105 किमी सफर तय कर लिया गंगा स्वच्छता का संकल्प

ऑस्ट्रिया के डांस टीचर राइन हार्ड कोप उर्फ रियो ने गंगा की स्वच्छता के लिए एक साहसिक पहल की है। उन्होंने श्रीनगर गढ़वाल से ऋषिकेश तक गंगा में 105 किलोमीटर का सफर तैराक बनकर पूरा किया। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि ऐसा करने वाले वह पहले व्यक्ति हैं। जिसे वह गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए भेजेंगे।

46 वर्षीय राइन हार्ड कोप उर्फ रियो ने इसी महीने की 14 तारीख को श्रीनगर गढ़वाल से अपने अभियान की शुरुआत की। 105 किलोमीटर की यात्रा उन्होंने सात पड़ावों में पूरी की। पहला पड़ाव बागवान, दूसरा देवप्रयाग, तीसरा व्यास घाट, चौथा कौड़ियाला, पांचवां पाथो कैंप व्यासी, छठा गूलर और सातवां ऋषिकेश रहा। सोमवार को आखिरी पड़ाव ऋषिकेश पहुंचने पर रियो ने मीडिया से अपने अभियान का मकसद और अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा, गंगा स्वच्छता का संदेश देने के लिए उन्होंने ऐसा किया। यह अभियान उनके लिए यादगार रहा।

अब हरिद्वार से इलाहाबाद
रियो के इस अभियान को आयोजित करने वाले व्हाइटर वर्ल्ड एक्सपीडीशन के संचालक भीम सिंह चौहान ने बताया कि रियो ने बड़ी कुशलता के साथ इस चुनौती को पूरा किया। आने वाले समय में रियो ने हरिद्वार से इलाहबाद तक गंगा में तैरकर जाने की योजना बनाई है। रियो के अभियान को उनके मित्र ऑस्ट्रिया निवासी मार्क्स ने शूट किया है।

पालिकाध्यक्ष ने किया स्वागत
सोमवार को ऋषिकेश में अभियान के समापन अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष मुनिकीरेती रोशन रतूड़ी ने रियो का स्वागत किया। कहा, साहसिक पर्यटन उत्तराखंड की पहचान है। रियो ने जिस तरह से इस अभियान को पूरा कर गंगा की निर्मलता और स्वास्थ्य का संदेश दिया वह सराहनीय है।

पहलः पुराने कूड़े को रिसाइकिल कर खाद बना रही नगर पालिका मुनिकीरेती

नगर पालिका मुनिकीरेती पुराने कचरे को रिसाइकिल कर जैविक खाद बनाने में जुट गई है। शुक्रवार से पालिका ने इस पर काम करना भी शुरू कर दिया है। विगत कई वर्षों से नगर पालिका मुनिकीरेती क्षेत्र का कूड़ा खारास्रोत बाईपास पुल के समीप डंप किया जा रहा है। यहां अभी तक लगभग 8500 मिट्रिक टन कूड़ा जमा हो चुका है, जोकि वर्तमान में सड़ी गली अवस्था में है। अब पालिका इस कूड़े को रिसाइकिल करने में जुट गई है। इसके लिए शुक्रवार से यहां दो ट्रॉमेल और दो कन्वेयर मशीन लगाई गई हैं।

ट्रॉमेल में पुराने कूड़े को छाना जा रहा है, जबकि कन्वेयर के जरिये जैविक खाद तैयार की जा रही है। इस जैविक खाद को दो रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेचा जाएगा। इसके अलावा पुराने कचरे से मिली प्लास्टिक की बोतलों का इस्तेमाल हैंगिंग गार्डन के रूप में किया जाएगा। मशीन से कूड़ा छनने के बाद ऐसा कूड़ा जिसे रिसाइकिल नहीं किया जा सकता है, उसे हरिद्वार भेजा जाएगा। अधिशासी अधिकारी बद्री प्रसाद भट्ट ने बताया कि अभी तक नए कूड़े को ही रिसाइकिल किया जा रहा था, लेकिन शुक्रवार से पुराने कूड़े को भी रिसाइकिल करना शुरू कर दिया गया है।

