क्षेत्रीय समन्वय समिति के जरिये अनुभवों को करें साझा

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि वैश्वीकरण के दौर में अपराध बहुत तेजी से अपने पैर पसार रहा है। सूचना तकनीक के विकास से विश्व में हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। बढ़ते अपराधों की रोकथाम के लिये विभिन्न राज्यों की पुलिस में आपसी समन्वय और तालमेल की जरूरत बढ़ती जा रही है। यह बात सीएम ने पुलिस विभाग द्वारा अयोजित चतुर्थ उत्तर क्षेत्रीय समन्वय समिति की बैठक के दौरान कही।

मुख्यमंत्री ने बैठक का शुभारंभ कर कहा कि समन्वय समिति की बैठक में जिन आठ राज्यों के प्रतिनिधि प्रतिभाग कर रहे हैं। उनमें से पांच राज्यों की सीमायें अन्तराष्ट्रीय सीमाओं से लगी हैं। यह बैठक हमारे लिए महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस सम्मेलन के जरिये अलग-अलग राज्यों से आये पुलिस एवं सतर्कता एवं अभिसूचना विभाग के अधिकारी अपने-अपने अनुभवों को आपस में साझा करेंगे।

उन्होंने कहा कि पुलिस को विभिन्न समस्याओं का समाधान कुशलतापूर्वक करना होगा। समाजिक विविधता के दृष्टिगत पुलिस को व्यवस्थाओं और मर्यादाओं को कायम रखते हुए कार्य करना होगा। अन्तर्राष्ट्रीय सीमाओं पर भारत सरकार से सामंजस्य एवं अनुमति की जरूरत होती है। इसके लिए हमें समन्वय, बेहतर संवाद एवं सामंजस्य स्थापित करने पर भी ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि सतर्कता एवं अभिसूचना तंत्र को तकनीकि एवं प्रशिक्षण की दृष्टि से सशक्त होना जरूरी है।

प्रमुख सचिव गृह आनन्द वर्द्धन ने कहा कि उत्तर क्षेत्रीय समन्वय समिति के इस सम्मेलन में पुलिस एवं सुरक्षा से संबधित उच्च अधिकारियों को अपने विचारों और अनुभवों को आदान-प्रदान करने का मौका मिलेगा। वर्तमान परिस्थितियों में विभिन्न मुद्दों और उनके समाधान पर चर्चा होगी और आपसी सामंजस्य भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि इंटरनेट, कम्यूनिकेशन एवं सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभावों से साइबर क्राइम बढ़ा है। इन अपराधों को किस तरह नियंत्रित किया जा सकता है, इन विषयों पर अधिकारी अपने अनुभवों को साझा करेंगे।

पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूड़ी ने कहा कि वैश्वीकरण एवं संचार क्रांति के वर्तमान दौर में राज्यों को अनैक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। जिसमें अन्तर्राज्यीय, राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की सभी प्रकार की बाहरी एवं आन्तरिक सुरक्षा की समस्याएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की चुनौतियों के मुकाबले के लिए राज्यों के संसाधन सीमित हैं। इन चुनौतियों का सामना करने के लिए राज्यों की पुलिस व्यवस्था को उसी के अनुकूल सक्षम बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने इसके लिए दिन-प्रतिदिन की सूचनाओं के आदान-प्रदान तथा अपराध की चुनौतियों का सामना करने के लिए समन्वित प्रयासों की जरूरत एवं अभिसूचना तंत्र की मजबूती पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अर्न्तराज्यीय सम्मेलन से समस्याओं के समाधान तथा सुधार की दिशा में दूरगामी परिणाम प्राप्त होते हैं।

