बाल विधानसभा के सीएम मिले मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र से, नेता प्रतिपक्ष ने भी की मुलाकात

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से सोमवार को विधानसभा में उत्तराखण्ड बाल विधानसभा के सदस्यों ने शिष्टाचार भेंट की। बाल अधिकारों के संरक्षण, बच्चों से संबंधित मुद्दों को विधानसभा में उठाने के उद्देश्य से उत्तराखण्ड में बाल विधानसभा बनाई गई है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि बच्चों का अपने अधिकारों के प्रति सचेत होना जरूरी है। इस तरह की प्रक्रियाओं से इन बच्चों को काफी सीखने को मिलेगा।

इस विधानसभा में प्रदेश के सभी 13 जनपदों से 70 सदस्य हैं। जिसमें विधानसभा अध्यक्ष नमन जोशी, मुख्यमंत्री सृष्टि गोस्वामी एवं नेता प्रतिपक्ष आसिफ हसन हैं। प्लान इण्डिया के प्रोजक्ट मैनेजर गोपाल थपलियाल ने बताया कि 2014 में पहली बाल विधानसभा का आयोजन देहरादून में किया गया। 2018 में तीसरी बाल विधानसभा का आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि इस बार बच्चों में नशे की प्रवृत्ति को रोकने एवं बालिका सुरक्षा को फोकस किया जा रहा है। इन बच्चों ने सोमवार को विधानसभा की कार्यवाही को देखा।

इस अवसर पर विधायक गोपाल रावत, देशराज कर्णवाल, प्रोजेक्ट मैनेजर भुवनेश्वरी महिला आश्रम गिरीश डिमरी, बाल विधानसभा से सृष्टि गोस्वामी, काजल, प्राची, आसिफ हसन आदि उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को सीएम ने महिला सशक्तिकरण के लिए प्रभावी बताया

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवार को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से सम्बन्धित पोस्टर लॉन्च कर इस योजना का शुभारंभ किया, उन्होंने नव नियुक्त ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों, जिला पंचायत सदस्यों एवं एसएसजी को संबोधित पत्र को भी हस्ताक्षरित किया।

इस योजना के तहत पहली बार मां बनने वाली महिला को गर्भावस्था में ही 5000 की धनराशि सरकार द्वारा बचत खाते में जमा की जायेगी। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को महिला सशक्तिकरण के लिये भी प्रभावी पहल बताया है। इस योजना का उद्देश्य गर्भावस्था, प्रसव और स्तनपान के दौरान महिलाओं को जागरूक करना और जच्चा-बच्चा देखभाल और संस्थागत सेवा के उपयोग को बढ़ावा देना है। महिलाओं को पहले छह महीनों के लिए प्रारंभिक और विशेष स्तनपान और पोषण प्रथाओं का पालन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

डोईवाला उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को उच्चीकृत करने की मुख्यमंत्री ने की घोषणा

