खुशखबरी! भारत में जल्दी ही टिल्टिंग ट्रेन दिखेगी

स्विटजरलैंड के सहयोग से भारत में टिल्टिंग ट्रेन चलाने की योजना बन रही है। ये ट्रेन घुमावदार रास्तों में अपने आप ही मोटर बाइक की तरह झुक जाएगी। ट्रेन के अपने आप झुकने से यात्रियों को सहूलियत होगी। इस संबंध में भारत सरकार ने स्विट्जरलैंड सरकार के साथ समझौता किया।
टिल्टिंग ट्रेन अभी सिर्फ दुनिया के 11 देशों में चल रही है। टिल्टिंग ट्रेन अभी इटली, पुर्तगाल, स्लोवेनिया, फिनलैंड, रूस, चेक गणराज्य, ब्रिटेन, स्विटजरलैंड, चीन जर्मनी और रूमानिया में है।
एक अधिकारी ने मीडिया को जानकारी दी कि ट्रेन जब तेज घुमाव या ढाल से गुजरती है कि तो ट्रेन घुमाव के विपरीत दिशा में झुक जाती है। इससे यात्रियों को का बैलेंस बना रहता है, उन्हें झुकना नहीं पड़ता। जैसे कि ट्रेन बाईं ओर मुड़ेगी तो अपने आप ही बाईं ओर कुछ उठ जाएगी।
रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ऐसी ट्रेनें चलाने के बारे में दोनों देशों में समझौता हो चुका है। इस समझौते का लक्ष्य ट्रैक्शन रोलिंग स्टॉक, ईएमयू एवं ट्रेन सेट, ट्रैक्शन प्रणोदन उपकरण, माल और यात्री कारें, टिलटिंग ट्रेन, रेलवे विद्युतीकरण उपकरण आदि क्षेत्रों में सहयोग करना है।
गोवा में विकसित होगी तकनीक
दूसरे समझौते में कोंकण रेलवे कार्पोरेशन लिमिटेड और स्विट्जरलैंड की कंपनी स्विस फेडरल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के बीच हुआ तो गोवा में स्घ्थापित सुरंग बनाने वाली तकनीकी संस्थान के विकास में मदद मिलेगी।

बच्चों को बेहतर खेल सुविधा मिले, इसके लिये हो रहा है कामः त्रिवेन्द्र

29 अगस्त यानी राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर प्रदेश के मुखिया त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने गाँधी पार्क में आयोजित ‘रन फॉर उत्तराखण्ड‘ का हरी झण्डी दिखाकर शुभारम्भ किया। इस अवसर पर सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री बोले राष्ट्रीय खेल दिवस एक ऐसे खिलाड़ी, मेजर ध्यान चंद कीे याद में मनाया जाता है जिसने देश की आन बान और शान के लिये जी-तोड़ मेहनत की। भारत को हॉकी का सरताज बना दिया। कभी हार न मानना, मुश्किलों में बहाना नहीं बनाना, जुझारूपन, लीडरशिप क्वालिटी जैसी बातें हम मेजर ध्यान चंद के जीवन से सीख सकते हैं। ‘रन फॉर उत्तराखण्ड‘ में नौजवानों एवं बड़ी उम्र के लोगों को भाग लेते हुए देख कर बहुत खुशी हो रही है। हम राज्य के विकास के लिये दौड़ें, हम जो भी करें राज्य के लिये करें। हमारे लिये राज्य का विकास ही सर्वोच्च होना चाहिए। आप लोगों के मजबूत इरादे, जोश और खेल भावना को देखकर ही इस रैली को ‘रन फॉर उत्तराखण्ड‘ नाम दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2018 में उत्तराखण्ड में राष्ट्रीय खेल होने हैं। उसकी तैयारियों के लिये एक महत्वपूर्ण शुरूवात हुयी है। इसके लिये हम आयोजन स्थलों को भी तैयार कर रहे हैं। बच्चों को बेहतर खेल सुविधाएं मिलें, इस पर सरकार गम्भीरता से काम कर रही है। समय-समय पर ऐसे आयोजन होते रहेंगे, ताकि राज्य राष्ट्रीय खेलों में सर्वोच्च स्थान प्राप्त कर सके। इस वर्ष यह दौड़ उत्तराखण्ड के लिये हो रही है, अगले वर्ष यह दौड़ देश के लिये होगी। इस अवसर पर खेल मंत्री अरविन्द पाण्डे, कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, गणेश जोशी, हरबंस कपूर, खजानदास, शूटिंग टेªनर जसपाल राणा सहित बड़ी संख्या में स्कूलकॉलेजों के छाघ्त्रछात्राएं और एनसीसी कैडेट्स उपस्थित थे।

