एम्स ऋषिकेश में आप भी कर सकते है अपने नेत्र का दान, डायल करें…

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में गतवर्ष 2020 में लाॅकडाउन के मद्देनजर स्थगित की गई नेत्रदान की सुविधा को फिर से शुरू कर दिया गया है। बीते अक्टूबर माह से अब तक एम्स के आई बैंक में 13 लोगों के संकल्प के तहत आंखें दान की गई हैं, जिनसे 19 लोगों का जीवन रोशन हुआ है।

मार्च 2020 में विश्वव्यापी कोविड19 महामारी के मद्देनजर देशभर में लाॅकडाउन के बाद एम्स ऋषिकेश के नेत्र कोष विभाग में काॅर्निया प्रत्यारोपण की प्रक्रिया भी स्थगित कर दी गई थी। यह सुविधा सितंबर 2020 महीने तक स्थगित रखी गई। मगर इसके बाद हालात सामान्य होने पर अक्टूबर माह से इसे फिर से शुरू कर दिया गया। तब से अब तक एम्स स्थित नेत्र विभाग के आई बैंक में 13 लोगों के नेत्रदान महादान के संकल्प के तहत आंखें दान कर 19 लोगों को जीवन ज्योति प्रदान की गई।

इस बाबत एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत जी ने अपने संदेश में बताया कि नेत्रदान करना सबसे महान कार्य है। उन्होंने कहा कि नेत्रदान से किसी के अंधेरे जीवन को रोशन करने के समान कोई दूसरा महादान नहीं है। लिहाजा जो लोग अपनी आंखें दान करने का संकल्प लेते हैं, वह जरुरतमंद व्यक्ति को नेत्र ज्योति देकर मृत्यु उपरांत भी अमर हो जाते हैं। निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत जी ने बताया कि एम्स ऋषिकेश में स्थापित आई बैंक में कोई भी व्यक्ति अपनी आंखें दान कर सकता है। इस प्रक्रिया में किसी भी उम्र तक का व्यक्ति प्रतिभाग कर नेत्र दान जैसे पुण्यकार्य का प्रतिभागी बन सकता है।

गौरतलब है कि एम्स ऋषिकेश में लोगों को नेत्र दान जैसे पुनीत कार्य के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से नेत्र कोष आई बैंक की स्थापना 26 अगस्त 2019 को की गई थी। जिसमें लगभग डेढ़ वर्ष में एम्स आई बैंक के माध्यम से काॅर्निया प्रत्यारोपण के बाद 92 लोगों को जीवन ज्योति प्राप्त हो चुकी है। इस बाबत संस्थान के नेत्र विभागाध्यक्ष प्रोफेसर संजीव मित्तल जी ने बताया कि एम्स ऋषिकेश में काॅर्निया प्रत्यारोपण की सभी विश्वस्तरीय आधुनिकतम सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि आंखें दान करने के इच्छुक व्यक्ति अपने इस संकल्प को साकार करने के एम्स आई बैंक में सीधे संपर्क कर अथवा ’ऋषिकेश आई बैंक’ से ऑनलाइन जुड़कर इस महान कार्य में योगदान कर सकता है। डाॅ. मित्तल ने बताया कि संस्थान में कोविड19 महामारी की वजह से स्थगित रखी गई काॅर्निया प्रत्यारोपण की सुविधा को अक्टूबर 2020 से फिर से बहाल कर दिया गया है। लिहाजा आंखें दान करने को इच्छुक व्यक्ति ऋषिकेश आई बैंक के 90685 63883 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि एम्स संस्थान में संचालित काॅर्निया प्रत्यारोपण प्रक्रिया में कोविड19 गाइडलाइन का पूरा पालन करते हुए विशेष सावधानी बरती जा रही है।

मान्यता प्राप्त विद्यालयों को खोलने का सरकार दे आदेश, सौंपा ज्ञापन

मान्यता प्राप्त प्रबंधकीय विधालय एसोसिएशन ने राज्य मंत्री कृष्ण कुमार सिंघल ने विद्यालय को खोले जाने की गुहार लगाई है। एसोसिएशन की ओर से आरटीई के 2019- 20 विद्यालय के शुल्क दिए जाने की मांग भी की गई है।

मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से शिक्षा के अध्यक्ष प्रमोद कुमार शर्मा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल गढ़वाल मंडल विकास निगम के उपाध्यक्ष राज्य मंत्री कृष्ण कुमार सिंघल से उनके कार्यालय पर मिला। इस दौरान अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रतिनिधि मंडल की ओर से राज्य मंत्री को एक ज्ञापन भी सौंपा गया। एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद कुमार शर्मा ने राज्यमंत्री सिंघल को अवगत कराया कि लंबे अर्से से विद्यालयों के बंद होने की वजह से स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों के अभिभावक मासिक शुल्क नहीं दे रहे हैं। इसके साथ ही सरकार द्वारा अध्धययनरत बच्चों को दिए जाने वाला आरटीआई शुल्क भी नहीं दिया जा रहा जिसकी वजह से विद्यालयों के संचालकों की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई है।

सरकारी स्कूलों में ऑनलाइन शिक्षा देने की भरपूर कोशिश किए जाने के बावजूद गरीब बच्चों के पास स्मार्टफोन ना होने की वजह से ऑनलाइन शिक्षा का लाभ भी बच्चों को नहीं मिल पा रहा है।इससे उनकी शिक्षा की नींव कमजोर होने का खतरा भी उत्पन्न हो गया है जिसकी वजह से जल्द से जल्द विद्यालयों का खोला जाना बेहद आवश्यक है। प्रतिनिधिमंडल की तमाम बातें गौर से सुनने के पश्चात राज्यमंत्री सिंघल ने आश्वासन दिया कि वे इस बाबत जल्द ही उत्तराखंड के मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री से वार्ता कर समस्या के निस्तारण कराने की कोशिश करेंगे। प्रतिनिधिमंडल में राजीव थपलियाल, कमला प्रसाद भट्ट, राहुल रावत ,संजय पांडे आदि शामिल थे।

शार्ट फिल्म ‘तेरी आँखो में’ यूट्यूब पर हुई रिलीज

जीएमवीएन के निदेशक आशुतोष शर्मा व यूजेपी कनक धनाई के द्वारा शार्ट फिल्म तेरी आंखों में रिलीज की गई। यूट्यूब पर रिलीज के दौरान आशुतोष शर्मा ने कहा कि क्षेत्र के बच्चों में इस प्रकार की प्रतिभा का होना काबिले तारीफ है। शार्ट फिल्म के निर्देशक गोविन्दा शाह ने बताया कि उनके द्वारा बनायी शार्ट फिल्म दोस्ती और पढ़ायी से सम्बन्धित है। इस शार्ट फिल्म को उनकी टीम के नीरज राणा और विनोद भारद्वाज ने शूट किया है। यह फिल्म लोगों को काफी पसंद आयेगी। इससे पहले गोविन्दा शाह द्वारा जिन्दगी दी पौड़ी बनाया गया था जिसको अबतक 164000 से ज्यादा लोग देख चुके है।

बताया कि तेरी आँखों में शार्ट फिल्म यूटूब चैनल गोविंदा शाह पर देखने को मिलेगी। इस अवसर पर नीरजा गोयल ( नीरजा ट्रस्ट ) सीमा रानी (पूर्व सभासद) रजत मिश्रा ( खुशी एनजीओ) प्रियांशु सक्सेना, रजत कालरा, शैलेंद्र चैरसिया, प्रदीप यादव, अभिषेक कुमार, अनिल रावत और गोविन्दा शाह की पुरी टीम मौजूद थी।

अटल उत्कृष्ट विद्यालय खोलने का शासनादेश हुआ जारी

प्रदेश में शिक्षा, शिक्षण एवं शैक्षणिक कार्यों के उच्च मापदंड स्थापित करने हेतु अटल उत्कृष्ट योजना के अंतर्गत सीबीएसई बोर्ड से सम्बद्ध 190 विद्यालयों (प्रत्येक विकासखंड में दो) को खोलने का शासनादेश हो गए हैं।

