सभी जिलाधिकारी किन्नरों के रिकॉर्ड रखेः हाईकोर्ट

हाईकोर्ट ने किन्नरों के सम्मानजनक जीवन के लिये मुख्य धारा में शामिल किये जाने व उनके आवास के लिये व्यवस्था करने के लिये कहा है।

देहरादून निवासी किन्नर रजनी रावत ने अपनी सुरक्षा के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में उनका कहना था कि 1996 में विरासत में मिली देहरादून की गद्दी की वजह से वह वसूली करती आई है, मगर हरियाणा, उत्तर प्रदेश के किन्नर शहर में आकर उनके नाम से वसूली कर रहे हैं। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई।

उन्होंने देहरादून एसएसपी को मांग पत्र देकर बाहरी किन्नरों को हटाने की मांग की थी, मगर उन्हें नहीं हटाया गया। आरोप लगाया कि बाहरी किन्नर अवैध रूप से वसूली कर रहे हैं। शुक्रवार को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजीव शर्मा व न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की खंडपीठ ने दोनों पक्षों की किन्नर रजनी रावत व रानो तथा अन्य को सुरक्षा मुहैया कराने के एसएसपी देहरादून को दिए।

कोर्ट ने सभी जिलाधिकारियों से किन्नर समुदाय का रिकार्ड रखने को कहा है, ताकि समाज में कोई भेदभाव न हो सके और दूसरे व्यक्तियों की तरह इन्हें भी समान अधिकार प्राप्त हों। कोर्ट ने कहा कि किन्नरों को निशुल्क चिकित्सा सुविधा मिले, उन्हें सार्वजनिक स्थान जिसमें खेल मैदान, सड़कें, शिक्षण संस्थान, बाजार, अस्पताल, होटल पर आने-जाने की छूट हो। सरकार किन्नरों के लिए सरकारी इमारतों, बस स्टेशन में छह माह के भीतर अलग शौचालय बनाए। सरकार किन्नर वेलफेयर बोर्ड का गठन करते हुए इसमें किन्नरों को भी प्रतिनिधित्व दे।

सभी जिलाधिकारी किन्नरों का पंजीकरण करें और यह सुनिश्चित करें कि किन्नर किसी बच्चे को उसके माता-पिता की अनुमति के न ले जाएं। किन्नर बच्चा अगर पैदा होता है तो उसे जुदा न किया जा सके, इसके लिए तीन माह में उचित नियम व कानून बनाया जाए। जिस परिवार में ऐसे बच्चे पैदा होते हैं, उन्हें सरकार आर्थिक सहायता दे।

दस हजार छात्रों को शिक्षित करेगा पतंजलि का आचार्यकुलम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने पतंजलि योगपीठ के नव निर्मित आचार्यकुलम भवन का लोकार्पण कार्यक्रम में कहा कि स्वामी रामदेव ने जो शिक्षा का संकल्प लिया है, वह भारतीय संस्कृति को सुदृढ़ करने का कार्य भी करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी रामदेव की ओर से योग क्रांति के बाद जो शिक्षा क्रांति का संकल्प लिया गया है, वह भारतीय संस्कृति को सुदृढ़ करने का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि 10 हजार छात्रों को शिक्षित करने की क्षमता रखने वाला आचार्यकुलम वैदिक और आधुनिक शिक्षा पद्धति के समन्वय का केन्द्र बनेगा।

उन्होंने कहा कि स्वामी रामदेव विश्व में योग के प्रसार के बाद अब वैदिक शिक्षा पद्धति को विश्व स्तर पर ले जाने की दिशा में अग्रसर हुए हैं। यह मानव निर्माण की प्रयोगशाला है, जहां भविष्य के भारत का निर्माण होगा। भारत को विश्व गुरू बनाने में हम सभी स्वामी रामदेव के इस अभियान में सहयोगी और साथी हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि स्वामी रामदेव भारत के भविष्य का निर्माण कार्य कर रहे है। उन्होंने कहा कि भारत को विश्व गुरू बनाने में पतंजलि योग पीठ का आचार्यकुलम प्रभावी भूमिका निभायेगा। इसके लिये उन्होंने स्वामी रामदेव के प्रयासों की सराहना की।