अच्छा प्रर्दशन करें तो निकायों को मिल सकती है 75 लाख की धनराशि

स्वच्छ भारत मिशन कार्यक्रम में स्वच्छता सर्वेक्षण में प्रथम तीन स्थान पाने वाले नगर निगम, नगर पालिका को क्रमशः 75, 50 एवं 25 लाख रूपये का पुरस्कार दिया जाएगा। यह घोषणा एक स्थानीय होटल में स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत नगरीय ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन तकनीकी एवं स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 विषय पर दो दिवसीय राज्य स्तरीय कार्याशाला में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यशाला उत्तराखण्ड में स्वच्छता कार्यक्रम के अभियान को मजबूती देगी। यह हमारे लक्ष्यों को पूर्ण करने में मददगार होगी। उन्होंने कहा कि स्वच्छता कार्यक्रम के लिए मानसिंकता में बदलाव की आवश्यकता, आम व्यक्ति की जागरूकता एवं सहभागिता से यह लक्ष्य आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। ठोस अपशिष्ठ एवं प्रबन्धन की दिशा में आधुनिक तकनीक और शोध की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि तकनीकी के माध्यम से हम बडा से बडा लक्ष्य प्राप्त कर सकते है। सरकारी स्तर पर स्वच्छता कार्यक्रम की महत्ता को दर्शाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता के प्रयासों को कर्मचारियों के वार्षिक प्रवृष्टि में अंकित किया जायेगा।
नगर विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि स्वच्छता कार्यक्रम में नवीन तकनीकी के प्रयोग हेतु स्थानीय निकायों को अपनी आमदनी बढाने के प्रयासों पर बल देना होगा। शहरी विकास मंत्री ने कहा कि मार्च 2018 तक शत-प्रतिशत शौचालय ओडीएफ, डोर-टू-डोर कलेक्शन का लक्ष्य प्राप्त कर लिया जायेगा। इसके अतिरिक्त शत-प्रतिशत एलईडी का लक्ष्य प्राप्त किया जायेगा। उन्होंने कहा कि नगर निगम कि कार्य संस्कृति से अन्य नगर पालिका प्रभावित होती है। इसलिए नगर निगम की जिम्मदारी स्वच्छता के सन्दर्भ में अधिक है।
सचिव शहरी विकास राधिका झा ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वच्छता के कार्यक्रम को लेकर संवेदनशील है। जिलाधिकारियों को साप्ताहिक नगर आयुक्त एवं अधिशासी अधिकारियों, नगर निगम के साथ समीक्षा बैठक करने के निर्देश दिये गये है। राज्य स्तरीय कार्यशाला में स्वच्छता विषय पर शपथ ली गई एवं स्वच्छता कार्यक्रम की एक मार्गदर्शिका पुस्तिका का भी विमोचन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता विषय के इनोवेटिव टेक्नोलाॅजी के प्रयोग सम्बन्धी देशभर के विशेषज्ञों द्वारा आयोजित प्रदर्शनी लगायी गयी है।

35वीं बार मन की बात में मोदी बोले शिक्षक दिवस पर 5साल के लिये संकल्प लेकर पूरा करे

