35वीं बार मन की बात में मोदी बोले शिक्षक दिवस पर 5साल के लिये संकल्प लेकर पूरा करे

नरेंद्र मोदी ने 35वीं बार मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से देश को संबोधित किया। पीएम हर महीने के आखिरी रविवार को 11 बजे इस कार्यक्रम के माध्यम से देश को संबोधित करते हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत में ही पीएम मोदी ने हरियाणा में हुई हिंसा पर चिंता जताई। अहिंसा परमो धर्म ये हम बचपन से सुनते आए हैं। पीएम ने कहा कि मैंने लाल किले से भी कहा था कि आस्था के नाम पर हिंसा बर्दाश्त नहीं होगी। चाहे वो सांप्रदायिक आस्था हो, चाहे वो राजनैतिक विचार धाराओं के प्रति आस्था हो, चाहे वो व्यक्ति के प्रति आस्था हो, चाहे वो परम्पराओं के प्रति आस्था हो, आस्था के नाम पर, कानून हाथ में लेने का किसी को अधिकार नहीं है। मैं देशवासियों को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि कानून हाथ में लेने वाले, हिंसा के राह पर दमन करने वाले किसी को भी, चाहे वो व्यक्ति हो या समूह हो, न ये देश कभी बर्दाश्त करेगा और न ही कोई सरकार बर्दाश्त करेगी। हर किसी को कानून के सामने झुकना होगा, कानून जवाबदेही तय करेगा और दोषियों को सजा दे कर रहेगा।
स्वच्छता का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि 2 लाख 30 हजार से भी ज्यादा गांव, खुले में शौच से अपने आपको मुक्त घोषित कर चुके हैं। शौचालयों की कवरेज 39 से करीब-करीब 67 पहंची है। मैं आह्वान करता हूं कि 2 अक्टूबर को गांधी जयंती से 15-20 दिन पहले से ही स्वच्छता ही सेवा मुहिम चलाएं। ऐसा स्वच्छता खड़ी कर दें कि 2 अक्टूबर सचमुच में गांधी के सपनों वाली 2 अक्टूबर हो जाए। प्रधानमंत्री मोदी ने पुणे की अपर्णा का मैसेज उठाते हुए कहा कि क्या आपको नहीं लगता है कि जब हम, हमारे घर के आस-पास कोई सामान बेचने के लिए आता है, कोई फेरी लगाने वाला आता है। किसी छोटे दुकानदार से, सब्जी बेचने वालों से हमारा संबंध आ जाता है, कभी ऑटो-रिक्शा वाले से संबंध आता है। जब भी हमारा किसी मेहनतकश व्यक्ति के साथ संबंध आता है तो हम उससे भाव का तोल-मोल करने लग जाते हैं, मोल-भाव करने लग जाते हैं। नहीं इतना नहीं, दो रुपया कम करो, पांच रुपया कम करो और हम ही लोग किसी बड़े रेस्त्रां में खाना खाने जाते हैं तो बिल में क्या लिखा है देखते भी नहीं हैं, धड़ाम से पैसे दे देते हैं। इतना ही नहीं शोरूम में साड़ी खरीदने जाएं तो कोई मोल-भाव नहीं करते हैं, लेकिन किसी गरीब से अपना नाता आ जाए तो मोल-भाव किए बिना रहते नहीं हैं। गरीब के मन को क्या होता होगा, ये कभी आपने सोचा है? उसके लिए सवाल दो रुपये- पांच रुपये का नहीं है। उसके ह्रदय को चोट पहुंचती है कि आपने वो गरीब है इसलिए उसकी ईमानदारी पर शक किया हैं। दो रुपया- पांच रुपया से आपके जीवन में कोई फर्क नहीं पड़ता है, लेकिन आपकी ये छोटी-सी आदत उसके मन को कितना गहरा धक्का लगाती होगी कभी ये सोचा है? खेल पर पीएम ने कहा कि खेल मंत्रालय ने खेल प्रतिभा की खोज के लिए स्पोर्ट्स टैलेंट सर्च पोर्टल तैयार किया है। इस पर कोई भी बच्चा जिसने खेल के क्षेत्र में कुछ उपलब्धि हासिल की है, वो पोर्टल पर अपना बायोडाटा या वीडियो अपलोड कर सकता है। सलेक्ट इमर्जिंग प्लेयर्स को खेल मंत्रालय ट्रेनिंग देगा और मंत्रालय कल इस पोर्टल को लॉन्च करने वाला है। खुशी की खबर है कि भारत में 6 से 28 अक्टूबर तक फीका अंडर-17 वर्ल्ड कप का आयोजन होने जा रहा है।
पीएम ने कहा कि 5 सितंबर को हम सब शिक्षक दिवस मनाते हैं। हमारे देश के भूतपूर्व राष्ट्रपति डॉ. राधाकृष्णन जी का जन्मदिवस है। वे राष्ट्रपति जरूर थे, लेकिन जीवन भर अपने आप को एक शिक्षक के रूप में ही वो प्रस्तुत करते थे। वो हमेशा शिक्षक के रूप में ही जीना पसंद करते थे। उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि इस बार जब हम शिक्षक दिवस मनाए। तो हम सभी एक संकल्प लें। हर किसी को 5 साल के लिए, किसी संकल्प से बांधिए, उसे सिद्ध करने का रास्ता दिखाइये और 5 साल में वो पाकर कर रहे। जीवन में सफल होने का आनंद पाएं।