कूड़ा रिसाइकिल के लिए नगर पालिका मुनिकीरेती ने जो दो ट्रॉमेल और दो कन्वेयर मशीन लगाई हैं, उनकी कुल कीमत 6 लाख 68 हजार रुपये है। ईओ बद्री प्रसाद भट्ट ने बताया कि 1 लाख 78 हजार रुपये से दो ट्रॉमेल जबकि चार लाख 90 हजार से दो कन्वेयर मशीनें खरीदी गई हैं। उन्होंने बताया कि सभी मशीनों को मंत्री सुबोध उनियाल ने विधायक निधि से उपलब्ध कराया है।

हेमकुंड साहिब यात्रा को पॉलिथीन मुक्त बनाने की गुरूद्वारा ट्रस्ट ने की पहल

माता वैष्णो देवी की तरह ही श्रीहेमकुंड साहिब में भी श्रद्धालुओं को डिग्रेडेबल थैले में प्रसाद दिया जाएगा। यात्रा को पॉलिथीन मुक्त बनाने के लिए गुरुद्वारा श्रीहेमकुंड मैनेजमेंट ट्रस्ट इस साल से यह पहल करने जा रहा है। इसके लिए उसने पूरी तैयारी भी कर ली है। यह थैला दिखने में प्लास्टिक की तरह ही होगा, लेकिन जमीन पर पड़ा रहने पर यह 180 दिन यानी छह माह में खाद में बदल जाएगा।

यह पूरी तरह सल्फर और गंध मुक्त होगा। अभी तक होता यह है कि रोक के बावजूद यात्रा पर पहुंचने वाले श्रद्धालु पॉलिथीन का उपयोग धड़ल्ले से करते हैं। इस पर रोक के लिए यह पहल की जा रही है। ट्रस्ट के उपाध्यक्ष सरदार नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा के मुताबिक यात्रियों से पॉलिथीन का कोई भी सामान यात्रा मार्ग पर उपयोग न करने की विशेष अपील की गई है। ट्रस्ट का मानना है कि उसकी पहल से श्रद्धालु यहां की सकारात्मक छवि लेकर अपने यहां लौटेंगे। पिछले वर्ष श्री हेमकुंड साहिब के लिए करीब ढाई लाख श्रद्धालु दर्शन को पहुंचे थे।

पहला जत्था 30 मई को होगा रवाना
चारधाम यात्रा की तरह श्रीहेमकुंड यात्रा को भी संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति की संचालित करती है। इस वर्ष काफी बर्फवारी होने के चलते एक जून से श्री हेमकुंड साहिब के कपाट खुलेंगे। इसके लिए पहला जत्था 30 मई को रवाना होगा। रोटेशन के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी बृज भानु प्रकाश गिरी ने बताया कि इस वर्ष एक जून से हर रोज गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट को चार बसें प्रदान की जाएंगी। डिमांड बढ़ने पर यह संख्या बढ़ाई भी जा सकती है।

इन देेशों से पहुंचेंगे श्रद्धालु
श्री हेमकुंड साहिब के दर्शन के लिए भारत के सभी प्रांतों के श्रद्धालुओं के अलावा अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया, कनाडा, बैंककॉक, न्यूजीलैंड, इटली, बेल्जियम, पाकिस्तान सहित कई देशों के श्रद्धालु दर्शन को हर वर्ष पहुंचते हैं।

कैंसर पीड़ितों के लिए कटा डाले बाल, विग बनाने के आएंगे काम

रामनगर (रुड़की) की सोनम भटेजा ने कैंसर पीड़ितों के लिए अपने बाल कटवा डाले। यह वहीं बाल है जिनसे उन्हें बेपनां प्यार था। इतना ही नहीं बचपन से अभी तक कैंची तक चलने नहीं दी। अब उनके यह बाल कैंसर पीड़ितों की विग बनाने के काम आएंगे।