स्थानीय लोगों की आपदा प्रबंधन में अहम भूमिकाः सीएम

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक की अध्यक्षता करते हुये मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत बोले कि सभी जिलाधिकारियों को वर्षाकाल से पूर्व आपदा से निपटने के लिये पांच-पांच करोड़ रूपये दे दिये जाये। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की आपदा प्रबंधन में अहम भूमिका रहती है। स्थानीय लोगों को आपदा से निपटने को प्रशिक्षण दिया जाये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन महिला मंगल दलों एवं युवा मंगल दलों को आपदा से राहत व बचाव की ट्रेनिंग दी गई हैं, उन्हें समय-समय पर पुनः प्रशिक्षित किया जाए। स्थानीय स्तर पर आपदा राहत एवं बचाव के लिए आवश्यक उपकरणों की पूर्ण व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम (आईआरएस) को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाए। अर्ली वार्निग सिस्टम को और अधिक मजबूत करने की जरूरत है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने आपदा की दृष्टि से अति संवेदनशील स्थलों पर विशेष सुरक्षा बरतने के निर्देश दिये। उन्होंने भूकम्प की दृष्टि से अति संवेदनशील संस्थानों को चिन्हित करने एवं उससे बचाव के लिए प्रभावी उपाय तलाशने को कहा। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में संचार सुविधा को बढ़ाने के लिए बैलून तकनीक विकसित की जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से रात्रि के समय आपदा राहत एवं बचाव के लिए की जा रही तैयारियों की जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने बैठक के दौरान उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण की वेबसाइट व लोगो का विमोचन किया तथा आईआरएस से संबंधित मोबाईल एप्लीकेशन को लॉच किया। इसके अलावा उन्होंने सैन्डई रूपरेखा, आईआरएस के कॉफी टेबल बुक, युवक एवं महिला मंगल दल प्रशिक्षण, एनडीएम के सहयोग से संचालित आपदा सुरक्षा मित्र योजना एवं आईआरएस चेकलिस्ट पुस्तिकाओं का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री ने राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के लोगो के डिजाइन के लिए कंपीटिशन जीतने वाले नरेन्द्र तोमर को 25 हजार रूपये की धनराशि एवं प्रमाण पत्र प्रदान किया। आपदा में सर्च एवं रेसक्यू में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले युवाओं को सम्मानित भी किया गया।

रबी विपणन सत्र की बैठक में सीएम ने दिये ये निर्देश

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सचिवालय में रबी विपणन सत्र 2018-19 की समीक्षा की। उन्होंने अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दिये कि गेहूं की फसल कटाई से पूर्व सहकारिता विभाग को अपेक्षित धनराशि उपलब्ध करा दी जाय ताकि किसानों को गेहूं क्रय मूल्य का भुगताल समय पर प्राप्त हो।

मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुये कहा कि गेहूं क्रय हेतु नामित विभाग एवं संस्थान आपसी समन्वय से गेहूं क्रय के लक्ष्यों को प्राप्त करने का प्रयास करें। उन्होंने क्रय नीति को भी शीघ्र अंतिम रूप देने को कहा है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने गतवर्ष की भांति इस वर्ष भी 2.21 लाख मीटरटन गेहूं क्रय लक्ष्य निर्धारित करने तथा गेहूं का समर्थन मूल्य भारत सरकार द्वारा निर्धारित दर 1735 प्रति कुन्तल निर्धारित किये जाने को कहा। मुख्यमंत्री ने गेहूं भण्डारण क्षमता व भण्डारण एंजेसियों से सम्बन्धित कार्ययोजना पर भी ध्यान देने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को गेहूं क्रय केन्द्रों पर कोई कठिनाई न हो तथा गेहूं का मूल्य किसानों को समय पर उपलब्ध हो जाय, यह भी सुनिश्चित किया जाय।

प्रमुख सचिव खाद्य आनन्द बर्धन ने अवगत कराया कि प्रदेश में रबी विपणन सत्र 2018-19 हेतु 05 क्रय एजेन्सियां नामित की गई है, जिसमें खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग (विपणन शाखा), उत्तराखण्ड राज्य सहकारी विपणन संघ लिमिटेड, भारतीय राष्ट्रीय कृषक उपज उपार्जन, प्रसंस्करण एवं रिटेलिंग सहकारी संघ मर्यादित (एनएसीओएफ), भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ मर्यादित (एनसीसीएफ), उत्तर प्रदेश उपभोक्ता सहकारी संघ लिमिटेड शामिल है। साथ ही प्रदेश में गढ़वाल व कुमाऊं मण्डलों में कुल 194 क्रय केन्द्र स्थापित किये गये है तथा चैक के माध्यम से कृषकों को किये जाने वाले भुगतान व क्रय गेहूं की स्टेटपूल डिपोज पर डिलिवरी हेतु सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है।