देश के भूतपूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित यह 190 ’अटल उत्कृष्ट विद्यालय’ आगामी शैक्षणिक सत्र से प्रारंभ किये जायेंगे। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि भविष्य में उक्त योजना, प्रदेश में शिक्षा, शैक्षणिक कार्यों एवं शिक्षा व्यवस्थाओं को नए उच्च आयाम प्रदान करेगी। साथ ही कोरोना महामारी से उत्पन्न परिथितियों के दृष्टिगत पलायन को रोकने, नवीन रोजगारों के सृजन हेतु सहायक सिद्ध होगी। राज्य सरकार, प्रदेश में शिक्षा के उन्नयन हेतु कृतसंकल्पित है।

देवभूमि ऑटो रिक्शा ऑनर्स एसोसिएशन के निर्वाचित पदाधिकारियों को मेयर नेे दिलााई शपथ

देवभूमि ऑटो रिक्शा ऑनर्स एसोशिएसन के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को मेयर अनिता ममगाईं ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। मेयर ने अतिथि देवो भवः की सीख देते हुए ऑटो चालकों को तीर्थनगरी ऋषिकेश में बाहर से आने वाले पर्यटकों से मधुर व्यवहार करने की नसीहत दी।

स्वर्ण जंयती सभागार में आयोजित अधिष्ठापन समारोह में मेयर अनिता ममगाईं ने नव निर्वाचित अध्यक्ष राजेंद्र लांबा व उनकी टीम के महासचिव बेचैन गुप्ता ,उपाध्यक्ष अनिकेत गुप्ता, कोषाध्यक्ष नवीन कुमार गुप्ता, सहसचिव अजय सिंह सहित निर्वाचित कार्यकारिणी को शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि पर्यटन एवं तीर्थ को बढ़ावा देने के लिए परिवहन संस्थाओं का मजबूत होना बेहद आवश्यक है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों से आहृवान करते हुए कहा कि एसोसिएशन अपने तमाम सदस्यों से यहां आने वाले यात्रियों के संग मधुर व्यवहार करने की अपील करे ताकि यहां से अपने गंतव्य की और जखते समय यात्री सुखद यादें लेकर रवाना हो। उन्होंने एसोसिएशन को हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया।

इस दौरान पालिकाध्यक्ष मुनिकीरेती रोशन रतूड़ी, विनोद शर्मा, जयेंद्र रमोला, आशुतोष शर्मा, संदीप शास्त्री, सुरेंद्र मोघा, संजय वालिया, विजय सिंह, राजेश कुमार, सूरत चंद रमोला, सुनील जाटव, भूपेंद्र कुमार, कमल किशोर, रिंकू, प्रदीप, कमल ममगाईं, कृष्णा पाल आदि मौजूद रहे।

नए साल पर यूपी सीएम का युवाओं को तोहफा, प्रतियोगी परीक्षा की दी जाएगी फ्री कोचिंग

नए साल 2021 की शुरूआत में ही उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने युवाओं को तोहफा दिया है। योगी सरकार ने आज प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को फ्री कोचिंग देने का वायदा किया। बताया कि मंडल स्तर से इसके प्रथम चरण की शुरूआत होगी। इसके बाद जिला स्तर पर भी यह सुविधा शुरू होगी।

गोरखपुर में अपने संबोधन में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोचिंग कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जल्द नया सॉफ्टवेयर लाया जाएगा। योजना की शुरुआत भारतीय प्रशासनिक सेवा, पुलिस सेवा के लिए कोचिंग से होगी। उसके बाद अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग भी शुरू की जाएगी। योगी ने कहा कि यही नहीं इंजीनियरिंग, मेडिकल और अन्य प्रवेश परीक्षाओं के लिए भी तैयारी निशुल्क कराई जाएगी। ताकि उत्तर प्रदेश के युवा देश की प्रतिष्ठित नौकरियों के लिए स्वयं को अग्रिम पक्ति में पाएं। योगी ने कहा कि इससे छात्रों का पलायन रुकेगा। उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं एवं प्रदेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए अपना जिला और प्रदेश नहीं छोड़ना पड़ेगा।

एमबीबीएस की कक्षाएं आज से एम्स ऋ़षिकेश में शुरू

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, ऋषिकेश में एक जनवरी 2021 (शुक्रवार) से एम्स ऋषिकेश व एम्स विजयपुर (जम्मू) की नए शैक्षणिक सत्र की एमबीबीएस प्रथम वर्ष की वर्चुअल क्लासेस शुरू हो गई हैं। कोविड19 के मद्देनजर शुरू की गई वर्चुअल क्लास में ऋषिकेश एम्स के 119 व एम्स जम्मू के 35 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया।