उत्तराखंड पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्णः अडाणी

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी से शिष्टाचार भेंट की। इस दोनों के बीच राज्य में ऊर्जा के अलावा कृषि, संचार एवं पर्यटन से सम्बन्धित अवस्थापना योजनाओं में निवेश से सम्बन्धित प्रस्तावों पर चर्चा की।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने अडाणी के प्रस्तावों का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य में निवेश की पहल को देश विदेश के उद्यमियों द्वारा सराहा गया है, जो राज्य के आर्थिक विकास एवं रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्यमियों को अनुकूल माहौल उपलब्ध कराया जायेगा। इसके लिये राज्य सरकार द्वारा व्यापक पहल व व्यवस्थायें भी सुनिश्चित की गई हैं। मुख्यमंत्री ने अडाणी से बेमौसमी खाद्य उत्पादों, एरोमेटिक प्लान्ट तथा फलोत्पादन की दिशा में भी सहयोग की अपेक्षा की।

इस दौरान अडाणी ने देहरादून, मसूरी, नैनीताल, हेमकुण्ड साहिब, यमुनोत्री व केदारनाथ में रोपवे के निर्माण के प्रति दिलचस्पी दिखायी। इसके अलावा स्मार्टसिटी योजना, ऋषिकेश में स्थापित होने वाले अन्तर्राष्ट्रीय कन्वेंसन सेन्टर, टिहरी लेक में होने वाली पर्यटन गतिविधियों, वेलनेस सेन्टर, सौर ऊर्जा, खाद्य प्रसंस्करण, दुग्ध उत्पाद एवं कृषि से सम्बन्धित विभिन्न निवेश योजनाओं पर भी व्यापक चर्चा की।

अडाणी ने कहा कि उत्तराखण्ड का प्राकृतिक सौन्दर्य पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इसके दृष्टिगत पर्यटन गतिविधियों पर विशेष फोकस किये जाने की जरूरत है। उन्होंने स्थानीय उत्पादों के प्रोसेसिंग व पैकेजिंग पर भी ध्यान दिये जाने की बात कही तथा कृषि उत्पादों के बेहतर प्रसंस्करण के लिये अपनी टीम उपलब्ध कराने का भी आश्वासन दिया।

छात्रसंघ चुनावों में महिला पदाधिकारियों के चुने जाने पर त्रिवेन्द्र ने जताई प्रसन्नता

सूबे के मुखिया त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने एक देश एक चुनाव का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधि व ब्लॉक प्रमुख, विधायक एव सांसद का चुनाव एक साथ कराये जाने से न सिर्फ धन की बचत होगी बल्कि ऊर्जा व समय की भी बचत होगी। उन्होंने छात्रसंघ चुनावों में महिला पदाधिकारियों के चुने जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुये कहा कि महिलाओं को अन्याय, उत्पीड़न, अत्याचार व सामाजिक भेदभाव के खिलाफ मजबूती से सामने आना होगा।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में समस्त राजकीय महाविद्यालयोंध्विश्वविद्यालयों के निर्वाचित छात्र पदाधिकारियों के एक दिवसीय सम्मेलन में प्रतिभाग कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में एक ही दिन सभी छात्र संघों के चुनाव से देश के समक्ष मिशाल कायम हुई हैं। यह देश को उदाहरण देने वाली शुरूआत है। अब हमें एक देश एक चुनाव के संकल्प पर गम्भीरता से विचार करना होगा।

मुख्यमंत्री ने पदाधिकारियों व छात्र-छात्राओं से कहा कि जीवन में कुछ अच्छा करने का ध्येय बनाए। पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, कॉलेज परिसर को पॉलिथिन मुक्त करने, निरक्षरों को साक्षर बनाने व अन्य रचनात्मक सामाजिक कार्यो का दृढ़ संकल्प के साथ अणुव्रत लें। हमने 2019 तक उत्तराखण्ड को पूर्ण साक्षर बनाने का लक्ष्य रखा हैं। इसमें कॉलेज के छात्र-छात्राएं महत्वपूर्ण योगदान दे सकते है।

