दून स्थित क्रिकेट स्टेडियम आईसीसी पैनल में होगा शामिल

जल्द ही देहरादून स्थित नवनिर्मित राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निरीक्षण आईसीसी का पैनल करेगा। यह जानकारी राज्य के खेल मंत्री अरविंद पांडेय ने दी है।

पांडेय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग दिया जाएगा। उत्तराखंड के पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को अफगानिस्तान अपना होम ग्राउंड बनाने की इच्छा पूर्व में ही जता चुका है। बकायदा अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के सीईओ शाकिब स्टेडियम का दौरा भी कर चुके हैं और उन्होंने इस संबंध में बीसीसीआइ को पत्र भी लिखा है।

खेल मंत्री अरविंद पांडेय का कहना है कि अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने उन्हें पत्र लिखकर तीन टी-20 क्रिकेट मैच की सीरीज के लिए सहयोग मांगा है। तीन मैचों की सीरीज अफगानिस्तान और बांग्लादेश के बीच तीन जून से प्रस्तावित है।

उन्होंने दावा किया है कि आइसीसी की टीम जल्द ही दून पहुंचकर स्टेडियम का निरीक्षण कर इसे अपने पैनल में शामिल कर लेगी। जबकि, बीसीसीआइ की टीम कई बार स्टेडियम का दौरा कर चुकी है। उन्होंने कहा कि आइसीसी ने तीन मैचों की सीरीज के लिए अपनी वेबसाइट पर भी दून स्टेडियम को शामिल किया है। इससे तय है कि तीन जून को यहां पहला अंतरराष्ट्रीय मैच देखने को मिल सकेगा।

साहसिक खेल को बढ़ावा देने ट्रेकिंग दल हुआ रवाना

पर्यावरण मंत्री डा हरक सिंह रावत ने नाग टिब्बा में ट्रेकिंग के लिये 60 सदस्यीय दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दल का उद्देश्य साहसिक खेलों को बढ़ावा देना है।

पर्यावरण मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा उत्तराखण्ड का नैसर्गिक सौन्दर्य पर्यटकों को यहाँ आने के लिए आकर्षित करता है। उन्होंने कहा कि चारधाम ऑलवेदर रोड, रेल और एयर कनेक्टिविटी के सुदृढ़ होने से उत्तराखण्ड में पर्यटन को और अधिक बढ़ावा मिलेगा। उत्तराखण्ड ने पर्यावरण के क्षेत्र में विष्व में अपनी अलग पहचान बनाई है।

हम पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रहे हैं। प्रदेश में वैलनेस एंड योग टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म, इको टूरिज्म, विलेज टूरिज्म की अपार संभावनाएं है। उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण में देश के अन्य राज्यों में रह रहे उत्तराखण्डवासियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

वारदातः जनपद हरिद्वार में तीन लोगों पर हुयी फायरिंग

हरिद्वार जिले में एक सनसनी वारदात सामने आई है। जिसमें एक ही परिवार के तीन सदस्यों को गोली मार दी गयी। पीड़ित परिवार को कसूर बस इतना था कि वह खेत में पानी डाल रहा था। जो कि हमलावरों को नागवार गुजरा।

गुरूवार को हरिद्वार के झबरेडा के हतश्यामपुर गांव में शाम छह बजे वेदपाल नाम व्यक्ति रजवाहे के पास ट्रैक्टर में पंप लगाकर खेत में पानी दे रहा था। इसी दौरान गांव का ही एक अन्य व्यक्ति महकार अपने कुछ साथियों के साथ वहां आ पहुंचा। वे खेत में पानी देने का विरोध करने लगे, इसी को लेकर उनका विवाद हो गया।

आरोप है कि महकार और उसके साथ आए लोगों ने वेदपाल से मारपीट शुरू कर दी। उसके 20 वर्षीय बेटे विकास ने विरोध किया तो उन्होंने तमंचे पर फायर झोंक दिए। इनमें से एक गोली विकास के सिर पर लगी, वह वहीं पर ढेर हो गया। दूसरी गोली वेदपाल के सिर में और एक अन्य उसके भतीजे अनित के हाथ में लगी। वेदपाल की हालत चिंताजनक बताई जा रही है।