नरेंद्र मोदी ने 35वीं बार मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से देश को संबोधित किया। पीएम हर महीने के आखिरी रविवार को 11 बजे इस कार्यक्रम के माध्यम से देश को संबोधित करते हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत में ही पीएम मोदी ने हरियाणा में हुई हिंसा पर चिंता जताई। अहिंसा परमो धर्म ये हम बचपन से सुनते आए हैं। पीएम ने कहा कि मैंने लाल किले से भी कहा था कि आस्था के नाम पर हिंसा बर्दाश्त नहीं होगी। चाहे वो सांप्रदायिक आस्था हो, चाहे वो राजनैतिक विचार धाराओं के प्रति आस्था हो, चाहे वो व्यक्ति के प्रति आस्था हो, चाहे वो परम्पराओं के प्रति आस्था हो, आस्था के नाम पर, कानून हाथ में लेने का किसी को अधिकार नहीं है। मैं देशवासियों को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि कानून हाथ में लेने वाले, हिंसा के राह पर दमन करने वाले किसी को भी, चाहे वो व्यक्ति हो या समूह हो, न ये देश कभी बर्दाश्त करेगा और न ही कोई सरकार बर्दाश्त करेगी। हर किसी को कानून के सामने झुकना होगा, कानून जवाबदेही तय करेगा और दोषियों को सजा दे कर रहेगा।
स्वच्छता का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि 2 लाख 30 हजार से भी ज्यादा गांव, खुले में शौच से अपने आपको मुक्त घोषित कर चुके हैं। शौचालयों की कवरेज 39 से करीब-करीब 67 पहंची है। मैं आह्वान करता हूं कि 2 अक्टूबर को गांधी जयंती से 15-20 दिन पहले से ही स्वच्छता ही सेवा मुहिम चलाएं। ऐसा स्वच्छता खड़ी कर दें कि 2 अक्टूबर सचमुच में गांधी के सपनों वाली 2 अक्टूबर हो जाए। प्रधानमंत्री मोदी ने पुणे की अपर्णा का मैसेज उठाते हुए कहा कि क्या आपको नहीं लगता है कि जब हम, हमारे घर के आस-पास कोई सामान बेचने के लिए आता है, कोई फेरी लगाने वाला आता है। किसी छोटे दुकानदार से, सब्जी बेचने वालों से हमारा संबंध आ जाता है, कभी ऑटो-रिक्शा वाले से संबंध आता है। जब भी हमारा किसी मेहनतकश व्यक्ति के साथ संबंध आता है तो हम उससे भाव का तोल-मोल करने लग जाते हैं, मोल-भाव करने लग जाते हैं। नहीं इतना नहीं, दो रुपया कम करो, पांच रुपया कम करो और हम ही लोग किसी बड़े रेस्त्रां में खाना खाने जाते हैं तो बिल में क्या लिखा है देखते भी नहीं हैं, धड़ाम से पैसे दे देते हैं। इतना ही नहीं शोरूम में साड़ी खरीदने जाएं तो कोई मोल-भाव नहीं करते हैं, लेकिन किसी गरीब से अपना नाता आ जाए तो मोल-भाव किए बिना रहते नहीं हैं। गरीब के मन को क्या होता होगा, ये कभी आपने सोचा है? उसके लिए सवाल दो रुपये- पांच रुपये का नहीं है। उसके ह्रदय को चोट पहुंचती है कि आपने वो गरीब है इसलिए उसकी ईमानदारी पर शक किया हैं। दो रुपया- पांच रुपया से आपके जीवन में कोई फर्क नहीं पड़ता है, लेकिन आपकी ये छोटी-सी आदत उसके मन को कितना गहरा धक्का लगाती होगी कभी ये सोचा है? खेल पर पीएम ने कहा कि खेल मंत्रालय ने खेल प्रतिभा की खोज के लिए स्पोर्ट्स टैलेंट सर्च पोर्टल तैयार किया है। इस पर कोई भी बच्चा जिसने खेल के क्षेत्र में कुछ उपलब्धि हासिल की है, वो पोर्टल पर अपना बायोडाटा या वीडियो अपलोड कर सकता है। सलेक्ट इमर्जिंग प्लेयर्स को खेल मंत्रालय ट्रेनिंग देगा और मंत्रालय कल इस पोर्टल को लॉन्च करने वाला है। खुशी की खबर है कि भारत में 6 से 28 अक्टूबर तक फीका अंडर-17 वर्ल्ड कप का आयोजन होने जा रहा है।
पीएम ने कहा कि 5 सितंबर को हम सब शिक्षक दिवस मनाते हैं। हमारे देश के भूतपूर्व राष्ट्रपति डॉ. राधाकृष्णन जी का जन्मदिवस है। वे राष्ट्रपति जरूर थे, लेकिन जीवन भर अपने आप को एक शिक्षक के रूप में ही वो प्रस्तुत करते थे। वो हमेशा शिक्षक के रूप में ही जीना पसंद करते थे। उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि इस बार जब हम शिक्षक दिवस मनाए। तो हम सभी एक संकल्प लें। हर किसी को 5 साल के लिए, किसी संकल्प से बांधिए, उसे सिद्ध करने का रास्ता दिखाइये और 5 साल में वो पाकर कर रहे। जीवन में सफल होने का आनंद पाएं।

