में शारारिक व मानसिक रूप से कमजोर छात्रों के लिये विशेष व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि प्रकृति से जुड़ा यह पार्क छात्रों को प्रकृति से जोड़ने तथा पर्यावरण के प्रति जागरूक करने में भी मदद करता है।

खतरनाक एडवेंचर रेस में राज्य का प्रतिनिधित्व करेगी ताशी और नुग्शी

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री आवास में दुनिया की मुश्किल एवं खतरनाक एडवेंचर रेस इको चैलेंज में प्रतिभाग के लिए जा रही उत्तराखंड की पर्वतारोही ताशी एवं नुग्शी को उनकी टीम के साथ रवाना किया। मुख्यमंत्री ने इस प्रतियोगिता के लिए दोनों बहनों को शुभकामनाएं दी। फिजी में 9 सितंबर से 21 सितंबर 2019 तक इको चैलेंज 2019 के नाम से आयोजित होने वाली इस एडवेंचर रेस में 30 देशों की 67 टीमें भाग ले रही हैं। 675 किमी की इस एडवेंचर रेस में 12 एडवेंचर से संबंधित एक्टिविटी होंगी। ये सभी एक्टिविटी फिजी के घने जंगलों, पहाड़ों, नदियों एवं समुद्र के जरिए होंगी। इस रेस की मेजबानी प्रसिद्ध एडवेंचर्स बेयर ग्रिल्स कर रहे हैं। उत्तराखंड से ताशी के नेतृत्व में 4 सदस्यों की टीम इस प्रतियोगता में भाग ले रहे हैं। इस टीम के मैनेजर रिटायर्ड कर्नल वी. एस.मलिक हैं। इस मौके पर उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डा. धन सिंह रावत और विधायक गणेश जोशी भी उपस्थित रहे।

अब टिक टॉक पर वीडियो बना युवाओं को जागरूक करेगी उत्तराखंड पुलिस

युवाओं में तेजी से बढ़ते टिक टॉक के बुखार को देखते हुए अब उत्तराखंड पुलिस भी इससे जुड़ गई है। पुलिस महानिदेशक के अनुसार युवाओं को टिक टॉक के जरिए जागरूक किया जाएगा। इसके लिए पुलिस ने टिक टॉक कंपनी से हाथ भी मिलाया है। साथ ही पुलिस ने अकाउंट भी शुरू कर दिया है।

पुलिस वीडियो के जरिये युवाओं को नशे से बचने, यातायात नियमों का पालन करने और अन्य नियम-कायदों की जानकारी देगी। पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) अशोक कुमार ने बताया कि अभी कुछ दिन इसका ट्रायल किया जाएगा। इस दौरान जागरूकता के वीडियो तैयार कर टिक टॉक के जरिये प्रचारित-प्रसारित किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि युवाओं की बात उनके अंदाज में ही पेश की जाएगी, ताकि वह बेहतर तरीके से समझ सकें। अभी तक पुलिस की ओर से पोस्टर, फेसबुक, ट्वीटर आदि के माध्यम से सुझाव भेजे जाते रहे हैं।

उत्तराखंड पुलिस से जुड़ना अच्छा अनुभव
टिक टॉक के डायरेक्ट ऑफ पब्लिक पॉलिसी (भारत) नितिन सलुजा ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस के साथ जुड़ना उनका एक अच्छा अनुभव है। हम टिक टॉक के माध्यम से समाज में बेहतर बदलाव की कोशिश करेंगे।

रक्षाबंधन पवित्रता और संकल्प का त्यौहारः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने रविवार को जाखन स्थित हिमालयन गार्डन में आयोजित रक्षाबंधन समारोह में प्रतिभाग किया। बड़ी संख्या में उपस्थित महिलाओं ने मुख्यमंत्री की कलाई में रक्षा सूत्र बांधा। मुख्यमंत्री ने सभी को रक्षाबन्धन, ईद एवं स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारे देश एवं हमारी संस्कृति में त्योहारों का एक अलग महत्व है। हमारे त्यौहार हमारी संवेदनाओं एवं भावनाओं से जुड़े होते हैं तथा वे हमारे रिश्तों को और भी अधिक मजबूत बनाते हैं। रक्षाबन्धन पवित्रता एवं संकल्प का त्यौहार है। हमारी भावनाओं से जुड़ा त्योहार है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रति हमारा प्रयास निरन्तर जारी है। महिलाओं को सशक्त किए बिना हम एक समृद्ध उत्तराखण्ड की कल्पना पूरी नहीं कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार स्वतंत्रता दिवस हमारे लिए कई मायनों में खास है। इस वर्ष हमने ज्ञान-विज्ञान के क्षेत्र में बड़ी प्रगति की है, चाहे वह चन्द्रयान-2 का प्रक्षेपण हो या अन्तरीक्ष में सेटेलाईट स्थापित करना हो। आज हमारा देश विश्व के अग्रणी देशों में शामिल ही नही हुआ बल्कि आज दुनिया का हमारे प्रति विश्वास व भरोसा बढ़ा है। यह सब हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ढृढ इच्छाशक्ति का ही परिणाम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की संसद ने तीन तलाक बिल को पास कर हमारी मुस्लिम बहनों को न्याय दिलाया है। सामाजिक विषमता को समाप्त कर उन्हें अपनी लड़ाई लड़ने के लिए सक्षम बनाया है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर से धारा 370 को समाप्त कर कश्मीर के लोगों को समाज व देश की मुख्य धारा से जोड़ा गया है। अब कश्मीर की बेटियों व गरीबों को उनका वाजिब हक मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के 70 साल बाद वास्तव में अब देश एक हुआ है। अब कश्मीर के लाल चौक पर भारतीय क्षण्डा फहराया जायेगा। एक निशान एक विधान अब वहां लागू होगा। उन्होंने कहा कि अब जम्मू कश्मीर के लोगों से आम देश वासियों की निकटता बढ़ेगी।