बाढ़ से नुकसान की भरपाई को मोदी का बिहार को 500करोड़ी पैकेज

हवाई सर्वे के जरिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। इस दौरान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी मोदी के साथ रहे। पीएम मोदी ने बिहार के लिए 500 करोड़ रुपए के राहत पैकेज का ऐलान किया है। इससे पहले पीएम मोदी ने पूर्णिया में सीएम नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम सुशील मोदी और आला अधिकारियों के साथ बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए उच्चस्तरीय बैठक भी की। बिहार में बाढ़ की वजह से अब तक 418 लोगों की मौत हो गई है। हाई लेवल मीटिंग के बाद पीएम मोदी ने बिहार को हर मुमकिन मदद का भरोसा दिया है। मोदी ने बाढ़ से हुए नुकसान का आंकलन करने के लिए एक केंद्रीय दल भेजने का भी आश्वासन दिया है। उन्होंने निर्देश दिए कि किसानों की फसल बीमा का तुरंत आंकलन करने के लिए बीमा कम्पनियां अपने पर्यवेक्षक तत्काल प्रभावित क्षेत्रों में भेजें। जिससे किसानों को शीघ्र ही राहत पहुंचाई जा सके।
बाढ़ से प्रभावित सड़कों की मरम्मत के लिए सड़क एवं परिवहन मंत्रालय को उपयुक्त कार्रवाई करने का भी निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ से विद्युत इंफ्रास्ट्रक्चर को जो नुकसान हुआ है उसकी शीघ्र बहाली के लिए भी केन्द्र, राज्य सरकार की हर संभव मदद करेगा। प्रधानमंत्री राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिवार को 2 लाख रुपए एवं गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को 50 हजार रुपए की दर से सहायता भी दी जाएगी।