एम्स निदेशक प्रो. रवि कांत ने कहा कि एम्स ऋषिकेश में शुक्रवार से एमबीबीएस प्रथम वर्ष की कक्षाएं विधिवत शुरू हो गई हैं, जिसमें संस्थान के साथ साथ जम्मू एम्स के विद्यार्थी भी शामिल होंगे। कहा कि हमारी चिकित्सा पद्धति में साइंस के साथ साथ आर्ट भी है। चिकित्सा के विद्यार्थियों को अपने चिकित्सकीय पेशे में सफलता अर्जित करने के लिए विज्ञान के साथ ही कला को भी अनिवार्यरूप से आत्मसात करना होगा, तभी वह मरीजों को बेहतर चिकित्सा सेवा दे सकते हैं।

उन्होंने बताया कि चिकित्सा प्रणाली में प्रत्येक पांच वर्ष के समयांतराल में दवा, उपचार विधि व परीक्षण के तौर तरीकों में बदलाव आ जाता है मगर इसके इस प्रणाली में अपनाई जाने वाली आर्ट में कोई बदलाव नहीं आता। लिहाजा चिकित्सक को पेशेंट के साथ कुशल व्यवहार व बेहतर संबंधों की कला में भी दक्ष होना होगा। उनका कहना है कि भारत में चिकित्सा विज्ञान में मौजूद कला के पक्ष की ओर गौर कम होने लगा है।

कहा कि चिकित्सा के विद्यार्थियों को मरीज के प्रति व्यवहारिक कुशलता के ज्ञान में दक्ष बनाने के लिए आर्ट ऑफ मेडिसिन को साफ्ट स्किल जैसे क्रिएटिव राइटिंग, संगीत, ड्रामा आदि माध्यमों को अपनाया जाएगा, जिसके लिए एम्स संस्थान में प्रोफेशनल डेवलपमेंट एंड हिमेनिटी विभाग स्थापित किया गया है। उन्होंने जोर दिया कि चिकित्सक में अपनी बात मरीज व उसके तीमारदारों तक ठीक से पहुंचाने की दक्षता का होना जरुरी है। साथ ही उसमें सामाजिक उत्तरदायित्व का बोध व अपने साथियों के साथ अच्छे व्यवहार का ज्ञान होना चाहिए।

उन्होंने बताया कि एक कुशल चिकित्सक में होलिस्टिक हैल्थ को प्राप्त करने के लिए इमोशनल, सोशल, स्प्रिच्वल, फिजिकल व मेंटल सभी प्रकार के गुणों से परिपूर्ण होना चाहिए। उन्होंने चिकित्सा विज्ञान में एविडेंस बेस्ड मेडिसिन पर जोर दिया और इसके लिए रेंडमाइज्ड कंट्रोल ट्रायल पर ध्यान देने की आवश्यकता बताई।

गौरतलब है कि एम्स विजयपुर (जम्मू) में संस्थान का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। जम्मू एम्स में इस वर्ष से 50 सीटों के साथ एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू कर दी गई है। यह छात्रों का प्रथम बैच है, चूंकि जम्मू का मेंटर इंस्टिट्यूट एम्स ऋषिकेश है, लिहाजा एम्स ऋषिकेश के छात्र छात्राओं के साथ ही एम्स जम्मू की एमबीबीएस की पढ़ाई अपने संस्थान के छात्रों के साथ शुरू की है।

इस अवसर पर संस्थान के डीन एकेडमिक प्रोफेसर मनोज गुप्ता, जम्मू एम्स के उप निदेशक कर्नल प्रभात शर्मा, फैकल्टी मेंबर्स डा. मनीषा नैथानी, डा. पूर्वी कुलश्रेष्ठा, फाउंडेशन कोर्स कमेटी की डा. गीता नेगी, डा. हरीश आदि मौजूद थे।