आईडीपीएल की भूमि पर बनेगा इंटरनेशनल कन्वेंशनः त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने डोईवाला में भाजपा युवा मोर्चा द्वारा आयोजित मिलेनियम वोटर महा अभियान-2018 में मिलेनियम वोटरों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया और नए भारत के संकल्प को लेकर कार्य कर रहे हैं। भारत के भविष्य के तय करने में युवा वोटरों को महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। देश और राज्य के समग्र विकास के लिए भ्रष्टाचार को जड़ से मिटाना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य किया है। एनएच घोटाले में अभी तक 20 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इसकी जाँच अभी जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखण्ड में पर्यटन का अच्छा भविष्य है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लिए रेल कनेक्टिविटी का विस्तार किया जा रहा है। उड़ान योजना के अन्तर्गत 27 हेलीपैड में सस्ती हवाई सेवाएं प्रारम्भ की जायेंगी। उन्होंने कहा कि पॉवर सेक्टर में प्रदेश को पिछले साल 288 करोड़ रूपये का घाटा हुआ था, जो इस वर्ष केवल 88 करोड़ रूपये है। इस वर्ष पावर सेक्टर में 200 करोड़ रूपये का घाटा कम किया गया। परिवहन में एक साल प्रदेश में एक साल में डेढ़ सौ करोड़ की आय बढ़ी। खनन में भी 28 प्रतिशत राजस्व की वृद्धि हुई। उन्होंने कहा कि 2020 तक राज्य के राजस्व को दुगुना करने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने आगे कहा कि पलायन को रोकने के लिए सभी 670 न्याय पंचायतों को ग्रोथ सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके लिए इस बार के बजट में प्रावधान किये गये हैं। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश में आईडीपीएल की 800 एकड़ भूमि पर इन्टरनेशनल कन्वेंशन सेंटर बनाने के लिए केन्द्र सरकार से मंजूरी मिल गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कुछ जिलों में बाल लिंगानुपात में कमी चिंता का विषय है। इसे संतुलित करने के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाये जा रहे हैं।

राज्य में तो विरोध करने की परंपरा सी बन गयीः त्रिवेन्द्र

इन दिनों मेडिकल कोर्स की फीस को लेकर भारी विरोध देखने को मिल रहा है। जिस पर प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने सरकार का इस संबंध में रूख बयां करते हुये कहा कि प्राइवेट निवेशक कॉलेज निर्माण से लेकर अन्य खर्चों की भरपाई स्वयं उठाते है। इसके लिये सरकार की ओर से उन्हें कोई अनुदान नहीं दिया जाता है। तो ऐसे में हम उन्हें हतोत्साहित नहीं कर सकते है। प्रदेश में कई ऐसे अभिभावक है, तो इन फीस को भरने में सक्षम है, तो निवेशकों को हतोत्साहित नहीं करना चाहिए।

सरकार ने हाल ही में हुए बजट सत्र में उत्तराखंड अनुदानित निजी व्यावसायिक शिक्षण संस्थाओं (प्रवेश तथा शुल्क निर्धारण विनियम) (संशोधन) विधेयक-2018 पारित किया है। इस संशोधित विधेयक में निजी मेडिकल कॉलेजों को फीस निर्धारण का अधिकार दिया गया है। इससे पहले निजी मेडिकल कॉलेजों के लिए फीस का निर्धारण हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित प्रवेश एवं शुल्क नियामक समिति के जिम्मे था। अब विधेयक के एक्ट का स्वरूप लेते ही निजी मेडिकल कॉलेजों में फीस वृद्धि का रास्ता भी तकरीबन साफ हो गया है। निजी मेडिकल कॉलेजों ने फीस वृद्धि की कसरत शुरू कर दी है। प्रदेश में इसका विरोध भी शुरू हो गया है। इस संबंध में बुधवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने साफगोई के साथ सरकार का पक्ष रक्षा।

