कैबिनेट में प्रस्ताव लाकर, हरिद्वार, यूएसनगर और देहरादून में बांग्लादेशियों की पहचान करवाएंगे सीएम

राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) को उत्तराखंड में लागू करने के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने संकेत दिए है। सीएम ने हरिद्वार, यूएसनगर और देहरादून को इस मामले में ज्यादा संवेदनशील माना है। उन्होंने कहा कि चूंकि उत्तराखंड सीमांत प्रदेश है, इसकी सीमा पर शुरू से ही घुसपैठ का अंदेशा रहा है। इसके अलावा मैदानी जिलों में गैर उत्तराखंडी आबादी का फैलाव हुआ है।

यह सवाल तब और भी अधिक ध्वनित हुआ जब हरिद्वार जिले के पिरान कलियर में नासिर नामक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा गया। इस व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि वो बांग्लादेश के ढाका का नागरिक है। इस खुलासे के बाद से हरिद्वार में रोहिंग्या मुसलमानों और बांग्लादेशियों की घुसपैठ एक बड़ी पहेली है। जिसे हल करने के लिए भाजपा विधायक संजय गुप्ता मुख्यमंत्री से लेकर जिलाधिकारी तक से बार-बार मांग उठा चुके हैं।

जीरों बजट वाली घोषणाएं अविलंब पूरी होंगीः त्रिवेन्द्र

उत्तराखण्ड को पूर्ण साक्षर बनाने के लिए मिशन मोड में काम किया जाएगा। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने एक निश्चित समयावधि में पूर्ण साक्षरता के लक्ष्य को हासिल करने के लिए नियोजित तरीके से काम करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत सचिवालय स्थित विश्वकर्मा भवन के वीर चंद्र सिंह गढ़वाली सभागार में सीएम घोषणाओं की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक घोषणा के क्रियान्वयन के हर स्तर के लिए टाईम फ्रेम तय किया जाए। जीरो बजट वाली घोषणाएं अविलम्ब पूरी हों। जिन मामलों में भूमि संबंधी दिक्कतें आ रही हैं, उनमें स्थानीय प्रशासन व जनप्रतिनिधियों का सहयोग लिया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हल्द्वानी में तहसील निर्माण में पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। नागरिक उड्डयन विभाग प्रदेश में जहां भी हैलीपैड बनाए जा सकते हैं, आवश्यकतानुसार स्थान चिन्हित कर लें। खेल विभाग प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर बनाए जाने वाले खेल स्टेडियमों की आवश्यक प्रक्रियाओं में तेजी लाए। मुनि की रेती में ईको पार्क की डीपीआर जल्द से जल्द तैयार कर ली जाए। सतपुली से दिल्ली बस सेवा को जल्द से जल्द शुरू किया जाए। कोसी-बेराज क्षेत्र में साहसिक पर्यटन और मुन्स्यारी को पर्यटन डेस्टीनेशन व रांसी को पर्यटन ग्राम के लिए कार्ययोजना बनाई जाए। यमुनोत्री में रोपवे निर्माण के लिए उच्च स्तरीय विशेषज्ञों की सेवाएं ली जाए।

कृषि विभाग द्वारा बताया गया कि उत्तराखण्ड को जैविक राज्य बनाने के लिए चरणबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। 3900 क्लस्टर चयनित किए जा चुके हैं। मुन्स्यारी को कृषि जैविक हब के रूप में विकसित करने के लिए धनराशि स्वीकृत कर दी गई है। दारमा व व्यास घाटी में स्थानीय जैविक उत्पादों की खरीद के लिए संग्रहण केंद्र बनाया जाना है।

गृह विभाग ने जानकारी दी कि हरिद्वार में सीसीटीवी कैमरे आगामी कुम्भ मेले के अंतर्गत लगाए जाएंगे। खेल विभाग ने बताया कि स्टेडियमों व मिनी स्टेडियमों के निर्माण के लिए अधिकांश स्थानों पर भूमि चयनित कर ली गई है। गैरसैंण में 200 मीटर टैªक बनाया जा रहा है। उच्च शिक्षा विभाग ने बताया कि राज्य में स्थित कॉलेजों में ई-लाईब्रेरी स्थापित करने के लिए एक समिति बनाई गई थी जिसने कि अपनी रिपोर्ट दे दी है। 10 कॉलेजों में आवश्यक उपकरण दे दिए गए हैं। अन्य के लिए भी कार्यवही की जा रही है। विद्यालयी शिक्षा विभाग में विभिन्न इंटर कॉलेजों में अतिरिक्त कक्षा-कक्षों, प्रयोगशाला आदि के निर्माण के प्रस्ताव नाबार्ड से स्वीकृत हो गए हैं। जीआईसी गैरसैण में प्रेक्षागृह की वित्तीय स्वीकृति हो चुकी है। सैनिक स्कूल घोड़ाखाल को राज्य सरकार द्वारा प्रतिवर्ष दी जाने वाली अनुदान राशि के लिए 5 करोड़ रूपए का प्राविधान कर दिया गया है।