ऋषिकेश महाविद्यालय में ही बने श्रीदेव सुमन का मुख्य कैंपस

ऋषिकेश महाविद्यालय में ही श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय का मुख्य कैंपस बनाने को लेकर छात्र नेताओं ने आज सांकेतिक धरना दिया। छात्रों का कहना था कि उन्हें विश्वविद्यालय संबंधी छोटे कार्यों को टिहरी जाना पड़ता है, इससे काफी दिक्कतें होती हैं।

आज छात्रसंघ महासचिव दीपक भारद्वाज के नेतृत्व में छात्र नेता पीजी कॉलेज परिसर में पहुंचे। यहां उन्होंने प्रदर्शन किया और धरने पर बैठ गए। छात्र नेताओं ने बताया कि मॉर्क्स शीट, शुल्क जमा करने आदि कार्य को लेकर ऋषिकेश से विवि के मुख्य कैंपस टिहरी जाना पड़ता है, इससे समय बर्बाद होता है। कई बार मुख्य कैंपस में एक दिन में कार्य नहीं होने पर दूसरे दिन चक्कर लगाना पड़ता है। इससे छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित होती है। आक्रोशित छात्र नेताओं ने एक स्वर में कहा कि विवि के मुख्य कैंपस को ऋषिकेश में शिफ्ट करें या फिर ऋषिकेश कैंपस को सभी अधिकार दें, जिससे छात्र-छात्राओं को टिहरी नहीं जाना पड़े। छात्रसंघ महासचिव ने सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर अनशन पर बैठने की चेतावनी दी है। मौके पर रोहित सोनी, आशुतोष सैनी, आयुष चैहान, दीपक कुमार, चेतन, मोहित शर्मा, अनिरुद्ध शर्मा, हिमांशु, रोहित नेगी आदि मौजूद रहे।

मकर सक्रांति के बाद ऋषिकेश में काॅलेज में होगा कैंपस का उद्घाटन

विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल से उच्च शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने शिष्टाचार भेंट की। भेंटवार्ता के दौरान उन्होंने अवगत कराया है कि जनवरी माह में मकर संक्रांति पर्व के बाद ऋषिकेश स्थित श्री देव सुमन विश्वविद्यालय के कैंपस का विधिवत उद्घाटन किया जाएगा।

इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने विधानसभा अध्यक्ष को अवगत किया कि विश्वविद्यालय के छात्रों को डीजी लॉकर के माध्यम से डिग्री प्राप्त होगी इससे अब कोरोना संक्रमण के चलते छात्र-छात्राओं को घर पर ही ऑनलाइन माध्यम से डिग्री प्राप्त होगी।इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि छात्रों की सुविधा को देखते हुए सभी विश्वविद्यालयों को डीजी लॉकर व्यवस्था से जोड़ा जा रहा है उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं को अपनी मार्कशीट और डिग्री के लिए विश्वविद्यालय के चक्कर काटने पड़ते थे लेकिन डिजिटल लॉकर की व्यवस्था से छात्रों का कोई परेशानी नहीं होगी।डिजिटल लॉकर पर मार्कशीट और डिग्री अपलोड करने के बाद छात्र घर बैठकर निर्धारित कोड लगाकर अपने दस्तावेज डाउनलोड कर सकेंगे।

इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल ने कहा है कि ऋषिकेश में श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय परिसर स्थापित करने को लंबे समय से कवायद चल रही थी जनवरी माह के दूसरे सप्ताह में विधिवत इसका शिलान्यास हो जाएगा। अग्रवाल ने कहा है कि श्री देव सुमन विश्वविद्यालय का विधिवत उद्घाटन होने से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को लाभ मिलेगा। अग्रवाल ने कहा कि ऋषिकेश के निकटवर्ती क्षेत्र के बच्चों को अब महाविद्यालय में प्रवेश पाने के लिए समस्या नहीं होगी। अग्रवाल ने इसके लिए उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत का भी आभार व्यक्त किया।