छात्र संघ में निर्वाचित महिला पदाधिकारियों को विशेष बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार महिला सशक्तिकरण को धरातल पर लागू कर रही है। महिलाएं अपनी जिम्मेदारी गम्भीरता से निभा रही है। इसके साथ ही महिलाओं को हर प्रकार के अत्याचार व उत्पीड़न के विरूद्ध आगे आना होगा।

इस अवसर पर उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा उच्च शिक्षा के गुणवत्ता विकास पर ठोस कार्य किए जा रहे है। केन्द्र सरकार द्वारा राज्य के 55 डिग्री कॉलेजों को रूसा-1 व रूसा-2 के तहत 300 करोड़ रूपये की धनराशि दी गई है। तीन मॉडल कॉलेज विकसित किए जा रहे है। 76 डिग्री कॉलेज शीघ्र ही अपने भवनों में स्थान्तरित कर दिए जाऐंगे। प्राचार्यो की शत-प्रतिशत भर्ती कर दी गई है। पुस्तक दान अभियान चलाया गया हैं।

विधायक निधि से 65 लाख रूपये स्कूल-कॉलेजों में किताबें व फर्नीचर व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराये जाने का प्रावधान कर दिया गया है। 180 दिन का शैक्षिक कैलेण्डर कड़ाई से लागू कर दिया गया है। आगामी सत्र से 30 जून तक परीक्षाएं सम्पन्न करवा ली जाएगी। 15 जुलाई से एडमिशन प्रारम्भ कर दिए जाऐंगे। हमारा लक्ष्य है कि कॉलेजों में 200 दिन का कार्यदिवस लागू किया जाए। 96 डिग्री कॉलेजों में डै्रस कोड लागू कर दिया गया है। हमारा लक्ष्य है कि 100 प्रतिशत छात्र वोटिंग हो। इसके लिए ऑनलाइन वोटिंग की पहल भी की जाएगी। जल्द ही कॉलेजों में नशा मुक्ति अभियान चलाए जाएगें।

प्रदेश से बाहर भेजा जाएगा घुसपैठियों कोः सीएम

राज्य में घुसे बांग्लादेशी व रोहिंग्या घुसपैठियों को सरकार प्रदेश से बाहर भेजने के लिये तैयारी कर रही है। राज्य के सभी जिलों, तहसील स्तर पर इन्हें चिह्नीकरण करने की प्रक्रिया तेज हो चुकी है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने घुसपैठियों पर सख्त रूख अपनाया है। उन्होंने कहा कि कोई भी घुसपैठिया, चाहे वह बांग्लादेशी हो या रोहिंग्या, सबको प्रदेश की सीमाओं से बाहर भेजा जाएगा। हम उन्हें उत्तराखंड में बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे। उत्तराखंड सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण व संवेदनशील प्रदेश है। उन्होंने कहा कि जनता को भी कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखे तो सरकार को सूचित करे। उन्होंने कहा कि सीएम एप, मेल व अन्य वेबसाइट के माध्यम से सरकार तक सूचना पहुंचायेे। सरकार एक-एक घुसपैठिये को यहां से बाहर करेगी।

प्रदेश में बीते कुछ महीनों से अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों व रोोहग्या की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस संबंध में खुफिया एजेंसियां भी लगातार सरकार को इनपुट उपलब्ध कराती रही हैं। फिलहाल, इनके आने पर रोक लगाने के लिए अभी तक कोई ठोस कार्ययोजना नहीं बन पाई है लेकिन इन्हें बाहर निकालने की तैयारी जरूर शुरू हो चुकी है।

दरअसल, कुछ समय पूर्व विधायक खानपुर (हरिद्वार) कुंवर प्रणव चौंपियन ने एक सनसनीखेज बयान में कहा था कि रोोहग्या हरिद्वार तक पहुंच चुके हैं। उस समय मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस बात का समर्थन नहीं किया था। इसके बाद उन्होंने खुफिया एजेंसियों से इसका इनपुट लिया।

इस पर सरकार को प्रदेश में बाहर से आकर अवैध रूप से बसने वालों की जानकारी मिली। इसके बाद सरकार के निर्देश पर हरिद्वार के साथ ही तराई वाले जिलों में खुफिया एजेंसियों ने बस्तियों व झुग्गियों में बाहरी लोगों की जानकारी जुटानी शुरू की। इनकी संख्या देखकर खुफिया एजेंसियों के होश उड़ गए। इसके तुरंत बाद सभी जिलों में इनकी सूची बनाने के निर्देश जारी किए गए, जिस पर इन दिनों तेजी से काम चल रहा है। वहीं, सरकार ने अब आमजन का भी इसमें सहयोग लेने की बात कही है।