न्यू ऋषिकेश रेलवे स्टेशन का नाम योगनगरी ऋषिकेश होगा

कर्णप्रयाग रेलवे लाइन प्रोजेक्ट शुरू होने के बाद ही ऋषिकेश में स्थापित होने वाले स्टेशन का नाम न्यू ऋषिकेश प्रस्तावित कर दिया गया था। तमाम औपचारिकताओं के पहले ही निर्माणाधीन स्टेशन के सामने नए नाम का बोर्ड भी लगा दिया गया है।

बता दें कि न्यू ऋषिकेश नाम को लेकर निगम बोर्ड ने आपत्ति दाखिल की थी। बोर्ड बैठक के दौरान एक सुर में कहा गया कि न्यू ऋषिकेश नाम बदलकर योग नगरी रखा जाए। यह प्रस्ताव बोर्ड में पास भी हो गया था और अंतिम मंजूरी के लिए शासन को पत्रावली भेजी गई थी। उससे पहले ही आरवीएनएल के प्रस्ताव पर शासन ने मुहर भी लगा दी।

ऋषिकेश निगम के नगर आयुक्त चतर सिंह चौहान का कहना है कि न्यू ऋषिकेश नाम में संशोधन के लिए बोर्ड में प्रस्ताव पारित हुआ था। इसी के तहत योग नगरी ऋषिकेश नाम रखने के लिए शासन को पत्र भी भेजा गया। इसी क्रम में शासन से निर्देश जारी किया गया कि प्रस्तावित नाम को तीन भाषाओं-हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत में लिखकर भेजा जाए। शासन के निर्देशानुसार तीनों भाषाओं में योग नगरी ऋषिकेश का नाम लिखकर भेज दिया गया है। आगे की कार्रवाई शासन को करनी है।

सीएम बोले, पर्वतीय क्षेत्रों में पलायन रोकने को आर्थिक स्थिति मजबूत करने के हो रहे प्रयास

मुख्यमंत्री आवास स्थित सभागार में राज्य के विभिन्न विभागों, निगमों व संस्थानों के दायित्वधारियों की बैठक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि प्रदेश के समग्र विकास के लिये राज्य सरकार की ओर से की गई पहल को धरातल पर लाने में सभी को सहयोगी बनना होगा। सरकार की ओर से जनहित के लिये जो कार्यक्रम व लक्ष्य तय किये हैं उनका लाभ आम जनता तक पहुंचे इसके लिये हमें समेकित प्रयास करने होंगे।

उन्होंने कहा कि राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकने के साथ ही आर्थिक स्थिति की मजबूती के लिये कारगर प्रयास किये जा रहे हैं, इसके लिये पर्यटन के क्षेत्र को उद्योग का दर्जा देकर इसे आर्थिकी का मजबूत आधार बनाया जा रहा है। राज्य में सर्विस सेक्टर को बढ़ावा दिया जा रहा है। पर्यटन, वेलनेस योगा व छोटे-छोटे कुटी उद्योगों से राज्य की आय में वृद्धि के प्रयास किये जा रहे हैं। आज हमारी प्रति व्यक्ति आय 1.90 लाख है, जो राष्ट्रीय औसत 1.30 लाख से अधिक है। पर्वतीय क्षेत्रों के पिछडेपन को दूर करने के लिये जिलों में भी प्रति व्यक्ति आये को बढ़ाने के प्रयास किये जा रहे हैं ताकि पूरे राज्य में विकास को गति मिल सके।

– छोटे किसानों को एक लाख तथा समूहों को 5 लाख तक ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। स्वरोजगार के प्रति अधिक से अधिक लोग प्रेरित हों इसके लिए एग्रोबेस उद्योगों व आजीविका मिशन को बढ़ावा दिया जा रहा है।

– राज्य की महिलायें विभिन्न स्वरोजगार की योजनाओं में भागीदारी निभा रही हैं। इस वर्ष महिलाओं ने केदारनाथ में 2 करोड़ का प्रसाद बिक्री किया। भोजन व्यवसाय में भी वे आगे आ रही हैं। ग्राम लाइट योजना भी महिला समूहों की आर्थिकी को मजबूत कर रही है।