उन्होंने कहा कि अगर प्रदेश में ऐसे बच्चे या अभिभावक आते हैं जो खर्च कर सकते हैं तो उन्हें लगता है कि निजी मेडिकल कॉलेजों के क्षेत्रों में पूंजी निवेशकों को रोकना नहीं चाहिए। प्रदेश में तमाम निजी कालेज हैं और कई निवेशक निजी कॉलेज खोलने के लिए आवेदन कर रहे हैं। अगर हम इन्हें रोकते हैं तो राज्य का अहित होता है। प्रदेश में इस मसले पर चल रहे विरोध पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में विरोध हर चीज का होता है चाहे अच्छा किया जाए या बुरा। विरोध करना राज्य की परंपरा सी बन गई है।

सरकार जनता के अनुरूप ही कार्य कर रही

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने रायपुर विधानसभा क्षेत्र में 102 करोड़ के कार्यो का लोकार्पण और शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने जनता से अपील की कि रिस्पना से ऋषिपर्णा मिशन के अर्न्तगत शीघ््रा ही व्यापक जनभागीदारी से रिस्पना नदी के तटों पर एक ही दिन में लगभग ढाई लाख पौधे लगाये जायेगे। कोसी व रिस्पना नदियों को पुनर्जीवित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पौधरोपण करने की अपील की। कहा कि रिस्पना के उद्गम स्थल लंढौर से राजपुर तक लगभग ढाई लाख पौधों में 30 प्रतिशत फलदार वृक्ष होंगे। पौधे ऐसे लगाए जाएंगे जो भू जलस्तर को सुधारने में सहायक हो।

त्रिवेन्द्र ने कहा कि भ्रष्टाचार की दीमक को नष्ट करना ही होगा। इसके लिए लगातार प्रयास करने होंगे। भ्रष्टाचार के खिलाफ जो लड़ाई सरकार द्वारा शुरू की गई है वह जारी रहेगी। भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टोलरेन्स की नीति अपनाई गई है। एसआईटी सही दिशा में काम कर रही हैं। शिक्षा विभाग में भी फर्जी डिग्री के कई मामले पकड़े गए है। खनन राजस्व में 28 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। परिवहन विभाग 150 करोड़ रूपये की लाभ की स्थिती में है। ऊर्जा निगमों के लाभ में भी वृद्धि हुई है। राज्य सृद्ढ़ कानून व्यवस्था की दृष्टि से देश में दूसरे स्थान पर है। समय पर उचित उपचार मिलने से दुर्घटना के बाद मौतों में कमी आई हैं। जनता ने सरकार में जो विश्वास जताया है, सरकार उसी दिशा में कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि इस बार गैरसैंण में विधानसभा सत्र ऐतिहासिक एवं महत्वपूर्ण रहा। भविष्य में राज्य के आर्थिक व सामाजिक विकास की दिशा तय करने में वित सत्र सबसे महत्वपूर्ण होता हैं। इस बार के बजट में राज्य के युवाओं, सैनिकों, किसानों, महिलाओं की व्यापक भागीदारी रही। यह बजट पूरी तरह से सर्वसमावेशी बजट है। बजट राज्य के चहुमुखी विकास को सुनिश्चित करेगा।

पाकिस्तान को नहीं मिल पायेगा भारत का पानी

केंद्रीय जल संसाधन एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने पाकिस्तान के ऊपर कड़ा एक्शन लिया है। ने कहा कि देश की तीन नदियों का जल अब पाकिस्तान नहीं ले पाएगा। उन्होंने कहा कि नदियों के पानी को बांध बनाकर भारत में ही रोक दिया जाएगा, जिससे हरियाणा में कृषि कार्य करने में मदद मिलेगी और पानी की समस्या से भी छुटकारा मिल जाएगा। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों को लागत मूल्य का डेढ़ गुना दाम देने का जो विश्वास दिया है उसे पूरा करके दिखाएंगे।