सरकार ने एनएच-74 के विस्तारीकरण को दी हरी झंड़ी

बुधवार को हुयी कैबिनेट बैठक में मंत्रीमंडल ने एनएच-74 के हरिद्वार-नगीना तक विस्तारीकरण को वन क्षेत्र की 847.98 करोड़ मूल्य की 64.74 हेक्टेयर भूमि नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया को मुफ्त देने पर मुहर लगाई है। इससे गढ़वाल को कुमाऊं से जोड़ने में मदद मिलेगी। वहीं यात्रियों का सफर भी सुरक्षित होगा और समय की बचत भी होगी।

वहीं राज्य में अब रात्रि पाली में भी महिला कार्मिक बेरोकटोक कार्य कर सकेंगी। उधर, मंत्रिमंडल ने अगले माह प्रस्तावित इन्वेस्टर्स समिट के दौरान पूंजी निवेशकों के लिए विभिन्न योजनाओं में गांव स्तर तक निवेश का रास्ता साफ करते हुए विभिन्न नियमावलियों को मंजूरी दी। सौर ऊर्जा नीति में संशोधन कर पांच मेगावाट तक सोलर प्रोजेक्ट राज्य के स्थायी निवासियों को आवंटित किए जाएंगे। इन्हें पर्वतीय क्षेत्रों में स्थापित किया जा सकेगा। वहीं नगर निगम सीमा में शामिल क्षेत्रों को कम भी किया जा सकेगा। इसके लिए मौजूदा अधिनियम में संशोधन विधेयक को स्वीकृति दी गई।

त्रिवेंद्र सिंह रावत मंत्रिमंडल की बुधवार को सचिवालय में दिनभर चली बैठक में 24 बिंदुओं पर चर्चा हुई। दो बिंदु स्थगित किए गए। विधानसभा सत्र की अधिसूचना जारी होने के चलते कैबिनेट फैसलों की ब्रीफिंग नहीं की गई। सूत्रों के मुताबिक कैबिनेट ने एक जनवरी, 2016 से पहले के पेंशनरों के लिए केंद्र सरकार की ओर से लागू पेंशन व्यवस्था को राज्य में लागू किए जाने को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी। इससे 1985, 1995, 2006 के पेंशनर्स और पारिवारिक पेंशनर्स की पेंशन में विसंगति दूर होगी। पेंशनर्स को कोई एरियर नहीं दिया जाएगा। शासनादेश जारी होने की तिथि से उक्त पेंशन व्यवस्था लागू मानी जाएगी।

कैबिनेट प्रमुख फैसले
-एक जनवरी, 2016 से पहले सेवानिवृत्त हुए कार्मिकों की पेंशन विसंगति खत्म, पेंशन में 300 से 1000 रुपये की वृद्धि

-इन्वेस्टर्स समिट में निवेशकों के लिए निवेश का रास्ता साफ, सौर ऊर्जा, आयुष समेत कई अहम नियमावलियां मंजूर

-महिला कार्मिकों को रात्रि पाली में काम करने की अनुमति, पहले लगा प्रतिबंध हटाया

-ग्रोथ सेंटर योजना के तहत राज्य की 670 न्याय पंचायत स्तर पर ग्रोथ सेंटर होंगे संचालित, एमएसएमई किसानों, बुनकरों को संगठित कर देगा प्रोत्साहन

-कीड़ा जड़ी दोहन और विपणन की नीति व प्रक्रिया को मंजूरी, जड़ी एकत्र करने वालों को कराना होगा पंजीकरण

-एनएच-74 के हरिद्वार-नगीना तक विस्तारीकरण को वन क्षेत्र की 847.98 करोड़ मूल्य की 64.74 हेक्टेयर भूमि नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया को मुफ्त देने पर मुहर

-प्राथमिक स्कूलों के बाद अब 30 से कम छात्रसंख्या वाले 34 सरकारी हाईस्कूल और इंटर को बंद करने का निर्णय