– स्थानीय लोगों को विभिन्न कार्यों के ठेके के साथ ही छोटी ऊर्जा योजनायें आवंटित की गई हैं। कीड़ा जड़ी एवं नशामुक्त हेम्प की खेती के लाइसेंस दिये जा रहे हैं। इससे बंजर भूमि भी उपजाऊ होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पांच बद्री, पांच केदार, पांच प्रयाग यात्रा को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्तमान में पर्वतीय क्षेत्रों में 600 करोड़ के सोलर ऊर्जा प्रोजेक्ट स्थानीय लोगों को आवंटित किये गये हैं। पहाड़ों के अनुकूल उद्योगों की भी स्थापना की जा रही है। इससे उन क्षेत्रों में रोजगार सृजन के साथ ही पलायन को रोकने में मदद मिलेगी।

निर्वाचन आयोग ने मुख्य सचिव को भेजा पत्र आचार संहिता खत्म होने की दी जानकारी

17 वीं लोकसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद अब आदर्श आचार संहिता खत्म हो गई है। भारत निर्वाचन आयोग ने इस सिलसिले में उत्तराखंड के मुख्य सचिव को भी पत्र भेजकर सूचना दी है। इसके साथ ही राज्य में भी अब आचार संहिता की बंदिश हटने से जहां नए कार्य शुरू होंगे, वहीं पुराने कार्य की भी तेजी पकड़ेंगे।

तकरीबन ढाई माह पहले लगी लोस चुनाव की आदर्श आचार संहिता के कारण प्रदेश में किसी भी प्रकार के नए कार्य पर रोक थी। हालांकि, कुछ जरूरी कार्यों के लिए सरकार ने निर्वाचन आयोग से अनुमति लेकर इन्हें संपन्न काया। अलबत्ता, तमाम नीतियों में संशोधन, कार्मिकों के तबादले, कर्मचारियों की भर्ती समेत अन्य तमाम नए कार्य अटके हुए थे।

अब जबकि, आचार संहिता खत्म हो गई तो प्रदेश में भी विकास कार्य गति पकड़ेंगे। तमाम विभागों में लंबित पड़े काम शुरू हो सकेंगे। विभागों पर ही दृष्टि दौड़ाएं तो खनन विभाग में मौजूदा नीति के चलते खनन पट्टे नहीं उठ पा रहे। मामला राजस्व से जुड़ा है, इसके लिए नीति में संशोधन की तैयारी की जा रही है। यही नहीं, राजस्व के लिहाज से आबकारी नीति के प्रावधानों में संशोधन की संभावनाएं हैं।

परिवहन विभाग में नई भर्ती व नियमावली में संशोधन, समाज कल्याण विभाग में तमाम कल्याणकारी योजनाओं के तहत नई पेंशन, विभिन्न विभागों में भर्ती, सड़कों समेत अन्य योजनाओं की स्वीकृति, पर्यटन विकास की नई योजनाओं के साथ ही कई विभाग तमाम कार्यों के लिए आचार संहिता खत्म होने का इंतजार कर रहे थे। अब यह इंतजार खत्म होने के साथ ही इन कार्यों को गति मिलने के साथ ही नई योजनाएं भी तेजी से शुरू होंगी।

कैंसर पीड़ितों के लिए कटा डाले बाल, विग बनाने के आएंगे काम

रामनगर (रुड़की) की सोनम भटेजा ने कैंसर पीड़ितों के लिए अपने बाल कटवा डाले। यह वहीं बाल है जिनसे उन्हें बेपनां प्यार था। इतना ही नहीं बचपन से अभी तक कैंची तक चलने नहीं दी। अब उनके यह बाल कैंसर पीड़ितों की विग बनाने के काम आएंगे।

वैसे तो सोनम भटेजा गृहणी हैं, उन्होंने अंग्रेजी में एमए किया है। ऐसे बच्चें जो फीस देने में अक्षम है, वह उन्हें निशुल्क ट्यूशन पढ़ाती हैं, उनके पति कारोबारी हैं। सोनम के अनुसार उन्हें अपने बालों से बेहद प्यार है और लंबे रखने का शौक भी। इसलिए उन्होंने बचपन में कभी बालों पर कैंची नहीं लगने दी। उनके बाल कमर से भी नीचे थे। लेकिन, एक दिन तब उनकी धारणा बदल गई, जब उन्होंने इंटरनेट पर कैंसर पीड़ितों के बारे में पढ़ा। उसमें मुंबई के मदद ट्रस्ट का भी उल्लेख था। साइड में बताया गया था कि कैंसर पीड़ितों का उपचार शुरू होने पर उनके बाल झड़ जाते हैं। यह कीमोथेरेपी का साइड इफेक्ट है। कैंसर पीड़ित महिलाएं बाल झड़ जाने से बेहद कुंठित महसूस करती हैं। क्योंकि उनका सिर पूरी तरह गंजा हो जाता है।