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने गुरूवार को डोईवाला में उत्तराखण्ड सरकार एवं हंस फाउण्डेशन के संयुक्त तत्वाधान में डोईवाला क्षेत्र के विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन हेतु थालियों एवं गिलास का वितरण किया। हंस फाउण्डेशन के सहयोग से प्रदेश के 2197 विद्यालयों में 02 लाख विद्यार्थियों को थालियों एवं गिलास का वितरण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने हंस फाउण्डेशन द्वारा मसूरी, ऊखीमठ और पिथौरागढ़ के लिए 03 एम्बुलेंस एवं पार्वती प्रेमा जगाती सरस्वती विद्या मन्दिर स्कूल, नैनीताल को प्रदान की गई 01 स्कूल बस को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया तथा भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा भानियावाला में निर्मित सामुदायिक शौचालय कॉम्प्लेक्स का भी लोकापर्ण किया। मुख्यमंत्री ने डोईवाला क्षेत्र के अन्तर्गत 03 विद्यालयों के लिए वर्चुअल रियलटी लैब को भी लांच किया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने घोषणा की कि डोईवाला उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को उच्चीकृत किया जायेगा। डोईवाला नगर में सीवरलाईन बनाई जायेगी। रेशम माजरी में टेक्निकल इंस्टीट्यूट के लिए प्रशिक्षण संस्थान बनाया जायेगा। भोगपुर पेयजल योजना के तहत अल्ट्रा फिल्ट्रेशन टेक्नोलॉजी के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जायोगा। डोईवाला, भानियावाला एवं दुर्गा चौक पर 03 वाटर एटीएम लगाये जायेंगे। डोईवाला में प्रेस क्लब के लिए विधायक निधि से प्रेस क्लब भवन बनाने की भी बात कही। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एयरपोर्ट अथॉरिटी का भानियावाला में लगभग 22 लाख रूपये की लागत से दो शौचालयों के निर्माण, एम्स ऋषिकेश में लैब के लिए 10 करोड़ रूपये एवं देहरादून में सेंट्रल लाईब्रेरी के लिए 7.5 करोड़ रूपये प्रदान करने के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी का आभार प्रकट किया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि हंस फाउण्डेशन के संस्थापक भोले महाराज एवं मंगला माता ने उत्तराखण्ड में शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार के क्षेत्र में अहम योगदान दिया है। स्पोर्ट्स के क्षेत्र में भी हर सम्भव मदद का आश्वासन हंस फाउण्डेशन के द्वारा दिया गया। कम्यूनिटी किचन के लिए हंस फाउण्डेशन द्वारा पूरा सहयोग दिया जा रहा है। बच्चों के सर्वांगीण विकास एवं समाज के विकास में हंस फाउण्डेशन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

एकसमान शिक्षा के लिए किया गया है एनसीईआरटी सिलेबस लागूः अरविंद पांडेय
शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डेय ने कहा कि हंस फाउण्डेशन ने शिक्षा के क्षेत्र में राज्य को भरपूर सहयोग दिया है। 07 कम्यूनिटी किचन बनाने के लिए हंस फाउण्डेशन ने सहमति दी है। अगले वर्ष मार्च-अप्रेल तक 02 कम्यूनिटी किचन प्रारम्भ हो जायेंगे। प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए हर सम्भव प्रयास किये जा रहे हैं। 500 विद्यालयों में वर्चुअल क्लास के माध्यम से पढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में सभी को एक जैसी शिक्षा प्राप्त हो इसके लिए एनसीईआरटी का सिलेबस लागू किया गया है।

हंस फाउण्डेशन की अध्यक्ष माता मंगला ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में हंस फाउण्डेशन का विशेष ध्यान है। बच्चों के लिए भोजन एवं स्वच्छता पर ध्यान दिये जाने की जरूरत है। इसी उद्देश्य से बच्चों को भोजन पात्र उपलब्ध कराये जा रहे हैं। बच्चों को पौष्टिक आहार एवं स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना आवश्यक है। हंस फाउण्डेशन का प्रयास बच्चों के शिक्षा एवं स्वास्थ्य के लिए हर सम्भव मदद करना है।

ओबीसी प्रमाण पत्र को हर तीन साल में नवीनीकरण को लेकर समाज कल्याण विभाग को मिले निर्देश

राज्य में ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) के जाति प्रमाण पत्र के हर तीन साल में नवीनीकरण (रिन्यू) कराने की बाध्यता हटाने की तैयारी चल रही है। शासन स्तर पर इस प्रस्ताव पर मंथन शुरू हो गया है। इसके लिए समाज कल्याण विभाग को निर्देश मिले है कि वह प्रस्ताव बनाकर शासन को रिपोर्ट भेजे। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने इसकी पुष्टि की है।
जानकारी के मुताबिक राज्य में पूर्व में ओबीसी जाति प्रमाण पत्र के नवीनीकरण की अवधि छह महीने थी। विजय बहुगुणा सरकार ने इस अवधि को बढ़ाकर तीन साल कर दिया था। मगर, अब जाति प्रमाण पत्र से समय सीमा हटाने की मांग हो रही है।