वैसे तो सोनम भटेजा गृहणी हैं, उन्होंने अंग्रेजी में एमए किया है। ऐसे बच्चें जो फीस देने में अक्षम है, वह उन्हें निशुल्क ट्यूशन पढ़ाती हैं, उनके पति कारोबारी हैं। सोनम के अनुसार उन्हें अपने बालों से बेहद प्यार है और लंबे रखने का शौक भी। इसलिए उन्होंने बचपन में कभी बालों पर कैंची नहीं लगने दी। उनके बाल कमर से भी नीचे थे। लेकिन, एक दिन तब उनकी धारणा बदल गई, जब उन्होंने इंटरनेट पर कैंसर पीड़ितों के बारे में पढ़ा। उसमें मुंबई के मदद ट्रस्ट का भी उल्लेख था। साइड में बताया गया था कि कैंसर पीड़ितों का उपचार शुरू होने पर उनके बाल झड़ जाते हैं। यह कीमोथेरेपी का साइड इफेक्ट है। कैंसर पीड़ित महिलाएं बाल झड़ जाने से बेहद कुंठित महसूस करती हैं। क्योंकि उनका सिर पूरी तरह गंजा हो जाता है।

साइट पर यह भी बताया गया था कि इन कैंसर पीड़ित महिलाओं के लिए मदद ट्रस्ट विग तैयार करता है। जो कि केवल असली बालों से ही बनता है। इसके लिए 12-13 इंच लंबे बाल होना जरूरी है। एक विग बनाने में तीन से चार महिलाओं के बालों की जरूरत होती है। सोनम बताती हैं कि इसे पढ़कर उन्होंने फैसला किया कि वह अपने बाल दान करेंगी। इसके बाद उन्होंने उन्होंने ट्रस्ट के बारे में जानकारी जुटाई। पता चला कि ट्रस्ट वास्तव में कैंसर पीड़ित महिलाओं के लिए निशुल्क विग तैयार करता है। जब उन्हें भरोसा हो गया तो उन्होंने ट्रस्ट से संपर्क साधा। ट्रस्ट ने बाल कैसे कटवाने है, इसके बारे में जानकारी दी।

ट्रस्ट के निर्देशों के अनुसार उन्होंने पहले बालों को धोया और जब वह सूख गए तो ब्यूटी पार्लर जाकर उन्हें 13 इंच मेजर करवाया। इसके बाद दोनों ओर से रबड़ लगवाकर उन्हें कटवा दिया। फिर बालों को उनके एक परिचित मुंबई जाकर ट्रस्ट को दे आए। यह इसी साल जनवरी की बात है। सोनम के अनुसार, वह बेहद खुश हैं कि उन्होंने अपने प्यारे बाल उन लोगों के लिए दान किए हैं, जिन्हें उनकी सबसे ज्यादा जरूरत है। बाल बढ़ जाने पर वह दोबारा उन्हें दान करेंगी। उन्होंने बताया कि संबंधित ट्रस्ट की ओर से एक प्रमाण-पत्र उन्हें भेजा गया है।

अक्षय तृतीया पर भगवान भरत की परिक्रमा कर मांगा आशीर्वाद

अक्षय तृतीया के मौके पर मंगलवार को तीर्थ नगरी के पौराणिक श्री भरत मंदिर में ऋषिकेश नारायण भरत भगवान के दर्शनों को श्रद्धालुओं की भीड़ छाई रही।

श्रद्धालुओं ने श्रीभरत भगवान के मंदिर में दर्शन और 108 परिक्रमा की। श्रद्धालु भगवान भरत के जयकारे भी लगाते दिखाई दिए। उन्होंने परिक्रमा के बाद भगवान भरत के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। साथ ही मनोकामना भी मांगी। कई श्रद्धालुओं ने मनोकामना पूरी होने पर मंदिर में माथा टेककर परिक्रमा की। इस अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए मीठा शर्बत की भी व्यवस्था स्थानीय लोगों की ओर से हुई थी। दूसरी ओर अक्षय तृतीया के अवसर पर नगर के ज्वैलर्स की दुकानों में भीड़ छाई रही। लोग सोने व चांदी के बर्तन, सिक्के आदि सामानों की खरीदारी करते दिखाई दिए

ऐसी मान्यता है कि पौराणिक भगवान भरत जी के मंदिर की 108 परिक्रमा करने से भगवान बदरीनाथ के दर्शनों का जितना पुण्य प्राप्त होता है। खास बात यह है कि भरत भगवान की मूर्ति भी उसी शालीग्राम पत्थर से बनी है, जिससे बद्रीनाथ भगवान की मूर्ति बनाई गई है। इसके अलावा अक्षय तृतीया के दिन ही भरत भगवान के चरणों के दर्शन करने का सौभाग्य श्रद्धालुओं को प्राप्त होता है। अक्षय तृतीया के दिन से ही चार धाम यात्रा का विधिवत शुभारंभ हो जाता है। आज के दिन ही यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट भी खोले जाते हैं। इस मौके पर सोना खरीदना भी लाभकारी बताया गया है।

