इतना सस्ता प्लान किसी अन्य नेटवर्क का भी नहीं

पतंजलि स्वदेशी समृद्ध कार्डधारकों को बीएसएनएल कम मूल्य पर एक प्लान उपलब्ध करायेगी। इसके लिये पतंजलि बीएसएनएल कंपनी के पांच लाख काउंटर पर पतंजलि स्वदेशी समृद्ध कार्ड उपलब्ध करायेगी।

इस प्लान पर 144 रुपये के न्यून शुल्क पर सभी नेटवर्क पर असीमित कॉल, प्रतिदिन 2 जीबी डाटा मिलेगा। साथ ही इसमें कोई रोमिंग चार्ज नहीं होगा और 100 एसएमएस प्रतिदिन करने की सुविधा मिलेगी।

प्लान को जारी करने के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में योगगुरु बाबा रामदेव ने बीएसएनएल का सिम लांच किया। इस मौके पर बाबा रामदेव ने कहा कि बीएसएनएल देश की पूर्ण स्वदेशी टेलीकॉम कंपनी है। कंपनी के पांच लाख काउंटर पर पतंजलि स्वदेशी समृद्ध कार्ड उपलब्ध कराए जाएंगे।

बीएसएनएल मुबई, महाराष्ट्र के डीजीएम गोपाल पाटिल ने कहा कि पतंजलि व बीएसएनएल का संबंध 2010 से है। बीएसएनएल महाराष्ट्र के पीजीएमइबी सुनील कुमार गर्ग ने कहा कि पतंजलि जैसी राष्ट्र-निर्माण के कार्य में संलग्न संस्था से जुड़ना गर्व की बात है। बीएसएनएल उत्तराखंड के मुख्य महाप्रबंधक महक सिंह ने कहा कि पतंजलि ने स्वदेशी अभियान में महत्वपूर्ण कार्य किया है।

फिल्म निर्माता मधुर भंडारकर ने की सीएम से मुलाकात, दिये ये सुझाव

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने फिल्म निर्माता व निर्देशक से मुलाकात के दौरान कहा कि राज्य में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। यहां फिल्मों की शूटिंग को बढ़ावा मिलने से राज्य की कई प्रतिभाओं को फिल्मों के क्षेत्र में काम करने के अवसर मिलेंगे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखण्ड में फिल्मों को बढ़ावा देने के लिए फिल्मों की शूटिंग के लिये अब शुल्क नहीं लिया जा रहा है। फिल्मों की शूटिंग सम्बन्धित सभी प्रक्रियाओं हेतु सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया गया है। इससे आकर्षित होकर कई बड़े बैनर के फिल्मकार राज्य में फिल्मों की शूटिंग हेतु आ रहे है। उन्होंने कहा कि एफटीआईआई से उत्तराखण्ड में फिल्म इंस्टीट्यूट के लिए परमिषन ली जायेगी। इसके लिए उन्होंने सचिव/महानिदेषक सूचना एवं उत्तराखण्ड फिल्म विकास परिषद् के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को आवष्यक कार्यवाही करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड का नैसगिृक सौन्दर्य देखकर देष के अधिक से अधिक फिल्म निर्माता उत्तराखण्ड में फिल्मों का निर्माण कर रहे है। इससे उत्तराखण्ड की पहचान देष-विदेष में हो रही है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि उत्तराखण्ड में फिल्मों के निर्माण व फिल्मांकन हेतु व्यापक सम्भावनायें है। आवष्यकता है उसको गहराई में देखने की। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि है। यहॉ तीर्थ स्थलों के साथ ही साधकों की तपोस्थली भी है। जिसके बारे में इस क्षेत्र के सूदूर अॅचलों में जाने से जानकारी हो सकेगी। उन्होंने कहा कि भविष्य में फिल्म निर्माण से यहॉं के लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रुप से रोजगार मिलेगा। जिससे उनकी आर्थिकी में सुधार होगा।

हिंदू युवक को खून देकर आतिफ ने निभाया मानवता का धर्म

मजहब के नाम पर इंसान और इंसानियत को अलग-थलग करने वालों को दून के आरिफ खान ने सबक सिखाया है। उन्होंने न सिर्फ खून देकर एक हिंदू युवक की जान बचाई; बल्कि मानवता का परिचय दिया हे।