यह भी है वजह
ओबीसी जाति प्रमाण पत्र की तीन साल की बाध्यता के पीछे की सबसे प्रमुख वजह केंद्र व प्रदेश सरकार की छात्रवृत्ति व अन्य कल्याणकारी योजनाओं के लाभ और सरकार नौकरियों में आवेदन व साक्षात्कार से जुड़ी है। इस वर्ग से जुड़े लोगों का तर्क है कि प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी में जुटे अभ्यर्थी कई बार प्रमाणपत्र का समय पर नवीनीकरण कराना भूल जाते हैं।

इससे कई बार उनका चयन इस आधार पर लटक जाता है कि उन्होंने ओबीसी जाति प्रमाण पत्र को रिन्यू नहीं कराया। इसके अलावा यही समस्या अन्य योजनाओं में आ रही है। इस मामले में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह का कहना है कि ओबीसी जाति प्रमाण पत्र की तीन साल की बाध्यता समाप्त करने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है। इसमें चूंकि क्रीमिलेयर की बात आती है। इसे देखना आवश्यक होता है। इसी वजह से इसमें रेगुलर इंटरवल पर सर्टिफिकेट बनवाने की जरूरत होती है। इस बारे में विचार हो रहा है। हम चाहते हैं कि कोई ऐसा हल निकले कि ओबीसी के अभ्यर्थियों को कम से कम परेशानी हो।

पर्वतीय समाज के मेलों का स्वरूप अपने में ही एक आकर्षण का केंद्रः त्रिवेन्द्र सिंह

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शनिवार को जनपद चमोली के सीमांत क्षेत्र लोहाजंग में पूर्व विधायक स्व. शेर सिह दानू की स्मृति में सांस्कृतिक एवं औद्योगिक पर्यटन विकास मेले का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने पूर्व विधायक स्व. शेर सिंह दानू को याद करते हुए कहा कि उन्होंने इस क्षेत्र के विकास के लिए अपना अभूतपूर्व योगदान दिया है इसके लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मेले हमारी संस्कृति एवं सभ्यता के प्रतीक है। पर्वतीय समाज के मेलों का स्वरूप अपने में ही एक आकर्षण का केन्द्र है। उन्होंने कहा कि मेले लोगों को आपसी मिलन के अवसर प्रदान करने के साथ ही अपनी संस्कृति, विचारों एवं आवश्यकताओं के भी साधन स्थल रहे है।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्व विधायक स्व. शेर सिंह दानू के गांव पिनाऊ तक सड़क, महाविद्यालय तलवाडी को 10 लाख रुपये देने, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र देवाल में रेडियोलॉजी व टेलीमेडिसिन सेवा शुरू करने, लोहाजंग में नया प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खोलने, थराली व देवाल बाजार में स्ट्रीट लाईट एवं बाढ सुरक्षात्मक कार्य करवाने, लोहाजंग में टैक्सी स्टैण्ड बनाने तथा काण्डई से बमनबेरा तक 3 किलोमीटर सड़क निर्माण की घोषणा भी की।

देश व समाज में सकारात्मक परिवर्तन युवाओं से ही सम्भवः राजनाथ

राज्य स्थापना दिवस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रदेश वासियों को बधाई देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड से उनका हमेशा भावनात्मक लगाव रहा है। जब उत्तराखण्ड का निर्माण हुआ था वे ही संयुक्त उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। बड़ी खुशी की बात है कि उत्तराखण्ड तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य ने राष्ट्रीय स्तर अपनी विशेष पहचान बनाई है। उत्तराखण्ड 20 वें वर्ष में प्रवेश कर गया है। यह ऐसी अवस्था होती है जब सब कुछ कर गुजरने की ललक होती है, साथ ही जोखिम भी उठाने का भाव होता है।