तीर्थनगरी की गौरांगी ने सीबीएसई 12वीं परीक्षा में देश में दूसरा व उत्तराखंड में किया टॉप

तीर्थ नगरी की गौरांगी चावला ने ऑल इंडिया सीबीएसई 12वीं की परीक्षा में 498 अंक प्राप्त कर दूसरा स्थान प्राप्त किया है जबकि प्रदेश में टॉप किया है।

चंद्रेश्वर नगर निवासी श्वेता चावला और अनिल चावला की छोटी पुत्री गौरांगी चावला ने अंग्रेजी में 99, पॉलीटिकल साइंस में 99 और इतिहास, फिजिकल एजुकेशन तथा जियोग्राफी विषय में 100 अंक प्राप्त किए हैं। उत्तराखंड टॉपर गौरांगी के पिता अनिल चावला व्यवसाय तथा माता श्वेता चावला घरेलू महिला है। परिवार में दादी दर्शना देवी, बड़ी दीदी अर्पणा चावला भी है।

गौरांगी चावला ने बताया कि प्रतिदिन वह 05 घंटे पढ़ाई करती थी। परीक्षा के दौरान उन्होंने पढ़ाई का समय बढ़ाकर 09 घंटे कर दिया। गौरांगी ने दसवीं की परीक्षा में 95 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे।

पढ़ाई को बोझ न समझे बल्कि रुचि लेः गौरांगी
बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए गौरांगी ने कहा कि हमेशा चिंता मुक्त रहें, पढ़ाई को कभी भी बोझ ना समझे। बल्कि इसमें रुचि लें। जब भी मन करे पढ़ाई को समय अवश्य दें।

आईएएस ऑफिसर बनकर देश सेवा करना चाहती है गौरांगी
सीबीएसई 12वीं की उत्तराखंड टॉपर गौरांगी चावला का सपना है कि वह आगे चलकर देश सेवा करें इसके लिए वह आईएएस ऑफिसर बनना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि वह दिल्ली विश्वविद्यालय या पंजाब विश्वविद्यालय में दाखिला लेंगी।

खाली समय में पालतू जानवर के साथ रहती है गौरांगी
पढ़ाई के अलावा जब भी गौरांगी खाली रहती है वह सोशल नेटवर्किंग साइट पर एक्टिव रहती हैं। साथी अपने पालतू जानवर कुत्ते के साथ समय बिताती हैं।

दिवंगत दादा को मानती हैं अपना प्रेरणास्रोत
उत्तराखंड टॉपर गौरांगी चावला अपना प्रेरणास्रोत दिवंगत दादा स्व. केएल चावला को मानती है उनके दादा स्वास्थ्य विभाग से रिटायर्ड थे जिनका पिछले वर्ष देहांत हो गया।

अपना बेस्ट दिया था सोचा नहीं था मेरिट पर आऊंगी
गौरांगी चावला का कहना है कि परीक्षा से पहले उन्होंने अपने सभी विषयों की करीब 5 बार अच्छे से तैयारी की थी। परीक्षा मैं भी उन्होंने अपना 100ः दिया था मगर यह उम्मीद नहीं थी कि मेरिट पर आएंगी।

सफलता का श्रेय माता को देती हैं गौरांगी
अपनी सफलता का श्रेय गौरांगी सभी को देना चाहती हैं मगर विशेषकर वह अपनी माता का शुक्रिया अदा करती हैं। उन्होंने बताया की माता ने उनकी पढ़ाई में साथ देने के लिए बहुत समझौते किए हैं। खान-पान से लेकर देखभाल तक किसी भी चीज में कोई कमी नहीं की है।