दरअसल, मैक्स अस्पताल में भर्ती अजय बिजल्वाण (20 वर्ष) की हालत बेहद गंभीर है और आइसीयू में है। लीवर में संक्रमण से ग्रसित अजय की प्लेटलेट्स तेजी से गिर रही थीं और शनिवार सुबह पांच हजार से भी कम रह गई थीं। चिकित्सकों ने पिता खीमानंद बिजल्वाण से कहा कि अगर ए-पॉजिटिव ब्लड नहीं मिला तो जान को खतरा हो सकता है। काफी कोशिश के बाद भी डोनर नहीं मिला।

इसके बाद खीमानंद के परिचितों ने इस संबंध में सोशल मीडिया पर पोस्ट कर मदद मांगी। जब सहस्रधारा रोड (नालापानी चौक) निवासी नेशनल एसोसिएशन फॉर पेरेंट्स एंड स्टूडेंट्स राइट्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरिफ खान को व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से सूचना मिली तो उन्होंने अजय के पिता को फोन किया। कहा कि उनके रोजे चल रहे हैं, अगर चिकित्सकों को कोई दिक्कत नहीं है तो वह खून देने के लिए तैयार हैं। चिकित्सकों ने कहा कि खून देने से पहले कुछ खाना पड़ेगा, यानी रोजा तोड़ना पड़ेगा।

आरिफ खान ने जरा भी देर नहीं की और अस्पताल पहुंच गए। उनके खून देने के बाद चार लोग और भी पहुंचे। आरिफ खान ने बताया कि श्अगर मेरे रोजा तोड़ने से किसी की जान बच सकती है तो मैं पहले मानवधर्म को ही निभाऊंगा। रोजे तो बाद में भी रखे जा सकता है, लेकिन जिंदगी की कोई कीमत नहीं।

उनका कहना है कि रमजान में जरूरतमंदों की मदद करने का बड़ा महत्व है। मेरा मानना है कि अगर हम भूखे रहकर रोजा रखते हैं और जरूरतमंद की मदद नहीं करते तो अल्लाह कभी खुश नहीं होंगे। मेरे लिए तो यह सौभाग्य की बात है कि मैं किसी के काम आ सका।

राज्य में आने वाले श्रद्धालु अच्छी छवि लेकर जायेंः त्रिवेन्द्र

उत्तराखंड पयर्टन राज्य है। यहां आने वाले श्रद्धालु राज्य की अच्छी छवि लेकर वापस जाये। शहरी क्षेत्रों की जनता की प्राथमिकता स्वच्छता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाएं धरातल पर दिखनी चाहिये। सभी प्रयासों का परिणाम क्या निकला, इस पर बात होनी चाहिये। जनता को परिणाम से सरोकार होता है।

मुख्यमंत्री ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के लिये निर्धारित गतिविधियों में शीर्ष चार-पांच गतिविधियां चिन्हित कर उन पर पूरा ध्यान केन्द्रित करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि स्मार्ट सिटी के लिये पूर्व निर्धारित क्षेत्रफल में कुछ वृद्धि करने पडे तो उसका भी प्रस्ताव बनायें। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों द्वारा विद्युत तार, पेयजल लाईन, सीवर, टेलीफोन आदि हेतु सड़कों की खुदाई कर दी जाती है। इसको रोकने के लिये सभी मुख्य मार्गों पर परमानेंट डक्ट बनाने पर विचार किया जाय। इस डक्ट में समय-समय पर आवश्यकतानुसार तारें-लाइनें डाली जा सकती हैं। उन्होंने मुख्य सचिव को इस दिशा में व्यापक विचार-विमर्श करने के निर्देश भी दिये।   
    
 मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नसीहत दी कि वे चार पहिया वाहनों के स्थानों पर दो पहिया वाहनों के द्वारा भीडभाड वालों इलाकों में जाकर स्वच्छता, ट्रैफ़िक आदि का हाल जाने। मुख्यमंत्री ने मार्च 2019 तक प्रधानमंत्री आवास योजना हेतु एक लाख 4971 लाभार्थियों को आवास अनुमन्य करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर गरीब को घर देना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। वर्ष 2022 तक सबके लिये आवास के प्रधानमंत्री के संकल्प को पूरा करना है। उन्होंने कहा कि यदि दिशा में मौजूदा आवास नीति में कोई प्रावधान आड़े आ रहे हो तो नीति में संसोधन भी किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी तथा सभी जिलाधिकारियों को जिला स्तरीय बैंकर्स कमेटी की मीटिंग में इस तथ्य को को उठाने को कहा। उन्होंने कहा कि बैंकों द्वारा निरस्त किये गये आवदनों की रैण्डम जांच जिलाधिकारियों स्वयं करें।

राज्य सरकार ने सृजित किये रोजगार के नये मौके

उत्तराखंड को पर्यटन राज्य बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत मंत्रिमंडल ने महत्वपूर्ण कदम उठाये है। उन्होंने सैकड़ो रोजगार देने के लिये वीर चंद्र सिंह गंढ़वाली योजना का दायरा बढ़ाकर क्याकिंग, टेरेनबाइकिंग, कैरावेन, एग्लिंग, स्टार गेसिंग, बर्ड वॉचिंग, आदि गतिविधियों को जोड़ा है।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बुधवार को कोटी कॉलोनी क्षेत्र में टिहरी झील में तैरती बोट पर बैठक हुई। बैठक में 13 बिंदु रखे गए। लेकिन थराली उपचुनाव की आचार संहिता लागू होने के चलते जोशीमठ क्षेत्र से जुड़े एक बिंदु को स्थगित कर दिया गया। सरकार के प्रवक्ता व काबीना मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्योग) पॉलिसी में संशोधन कर पर्यटन से जुड़ी कई गतिविधियों को उद्योग का दर्जा दिया गया। अब कायाकल्प रिजॉर्ट, आयुर्वेद, योग, पंचकर्मा, बंजी जंपिंग, जॉय राइडिंग, सर्फिंग, कैंपिंग, राफ्टिंग जैसे उद्यम एमएसएमई नीति के तहत आएंगे। इस क्षेत्र में आने वाले उद्यमियों को उक्त नीति के तहत तमाम सुविधाएं मिलेंगी।

मेगा इन्वेस्टमेंट इंडस्टियल पॉलिसी के तहत आयुष और वेलनेस को लाया गया है। इससे होटल, रिजॉर्ट, क्याकिंग, सी प्लेन उद्योग, आयुर्वेद, योग जैसी 22 गतिविधियां को शामिल किया गया है। इन गतिविधियों के लिए आने वाले उद्यमों को सरकार की ओर से कई लाभ मिलेंगे।

वीर चंद्र सिंह गढ़वाली योजना में 11 नई गतिविधियों के लिए उपकरणों की खरीद के लिए सहायता दी जाएगी। काबीना मंत्री कौशिक ने बताया कि चालू वर्ष को रोजगार वर्ष के रूप में घोषित किया गया है। सरकार का उद्देश्य पर्यटन और रोजगार को आपस में जोड़कर राज्य के युवाओं को रोजगार से जोड़ना है।

अब सरकार हर तीन माह में पुलिस कर्मियों का करायेगी मेडिकल चेकअप

सरकार को हर तीन माह में पुलिस कर्मियों का मेडिकल चेकअप कराना होगा। हाईकोर्ट ने सरकार को इस बात का आदेश जारी किया है। इसके अलावा आवासीय स्थिति में सुधार के लिये पुलिस कर्मियों के लिये हाउसिंग स्कीम बनेगी।

नैनीताल स्थिति हाईकोर्ट में हरिद्वार के अधिवक्ता अरुण भदौरिया ने एक जनहित याचिका दायर की थी। जिसमें उन्होंने राज्य में पुलिस कर्मियों की रोजाना 10 से 15 घंटे ड्यूटी को कम करने संबंधी बात कही थी।

वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजीव शर्मा व न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की खंडपीठ ने मामले को सुनने के बाद राज्य सरकार को अहम दिशा-निर्देश जारी किए। कोर्ट ने तीन माह के भीतर पुलिस कर्मियों के कल्याण के लिए कॉरपस फंड बनाने, सर्विस कॅरियर में तीन प्रमोशन प्रदान करने, अवकाश के मामलों में उदारता बरतने, ड्यूटी के दौरान जख्मी या मृत्यु होने पर परिजनों को मुआवजा देने, हर तीन माह में पुलिस कर्मियों का मेडिकल चेकअप अनिवार्य रूप से करने व हर जिले में पुलिस कर्मियों की जांच के लिए मनोचिकित्सक की नियुक्ति करने का फरमान दिया हैं।

नमामि गंगे की बेवसाईट का सीएम ने किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने पेयजल योजनाओं और नमामि गंगे की बेवसाईट का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालयों में बच्चों के लिये स्वच्छता पर आधारित पाठय सामग्री का भी विमोचन किया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि जल संकट की चुनौती से लड़ने के लिए विशेष प्रयासों की जरूरत है। आने वाले समय में जल संकट विश्व के समक्ष एक गम्भीर समस्या होगी। जल के संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए हमें अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक सोच के साथ कार्य करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के लिए राज्यों को आपस में मिलकर विचार करना होगा। मुख्यमंत्री ने हिमाचल, हरियाणा, उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्रियों से बात की है। टिहरी के जलाशय के कारण गंगा का जल स्तर सही बना हुआ है। जल संरक्षण के लिए वॉटर कॉपर्स बनना चाहिए। विभिन्न माध्यमों से वर्षा जल का संग्रहण करना आवश्यक है, ताकी पीने के पानी एवं सिंचाई के लिए पानी की पूर्ति हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में है पिछले एक साल में देहरादून में तीन झील बनाने का निर्णय लिया गया। जिसमें सूर्यधार का टेंडर हो गया है, सौंग के लिए बजट का प्रावधान कर लिया गया है, जबकि मलढ़ूंग की डीपीआर तैयार हो रही है। पिथौरागढ़, अल्मोड़ा एवं पौड़ी में भी झील बनाने का निर्णय लिया है। इन झीलों के माध्यम से जल संरक्षण भी होगा और ईको सिस्टम भी ठीक होगा।

उन्होंने कहा कि किसी भी कार्य को पूरा करने के लिए लक्ष्य पहले से निर्धारित होना चाहिए। पिछले वर्ष 25 मई से जल संरक्षण को जो अभियान चलाया गया, उससे 40 करोड़ लीटर पानी का संरक्षण हुआ है। इस वर्ष 70 करोड़ लीटर जल संरक्षण का लक्ष्य रखा गया है। राज्य सरकार ने रिस्पना नदी एवं कुमांऊ की लाइफ लाइन कोसी को पुनर्जीवित करने का लक्ष्य रखा है। इनके पुनर्जीवीकरण का कार्य मिशन मोड पर किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इस वर्ष लगभग 200 करोड़ रूपये जल संग्रहण एवं उससे सम्बन्धित योजनाओं पर खर्च किये जायेंगे। सरकारी आवासों से रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की शुरूआत की जा रही है।

पेयजल मंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि वैश्विक स्तर पर लगातार पेयजल की कमी की समस्या बढ़ती जा रही है। पेयजल की समस्या के निदान को विश्व बैंक पोषित अर्द्धनगरीय क्षेत्र के रूप में प्रदेश के 07 जनपदों के चिन्ह्ति 35 अर्द्धनगरीय क्षेत्रों के लिए मानक के अनुरूप पेयजल उपलब्ध कराने के लिए कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया है। वर्ष 2022 तक हर घर में शुद्ध पानी पहुंचाने के लिए शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लिये योजनायें बनाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि विकास की दौड़ के कारण पर्यावरण को जो क्षति पहुंच रही इससे भविष्य में गहरे जल संकट की समस्याएं उत्पन्न हो सकती है। जल संरक्षण के लिए हमें सुनियोजित तरीके से उपाय तलाशने होंगे।