सोमवार को गडकरी हरियाणा के रोहतक में आयोजित तीसरे एग्री लीडरशिप समिट में किसानों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में तीन बांधों का निर्माण किया जाएगा ताकि नदियों का भारत के हिस्से के पानी को पाकिस्तान की ओर बह कर जाने से रोका जा सके। अभी यह पानी बहकर पाकिस्तान चला जाता है जिसकी वजह से भारत इसका इस्तेमाल नहीं कर पाता।

जल संसाधन एवं परिवहन मंत्री गडकरी ने कहा कि बांधों से पानी को यमुना नदी से होते हुए हरियाणा लाया जाएगा। इस पानी के आने से राज्य में सिंचाई से वंचित भूमि की सिंचाई हो सकेगी तथा पानी की किल्लत दूर हो पाएगी। गडकरी ने यहां तीसरे कृषि शिखर सम्मेलन के अंतिम दिन कहा कि यह पानी अन्य राज्यों जैसे राजस्थान में भी ले जाया जाएगा।

हरियाणा और राजस्थान को मिलेगा पानी

गडकरी ने कहा कि सरकार उत्तराखंड में तीन बांध का निर्माण करने जा रही है। इसके बाद भारत की तीन नदियों के हिस्से को पानी को पाकिस्तान में जाने से रोका जा सकेगा और उसे बांध बनाकर यमुना नदी में लाया जाएगा। इसके बाद इस पानी को हरियाणा और राजस्थान तक पहुंचाया जाएगा।

खत्म होगी सिंचाई की समस्या

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि विभाजन के समय भारत को तीन नदियां (सतलुज, रावी व ब्यास) मिली थीं और पाकिस्तान को तीन नदियां (सिंधु, झेलम व चेनाब) मिली थी, लेकिन फिर भी भारतीय नदियों का पानी पाकिस्तान जाता रहा। उन्होंने कहा कि डिप इरिगेशन से किसानों को अधिक पानी मिलेगा, जिससे वो ज्यादा उत्पादन कर सकेंगे।

सीएम ने लांच किया वैक्सीन इंटेलीजेंस नेटवर्क

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार को विधानसभा भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अन्तर्गत इलैक्ट्रॉनिक वैक्सीन इंटैलीजेंस नेटवर्क (ईवीआईएन), मीजिल्स रूबैला टीकाकरण, आरएनटीसीपी तथा कायाकल्प पुरस्कार वितरण समारोह 2017-18 में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मीजल्स एवं रूबेला के टीकाकरण में स्वास्थ्य विभाग के साथ शिक्षा एवं आईसीडीएस विभागों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्रदेश में 28 लाख बच्चों के मीजल्स एवं रूबेला टीकाकरण के निर्धारित लक्ष्य को सम्बन्धित विभागों द्वारा समय से पूरा किया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश को 2024 तक क्षय रोग से मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने प्रदेश के सभी 13 जिलों के क्षय रोग निदान हेतु कार्य करने वालों को टेबलेट वितरण किया। किसी भी लक्ष्य को प्रदान करने के लिए विभागों में आपसी समन्वय होना जरूरी है। विभागों के समन्वय के कारण ही मीजल्स एवं रूबेला के टीकाकरण में प्रदेश में निर्धारित लक्ष्य से अधिक टीकाकरण हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षय रोग मुक्ति के लिए शपथ भी दिलाई। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने इलैक्ट्रॉनिक वैक्सीन इंटैलीजेंस नेटवर्क को मोबाईल एप से लॉच किया।

मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रदेश के जिला चिकित्सालयों, उप जिला चिकित्सालयों एवं प्रत्येक जिले में श्रेष्ठ कार्य करने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को पुरस्कृत किया एवं प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किये। जिसमें कायाकल्प पुरस्कार के तहत श्रेणी ’ए’ में प्रथम पुरस्कार प्राप्त करने वाले जवाहर लाल नेहरू, जिला चिकित्सालय ऊधमसिंह नगर को 50 लाख रूपये की धनराशि प्रदान की गई। जबकि 06 जिला चिकित्सालयों चेनराय जिला महिला चिकित्सालय हरिद्वार, बी.डी.पाण्डेय जिला पुरूष चिकित्सालय नैनीताल, जिला चिकित्सालय गोपेश्वर, चमोली, बीडीपाण्डेय जिला महिला चिकित्सालय नैनीताल, जिला चिकित्सालय रूद्रप्रयाग एवं जिला महिला चिकित्सालय उत्तरकाशी को सांत्वना पुरस्कार के रूप में 03-03 लाख रूपये की धनराशि प्रदान की गई।