चारधाम यात्राः सहायता केंद्र शुरू, प्रत्येक विभाग के एक कर्मी रहेगा मौजूद

उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा में जाने के लिए अन्य राज्यों से तीर्थनगरी पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की दिक्कत न हो, इसके लिए एक मई से बीटीसी परिसर में हेल्प डेस्क शुरू होगी। इस डेस्क पर विभिन्न विभागों के कर्मचारी तैनात रहेंगे, जो अपने विभाग की शिकायतों का निस्तारण करेंगे। यह सहायता केंद्र सुबह छह से रात आठ बजे तक खुला रहेगा।

बस ट्रांजिट कंपाउंड स्थित पर्यटन विभाग के कार्यालय में उप जिलाधिकारी प्रेमलाल के नेतृत्व में बैठक आयोजित हुई। बैठक में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी डॉ. अनिता चमोला ने बाहरी राज्यों की बसों में यहां से सवारियां बैठाने पर रोक लगाने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बॉर्डर चौक पोस्ट पर वाहनों की चेकिंग कर यात्री सूची मांगी जाएगी। यदि ग्रीन कार्ड सही पाया गया तो चौकपोस्ट से परिवहन विभाग का होलोग्राम व मोहर लगाई जाएगी। यात्री सूची न दिखा पाने पर बाहरी राज्यों का ग्रीन कार्ड जब्त किया जाएगा। इसके अलावा बस को सीज कर पूरे यात्रा सीजन के लिए उसे ब्लैक लिस्ट किया जाएगा।

गढ़वाल आयुक्त वीबीआरसी पुरुषोत्तम ने पूर्व में हुई बैठक में सभी विभागों को यात्रियों की सुविधा के लिए एक कंट्रोल रूम बनाने को कहा था। इस मामले में सोमवार को हुई बैठक में यह तय हुआ कि एक मई से चारधाम यात्रा सीजनल सहायता केंद्र के नाम से हेल्प डेस्क शुरू होगी। इसमें प्रशासन सहित परिवहन, पर्यटन, पुलिस, संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति, नगर निगम, रोडवेज का एक-एक कर्मचारी बैठेगा। इससे जिस यात्री को जिस विभाग से शिकायत होगी। उससे वह विभाग मौके पर ही सुनवाई करेगा। यह सहायता केंद्र सुबह छह से रात आठ बजे तक खुला रहेगा।

स्लोगन बोर्ड से तीर्थ यात्रियों को करेंगे जागरूक
बैठक में यह सवाल उठा कि बीटीसी परिसर पर कुछ ट्रेवल एजेंसियों के एजेंट अनधिकृत रूप से घूमते हैं, जो यात्रियों को डायवर्ट करने का काम करते हैं। इसके लिए उप जिलाधिकारी प्रेमलाल ने कहा कि बीटीसी परिसर पर जगह-जगह अनधिकृत ट्रेवल एजेंटो से सावधान, कृप्या बस की बुकिंग रोटेशन के काउंटर से ही कराए आदि स्लोगन लिखे बोर्ड लगाए जाएंगे।
ड्राइविंग के इन बातों का ध्यान रखना होगा

एआरटीओ डॉ. अनिता चमोला ने कहा कि यात्रा शुरू होने में हफ्ते भर का समय शेष रह गया है। ऐसे में बस चालकों के लिए परिवहन विभाग ने कुछ जरूरी दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। कोई भी बस चालक चप्पल पहनकर गाड़ी नहीं चलाएगा। चालक आठ घंटे से ज्यादा ड्राइविंग नहीं करेगा। बस में ओवर लोडिंग नहीं की जाएगी। इसके अलावा यात्रा को दस दिन के बजाये नौ दिन में पूरा करने के लिए ओवर स्पीड पर भी नियंत्रण करने को कहा गया है। यात्रा के दौरान बस चालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वह नशा न करें। साथ ही ड्राइविंग के दौरान मोबाइल इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध रहेगा।

स्थानीय युवाओं ने उठाया प्राकृतिक जल स्त्रोत के संरक्षण का बीड़ा

ग्राम सभा खदरी खड़कमाफ के खादर क्षेत्र में लगभग 100 साल से भी अधिक पुराने प्राकृतिक जल उद्गम स्थल के संरक्षण के लिए स्थानीय युवाओं ने कदम बढ़ाया है। युवाओं ने श्रमदान कर पौराणिक जल उद्गम स्थल के चारों ओर पत्थरों का घेरा बनाया। ताकि, यह जल उगल स्रोत विलुप्त होने से बचा रहे।