साइट पर यह भी बताया गया था कि इन कैंसर पीड़ित महिलाओं के लिए मदद ट्रस्ट विग तैयार करता है। जो कि केवल असली बालों से ही बनता है। इसके लिए 12-13 इंच लंबे बाल होना जरूरी है। एक विग बनाने में तीन से चार महिलाओं के बालों की जरूरत होती है। सोनम बताती हैं कि इसे पढ़कर उन्होंने फैसला किया कि वह अपने बाल दान करेंगी। इसके बाद उन्होंने उन्होंने ट्रस्ट के बारे में जानकारी जुटाई। पता चला कि ट्रस्ट वास्तव में कैंसर पीड़ित महिलाओं के लिए निशुल्क विग तैयार करता है। जब उन्हें भरोसा हो गया तो उन्होंने ट्रस्ट से संपर्क साधा। ट्रस्ट ने बाल कैसे कटवाने है, इसके बारे में जानकारी दी।

ट्रस्ट के निर्देशों के अनुसार उन्होंने पहले बालों को धोया और जब वह सूख गए तो ब्यूटी पार्लर जाकर उन्हें 13 इंच मेजर करवाया। इसके बाद दोनों ओर से रबड़ लगवाकर उन्हें कटवा दिया। फिर बालों को उनके एक परिचित मुंबई जाकर ट्रस्ट को दे आए। यह इसी साल जनवरी की बात है। सोनम के अनुसार, वह बेहद खुश हैं कि उन्होंने अपने प्यारे बाल उन लोगों के लिए दान किए हैं, जिन्हें उनकी सबसे ज्यादा जरूरत है। बाल बढ़ जाने पर वह दोबारा उन्हें दान करेंगी। उन्होंने बताया कि संबंधित ट्रस्ट की ओर से एक प्रमाण-पत्र उन्हें भेजा गया है।

पेट्रोल की बोतल लेकर बुजुर्ग चढ़ा एम्स की छत, दी आत्मदाह की धमकी

पिछले 51 दिनों से एम्स से निष्कासित कर्मचारियों के धरना प्रदर्शन ने सोमवार को नया मोड़ ले लिया। धरना का समर्थन कर रहे एक 56 वर्षीय बुजुर्ग एम्स की पांचवीं मंजिल की छत पर चढ़ गए और मांग पूरी न होने पर आत्महत्या की धमकी देने लगे। पुलिस ने किसी तरह उन्हें सात घंटे बाद नीचे उतारा। जहां 35 निष्कासित कर्मियों को पुनः आउटसोर्स में नियुक्ति देने के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ। वहीं पुलिस ने बुजुर्ग को शांतिभंग के आरोप में चालान काट कर एसडीएम के समक्ष पेश किया।

सोमवार को उस समय स्थानीय प्रशासन, एम्स प्रशासन और लोगों में हड़कंप मच गया। जब 56 वर्षीय दाताराम ममगाईं हाथ में पेट्रोल की बोतल लेकर एम्स की छत पर चढ़ गए। सुबह साढ़े छह बजे चढ़े बुजुर्ग दाताराम ने अपने पास किसी को फटकने तक नहींे दिया। इस बीच अनशनकारी कर्मचारी नीचे धरने पर बैठ गए। राज्यमंत्री भगतराम कोठारी के नेतृत्व में एम्स के उप निदेशक अंशुमन गुप्ता के साथ वार्ता हुई। मगर, वार्ता सफल नहीं हो सकी। इसके बाद मेयर अनिता ममगाई के नेतृत्व में पुनः बात करने की कोशिश की गई। मगर, वह भी बेनतीजा रही।

इसके बाद करीब डेढ़ बजे कोतवाल रितेश शाह पांचवी मंजिल की छत पर पहुंच गए और बड़ी ही चालाकी व सूझबूझ से काम लेते हुए बुजुर्ग दाताराम को पकड़ लिया। उन्होंने दाताराम के हाथ से पेट्रोल की बोतल छुड़ाई और नीचे ले आए। इसके बाद तीसरे वार्ता सुलेमान अहमद पद स्थापना एम्स के साथ की गई। इस बैठक में तहसीलदार रेखा आर्य भी मौजूद रही।