श्रेणी ’बी’ में प्रथम पुरस्कार प्राप्त करने वाले उप जिला चिकित्सालय नरेन्द्रनगर, टिहरी गढ़वाल को 15 लाख रूपये, द्वितीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले उप जिला चिकित्सालय कोरोनेशन, देहरादून को 10 लाख रूपये एवं सांत्वना पुरस्कार प्राप्त करने वाले संयुक्त चिकित्सालय प्रेमनगर, देहरादून एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र डोईवाला, देहरादून को 01-01 लाख रूपये की धनराशि प्रदान की गई।

श्रेणी ’सी’ के अन्तर्गत जनपद में प्रथम पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को 02-02 लाख रूपये एवं सांत्वना पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को 50-50 हजार रूपये की धनराशि प्रदान की गई।

सीएम ने एक वर्ष के कार्यकाल पर आभार जताया

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने राज्य सरकार के एक वर्ष पूरे होने पर प्रदेश वासियों का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष में राज्य सरकार ने उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए समाज के हर वर्ग का उत्थान करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। किसान, महिला और गांव सरकार की नीतियों के केंद्र में हैं। पहाड़ से पलायन रोकना, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देना, बेहतर शिक्षा और रोजगार के अवसर प्रदान करना सरकार की प्राथमिकताएं हैं। मात्र कोरी घोषणाएँ नहीं की गयी हैं, बल्कि ऐसी घोषणाएं की गयी हैं, जिन्हें पूरा किया जा सकता है।

सीएम बोले ऊर्जा के क्षेत्र में राज्य ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। राज्य के 99.60 प्रतिशत ग्राम विद्युतीकृत हो गये हैं। विगत एक वर्ष में 51 दूरस्थ गाँव विद्युतीकृत किए गए एवं शेष 21 गाँव मार्च के अन्त तक विद्युतीकृत हो जाएंगे।

एक वर्ष में 552 नई बस्तियों को पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की गयी है। 572 नये स्थानों पर हैण्डपम्प लगाए गए हैं। 1273 ग्रामीण पेयजल योजनाओं का सुदृढ़ीकरण एवं जीर्णोद्धार किया गया है। प्रदेश में 3837 चाल-खाल, जलकुण्ड, फार्म पॉण्ड का निर्माण किया गया है। देहरादून में सूर्यधार झील परियोजना का कार्य शुरू हो गया है। देहरादून में रिस्पना नदी व अल्मोड़ा में कोसी नदी के पुनर्जीवीकरण हेतु अभियान प्रारम्भ हो चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में पिछले एक वर्ष में लगभग 600 अतिरिक्त चिकित्सकों को पर्वतीय क्षेत्रों में नियुक्त किया गया। इनमें 239 बॉन्डधारी चिकित्सकों की भी नियुक्ति भी सम्मिलित हैं। मैदानी क्षेत्रों में सुविधा जनक स्थानों पर वर्षों से जमें डाक्टरों की संबद्धता समाप्त कर उन्हें वापस मूल स्थानों पर तैनात किया गया है।