बता दें कि खदरी के राजकीय पॉलीटेक्निक के समीप स्थित यह जल उगल स्रोत वर्षों पुराना है। बोक्सा जन जाति के पुराने जानकारों के मुताबिक खदरी का समस्त खादर क्षेत्र नागाओं की भूमि हुआ करती थी। नागा बाबा इस पौराणिक जल ओगल (उगल) स्रोत से ही पेयजल ग्रहण करते थे। जमींदारी उन्मूलन अधिनियम के बाद खादर क्षेत्र उन सभी कृषकों का हो गया जो नागाओं की खेती किया करते थे।

गंगा स्वच्छता अभियान से जुड़े पर्यावरण मामलों के जानकार विनोद जुगलान विप्र का कहना है कि जब बिजली पानी की इतनी व्यवस्था नहीं थी, तब हम इस प्राकृतिक जल स्रोत का उपयोग किया करते थे। सन 1971 में भारत पाक युद्ध के समय शाम ढलते ही ब्लैक आउट हो जाया करता था। तब यह जल स्रोत खदरी के ग्रामीणों की प्यास बुझाने का एक मात्र बड़ा साधन था। इसी तरह लक्कड़ घाट के समीप भी कुछ अन्य जल उगल थे।

वर्तमान में एक दो को छोड़कर बाकी सभी सीवरेज के पानी के कारण पीने योग्य नहीं रह गए हैं। खदरी के खेतों में पॉलीटेक्निक के समीप इस प्राकृतिक जल उगल का पानी आज भी पीने और स्नान करने के लिए प्रयोग किया जाता है। बरसात में खेतों से अतिरिक्त पानी आने के कारण यह उजड़ने लगता है। इसके संरक्षण के लिए स्थानीय युवाओं ने पत्थरों की बाड़ बनाई।

ई गवर्नेंस पुरस्कार की धनराशि पुलवामा शहीद जवानों को दी

राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार से मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष आईएएस डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव को सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार प्रधानमंत्री कार्यालय के मंत्री जितेंद्र सिंह ने उन्हें नई दिल्ली में प्रदान किया।
सम्मान समारोह में भारत सरकार के मंत्री जितेंद्र सिंह ने एमडीडीए के उपाध्यक्ष डॉक्टर आशीष कुमार श्रीवास्तव को ई गवर्नेंस के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहे मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण को नेशनल अवॉर्ड फॉर ई गवर्नेंस प्रदान किया। आपको बता दें कि भारत सरकार के कार्य मंत्रणा मंत्रालय, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के प्रशासनिक एवं लोक शिकायत विभाग द्वारा ई गवर्नेंस को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थापित यह पुरस्कार अखिल भारतीय स्तर पर राज्य के विभागों को प्रदान किया जाता है। केंद्रीय सचिव की अध्यक्षता में 10 सदस्य चयन समिति द्वारा अखिल भारतीय स्तर पर आमंत्रित आवेदनों में से प्रथम पुरस्कार के लिए एमडीडीए का चयन किया गया।

आपको बता दें कि डॉक्टर आशीष कुमार श्रीवास्तव की छवि एक ईमानदार आईएएस और युवा अधिकारी के रूप में जानी जाती है। उत्तराखंड में एमडीडीए के उपाध्यक्ष से पहले उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है। प्रशासनिक एवं राजनीतिक सूत्र बताते हैं कि डॉ श्रीवास्तव एक ईमानदार अधिकारी हैं, जिन्हें आम जनता के द्वारा भी काफी सराहना मिली है। डॉ श्रीवास्तव ने बताया कि इस पुरस्कार के फलस्वरूप उन्हें ₹100000 की धनराशि इनाम में मिली है।उन्होंने बताया कि पुलवामा में शहीद हुए सीआरपीएफ के जवानों को यह धनराशि देने का निर्णय लिया है। भारतीय स्तर पर मिलने वाला यह सर्वोच्च पुरस्कार उत्तराखंड के लिए गौरव की बात है, लेकिन एक आईएएस अधिकारी के द्वारा इतनी बड़ी धनराशि इनाम स्वरूप मिलने पर शहीद परिवारों को दान देने का निर्णय लेकर डॉक्टर आशीष कुमार श्रीवास्तव ने कई बड़े अधिकारियों और राजनीतिक दलों को आईना दिखाने का कार्य किया है, जो हम सभी के लिए गर्व की बात है।