वारदात के बाद हमलावर फरार हो गए। घटना का पता चलने पर गांव में सनसनी फैल गई। सूचना पर एसपी देहात मणिकांत मिश्रा, एसपी सिटी ममता बोहरा और सीओ स्वप्न किशोर सिंह मौके पर पहुंचे। तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है। घायल वेदपाल और अनित को जौलीग्रांट स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने बताया कि हत्या के बाद आरोपित गांव से फरार हो गए। चार लोग हिरासत में लिए गए है। फिलहाल घटना के संबंध में तहरीर नहीं मिल पायी है।

नमामि गंगे की बेवसाईट का सीएम ने किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने पेयजल योजनाओं और नमामि गंगे की बेवसाईट का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालयों में बच्चों के लिये स्वच्छता पर आधारित पाठय सामग्री का भी विमोचन किया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि जल संकट की चुनौती से लड़ने के लिए विशेष प्रयासों की जरूरत है। आने वाले समय में जल संकट विश्व के समक्ष एक गम्भीर समस्या होगी। जल के संरक्षण एवं संवर्द्धन के लिए हमें अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक सोच के साथ कार्य करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के लिए राज्यों को आपस में मिलकर विचार करना होगा। मुख्यमंत्री ने हिमाचल, हरियाणा, उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्रियों से बात की है। टिहरी के जलाशय के कारण गंगा का जल स्तर सही बना हुआ है। जल संरक्षण के लिए वॉटर कॉपर्स बनना चाहिए। विभिन्न माध्यमों से वर्षा जल का संग्रहण करना आवश्यक है, ताकी पीने के पानी एवं सिंचाई के लिए पानी की पूर्ति हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में है पिछले एक साल में देहरादून में तीन झील बनाने का निर्णय लिया गया। जिसमें सूर्यधार का टेंडर हो गया है, सौंग के लिए बजट का प्रावधान कर लिया गया है, जबकि मलढ़ूंग की डीपीआर तैयार हो रही है। पिथौरागढ़, अल्मोड़ा एवं पौड़ी में भी झील बनाने का निर्णय लिया है। इन झीलों के माध्यम से जल संरक्षण भी होगा और ईको सिस्टम भी ठीक होगा।

उन्होंने कहा कि किसी भी कार्य को पूरा करने के लिए लक्ष्य पहले से निर्धारित होना चाहिए। पिछले वर्ष 25 मई से जल संरक्षण को जो अभियान चलाया गया, उससे 40 करोड़ लीटर पानी का संरक्षण हुआ है। इस वर्ष 70 करोड़ लीटर जल संरक्षण का लक्ष्य रखा गया है। राज्य सरकार ने रिस्पना नदी एवं कुमांऊ की लाइफ लाइन कोसी को पुनर्जीवित करने का लक्ष्य रखा है। इनके पुनर्जीवीकरण का कार्य मिशन मोड पर किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इस वर्ष लगभग 200 करोड़ रूपये जल संग्रहण एवं उससे सम्बन्धित योजनाओं पर खर्च किये जायेंगे। सरकारी आवासों से रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की शुरूआत की जा रही है।

पेयजल मंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि वैश्विक स्तर पर लगातार पेयजल की कमी की समस्या बढ़ती जा रही है। पेयजल की समस्या के निदान को विश्व बैंक पोषित अर्द्धनगरीय क्षेत्र के रूप में प्रदेश के 07 जनपदों के चिन्ह्ति 35 अर्द्धनगरीय क्षेत्रों के लिए मानक के अनुरूप पेयजल उपलब्ध कराने के लिए कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया है। वर्ष 2022 तक हर घर में शुद्ध पानी पहुंचाने के लिए शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लिये योजनायें बनाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि विकास की दौड़ के कारण पर्यावरण को जो क्षति पहुंच रही इससे भविष्य में गहरे जल संकट की समस्याएं उत्पन्न हो सकती है। जल संरक्षण के लिए हमें सुनियोजित तरीके से उपाय तलाशने होंगे।

उन्होंने बताया कि उत्तराखण्ड में जल संरक्षण के लिए इस वर्ष 15 प्रोजेक्ट लिये गये हैं। वर्षा जल संरक्षण व संवर्द्धन का कार्य विभिन्न बड़े सरकारी आवासों से किये जा रहे हैं। नमामि गंगे योजना के तहत गंगा को गंगोत्री से उतराखण्ड की अन्तिम सीमा तक स्वच्छ रखने का राज्य सरकार का लक्ष्य है। गंगा किनारे उत्तराखण्ड में जो 132 गांव आते हैं, उन्हें गंगा गांव की श्रेणी दी गई है। गंगा की स्वच्छता एवं निर्मलता के लिए हम सबको मिलकर प्रयास करने होंगे।