यहां निष्कासित 35 कर्मचारियों को पुनः आउटसोर्स से काम पर वापस रखने पर सहमति बन सकी। इसके बाद पुलिस दाताराम को करीब सवा दौ बजे कोतवाली ले गए। यहां दाताराम का शांतिभंग के आरोप में चालान कर एसडीएम प्रेमलाल के समक्ष पेश किया गया।

प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट बोले, चैंपियन और देशराज को देंगे नोटिस

भाजपा विधायकों कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन और देशराज कर्णवाल के बीच छिड़ी जुबानी जंग अब भाजपा सख्त रुख अपनाने जा रही है। प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने रविवार को देहरादून पहुंचने पर मामले का संज्ञान लिया।

अजय भट्ट ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है। दोनों विधायकों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से भी इस बारे में राय मशविरा किया गया है। प्रदेश अध्यक्ष के अनुसार रविवार को पार्टी के तीनों प्रांतीय महामंत्रियों के बाहर होने के कारण ये नोटिस सोमवार को भेजे जाएंगे। विधायक चौंपियन को भेजे जाने वाले नोटिस में उनके द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को लेकर रविवार को की गई टिप्पणी के अलावा कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज से हुई बातचीत का ऑडियो जारी करने के मामले को भी शामिल किया जाएगा।

अजय भट्ट ने कहा कि पार्टी में अनुशासन पहली सीढ़ी है। यदि अनुशासनहीनता ज्यादा हुई तो पार्टी ये परवाह नहीं करेगी कि कौन विधायक है और कौन नहीं। उन्होंने कहा कि यदि दोनों विधायकों से नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो पार्टी संविधान के अनुसार उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

क्रिकेट प्रेमियों के लिए आईपीएल कमेटी दून में लगाने जा रही फैन पार्क

देश भर में फैन पार्क लगने के बाद अब देहरादून भी इस श्रेणी में जुड़ने जा रहा हैं। दूनवासी भी फैन पार्क का मजा ले सकेंगे।

आइपीएल कमेटी दून में आइपीएल फैन पार्क लगाने जा रही है। कार्यक्रम के अनुसार 20 व 21 अप्रैल को देहरादून में फैन पार्क लगना प्रस्तावित है। आइपीएल कमेटी ने अपने ऑफिसियल ट्विटर अकाउंट पर यह जानकारी शेयर की है। इसके मुताबिक 20 व 21 अप्रैल शनिवार व रविवार को देहरादून में फैन पार्क लगाया जाएगा। फैन पार्क में दूनवासी 20 अप्रैल को राजस्थान रॉयल्स बनाम मुंबई इंडियंस व दिल्ली कैपिटल्स बनाम किंग्स इलेवन पंजाब और 21 अप्रैल को सनराइजर्स हैदराबाद बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स और रॉयल चेलेंजर्स बैंगलोर बनाम चेन्नई सुपरकिंग्स के मुकाबले फैन पार्क की स्क्रीन पर लाइव देख सकेंगे।

फिलहाल इसके लिए लोकेशन तय नहीं हुई है। जानकारी के अनुसार आइपीएल कमेटी देहरादून के रेंजर्स मैदान व सर्वे ऑडिटोरियम में फैन पार्क लगा सकती है।

सवर्णों को आर्थिक आरक्षण पर शीघ्र अध्यादेश ला सकती है उत्तराखंड सरकार

उत्तराखंड के सवर्ण जाति को आर्थिक आधार पर 10 प्रतिशत आरक्षण का तत्काल लाभ देने के लिए राज्य सरकार शीघ्र अध्यादेश ला सकती है। वित्त मंत्री प्रकाश मंत्री के मुताबिक केंद्र में जब भी कोई संविधान संशोधन होता है तो प्रदेश सरकारें उनको अंगीकार करती है। इसके लिए उन्हें विधानसभा में विधेयक लाना होता है। जानकारी के मुताबिक इस पर जल्द अध्यादेश आ सकता है।

मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि जल्द ही सामान्य वर्ग के गरीब लोगों को 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया जाएगा। हालांकि केंद्र से प्रदेश सरकार को अभी संविधान संशोधन की अधिसूचना के संबंध में कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है।

इस बीच मुख्यमंत्री ने अपर मुख्य सचिव (कार्मिक) राधा रतूड़ी को विभागीय स्तर पर आरक्षण का प्रावधान करने की प्रक्रिया के बारे में कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों के क्रम में कार्मिक विभाग के अधिकारियों ने गुजरात सरकार के अधिकारियों से संपर्क किया है। उनका कहना है कि वहां भी अभी आरक्षण देने की घोषणा हुई है। लेकिन इस संबंध में कोई प्रक्रियात्मक कार्रवाई शुरू नहीं हुई है।