उन्होंने बताया कि उत्तराखण्ड में जल संरक्षण के लिए इस वर्ष 15 प्रोजेक्ट लिये गये हैं। वर्षा जल संरक्षण व संवर्द्धन का कार्य विभिन्न बड़े सरकारी आवासों से किये जा रहे हैं। नमामि गंगे योजना के तहत गंगा को गंगोत्री से उतराखण्ड की अन्तिम सीमा तक स्वच्छ रखने का राज्य सरकार का लक्ष्य है। गंगा किनारे उत्तराखण्ड में जो 132 गांव आते हैं, उन्हें गंगा गांव की श्रेणी दी गई है। गंगा की स्वच्छता एवं निर्मलता के लिए हम सबको मिलकर प्रयास करने होंगे।

पैतृक गांव पहुंच सेना प्रमुख ने खिंचवाई पुराने साथियों के साथ फोटो

अपने पैतृक गांव पहुंचे सेना प्रमुख जनरल रावत ने कुलदेवता गूल के दर्शन किये। इस दौरान उन्होंने न केवल गांव के लोगों के साथ फोटो खिंचवाई। साथ ही गंाव के पलायन पर चिंता व्यक्त की। उन्होंनंे गांव के लोगों को हर संभव मदद का भरोसा भी दिया।

जनरल रावत ने परिजनों से गांव की समस्याओं पर चर्चा की। गांव के लोगों से उन्होंने खेती, रोजगार और पलायन जैसे मुद्दों पर बात की। जनरल रावत के परिवार के लोगों से बातचीत में उन्होंने गांव में घर बनाने की इच्छा जताई तो उनके चाचा भरत सिंह रावत ने उन्हें गांव में जमीन भी दिखायी। जनरल ने चाचा भरत सिंह के आवास के समीप ही एक खेत में घर बनाने पर सहमति जताई।

गांव में करीब दो घंटे का वक्त गुजारने के बाद जनरल रावत रात के लिए लैंसडाउन लौट गए। गांव से लौटते हुए जब जनरल रावत पत्नी मधुलिका के साथ बाहर सड़क पर पहुंचे तो वहां बड़ी संख्या में मौजूद महिलाओं से हालचाल पूछा और दोबारा गांव आने की बात कही। जनरल रावत ने बच्चों के लिए कोटद्वार में आर्मी पब्लिक स्कूल खोलने की बात कही।
इसके साथ ही उन्होंने अपने गांव तक सड़क बनाने के लिए भी राज्य सरकार से बात करने की बात कही। कोटद्वार में जनरल रावत और उनकी पत्नी ने गढ़वाल रेजिमेंट के जवानों के लिए आवास बनाने की योजना की आधारशिला भी रखी।

पौड़ी जनपद के द्वारीखाल विकासखंड में स्थित सैण गांव में जनरल रावत का पैतृक गांव है। जनरल रावत ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकने के लिए रोजगार देने वाली योजनाओं को गांवों में लाना होगा। उनकी पत्नी मधुलिका रावत ने उम्मीद जताई कि अगली बार जब वो गांव आएंगी तो तब उनके गांव तक सड़क बन जाएगी।

पीएम मोदी ने उत्तराखंड के किसानों की दी मिशाल

प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम में कुमांऊ मंडल के बागेश्वर जिले के किसानों की मिशाल दी गयी। पीएम नरेन्द्र मोदी ने कहा कि यहां के किसानों की मेहनत से उगने वाली फसल को संगठित होकर वैल्यू एडिशन के रूप में लिया है। साथ ही स्वरोजगार में भी इजाफा हुआ है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि बागेश्वर जिले के कपकोट क्षेत्र में मंडुवा, चोलाई, मक्का, जौ की फसल को ग्रामीणों ने बाजार मूल्य अच्छा न मिलने से नई तरकीब ढूंढ़ी है। कपकोट के ग्रामीणों ने फसल को बाजार में बेचने की जगह इन फसलों से बिस्किट्स और दूसरे खाद्य पदार्थ तैयार किए हैं। लौह तत्वों से भरपूर यह क्षेत्र इन बिस्किटों के माध्यम से देशभर में स्वरोजगार के लिए उदाहरण बन गया है।