राज्य आंदोलनकारियों की याचिका हुयी खारिज

हाईकोर्ट ने राज्य आंदोलनकारियों की उस याचिका को खारिज किया है। जिसमें उन्हें सरकारी सेवाओं में दस फीसदी आरक्षण की मांग की थी।

राज्य आंदोलनकारियों को दस फीसद क्षैतिज आरक्षण के मामले में हाई कोर्ट के दो न्यायाधीश द्वारा अलग-अलग राय दी गई। जस्टिस सुधांशु धूलिया द्वारा आरक्षण को असंवैधानिक करार दिया गया तो जस्टिस यूसी ध्यानी द्वारा संवैधानिक करार दिया गया। इसके बाद मामला मुख्य न्यायाधीश तक पहुंचा तो उन्होंने निर्णय के लिए तीसरी बैंच को मामला रेफर कर दिया।

न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की एकलपीठ ने मामले को सुनने के बाद आरक्षण को असंवैधानिक करार दिया था। आरक्षण असंवैधानिक करार देने के फैसले को चुनौती देते हुए अधिवक्ता रमन कुमार साह द्वारा पुनर्विचार याचिका दायर की गई। मंगलवार को न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया व न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह की खंडपीठ ने मामले को सुनने के बाद पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी। अधिवक्ता साह ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर करने के लिए पुनर्विचार याचिका दायर करना जरूरी था। अब आरक्षण मामले को लेकर जल्द एसएलपी दायर की जाएगी।

संत समाज दें सीएम त्रिवेन्द्र को अपना आशीर्वादः योगी

अपने गुरू गोरक्षनाथ के ऋषिकेश स्थित मंदिर पहुंच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरू गोरक्षनाथ की मूर्ति का अनावरण किया। इस मौके पर मौजूद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की योगी ने सराहना की। उन्होंने संत समाज से सीएम त्रिवेन्द्र सिंह को अपना आशीर्वाद देने को कहा। तभी सीएम त्रिवेन्द्र ने भी योगी आदित्यनाथ की तारीफ करते हुये कहा कि योगी के सीएम बनने के बाद से ही गुंडाराज समाप्त हो गया है। राज्य की जनता अब सुकुन से रह पा रही है, तो वह सीएम योगी की बदौलत ही।

ऋषिकेश स्थित श्री गुरु गोरक्षनाथ मंदिर में गुरु की मूर्ति का अनावारण यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया। इस दौरान योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तराखंड में जन्मभूमि रही है। मेरी भावनात्मक यादें यहां से जुड़ी है। उन्होंनें कहा कि पूरे देश को गंगा और यमुना उत्तराखंड की ही देन है।

उत्तराखंड सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत की सराहना कर योगी बोले कि उत्तराखंड किस तरह से आध्यात्मिक और भौतिक रूप से समृद्ध बने इसके लिये प्रदेश सरकार गंभीर है। उन्होंने संत समाज से त्रिवेन्द्र सिंह रावत को अपना आशीर्वाद देने को कहा।

वहीं उत्तराखंड सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा योगी आदित्यनाथ समस्या के समाधान में विश्वास रखते हैं। उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के एक वर्ष के भीतर उन्होंने यूपी से गुंडाराज का खात्मा कर दिया। उन्होंने कहा कि संत किसी एक का नहीं, सबका होता है। पूरे देश में योगी हिंदुत्व की ध्वज पताका फैला रहे हैं।

इस दौरान योगी आदित्यनाथ की बहन शशि को भाई के यहां आने की खबर मिली। तो वह अपने को रोक न सकी और पहुंच गयी अपने भाई यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करने। योगी भी अपनी बहन को देख भावुक हो उठे और उन्हें अपने पास बुलाकर बातचीत कर हाल जाना। योगी बहन शशि ने बताया कि योगी के यहां आने की सूचना उन्हें मीडिया के जरिये मिली।

इससे पूर्व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऋषिकेश पहुंच कर सर्वप्रथम श्री गोरक्षनाथ मंदिर में नाथ परंपरा के गुरु योगेंद्र शैलेंद्र शीलनाथ की समाधि पर पुष्प अर्पित किये। उन्होंने बताया कि गुरु शील नाथ ने ऋषिकेश में समाधि ली।