एम्स ऋषिकेश में मरीजों के साथ आने वालों के लिये 500बेड की आवासीय व्यवस्था

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने डोईवाला में एक स्थानीय वेडिग प्वाइंट में शहीद मेजर दुर्गामल्ल के 74वें बलिदान दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि देहरादून से ऋषिकेश के लिए जाने वाली तथा हरिद्वार से ऋषिकेश को आने वाली सभी रोडवेज बसे एम्स ऋषिकेश से होते हुए जाएगी, इसके साथ ही एम्स ऋषिकेश में मरीजो के साथ आने वाले तीमारदारों के रहने हेतु 500 बेड की आवासीय व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि डोईवालाखता रोड शहीद मेजर दुर्गामल्ल के नाम से जानी जायेगी। डोईवाला डिग्री कॉलेज में शहीद मेजर दुर्गामल्ल की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। उन्होंने घोषणा की कि अब कोई भी जनसमस्या सम्बन्धित विभागीय मंत्रियो द्वारा एक निर्धारित दिन उनके कार्यालय में सुनी जाएगी। मंत्रियो द्वारा अपने विभागों से सम्बन्धित जन समस्या की सुनवाई तथा निपटान त्वरित तथा प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने राज्य भर के सभी डिग्री कॉलेज छात्रछात्राओं से अपील की है कि प्रधानमंत्री की स्वास्थ्य बीमा योजना के अर्न्तगत डिग्री कॉलेज के छात्रों को 2 लाख तक की बीमा सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि सभी छात्रछात्राएं प्रधानमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना का आवेदन पत्र भरे तथा योजना का लाभ उठाए। शहीद मेजर दुर्गामल्ल को श्रद्धाजंलि अर्पित करते हुए हुए त्रिवेन्द्र ने कहा कि शहीद किसी जाति विशेष या समुदाय विशेष के नहीं होते बल्कि उनका बलिदान और त्याग सम्पूर्ण समाज या देश के लिए होता है। यह मात्र गोर्ख्याली समुदाय का ही कार्यक्रम नहीं है बल्कि यह हर देशभक्त का कार्यक्रम है। हमारे शहीद देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देते है। उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि हमारे राज्य से अनेक ऐसे वीर है जिन्हें परमवीर चक्र, शौर्य चक्र जैसे तमाम सर्वोच्च पुरस्कार मिल चुके है। हम उन तमाम ज्ञातअज्ञात वीरों को नमन करते है। उन्होंने कहा कि जिस देश में वीरो की पूजा बन्द हो जाती है वह देश समाप्त हो जाता है। यदि देश को जीवित तथा मजबूत रखना है तो हमें अपने वीरों को याद रखना होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने हाल ही में कारगिल में शहीद हुए बंजारावाला निवासी लांस नायक जीत बहादुर थापा की पत्नी श्रीमती रानी थापा को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। गोर्ख्याली समाज द्वारा संसद भवन में शहीद दुर्गा मल्ल की प्रतिमा की स्थापना हेतु प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा त्रिवेन्द्र सिंह रावत का आभार व्यक्त किया। इससे पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने नगर पालिका परिसर डोईवाला में शहीद मेजर दुर्गामल्ल की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल तथा शहीद मेजर दुर्गामल्ल के भतीजे राजेन्द्र मल्ल व काफी मात्रा में लोग मौजूद थे।

जानिए लिंग परिवर्तन कराने के पीछे का सच, हैरान करने वाली कहानी

मुंबई में इन दिनों एक नया मामला सामने आया है, जिसमें एक महिला जो कुछ सालों पहले पुरुष हुआ करती थी और एक पुरुष जो पहले महिला हुआ करता था। दोंनों ने शादी करने का फैसला लिया है। तीन साल पहले दोनों मुंबई के एक अस्पताल में अपना लिंग परिवर्तन कराने आए थे। वहीं पर उन दोनों की पहली ही मुलाकात प्यार में बदल गई। अब अगले महीने वे शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। केरल का रहने वाला आरव अप्पुकुट्टन 46, मुंबई में एक अस्पताल में अपना लिंग परिवर्तन कराने गया था। उसी अस्पताल में सुकन्या कृष्णन 22, भी वहां अपने लिंग का परिवर्तन कराने गयी हुयी थी। बस फिर क्या था, दोनों ने एक दूसरे को देखा, प्यार कर बैठे और अगले महीने शादी करने जा रहे है। सुकन्या बताती हैं, हम दोनों के माता-पिता ने बचपन से ही उन्हें किन्नरों की तरह ट्रीट किया था। आरव ने कहा, मैंने सोचा भी नहीं था कि हमें इस तरह प्यार हो जाएगा। हम दोनों ने पूरे रीति-रिवाज के साथ मंदिर में शादी करने का फैसला किया है। हमने एक बच्चा भी गोद लेने का फैसला किया है।
मुलाकात से पहले की कहानी
आरव ने बताया, जब मैं 13 साल का हुआ तब मुझे पता चला कि मैं औरत नहीं हूं। मुंबई जाने के बाद जब मैंने लड़कों के कपड़े पहने और उनके जैसे हेयरस्टाइल रखी। मैं अपना लिंग परिवर्तन कराने दुबई गया। एक साल मैं पूरी तरह से औरत से आदमी में बदल चुका था। यहां तक कि मेरे दाढ़ी और मूंछें भी आनी शुरु हो गई थी।
वहीं सुकन्या कहती है कि परिवार मुझे लड़कों के कपड़े पहनने को और लड़कों के साथ खेलने को कहते थे। एक बार तो एयरपोर्ट पर मुझे ये कहकर रोक दिया गया कि मेरे आधारकार्ड से मेरा चेहरा मैच नहीं कर रहा है। मैं इस समस्या को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलना चाहती हूं कि हमें किस समस्या से गुजरना पड़ रहा है।