-उत्तराखंड सौर ऊर्जा नीति-2016 में संशोधन को मंजूरी, पांच मेगावाट तक प्रोजेक्ट राज्य के स्थायी निवासियों को आवंटित

-उत्तराखंड (उत्तरप्रदेश नगर निगम अधिनियम 1959) संशोधन अधिनियम, 2018 विधेयक को मंजूरी, नगर निगम की सीमा को अब घटा सकेगी सरकार

एनएच घोटाले में आइएएस अधिकारी पंकज कुमार व चंद्रेश यादव हुये सस्पेंड

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जीरो टॉलरेंस को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखते हुए भ्रष्टाचार के आरोप में दो आइएएस अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। सरकार के निर्देश पर शासन ने हरिद्वार-ऊधमसिंह नगर-बरेली (एनएच-74) चौड़ीकरण मुआवजा मामले में आइएएस अधिकारी व प्रभारी सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय और अपर सचिव चंद्रेश यादव को निलंबित कर दिया है।

प्रभारी सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय और अपर सचिव चंद्रेश कुमार यादव पर जिलाधिकारी ऊधमसिंह नगर के पद पर रहते हुए आर्बिट्रेटर की भूमिका निभाने के दौरान नियम विरुद्ध मुआवजा वितरित करने का आरोप है। दरअसल, राष्ट्रीय राजमार्ग 74 के चौड़ीकरण के लिए सरकार ने रुद्रपुर में सड़क के दोनों ओर की भूमि का अधिग्रहण किया था। इसके लिए भूस्वामियों को मुआवजा दिया गया। इस दौरान कई तरह की अनियमितताएं सामने आई थीं। इसमें कृषि भूमि को अकृषि दिखाकर अधिक मुआवजा बांटने व नियम विरुद्ध मुआवजा निर्धारण करना आदि शामिल थे। सरकार ने शुरुआती जांच के बाद बीते वर्ष मार्च में सात एसडीएम (एक सेवानिवृत्त) निलंबित कर दिए थे। मामले की विस्तृत जांच के लिए एसआइटी का गठन किया गया।

कुछ समय पूर्व एसआइटी ने अपनी रिपोर्ट में आइएएस अधिकारी डॉ. पंकज कुमार पांडेय और चंद्रेश यादव के आर्बिट्रेटर के रूप में लिए गए फैसलों पर सवाल उठाए थे। इस पर शासन ने दोनों अधिकारियों से इस मामले में स्पष्टीकरण तलब किया। दोनों अधिकारियों के अनुरोध पर दो बार जवाब लेने का समय बढ़ाया गया। इनके जवाब का परीक्षण करने के बाद शासन ने दोनों को निलंबित कर दिया है।

अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की ओर से जारी आदेशों में साफ किया गया है कि एसआइटी की विवेचनात्मक जांच आख्या के आधार पर दोनों अधिकारियों को निलंबित किया गया है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि दोनों अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनिक कार्यवाही के लिए आरोप पत्र जारी करने और जांच अधिकारी की नियुक्ति के लिए अलग से आदेश जारी किए जाएंगे।
मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने कहा कि शासन की मंशा स्पष्ट है। इन अधिकारियों के खिलाफ जांच में सामने आए तथ्यों पर स्पष्टीकरण लिया गया था। विचार विमर्श के बाद दोनों को निलंबित करने का निर्णय लिया गया है।

अब शासन इन दोनों अधिकारियों को अलग से आरोप पत्र जारी करेगा। इसमें उनसे एसआइटी की रिपोर्ट पर उठाए गए सवालों के जवाब लिए जाएंगे। इसके साथ ही एक जांच अधिकारी की भी नियुक्ति की जाएगी। यह जांच अधिकारी वरिष्ठ आइएएस अधिकारी होगा। अधिकारियों का जवाब मिलने के बाद जांच अधिकारी इसकी जांच करेंगे। आरोप पुष्ट होने पर कार्रवाई के लिए डीओपीटी और संघ लोक सेवा आयोग को पत्र भेजा जाएगा।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का कहना है कि भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर सरकार कायम है। भ्रष्टाचार के मामलों में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। सरकार सबके खिलाफ समान रूप से कार्रवाई करेगी। इन दोनों अधिकारियों को भी प्रथम दृष्ट्या आरोप पुष्ट होने पर निलंबित किया गया है।