रक्षा मंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड भारत की देवभूमि है। पूरी दुनिया में इसे सम्मान प्राप्त है। प्रधानमंत्री ने कहा है कि यहां का हर गांव सैन्यधाम है। उत्तराखण्ड की शिक्षण संस्थानों मं देश भर के छात्र-छात्राएं पढ़न आते हैं। इसे देश का विद्याधाम भी कहा जा सकता है। यहां के शिक्षण संस्थान लघु भारत का रूप हैं।

रक्षा मंत्री राजनाथ ने कहा कि भारत ही एक ऐसा देश है जहां संस्कृति एक-दूसरे को जोड़ती है। सच्चे मायनों में राष्ट्र की संज्ञा, भारत को ही दी जा सकती है क्योंकि यही एक ऐसा देश है जिसने अपनी सांस्कृतिक पहचान सदियों से बनाए रखी है। यहां की विविधता में एकता अद्भुत है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने राज्य आंदोलन के शहीदों का स्मरण करते हुए कहा कि सरकार प्रदेश के संतुलित विकास के लिए लगातार प्रयासरत है। इस दौरान उन्होंने विभिन्न घोषणाएं की।
1. आंगनवाडी केंद्रों पर 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए सप्ताह में 4 दिन दूध, 2 दिन अंडा व केला उपलब्ध होगा।
2. राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के समान ही मुख्यमंत्री राज्य कृषि विकास परियोजना लागू होगी।
3. वृद्धावस्था, विकलांगता, विधवा पेंशन में 200 रुपए की वृद्धि की जाएगी, 1 जनवरी 2020 से लागू होगी।
4. उपनल, पीआरडी कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाकर 500 रुपए प्रतिदिन किया जाएगा, यह भी 1 जनवरी 2020 से लागू होगा।
5. इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए नीति बनाई जाएगी।
6. सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए सीमांत तहसीलों में मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना लाई जाएगी। इससे पहाड़ों और दूरस्थ क्षेत्रों से पलायन रुक सकेगा, रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसका सुझाव सैनिक सम्मेलन में प्राप्त हुआ था।
7. कामकाजी महिलाओं के बच्चों की देखभाल के लिए सेलाकुईं व रुद्रपुर में महिला हॉस्टल का निर्माण किया जाएगा।
9. राज्य में पशुओं का बीमा कराये जाने हेतु बीमा धनराशि की गैप फंडिंग की भरपाई राज्य सरकार द्वारा की जाएगी।
10. ग्रामीण क्षेत्रों के लिए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट योजना बनाई जाएगी।
11. राज्य में दीनदयाल उपाध्याय एकीकृत भूकंप सुरक्षा कार्यक्रम का क्रियान्वयन किया जाएगा।
12. प्राथमिक स्कूलों में बच्चों को सप्ताह में एक दिन फोर्टिफाइट मीठा दूध उपलब्ध कराया जाएगा।
13. सभी जनपदों में आधुनिक विधि से सर्वेक्षण कर भू बंदोबस्त किया जाएगा। पहले पौड़ी गढ़वाल और अल्मोड़ा जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में किया जाएगा।
14. मिशन इन्द्रधनुष के तहत चिन्हित अति संवेदनशील क्लटरों में स्वास्थ्य से इतर अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराने के लिए सभी जनपदों में सर्व उत्थान सर्व समृद्धि अभियान चलाया जाएगा।
15. लोक कलाकारों के मानदेय को 400 रूपए से बढ़ाकर 600 रूपए और टीम लीडर का मानदेय 500 से बढ़ाकर 700 रूपए किया जाएगा।

कार्यक्रम में सूचना विभाग द्वारा प्रकाशित विकास पुस्तिका और बीस सूत्री कार्यक्रम की प्रगति रिपोर्ट 2018-19 का विमोचन किया गया।