ब्लू व्हेल का दिखा असर, नहीं ले जा सकेंगे स्कूलों में स्मार्ट फोन

आज के दौर में क्या बच्चे और क्या बड़े। सभी ऑनलाइन गेम से अछूते नहीं है और फिर ऐसे में आया ऑनलाइन गेम ब्लू व्हेल। बच्चों और किशोरों को खुदकुशी के लिए उकसाने वाले ऑनलाइन गेम ब्लू व्हेल के खतरे के मद्देनजर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने स्कूलों में इंटरनेट और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के उपयोग के लिए नये दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसमें बोर्ड की तरफ सेे स्कूलों को यह साफ तौर पर निर्देश दिया गया है कि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों स्मार्टफोन, टैबलेट, आई पैड, लैपटॉप जैसे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बिना इजाजत स्कूल में नहीं ला सकेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि बच्चों द्वारा इस्तेमाल कर रहे कंप्यूटर्स को ऐसे जगह रखा जाए जहां से उस पर नजर रखा जा सके। इसके साथ ही स्कूल को यह भी निर्देश दिया गया है कि छात्रों को इंटरनेट के इस्तेमाल करने पर सुरक्षा और प्रभाव के बारे में बताया जाए। इंटरनेट के इस्तेमाल करने पर डिजिटल निगरानी की व्यवस्था हो। बच्चों को केवल पहले से चयन किए हुए वेबसाइट तक पहुंचने की अनुमति देना होगा। उन्होंने कहा कि ब्लू व्हेल ही नहीं, बल्कि सभी जानलेवा वेबसाइट्स पर भी रोक लगनी चाहिए। सीबीएसई के परिपत्र में कहा गया है कि यह सूचित किया जाता है कि दृश्य या श्रव्य सामग्री को संग्रहित, रिकॉर्ड या प्ले कर सकने में समक्ष स्मार्ट मोबाइल फोन, टैबलेट, आई पैड, लैपटॉप जैसे इलेक्ट्रॉनिक संचार उपकरणों को स्कूल या स्कूल बसों में बिना अनुमति के नहीं लाया जाए। स्कूल में प्राचार्य और स्कूल बसों में परिवहन प्रभारी इस बात का ध्यान रखें कि मोबाइल फोन नहीं लाया जा सके।

उत्तराखंड मेट्रो का प्रस्तावित खाका तैयार

एक्सलूसिव खबर

-गूगल मैप के जरिए मेट्रो का सर्वे, प्रोजेक्ट तैयार करने में जुटे अधिकारी
-दिल्ली मेट्रो के अधिकारियों ने उत्तराखंड में डाला डेरा