महिलाओं ने बांधा सीएम की कलाई में रक्षा सूत्र

राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिलाओं ने मुख्यमंत्री आवास स्थित जनता मिलन हॉल में उपस्थित होकर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत को रक्षा सूत्र बांधा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सभी बहनों को रक्षाबंधन की शुभकामना देते हुये तोहफे भी दिये।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि समय एवं देशकाल परिस्थिति के अनुसार महिलाओं द्वारा रक्षा सूत्र बांधे गये हैं। भाई-बहनों के इस रक्षा सूत्र के त्यौहार के अलावा प्राचीन समय में भी जब राजा युद्ध के लिए जाते थे तो उनकी रक्षा के लिए उनकी पत्नियों द्वारा रक्षा सूत्र बांधा जाता था। आज भी जब हमारे सैनिक देश की रक्षा के लिए सीमाओं पर जाते हैं तब भी उनके कष्ट निवारण के लिए बेटियों द्वारा रक्षा सूत्र बांधा जाता है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि रक्षाबन्धन भावनात्मक रूप से जुडा हुआ पर्व है। इस त्यौहार से आपसी संबंध भी मजबूत होते है। मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन के इस पावन पर्व पर प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, समृद्धि एवं स्वस्थ दीर्घायु की कामना ईश्वर से की है।

इसके उपरान्त मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने बालावाला स्थित एक स्थानीय वैडिंग में आयोजित रक्षाबंधन समारोह में प्रतिभाग किया। यहां भी भारी संख्या में स्थानीय महिलाओं ने मुख्यमंत्री की कलाई में रक्षा सूत्र बांधा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे त्यौहारों में संस्कार होता है तथा वे हमारे रिश्तों को भी मजबूत बनाते हैं।

त्रिवेंद्र सरकार का अहम निर्णय, धर्मान्तरण पर होगी ये सजा

अब राज्य में जबरन धर्मान्तरण किया गया तो दंडात्मक कार्यवाही होगी। कैबिनेट ने इस नियमावली पर अपनी मोहर लगा दी है। त्रिवेंद्र सरकार की मौजूदगी में हुयी बुधवार को कैबिनेट की बैठक में धर्म स्वतंत्रता एक्ट पास किया गया। धर्म परिवर्तन के मामले में आरोपित व्यक्ति को दोषमुक्त साबित करने के लिए खुद प्रमाण देने होंगे।

त्रिवेंद्र सरकार ने बीते मार्च माह में गैरसैंण विधानसभा सत्र में उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता विधेयक को पारित कराने के बाद उसे एक्ट की शक्ल दी थी। अब उक्त एक्ट की नियमावली पर मंत्रिमंडल की मुहर लग गई। सचिवालय में बुधवार को मंत्रिमंडल के फैसलों को काबीना मंत्री प्रकाश पंत ने ब्रीफ किया। उन्होंने बताया कि धर्म स्वतंत्रता एक्ट की नियमावली बनने के बाद इसका क्रियान्वयन सुनिश्चित हो जाएगा। अब धर्म परिवर्तन के इच्छुक व्यक्ति को पहले अपने स्थायी निवास स्थल क्षेत्र के जिला मजिस्ट्रेट को पूर्व सूचना देनी होगी। जिला मजिस्ट्रेट ऐसी सूचनाओं की 15 दिन के भीतर जांच कराएगा।

सात दिन में होगी जांच

इस जांच में यह भी देखा जाएगा कि धर्म परिवर्तन जबरन, प्रलोभन, उत्पीडन या कपटपूर्ण अथवा विवाह के जरिये किया जा रहा है अथवा नहीं। बिना सूचना के किसी ने भी धर्म परिवर्तन किया तो ऐसे मामलों की जांच होगी। जिला मजिस्ट्रेट ऐसे मामलों में सात दिन के भीतर जांच कराएंगे। सरकार ने नियमावली में यह प्रावधान भी किया है कि प्रत्येक जिलाधिकारी को हर महीने की दस तारीख तक पिछले माह के दौरान ऐसे मामलों की रिपोर्ट सरकार को देनी होगी।