प्रधानमंत्री ने मुनार गांव में ग्रामीणों की पहल की तारीफ करते हुए कहा कि आजीविका, आर्थिकी और स्वरोजगार के क्षेत्र में ग्रामीणों के इस कदम को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने भी इस अभियान को राष्ट्रीय आजीविका मिशन से जोड़ दिया है। अब ग्रामीण संगठित होकर न केवल हर साल 10 से 15 लाख रुपए कमा रहे हैं, बल्कि 900 लोग रोजगार प्राप्त कर रहे हैं।

किसानों की यह मेहनत पलायन को कम करने में मील का पत्थर साबित हुआ है। उन्होंने बागेश्वर जैसे पहाड़ी क्षेत्रों के किसानों के संगठित प्रयास को देशभर के लिए प्रेरणा स्रोत बताया। साथ ही कहा कि इससे न केवल किसानों ने अपना बल्कि अपने क्षेत्र का भाग्य बदल डाला है।

आभार जताया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में उत्तराखंड के बागेश्वर जिले किसानों की तारीफ करी। जिसपर सीएम ने पीएम मोदी का आभार जताया। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि यह हमारे राज्य के लिए गर्व की बात है कि प्रधानमंत्री ने पहाड़ के गांव के किसानों की मेहनत का संज्ञान लिया।

मानसरोवर यात्रा पर माना चीन, नाथुला के रास्ते होगी यात्रा

भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और उनके चीनी समकक्ष वांग यी ने बीजिंग में मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत-चीन संबंधों को सुधारने की बात कही। दोनों ने भारत-चीन के संबंधों को बढ़ावा देने के लिए एक-दूसरे की सराहना की। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की तारीफ करते हुये वांग ने कहा, इस साल हमारे नेताओं के मार्गदर्शन में चीन-भारत संबंधों ने अच्छा विकास किया है और विदेश मंत्री सुषमा ने उसमें बहुत अहम योगदान दिया है, जिसकी हम सराहना करते हैं। वहीं सुषमा स्वराज ने वांग को स्टेट काउंसलर और भारत के साथ सीमा मुद्दे पर चीन के विशेष प्रतिनिधि बनने की बधाई दी।

यात्रा पर सहमति

भारत और चीन ने सिक्किम में नाथूला मार्ग से कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू करने पर सहमति जता दी है। करीब 10 महीने पहले डोकलाम में पैदा हुए गतिरोध के बाद यात्रा रोक दी गयी थी। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की यहां चीनी विदेश मंत्री वांग यी से बातचीत के दौरान यह निर्णय लिया गया।

सुषमा ने कहा, ‘हम इस बात से खुश हैं कि इस साल नाथू ला मार्ग से कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर शुरू होगी। उन्होंने कहा, ‘मुझे विश्वास है कि इस साल चीनी पक्ष के पूरे सहयोग से यात्रा भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए संतोष देने वाला अनुभव होगी।

विदेश मंत्रालय हर साल दो अलग-अलग रास्तों से जून से सितंबर तक यात्रा का आयोजन करता है। इन दो मार्गों में लिपुलेख दर्रा (उत्तराखंड) और नाथूला दर्रा (सिक्किम) है। धार्मिक महत्व वाली इस तीर्थयात्रा का सांस्कृतिक महत्व भी है, जिसमें हर साल सैकड़ों लोग कैलाश मानसरोवर जाते हैं।
विदेश मंत्री ने वार्ता के बाद कहा कि साल 2018 में चीन, सतलज और ब्रह्मपुत्र नदी के डेटा भारत को उपलब्ध कराएगा। इसके अलावा भारत और चीन के बीच आतंकवाद, क्लाइमेट चेंज और ग्लोबल हेल्थकेयर जैसे अहम मुद्दों पर भी बातचीत हुई है।

चीन जाएंगे पीएम

सुषमा स्वराज ने बताया कि पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच कई अहम मुद्दों पर बातचीत होगी और कई समझौतों को अंतिम रूप दिया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27-28 अप्रैल को चीन दौरे पर रहेंगे। इस दौरान पीएम मोदी की चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी मुलाकात होगी।