परेड ग्रांउड में 28 अगस्त से विश्व स्तरीय पुस्तक मेले का आयोजन

आम नागरिको में पढाई-लिखाई की प्रवृत्ति को बढ़ाने के लिए एवं जागरूकता में वृद्धि के उद्देश्य से लगाये जाने वाले विश्व पुस्तक मेला के आयोजन को लेकर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने समीक्षा की। पढेगा उत्तराखण्ड और बढेगा उत्तराखण्ड थीम को लेकर परेड ग्राउण्ड में लगाई जाने वाले विश्व पुस्तक मेला का आयोजन 28 अगस्त से 05 सितम्बर तक किया जा रहा है। पुस्तक मेला का उद्घाटन राज्यपाल डॉ. कृष्ण कांत पाल और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा संयुक्त रूप से किया जायेगा।
उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि एनबीटी के अधीन लगाई जाने वाले विश्व पुस्तक मेला में लगभग 200 प्रकाशको के स्टॉल लगाये जायेंगे। आशा जताई कि 2019 तक पूर्ण साक्षरता का लक्ष्य हासिल करने में यह पुस्तक मेला सहयोगी होगा। 9 दिवसीय विश्व पुस्तक मेला में प्रतिदिन सुबह 11 बजे से सायं 8 बजे तक अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। विचार गोष्ठी, बौद्धिक परिचर्चा, सांस्कृतिक कार्यक्रम, विश्व विद्यालय, अर्न्तविद्यालय प्रतियोगिता के आयोजन में प्रख्यात साहित्यकार, शिक्षाविद् एवं समाजसेवी को आमंत्रित किया गया है।
आम नागरिको को न्यूनतम 10 प्रतिशत की छूट पुस्तको पर होगी। जो छात्र अपने पहचान पत्र के साथ आयेंगे, उन्हें 20 प्रतिशत की छूट मिलेगी। इसके अतिरिक्त महापुरूषों से संबंधित पुस्तकों पर 20 प्रतिशत की छूट होगी। पुस्तक मेला का उद्देश्य उत्तराखण्ड के छात्र-छात्राओं में पढ़ने की अभिरूचि को जगाना है तथा विश्व स्तरीय पुस्तकों की उपलब्धता आमजन तक पहुंचाना है।

ऋषिकेश के अत्रि चेतन की पेंटिग देखने को उमड़ रहा अमृतसर

‘अननोन्स‘ कला ग्रुप के तत्तवावधान में अमृतसर के इण्डियन एकेडमी ऑफ फाईन आर्ट्स के कला दीर्घा में ‘अननोन्स-2‘ के नाम से पाँच दिवसीय कला प्रदर्षनी का शुभारम्भ किया गया। प्रदर्षनी का उद्घाटन राजिद्र मोहन सिंह चिन्ना (अध्यक्ष, इण्डियन एकेडमी ऑफ फाईन आर्ट्स, अमृतसर, पंजाब) ने किया।
कला प्रदर्षनी में ‘अननोन्स‘ कला ग्रुप के 13 सदस्यों ने कला के विभिन्न विधाओं पेन्टिंग, प्रिंट मेकिंग, मूर्तिकला, इनस्टालेषन तथा फोटोग्राफी के रूप में अपनी कला का प्रदर्षन कर दर्षकों की प्रषंसा बटोरी। ये सभी 13 कलाकार भारत के उत्तराखण्ड, उत्तर प्रदेष, दिल्ली, उड़ीसा, राजस्थान, पष्चिम बंगाल राज्य से सम्बन्ध रखते हैं तथा इनकी कला की उच्च प्रोफेषनल षिक्षा हिन्दुस्तान के महत्वपूर्ण कला महाविद्यालयों से हुई है। कला प्रदर्शनी में प्रतिभाग कर रहे ऋषिकेष (उत्तराखण्ड) के कलाकार अत्रि चेतन ने माध्यमिक तक का षिक्षा ग्रहण करने के बाद उड़ीसा के बालासोर कॉलेज ऑफ आर्ट एण्ड क्राफ्ट से कला की उच्च षिक्षा की शुरुआत की। बालासोर में रहते हुए ‘अननोन‘ कला ग्रुप की नींव रखते हुए प्रथम बार उड़ीसा की राजधानी भूनेष्वर में कला प्रदर्षनी का एक बृहद आयोजन किया। वर्तमान समय में अत्रि पष्चिम बंगाल के शान्ति निकेतन में ग्रैफिक आर्ट में एमएफए की षिक्षा ग्रहण कर रहे हैं उनके द्वारा आयोजित यह दूसरी प्रदर्षनी है जो ‘अननोन्स-2‘ के नाम से पंजाब में आयोजित की गई है।
प्रदर्षनी देखने के बाद चिन्ना ने प्रसन्नता ज़ाहिर करते हुए कहा कि ये सारे 13 कलाकार, कला के विद्यार्थी हैं परन्तु काम और आयोजन दोनों ही किसी प्रोफेषनल की भाँति किया गया है। आने वाले दिनों में इन यंग आर्टिस्ट की कला अपना एक अलग मुकाम बनाएंगी। उन्होंने अत्रि चेतन के प्रयासों की प्रशंसा भी की।