युवाओं के चेहरे पर मुस्कुराहट से ही देश के चेहरे पर मुस्कुराहट

अल्मोड़ा स्थित उदयशंकर नृत्य एवं संगीत अकादमी में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और केंद्रीय युवा एवं खेल राज्यमंत्री किरेन रिजिजू ने दीप प्रजवल्लित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उत्तराखण्ड सरकार में केबिनेट मंत्री यशपाल आर्य, अरविंद पाण्डे, उत्तराखण्ड विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे। कार्यक्रम में देश विदेश में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे युवाओं के साथ उत्तराखंड की भावी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। विभिन्न क्षेत्रों में काम कर चुके युवाओं के अनुभव भी साझा किये गए।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिह रावत ने कहा है कि दक्षता व विश्वसनीयता उत्तराखण्ड के युवाओं की विशेषता है। जरूरत है उनमें उद्यमिता का गुण विकसित करने की। युवा देश का कल हैं। उन्हें अपनी शक्ति को पहचानना होगा और नई सोच के के साथ बढ़ना चाहिए। मुख्यमंत्री, राज्य स्थापना सप्ताह के अंतर्गत अल्मोडा में आयोजित युवा सम्मेलन में सम्बोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की सोच है कि युवाओं की आकांक्षाओं को जानकर सरकार के बजट व योजनाओं में इन आकांक्षाओं को स्थान दिया जाए। युवाओं के चेहरे पर मुस्कुराहट से ही देश के चेहरे पर मुस्कुराहट आयेगी। देश में एवियेशन का क्षेत्र काफी बढ़ रहा है। इसमें रोजगार की काफी सम्भावनाएं हैं। आने वाले समय में उत्तराखण्ड एडवेंचर टूरिज्म का बेस्ट डेस्टीनेशन बनने जा रहा है। हम साहसिक पर्यटन का अलग निदेशालय बना रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें वैकल्पिक खेती की ओर जाना होगा। एरोमेटिक, अदरक, हल्दी आदि की खेती को जंगली जानवर नुकसान नहीं पहुंचाते हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में तमाम बाधाएं हैं परंतु इन्हें नई सोच के साथ दूर किया जा सकता है। उत्तराखण्ड में फाईबर पर आधारित छोटे उद्यम स्थापित किए जा सकते हैं। यहां इंडस्ट्रियल हेम्प और सिसौण की काफी सम्भावनाएं हैं। इनसे सैंकडों तरह के उत्पाद बनाए जा सकते हैं जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में बहुत अच्छी कीमत मिलती है।

पिरूल व सौर ऊर्जा बन रहे विकास का आधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में पिरूल को भी विकास से जोड़ा जा सकता है। इसमें बड़ी पहल की गई है। पिरूल से बिजली बनाने के लिए प्रोजेक्ट आवंटित किए गए हैं। इसी प्रकार सोलर नीति के तहत भी परियोजनाओं के आवंटन-पत्र सौंपे जा चुके हैं।

फिल्म शूटिंग के बेस्ट डेस्टीनेशन बना उत्तराखण्ड
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तराखण्ड फिल्म शूटिंग के बेस्ट डेस्टीनेशन के तौर पर उभर रहा है। इसका बड़ा कारण यहां के लोगों की प्रकृति है। सभी फिल्मकार कहते हैं कि उत्तराखण्ड के लोग शांति से रहते हैं और अनुशासनप्रिय हैं। फिल्म शूटिंग के समय कभी भी यहां व्यवधान नहीं आया। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक फिल्म की शूटिंग में सैंकडों लोगों का क्रू यहां आता है और दो-तीन माह तक रहता है। इससे यहां की अर्थव्यवस्था को फायदा होता है और हमारे बच्चों को भी अवसर मिलता है। उत्तराखण्ड को बेस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट का अवार्ड मिला है।

ग्रोथ सेंटरों से सुधरेगी ग्रामीण आर्थिकी
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी हिमालयी राज्यों की एक जैसी परिस्थितियां हैं। हमें एक दूसरे के अनुभवों और विशेषज्ञता को साझा करना चाहिए। इसी सोच के साथ मसूरी में हिमालयन कान्क्लेव आयोजित किया गया था। विकास एक सतत प्रक्रिया होती है। सरकार की कोशिश है कि संतुलित विकास हो और विकास का लाभ दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचे। इसी सोच के साथ सभी न्याय पंचायतों में ग्रोथ सेंटर की परिकल्पना पर काम किया जा रहा है। 62 ग्रोथ सेंटर को मंजूरी भी दी जा चुकी है। नए टूरिस्ट डेस्टीनेशन विकसित करने के लिए 13 डिस्ट्रिक्ट 13 न्यू डेस्टीनेशन पर काम कर रहे हैं।