ऋषिकेश। दयाशंकर पाण्डेय
दिल्ली की तर्ज पर उत्तराखंड में भी मेट्रो का सपना जल्द साकार होने वाला है। दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों ने उत्तराखंड में डेरा डाल दिया है। शुरुआती चरण में कंसल्टेंट प्रोजेक्ट रिपोर्ट, सर्वे और मैप को अंतिम रूप देने के लिए हरिद्वार, ऋषिकेश, देहरादून तहसीलों के अधिकारियों से दिल्ली मेट्रो के अधिकारी संपर्क कर रहे हैं।
मंगलवार को दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन लिमिटेड के सीनियर एजीएम (सिविल) आरजी शर्मा अपनी टीम के साथ ऋषिकेश तहसील पहुंचे। टीम ने एसडीएम ऋषिकेश वृजेश कुमार तिवारी से मुलाकात की। एजीएम ने बताया कि उत्तराखंड में मेट्रो के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन लिमिटेड प्रोजेक्ट तैयार कर रहा है। मेट्रो के मार्ग, निर्माण को लेकर खर्च, पर्यावरण पर असर, प्रस्तावित स्टेशन, यातायात व्यवस्था, परिवहन का अध्ययन, सर्वे और टेक्निकल सर्वे के लिए उनकी टीम काम कर रही है। बताया कि उनका सर्वे अंतिम चरण में है।
एजीएम ने एसडीएम से ऋषिकेश के प्रस्तावित मार्ग, स्टेशन का निर्माण और भूमि के अधिग्रहण के बारे में चर्चा की। टीम सैटेलाइट द्वारा तैयार हरिद्वार, ऋषिकेश और देहरादून का मैप भी साथ लाई थी। एजीएम आरजी शर्मा ने हिन्दुस्तान को बताया कि उत्तराखंड में मेट्रो को लेकर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है। उत्तराखंड सरकार ने पूर्व में दिल्ली की कंपनी डिम्स को यह जिम्मेदारी दी थी। डिम्स की विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर ही दिल्ली मेट्रो रेल कारापोरेशन लिमिटेड भी काम कर रहा है। शीघ्र ही डीपीआर उत्तराखंड मेट्रो कारापोरेशन को सौंपी जाएगी। मौके पर दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन के रेजिडेंट इंजीनियर आरपी सिंह, जूनियर इंजीनियर सर्वेश कुमार व नायब तहसीलदार केडी जोशी मौजूद रहे।

मेट्रो के सर्वे में सामने आए (प्रस्तावित) प्रमुख तथ्य-
-ऋषिकेश में दो कॉरीडोर बनेंगे
-60 खंबों के पिलर पर होकर गुजरेगी मेट्रो
-ऋषिकेश का आखिरी स्टेशन नटराज चौक
-नेपाली फॉर्म के तिराहे पर ऋषिकेश और देहरादून जाने के लिए इंटरचेंज स्टेशन
-रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के नजदीक स्थान पर स्टेशन निर्माण को वरीयता
-मेट्रो के डिपो व मरम्मत स्टेशन के लिए स्थान का चयन
-सरकारी व प्राइवेट जमीन के अधिग्रहण की सर्वे
-ट्रैफिक का दबाब कम करने के लिए इकोनॉमिक रिटर्न का अध्ययन

महानायक अमिताभ बच्चन पहुंचे होटल आनंदा

दोपहर एक बजे रिलायंस ग्रुप के मालिक अनिल अंबानी, टीना अंबानी और जया बच्चन के साथ जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर विशेष विमान से पहुंचे

ऋषिकेश।
बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन के एयरपोर्ट पहुंचने की सूचना पर सुबह से ही जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर प्रशंसकों की भीड़ रही। ठीक एक बजे विशेष चार्टर विमान रनवे पर उतरा। जिसमें बिग बी अमिताभ बच्चन सबसे पहले विमान से नीचे उतरे। उनके साथ उनकी धर्मपत्नी जया बच्चन भी थीं। इसके तुरंत बाद रिलायंस ग्रुप के मालिक अनिल अंबानी अपनी पत्नी टीना अंबानी के साथ उतरे। मुख्यगेट से बाहर आते ही प्रशंसकों ने उन्हें घेर लिया। कुछ लोग उनसे प्रश्न करने लगे कि क्या अनुष्का-विराट की सगाई में शामिल होने आए हैं लेकिन बिग बी बिना कुछ कहे ही कार में सवार हो गए। करीब एक घंटे बाद दोपहर दो बजे सभी होटल पहुंचे। जहां पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया गया। यहां भी सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध थे। होटल आनंदा के मुख्यगेट पर होटल के दर्जनों गार्ड और पुलिस भी तैनात थी। अटकलें हैं कि भारतीय टेस्ट क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली और फिल्म अभिनेत्री अनुष्का शर्मा एक जनवरी को सगाई कर सकते हैं। गुरुवार को सगाई में शामिल होने के लिए बिग बी अमिताभ बच्चन, रिलायंस ग्रुप के मालिक अनिल अंबानी भी पहुंचे हैं लेकिन होटल प्रबंधन सगाई की बात से इनकार कर रहा है। सूत्रों की मानें तो अमिताभ बच्चन बीते वर्ष गोवा गए थे लेकिन इस बार उन्होंने उत्तराखंड में ठहरने का निर्णय लिया है।

सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट, गिरफ्तार

देशद्रोह, सांप्रदायिक द्वेष फैलाने और लोगों को भड़काने के आरोप में पुलिस ने किया गिरफ्तार
ऋषिकेश।
पुलिस ने फेसबुक पर विवादित पोस्ट डालने के आरोप में ऋषिकेश निवासी युवक को गिरफ्तार किया है। युवक पर देशद्रोही गतिविधियां, सांप्रदायिक द्वेष फैलाने, लोगों को भड़काने और इलेक्ट्रानिक माध्यमों पर आपत्तिजनक सूचनाएं प्रकाशित करने का आरोप है।
ऋषिकेश कोतवाल वीसी गोसाईं ने बताया कि तिलकरोड ऋषिकेश निवासी जगजीत सिंह उर्फ जग्गा (24) पुत्र हरविन्दर सिंह ने अपनी फेसबुक आईडी पर देश के नक्शे को खंडित करते हुए आपत्तिजनक पोस्ट अपलोड किए। फेसबुक में खालिस्तान का प्रचार करने के साथ भड़काऊ टिप्पणी लिखी। कोतवाल ने बताया कि 2015 में युवक ने जनरैल सिंह का जन्मदिन भी मनाया था। 22 फरवरी 2016 को जगजीत ने फेसबुक में पोस्ट शेयर किया था, जिसमें मोहम्मद अली जिन्ना और खालिस्तान समर्थक आतंकवादी जनरैल सिंह भिंडरवाला का चित्र पोस्ट करने के साथ पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लिखे थे। 107
कोतवाल ने बताया कि आरोपी जगजीत सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 505 के तहत सांप्रदायिक द्वेष फैलाने, धारा 153 बी के तहत लोगों का भड़काने व नफरत फैलाने, धारा 124 ए के तहत देशद्रोही गतिविधि करने और सूचना तकनीकी कानून की धारा 67 के तहत इलेक्ट्रानिक माध्यमों से जरिये आपत्तिजनक सूचनाएं प्रकाशित करने पर मुकदमा दर्ज किया गया है। कोतवाल वीसी गोसाईं ने बताया कि जगजीत के पिता की मायाकुंड में कारों के डेंटिंग पेंटिंग की दुकान है। आरोपी ने अपने फेसबुक पेज पर खुद को शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) यूथ का उत्तराखंड अध्यक्ष लिखा है।
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कुछ दिन पहले जमानत पर आया था बाहर
आरोपी पर पंजाब में हत्या का एक मामला चल रहा है। कोतवाल ने बताया कि जगजीत को 16 जून 2016 को थाना सिटी जिला खन्ना (पंजाब) में पंजाब पुलिस ने हत्या के एक मामले में गिरफ्तार किया था। वहां उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज है। कुछ दिन पहले ही युवक जमानत पर बाहर आया था।

शहर में विवादित पोस्टर भी लगाए थे
ऋषिकेश। बीते वर्ष रेलवे रोड, तिलक रोड पर पाकिस्तान एवं खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लिखे पोस्टर लगाए गए थे। पुलिस मामले में आरोपी की तलाश कर रही थी। शुक्रवार को गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में जगजीत ने यह विवादित पोस्टर लगाने की बात कबूली है।

जीएमवीएन का भारत भूमि टूरिस्ट कांपलेक्स सील

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एनजीटी के आदेश पर प्रशासन की टीम ने सील की कार्रवाई की
कर्मचारियों में उपजा रोष, सरकार के खिलाफ मुखर होने की तैयारी
ऋषिकेश।

मंगलवार को एनजीटी के आदेश पर ऋषिकेश एसडीएम कुश्म चौहान ने गढ़वाल मंडल विकास निगम के ऋषिकेश स्थित 51 कमरों वाले भारत भूमि टूरिस्ट कांपलेक्स को सील कर दिया। गौरतलब है कि एनजीटी ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) के मानकों पर खरा नही उतरने वाले उत्तराखंड के 9 होटलों को सील करने के आदेश दिये थे। नगर में एनजीटी के आदेश पर होटल सील की यह दूसरी कार्रवाई है। इससे पहले लक्ष्मणझूला स्थित कृष्णा कॉटेज को एनजीटी के आदेश पर प्रशासन की टीम ने सील किया था।
जीएमवीएन गेस्ट हाउस में मंगलवार की 5 एसी बुकिंग रही, जिन्हें मुनिकीरेती स्थित गंगा रिसोर्ट में शिफ्ट किया गया। सील कार्रवाई के समय गेस्ट हाउस खाली रहा, जिससे प्रशासन की टीम को कार्रवाई में आसानी रही।