एससी का एचसी को निर्देश, जल्द निपटाये यौन उत्पीड़न मामला

बच्चों में आए दिन हो रहे यौन उत्पीड़न के मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने सभी हाईकोर्ट को निर्देश दिये है। एससी ने कहा कि बच्चों के यौन उत्पीड़न संबंघी मामलों का त्वरित निपटारा किया जाये।
अब बच्चों में यौन उत्पीड़न संबंधी मामले की त्वरित सुनवाई और निपटारा हो सकेगा। इसके लिये उच्चतम न्यायालय ने सभी राज्यों के उच्च न्यायालय को निर्देश दिये है।

मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्र की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने एक याचिका का निपटारा करते हुए यह निर्देश दिए हैं। याचिका में पॉक्सो कानून कड़ाई से लागू करने के साथ बाल यौन उत्पीड़न के मामलों की त्वरित जांच और ट्रायल के लिए दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई थी। याचिका दिल्ली में आठ महीने की बच्ची से दुष्कर्म की घटना सामने आने के बाद दाखिल की गई थी।

प्रधान न्यायधीश दीपक मिश्र ने सभी उच्च न्यायालयों को दिशा निर्देश देते हुये कहा कि हाई कोर्ट देखें कि पॉक्सो कानून के तहत सुनवाई कर रही विशेष अदालतें तय नियमों के मुताबिक मामलों का निपटारा कर रही है।

साथ ही संबंधित हाईकोर्ट ’विशेष अदालतों को निर्देश जारी करें कि सुनवाई में गैर जरूरी स्थगन आदेश न दिए जाएं।

’मामलों की सुनवाई बच्चों के अनुकूल माहौल में हो सके। ’पॉक्सो के तहत दर्ज मामलों की जल्द जांच व गवाहों की अदालत में पेशी सुनिश्चित करने को डीजीपी टास्क फोर्स तैनात करें।

नशे में धूत चालक ले जा रहा था बच्चों को घर, पुलिस ने पकड़ा

एक ऑटो चालक स्कूल से घर लौटते समय बच्चों को ऑटो में बिठाकर आ रहा था। तभी सीपीयू पुलिस ने चालक को रोक कर जांच की तो पता चला कि चालक शराब के नशे में चूर था। पुलिस ने मौके से चालक को गिरफ्तार कर ऑटो को सीज किया। बच्चों को दूसरे वाहन से घर पहुंचाया गया।

पुलिस के मुताबिक, दोपहर के समय सीपीयू कांस्टेबिल अनुराग कौशल ड्यूटी के बाद पुलिस लाइंस की ओर जा रहे थे। इसी बीच उनकी नजर एमकेपी चौक के पास एक ऑटो पर पड़ी। ऑटो में स्कूली बच्चे बैठे हुए थे। जबकि चालक वाहन को बेतरतीब तरीके से चला रहा था। शक होने पर ऑटो को रुकवाया तो ऑटो चालक शराब के नशे में मिला।

इसके बाद जब सीपीयू कर्मी ने उसे शराब पीकर ऑटो चलाने से मना किया तो वह भड़क गया और सीपीयू कर्मी से गालीगलौच करने लग। जिसकी सूचना उसने तुरंत कंट्रोल रूम को दी गई। जिस पर सीपीयू में नियुक्त उनि. ललित मोहन बोरा और अनिल राणा मौके पर पहुंचे। उन्होंने एल्कोमीटर से चेक किया तो ऑटो चालक शराब के नशे में मिला। इसके बाद सीपीयू द्वारा स्कूल की
शिक्षिका को बुलाकर सभी बच्चों को ऑटो से उतरवाया और दूसरे वाहन से बच्चों को घर भिजवाया। बाद में ऑटो को सीज कर चालक को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपित चालक की पहचान किशनचंद पुत्र श्री ज्ञानचन्द निवासी नालापानी चौक के रूप में हुई है।

मुख्यमंत्री ने सरकार के विकास-योजनाओं को जनता के सामने रखा

ऊधमसिंह नगर में सात करोड़ 60 लाख 41 हजार की लागत से निर्मित शक्तिफार्म से तीन पानी तक के मार्ग के शिलान्यास कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने राज्य के विकास पर फोकस डाला। उन्होंने सरकारी की योजनाओं को जनता के सामने रखा।