भारत-भारती उत्सव में दिखेंगे कलर्स ऑफ इण्डिया
मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून में तमाम प्रदेशों के बच्चे यहां पढ़ने आते हैं। राज्य की अर्थव्यवस्था में इनका भी योगदान है। राज्य स्थापना दिवस पर भारत-भारती का आयोजन किया जा रहा है। इसे कलर्स ऑफ इण्डिया का नाम दिया गया है। इसमें भारत की संस्कृति के विभिन्न रंग देखने को मिलेंगे।

भारत को खेलों में टॉप 10 में लाने की कोशिश
केंद्रीय युवा एवं खेल राज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि 2028 में भारत को खेलों में टॉप 10 में लाने का प्रयास है। खेल में सबसे अच्छा करना हमारा लक्ष्य है। खेलों इंडिया के तहत खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने का लक्ष्य है। खिलाड़ियों को और बेहतर बनाना है। उन्होंने कहा कि मैं हर खिलाड़ी से पर्सनली मिलता हूं। खेल और खुराक, हम हर खिलाड़ी को पूरा देना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी खेल का सक्सेस ट्रेनिंग है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ओलंपिक में हमारा झंडा लहराएगा। जब मेडल जीतते हैं तो भारत का झंडा जब फहराता है तो खिलाड़ी रोते हैं। अगर कोई खिलाड़ी देश के लिए खेला है और बीमार है तो उनके लिए हमने राशि रखी है। अगर हमसे नहीं मिल सकते हैं तो सोशल मीडिया पर टैग कर दें तो उसका खर्चा सरकार उठाएगी। लगातार मदद मिल रही है। जिन्होंने देश के लिए खेला है उसकी जिम्मेदारी सरकार को लेनी चाहिए इसलिए सरकार जिम्मेदारी ले रही है। हर स्कीम युवाओं को ध्यान में रखकर बनाई गई है।

यह युवा हुए सम्मानित
विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं का सम्मान भी किया गया। दीपक डोबरियाल, फिल्म अभिनेता, द्वारिका प्रसाद रतूड़ी, चीन में होटल कारोबारी, पायल आर्य, अंटार्कटिका में सर्वेयर, विनय साह, अंतरराष्ट्रीय धावक, पायल सागर, भारतीय नौसेना में लेफ्टिनेंट कमांडर, पूनम, पर्वतारोही, प्रज्ञा जोशी, कराटे चौंपियन, रिद्धिमा पांडे, बाल पर्यावरण एक्टिविस्ट, देवयानी सेमवाल, माउंटेनियर, नैना अधिकारी, कयाकर, शीतल, पर्वतारोही, गौरव मनकोटी, रैपर, ईशान डोभाल, गायक-संगीतकार, संकल्प खेतवाल, गायक-संगीतकार, योगेश गर्ब्याल, पर्वतारोही, मनोज सरकार, अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी और डा. भुवन जोशी, अंतरिक्ष वैज्ञानिक को सम्मानित किया गया।

कन्या भ्रूण हत्या सबसे बड़ा पाप, पिछले दो वर्षों में राज्य में बालिका लिंगानुपात में काफी सुधारः टीएसआर

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा है कि हमें बालिकाओं को स्वतंत्रता देनी होगी। उनकी क्षमताओं पर विश्वास करना होगा। संकोच, जीवन की प्रगति में सबसे बड़ी बाधा है। बेटियों को संकोच नहीं करना चाहिए। जब संकोच दूर होगा तभी प्रगति होगी। मुख्यमंत्री ने कन्या भ्रूण हत्या को बहुत बड़ा पाप बताते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में राज्य में बालिका लिंगानुपात में काफी सुधार आया है।