यह है सजा का प्रावधान

यदि धर्म परिवर्तन के उद्देश्य से विवाह किया गया तो उस धर्म परिवर्तन को अमान्य घोषित किया जाएगा। धर्म परिवर्तन के लिए जिला मजिस्ट्रेट या कार्यपालक मजिस्ट्रेट के समक्ष एक माह पहले शपथपत्र देना होगा। धर्म परिवर्तन के लिए समारोह की भी पूर्व सूचना देनी होगी। सूचना नहीं देने की स्थिति में इसे अमान्य करार दिया जाएगा। धर्म स्वतंत्रता कानून का उल्लंघन होने की स्थिति में तीन माह से एक वर्ष की सजा होगी। अनुसूचित जाति-जनजाति के मामले में यह छह माह से दो वर्ष होगी।
धर्म परिवर्तन के एवज में किसी तरह का दान या अंशदान लेन-देन का मामला सामने आया तो जांच के बाद ऐसी राशि जब्त की जाएगी। साथ ही इसके लिए दोषी संस्था, व्यक्ति अथवा पुजारी को दंडित किया जाएगा। जबरन धर्म परिवर्तन के मामले में जेल जाने का प्रावधान भी किया गया है।

पौधारोपण कार्यक्रम को सफल बनाने में आमजन की भूमिका अहमः त्रिवेन्द्र

देवभूमि उत्तराखंड पर्यावरण को सुरक्षित करने में अपनी भूमिका बखूबी तरह से निभा रहा है। राज्य में विभिन्न जगहों पर हरेला महोत्सव के अंतर्गत पौधारोपण कार्यक्रम चलाये जा रहे है। आपसी जन सहभागिता के कुछ भी काम सफल नहीं होता। इसलिये उन्होंने सभी नागरिकों से उत्तराखंड को हरा-भरा बनाये रखने में सहयोग करने की अपील की।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मंगलवार को भोगपुर (बागी) के कुआंखाला मे उत्तराखंड वन विभाग के तत्वधान में वह विभिन्न सामाजिक संगठनों, विद्यालयो के स्कूली छात्र छात्राओं के साथ थानों रेंज मे वृहद पौधारोपण कार्यक्रम में शिरकत की। उन्होंने परमार्थ निकेतन ऋषिकेश के परमाध्यक्ष चिदानंद स्वामी, पर्यावरणविद् हैस्को के संस्थापक डॉ अनिल जोशी के साथ बेलपत्री, चंदन, रुद्राक्ष, पीपल आदि के पौधे रोपकर पर्यावरण संरक्षण का आव्हान भी किया। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष मुनि स्वामी चिदानंद ने कहा कि वृक्षों से मनुष्य का प्राचीन समय से नाता रहा है। इसलिए इनकी रक्षा करना हमारा धर्म भी है। उन्होंने कहा कि पेड़ पौधे प्रकृति के बीच संतुलन बनाने के साथ हमारे प्राण तत्व भी है।

पर्यावरणविद् हैस्को के संस्थापक डॉक्टर अनिल जोशी ने कहा कि पेड़ पौधे सुरक्षित रहेंगे। तभी हमारा जीवन व पर्यावरण सुरक्षित रहेगा। ग्लेशियर भी सुरक्षित रहेंगे।

प्रमुख वन संरक्षक उत्तराखंड जयराज सिंह ने कहा कि विभाग पूरे प्रदेश में पौधारोपण कार्यक्रम को बढ़ावा दे रहा है। वन संरक्षक राहुल सिंह, प्रभारी डीएफओ भारत भूषण मर्तोलिया, थानों रेंज अधिकारी डॉक्टर उदय नंद गौड ने भी पौधारोपण का आह्वान किया। पौधरोपण कार्यक्रम में श्री गुरु रामराय विद्यालय भोगपुर, चार्ल्स बेन स्कूल, दून भवानी इंटरनेशनल विद्यालय, राजकीय इंटर कॉलेज रानीपोखरी, आर्यन पब्लिक स्कूल, शिशु विद्या मंदिर व इको टास्क फोर्स के जवानों ने भी पौधारोपण कार्यक्रम में शिरकत की।