अत्रि चेतन

आपकों बता दें कि अत्रि मूलरूप में प्रिट मेकिंग के चित्रकार हैं परन्तु वाटर कलर विधा तथा फोटोग्राफी में भी उनको महारथ हासिल हैं। इनके वाटर कलर तथा ग्रैफिक चित्र दिल्ली, पंजाब, तमिलनाडु, उड़ीसा, पष्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेष, उत्तराखण्ड, हरियाणा तथा कर्नाटक के अतिरिक्त विदेषों में रूस, इटली, हंगरी, कनाडा, हांगकांग में प्रदर्षित हो चुके हैं। पहली बार अत्रि ने अमृतसर में अपनी फोटोग्राफी को प्रदर्षित किया है। ये बताना अति आवष्यक है कि इस चित्रकार ने पुरानी साईकिलों को ही अपना मूल विषय भी चुना। यदा-कदा सामाजिक जीवन को भी अपनी तूलिका तथा प्रिट मेकिंग के द्वारा जीवंत किया है। अत्रि चेतन ने बताया कि प्रदर्षनी दर्षकों के अवलोकन के लिए 24 अगस्त 2017 तक चलेगी।

कूड़ा बिन रहे नाबालिग हाथों में होगी किताबें

ऋषिकेश।
ऋषिकेश श्रम विभाग की टीम ने तीर्थनगरी आसपास क्षेत्र में भ्रमण किया। तो कुछ नाबालिग बच्चें कूड़े के ढेर में कबाड़ा चुनते नजर आए। पूछताछ में पता लगा कि बच्चे 10 से लेकर 16 आयु वर्ष के हैं। यह बच्चें गोविंदनगर हीरालाल मार्ग, चन्द्रेश्वरनगर व चन्द्रभागा के रहने वाले हैं। जो आर्थिक रूप से तंगी के चलते स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। जनवरी माह में चले अभियान में श्रम विभाग की टीम ने ऐसे 12 बच्चों का चयन किया। इन बच्चों के माता-पिता मजदूरी कर घर खर्च चलाते हैं। श्रम विभाग ने सभी बच्चों के नाम, पता सहित जरूरी जानकारियां जुटा ली हैं। इन बच्चों को जल्द ही स्कूलों में दाखिल किया जाएगा। स्कूल की फीस, यूनिफार्म सहित अन्य पाठ्य सामग्रियों का खर्च श्रम विभाग वहन किया जाएगा।

बच्चों को विभिन्न स्कूलों में बाल एवं किशोर श्रम अधिनियम के तहत प्रवेश दिया जायेगा। उनकी पाठय सामग्री का खर्च भी विभाग वहन करेगा। 12 बच्चों का दाखिला मार्च माह में हो जायेगा।
सुरेश राय, सहायक श्रमआयुक्त ऋषिकेश।

सेंटा बनकर बच्चों को बांटे फ्रूट केक और चॉकलेट

गढ़वाली धुन पर नौनिहालों के साथ थिरके विदेशी
नववर्ष आगमन पर उडान स्कूल में हुआ उत्सव