सोलर और पिरूल पावर प्रोजेक्ट से बदलेगी पहाड़ की तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 62 ग्रोथ सेंटरों को मंजूरी दी है। ये ग्रामीण विकास के महत्वपूर्ण आर्थिक केंद्र साबित होंगे। पर्वतीय क्षेत्रों में खेती को जंगली जानवरों द्वारा नुकसान पहुंचाया जाता है। इसका विकल्प भी खोजना है। अदरक, लहसुन, हल्दी की खेती को अपनाया जा सकता है। पहाड़ में सोलर पावर प्रोजेक्ट और पिरूल से बिजली बनाने के लिए प्रोजेक्ट आवंटित किए गए हैं। चीड़ जो कि विनाश का प्रतीक था, जल्द ही रोजगार में सहायक होगा।

आगे बढ़ने के लिए मंथन जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुधार के लिए राजनीतिक हितों से ऊपर उठना होगा। आगे बढ़ने के लिए मंथन करना जरूरी है। इस वर्ष राज्य स्थापना सप्ताह के अंतर्गत रैबार, सैनिक सम्मेलन, महिला सम्मेलन, युवा सम्मेलन आदि कार्यक्रम इसी उद्देश्य से किये गये। ऐसे कार्यक्रमों से नीति निर्धारण और व्यवस्था परिवर्तन में सहायता मिलती है। ग्राउन्ड पर काम करने वाले और नीति निर्धारण करने वाले जब एक मंच पर मिलते हैं तो इससे राज्य व समाज के विकास की दिशा निर्धारित होती है।

महिलाओं के स्वास्थ्य व शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा कि उत्तराखंड में महिलाओं की स्थिति पहले से अच्छी है। यहां की महिलाएं जुझारू हैं। उत्तराखण्ड निर्माण में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पर्यावरण संरक्षण में यहां की महिलाओं का बड़ा योगदान रहा है। कृषि और पशुपालन में मुख्य रूप से महिलाएं ही काम करती हैं। महिलाओं के स्वास्थ्य व शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। राज्य स्थापना सप्ताह के अंतर्गत श्रीनगर में महिला सम्मेलन आयोजित किए जाने पर खुशी जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि 20-25 साल पहले महिलाओं के विकास के लिए बात नहीं होती थी।

महिलाओं से ही पहाड़ का अस्तित्व
अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी ने कहा कि पहाड़ को अगर किसी ने बचाया है तो वह महिलाएं हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की कला और लोक कलाकारों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाए जाने की जरूरत है। यहां बेहतरीन फिल्में बनें जिन्हें कि देश विदेश में देखा जाए। सरकार से अपील की कि महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा जिम्मेदारी उन्होंने पलायन को लेकर अपनी लिखी कविता भी सुनाई।

अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने गढ़वाली में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड आंदोलन में महिलाओं की अहम भूमिका रही है। इस सम्मेलन में जो भी सुझाव मिलेंगे, उन्हें पूरा करने के लिए सरकार कोशिश जरूर करेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी महिलाओं के लिए कई योजनाएं बनाने की बात करते हैं। उनका महिलाओं को फायदा जरूर मिलेगा।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत व अन्य अतिथियों ने जिलाधिकारी पौड़ी धीरज सिह गर्ब्याल की पहल पर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एवं राष्ट्रीय पोषण अभियान, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग पौड़ी के तहत महिला समूह द्वारा बनाए गए झंगोरा लड्डू का स्वाद चखा और उसकी तारीफ की।