गंगा की निर्मलता और स्वच्छता बनाए रखने के सभी कार्य गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में नमामि गंगे, अमृत योजना, स्वच्छ भारत मिशन व देहरादून स्मार्ट सिटी लि. की विस्तार से समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने सचिवों व विभागाध्यक्षों को निर्देश दिये कि सभी कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया जाए। जिससे कार्यों की गुणवत्ता व प्रगति की पूरी जानकारी मिले। उन्होंने कहा कि कि जो भी कार्य किये जा रहे हैं, उनकी वीडियो रिकाॅर्डिंग भी की जाए। केन्द्र सरकार द्वारा सहायतित योजनाओं की समय-समय पर प्रगति की जानकारी केन्द्र सरकार को भी दी जाए। सभी कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण कर लिए जांए। इसके लिए रिसोर्स बढ़ाने की जरूरत हो तो बढ़ाएं लेकिन यह सुनिश्चित किया जाए कि कार्य निर्धारित समय में पूर्ण हो जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि गंगा की स्वच्छता व निर्मलता के लिए जो भी कार्य किये जा रहे हैं उनका होर्डिंग व अन्य माध्यमों से व्यापक प्रचार प्रसार भी किया जाए। जो कार्य प्रगति पर हैं उनकी जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि गंगा आस्था का प्रतीक होने के साथ ही हमारी अमूल्य धरोहर भी है। नमामि गंगे के तहत हो रहे महत्वपूर्ण कार्यों की रेलवे स्टेशनों, एयरपोर्ट एवं प्रमुख स्थानों पर भी होर्डिंग, बैनर व फ्लैक्स के माध्यम से प्रचारित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नमामि गंगे के तहत जो वृक्षारोपण किये जा रहे हैं, उनमें फलदार वृक्ष और मेडिसनल प्लांट अधिक लगाये जाएं। स्वच्छता अभियान में अच्छा कार्य करने वाली पालिकाओं को सम्मानित भी किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून स्मार्ट सिटी के तहत ऐसी कार्य योजना बनाई जाए जिससे देहरादून को अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त शहर बनाया जा सके। इसके अलावा जनसुविधाओं के दृष्टिगत अवस्थापना सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना बनाई जाए।
नमामि गंगे में 66 कार्यों में से 41 कार्य पूर्ण व 24 पर कार्य गतिमान
बैठक में बताया गया कि उत्तराखण्ड पेयजल निगम की सभी 13 सीवरेज योजनाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है। नमामि गंगे के तहत 66 कार्यों में जिसमें स्नान एवं शमशान घाटों का निर्माण, घाटों की सफाई, नदी तट की सफाई शामिल है, में से 41 कार्य पूर्ण हो चुके हैं, 24 पर कार्य प्रगति पर है जबकि एक की निविदा प्रक्रिया चल रही है। नमामि गंगे के तहत 135 नालों में से 91 नाले टेप किये जा चुके हैं, शेष पर कार्य गतिमान है। सीवरेज इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना के तहत स्वीकृत 19 परियोजनाओं में से 05 परियोजनाएं पूर्ण कर ली गई हैं, 13 परियोजनाओं पर कार्य गतिमान है व एक परियोजना पर मूल्यांकन चल रहा है। गंगा नदी के किनारे सभी 15 नगरों व देहरादून में रिस्पना व बिन्दाल पर एस.टी.पी. इन 19 परियोजनाओं में शामिल हैं। हरिद्वार के सराय में 14 एमएलडी एसटीपी का कार्य मार्च 2019 तक व जगजीतपुर में 68 एमएलडी एसटीपी का कार्य जून तक पूर्ण कर लिया जायेगा। नमामि गंगे के तहत वन विभाग द्वारा वृक्षारोपण, चैक डेम, गंगा वाटिका व वृक्षारोपण हेतु वर्कशाॅप भी कराये जा रहे हैं। वृक्षारोपण के तहत 40 प्रतिशत फलदार वृक्ष व 20 प्रतिशत मेडिसनल प्लांट लगाये जा रहे हैं।