कर्मचारियों में रोष
जीएमवीएन के गेस्ट हाउस सील होने से कर्मचारियों में रोष व्याप्त है। लगभग 40 कर्मचारी भारत भूमि टूरिस्ट कांपलेक्स में कार्यरत है। कर्मचार महासंघ अध्यक्ष जयप्रकाश कोठारी ने एनजीटी के आदेश पर कोई टिप्पणी तो नही की, लेकिन प्रदेश सरकार पर पर्यटन उद्योग को चौपट करने का आरोप लगाया। कहा कि सरकार बताएं कि 40 कर्मचारियों के भविष्य का क्या होगा? उन्होंने कहा कि गेस्ट हाउस का सीवर कनेक्शन जोड़ दिया गया है और प्रदूषण नियंत्रण की क्लीरिंयस को भी पूरा किया जा रहा है। कहा कि ऐसे तो जीएमवीएन के प्रदेश के सारे गेस्ट हाउस सील हो जायेंगे। कर्मचारी सीधे बोलने से बचते रहे, लेकिन सरकार व अपने उच्च अधिकारियों के खिलाफ आक्रोश देखा गया।

निशंक ने विपक्ष को आड़े हाथो लिया

105कहा-पूर्ववर्ती सरकारों ने काला धन लाने के लिए कोई ठोस कार्य नही किया
केन्द्र सरकार के बिल से विश्व में भारत की साख बढृने का दावा किया
नई दिल्ली। सरकारी आश्वासनों संबंधी समिति के सभापति, सांसद हरिद्वार एवं पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड डॉ. रमेश पोखरियाल ’निशंक’ ने लोक सभा में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि 1988 से अभी तक कांग्रेस कालेधन और बेनामी सम्पत्ति के मामले में गम्भीर नहीं रही है। डॉ. निशंक ने कहा कि बेनामी संव्यवहार (प्रतिषेध) संशोधन विधेयक, 2015 के माध्यम से देश में काले धन पर रोक लगाने की सरकार की प्रतिबद्धता परिलक्षित होती है।
डॉ. निशंक ने बताया कि विधेयक के इन संशोधनों का मकसद कानूनी और प्रशासनिक लिहाज से विधेयक के प्रावधानों को मजबूत बनाना है। उन्होंने आगे बताया कि बेनामी सम्पत्ति के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए यह ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। कांग्रेस पर कड़ा प्रहार करते हुए डॉ. निशंक ने बताया कि कांग्रेस ने सदैव से कालाधन और बेनामी सम्पत्ति से जुड़े लोगों को प्रोत्साहन दिया है। कांग्रेस की नीति हमेशा कालाधन को संरक्षण देने की रही है। केन्द्र सरकार का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए डॉ. निशंक ने बताया कि इस विधेयक से जहां भारत में कालेधन पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। वहीं अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में भारत की विश्वसनीयता बढाने में मदद मिलेगी। डॉ. निशंक ने बताया कि कांग्रेस सरकार ने उपेक्षापूर्ण रवैये के चलते वर्ष 2011 का विधेयक छः सत्र बीत जाने पर बिल लैप्स हो गया। सरकार द्वारा नया बिल लाये जाने की अपेक्षा 1988 के बिल में संशोधन किया गया ताकि 1988 से आज तक सभी दोषियों को दंडित किया जा सके। डॉ. निशंक ने बताया कि मौजूदा विधेयक में जहां दोषियों के लिए दंडात्मक व्यवस्था का प्रावधान है वहीं अपीलीय ट्रिब्यूनल तंत्र स्थापित किया गया है। बेनामी संव्यवहार की नई परिभाषा को स्थापित करते हुए बिल ने विभिन्न प्राधिकारियों के माध्यम से सक्षम तंत्र की स्थापना की गयी है।