प्राचीन शिक्षा प्रणाली में गुरूकुलों का बड़ा महत्वः त्रिवेंद्र सिंह रावत

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि स्कूल के भवनों के रूपान्तरण के साथ ही वहां पर शिक्षा एवं सुरक्षा का बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने से ही हम छात्रों का वर्तमान के साथ ही भविष्य सुरक्षित करने में सफल हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि हमारा राज्य आपदा की दृष्टि से संवदेनशील होने के कारण विद्यालयों में छात्रों एवं शिक्षकों को प्राकृतिक आपदा से बचाव की जानकारी दी जानी भी समय की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में मानव वन्य जीव संघर्ष की भी चुनौती रही है, इसे ध्यान में रखते हुए राज्य में मानव वन्य जीव संघर्ष से सम्बन्धित देश का पहला प्रशिक्षण केन्द्र खोला जायेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड आपदा प्रबन्धन का अलग से मंत्रालय गठित करने वाला भी पहला राज्य है।

आज सस्टेनेबल इनवायरमेंट एण्ड इकोलॉजिकल सोसायटी (सीड्स) एवं हनीवेल सेफ स्कूल कार्यक्रम के तहत 15 स्कूलों का रूपान्तरण के पश्चात् शिक्षा विभाग को सौंपे जाने से सम्बन्धित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यालयों में शिक्षा के अनुकूल माहौल से छात्रों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने के साथ ही उनके मानसिक विकास में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि हमारी प्राचीन शिक्षा प्रणाली में गुरूकुलों का बड़ा महत्व रहा है। आज के विद्यालयों को सुविधायुक्त बनाने से ही अच्छी शिक्षा छात्रों को उपलब्ध हो सकती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों का वर्तमान सुरक्षित रखने से ही उनका भविष्य भी सुरक्षित होगा। इसके लिए उन्हें विद्यालयों मे सकुशल, सुरक्षित एवं सहजता के साथ शिक्षा उपलबध कराने के प्रयास होने चाहिए। उन्होंने कोरोना महामारी का जिक्र करते हुए कहा कि इस वैश्विक महामारी का हम सर्तकता बरतने के कारण ही सामना करने में सफल हो पाये हैं। दुनिया के अनेक सुविधा सम्पन्न देशों के मुकाबले हम इससे अपना बचाव कर पाये हैं। मुख्यमंत्री ने विद्यालयों के रूपान्तरण के साथ ही छात्रों का सकुशल और सुरक्षित स्कूल के लिए आवश्यक सहयोग एवं सहायता के लिये सीड़स एवं हनीवेल के प्रयासों को सराहनीय बताया।

इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की उपस्थिति में सीड्स एवं हनीवेल द्वारा देहरादून एवं हरिद्वार के 4 विकास खण्डो के 15 स्कूलों का रूपान्तरण के पश्चात् अपर निदेशक शिक्षा मुकुल सती एवं वन्दना गर्ब्याल, एडिशनल प्रोजेक्ट डायरेक्टर को सौंपा गया।

इस अवसर पर डॉ. मनु गुप्ता, सह-संस्थापक, सीड्स ने कहा कि हनीवैल सेफ स्कूल कार्यक्रम शुरू करने से पहले, सीड्स ने इन 100 स्कूलों पर एक आधार स्तर का सर्वेक्षण किया था, जिससे यह पता चला कि लगभग 40 प्रतिशत स्कूलों के भवनों को भूस्खलन, भूकंप और बाढ़ से उत्पन्न होनेवाले संरचनात्मक खतरों का सामना करना पड़ता है। संरचनात्मक नवीनिकरण का उद्देश्य इन जोखिमों को कम करना होता है। 2019 में शुरू किए गए हनीवैल सेफ स्कूल कार्यक्रम के जरिए हरिद्वार और देहरादून जिलों के 100 सरकारी स्कूलों में 11,000 से अधिक विद्यार्थियों, 3,000 अभिभावकों और 900 शिक्षकों को स्कूल की सुरक्षा पर प्रशिक्षण दिया है। देहरादून और हरिद्वार में राज्य सरकार के 15 के स्कूलों का जीर्णोद्धार, मरम्मत और विस्तारण किया।
इस अवसर पर हनीवेल के वीरेन्द्र मिश्रा एवं सीड्स की रिजनल मैनेजर अनिता चैहान ने भी विचार व्यक्त किये।

कार्यक्रम में डीआईजी एसडीआरएफ श्रीमती रिद्धिम अग्रवाल सहित विभिन्न विद्यालयों के अध्यापकगण आदि उपस्थित थे।