राज्य की महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए भी सरकार सदैव प्रयासरत है। 15 ग्रॉथ सेंटरों में महिलाओं को एलईडी उपकरण निर्माण की टेªनिंग दी जा रही है। सामाजिक रूप से कमजोर एवं निराश्रित महिलाओं के लिये एक लाख तक ऋण मात्र एक प्रतिशत ब्याज पर उपलब्ध कराया जा रहा है। एकल महिलाओं के लिये सखी ई-रिक्शा योजना शुरू की गयी है। इसके साथ ही प्रथम स्पर्श सैनेटरी नैपकिन उत्पादक इकाई शुरू कर दी गयी है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि वर्ष 2022 तक किसानों की आय दो गुनी करने हेतु शुरू की गयी योजना के अन्तर्गत अब तक सवा लाख से अधिक किसानों को लगभग 600 करोड रूपये का ऋण मात्र 02 प्रतिशत ब्याज पर उपलब्ध कराया जा चुका है। पर्वतीय क्षेत्र में छोटी एवं बिखरी जोतों की चकबन्दी का निर्णय लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अन्तर्गत स्टेट कम्पोनेंट में देश का पहला प्रशिक्षण केन्द्र उत्तराखण्ड में खोला गया है। एमएसएमई के क्षेत्र में 2951 ईकाइयों की स्थापना की गयी है, जिससे लगभग 17 हजार से अधिक लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ है। राज्य में सेण्ट्रल इंस्टिट्यूट ऑफ प्लास्टिक्स इंजीनियरिंग एण्ड टैक्नोलॉजी के लिये भवन एवं भूमि चिन्ह्ति कर ली गयी है, जिसमें इस वर्ष से कक्षाओं की शुरूआत कर दी जाएगी।

सिंगल विण्डो सिस्टम के अन्तर्गत लगभग 2500 करोड रूपये के 460 निवेश प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई है। नई स्टार्ट अप नीति-2018 भी लागू कर दी गयी है। उद्यमियों को नये उद्यमों हेतु भूमि खरीदने की अनुमति अब जिला स्तर से ही प्राप्त हो जाएगी।

उन्होंने बताया कि राज्य के विकास के लिये रोडमैप निर्धारित करते हुए हमने लक्ष्य 2020 के अन्तगर्त 2020 तक राज्य की सभी योजनाओं में डीबीटी लागू करने, राजस्व दोगुना करने, 05 हजार होम स्टे का निमार्ण, 01 लाख युवाओं को स्किल्ड बनाने, 200 स्टार्ट अप आरम्भ करने, 04 लाख 35 हजार वंचित परिवारों में से कम से कम एक व्यक्ति प्रति परिवार को जीविका के साधन देने, सर्विस सेक्टर में 01 लाख नए रोजगार उत्पन्न करने, सभी ग्राम पंचायतों में ऑप्टिकल फाईबर कनेक्टिविटी देने जैसे लक्ष्य रखे है।

स्वरोजगार के लिये जागरूकता जरूरीः सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को उत्तराखंड तकनीकि विश्वविद्यालय के नवीन परिसर का लोकापर्ण किया। उन्होंने विश्वविद्यालय में शौर्य दीवार का अनावरण एवं यूनिवर्सिटी ,केडिमिया इंडस्ट्री फोरम का भी शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड तकनीकि विश्विद्यालय का नाम वीर माधो सिंह भंण्डारी के नाम पर रखने की घोषण भी की।

मुख्यमंत्री ने कहा तकनीकि विश्वविद्यालय के छात्रों का औद्योगिक संस्थानों के साथ संवाद स्थापित कराना जरूरी है। उद्योंगों की डिमांड को समझना जरूरी है। आधुनिक तकनीक जिस तेजी से बदल रही है, उस दिशा में प्रयास करने की जरूरत है। परिवर्तन के दौर में तकनीक के विकास के साथ आगे बढ़ना जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कौशल विकास पर अधिक बल दिया है। कौशल विकास को बढ़ावा देने एवं स्वरोजगार के लिये लोगों को प्रेरित करना जरूरी है। उन्होंने विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को कौशल विकास के लिए लोगों को प्रेरित करने के लिये कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2020 तक प्रदेश में एक लाख युवाओं को स्किल्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिये राज्य में कौशल विकास मंत्रालय का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि आस-पास के गांवों और स्कूलों में जाकर छात्र-छात्रायें लोगों को कौशल विकास के लिये कुछ समय दे सकते हैं। इससे लोगों को लाभ मिलेगा और छात्र-छात्राओं को समाज में घुलने-मिलने का समय भी मिलेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मेधावियों को सम्मानित भी किया।