मंगलवार को मुख्यमंत्री शक्तिफार्म (टैगोर नगर), उधमसिंहनगर के दुर्गा पूजा मंदिर प्रांगण में सात करोड़ 60 लाख 41 हजार रूपये की लागत के शक्तिफार्म से तीनपानी मार्ग का शिलान्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भूमि विनियमितीकरण वर्ग-4, वर्ग-8, वर्ग-20 की भूमि की विनियमितीकरण कर 24 पात्र लोगों को भूमिधारी अधिकार प्रदान किये।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा विभाग के राजस्व में बढ़ोत्तरी हुयी है, आने वाले साल में ऊर्जा से 300 करोड रूपये का मुनाफा कमायेंगे। रोडवेज को घाटे से उबारने के उपाय किये जा रहे है। इस वर्ष सरकार को खनन से 400 करोड़ रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ है, अगले वर्ष इसे बढ़ाकर 800 करोड़ किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का अगला फोकस रोजगार सृजन पर रहेगा। इसके लिए ब्लॉक व जिला स्तर पर गोष्ठियां आयोजित की जायेंगी। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति अपनी शिकायत व सुझाव 1905 नम्बर पर दर्ज करा सकते हैं। पिछले दिनों आई अतिवृष्टि से जिन किसानों की फसल नष्ट हुई है, उन्हें दो माह के भीतर मुआवजे का भुगतान कर दिया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील भी की जिनकी भूमि का विनियमितीकरण किया जाना है, वह 19 अगस्त, 2018 तक करा लें। भूमि का विनियमितीकरण वर्ष 2000 के सर्किल रेट पर किया जा रहा है, उसके बाद यह वर्तमान सर्किल रेट पर किया जायेगा। उन्हांेने कहा कि ग्राम गोठा व बग्घा मे वन भूमि हस्तांतरण के प्रस्ताव शीघ्र बनाये, ताकि वहां सड़क निर्माण कराया जा सके। कार्यो में पारदर्शिता लाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा ई-टेंडरिंग से कार्य आवंटित किये जा रहे है। शराब के ठेकों का ई-टेंडरिंग कराने से 11 गुना तक बढे़ हुए टेंडर प्राप्त हुए है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने सिरसा से शक्तिफार्म तक 13 किमी की सड़क बनाने, सूखी नदी में पुल निर्माण, गोठा में दो किमी की सड़क निर्माण, सितारगंज मे बस अड्डा निर्माण तथा शक्तिफार्म मंे 108 इमरजेंसी सेवा चलाने की घोषणा की।

मुजफ्फरनगर कांड की परत खुलेगी, हाईकोर्ट ने दिए ये आदेश

राज्य के निर्माण के वक्त हुयी आंदोलनकारियों की हत्या व बलात्कार की घटना पर उच्च न्यायालय नैनीताल ने जिला जज देहरादून से दो सप्ताह में अपनी रिपोर्ट पेश करने को कहा है। उन्होंने राज्य सरकार, सीबीआई और जिला जज देहरादून को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल को भी कहा है।

अधिवक्ता रमन शाह ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा था कि मुजफ्फरनगर कांड की पुनः सुनवाई हो। साथ ही मामले के दोषियों को सजा मिलने और सीबीआई जांच हो। याचिका में कहा गया है कि मामले से जुड़ी फाइल गायब करने वाले लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई हो।

विदित हो कि उत्तराखंड राज्य के गठन से पूर्व आंदोलनकारियों ने आंदोलन किया था। जिन्हें मुजफ्फरनगर के आगे जाने ही नहीं दिया गया था। इस दौरान 28 आंदोलनकारियों की हत्या कर दी गयी थी। साथ ही महिलाओं के साथ बलात्कार जैसी घटना भी सामने आई थी। 17 आंदोलनकारियों के साथ छेड़छाड की घटना सीबीआइ की रिपोट में सामने आई है। हांलाकि 1996 में सीबीआइ ने तत्कालीन डीएम मुजफ्फरनगर अनंत कुमार सिंह समेत अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं में चार्जशीट दाखिल की।

लेकिन इसके खिलाफ 2003 में डीएम ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर दी। कोर्ट ने डीएम को राहत देते हुए मामले पर स्टे लगा गिया। जिसके बाद 22 अगस्त 2003 को हाई कोर्ट की एकलपीठ ने अपने फैसले को रिकॉल कर लिया। फिर मामले में सुनवाई नहीं हो सकी तो मामले से जुड़ी फाइल भी गायब हो गई। अब 24 साल बाद एक बार पुनः हाईकोर्ट ने मामले को उजागर किया है।