ऋषिकेश।
मंगलवार को मायाकुंड स्थित उडान स्कूल में नए वर्ष के आगमन पर समारोह हुआ। क्रिसमस थीम के साथ हुए समारोह में विद्यालय के बच्चों को उपहार के तौर पर स्वेटर और टोपियां बांटी गईं। कार्यक्रम का शुभारम्भ योगाचार्य विवेक आर्य ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। विदेशी मेहमानों ने सेंटा बनकर बच्चों को चॉकलेट के साथ ही केक पार्टी दी। विदेशियों ने बच्चों के साथ मिलकर फोटो भी खिंचवाई। अथर्व बैंड के विकास बहुगुणा और साथियों ने गढ़वाली गीत बेड़ पाको, धरती हमरा गढ़वाल के गीत पर सुंदर प्रस्तुति दी। गीत पर थिरकते विदेशियों ने बच्चों के साथ सामूहिक नृत्य किया। स्कूल के संस्थापक डॉ. राजे नेगी ने कहा कि बच्चों के मनोरंजन के लिए समारोह आयोजित किया गया है। जिससे बच्चों में उत्साह का संचार बना रहे। समारोह में तनुश्री रावत, रवि कुकरेती, कमल सिंह राणा, धीरज मखीजा, संदीप पाण्डेय, आशीष रावत, दिव्या सक्सेना, निधि शर्मा, प्रिया क्षेत्री व आशुतोष कुडियाल आदि उपस्थित थे।

विदेशी वस्तुऐ को कहे ना स्वदेशी को अपनाऐ

ऋषिकेश।
शुक्रवार को स्वदेशी जागरण मंच के प्रदेश संयोजक सुरेन्द्र सिंह ने छात्रों को बताया कि किस तरह से भारत में विदेशी बाजार ने अपनी पकड़ बना रखी है। विशेषकर चाइना बाजार भारत पर हावी हो गया है। उन्होंने कहाकि एक तरफ तो चीन भारत को एक बड़े बाजार के रुप में देख रहा है, वहीं पाकिस्तान की नापाक हरकतों पर भारत को विश्व पटल पर दबाब बनाने का प्रयास कर रहा है।
प्रदेश संयोजक ने कहाकि अब समय आ गया है कि भारत के लोग ऐसी विदेशी ताकतों को मुंहतोड़ जवाब दे। उन्होंने विदेशी बाजार को बढ़ावा देने के बजाय स्वदेशी उत्पादों की खरीद करने पर जोर दिया। कहाकि स्वदेशी उत्पाद को बढ़ावा देने से देश के नौजवानों को रोजगार भी मिलेगा। विधायक प्रेमचन्द अग्रवाल ने भी छात्रों से स्वदेशी अपनाने की अपील की। गोष्ठी में छात्रों को स्वदेशी उत्पाद अपनाने की शपथ भी दिलाई गयी।
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गोष्ठी की अध्यक्षता प्रभारी प्राचार्य डॉ. अशोक नेगी ने की। संचालन डॉ. दयाधर दीक्षित ने किया। गोष्ठी में राजीव थपलियाल, कौशल बिजल्वाण, अमित गांधी, ताजेन्द्र नेगी, अंकित पाण्डेय, विकास चौहान, संजीव चौहान, शुभम गौड़, दीपक रावत आदि उपस्थित थे।

चीनी सामान के विरोध में उतरा स्वदेशी जागरण मंच

ऋषिकेश।
ऋषिकेश प्रेस भवन में गुरुवार को पत्रकार वार्ता में स्वदेशी जागरण मंच के प्रांत संयोजक सुरेंद्र सिंह ने कहा कि मंच देश में स्वदेशी भावना लाने के लिए प्रयासरत है। उत्तराखंड में स्वदेशी भावनाएं जागृत करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस वर्ष दिवाली के मद्देनजर विदेशी सामानों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा। 107 21 से 27 अक्तूबर के बीच जनजागरण रैलियों के जरिए लोगों को जागरूक किया जाएगा। 21 अक्तूबर को ऑटोनॉमस कॉलेज में कार्यक्रम आयोजित करने का फैसला लिया गया है। इस मौके पर ताजेंद्र सिंह नेगी, कौशल बिजलवाण, आधार वर्मा, दीपक गैरोला आदि उपस्थित रहे।