बिजली चोरी व लाइन लास को कम करने के लिये सीएम ने बताई समेकित प्रयासों की जरूरत

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेश में बिजली चोरी तथा लाइन लॉस को रोकने के लिये व्यापक जन-जागरूकता के प्रसार पर बल दिया है। गांधी जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास स्थित जनता मिलन हॉल में ऊर्जा की बचत तथा राजस्व वृद्धि के लिये बिजली चोरी रोकने के लिये ऊर्जा गिरी अभियान का शुभारम्भ करते हुए मुख्यमंत्री ने बिजली चोरी रोकने के लिये किये जा रहे प्रयासों में तेजी लाने पर बल दिया। उन्होंने राज्य गठन के बाद राज्य में ए.टी.एण्ड सी. हानियॉ 52.98 प्रतिशत से वर्तमान में 16.52 के स्तर लाये जाने के साथ ही वितरण हानियाँ 29.52 प्रतिशत से 14.32 प्रतिशत के स्तर पर लाये जाने पर संतोष व्यक्त करते हुए इसे 13 प्रतिशत पर लाये जाने के निर्देश दिये।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बिजली चोरी रोकने के लिये प्रतिबद्ध है, ऊर्जा निगमों के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों का दायित्व है कि बिजली चोरी रोके जाने हेतु समुचित उपाय सुनिश्चित करें जिससे कि ईमानदार उपभोक्ताओं पर उसका भार न पड़े। उन्होंने विद्युत चोरी पर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिये यू.पी.सी.एल. विजिलेंस सेल को मजबूती प्रदान करने के भी निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि ऐसे प्रयासों से ही समाज में जन जागरूकता का प्रचार होता है तथा इसका समाज मे व्यापक प्रभाव भी पड़ता है उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास प्रदेश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने तथा राजस्व वृद्धि में भी सहायक होते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तराखण्ड को लाइन लॉस व बिजली चोरी रोकने में गुजरात के बाद दूसरा नम्बर है। इस दिशा में हमें समेकित प्रयासों से देश में पहले नम्बर पर आने के प्रयास करने होंगे। मुख्यमंत्री ने स्वच्छता एवं वन टाइम यूज प्लास्टिक का उपयोग न करने के संबंध में प्रधानमंत्री की अपील को साकार करने में भी योगदान देने की अपील की, उन्होंने कहा कि हमें इसे अपने जीवन का हिस्सा बनाना होगा। स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता से हमने पर्यावरणीय मानकों में सुधार की शुरूआत की है।

बीमार बच्चे पर दो दिन तक नर्स से करवाया गया एक्सपेरिमेंट, परिजनों को नहीं बताया

चिल्ड्रन होम अकादमी में 20 सितंबर को हुई छात्र अभिषेक रविदास निवासी जालंधर पंजाब की मौत मामले में बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी सोमवार को स्कूल पहुंची। यहां स्कूल प्रबंधन, समस्त स्टाफ और बच्चों से बातचीत के बाद उन्होंने यहां निठारी कांड यानी मानव अंग तस्करी की आशंका जताई हैं।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि बीमार छात्र को स्कूल के छोटे से अस्पताल में नर्स की देखरेख में रखा गया। इसके लिए अध्यक्ष ने स्कूल प्रबंधन को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि जब छात्र दो दिन से बीमार था, तो उसे अस्पताल के बजाए अपने स्कूल के ही छोटे से अस्पताल में क्यों रखा गया? स्कूल के अस्पताल में आखिर चिकित्सक की तैनाती क्यों नहीं है? नर्स सिर्फ प्राथमिक उपचार दे सकती है, बीमार बच्चे के साथ दो दिन तक प्रयोग नहीं कर सकती।

आखिर हॉस्टल के बगल में कब्रिस्तान कैसे बना दिया गया
आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने बताया कि आखिर हॉस्टल के बगल में ही स्कूल प्रबंधन ने कब्रिस्तान कैसे बना दिया? इसकी इजाजत उन्हें कैसे मिली? स्कूल प्रबंधन से पूछा कि कब्रिस्तान में दफन होने वाले का नाम, पता, जन्मतिथि सहित अंतिम क्रिया की तिथि उसकी कब्र के ऊपर क्यों नहीं लगाई गई है? इस पर स्कूल प्रबंधन ने गोलमोल जवाब दिया।