शहरों में बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने के लिए अमृत मिशन के तहत शौचालय निर्माण शत प्रतिशत जलापूर्ति का लक्ष्य जल्द किया जायेगा पूरा
प्रदेश के सात शहरों देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी, रूड़की, रूद्रपुर, काशीपुर व नैनीताल को अमृत मिशन के अन्तर्गत शामिल किया गया है। इसका उद्ेश्य इन शहरों में बुनियादी सुविधाएं जैसे जलापूर्ति, सीवरेज, ड्रेनेज, हरित क्षेत्र व शहरी परिवहन की सुविधा मुहैया कराना है। अमृत मिशन का प्राथमिक उद्देश्य सभी परिवारों को जलापूर्ति कनेक्शन उपलब्ध कराना है। इस मिशन के प्रारम्भ होने से पूर्व 57 प्रतिशत जलापूर्ति कनेक्शन थे, जो अब बढ़कर 88 प्रतिशत हो गये हैं। शौचालय निर्माण शत प्रतिशत किया जा चुका है। इस मिशन के तहत अभी तक लगभग 445 करोड़ रूपये के 101 स्वीकृत कार्यों में से 16 कार्य पूर्ण हो चुके हैं, 72 पर कार्य प्रगति पर है, शेष पर निविदा प्रक्रिया गतिमान है।
वार्डों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का डोर टू डोर एकत्रीकरण का वेरिफिकेशन किया जाए
स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के तहत खुले में शौच की प्रवृत्ति के उन्मूलन, आधुनिक और वैज्ञानिक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता हेतु जागरूकता व नगर निकायों की क्षमता वृद्धि से संबंधित कार्य किये जा रहे हैं। बैठक में जानकारी दी गई कि सभी 100 निकायों को खुले में शौच से मुक्त किया जा चुका है। ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन के लिए 1162 वार्डों में से 914 वार्डों में डोर टू डोर एकत्रीकरण किया किया जा रहा है। 278 वार्डों में सोर्स सेग्रिगेशन का कार्य शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भी सुनिश्चित किया जाए कि जो भी वृक्षारोपण हो रहा है, उन वृक्षों की सुरक्षा भी हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि वार्डों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का जो डोर टू डोर कूड़ा एकत्रीकरण किया जा रहा है, इसकी वास्तविक स्थिति जानने के लिए वेरिफिकेशन किया जाए।
देहरादून स्मार्ट सिटी प्रोजक्ट के लिए ठोस कार्य योजना बनाई जाए
मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून स्मार्ट सिटी प्रोजक्ट के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाए। बैठक में जानकारी दी गई कि अवस्थापना विकास, स्वच्छ वतावरण व बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर से देहरादून स्मार्ट सिटी बनाई जायेगी। स्मार्ट सिटी के लिए कुल 1407.5 करोड़ रूपये के फण्डिंग की योजना है, जिसमें से 500 करोड़ केन्द्र सरकार, 500 करोड़ राज्य सरकार व 407.50 करोड़ पीपीपी मोड व अन्य से किये जाने की योजना है। इसके तहत 7 वाटर एटीएम, 7 स्मार्ट टाॅयलेट, 3 स्मार्ट स्कूल जीजीआईसी राजपुर रोड, जीआईसी खुड़बुड़ा, राजकीय जूनियर बालिका हाई स्कूल खुडबुड़ा बनाये जाने की योजना है। इसके अलावा दून इंटीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेंटर, शहर के प्रमुख मार्गों पर स्मार्ट रोड, जलापूर्ति व निकासी की योजना, परेड ग्राउण्ड का पुनरोद्धार, डीबीएस व डीएबी काॅलेज क्षेत्रों का पुनरोद्धार, सिटी ट्रासंपोर्ट के लिए इलेक्ट्रिक बस की सुविधा, स्मार्ट वेस्ट मैनेजमेंट व कलक्ट्रेट कैम्पस ग्रीन बिल्डिंग से सबंधित कार्य स्मार्ट सिटी के तहत किये जायेंगे।
बैठक में वित्त व पेयजल मंत्री प्रकाश पंत, सचिव राधिका झा, अरविंद सिंह ह्ंयाकी, शैलेस बगोली, अपर सचिव एच.सी. सेमवाल व संबधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।